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RBSE Class 3 Hindi रचना Rachna
निर्देश-अपनी पाठ्य-पुस्तक में से पढ़ी हुई कोई एक कहानी संक्षेप में लिखिए।
1. चींटी की तबीयत
एक पहाड़ के खंडहर की दीवार पर एक चींटी रहती थी। बछड़ा, बछेरा और मेमना उसके मित्र थे। एक दिन चींटी की तबीयत खराब होने पर उसने खाना भी छोड़ दिया। उसके मित्र हाल-चाल जानने गिरते-पड़ते पहाड़ पर पहुँचे, किन्तु दीवार तक नहीं पहुँच पाए। कल फिर वापिस आने का निश्चय कर लौटते वक्त ढलान के कारण फिसलकर लुढ़क गए एवं चोटग्रस्त हो गए। वे तीनों घायल पशु बाड़े में पड़े हुए थे। चींटी की तबीयत ठीक होने पर वह उनसे मिलने आई और चोटग्रस्त होने का कारण पूछा। उन्होंने कहा तुम ठीक हो गई हो इस बात की हमें खुशी है, परन्तु आगे बीमार मत होना।
2. श्रवण कुमार
प्राचीन समय की बात है। बालक श्रवण कुमार अपने माता-पिता का आज्ञाकारी पुत्र था। उसके माता-पिता वृद्ध एवं अंधे थे। उन्होंने पुत्र से तीर्थयात्रा की इच्छा व्यक्त की। वह कंधे पर काँवड़ रख उसमें उन्हें बैठाकर तीर्थयात्रा के लिए रवाना हो गया। वह स्वयं भूखाप्यासा रहकर माता-पिता की सेवा करता। एक दिन जंगल से गुजरते समय माता-पिता को प्यास लगने पर वह पानी लेने नदी किनारे गया। शिकार की तलाश में राजा दशरथ नदी किनारे पानी भरने की आवाज को जानवर होने की आवाज समझकर शब्दभेदी बाण चलाया, जो कि श्रवण कुमार को लगा। राजा को वहाँ पहुँचने पर पश्चाताप हुआ कि मैंने निर्दोष को घायल कर दिया। श्रवण कुमार ने अन्तिम श्वास लेते हुए राजा से कहा कि मेरे असहाय माता-पिता को पानी पिला दीजिए। राजा ने बड़े ही दुखी मन से उसके माता-पिता को पानी देते हुए पूरी बात बताई। इससे दुखी होकर उन्होंने प्राण त्याग दिए।
3. चार दोस्त
रात के समय कॉकरोच एवं झींगुर खाने की तलाश में रसोई घर में पहुँचे। उनकी कुछ मीठा खाने की इच्छा थी। तलाश करते हुए उन्हें अलमारी के पीछे कोने में गुड़ दिखाई दिया। जैसे ही वे आगे बढ़े तो उन्हें दो चींटे मिल गए उन्हें भी गुड़ खिलाने का आश्वासन दिया। गुड़ के टुकड़े को लेने के लिए चारों एक साथ चल रहे थे, किन्तु मकड़ी के जाल को देखकर अचानक रुक गए। अब गुड़ तक कैसे पहुँचे इसका उपाय ढूंढने लगे। झींगुर को वहाँ एक पुरानी झाडू दिखाई दी। चारों ने मिलकर जोर लगाकर उसमें से एक सींक निकाली तथा उससे मकड़ी के जाल को हटाया। मकड़ी एक ओर दुबककर बैठ गई। इसके बाद चारों ने एक साथ गुड़ खाया।
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4. बीरबल की खिचड़ी
एक बार राजा अकबर अपने साथियों के साथ एक गाँव से गुजर रहे थे। सर्दी में गाँव के लोग आग जलाकर चारों ओर बैठे बातें कर रहे थे। राजा के पास पहुँचते ही एक व्यक्ति ने कहा, मैं रातभर यमुना के पानी में खड़ा रह सकता हूँ। राजा को विश्वास नहीं हुआ तो राजा ने कहा यदि तुम रातभर पानी में खड़े रहे तो मैं तुम्हें ईनाम दूँगा। वह व्यक्ति रातभर यमुना के ठंडे जल में खड़ा रहा। प्रात: उसके दरबार में आते ही राजा ने आश्चर्य से पूछा तुम इतनी सर्दी में कैसे खड़े रहे। उसने कहा आपके राजमहल के दीपक के प्रकाश से गरमी लेते हुए खड़ा रहा। राजा ने कहा मेरे दीपक की गरमी से तुम सर्दी से बचे, इसलिए कोई ईनाम नहीं दिया जाएगा। वह दु:खी होकर वहाँ से चला