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Class 8

RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक

September 22, 2024 by Fazal Leave a Comment

RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक 1

RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक are part of RBSE Solutions for Class 8 Science. Here we have given Rajasthan Board RBSE Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक.

Board RBSE
Textbook SIERT, Rajasthan
Class Class 8
Subject Science
Chapter Chapter 3
Chapter Name संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक
Number of Questions Solved 55
Category RBSE Solutions

Rajasthan Board RBSE Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक

पाठगत प्रश्न

पृष्ठ 27

प्रश्न 1.
निम्न सारणी में वस्तुओं में प्रयुक्त विभिन्न रेशों को सारणीबद्ध कीजिए।
उत्तर:
सारणी-विभिन्न रेशों से निर्मित वस्तुएँ

वस्तु रेशे के प्रकार
पैराशूट  नाइलॉन
ब्रुश नाइलॉन
परदे नाइलॉन, पॉलिएस्टर
स्वेटर आरलॉन

 

पृष्ठ 28

प्रश्न 2.
बहुलक क्या होते हैं?
उत्तर:
बहुत सी छोटी-छोटी इकाइयों के दोहराने से बनी संरचना को बहुलक कहते हैं।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

सही विकल्प का चयन कीजिए।

प्रश्न 1.
वह पदार्थ जो सामान्यतः रसोई के नॉनस्टिक बरतनों को बनाने के काम में लिया जाता है
(अ) पीवीसी
(ब) पॉलिथीन
(स) टेफ्लॉन
(द) रेयॉन
उत्तर:
(स) टेफ्लॉन

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से कौनसे समूह में सभी संश्लेषित रेशे हैं
(अ) नायलॉन, टेरीलिन, रेयॉन
(ब) एक्रिलिक, रेशम, ऊन
(स) कपास, रेयॉन, ऊन
(द) पीवीसी, पॉलिथीन, बैकलाइट
उत्तर:
(अ) नायलॉन, टेरीलिन, रेयॉन

प्रश्न 3.
रसोई के बरतनों के हैण्डल बनाने में सबसे उपयुक्त पदार्थ है
(अ) पॉलिथीन
(ब) नायलॉन
(स) पीवीसी
(द) बैकेलाइट
उत्तर:
(द) बैकेलाइट

प्रश्न 4.
निम्नलिखित में से कौनसा सामान्य गुण प्लास्टिक का नहीं है
(अ) अक्रियाशील
(ब) टिकाऊ
(स) भार में हल्के
(द) विद्युत के सुचालक
उत्तर:
(द) विद्युत के सुचालक

प्रश्न 5.
थर्मोप्लास्टिक है
(अ) बैकलाइट
(ब) मैलामाइन
(स) पॉलिथीन
(द) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(स) पॉलिथीन

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

1. संश्लेषित रेशे’ ………. भी कहलाते हैं।
2. रेयॉन को …………….. भी कहते हैं।
3. ऐसीटोनाइट्राइल के बहुलकीकरण से ……………… प्राप्त होता है।
4. संश्लेषित रेशे की भाँति प्लास्टिक भी एक ……………
उत्तर:
1. कृत्रिम, मानव निर्मित
2. कृत्रिम रेशम
3. आरलॉन
4. संश्लेषित बहुलक

निम्नलिखित कॉलम 1 व कॉलम 2 का मिलान कीजिए-

कॉलम 1 कॉलम 2
रेयॉन (अ) बरतनों पर नॉनस्टिक परत
नाइलॉन (ब) कृत्रिम रेशम
थर्मोसेटिंग प्लास्टिक (स) पानी के पाइप
पीवीसी (द) वस्त्र

उत्तर:
1. (ब)
2. (द)
3. (अ)
4. (स)

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
प्लास्टिक और संश्लेषित रेशों को जलाने की सलाह क्यों नहीं दी जाती है?
उत्तर:
संश्लेषित रेशों को जलाने पर ये जल्दी आग पकड़ लेते हैं तथा ये शरीर के सम्पर्क में आ जाएँ तो शरीर से चिपक जाते हैं। साथ ही प्लास्टिक तथा संश्लेषित रेशों को जलाने पर भारी मात्रा में विषैली गैस निकलती है जो वायु को प्रदूषित कर देती है। अतः प्लास्टिक और संश्लेषित रेशों को जलाना नहीं चाहिए।

प्रश्न 2.
थर्मोप्लास्टिक किसे कहते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
थर्मोप्लास्टिक- वे प्लास्टिक जो गरम करने पर आसानी से मृदुल (नरम) हो जाते हैं और ठण्डा करने पर कठोर हो जाते हैं, थर्मोप्लास्टिक कहलाते हैं। इनको बार-बार नई-नई आकृतियों में ढाला जा सकता है। जैसे-पॉलीथीन, पीवीसी आदि। खिलौने, कंघियाँ, बाल्टियाँ आदि थर्मोप्लास्टिक से निर्मित होती हैं।

प्रश्न 3.
टेरीकोट दो प्रकार के रेशों से मिलकर बनाए जाते हैं? उन रेशों का नाम लिखिए।
उत्तर:
टेरीकोट दो प्रकार के रेशों से मिलकर बनता है। उसमें

  • पॉलिएस्टर (डेकरान) तथा
  • कपास का रेशा होता है

प्रश्न 4.
जैव अनिम्नीकरणीय पदार्थ किसे कहते हैं?
उत्तर:
वे पदार्थ जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा सरलता से अपघटित नहीं होते हैं, जैव अनिम्नीकरणीय पदार्थ कहलाते हैं।

प्रश्न 5.
बहुलकीकरण किसे कहते हैं?
उत्तर:
बहुलकीकरण- बहुलक को अंग्रेजी में पॉलीमर कहते हैं जो ग्रीक शब्द पॉली (Poly-अनेक) तथा मर (mer-इकाई) से मिलकर बना है। यहाँ इससे आशय अनेक इकाइयों से है। अतः छोटी-छोटी बहुत सी इकाइयों के दोहराने से बनी संरचना बहुलक है तथा इस प्रक्रिया को बहुलकीकरण कहते हैं।

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
संश्लेषित रेशों का दैनिक जीवन में उपयोग समझाइए।
उत्तर:
संश्लेषित रेशों का दैनिक जीवन में उपयोगसंश्लेषित रेशों को दैनिक जीवन में बहुत उपयोग है। विभिन्न संश्लेषित रेशों के उपयोग को निम्न प्रकार स्पष्ट किया जा सकता है
(i) रेयॉन का उपयोग- रेयॉन को कपास के साथ मिलाकर रेशम की चादर बना सकते हैं तथा ऊन के साथ मिलाकर इससे कालीन या गलीचा तैयार कर सकते हैं।
(ii) नाइलॉन का उपयोग-

  1. नाइलॉन रेशों का उपयोग मछली पकड़ने के जाल, पैराशूट का कपड़ा, रस्सियाँ, जुराबें तथा अन्य वस्त्र बनाने के लिए किया जाता है।
  2. नाइलॉन रेशों का उपयोग दाँत साफ करने के ब्रुश, कारों की सीट के पट्टे, स्लीपिंग बैग (शयन थैला), परदा आदि बनाने में किया जाता है।
  3. नाइलॉन के धागे इस्पात के तारों से मजबूत होते हैं। अतः चट्टानों पर चढ़ने हेतु रस्सों का निर्माण इससे किया जाता है।

(iii) आरलॉन का उपयोग- इसके रेशों से शाल, कम्बल, स्वेटर आदि सर्दियों में काम आने वाले वस्त्र निर्मित किए जाते हैं।
(iv) डेकरॉन का उपयोग- इसका उपयोग भी अन्य रेशों के समान वस्त्र बनाने में किया जाता है। इसे पॉलिएस्टर के नाम से भी जानते हैं।

प्रश्न 2.
दैनिक जीवन में जहाँ तक सम्भव हो प्लास्टिक के उपयोग से बचिए। इस कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर:
जहाँ तक सम्भव हो प्लास्टिक के उपयोग से बचिए” यह कथन सत्य है। हम जानते हैं कि प्लास्टिक जैव अनिम्नीकरणीय (non-biodegradable) कहलाता है क्योंकि प्लास्टिक अपघटित होने में कई वर्ष ले लेता है, यह पर्यावरण हितैषी नहीं है। यह पर्यावरण प्रदूषण का कारण बनता है। इसके अतिरिक्त जब इस संश्लेषित पदार्थ को जलाया जाता है तो पूर्णतया जलने में लम्बा समय लेता है। इस प्रक्रम में यह भारी मात्रा में विषैली धूम उत्सर्जित कर पर्यावरण प्रदूषित करता है। अतः जहाँ तक सम्भव हो प्लास्टिक के उपयोग से बचिए।

प्रश्न 3.
संश्लेषित रेशा नाइलॉन कैसे बनाया जाता है? नाइलॉन के विभिन्न गुण-धर्म लिखिए।
उत्तर:
नाइलॉन- यह ऐडिपिक अम्ल और हैक्सी मेथिलीन डाइएमीन को मिलाकर बनाया जाता है।
नाइलॉन के गुण-धर्म-

  1. नाइलॉन के रेशे बहुत मजबूत होते हैं। ये प्रत्यास्थ तथा हल्के भी होते हैं।
  2. ये कम पानी सोखते हैं तथा घुलने में सुगम हैं तथा जल्दी सूख जाते हैं।
  3. इससे बने कपड़े सिलवट प्रतिरोधी होते हैं तथा अधिक समय तक स्थायी रहते हैं।
  4. नाइलॉन के रेशे अधिक चमकदार तथा मुलायम होते हैं। इन धागों से बने कपड़ों में कीड़ा नहीं लगता है।
  5. नाइलॉन का उपयोग सरल एवं कम खर्चीला है। साथ ही इनकी देखरेख करने की आवश्यकता कम पड़ती है।
  6. नाइलॉन के कपड़े जल्दी आग पकड़ते हैं जो कि इसका एक अवगुण है तथा जब इनमें आग लग जाती है। तो ये पिघल कर शरीर से चिपक जाते हैं जो शरीर को हानि पहुँचाते हैं। यही कारण है गर्मियों में संश्लेषित रेशे शरीर से चिपकते हैं जिससे शरीर का पसीना भी नहीं सूख पाता।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
ऐसीटोनाइट्राइल के बहुलकीकरण से प्राप्त रेशा
(अ) डेकरॉन
(ब) आरलॉन
(स) नाइलॉन
(द) रेयॉन
उत्तर:
(ब) आरलॉन

प्रश्न 2.
जल निकास व्यवस्था में बाधक अपशिष्ट है
(अ) कृषि
(ब) पशु
(स) प्लास्टिक
(द) रेडियोधर्मी
उत्तर:
(स) प्लास्टिक

प्रश्न 3.
बिजली के स्विच आदि बनाने में प्रयुक्त पदार्थ
(अ) पीवीसी
(ब) पॉलीथीन
(स) बैकेलाइट
(द) मेलामाइन
उत्तर:
(स) बैकेलाइट

प्रश्न 4.
आग प्रतिरोधी वस्तुएँ बनाने में उपयोग किया जाने वाला प्लास्टिक है
(अ) बैकलाइट
(ब) पॉलीथीन
(स) मेलामाइन
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(स) मेलामाइन

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. थर्मोप्लास्टिक गर्म करने पर…………….हो जाते हैं। (मृदुल/कठोर)
2. प्राकृतिक एवं कृत्रिम धागों को मिश्रण करके ………. बनाया जाता है। (नाइलॉन/टेरीकॉट)
3. आग बुझाने वाले कर्मचारियों के परिधानों पर…………. प्लास्टिक की परत चढ़ी होती है। जो अग्निरोधक है। (बैकलाइट/मेलामाइन)
4. प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा सरलता से अपघटित नहीं होने वाले पदार्थ ……………… पदार्थ कहलाते हैं। (जैव निम्नीकरणीय/जैव अनिम्नीकरणीय)
5. प्लास्टिक एक प्रकार का ………………. बहुलक (संश्लेषित/प्राकृतिक)
उत्तर:
1. मृदुल
2. टेरीकॉट
3. मेलामाइन
4. जैव अनिम्नीकरणीय
5. संश्लेषित।

बताइए निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य

1. प्लास्टिक द्वारा उत्पन्न अपशिष्ट पर्यावरण हितैषी है।
2. पॉलिथीन और पी.वी.सी. थर्मोसेटिंग प्लास्टिक
3. अधिकांश थर्मोप्लास्टिक पुनःचक्रित किये जा सकते हैं।
4. टेफ्लॉन का उपयोग नॉनस्टिक बरतन बनाने में किया जाता है।
5. प्लास्टिक में छोटे कार्बनिक अणु मिलकर उच्च अणुभार वाली संरचना बनाते हैं।
6. संश्लेषित रेशों से बने कपड़े प्राकृतिक रेशों से बने कपड़ों की अपेक्षा अधिक पसीना सोखते हैं।
उत्तर:
1. असत्य
2. असत्य
3. सत्य
4. सत्य
5. सत्य
6. असत्य

सही मिलान कीजिए

प्रश्न 1.
निम्नांकित का सही मिलान कीजिए

क्र.सं. कॉलम-1 कॉलम-2
1. मैलेमाइन
2. पीवीसी
3. रेयान
4. प्लास्टिक

उत्तर:

क्र.सं. कॉलम-1 कॉलम-2
1. मैलेमाइन अग्निरोधक
2. पीवीसी पानी के पाइप
3. रेयान कृत्रिम रेशम
4. प्लास्टिक थर्मोसैटिंग

प्रश्न 2.
निम्नांकित का सही मिलान कीजिए

कॉलम (अ) कॉलम (ब)
1. डेकरॉन (i) ऊन के रेशों के समान
2. टेफ्लॉन (ii) सेल्यूलोज से रासायनिक अभिक्रिया से प्राप्त
3. रेयॉन (iii) न चिपकने वाले भोजन पात्रों का निर्माण
4. आरलॉन (iv) से बने कपड़ों पर सलवटें नहीं पड़ती हैं

उत्तर:
1. (iv)
2. (iii)
3. (ii)
4. (i)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
नाइलॉन रेशों से निर्मित दो वस्तुओं के नाम बताइये जो नाइलॉन रेशे की प्रबलता दर्शाती हैं।
उत्तर:

  1. पैराशूट
  2. चट्टानों पर चढ़ने में काम आने वाले रस्से।

प्रश्न 2. पॉलीमर से क्या आशय है?
उत्तर:
पॉलीमर एक ग्रीक शब्द है जो पॉली (Poly) तथा मर (mer) दो शब्दों से मिलकर बना है। इसमें | पॉली से तात्पर्य ‘अनेक’ तथा मर से तात्पर्य इकाई’ से होता है। अर्थात् अनेक इकाइयाँ।

प्रश्न 3.
विस्कोस’ किसे कहते हैं ?
उत्तर:
रेयान बनाने में सेल्युलोज को शुद्ध करके सोडियम हाइड्रॉक्साइड और कार्बन डाइसल्फाइड से मिश्रित कर गाढ़ा द्रव बनाते हैं, जिसे विस्कोस कहते हैं।

प्रश्न 4.
नाइलॉन कैसे बनाया जाता है?
उत्तर:
नाइलॉन को ऐडिपिक अम्ल और हैक्सामेथिलीन डाइएमिन से मिलाकर बनाया जाता है।

प्रश्न 5.
कालीन या गलीचा किस संश्लेषित रेशे से तैयार करते हैं ?
उत्तर:
रेयॉन तथा कपास को मिलाकर जो रेशे बनते हैं। उनसे कालीन या गलीचे तैयार करते हैं।

प्रश्न 6.
आरलॉन कैसे तैयार किया जाता है?
उत्तर:
आरलॉन ऐसीटोनाइट्राइल के बहुलकीकरण से तैयार किया जाता है। इसका रेशा ऊन के रेशों के समान होता है।

प्रश्न 7.
संरचना के आधार पर प्लास्टिक कितने प्रकार के होते हैं? उनके नाम लिखिए।
उत्तर:
संरचना के आधार पर प्लास्टिक दो प्रकार के होते हैं

  1. थर्मोप्लास्टिक (ताप सुनम्य या ताप सुघट्य)
  2. थर्मोसेटिंग (ताप दृढ़)

प्रश्न 8.
थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:

  • बैकलाइट
  • मेलामाइन

प्रश्न 9.
जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट पदार्थों से क्या आशय है?
उत्तर:
वह अपशिष्ट पदार्थ जो कुछ जीवाणुओं की क्रिया द्वारा हानिरहित पदार्थों में विघटित हो जाते हैं, जैव निम्नीकरणीय अपशिष्ट कहलाते हैं। जैसे-कम्पोस्ट खाद।

प्रश्न 10.
डेकरॉन कैसे प्राप्त किया जाता है?
उत्तर:
डेकरॉन एथिलीन ग्लाइकॉल तथा टरथैलिक अम्ल के बहुलकीकरण की अभिक्रिया से प्राप्त किया जाता है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
राजेश गर्मियों के लिए कमीजें खरीदना चाहता है। उसे सूती कमीजें खरीदना चाहिए या संश्लेषित। कारण सहित राजेश को सलाह दीजिए।
उत्तर:
राजेश को गर्मियों के लिए सूती कमीजें खरीदनी चाहिए क्योंकि संश्लेषित कपड़े की कमीजें गर्मी में शरीर के चिपक जाती हैं तथा ये प्राकृतिक रेशों वाली कमीजों की तरह पसीना भी नहीं सोखती हैं। ये छिद्रयुक्त भी नहीं होती हैं।

प्रश्न 2.
रेयॉन कैसे बनता है? इसका क्या उपयोग है?
उत्तर:
रेयॉन-यह रेशा प्रकृति से प्राप्त सेल्युलोज और कार्बन डाइसल्फाइड से मिश्रित कर गाढ़ा द्रव बनाते हैं, जिसे विस्कोस कहते हैं। इस विस्कोस को सूक्ष्म छिद्रों से तनु सल्फ्यूरिक अम्ल में प्रवाहित करते हैं। इससे चमकदार रेशे प्राप्त होते हैं। ये रेशे प्राकृतिक रेशम के समान दिखाई देते हैं। उपयोग-रेशम के समान वस्त्र बनाने में तथा रेयॉन व कपास मिश्रित करके इससे चादरें, कालीन एवं गलीचे बनाते हैं।

प्रश्न 3.
खाद्य पदार्थों का संचयन करने हेतु प्लास्टिक पात्रों के उपयोग के तीन प्रमुख लाभ बताइए।
उत्तर:
खाद्य पदार्थों के संचयन हेतु प्लास्टिक पात्रों के उपयोग के प्रमुख लाभ हैं

  1. ये भोजन, पानी एवं वायु से अभिक्रिया नहीं करते हैं।
  2. ये मजबूत तथा हल्के होते हैं।
  3. ये चिरस्थायी होते हैं।

प्रश्न 4.
थर्मोप्लास्टिक और थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के मध्य अन्तर को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:

थर्मोप्लास्टिक थर्मोसेटिंग प्लास्टिक
ऐसा प्लास्टिक जो गर्म करने पर आसानी से मृदुल बार अथवा विकृत हो जाता है और सरलतापूर्वक मुड़ जाता है, थर्मोप्लास्टिक कहलाता है ऐसे प्लास्टिक जिन्हें एक बार साँचे में ढाल दिया जाता है तो इन्हें ऊष्मा देकर नर्म नहीं किया जा सकता है, थमसेटिंग प्लास्टिक कहलाते हैं
उदाहरण- पॉलीथीन, पॉली-विनाइल क्लोराइड (PVC) उदाहरण- बैकलाइट,  मैलामाइन

 

प्रश्न 5.
निम्नलिखित पदार्थों को पुनः चक्रित किये जा सकते हैं” और ”पुनः चक्रित नहीं किये जा सकते हैं, में वर्गीकृत कीजिए
टेलीफोन यंत्र, प्लास्टिक खिलौने, कुकर के हत्थे, सामग्री लाने वाले थैले, बाल प्वाइंट पेन, प्लास्टिक के कटोरे, विद्युत तारों के प्लास्टिक आवरण, प्लास्टिक की कुर्सियाँ, विद्युत स्विच।
उत्तर:

पुनः चक्रिते (Recycle) किये जा सकते हैं पुनः चक्रित नहीं किए जा सकते हैं
प्लास्टिक खिलौने, सामग्री लाने वाले थैले, बाल प्वाइंट पेन, प्लास्टिक के कटोरे, विद्युत तारों के प्लास्टिक आवरण, प्लास्टिक की कुर्सियाँ टेलीफोन यंत्र, कुकर के हत्थे, विद्युत स्विच

 

प्रश्न 6.
4R सिद्धान्त क्या है?
उत्तर:
4R सिद्धान्त मनुष्य में पर्यावरण हितैषी आदतें विकसित करने के लिए बनाया गया सिद्धान्त है। यह निम्न प्रकार है

  1. R – (Reduce)- उपयोग कम करिए
  2. R – (Reuse)- पुनः उपयोग करिए।
  3. R – (Recycle)- पुन:चक्रित करिए।
  4. R – (Recover)- पुनः प्राप्त करिए।

प्रश्न 7.
क्या आप मानते हैं कि ”संश्लेषित रेशों का औद्योगिक निर्माण वास्तव में वनों के संरक्षण में सहायक हो रहा है।” टिप्पणी कीजिए।
उत्तर:
संश्लेषित रेशों का औद्योगिक निर्माण वास्तव में वनों के संरक्षण में सहायक हो रहा है क्योंकि इसके लिए न तो पेड़ काटने पड़ते हैं और न ही जानवरों का शिकार करना पड़ता है। संश्लेषित रेशे रसायनों से बनाये जाते हैं। और ये रसायन वनों से प्राप्त नहीं होते हैं, इन्हें कृत्रिम रूप से तैयार करते हैं।

प्रश्न 8.
उदाहरण देकर प्रदर्शित कीजिए कि प्लास्टिक की प्रकृति अक्रियाशील होती है।
उत्तर:
प्लास्टिक जल और वायु से अभिक्रिया नहीं करते। उनका संक्षारण आसानी से नहीं होता। अतः प्लास्टिक की प्रकृति अक्रियाशील है।
उदाहरण-

  1. विभिन्न रसायन प्लास्टिक की बोतलों में संचयित किए जाते हैं।
  2. इसका उपयोग सभी प्रकार के भोजन के भण्डारण में किया जाता है क्योंकि यह रखे हुए भोजन से कोई अभिक्रिया नहीं करता है।
  3. अचार एवं पानी प्लास्टिक पात्रों में भंडारित किए। जाते हैं।

प्रश्न 9.
प्लास्टिक कितने प्रकार के होते हैं? प्रत्येक प्रकार के प्लास्टिक के दो-दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
प्लास्टिक दो प्रकार के होते हैं

  • थर्मोप्लास्टिक
  • थर्मोसैटिंग प्लास्टिक

थर्मोप्लास्टिक के उदाहरण हैं

  • पॉलीथीन तथा
  • पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC)

थर्मोसैटिंग प्लास्टिक के उदाहरण हैं

  • बैकलाइट तथा
  • मैलामाइन

प्रश्न 10.
डेकरॉन अथवा पॉलीएस्टर के विशिष्ट गुण लिखिए।
उत्तर:
डेकरॉन अथवा पॉलिएस्टर के विशिष्ट गुण

  1. इनसे बने कपड़ों में आसानी से सिलवटें नहीं पड़ती हैं ।
  2. यह सपाट रहता है तथा आसानी से धुल जाता है।
  3. पॉलिएस्टर रेशे बहुत मजबूत होते हैं इसलिए पॉलिएस्टर से बने वस्त्र अत्यधिक टिकाऊ होते हैं जो लम्बे समय तक चलते हैं।
  4. पॉलिएस्टर रेशे बहुत कम पानी सोखते हैं इसलिए पॉलिएस्टर से बने कपड़े धोने के पश्चात् जल्दी ही सूख जाते हैं।
  5. पॉलिएस्टर रेशों पर कपड़ों में लगने वाले कीड़ों (शलभ) तथा साधारण रसायनों का कोई असर नहीं होता।

प्रश्न 11.
प्लास्टिक के विशिष्ट गुण-धर्म बतलाइए।
उत्तर:
प्लास्टिक के विशिष्ट गुण-धर्म-प्लास्टिक विद्युत एवं ऊष्मा का कुचालक, अक्रियाशील तथा अत्यधिक ताप को सहने की क्षमता वाला होता है। यह धातुओं की तुलना में अधिक सस्ता होता है। यही कारण है कि वर्तमान में प्लास्टिक का उपयोग दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

प्रश्न 12.
थर्मोसेटिंग या ताप दृढ़ प्लास्टिक किसे कहते हैं? समझाइये। थर्मोसेटिंग प्लास्टिक के दो उपयोग लिखिए।
उत्तर:
थर्मोसेटिंग प्लास्टिक-ऐसे प्लास्टिक जिन्हें एक बार साँचे में ढाल दिया जाता है तो इन्हें ऊष्मा देकर नर्म नहीं किया जा सकता है, थर्मोसेटिंग प्लास्टिक कहलाते हैं। उपयोग

  1. बिजली के स्विच बनाने में
  2. गाड़ियों की बैटरियाँ बनाने में।

प्रश्न 13.
कपड़ों की कतरनों तथा पुराने ऊनी धागों से बनने गली एक उपयोगी वस्तु का चित्र बनाइए।
उत्तर:
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक 1

प्रश्न 14.
बेकार पड़ी प्लास्टिक की बोतल से आपके द्वारा निर्मित सजावट की वस्तु का चित्र बनाइए।
उत्तर:
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक 2

प्रश्न 15.
बेकार पड़ी प्लास्टिक की चम्मचों से आपके द्वारा निर्मित सजावट की वस्तु का चित्र बनाइए।
उत्तर:
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक 3

प्रश्न 16.
प्लास्टिक की दो बेकार बोतलों के द्वारा निर्मित किसी उपयोगी वस्तु का चित्र बनाइए।
उत्तर:
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 3 संश्लेषित रेशे और प्लास्टिक 4

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
संश्लेषित रेशों के प्रमुख गुणों एवं अवगुणों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
संश्लेषित रेशों के गुण-
(1) संश्लेषित रेशों से बने कपड़े, सूती कपड़ों की अपेक्षा जल्दी सूख जाते हैं, क्योंकि ये जल को कम सोखते हैं।
(2) संश्लेषित धागा अधिक चमकदार एवं मुलायम होता
(3) इन धागों से बने कपड़ों में कीड़ा नहीं लगता है।
(4) संश्लेषित रेशों का उपयोग सरल एवं कम खर्चीला है।
(5) इनकी देखभाल कम करनी पड़ती है।

संश्लेषित रेशों की कमियाँ/अवगुण-
(1) संश्लेषित रेशे जल्दी आग पकड़ लेते हैं। यदि इन वस्त्रों में आग लग जाती है तो ये पिघलकर शरीर से चिपक जाते हैं।
(2) संश्लेषित रेशों से बने कपड़े प्राकृतिक रेशों की तरह पसीना नहीं सोखते हैं।
(3) ये गर्मियों में शरीर से चिपकते हैं।

प्रश्न 2.
विभिन्न क्षेत्रों में प्लास्टिक के अनुप्रयोग बतलाइए।
अथवा
प्लास्टिक के कोई चार अनुप्रयोग लिखिए।
उत्तर:
विभिन्न क्षेत्रों में प्लास्टिक के अनुप्रयोग

  1. प्लास्टिक विद्युतरोधी होता है अतः बिजली के तारों पर प्लास्टिक का आवरण लगाकर उन्हें विद्युतरोधी बनाते हैं जिससे विद्युत करंट से सुरक्षा रहती है।
  2. खाना बनाने के अनेक पात्रों, जैसे प्रेशर कुकर, फ्राई पेन तथा विद्युत उपकरण जैसे विद्युत इस्तरी, विद्युत केटली के हत्थे बैकलाइट प्लास्टिक के बने होते हैं।
  3. घर एवं दुकान में विभिन्न प्रकार के रसायन, अचार, मसाले, तेल के जरीकेन, अम्ल (तेजाब) के संग्रहण या संचयन हेतु प्लास्टिक के पात्रों का उपयोग किया जाता है।
  4. कृषि के क्षेत्र में सिंचाई हेतु उपयोग में लाए जाने वाले पाइप प्लास्टिक के बने होते हैं।
  5. चिकित्सा क्षेत्र में दवाई की गोलियों के रैपर तथा पीने की दवाई हेतु बोतल, सिरिंज, दस्ताने, ऑपरेशन में प्रयुक्त धागे एवं चिकित्सकीय यंत्र भी प्लास्टिक के बने होते हैं।
  6. माइक्रोवेव ओवन में खाद्य सामग्री को पकाने हेतु विशिष्ट प्लास्टिक पात्रों का उपयोग किया जाता है।
  7. नॉनस्टिक (न चिपकने वाले) तवा एवं कड़ाही पर एक विशिष्ट प्लास्टिक टेफ्लॉन की परत चढ़ी होती है।
  8. एक विशिष्ट प्लास्टिक मेलेमाइन की परत चढ़ाकर आग बुझाने वाले कर्मचारियों के परिधान अग्निरोधक बनाये जाते हैं।

प्रश्न 3.
आपके विचार में प्राकृतिक रेशों तथा संश्लेषित रेशों में क्या अन्तर हो सकते हैं?
उत्तर:

प्राकृतिक रेशे (रुई, ऊन तथा रेशम) संश्लिष्ट रेशे (नाइलॉन तथा पॉलिएस्टर)
1. प्राकृतिक रेशे कम मजबूत होते हैं इसलिए प्राकृतिक रेशों से बने कपड़े कम टिकाऊ होते हैं और जल्दी फट जाते हैं। 1. संश्लेषित रेशे बहुत अधिक मजबूत होते हैं। संश्लेषित रेशों से बने कपड़े अत्यन्त टिकाऊ होते हैं।जो लम्बे समय तक चलते हैं।
2. प्राकृतिक रेशे बहुत अधिक पानी सोखते हैं जिस कारण प्राकृतिक रेशों से बने कपड़े धोने के पश्चात् जल्दी नहीं सूखते 2. संश्लेषित रेशे बहुत कम पानी सोखते हैं, इसलिए संश्लेषित रेशों से बने कपड़े धोने के पश्चात् जल्दी सूख जाते हैं।
3. प्राकृतिक रेशे, कपड़ों के कीडों (शलभ) तथा साधारण रसायनों के प्रभाव से खराब हो जाते हैं। 3. संश्लेषित रेशों पर कपड़ों के कीड़ों (शलभ) तथा साधारण रसायनों का कोई असर नहीं होता।

 

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RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.2

September 22, 2024 by Fazal Leave a Comment

RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.2 is part of RBSE Solutions for Class 8 Maths. Here we have given Rajasthan Board RBSE Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Exercise 2.2.