गया। बीरबल ने सोचा कि इसकी सहायता करनी चाहिए। अगले दिन बीरबल दरबार में उपस्थित नहीं हुआ। राजा के बुलवाने पर बीरबल ने कहलवाया कि मैं खिचड़ी पका रहा हूँ। बीरबल के अगले दिन भी उपस्थित न होने पर चिन्तित होकर राजा ने स्वयं जाकर देखा कि बीरबल बहुत ऊँचे बाँस पर हांडी लटकाकर बहुत नीचे थोड़ी आग जलाकर खिचड़ी पका रहा है। राजा ने बीरबल से पूछा यह खिचड़ी कैसे पकेगी तो बीरबल ने जवाब दिया वैसे ही पकेगी जैसे उस व्यक्ति ने आपके दीपक के सहारे ठंडी रात बिताई। राजा सबकुछ समझ गया तथा उस व्यक्ति को बुलाकर पुरस्कार दिया।
निर्देश-कोई सुनी हुई कहानी संक्षेप में लिखिए।
1. दो आलसी
एक बाग में दो आलसी पड़े हुए थे। एक आदमी उधर से जा रहा था। एक आलसी ने उससे कहा कि हे भाई, मेरी छाती पर पड़े इस आम को मेरे मुँह में निचोड़ दो। यह सुनकर वह आदमी बोला कि तुम कितने आलसी हो, जो अपनी छाती पर पड़े हुए आम को भी नहीं खा सकते हो। यह सुनकर दूसरा आलसी बोला-हे भाई, तुम ठीक कहते हो। यह बड़ा आलसी है। कल रात एक कुत्ता मेरा मुँह चाट रहा था, परन्तु इस आलसी ने उसे एक बार भी नहीं हटाया। उन दोनों आलसियों की बात सुनकर वह आदमी हँसता हुआ वहाँ से चला गया।
2. प्यासा कौआ
गर्मी का मौसम था, एक कौआ बहुत प्यासा था। वह पानी की खोज में इधर-उधर खूब घूमा। उसे एक झोंपड़ी के पास घड़ा दिखाई दिया। वह घड़े के पास गया, पर उस घड़े में बहुत कम पानी था। तब कौए को एक उपाय सूझा। उसने पास से छोटे-छोटे कंकड़ अपनी चोंच से उठाकर घड़े में डाले। ज्यों-ज्यों घड़े में कंकड़ पड़ते गये, उसका पानी ऊपर आता गया। बहुत सारे कंकड़ डालने पर पानी घड़े के गले तक आ गया, तब कौए ने प्रसन्न होकर पानी पिया और अपनी प्यास बुझाकर उड़ गया।
3. लालच का फल बुरा
एक बुढ़िया के पास एक मुर्गी थी। वह प्रतिदिन सोने का अण्डा देती थी। बुढ़िया उस अण्डे को बेचकर अपना खर्च चलाती थी और जो शेष बचता, उसे जोड़ती जाती थी। एक दिन बुढ़िया ने सोचा कि यदि मैं इस मुर्गी को दुगुनी खुराक देने लगूँ तो वह रोज दो अण्डे देने लगेगी। इससे मैं मालदार हो जाऊँगी। बुढ़िया ने ऐसा ही किया। इसका फल यह हुआ कि अधिक खाने से मुर्गी अधिक मोटी हो गई और उसने अण्डा देना बिल्कुल बन्द कर दिया। बेचारी बुढ़िया लालच के कारण पछताती रही।
4. बुद्धि की जीत
पहाड़ियों की तलहटी में बरगद का पेड़ था। उस पेड़ पर तरह-तरह के पक्षी रहते थे। जब बरसात आने का समय हुआ तो सभी ने अपने लिए घोंसले बनाये। तभी एक बन्दर भी उस पेड़ पर आ गया। बया ने उससे कहा कि बरसात आने वाली है, तुम भीं अपना घोंसला बना लो, परन्तु बन्दर ने उसे डाँट दिया। कुछ दिनों बाद मूसलाधार वर्षा हुई। बन्दर भीगता हुआ उसी पेड़ के नीचे आया, उसने देखा कि सभी पक्षी अपने घोंसलों में सुरक्षित बैठे हैं। तब बन्दर ईर्ष्या करने लगा और क्रोध में आकर उसने सब पक्षियों के घोंसले तोड़ दिये। बेचारे पक्षी परेशान हो रहे थे। बया चतुर थी। उसने बन्दर को मजा चखाने की एक तरकीब सोची। उसने बन्दर के पास जाकर कहा कि वह बड़ा-सा घोंसला तो रह ही गया, यह कहकर उसने मधुमक्खियों के छत्ते की तरफ इशारा किया। बन्दर उस छत्ते पर लपका, तो मधुमक्खियों ने उसे काट लिया। बन्दर दर्द के मारे चीखने-चिल्लाने लगा। बया ने उसे अच्छा सबक सिखाया।
2. प्रार्थना पत्र एवं पत्र-लेखन
प्रश्न 1.