Board RBSE
Textbook SIERT, Rajasthan
Class Class 8
Subject Maths
Chapter Chapter 2
Chapter Name घन एवं घनमूल
Exercise Exercise 2.2
Number of Questions 2
Category RBSE Solutions

Rajasthan Board RBSE Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.2

प्रश्न 1
निम्न कथनों में सही/गलत बताइए।
(i) प्रत्येक सम संख्या का घन सम होता है।
(ii) एक पूर्ण घन संख्या दो शून्यों (00) पर समाप्त नहीं होती है।
(iii) ऐसा कोई पूर्ण घन नहीं है जो 8 पर समाप्त होता
(iv) यदि किसी संख्या का वर्ग(RBSESolutions.com) 5 पर समाप्त होता है । तो उसका घन 25 पर समाप्त होता है।
(v) एक अंक वाली संख्या का घन एक अंक का ही होता है।
(vi) दो अंकों वाली संख्या का घन 4 से 6 अंकों का | होता है।
हल:
(i) सही (ii) सही (iii) गलत (iv) सही (v) गलत (vi) सही

RBSE Solutions

प्रश्न 2
आकलन विधि एवं अभाज्य गुणनखण्ड विधि द्वारा निम्नलिखित संख्याओं को घनमूल ज्ञात कीजिए तथा अपने उत्तर की जाँच कीजिए।
(i) 64
(ii) 343
(iii) 5832
(iv) 74088
(v) 3375
(vi) 10648
(vii) 46656
(viii) 91125
हल:
(i) 64
(a) आकलन विधि द्वारा
दी गई संख्या 64 है।

चरण 1
दाईं ओर से आरम्भ करते हुए तीन-तीन अंकों के समूह बनायें।
64

RBSE Solutions

चरण 2
पहला समूह 64 है तथा इसका इकाई का अंक 4 है जो कि केवल 4 इकाई वाले अंक के घन से ही प्राप्त होगा। (43 = 64) अतः इकाई का अंक 4 होगा।
अतः दी हुई संख्या का घनमूल 4 होगा।
इस प्रकार \(\sqrt [ 3 ]{ 64 }\) = 4

(b) अभाज्य गुणनखण्ड विधि द्वारा
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.2 Q2

(ii) 343
(a) आकलन विधि द्वारा
दी गई संख्या 343 है।

चरण 1
दाईं ओर से आरम्भ करते हुए तीन-तीन अंकों के समूह बनाएं।
343

चरण 2
पहला समूह 343 है तथा इसका इकाई का अंक 3 है जो कि केवल 7 इकाई वाले अंक के घन से ही प्राप्त होगा। (73 = 343)
अतः इकाई का अंक 7 होगा।
अतः दी हुई संख्या (RBSESolutions.com)का घनमूल 7 होगा।
इस प्रकार \(\sqrt [ 3 ]{ 343 }\) = 7

RBSE Solutions

(b) अभाज्य गुणनखण्ड विधि द्वारा
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.2 Q2a
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.2 Q2b

(iii) 5832
(a) आकलन विधि द्वारा
दी गई संख्या 5832 है।

चरण 1
दाईं ओर से आरम्भ करते हुए तीन-तीन अंकों के समूह बनाएं।
5 832

चरण 2
पहला समूह 832 है तथा इसका इकाई का अंक 2 है जो कि केवल 8 इकाई वाले अंक के घन से ही प्राप्त होगा। (83= 512)
अतः इकाई का अंक 8 होगा।

चरण 3
दूसरा समूह 2 प्राप्त हुआ।
13 < 2 < 23
अतः दहाई का अंक 1 प्राप्त हुआ।
अतः दी हुई संख्या का(RBSESolutions.com) घनमूल 18 होगा।
इस प्रकार \(\sqrt [ 3 ]{ 5832 }\) = 18

RBSE Solutions

(b) अभाज्य गुणनखण्ड विधि द्वारा
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.2 Q2c

(iv) 74088
(a) आकलन विधि द्वारा
दी गई संख्या 74088 है।

चरण 1
दाईं ओर से आरम्भ करते हुए तीन-तीन अंकों के समूह बनाएं।
74 088

चरण 2
पहला समूह 088 है तथा इसका इकाई का अंक 8 है जो कि केवल 2 इकाई वाले अंक के घन से ही प्राप्त होगा। (23 = 8)
अतः इकाई का अंक 2 होगा।

चरण 3
दूसरा समूह 74 प्राप्त हुआ।
43 < 74 < 53
अतः दहाई का अंक 4 प्राप्त हुआ।
अतः दी गई संख्या का घनमूल 42 होगा।
इस प्रकार \(\sqrt [ 3 ]{ 74088 }\) = 42

RBSE Solutions

(b) अभाज्य गुणनखण्ड विधि द्वारा
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.2 Q2d

(v) 3375
(a) आकलन विधि द्वारा
दी गई संख्या 3375 है।

चरण 1
दाईं ओर से आरम्भ करते हुए तीन-तीन अंकों के समूह बनाएं।
3 375

RBSE Solutions

चरण 2
पहला समूह 375 है तथा इसका इकाई का अंक 5 है जो कि केवल 5 इकाई वाले अंक के घन से ही प्राप्त होगा। (53 = 125)
अतः इकाई का अंक 5 होगा।

RBSE Solutions

चरण 3
दूसरा समूह 3 प्राप्त हुआ।
13 < 3 < 23
अतः दहाई का अंक 1 प्राप्त हुआ।
अतः दी गई संख्या का(RBSESolutions.com) घनमूल 15 होगा।
इस प्रकार \(\sqrt [ 3 ]{ 3375 }\) = 15

(b) अभाज्य गुणनखण्ड विधि द्वारा
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.2 Q2e

(vi) 10648
(a) आकलन विधि द्वारा
दी गई संख्या 10648 है।

चरण 1
दाईं ओर से आरम्भ करते हुए तीन-तीन अंकों के समूह बनाएं।
10 648

चरण 2
पहला समूह 648 है तथा इसका इकाई का अंक 8 है जो कि केवल 2 इकाई वाले अंक के घन से ही प्राप्त होगा। (23 = 8)
अतः इकाई का अंक 2 होगा।

चरण 3
दूसरा समूह 10 प्राप्त हुआ।
23 < 10 < 33
अतः दहाई का अंक 2 प्राप्त हुआ।
अतः दी गई संख्या(RBSESolutions.com) का घनमूल 22 होगा।
इस प्रकार \(\sqrt [ 3 ]{ 10648 }\) = 22

RBSE Solutions

(b) अभाज्य गुणनखण्ड विधि द्वारा
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.2 Q2f

(vii) 46656
(a) आकलन विधि द्वारा
दी गई संख्या 46656 है।

चरण 1
दाईं ओर से आरम्भ करते हुए तीन-तीन अंकों के समूह बनायें।
46 656

चरण 2
पहला समूह 656 है तथा इसका इकाई का अंक 6 है जो कि 6 इकाई वाले अंक के घन से ही प्राप्त होगा। (63 = 216)
अतः इकाई का अंक 6 होगा।

चरण 3
दूसरा समूह 46 प्राप्त हुआ।
33 < 46 < 43
अतः दहाई का अंक 3 प्राप्त हुआ।
अतः दी गई संख्या(RBSESolutions.com) का घनमूल 36 होगा।
इस प्रकार \(\sqrt [ 3 ]{ 46656 }\) = 36

RBSE Solutions

(b) अभाज्य गुणनखण्ड विधि द्वारा
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.2 Q2g

(viii) 91125
(a) आकलन विधि द्वारा
दी गई संख्या 91125 है।

चरण 1
दाईं ओर से आरम्भ करते हुए तीन-तीन अंकों के समूह बनाएं।
91 125

चरण 2
पहला समूह 125 है तथा इसका इकाई का अंक 5 है जो कि 5 इकाई वाले अंक के घन से ही प्राप्त होगा। (53 = 125)
अतः इकाई का अंक 5 होगा।

चरण 3
दूसरा समूह 91 प्राप्त हुआ।
43 < 91 < 53
अतः दहाई का अंक 4 प्राप्त हुआ।
अतः दी गई संख्या का घनमूल 45 होगा।
इस प्रकार \(\sqrt [ 3 ]{ 91125 }\) = 45

(b) अभाज्य गुणनखण्ड विधि द्वारा
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.2 Q2h

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RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ

September 22, 2024 by Fazal Leave a Comment

RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 1

RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ are part of RBSE Solutions for Class 8 Science. Here we have given Rajasthan Board RBSE Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ.

Board RBSE
Textbook SIERT, Rajasthan
Class Class 8
Subject Science
Chapter Chapter 4
Chapter Name रासायनिक अभिक्रियाएँ
Number of Questions Solved 53
Category RBSE Solutions

Rajasthan Board RBSE Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ

पाठगत प्रश्न

पृष्ठ 38

प्रश्न 1.
सोडावाटर में नींबू का रस डालते ही बुलबुले क्यों निकलते हैं?
उत्तर:
क्योंकि सोडावाटर में क्षार होता है जो अम्लों से क्रिया करके गैस बनाते हैं जिससे बुलबुले उठते हैं।

प्रश्न 2.
कटे सेब का रंग कुछ देर पश्चात् भूरा क्यों हो जाता है?
उत्तर:
सेब में आयरन होता है जो वायु से क्रिया करके भूरे रंग का पदार्थ आयरन ऑक्साइड बनाता है।

प्रश्न 3.
पुताई करते समय चूने में पानी मिलाने पर बुलबुले क्यों उठते हैं?
उत्तर:
चूने में पानी मिलाने पर यह कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकालता है जो पानी से बुलबुलों के रूप में बाहर निकलती है।

प्रश्न 4.
हरी मेहंदी रचने पर लाल क्यों हो जाती है?
उत्तर:
मेहंदी में लासोन नामक पदार्थ होता है जो वायु तथा सूर्य के प्रकाश से क्रिया करके लाल रंग का यौगिक बनाता है।

पृष्ठ 39

प्रश्न 5.
लोहे के तवे को आर्दै वायुमण्डल में खुला छोड़ देते हैं तो क्या होता है?
उत्तर:
लोहे का तवा वायुमण्डल की ऑक्सीजन से क्रिया करके आयरन ऑक्साइड बनाता है, जिसे हम जंग कहते हैं। अतः खुला छोड़ने पर लोहे पर जंग आ जाती है जो एक रासायनिक अभिक्रिया है।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

सही विकल्प का चयन कीजिए

प्रश्न 1.
यह किस प्रकार की अभिक्रिया का उदाहरण है
NH3(g) + HCI(g) → NH4CI(s)
(अ) संयोजन
(ब) वियोजन
(स) अपघटन
(द) उदासीनीकरण
उत्तर:
(अ) संयोजन

प्रश्न 2.
ऑक्सीकरण अभिक्रिया में होता है-
(अ) ऑक्सीजन का जुड़ना
(ब) हाइड्रोजन का जुड़ना
(स) ऑक्सीजन का अलग होना
(द) e– का ग्रहण करना
उत्तर:
(अ) ऑक्सीजन का जुड़ना

प्रश्न 3.
अम्ल नीले लिट्मस को करता है
(अ) सफेद
(ब) लाल
(स) काला
(द) बैंगनी
उत्तर:
(ब) लाल

प्रश्न 4.
कॉपर (Cu) + ऑक्सीजन (O2) वायु से → ____
(अ) H2O
(ब) O2
(स) CuO
(द) CuSO4
उत्तर:
(स) CuO

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. अपघटन अभिक्रिया ……………….. की विपरीत अभिक्रिया है।
2. अम्ल व क्षारक की निश्चित मात्रा एवं आयतन मिलाने से ……….. तथा ……………. बनता है।
3. ऑक्सीजन का समावेश …………….. कहलाता है।
4. वह अभिक्रिया जिसमें ऊष्मा का उत्सर्जन होता है ……………… अभिक्रिया कहलाती है।
उत्तर:
1. संयोजन
2. लवण, जल
3. ऑक्सीकरण
4. ऊष्माक्षेपी

निम्नलिखित कॉलम 1 व कॉलम 2 का मिलान कीजिए

कॉलम 1 कॉलम 2
1. अम्ल व क्षारक की क्रिया द्वारा लवण एवं जल का बनना (अ) ऑक्सीकरण 
2. ऑक्सीजन का निष्कासन  (ब) उदासीनीकरण
3. ऊष्मा का उत्सर्जन  (स) अपचयन
4. हाइड्रोजन का निष्कासन  (द) ऊष्माक्षेपी

उत्तर:
1. (ब)
2. (स)
3. (द)
4. (अ)

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
विस्थापन अभिक्रिया का एक उदाहरण लिखिए।
उत्तर:
लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में रखने पर कॉपर सल्फेट विलयन से कॉपर विस्थापित हो जाता है। इससे आयरन सल्फेट तथा कॉपर प्राप्त होता है। यहाँ अधिक क्रियाशील धातु कम क्रियाशील धातु को विस्थापित करती है। लोहा अधिक क्रियाशील है। इसलिए वह ताँबे को विस्थापित कर देता है। इसमें कील पर कॉपर धातु की भूरी परत जम जाती है तथा कॉपर सल्फेट का रंग भी लोहे के कारण नीले से हरा हो जाता है।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 1
लोहा कॉपर सल्फेट फेरस सल्फेट, कॉपर अतः वे अभिक्रियाएँ जिनमें किसी यौगिक के कम क्रियाशील तत्व को अधिक क्रियाशील तत्व विस्थापित कर देता है, विस्थापन अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

प्रश्न 2.
कार्बन डाइऑक्साइड गैस प्रवाहित करने पर चूने का पानी दूधिया क्यों हो जाता है?
उत्तर:
हम जानते हैं कि चूना पत्थर CaCO3 को गर्म करने पर कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना) व कार्बन डाइऑक्साइड गैस प्राप्त होती है। कार्बन डाइऑक्साइड गैस को चूने के पानी (बुझा हुआ चूना) में प्रवाहित करने पर पुनः CaCO3 बनता है जिससे चूने का पानी दूधिया हो जाता है। इसकी रासायनिक अभिक्रियाएँ निम्न हैं
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 2
प्रश्न 3.
संयोजन अभिक्रिया को उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर:
संयोजन अभिक्रिया-जब दो या दो से अधिक तत्व अथवा यौगिक संयोग करके नया यौगिक (उत्पाद) बनाते हैं तो ऐसी अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया
कहते हैं। उदाहरण-एक उदहन चम्मच में थोड़ा सा लोहे का बुरादा लेकर इसे लाल होने तक गर्म करते हैं। इसे ऑक्सीजन से भरे जार में ले जाने पर यह चिंगारियाँ छोड़ता हुआ फुलझड़ी की तरह जलता है और लोहे का ऑक्साइड बनता है।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 3

प्रश्न 4.
वियोजन अभिक्रिया को एक उदाहरण द्वारा समझाइए।
उत्तर:
वियोजन अभिक्रिया-ऐसी अभिक्रिया जिसमें एक क्रियाकारक टूटकर दो या दो से अधिक क्रियाफल बनाता है, उसे वियोजन अभिक्रिया कहते हैं। उदाहरण-कैल्सियम कार्बोनेट (चूना पत्थर) को गर्म करने पर यह कैल्सियम ऑक्साइड एवं कार्बन डाइऑक्साइड गैस देता है।

RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 4

प्रश्न 5.
रासायनिक अभिक्रियाओं के गुणधर्म लिखिए।
उत्तर:
रासायनिक अभिक्रियाओं के गुणधर्म

  1. गैस उत्पन्न करना- रासायनिक क्रिया होने पर गैस उत्पन्न होती है जैसे कोयले को जलाने पर कार्बन डाइ ऑक्साइड गैस बनती है।
    C + O2 → CO2
  2. रंग परिवर्तन- सेब को चाकू से काटने पर कुछ समय पश्चात् उसका रंग भूरा हो जाता है। क्योंकि सेब में उपस्थित लोहा वायुमण्डलीय ऑक्सीजन से क्रिया कर आयरन ऑक्साइड बनाती है।
  3. ऊष्मा परिवर्तन- नौसादर को पानी में डालने पर पानी ठण्डा हो जाता है।
  4. अवक्षेपण- खारे पानी में साबुन झाग न बनाकर अविलेय सफेद पदार्थ बना लेता है।

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
रासायनिक अभिक्रियाएँ कितने प्रकार की होती हैं? किन्हीं चार रासायनिक अभिक्रियाओं को उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
रासायनिक अभिक्रिया–किसी रासायनिक अभिक्रिया में परमाणुओं के आपसी बंध टूटते हैं तथा कुछ नए बंधों के बनने से नए पदार्थों का निर्माण होता है। रासायनिक अभिक्रियाएँ मुख्यत: निम्न प्रकार की होती हैं

  1. संयोजन अभिक्रिया
  2. वियोजन अभिक्रिया
  3. विस्थापन अभिक्रियाएँ
  4. ऑक्सीकरण अपचयन अभिक्रियाएँ
  5. उदासीनीकरण अभिक्रिया
  6. ऊष्माशोषी व ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ प्रश्नानुसार चार रासायनिक अभिक्रियाएँ निम्न प्रकार हैं

1. संयोजन अभिक्रिया (Addition Reaction)- वह अभिक्रिया, जिसमें दो या दो से अधिक तत्व अथवा यौगिक (क्रियाकारक) मिलकर एक नया यौगिक (एकल उत्पाद) बनाते हैं तो इसे संयोजन अभिक्रिया कहते हैं। उदाहरण-कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना) जल के साथ तीव्रता से अभिक्रिया करके, कैल्सियम हाइड्रॉक्साइड (बुझा हुआ चूना) बनाता है तथा इस अभिक्रिया में अधिक मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न होती है।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 5

2. वियोजने अभिक्रिया (Decomposition Reaction)- वह अभिक्रिया, जिसमें एक पदार्थ (अभिकारक) टूटकर एक से अधिक छोटे-छोटे पदार्थ (उत्पाद) बनाता है, उसे वियोजन अभिक्रिया कहते हैं।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 6

3. विस्थापन अभिक्रि या (Displacement Reaction)- वह अभिक्रिया जिसमें किसी यौगिक के कम क्रियाशील तत्वों को अधिक क्रियाशील तत्त्व विस्थापित कर देता है, विस्थापन अभिक्रिया कहलाती जैसे-जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है तो नीचे दी गई अभिक्रिया होती है। अतः विलयन का रंग बदल जाता है। लोहा कॉपर से अधिक क्रियाशील है अतः यह अभिक्रिया होती है।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 7
इसमें लोहे की कील का रंग भूरा हो जाता है तथा कॉपर सल्फेट के विलयन का नीला रंग मलीन हो जाता है।

4. उदासीनीकरण अभिक्रिया (Neutrilization Reaction)- जब कोई अम्ल व क्षारक निश्चित मात्रा एवं आयतन में मिलाए जाते हैं तो लवण तथा जल बनाते हैं तथा ऊष्मा निकलती है, ऐसी अभिक्रियाएँ उदासीनीकरण अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
उदाहरण
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 8

प्रश्न 2.
रासायनिक अभिक्रियाओं के कोई दो लक्षण प्रयोग सहित समझाइए।
उत्तर:
रासायनिक अभिक्रियाओं के दो लक्षण
1. गैस का उत्पन्न होना- रासायनिक अभिक्रिया का एक महत्त्वपूर्ण लक्षण है, जैसे पेट्रोल, केरोसिन आदि को जलाने पर यह वायु की ऑक्सीजन से संयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाती है। कोयला भी जलाने पर कार्बन डाइऑक्साइड देता है।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 9
प्रयोग- एक परखनली में दानेदार जिंक लेकर उसमें तनु सल्फ्यूरिक अम्ल मिलाने पर हाइड्रोजन गैस निकलती है। इस गैस के परीक्षण के लिए यदि परखनली के मुख पर जलती हुई तीली ले जाते हैं तो वह नीली ज्वाला के साथ जलती है, जो हाइड्रोजन गैस की पुष्टि करती है।

RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 10

2. रंग परिवर्तन- सेब को चाकू से काटने पर कुछ समय पश्चात् सेब का रंग भूरा हो जाता है। क्योंकि सेब में उपस्थित लोहा वायुमण्डलीय ऑक्सीजन से क्रिया कर आयरन ऑक्साइड बनाता है।
प्रयोग- चाइना डिश में गंधक चूर्ण लेकर उसमें लोहे का बुरादा मिलाकर गर्म करने पर लोहे का बुरादा तथा गंधक चूर्ण आपस में अभिक्रिया कर एक नये रंग का पदार्थ आयरन सल्फाइड बनाते हैं।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 11

प्रश्न 3.
निम्नलिखित अभिक्रियाओं को उदाहरण सहित समझाइए
(1) उदासीनीकरण अभिक्रियाएँ
(2) अपघटनीय अभिक्रियाएँ
(3) ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ
(4) ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ।
उत्तर:
(1) उदासीनीकरण अभिक्रियाएँ- अम्ल व क्षारक निश्चित मात्रा एवं आयतन में मिलकर लवण व जल बनाते हैं तथा ऊष्मा उत्सर्जित करते हैं। यह क्रिया उदासीनीकरण अभिक्रिया कहलाती है। यहाँ अम्ल में H+ (हाइड्रोजन आयन) होता है तथा क्षार में OH– (हाइड्रोक्सिल) आयन होता है जो मिलकर जल बनाते हैं तथा अम्ल व क्षार उदासीन हो जाते हैं। जैसे सोडियम हाइड्राक्साइड (NaOH) तथा हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) आपस में अभिक्रिया कर लवण (NaCl) तथा जल (H2O) बनाते हैं।
NaOH + HCI → NaCl + H2O

(2) अपघटनीय अभिक्रियाएँ- वह अभिक्रिया जिसमें एक पदार्थ (अभिकारक) टूटकर एक से अधिक छोटे-छोटे पदार्थ (उत्पाद) बनाता है, उसे अपघटनीय अभिक्रिया कहते हैं। CaCO3 (कैल्सियम कार्बोनेट) को गर्म करने पर CaO तथा CO2 गैस बनती है।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 12

(3) ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ- वह अभिक्रिया जिसमें उत्पाद के साथ-साथ ऊर्जा/ऊष्मा भी उत्पन्न होती है, उसे ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहते हैं। उदाहरण-

  • प्राकृतिक गैस का दहन CH4(g) + 2O2(g) → CO2(g) + 2H2O(g) + ऊर्जा
  • श्वसन भी एक ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
  • वनस्पति द्रव्य (शाक-सब्जियाँ) का विघटित होकर कंपोस्ट बनना भी ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।

(4) ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ- वह अभिक्रिया, जिसमें ऊष्मी का अवशोषण होता है, उसे ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहते हैं।
उदाहरण-

  • N2(g) + O2(g) → 2NO(g)
  • शर्करा (Sugar) का जल में विलयन बनाना।
  • पोटेशियम नाइट्रेट (KNO3) का जल में विलयन ऊष्माशोषी अभिक्रिया का उदाहरण है।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
Zn की तनु सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया के फलस्वरूप बनने वाली गैस है
(अ) O2 (ऑक्सीजन)
(ब) CO (कार्बन डाइऑक्साइड)
(स) H2 (हाइड्रोजन)
(द) SO2 (सल्फर डाइऑक्साइड)
उत्तर:
(स) H2 (हाइड्रोजन)

प्रश्न 2.
क्षार लाल लिटमस को करता है
(अ) काला
(ब) सफेद
(स) नीला
(द) बैंगनी
उत्तर:
(स) नीला

प्रश्न 3.
नौसादर को पानी में डालने पर होने वाली अभिक्रिया है
(अ) ऊष्माक्षेपी
(ब) ऊष्माशोषी
(स) उदासीनीकरण
(द) अपघटनीय
उत्तर:
(ब) ऊष्माशोषी

प्रश्न 4.
चूना पत्थर (CaCO3) को गर्म करने पर निकलने वाली गैस है
(अ) CO2
(ब) O2
(स) H2
(द)SO2
उत्तर:
(अ)CO2

प्रश्न 5.
कटे हुए सेब फल का भूरा होने का कारण है सेब में उपस्थित
(अ) कैल्सियम
(ब) जिंक
(स) आयरन
(द) आयोडीन
उत्तर:
(स) आयरन

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. हाइड्रोजन गैस से भरी परखनली के मुख पर जलती तीली ले जाने पर वह ……………… लौ के साथ जलती है। (नीली/पीली)
2. सोडियम हाइड्रॉक्साइड का जलीय विलयन …………….. अभिक्रिया का उदाहरण है। (ऊष्माशोषी/ऊष्माक्षेपी)
3. रासायनिक अभिक्रिया के दौरान पदार्थों में …………………… बंध टूटते व बनते हैं। (भौतिक/रासायनिक)
4. चूने के पानी में ……………… गैस प्रवाहित करने पर पानी दूधिया हो जाता है। (ऑक्सीजन/कार्बन डाइऑक्साइड)
उत्तर:
1. नीली
2. ऊष्माक्षेपी
3. रासायनिक
4. कार्बन डाइऑक्साइड।

बताइए निम्नलिखित कथन सत्य हैं या असत्य
1. ईंधन पदार्थों को जलाने पर कार्बन डाइऑक्साइड गैस निकलती है।
2. शरीर में भोजन का पाचन एक संयोजन अभिक्रिया
3. CuO + H2 → Cu + H2O ऑक्सीकरण अभिक्रिया है।
4. उदासीनीकरण अभिक्रिया में उत्पाद लवण व जल बनता है।
उत्तर:
1. सत्य
2. असत्य
3. असत्य
4. सत्य

कॉलम ‘A’ में दिए गए शब्दों का मिलान कॉलम ‘B’ से कीजिए

कॉलम ‘A’ कॉलम ‘B’
1. पौधों द्वारा भोजन बनाना (A) वियोजन
2. शरीर में भोजन का पाचन (B) संयोजन
3. चूने में पानी मिलाने पर ताप वृद्धि होना (C) विस्थापन
4. कॉपर सल्फेट की आयरन की क्रिया से कॉपर मुक्त होना (D) ऊष्माक्षेपी
5. ऐसी क्रिया जिनमें ऑक्सी-करण-अपचयन साथ होता है। (E) उदासीनीकरण
6. अम्ल व क्षारक की क्रिया (F) रेडॉक्स

उत्तर:
1. (B)
2. (A)
3. (D)
4. (C)
5. (F)
6. (E)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
रासायनिक अभिक्रिया को कैसे प्रदर्शित करते हैं ?
उत्तर:
रासायनिक अभिक्रिया को रासायनिक समीकरण के रूप में प्रदर्शित करते हैं जिसमें अभिकारक → के बायीं तरफ तथा उत्पाद को → के दायीं तरफ लिखते हैं।

प्रश्न 2.
रासायनिक अभिक्रिया के कोई दो विशेष गुण लिखिए।
उत्तर:

  1. गैस उत्पन्न होना
  2. रंग परिवर्तन

प्रश्न 3.
अवक्षेपण क्या है?
उत्तर:
वह अभिक्रिया जिसमें एक अविलेय पदार्थ बनता है, अवक्षेपण कहलाता है।

प्रश्न 4.
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 13
यह अभिक्रिया किस प्रकार की है?
उत्तर:
यह अभिक्रिया संयोजन तथा ऑक्सीकरण दोनों प्रकार की है।

प्रश्न 5.
रासायनिक अभिक्रिया किसे कहते हैं ?
उत्तर:
रासायनिक बन्ध को टूटना या बनना रासायनिक अभिक्रिया कहलाती है।

प्रश्न 6.
ऐसी अभिक्रिया कौनसी है जिसमें क्रियाकारक टूटकर दो या दो से अधिक क्रियाफल बनाता है ?
उत्तर:
वियोजन या अपघटनीय अभिक्रिया।

प्रश्न 7.
भोजन का पाचन किस प्रकार की क्रिया है?
उत्तर:
यह वियोजन अभिक्रिया है। इसमें भोजन के बड़े अणु छोटे-छोटे अणुओं में टूटते हैं।

प्रश्न 8.
पेड़-पौधे भोजन निर्माण करते हैं। यह कौनसी। अभिक्रिया है?
उत्तर:
यह संयोजन क्रिया है जिसमें पेड़-पौधे कार्बन डाइऑक्साइड व जल से अपना भोजन कार्बोहाइड्रेट बनाते हैं।

प्रश्न 9.
कार्बन तत्व ऑक्सीजन गैस से क्रिया कर कार्बन डाइऑक्साइड गैस बनाता है। समीकरण लिखिए।
उत्तर:
C + O2 → CO2