अपने प्रधानाध्यापकजी को अवकाश के लिए एक प्रार्थना-पत्र लिखिए।
उत्तर:
दिनांक 22.7.20XX
सेवा में,
श्रीमान् प्रधानाध्यापक महोदय,
राजकीय प्राथमिक विद्यालय,
मथुरा गेट, भरतपुर।
महोदय,
नम्र निवेदन है कि मुझे कल शाम से बुखार आ रहा है। इस कारण मैं आज विद्यालय में उपस्थित नहीं हो सकूँगा।
अतः आपसे प्रार्थना है कि मुझे आज दि. 22.7.20XX का अवकाश प्रदान करने की कृपा करें।
आपका आज्ञाकारी शिष्य,
मनोज कुमार
कक्षा 3
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प्रश्न 2.
अपने भाई के विवाह के कारण चार दिन के अवकाश के लिए एक प्रार्थना-पत्र लिखिए।
उत्तर:
दिनांक 15.11.20XX
सेवा में,
श्रीमान् प्रधानाध्यापक महोदय,
राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय,
घाटगेट, जयपुर।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि मेरे बड़े भाई का विवाह
18.11.20XX को है। बारात दौसा जायेगी। इस कारण मैं चार दिन तक विद्यालय में नहीं आ सकूँगी।
अतः आपसे प्रार्थना है कि मुझे दिनांक 16.11.20XX से 19.11.20XX तक चार दिन का अवकाश स्वीकृत करने की कृपा करें।
आपकी आज्ञाकारिणी शिष्या,
मीना गुप्ता
कक्षा 3
प्रश्न 3.
अपने पिताजी को एक पत्र लिखिए जिसमें आपकी पढ़ाई का समाचार हो।
उत्तर:
243, बापू नगर,
अलवर
10 सितम्बर, 20XX
पूजनीय पिताजी,
सादर प्रणाम !
आपका पत्र मिला। पढ़कर बड़ी प्रसन्नता हुई।
मैं यहाँ बिल्कुल स्वस्थ हूँ। मेरी पढ़ाई भी अच्छी चल रही है। मेरे प्रथम व द्वितीय परख में अच्छे अंक आये हैं। अब अगले महीने अर्द्ध-वार्षिक परीक्षा है। मैं मन लगाकर पढ़ रहा हूँ। आप मेरी चिन्ता न करें।
पूज्य माताजी को प्रणाम तथा अभिषेक व शीला को प्यार।
आपका प्रिय पुत्र
गोपाल सागर
प्रश्न 4.