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
रासायनिक अभिक्रिया से क्या आशय है? समझाइए।
उत्तर:
रासायनिक अभिक्रिया- ऐसे प्रक्रम जिनमें पदार्थों का रासायनिक संगठन तथा रासायनिक गुणधर्म परिवर्तित हो जाते हैं, उन्हें रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं।
रासायनिक अभिक्रिया के दौरान पदार्थों में रासायनिक बंध बनते व टूटते हैं।

प्रश्न 2.
निम्न में रासायनिक अभिक्रिया का प्रकार बताइए
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 14
उत्तर:
(अ) यह क्रिया ऑक्सीकरण तथा संयोजन दोनों प्रकार की है। इसमें ऑक्सीजन का संयोजन हो रहा है। तथा नया यौगिक बन रहा है।
(ब) यह वियोजन अभिक्रिया है। यहाँ जल का अपघटन ऑक्सीजन तथा हाइड्रोजन में हो रहा है।
(स) यह संयोजन व ऑक्सीकरण दोनों प्रकार की है।
(द) यह अपचयन तथा संयोजन प्रकार की है। यहाँ हाइड्रोजन का संयोग हो रहा है।

प्रश्न 3.
वियोजन अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया के विपरीत क्यों कहा जाता है? समझाइए।
उत्तर:
वियोजन अभिक्रिया संयोजन अभिक्रिया की। विपरीत होती है क्योंकि वियोजन अभिक्रिया में एक अभिकर्मक टूटकर छोटे-छोटे एक से अधिक उत्पाद बनाता है जबकि संयोजन अभिक्रिया में दो या दो से अधिक पदार्थ (तत्व या यौगिक) मिलकर एक नया पदार्थ बनाते हैं।
संयोजन अभिक्रिया- H2(g) तथा O2(g) से जल का निर्माण
2H2(g) + O2(g) → 2H2O(l)
वियोजन अभिक्रिया- जल का ऑक्सीजन व H, में अपघटित होना
2H2O → H2 + O2

प्रश्न 4.
एक डिश में कॉपर चूर्ण लेकर उसे गर्म करने पर क्या परिणाम प्राप्त होते हैं ? लिखिए। यह अभिक्रिया ऑक्सीकरण है अथवा अपचयन?
उत्तर:
कॉपर चूर्ण को गर्म करने पर कॉपर चूर्ण की सतह पर कॉपर ऑक्साइड (II) की काली परत चढ़ जाती है। यह काला पदार्थ (कॉपर ऑक्साइड) कॉपर में ऑक्सीजन के योग से बनता है।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 15
(कॉपर ऑक्साइड) कॉपर का कॉपर ऑक्साइड में ऑक्सीकरण होता है अतः यह अभिक्रिया ऑक्सीकरण (उपचयन) अभिक्रिया कहलाती है।

प्रश्न 5.
रासायनिक अभिक्रिया के होने को किन प्रेक्षणों के आधार पर ज्ञात किया जाता है? समझाइए।
उत्तर:
किसी रासायनिक अभिक्रिया के होने को निम्न प्रेक्षणों से ज्ञात किया जाता है। इन प्रेक्षणों के होने पर हम कह सकते हैं कि दी गई अभिक्रिया रासायनिक अभिक्रिया

  1. पदार्थ की भौतिक अवस्था में परिवर्तन होना
  2. पदार्थ का रंग बदलना
  3. किसी गैस का निकलना
  4. अभिक्रिया के तापमान में परिवर्तन होना।

प्रश्न 6.
जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है तो विलयन का रंग क्यों बदल जाता है?
उत्तर:
जब लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में डुबोया जाता है तो नीचे दी गई अभिक्रिया होती है अतः विलयन का रंग बदल जाता है। लोहा कॉपर से अधिक क्रियाशील है अतः यह अभिक्रिया होती है।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 16
इसमें लोहे की कील का रंग भूरा हो जाता है तथा कॉपर सल्फेट के विलयन का नीला रंग मलीन हो जाता है।

प्रश्न 7.
अवक्षेपण अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर:
अवक्षेपण अभिक्रिया- वह अभिक्रिया, जिसमें दो पदार्थ क्रिया करके अविलेय पदार्थ बनाते हैं, यह अविलेय पदार्थ विलयन में नीचे स्थिर हो जाता है और अवक्षेप कहलाता है तथा यह क्रिया अवक्षेपण अभिक्रिया कहलाती है। उदाहरण के लिए-जब साबुन को खारे पानी में काम में लेते हैं तो साबुन झाग नहीं देता तथा अविलेय सफेद पदार्थ बना लेता है।

प्रश्न 8.
ऑक्सीजन के योग या ह्रास के आधार पर निम्न पदों की व्याख्या कीजिए। प्रत्येक के लिए दो उदाहरण दीजिए
(a) उपचयन
(b) अपचयन
उत्तर:
(a) उपचयन- वह अभिक्रिया, जिसमें किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का योग होता है अर्थात् ऑक्सीजन की वृद्धि होती है, उसे उपचयन या ऑक्सीकरण अभिक्रिया कहते हैं।
उपचयन के उदाहरण
(1) 2Cu(s) + O2(g) m→ 2CuO(s)

(b) अपचयन- वह अभिक्रिया, जिसमें किसी पदार्थ में से ऑक्सीजन निकलती है अर्थात् ऑक्सीजन की कमी (ह्रास) होती है, अपचयन अभिक्रिया कहलाती है।
अपचयन के उदाहरण
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 17

प्रश्न 9.
एक चाइना डिश में गर्म कॉपर ऑक्साइड पर हाइड्रोजन गैस प्रवाहित करने पर क्या परिणाम प्राप्त होते हैं? यह अभिक्रिया किस प्रकार की है?
उत्तर:
गर्म कॉपर ऑक्साइड पर हाइड्रोजन गैस प्रवाहित करने पर कॉपर ऑक्साइड की परत भूरे रंग की हो जाती है । क्योंकि कॉपर ऑक्साइड का अपचयन कॉपर में हो जाता है।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 18
ऐसी अभिक्रियाएँ जिनमें किसी पदार्थ में से ऑक्सीजन का निष्कासन तथा हाइड्रोजन का समावेश हो, उन्हें अपचयन कहते हैं। अतः यह अभिक्रिया अपचयन अभिक्रिया है।

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
रासायनिक अभिक्रिया से आप क्या समझते हैं? ऑक्सीकरण अभिक्रिया एवं अपचयन अभिक्रिया में अन्तर लिखिए। प्रत्येक अभिक्रिया का एक-एक
उदाहरण लिखिए। ऑक्सीकरण अभिक्रिया का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:
(i) रासायनिक अभिक्रिया-ऐसे प्रक्रम जिनमें पदार्थों का रासायनिक संगठन तथा रासायनिक गुणधर्म परिवर्तित हो जाते हैं, उन्हें रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं
(ii) रासायनिक अभिक्रिया के दौरान पदार्थों में रासायनिक बंध बनते व टूटते हैं । ऑक्सीकरण अभिक्रिया एवं अपचयन अभिक्रिया में अन्तर

ऑक्सीकरण अपचयन
1. ऐसी अभिक्रियाएँ जिनमें  किसी पदार्थ में से ऑक्सीजन का समावेश तथा हाइड्रोजन का निष्कासन हो, उन्हें ऑक्सीकरण अभिक्रियाएँ कहते हैं । 1. ऐसी अभिक्रियाएँ जिनमें  किसी पदार्थ में से ऑक्सीजन का निष्कासन तथा हाइड्रोजन का समावेश हो, उन्हें अपचयन अभिक्रियाएँ कहते हैं ।
2: इसमें इलेक्ट्रॉन निकालते हैं । 2. इलेक्ट्रॉन ग्रहण करते हैं ।

(iii) उदाहरण-ऑक्सीकरण अभिक्रिया

RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 19
(iv) ऑक्सीकरण अभिक्रिया का नामांकित चित्र

ऑक्सीकरण अभिक्रिया-गतिविधि-एक चाईना डिश में कॉपर चूर्ण लेकर गर्म कीजिए। हम देखेंगे कि सतह पर कॉपर चूर्ण की परत जम जाती है। यह काले रंग की होती है एवं यह पदार्थ कॉपर ऑक्साइड है जो कि कॉपर एवं ऑक्सीजन की अभिक्रिया से बनी उत्पाद है। कॉपर (Cu) + ऑक्सीजन (O2) वायु से) → कॉपर ऑक्साइड (CuO) (ऑक्सीजन का समावेश) इस अभिक्रिया में कॉपर का कॉपर ऑक्साइड में ऑक्सीकरण हो रहा है।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 20

प्रश्न 2.
ऑक्सीकरण व अपचयन में अन्तर लिखकर ऑक्सीकरण अभिक्रिया को सचित्र समझाइए। लोहे में जंग लगना कौनसी अभिक्रिया है?
उत्तर:

(i) ऑक्सीकरण अभिक्रियाओं में किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का समावेश होता है एवं हाइड्रोजन का निष्कासन होता है। जबकि अपचयन अभिक्रिया में किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का निष्कासन होता है तथा हाइड्रोजन का समावेश होता है।

(ii) ऑक्सीकरण अभिक्रिया-गतिविधि-एक चाईना डिश में कॉपर चूर्ण लेकर गर्म कीजिए। हम देखेंगे कि सतह पर कॉपर चूर्ण की परत जम जाती है। यह काले रंग की होती है एवं यह पदार्थ कॉपर ऑक्साइड है जो कि कॉपर एवं ऑक्सीजन की अभिक्रिया से बनी उत्पाद है। कॉपर ((Cu) + ऑक्सीजन (O2) वायु से) → कॉपर ऑक्साइड (CuO) (ऑक्सीजन का समावेश) इस अभिक्रिया में कॉपर का कॉपर ऑक्साइड में ऑक्सीकरण हो रहा है।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 21

(iii) लोहे में जंग लगना ऑक्सीकरण अभिक्रिया है।

प्रश्न 3.
ऊष्माशोषी व ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया में अन्तर लिखकर ऊष्माशोषी अभिक्रिया के प्रयोग को सचित्रे समझाइए। सोडियम हाइड्रोक्साइड को पानी में डालते हैं तो कौनसी अभिक्रिया होती है? लिखिए।
उत्तर:

(i) ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ-ऐसी अभिक्रियाएँ। जिनमें ऊष्मा का अवशोषण होता है, ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ- ऐसी अभिक्रियाएँ जिनमें ऊष्मा का उत्सर्जन होता है, ऊष्माक्षेपी अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 22

(ii) ऊष्माशोषी अभिक्रिया-प्रयोग–काँच का एक बीकर लेते हैं। इसमें थोड़ा सा जल भरते हैं। इसी समय थर्मामीटर द्वारा इस बीकर के जल का तापमान नाप कर नोट करते हैं। अब इसमें थोड़ा सा कलमी शोरा (KNO3) का महीन चूर्ण डालते हैं। अब बीकर के मिश्रण को सावधानीपूर्वक हिलाते हैं, इसके बाद तापमापी द्वारा पुनः तापमान अंकित करते हैं। हम देखते हैं कि तापमान कम हो जाता है। इस तापमान के कम होने का कारण ऊष्मा का अवशोषण है। अतः ऐसी अभिक्रियाएँ जिनमें ऊष्मा का अवशोषण होता है, ऊष्माशोषी अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

(iii) सोडियम हाइड्रॉक्साइड को पानी में डालते हैं तो पानी का तापक्रम बढ़ जाता है अतः यह ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।

प्रश्न 4.
रेडॉक्स अभिक्रिया किसे कहते हैं? चित्र बनाकर दर्शाइये कि रासायनिक अभिक्रिया के दौरान पदार्थों में रासायनिक बन्ध बनते व टूटते हैं। हरी मेंहदी रचने पर लाल क्यों हो जाती है?
उत्तर:
(i) रेडॉक्स अभिक्रिया-ऐसी रासायनिक अभिक्रियाएँ, जिनमें एक अभिकारक उपचयित तथा दूसरा अभिकारक अपचयित होता है अर्थात् जिनमें उपचयन तथा अपचयन क्रियाएँ एक साथ होती हैं, उन्हें रेडॉक्स अभिक्रियाएँ कहते हैं।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 23
(iii) मेहंदी में लासोन नामक पदार्थ होता है, जो वायु तथा सूर्य के प्रकाश से क्रिया करके लाल रंग का यौगिक बनाता है। अतः हरी मेहंदी रचने पर लाल हो जाती है।

प्रश्न 5.
वियोजन अभिक्रिया किसे कहते हैं? वियोजन अभिक्रिया को एक उदाहरण सहित सचित्र समझाइए। इस रासायनिक अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण भी लिखिए।
अथवा
वियोजन या अपघटनीय अभिक्रि या क्या है ? कैल्सियम कार्बोनेट (चूने का पाउडर) को गरम करने पर निकलने वाली गैस को चूने के पानी में प्रवाहित
करने पर वह दूधिया क्यों हो जाता है ? समझाइये। वियोजन अभिक्रिया का नामांकित चित्र बनाइए।
उत्तर:
वियोजन अभिक्रि या (Decomposition Reaction)- इसे अपघटन अभिक्रिया भी कहते हैं। अपघटन का अर्थ है ‘टूटना’! वह अभिक्रिया जिसमें एक पदार्थ (अभिकारक) टूटकर एक से अधिक छोटे-छोटे पदार्थ (उत्पाद) बनाता है, उसे वियोजन अभिक्रिया कहते हैं। गतिविधि-कैल्सियम कार्बोनेट के ऊष्मीय वियोजन की रासायनिक अभिक्रिया-कैल्सियम कार्बोनेट (चूना पत्थर) को गर्म करने पर वह कैल्शियम ऑक्साइड (बिना बुझा हुआ चूना) और कार्बन-डाइऑक्साइड में विघटित हो जाता है।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 24

रासायनिक समीकरण
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 25
इसे ऊष्मीय विघटन (ऊष्मीय वियोजन) अभिक्रिया कहते हैं, क्योंकि इसमें ऊष्मा ऊर्जा का उपयोग किया जाता है।
चूने का पानी दूधिया होने का कारण- हम जानते हैं कि चूना पत्थर CaCO3 को गर्म करने पर कैल्सियम ऑक्साइड (बिना बुझा चूना) व कार्बन डाइऑक्साइड गैस प्राप्त होती है। कार्बन डाइऑक्साइड गैस को चूने के पानी (बुझा हुआ चूना) में प्रवाहित करने पर पुनः CaCO3 बनता है जिससे चूने का पानी दूधिया हो जाता है। इसकी रासायनिक अभिक्रियाएँ निम्न हैं
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 26

प्रश्न 6.
संयोजन अभिक्रिया किसे कहते हैं ? संयोजन अभिक्रिया को एक उदाहरण सहित सचित्र समझाइए। इस रासायनिक अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण भी लिखिए।
उत्तर:
(i) संयोजन अभिक्रि या (Addition Reaction)- वह अभिक्रिया, जिसमें दो या दो से अधिक तत्व अथवा यौगिक (क्रियाकारक) मिलकर एक नया यौगिक (एकल उत्पाद) बनाते हैं तो इसे संयोजन अभिक्रिया कहते हैं।
(ii) गतिविधि- एक उदहन चम्मच में थोड़ा सा लोहे का बुरादा लीजिए। इसे लाल होने तक गर्म कीजिए। अब इसे ऑक्सीजन से भरे जार में ले जाइए। हम देखते हैं कि लोहे का बुरादा चिंगारियाँ छोड़ता हुआ फुलझड़ी की तरह जलता है और लोहे का ऑक्साइड (Fe3O4) बनता है।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 27
(iii) अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण
लोहा (Fe) + ऑक्सीजन (O2) वायु से) → लोहे का ऑक्साइड (Fe3O4)

प्रश्न 7.
विस्थापन अभिक्रिया किसे कहते हैं? विस्थापन अभिक्रिया को उदाहरण द्वारा सचित्र समझाइए। अभिक्रिया का रासायनिक समीकरण भी लिखिए।
उत्तर:
(i) विस्थापन अभिक्रियाएँ- वे अभिक्रियाएँ जिनमें किसी यौगिक के कम क्रियाशील तत्त्व को अधिक क्रियाशील तत्त्व विस्थापित कर देता है, विस्थापन
अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।
(ii) गतिविधि- लोहे की कील को कॉपर सल्फेट के विलयन में रखने पर कॉपर सल्फेट विलयन से कॉपर विस्थापित हो जाता है। इससे आयरन सल्फेट तथा कॉपर प्राप्त होता है। यहाँ अधिक क्रियाशील धातु कम क्रियाशील धातु को विस्थापित करती है। लोहा अधिक क्रियाशील है। इसलिए वह ताँबे को विस्थापित कर देता है। इसमें कील पर कॉपर धातु की भूरी परत जम जाती है तथा कॉपर सल्फेट का रंग भी लोहे के कारण नीले से हरा हो जाता है।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 28

प्रश्न 8.
ऑक्सीकरण तथा अपचयन को परिभाषित कीजिए। एक उदाहरण द्वारा समझाइए कि ऑक्सीकरण तथा अपचयन अभिक्रियाएँ साथ-साथ होती हैं।
उत्तर:
ऑक्सीकरण- ऐसी अभिक्रियाएँ जिनमें पदार्थ में ऑक्सीजन का समावेश अथवा हाइड्रोजन का निष्कासन हो, ऑक्सीकरण अभिक्रियाएँ कहते हैं।
अपचयन- ऐसी अभिक्रियाएँ जिनमें पदार्थ में हाइड्रोजन का समावेश हो अथवा ऑक्सीजन का निष्कासन हो, अपचयन अभिक्रियाएँ कहते हैं।
ऑक्सीकरण अभिक्रिया तथा अपचयन अभिक्रिया का साथ-साथ होना-यह तथ्य हम निम्न उदाहरण से समझ सकते हैं
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ 29

यहाँ हाइड्रोजन अपचायक है, जिसने क्यूप्रिक ऑक्साइड को कॉपर में अपचयित किया तथा स्वयं H2O में ऑक्सीकृत हो गई अर्थात् ऑक्सीकरण- अपचयन दोनों अभिक्रियाएँ साथ-साथ होती हैं एवं एक-दूसरे के विपरीत हैं। ऐसी अभिक्रियाएँ जिनमें ऑक्सीकरणअपचयन साथ-साथ होता है, रेडॉक्स (Redox) अभिक्रियाएँ कहलाती हैं।

We hope the RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ will help you. If you have any query regarding Rajasthan Board RBSE Class 8 Science Chapter 4 रासायनिक अभिक्रियाएँ, drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1

September 22, 2024 by Fazal Leave a Comment

RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 is part of RBSE Solutions for Class 8 Maths. Here we have given Rajasthan Board RBSE Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Exercise 2.1.

Board RBSE
Textbook SIERT, Rajasthan
Class Class 8
Subject Maths
Chapter Chapter 2
Chapter Name घन एवं घनमूल
Exercise Exercise 2.1
Number of Questions 4
Category RBSE Solutions

Rajasthan Board RBSE Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1

प्रश्न 1
निम्नलिखित में से कौनसी संख्याएँ पूर्ण घन नहीं हैं
(i) 512
(ii) 243
(iii) 1000
(iv) 100
(v) 2700
हल:
(i) 512
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 Q1
अभाज्य गुणनखण्ड में तीन-तीन संख्याओं का समूह बनाया जा सकता है। (RBSESolutions.com)अतः 512 एक पूर्ण घन संख्या है।

RBSE Solutions

(ii) 243 अभाज्य गुणनखण्डे करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 Q1a
अभाज्य गुणनखण्ड में तीन-तीन संख्याओं का(RBSESolutions.com) समूह नहीं बनाया जा सकता है। अत: 243 एक पूर्ण घन संख्या नहीं।

(iii) 1000
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 Q1b
अभाज्य गुणनखण्ड में तीन-तीन संख्याओं का(RBSESolutions.com) समूह बनाया जा सकता है। अतः 1000 एक पूर्ण घन संख्या है।

(iv) 100
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 Q1c
∴100 = 2 x 2 x 5 x 5
अभाज्य गुणनखण्ड में 2 और 5 के तीन-तीन के समूह पूरे नहीं हो पा रहे हैं। अतः 100 एक पूर्ण घन संख्या नहीं है।

RBSE Solutions

(v) 2700
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 Q1d
अभाज्य गुणनखण्ड में 3 का तो तीन-तीन का समूह है।
परन्तु 2 और 5 के तीन-तीन के समूह पूरे नहीं हो पा रहे हैं।(RBSESolutions.com) अतः 2700 एक पूर्ण घन संख्या नहीं है।

प्रश्न 2
वह सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जिससे निम्नलिखित संख्याओं को गुणा करने पर पूर्ण घन प्राप्त हो जाए
(i) 108
(ii) 500
(iii) 5400
(iv) 10584
हल:
(i) 108 अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 Q2
अभाज्य गुणनखण्ड में 3 का तो तीन-तीन का समूह है। परन्तु 2 का तीन-तीन का समूह पूरा नहीं हो पा रहा है। अतः 108 एक पूर्ण घन संख्या नहीं है। इसे पूर्ण घन संख्या बनाने के लिए 2 से गुणा(RBSESolutions.com) करना होगा, जिससे 2 का तीन-तीन का समूह पूरा हो जाएगा। अतः अभीष्ट सबसे छोटी संख्या 2 है।

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(ii) 500
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 Q2a
अभाज्य गुणनखण्ड में 5 का तो तीन-तीन का समूह है। परन्तु 2 का तीन-तीन का समूह पूरा नहीं हो पा रहा है। अतः 500 एक पूर्ण घन संख्या नहीं है। इसे पूर्ण घन संख्या बनाने के लिए 2 से गुणा करना होगा(RBSESolutions.com) जिससे 2 का तीन-तीन का समूह पूरा हो जाएगा। अतः अभीष्ट सबसे छोटी संख्या 2 है।

(iii) 5400
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 Q2b
अभाज्य गुणनखण्ड में 2 और 3 के तो तीन-तीन के समूह हैं परन्तु 5 का तीन-तीन का समूह पूरा नहीं हो पा रहा है। अतः 5400 एक पूर्ण घन संख्या नहीं है। इसे पूर्ण घन संख्या बनाने के लिए 5 (RBSESolutions.com)से गुणा करना होगा जिससे 5 का तीन-तीन का समूह पूरा हो जाये। अतः अभीष्ट सबसे छोटी संख्या 5 है।

RBSE Solutions

(iv) 10584
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 Q2c
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 Q2d
अभाज्य गुणनखण्ड में 2 तथा 3 के तीन-तीन के समूह हैं। परन्तु 7 का तीन-तीन का समूह पूरा नहीं हो पा रहा है।
अतः 10584 एक पूर्ण घन संख्या नहीं है। इसे पूर्ण घन(RBSESolutions.com) संख्या बनाने के लिए 7 से गुणा करना होगा जिससे 7 का तीन-तीन का समूह पूरा हो जाए।
अतः अभीष्ट सबसे छोटी संख्या 7 है।

RBSE Solutions

प्रश्न 3
वह सबसे छोटी संख्या ज्ञात कीजिए जिससे निम्नलिखित संख्याओं को भाग देने पर एक पूर्ण घन प्राप्त होगा।
(i) 24
(ii) 250
(iii) 192
(iv) 135
हल:
(i) 24
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 Q3
अभाज्य गुणनखण्ड में 2 तीन-तीन के समूह में है परन्तु 3 का तीन-तीन का समूह पूरा नहीं हो पा रहा है। अतः 24 एक पूर्ण घन संख्या नहीं है।

24 के अभाज्य गुणनखण्ड में अभाज्य गुणनखण्ड 3 केवल एक बार आ रहा है। अतः यदि हम 24 को 3 से भाग दें तो भागफल के अभाज्य गुणनखण्ड में 3 नहीं आयेगा। अतः वह सबसे छोटी संख्या 3 होगी जिससे 24 का भाग(RBSESolutions.com) देने पर भागफल एक पूर्ण घन संख्या प्राप्त होगी।
साथ ही परिणामी पूर्ण घन संख्या = 243 = 8 = 23

(ii) 250
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 Q3a
अभाज्य गुणनखण्ड 5 तीन-तीन के समूह में है परन्तु 2 का तीन-तीन का समूह पूरा नहीं हो पा रहा है। अतः 250 एक पूर्ण घन संख्या नहीं है।
250 के अभाज्य गुणनखण्ड में अभाज्य गुणनखण्ड 2 केवल एक बार आ रहा है। अतः यदि हम 250 को 2 से भाग दें तो भागफल के अभाज्य गुणनखण्ड में 2 नहीं आयेगा। अतः वह सबसे छोटी संख्या 2 होगी जिससे 250 को भाग देने पर भागफल एक पूर्ण घन संख्या प्राप्त होगा।
साथ ही परिणामी पूर्ण घन संख्या = 250 + 2 = 125 = 53

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(iii) 192
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 Q3b
अभाज्य गुणनखण्ड में 2 और 2 तीन-तीन के समूह में हैं। परन्तु 3 का तीन-तीन का समूह पूरा नहीं हो पा रहा है।
अतः 192 एक पूर्ण घन संख्या नहीं है।
192 के अभाज्य गुणनखण्ड में 3 केवल एक बार आ रहा है। (RBSESolutions.com) अतः यदि हम 192 को 3 से भाग दें तो भागफल के अभाज्य गुणनखण्ड में 3 नहीं आयेगा। अतः वह सबसे छोटी संख्या 3 होगी जिससे 192 को भाग देने पर भागफल एक पूर्ण घन संख्या प्राप्त होगा।
साथ ही परिणामी पूर्ण घन संख्या = 192 ÷ 3 = 64 = (2 x 2)3 = 43

(iv) 135
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 Q3c
अभाज्य गुणनखण्ड में 3 तीन-तीन के समूह में है परन्तु 5 का तीन-तीन का समूह पूरा नहीं हो पा रहा है। अतः 135 एक पूर्ण घन संख्या नहीं है।
135 के अभाज्य गुणनखण्ड में अभाज्य गुणनखण्ड 5 केवल एक बार आ रहा है। अतः यदि हम 135 को 5 से भाग दें तो भागफल के अभाज्य गुणनखण्ड में 5 नहीं आयेगा। अतः वह सबसे छोटी संख्या 5 होगी जिससे 135 को भाग देने पर भागफल एक पूर्ण घन संख्या प्राप्त होगा।
साथ ही परिणामी पूर्ण घन संख्या = 135 ÷ 5 = 27 = 33

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प्रश्न 4
रेहान एक साबुन फैक्ट्री में काम करता है, वह घनाकार साबुन को जमाकर घन बनाकर खेल रहा है। बताइए यदि 216 साबुन जमाने हों तो बनने वाले घन की पहली पंक्ति में कितने साबुन होंगे?
हल:
कुल साबुन = 216
अभाज्य गुणनखण्ड करने पर
RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 Q3d
अतः घन की पहली पंक्ति में 6 साबुन होंगे।

We hope the RBSE Solutions for Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Ex 2.1 will help you. If you have any query regarding Rajasthan Board RBSE Class 8 Maths Chapter 2 घन एवं घनमूल Exercise 2.1 , drop a comment below and we will get back to you at the earliest.

RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 16 वायु एवं जल प्रदूषण व नियन्त्रण

September 22, 2024 by Phani Leave a Comment

RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 16 वायु एवं जल प्रदूषण व नियन्त्रण 1

RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 16 वायु एवं जल प्रदूषण व नियन्त्रण are part of RBSE Solutions for Class 8 Science. Here we have given Rajasthan Board RBSE Class 8 Science Chapter 16 वायु एवं जल प्रदूषण व नियन्त्रण.