जन्म-दिन की पार्टी में बुलाने के लिए मित्र को निमन्त्रण-पत्र लिखिए।
उत्तर:
जयपुर
18-8-20XX
प्रिय मित्र सुधीर,
“तुम्हें यह जानकर प्रसन्नता होगी कि दि. 25-8-20XX को मेरे छोटे भाई का जन्म-दिन है। इस अवसर पर एक अल्पाहार पार्टी रखी गई है। इसके लिए मैं तुम्हें आमन्त्रित करता हूँ। इस अवसर पर अवश्य ही पधारें। शेष मिलने पर।
तुम्हारा मित्र,
मनोज
3. निबन्ध-लेखन
निर्देश-निम्नलिखित विषयों पर आठ-दस वाक्यों का निबन्ध लिखिए।
1. मेरा घर
- मेरा घर गाँव में है।
- मेरे घर में चार कमरे हैं।
- बीच में चौक तथा एक तरफ जीना (सीढ़ी) है।
- मेरे घर में एक शौचालय और एक स्नानघर है।
- मेरे घर में सफाई रहती है।
- मेरा घर पत्थरों का पक्का बना हुआ है।
- घर के बाहर एक गोशाला है।
- मेरे घर के सामने छोटा-सा बगीचा है।
- मेरे घर में मेरा भाई व बहिन और माता-पिता रहते हैं।
- मेरा घर मुझे बहुत अच्छा लगता है।
2. मेरा विद्यालय
- मेरा विद्यालय कस्बे के बीच में है।
- मेरे विद्यालय का भवन बहुत सुन्दर है।
- मेरे विद्यालय में सात कमरे हैं।
- मेरे विद्यालय में एक प्रधानाध्यापक, सात शिक्षक और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है।
- मेरे विद्यालय में कक्षा पाँच तक पढ़ाई होती है।
- मेरे विद्यालय में खेल का मैदान भी है।
- मेरे विद्यालय में अच्छी पढ़ाई होती है।
- सभी अध्यापक छात्रों को प्यार करते हैं।
- मेरे विद्यालय में डेढ़ सौ छात्र पढ़ते हैं।
- मुझे मेरा विद्यालय प्यारा लगता है।
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3. गाय
- गाय एक पालतू पशु है।
- गाय के दो सींग, दो कान, चार पैर, एक पूँछ होती है।
- गाय हमें दूध देती है।
- गाय का दूध मीठा, पौष्टिक और लाभकारी होता है।
- इसके दूध से दही, छाछ, घी, मक्खन आदि बनते हैं।
- गाय घास खाकर जुगाली करती है।
- इसके गोबर से खाद बनती है और उपले भी बनते हैं।
- गायें कई रंग की होती हैं।
- गायों के बछड़े बड़े होकर बैल बनते हैं, जो हल और बैलगाड़ी चलाने में काम आते हैं।
- गाय बहुत उपयोगी पशु है।
4. घोड़ा
- घोड़ा एक पालतू पशु है।
- इसका रंग भूरा, काला और सफेद होता है।
- इसके कान लम्बे होते हैं और गर्दन के ऊपर लम्बे बाल होते हैं।
- घोड़े की पूँछ लम्बी होती है और उस पर बालों का गुच्छा होता है।
- घोड़ा घास, चारा, दाना आदि खाता है।
- घोड़ा सवारी के काम आता है।
- इससे गाड़ी और ताँगा भी चलाया जाता है।
- प्राचीन काल में घोड़े युद्ध में काम आते थे और रथ खींचते थे।
- अब भी सेना और पुलिस में घोड़े रखे जाते हैं।
- घोड़ा चतुर स्वभाव का होता है और अपने मालिक के इशारों को अच्छी तरह समझता है।
5. कुत्ता
- कुत्ता एक पालतू जानवर है।
- इसका रंग काला, भूरा, सफेद, चितकबरा आदि होता है।
- इसके चार पैर, दो कान, एक मुड़ी हुई पूँछ होती है।
- कुत्ते का भोजन दूध, रोटी और माँस है।
- कुत्ते को नींद बहुत कम आती है।
- इसकी नाक में सूँघने की अनोखी शक्ति होती है।
- पुलिस में जासूसी कुत्ते रखे जाते हैं।
- ये अपनी नाक से सूँघकर चोरों और अपराधियों का पता लगाते हैं।
- कुत्ता अपने मालिक का वफादार और चतुर जानवर होता है।
- यह रात में घरों की रखवाली करता है।
6. हाथी
- हाथी पशुओं में सबसे बड़ा और ताकतवर पशु है।
- यह मुख्यतः काले रंग का होता है।
- यह जंगलों में पाया जाता है और पालतू भी होता है।
- इसके चार पैर खम्भे जैसे होते हैं।
- इसकी दो छोटी आँखें और दो बड़े-बड़े कान होते हैं।
- इसकी एक छोटी पूँछ होती है।
- इसकी सूँड लम्बी-मोटी होती है।
- हाथी सूँड से पानी पीता है और इसी से उठाकर अपना भोजन मुँह में रखता है।
- हाथी घास, फल, केले के पत्ते, गन्ना आदि बड़े चाव से खाता है।
- इसके दो बड़े दाँत दिखावटी होते हैं।
7. मेरा प्यारा मित्र
- मेरे अनेक मित्र हैं।
- मोहन मेरा सबसे प्यारा मित्र है।
- वह मेरे पड़ोस में ही रहता है।
- हम विद्यालय साथ-साथ जाते हैं।
- वह पढ़ाई में होशियार है।
- वह पढ़ाई में मेरी सहायता करता है।
- वह अपने से बड़ों का सम्मान करता है।
- वह हमारी कक्षा का मॉनीटर भी है।
- उसे जरा भी घमण्ड नहीं है।
- सब लोग उसे प्यार करते हैं।
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8. मेरा प्रिय खेल
- मैं प्रतिदिन शाम को एक घण्टा खेल खेलता हूँ।
- फुटबॉल मेरा प्रिय खेल है।
- फुटबॉल खेलने के लिए हम स्कूल के मैदान में जाते हैं।
- फुटबॉल मेरा प्रिय खेल इसलिए है, क्योंकि इससे शरीर में चुस्ती-फुर्ती आती है।
- फुटबॉल महाँगा खेल भी नहीं है।
- फुटबॉल खेलने से आपस में टीम भावना का विंकास होता है।
- इस खेल से हमारा शरीर भी मजबूत होता है।
- फुटबॉल के खेल में बहुत दौड़ना पड़ता है और फुर्ती रखनी पड़ती है।
- इससे शरीर का अच्छा व्यायाम हो जाता है।
- मैं हमारी कक्षा की फुटबॉल टीम का कसान भी हूँ।
9. मेरे प्रिय अध्यापक
- हमारे विद्यालय में 15 अध्यापक हैं।
- श्री मदनलाल शर्मा मेरे प्रिय अध्यापक हैं।
- वे हमारे कक्षा अध्यापर्क भी हैं।
- वे हमें हिन्दी पढ़ाते हैं।
- वे छात्रों को बहुत प्यार से पढ़ाते हैं।
- सभी छात्र उनका आदर करते हैं।
- अन्य अध्यापक भी उन्हें बहुत पसन्द करते हैं।
- वे सादा जीवन एवं उच्च विचार में विश्वास करते हैं।
- वे समय के बहुत पाबन्द और अनुशासन प्रिय हैं।
- विद्यालय के अतिरिक्त समय में भी वे छात्रों को उनकी पढ़ाई में सहायता करते हैं।
10. मेरा गाँव
- मैं रामपुरा गाँव में रहता हूँ।
- यहाँ लगभग दो हजार लोग रहते हैं।
- यहाँ अधिकतर लोग किसान हैं।
- यहाँ एक छोटा बाजार है जिसमें कुछ दुकानें हैं।
- यहाँ एक उच्च प्राथमिक विद्यालय है।
- मेरे गाँव में एक पोस्ट ऑफिस भी है।
- मेरे गाँव में अस्पताल नहीं है।
- गाँव में एक चौपाल है।
- गाँव के बीच में एक मन्दिर है।
- मुझे मेरा गाँव बहुत अच्छा लगता है।
4. चित्र देखकर वर्णन
प्रश्न 1.
निम्न चित्र देखकर कहानी लिखिए।

उत्तर:
लालची कुत्ता
एक बार एक कुत्ता था। वह बहुत लालची था। एक बार उसे हड़ी का एक टुकड़ा मिला। वह एक पुल को पार कर रहा था। उसने पानी में अपनी परछाई देखी। उसने सोचा कि वहाँ दूसरा कुत्ता था। वह उस टुकड़े को भी लेना चाहता था। उसने भौंकने के लिए अपना मुँह खोला। हड्डी का टुकड़ा पानी में गिर गया। वह बहुत दु:खी हुआ।
प्रश्न 2.
निम्न चित्र देखकर कहानी लिखिए।

उत्तर:
एक बार एक हाथी था। वह रोज पानी पीने के लिए जाते समय दर्जी की दुकान से गुजरता था। वह उसे रोजाना खाने को कुछ न कुछ अवश्य देता था। हाथी भी रोजाना उसे कमल का फूल लाकर देता था। एक दिन दर्जी ने उसकी सूंड में सुई चुभों दी। हाथी भी नाराज होकर नदी किनारे गया। अपनी सूंड में कीचड़ भर लाया और उसकी दुकान में फेंक दिया। दर्जी के कपड़े खराब हो गए।
प्रश्न 3.
निम्न चित्र देखकर पाँच वाक्यों का अनुच्छेद लिखिए।

उत्तर:
- यह एक जन्तुशाला का दृश्य है।
- यहाँ अनेक पशु-पक्षी हैं।
- यहाँ जंगली जानवर हाथी, शेर, जिराफ आदि हैं।
- लोग इनको देखने यहाँ आते हैं। इन्हें देखकर बच्चों का मनोरंजन होता है।
- यहाँ एक टिकिट घर भी है।
प्रश्न 4.
नीचे दिए गए चित्र को देखकर पाँच वाक्य लिखिए।

उत्तर:
- किसान हमारा अन्नदाता है।
- वह खेत में कड़ी मेहनत कर अन्न उपजाता है।
- वह बैलों की सहायता से खेत में हल चलाता है।
- वह धूप, बारिश, सर्दी-गर्मी की परवाह किये बिना खेत में कार्य करता है।
- किसान बिना रुके, बिना थके दिनभर खेत में कड़ी मेहनत करता है।
प्रश्न 5.
नीचे दिए गए चित्र को देखकर पाँच वाक्य बनाइए।

उत्तर:
- यह एक कक्षा कक्ष का दृश्य है।
- इसमें शिक्षक पढ़ा रहा है।
- छात्र अनुशासनपूर्वक पढ़ रहे हैं।
- कक्षा में एक श्यामपट्ट है।
- विद्यार्थी विद्यालय पोशाक में हैं।
5. पोस्टर
प्रश्न 1.
जल संरक्षण पर एक पोस्टर तैयार कीजिए।
उत्तर:
‘जल बचाओ’
पानी बचाने के रास्ते
- टपकते नलों की मरम्मत करें।
- बूँद-बूँद से सिंचाई करें।
- वर्षा जल का भंडारण और उपयोग करें।
- जल को व्यर्थ न बहाएँ।
‘जल ही जीवन है’
प्रश्न 2.
प्रदूषण नियंत्रण पर पोस्टर तैयार कीजिए।
उत्तर:
‘प्रदूषण नियन्त्रण’
‘क्या करें?’
- पेड़ उगाओ।
- घर का बगीचा सुरक्षित रखें।
- वाहनों का उपयोग आवश्यकतानुसार करें।
‘क्या नहीं करें?’
- पेड़ मत काटो।
- पुराने वाहनों का उपयोग न करें।
- जीवाश्म ईंधन का उपयोग न करें। ‘स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण’
प्रश्न 3.
सड़क सुरक्षा पर एक पोस्टर तैयार कीजिए।
उत्तर:

प्रश्न 4.
‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ पर पोस्टर तैयार कीजिए।
उत्तर:

प्रश्न 5.
पर्यावरण सुरक्षा जागरूकता हेतु पोस्टर तैयार कीजिए।
उत्तर:

प्रश्न 6.
बच्चों का मनोरंजन केन्द्र वाटर पार्क हेतु पोस्टर तैयार कीजिए।
उत्तर:

6. संवाद
प्रश्न 1.
शिक्षक एवं छात्र के मध्य संवाद छः वाक्यों में लिखिए।
उत्तर:
- शिक्षक-राघव आज तुम स्कूल देरी से क्यों आए?
- राघव-श्रीमान् आज उठने में देरी हो गई।
- शिक्षक-क्या तुम्हें माताजी ने जल्दी नहीं उठाया?
- राघव-माताजी ने तो जल्दी उठाया था, किन्तु मैं पुनः सो गया।
- शिक्षक-तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।
- राघव-ठीक है श्रीमान् आगे से ऐसा नहीं करूँगा।
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प्रश्न 2.
दो सहेलियों के मध्य संवाद छः वाक्यों में लिखिए।
उत्तर:
- अमृता-नेहा, तुम क्या कर रही हो?
- नेहा-मैं जन्तुशाला जाने की तैयारी कर रही हूँ।
- अमृता-वहाँ तुम्हारे साथ कौन-कौन जा रहा है?
- नेहा-मेरे साथ मेरी पाँच सहेलियाँ भी जा रही हैं।
- अमृता-मैं भी तुम्हारे साथ चलूँ क्या?
- नेहा-क्यों नहीं चलो बहुत आनन्द आएगा।
प्रश्न 3.
माता और पुत्र का संवाद छः वाक्यों में लिखिए।
उत्तर:
- माता-माधव, तुम कहाँ जा रहे हो?
- पुत्र-माँ, मैं दोस्तों के पास खेलने जा रहा हूँ।
- माता-बेटा, नाश्ता तो करके जाओ।
- पुत्र-माँ, मैंने नाश्ता कर लिया।
- माता-बेटा, ध्यान से खेलना।
पुत्र-ठीक है माँ।
प्रश्न 4.
चिकित्सक एवं रोगी के मध्य संवाद छः वाक्यों में लिखिए।
उत्तर:
- चिकित्सक-अन्दर आओ, बैठो, क्या हुआ?
- रोगी-सिरदर्द एवं बुखार हो रहा है।
- चिकित्सक-कब से हो रहा है?
- रोगी-कल रात से।
- चिकित्सक-यह लो दवाई दिन में तीन बार लेना।
- रोगी-ठीक है साहब।
प्रश्न 5.
फलवाला और ग्राहक के मध्य संवाद छः
वाक्यों में लिखिए।
उत्तर:
- फलवाला-फल ले लो। फल ले लो।
- ग्राहक-‘सेब’ क्या भाव दे रहे हो?
- फलवाला- 220 रुपये किलो।
- ग्राहक-200 रुपये किलो दोगे क्या?
- फलवाला-कितनी देनी है?
- ग्राहक-2 किलो।
हिन्दी मौखिक परीक्षा
निर्देश-मौखिक परीक्षा में वार्तालाप, संवाद और प्रश्नोत्तर, कहानी-कथन तथा कविता-पाठ से सम्बन्धित प्रश्न पूछे जाते हैं। यहाँ कुछ ऐसे प्रश्न उत्तर सहित दिये जा रहे हैं।
वार्तालाप सम्बन्धी
प्रश्न 1.
आपका क्या नाम है?
उत्तर:
श्रीमान् ! मेरा नाम ________ है।
प्रश्न 2.
आपके पिताजी का क्या नाम है?
उत्तर:
श्रीमान् ! मेरे पिताजी का नाम श्री ________ है।
प्रश्न 3.
आपके पिताजी क्या काम करते हैं?
उत्तर:
श्रीमान् ! मेरे पिताजी ________ करते हैं।
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प्रश्न 4.
आपके कितने भाई-बहिन हैं?
उत्तर:
श्रीमान् ! मेरे ________ भाई और ________ बहिन हैं।
प्रश्न 5.
आप सुबह कितने बजे उठते हो?
उत्तर:
श्रीमान् ! मैं सुबह ________ बजे उठता हूँ।
कहानी सम्बन्धी
प्रश्न 1.
अपनी पाठ्य-पुस्तक की एक कहानी सुनाओ।
उत्तर:
पाठ्यपुस्तक की आपकी पसन्द की कहानी सुनाइये।
प्रश्न 2.
आपको कौन-सी कहानी अच्छी लगती है?
उत्तर:
मुझे ‘श्रवण कुमार’ कहानी अच्छी लगती है।
प्रश्न 3.
‘श्रवण कुमार’ कहानी में क्या सीख दी गई है?
उत्तर:
इस कहानी में सीख दी गई है कि माता-पिता की सेवा सबसे बड़ी सेवा होती है। हमें हमेशा अपने माता-पिता का सम्मान करना चाहिए।
कविता-पाठ सम्बन्धी
प्रश्न 1.
अपनी पाठ्य-पुस्तक से एक कविता सुनाओ।
उत्तर:
मनपसन्द कविता सुना दो।
निर्देश-इसी प्रकार के और प्रश्न भी पूछे जा सकते हैं। इसलिए कविता कण्ठस्थ करनी चाहिए।











