Board RBSE
Textbook SIERT, Rajasthan
Class Class 8
Subject Science
Chapter Chapter 16
Chapter Name वायु एवं जल प्रदूषण व नियन्त्रण
Number of Questions Solved 69
Category RBSE Solutions

Rajasthan Board RBSE Class 8 Science Chapter 16 वायु एवं जल प्रदूषण व नियन्त्रण

पाठगत प्रश्न

पृष्ठ 169

प्रश्न 1.
चौराहे पर खड़ा ट्रैफिक पुलिस का जवान मास्क क्यों पहनता है?
उत्तर:
चौराहे पर खड़ा ट्रैफिक पुलिस का जवान वहाँ से गुजरने वाले वाहनों के हानिकारक धुएँ से बचने के लिए या धुआँ श्वास के साथ शरीर में जाने से रोकने के लिए मास्क पहनता है।

प्रश्न 2.
ईंट के भट्टे से काला धुआँ क्यों निकलता है?
उत्तर:
ईंट के भट्टे में ईंट पकाने के लिए भट्टे के अन्दर भूसा जलाया जाता है, उसके चारों ओर ईंटें रखी। होती हैं। अतः जो धुआँ बाहर निकलता है, उसमें कार्बन व अन्य गैसें होती हैं। अतः काला धुआँ निकलता है।

प्रश्न 3.
भीड़ वाली सड़क पर चलते समय कई बार आपको खाँसी क्यों आती है?
उत्तर:
भीड़ वाली सड़क पर वायु प्रदूषण बढ़ जाता है। तथा ऑक्सीजन की मात्रा में कमी हो जाती है। अत: वहाँ कई बार खाँसी आ जाती है।

प्रश्न 4.
क्या आप बगीचे में अच्छा महसूस करते हैं, क्यों?
उत्तर:
बगीचे में पेड़-पौधे होने से उनके द्वारा मुक्त की गई ऑक्सीजन की मात्रा अधिक होने से वे हरियाली होने से वहाँ का वातावरण शुद्ध होता है, अतः अच्छा महसूस होता है।

प्रश्न 5.
क्या वायुमण्डल में धुएँ की मात्रा में अन्तर आया है?
उत्तर:
हाँ। बढ़ती जनसंख्या तथा औद्योगीकरण के कारण वायुमण्डल में धुएँ की मात्रा में वृद्धि होती जा रही है।

पृष्ठ 176

प्रश्न 1.
गंगा नदी का जल प्रदूषित करने वाले कारक कौन-कौनसे हैं?
उत्तर:
बढ़ती हुई जनसंख्या, औद्योगीकरण एवं गंगा नदी के किनारों पर रहने वाले लोगों द्वारा विभिन्न प्रकार के क्रियाकलापों एवं अपशिष्टों को नदी में बहाने आदि कारणों से गंगा नदी का जल प्रदूषित हो रहा है।

प्रश्न 2.
गंगा नदी की पवित्रता बनाए रखने के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर:
जनसंख्या नियंत्रण, उद्योगों के वाहित का उपचार, नदी किनारे के निवासियों के द्वारा अपशिष्टों का बहाना आदि को रोकना चाहिए तथा गंगा के घाटों एवं अन्य क्षेत्रों की सफाई नियमित रूप से रखनी चाहिए।

प्रश्न 3.
गंगा नदी की स्वच्छता हेतु सरकार को क्याक्या प्रयास करने चाहिए?
उत्तर:

  1. उद्योगों के अपशिष्टों को उपचारित करने का कार्य कठोरता से कराना चाहिए।
  2. गंगा नदी के निवासियों को गंगा नदी में वाहित अपशिष्टों को प्रवाहित करने हेतु रोकना चाहिए।
  3. घाटों एवं अन्य क्षेत्रों की सफाई करना एवं जनजागृति अभियान चलाने चाहिए।

पाठ्यपुस्तक के प्रश्न

सही विकल्प का चयन कीजिए|

प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौनसी हरित गृह गैस नहीं है-
(अ) कार्बन डाइऑक्साइड
(ब) सल्फर डाइऑक्साइड
(स) मेथेन
(द) नाइट्रोजन
उत्तर:
(द) नाइट्रोजन

प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से विषैली गैस है-
(अ) कार्बन मोनोऑक्साइड
(ब) हाइड्रोजन
(स) ऑक्सीजन
(द) नाइट्रोजन
उत्तर:
(अ) कार्बन मोनोऑक्साइड

प्रश्न 3.
रेफ्रिजरेटर में प्रयुक्त किया जाता है-
अथवा
रेफ्रिजरेटरों व एयर कंडिशनरों में किस वायु प्रदूषक का उपयोग होता है?
(अ) हाइड्रोजन
(ब) क्लोरोफ्लोरो कार्बन
(स) नाइट्रोजन
(द) ऑक्सीजन
उत्तर:
(ब) क्लोरोफ्लोरो कार्बन

प्रश्न 4.
भारत की किस पवित्र नदी का अस्तित्व खतरे में है
(अ) गंगा
(ब) बेड़च
(स) बनास
(द) कोसी
उत्तर:
(अ) गंगा

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

प्रश्न 1.
जल को प्रदूषित करने वाले पदार्थों को______ कहते हैं।
उत्तर:
जल प्रदूषक/अवांछित पदार्थ

प्रश्न 2.
वायुमण्डल के औसत ताप में निरंतर वृद्धि हो रही है। इसे’_____कहते हैं।
उत्तर:
विश्व ऊष्णन

प्रश्न 3.
ऐरोसॉल फुहार में_____ का प्रयोग होता
उत्तर:
क्लोरोफ्लोरो कार्बन

प्रश्न 4.
स्वच्छ तथा पीने योग्य जल को_____
उत्तर:
पेयजल ।

कॉलम (अ) व (ब) का मिलान कीजिए

RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 16 वायु एवं जल प्रदूषण व नियन्त्रण 1

उत्तर:
1. (3)
2. (1)
3. (4)
4. (2)

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
वायु प्रदूषण से होने वाली हानियाँ लिखिए।
उत्तर:
वायु प्रदूषण से होने वाली हानियाँ निम्नलिखित हैं

  1. पेट्रोल-डीजल के अपूर्ण दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड उत्पन्न होती है जो रक्त की ऑक्सीजन वाहक क्षमता घटाती है।
  2. सीसायुक्त पेट्रोल में टेट्रा एथिल लैड पाया जाता है, जो कैंसर व क्षय रोग कारक है।
  3. धुआँ दमा, खाँसी, अस्थमा आदि रोग पैदा करता है।
  4. विद्युत संयंत्रों में प्रयुक्त ईंधन से SO2 उत्पन्न होती होती है, जिससे फेफड़ों की बीमारियाँ होती हैं।
  5. ओजोन परत को वायु प्रदूषण से नुकसान होने से यह पराबैंगनी किरणों को रोकने में असमर्थ होती जा रही है।
  6. कल-कारखानों से निकलने वाली जहरीली गैसें धुएँ के रूप में नुकसानदेय हैं।
  7. वायु प्रदूषण से पेड़-पौधों को भी हानि होती है।

प्रश्न 2.
विश्व ऊष्णन किसे कहते हैं?
उत्तर:
वायुमण्डल में जब C02 गैस की अधिकता हो जाती है तो यह प्रदूषक की तरह कार्य करती है। यह ऊष्मा को रोक लेती है और उसे वायुमण्डल में नहीं जाने देती है। इससे वायुमण्डल के औसत ताप में निरन्तर वृद्धि हो रही है। इसे विश्व ऊष्णन कहते हैं। विश्व ऊष्णन के कारण विश्व के कई स्थानों के औसत ताप में वृद्धि हो चुकी है।

प्रश्न 3.
अम्ल वर्षा किसे कहते हैं? यह हमें कैसे प्रभावित करती है?
उत्तर:
कार्बन, नाइट्रोजन व सल्फर के ऑक्साइड पानी से क्रिया करके नाइट्रस अम्ल, नाइट्रिक अम्ल, सल्फ्यूरिक अम्ल व कार्बनिक अम्ल बनाते हैं तथा होने वाली वर्षा को अम्लीय बनाकर वर्षा के साथ पृथ्वी पर बरसते हैं। इसे अम्ल वर्षा कहते हैं। अतः प्रदूषक गैसों का विनाशकारी प्रभाव ‘अम्ल वर्षा’ होता है।
अम्ल वर्षा के प्रभाव-

  1. अम्ल वर्षा के कारण विभिन्न ऐतिहासिक धरोहरों के संगमरमर का संक्षारण हो रहा है।
  2. अम्ल वर्षा से इमारतों, स्मारकों, पुलों, मूर्तियों, रेलवे लाइन आदि का भी संक्षारण हो रहा है।
  3. जलाशय अम्लीय हो जाते हैं।
  4. मृदा बंजर हो जाती है।
  5. पादपों व जन्तुओं की झिल्लियाँ खराब हो जाती हैं ।

प्रश्न 4.
वायु प्रदूषण रोकने के उपाय लिखिए।
अथवा
वायु प्रदूषण नियंत्रण के चार उपाय लिखिए।
अथवा
वाहनों में सम्पड़ित प्राकृतिक गैस (CNG) का उपयोग करना चाहिए, ऐसे ही कोई चार वायु प्रदूषण नियंत्रण के उपाय लिखिए।
उत्तर:

  1. सभी कारखानों की चिमनियों पर गैस अवशोषक लगवाने चाहिए।
  2. समय-समय पर दहन इंजनों का परीक्षण किया जाना चाहिए। .
  3. कल-कारखानों को आबादी से दूर घने वृक्षों के बीच लगाना चाहिए।
  4. वनों की कटाई पर रोक लगानी चाहिए एवं वृक्षारोपण अधिकाधिक करना चाहिए।
  5. सौर ऊर्जा, जल ऊर्जा, पवन ऊर्जा को वैकल्पिक ईंधन के रूप में काम लेना चाहिए।
  6. वन महोत्सव एवं पर्यावरण सुरक्षा हेतु जन चेतना कार्यक्रम चलाने चाहिए।

प्रश्न 5.
पौधा घर प्रभाव क्या है?
उत्तर:
सूर्य प्रकाश में उपस्थित किरणें वायुमण्डल में होती हुई पृथ्वी की सतह पर पहुँच जाती हैं तथा अपने ऊष्मीय प्रभाव के कारण पृथ्वी की सतह तथा अन्य वस्तुओं को गर्म करती हैं। कुछ विकिरणें पृथ्वी की सतह तथा अन्य वस्तुओं द्वारा परावर्तित करके वायुमण्डल को वापिस भेज दी जाती हैं। परन्तु पृथ्वी द्वारा परावर्तित की गई विकिरणें वायुमण्डल में उपस्थित कार्बन डाइऑक्साइड के अणुओं में पृथ्वी की सतह से परावर्तित होकर आई विकिरणों को अवशोषित कर लेती हैं। इसलिए पृथ्वी का वायुमण्डल गर्म हो जाता है। विकिरणों के कारण वायुमण्डल के गर्म हो जाने को पौधा घर प्रभाव कहते हैं।

प्रश्न 6.
वायु प्रदूषक किसे कहते हैं?
उत्तर:
वायु को संदूषित करने वाले पदार्थों को वायु प्रदूषक कहते हैं। वायु प्रदूषकों के कारण वायु के सामान्य संगठन में मात्रात्मक परिवर्तन हो जाता है। कार्बन मोनो ऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन के ऑक्साइड आदि वायु प्रदूषकों के उदाहरण हैं।

दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
जल प्रदूषण क्या है? जल प्रदूषण से होने वाली हानियाँ क्या हैं? जल प्रदूषण रोकने के उपाय लिखिए।
उत्तर:
जल प्रदूषण-आधुनिक युग में कल-कारखानों एवं जनसंख्या वृद्धि के परिणामस्वरूप भूमि पर बहने वाला जल, भूमि पर संग्रहित जल, भूमिगत जल में धीरेधीरे कुछ ऐसे अवांछित पदार्थ मिलते जा रहे हैं, जिससे जल की गुणवत्ता कम हो रही है, इसका रंग एवं गंध भी बदल रहे हैं और जल खराब होता जा रहा है, इसे जल प्रदूषण कहते हैं।
जल प्रदूषण से होने वाली हानियाँ

  1. वाहित मल द्वारा प्रदूषित जल में जीवाणु, वायरस, कवक तथा परजीवी होते हैं। ऐसे प्रदूषित जल को ग्रहण करने से मानव में कई रोग, जैसे-हैजा, पेचिस, चर्मरोग आदि हो जाते हैं।
  2. जल प्रदूषण के कारण जलीय पौधों व जन्तुओं को ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा नहीं मिल पाती है, इस कारण इनकी वृद्धि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
  3. भूमि की उर्वरकता कम हो रही है।
  4. कल-कारखानों से निष्कासित द्रव रसायनों के पानी में व भूमि में मिल जाने से जन्तु व पौधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है एवं आविषता उत्पन्न हो जाती है।
  5. कीटनाशी रसायन भौम जल को प्रदूषित कर रहे हैं।

जल प्रदूषण रोकने के उपाय

  1. कल-कारखानों, उद्योगों के अपशिष्ट नदियों और जलाशयों में नहीं डालने चाहिए।
  2. औद्योगिक इकाइयों के लिए बनाए गए कानूनों का सख्ती से पालन करना चाहिए।
  3. समुद्र में परमाणु विस्फोट नहीं करना चाहिए।
  4. जलाशयों, नदियों, तालाबों आदि के जल में गन्दे बरतन साफ करने, कपडे धोने, पशुओं को नहलाने पर प्रतिबन्ध लगाना चाहिए।
  5. नदी, तालाब और कुएं के निकट मल-मूत्र नहीं त्यागना चाहिए।
  6. पेयजल स्रोतों की सफाई एवं जाँच नियमित रूप से होनी चाहिए।
  7. प्रत्येक नगर एवं तहसील स्तर पर जल शोधक यन्त्र लगाने चाहिए।

प्रश्न 2.
गंगा नदी पर आए संकट का विस्तार से वर्णन कीजिए।
उत्तर:
हम जानते हैं कि गंगा संसार की दस नदियों में से एक है जिसका अस्तित्व खतरे में है। इसका कारण यह है कि इसके प्रदूषण में निरन्तर वृद्धि हो रही है। जिन शहरों एवं बस्तियों में होकर यह नदी प्रवाहित हो रही है, वहाँ के निवासी अत्यधिक मात्रा में कूड़ा-कर्कट, अनुपचारित वाहित मल, मृत जीव तथा अन्य बहुत से हानिकारक पदार्थ इस नदी में फेंक रहे हैं। वास्तव में कई स्थानों पर प्रदूषण स्तर इतना अधिक है कि इसका जल जीवों के लिए विष बन गया है तथा वहाँ यह नदी निर्जीव हो गई है।
बहुत-सी औद्योगिक इकाइयाँ हानिकारक रसायनों को नदी तथा नालों में प्रवाहित करती हैं जिसके कारण जल प्रदूषण हो रहा है। जैसे तेल परिष्करणशालाएँ, कागज फैक्ट्रियाँ, वस्त्र तथा चीनी मिलें एवं रासायनिक फैक्ट्रियाँ आदि उद्योग जल का रासायनिक संदूषण करते हैं। इन विसर्जित रसायनों में आर्सेनिक, लैड तथा फ्लुओराइड होते हैं जिनसे पौधों तथा पशुओं में विषाक्तता (toxicity) उत्पन्न हो जाती है। ये भी गंगा को प्रदूषित कर रहे हैं।

अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न

वस्तुनिष्ठ प्रश्न

प्रश्न 1.
वायु को संदूषित करने वाले पदार्थों को क्या कहते है
(अ) वायु प्रदूषक
(ब) जल प्रदूषक
(स) अ व ब दोनों
(द) दोनों नहीं
उत्तर:
(अ) वायु प्रदूषक

प्रश्न 2.
कार्बन मोनोऑक्साइड गैस होती है
(अ) मीठी
(ब) कसैली
(स) विषैली
(द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(स) विषैली

प्रश्न 3.
प्रदूषक गैसों का विनाशकारी प्रभाव है
(अ) क्षार वर्षा
(ब) अम्ल वर्षा
(स) अधिक वर्षा
(द) कम वर्षा
उत्तर:
(ब) अम्ल वर्षा

प्रश्न 4.
पीने के लिए उपयुक्त जल को क्या कहते हैं ?
(अ) कृषि जल
(ब) पेय जल
(स) वर्षा जल
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(ब) पेय जल

प्रश्न 5.
अधिकांश उत्तरी-पूर्वी भारतीय जनसंख्या का पोषण निम्न में से कौनसी नदी करती है?
(अ) चम्बल नदी
(ब) कृष्णा नदी
(स) बनास नदी
(द) गंगा नदी
उत्तर:
(द) गंगा नदी

रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए

प्रश्न 1.
वायु अनेक______ का मिश्रण है। (गैसों/पदार्थों)
उत्तर:
गैसों

प्रश्न 2.
स्वच्छ वायु प्रत्येक______ के लिए महत्त्वपूर्ण (पदार्थ/जीव)
उत्तर:
जीव

प्रश्न 3.
ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक______ किरणों से हमारी रक्षा करती है। (पराबैंगनी/बैंगनी)
उत्तर:
पराबैंगनी

प्रश्न 4.
धुएँ में_____ के’______ ‘होते हैं। (ऑक्सीजन, ऑक्साइड/नाइट्रोजन, ऑक्साइड)
उत्तर:
नाइट्रोजन, ऑक्साइड

प्रश्न 5.
कार्बन मोनोऑक्साइड गैस रक्त में_____ वाहक क्षमता घटा देती है। (ऑक्सीजन/कार्बन डाइऑक्साइड)
उत्तर:
ऑक्सीजन।

सही मिलान कीजिए

प्रश्न 1.
निम्नांकित का सही मिलान कीजिए

कॉलम ‘A’ कॉलम ‘B’
1. भोपाल गैस काण्ड A. लगभग 78 प्रतिशत
2. रासायनिक दुर्घटना B. 3 दिसम्बर, 1984
3. वायु में नाइट्रोजन की प्रतिशत मात्रा C. कार्बन मोनोऑक्साइड
4. वायु में ऑक्सीजन की प्रतिशत मात्रा D. भोपाल गैस काण्ड
5. वाहनों के धुएँ में उपस्थित गैस E. लगभग 21 प्रतिशत

उत्तर:
1. (B)
2. (D)
3. (A)
4. (E)
5. (C)

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को रोकती है। ओजोन परत में छिद्र होने के लिए उत्तरदायी प्रमुख वायुप्रदूषक कौनसा है तथा यह घरों में किन विद्युत उपकरणों में पाया जाता है?
उत्तर:
ओजोन परत में छिद्र के लिए प्रमुख रूप से क्लोरोफ्लोरो कार्बन उत्तरदायी है जो कि एक वायु प्रदूषक हैं। मुख्य रूप से यह क्लोरोफ्लोरो कार्बन एयरकंडीशन, फ्रीज आदि से उत्सर्जित होता है।

प्रश्न 2.
वायु का संगठन संतुलित किस प्रकार रहता है?
उत्तर:
प्रकृति में जन्तु और वनस्पति में पारस्परिक आदान-प्रदान से वायु का संगठन संतुलित रहता है।

प्रश्न 3.
विश्व में अनेक रासायनिक दुर्घटनाएँ हुई हैं। किसे विश्व की प्रमुख रासायनिक दुर्घटना के रूप में जाना जाता है?
उत्तर:
3 दिसम्बर, 1984 को हुए भोपाल गैस काण्ड को विश्व की प्रमुख रासायनिक दुर्घटना के रूप में जाना जाता है।

प्रश्न 4.
वायु प्रदूषक किसे कहते हैं ?
उत्तर:
वायु को संदूषित करने वाले पदार्थों को वायु प्रदूषक कहते हैं ।

प्रश्न 5.
धूम कोहरे से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
सर्दियों में कोहरे जैसी एक परत वायुमण्डल में नजर आती है, यह धुएँ तथा कोहरे से बनती है। इसे धूम कोहरा कहते हैं। धुएँ में नाइट्रोजन के ऑक्साइड होते हैं। ये वायु प्रदूषकों तथा कोहरे से मिलकर धूम कोहरा बनाते हैं।

प्रश्न 6.
सीसायुक्त पेट्रोल में कौनसा प्रदूषक पाया जाता है।
उत्तर:
सीसायुक्त पेट्रोल में टेट्रा एथिल लैड घातक प्रदूषक पाया जाता है।

प्रश्न 7.
हरित गृह से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
ठण्डे स्थानों में पौधों की वृद्धि कराने के लिए खेतों/बगीचों में काँच के घर बनाये जाते हैं, इन्हें हरित गृह कहते हैं।

प्रश्न 8.
हरित गृह प्रभाव के लिए कौनसी गैस उत्तरदायी | होती है?
उत्तर:
हरित गृह प्रभाव के लिए कार्बन डाइऑक्साइड गैस मुख्य रूप से उत्तरदायी है।

प्रश्न 9.
कुछ हरित गैसों के उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
कार्बन डाइऑक्साइड, मेथेन, नाइट्रस ऑक्साइड तथा जलवाष्प आदि।

प्रश्न 10.
विश्व ऊष्णन से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
वायुमण्डल में जब कार्बन डाइऑक्साइड की अधिकता हो जाती है तो यह ऊष्मा को रोक लेती है। इससे वायुमण्डल के औसत ताप में निरन्तर वृद्धि हो रही है, इसे विश्व ऊष्णन कहते हैं।

प्रश्न 11.
गंगा कार्य परियोजना पहले कब आरम्भ की गई थी?
उत्तर:
वर्ष 1985 में गंगा नदी को बचाने हेतु गंगा कार्य परियोजना आरम्भ की गई थी।

प्रश्न 12.
गंगा नदी के प्रदूषण के दो प्रमुख कारण बताइए।
उत्तर:

  1. उद्योगों द्वारा अनुपचारित अपशिष्ट गंगा में बहाना।
  2. शहरों एवं गाँवों का कूड़ा-करकट, अनुपचारित वाहित मल, मृत जीव, पॉलिथीन आदि गंगा में डालना।

प्रश्न 13.
शैवाल ब्लूम से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
जलाशयों में शैवालों की अत्यधिक वृद्धि होने को शैवाल ब्लूम कहते हैं।

प्रश्न 14.
शैवाल ब्लूमे से क्या हानियाँ हैं?
उत्तर:
शैवाल जलाशयों में ऑक्सीजन की अत्यधिक मात्रा का उपयोग करते हैं, जिससे जल में ऑक्सीजन के स्तर की कमी होने से जलीय जीव मर जाते हैं।

प्रश्न 15.
पेयजल क्या है?
उत्तर:
पीने के लिए उपयुक्त जल को पेयजल कहते हैं।

प्रश्न 16.
घरों में जल आपूर्ति की कौनसी प्रणाली है?
उत्तर:
घरों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली द्वारा जल आपूर्ति की जाती है।

लघूत्तरात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
वायु प्रदूषण क्या है?
उत्तर:
वायु के सामान्य संगठन में गुणात्मक या मात्रात्मक परिवर्तन वायु प्रदूषण कहलाता है। कुछ प्राकृतिक कारणों एवं मानव जनित कारणों से यह परिवर्तन होता है, जो समस्त जीव-जन्तुओं के स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है एवं वायु प्रदूषण का कारण होता है।

प्रश्न 2.
वायु प्रदूषण के कारणों के मुख्य प्रकार बताइए।
उत्तर:
वायु प्रदूषण के मुख्यतः दो प्रकार के कारण

  1. प्राकृतिक कारण
  2. मानवजनित कारण

1. प्राकृतिक कारण-
ज्वालामुखी का फटना, जंगल की आग, भूगर्भीय विस्फोट, आँधी, तूफान।

2. मानवजनित कारण-
कल-कारखानों का दूषित पानी, चिमनियों की जहरीली गैसें, वाहनों का धुआँ, निर्माण एवं खनन कार्य, कृषि क्रियाएँ, घरेलू कार्य, व्यक्तिगत आदतें, पेड़-पौधों की कटाई, जनसंख्या वृद्धि आदि।

प्रश्न 3.
वायु प्रदूषक से क्या अभिप्राय है?..वाहनों के धुएँ में कौनसे वायु प्रदूषके होते हैं?
उत्तर:
वायु प्रदूषक-वायु को प्रदूषित करने वाले कारकों को वायु प्रदूषक कहते हैं। वाहनों के धुएँ में कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन डाईऑक्साइड एवं नाइट्रोजन के ऑक्साइड आदि वायु प्रदूषक पाये जाते हैं।

प्रश्न 4.
क्लोरोफ्लोरो कार्बन क्या है?
उत्तर:
क्लोरोफ्लोरो कार्बन एक प्रकार का वायु प्रदूषक है, जिसका उपयोग रेफ्रिजरेटरों, एअरकंडीशनरों एवं एरोसॉल फुआर में होता है। यह एक वायु प्रदूषक है। यह वायुमण्डल की ओजोन परत को क्षति पहुँचाता है।

प्रश्न 5.
ओजोन परत क्या है, इसे क्षति कैसे पहुँच रही
उत्तर:
ओजोन परत वायुमण्डल की एक परत है। यह सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों से हमारी सुरक्षा करती है। विभिन्न प्रकार के वायु प्रदूषकों (जैसे क्लोरोफ्लोरो कार्बन) के कारण ओजोन परत को क्षति हो रही है। इन प्रदूषकों के कारण ओजोन परत में छिद्र होने जैसी गम्भीर स्थिति उत्पन्न हो गई है।

प्रश्न 6.
ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा हेतु सर्वोच्च न्यायालय के प्रमुख आदेश बताइए।
उत्तर:
ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा हेतु सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश देकर कई उपाय बताये हैं, जिनमें से निम्न उपाय प्रमुख हैं|

  1. उद्योगों को संपीडित प्राकृतिक गैस (CNG) तथा द्रवित पेट्रोलियम गैस (LPG) जैसे स्वच्छ ईंधनों का उपयोग करने हेतु आदेश दिये गये हैं।
  2. ताजमहल के क्षेत्र में मोटरवाहनों को सीसा रहित पेट्रोल का उपयोग करने के आदेश हैं।

प्रश्न 7.
ग्लोबल वार्मिंग (विश्व-ऊष्णन) के कारण समुद्र तल कैसे बढ़ता है?
उत्तर:
ग्लोबल वार्मिंग के कारण तापमान के बढ़ने से ध्रुवीय बर्फ की चोटियाँ पिघलेंगी और समुद्र के जल की मात्रा बढ़ जायेगी। इसके कारण तटों पर बाढ़ आ जायेगी और शहरों तथा तटीय पारिस्थितिक तत्वों जैसे दलदलों की हानि होगी।

प्रश्न 8.
जल प्रदूषण से क्या अभिप्राय है?
उत्तर:
आधुनिक युग में कल-कारखानों और जनसंख्या वृद्धि के परिणामस्वरूप भूमि पर बहने वाला जल (नदी, नाले, झरने), भूमि पर संग्रहित जल (तालाब, टैंक आदि), भूमिगत जल (हैण्डपंपों, कुओं, ट्यूबवेलों आदि) में धीरे-धीरे कुछ ऐसे अवांछित पदार्थ मिलते जाते हैं, जिससे जल की गुणवत्ता में कमी आ जाती है। इसका रंग एवं गंध भी बदल जाते हैं। अतः जल में अवांछित हानिकारक पदार्थों के मिल जाने से यह संदूषित हो जाता है, जिसे ‘जल प्रदूषण’ कहते हैं।

प्रश्न 9.
समुद्री जल का प्रदूषण किस प्रकार हो जाता है?
उत्तर:
समुद्री जल का प्रदूषण-आज नदियाँ दूषित हो रही हैं अतः नदियों के दूषित जल के समुद्र में मिलने से, समुद्र में परमाणु विस्फोटों के परीक्षण, जहाजों आदि से रासायनिक पदार्थों के रिसाव आदि के कारण समुद्र का जल प्रदूषित हो जाता है जो कि समुद्री जीवों, पौधों के लिए हानिकारक होता है।

प्रश्न 10.
सी.एफ.सी. (CFC) का पूरा नाम लिखें। इसका उपयोग कहाँ किया जाता है? इससे होने वाली एक हानि का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
सी.एफ.सी. का पूरा नाम-क्लोरोफ्लोरो कार्बन (CFC) है। इसका उपयोग रेफ्रीजरेटरों, एयर कण्डीशनरों, अग्निशमन यंत्र तथा ऐरोसॉल स्प्रे में किया जाता है। CFC (क्लोरो-फ्लोरो-कार्बन) के कारण ओजोन परत का ह्रास होता है, जिसे ओजोन का अवक्षय कहते हैं।
ओजोन के अवक्षय से पराबैंगनी किरण अधिक मात्रा में पृथ्वी तक पहुँचती है तथा त्वचीय कैंसर हो जाता है।

निबन्धात्मक प्रश्न

प्रश्न 1.
निम्न पर टिप्पणियाँ लिखिए
1. वायु का संगठन
2. जल शुद्धिकरण।
उत्तर:
1. वायु का संगठन-वायु जीवन के लिए अनिवार्य है। यह अनेक गैसों का मिश्रण है। वायु में लगभग 78% नाइट्रोजन, 21% ऑक्सीजन एवं 1% अन्य गैसें आदि होती हैं। प्रकृति में जन्तु और वनस्पति में पारस्परिक आदान-प्रदान से वायु का संगठन संतुलित रहता है। वायु के 1% भाग में कार्बन डाइऑक्साइड, ऑर्गन, मेथेन तथा जलवाष्प आदि पाये जाते हैं।
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 16 वायु एवं जल प्रदूषण व नियन्त्रण 2

2. जल शुद्धिकरण-पीने के लिए उपयुक्त जल को पेयजल कहते हैं । अशुद्ध जल को जलाशयों में गिराने से पूर्व विभिन्न भौतिक तथा रासायनिक प्रक्रियाओं द्वारा वाहित मल उपचार संयंत्रों द्वारा शुद्ध किया जाता है। सार्वजनिक जल वितरण प्रणाली में जल की घरों में आपूर्ति करने से पूर्व जल का उपचार किया जाकर शुद्ध किया जाता है। पेयजल को शुद्ध करने की कुछ विधियाँ निम्नलिखित हैं

  • घरेलू फिल्टर का उपयोग करके
  • उबालकर
  • क्लोरोनीकरण द्वारा
  • फिटकरी का उपयोग कर
  • जल को कृमि मुक्त करने के लिए चूना, पोटेशियम, परमैंगनेट आदि डालकर।

प्रश्न 2.
वायु प्रदूषकों के दुष्प्रभाव के बारे में विस्तार से बताईए।
उत्तर:
वायु प्रदूषकों के दुष्प्रभाव

  1. पेट्रोल तथा डीजल के अपूर्ण दहन से कार्बन मोनोऑक्साइड उत्पन्न होती है जो कि एक जहरीली गैस है। यह रक्त में ऑक्सीजन वाहक क्षमता कम कर देती है।
  2. सीसायुक्त पेट्रोल में पाया जाने वाला टेट्रा एथिल लैड एक घातक प्रदूषक है। यह कैंसर एवं क्षय रोग का कारक है।
  3. धुएं में नाइट्रोजन के ऑक्साइड होते हैं, ये दमा, खाँसी, अस्थमा आदि रोग पैदा करते हैं।
  4. पेट्रोलियम परिष्करण शालाओं से सल्फर डाइऑक्साइड/नाइट्रोजन डाइऑक्साइड जैसे वायु प्रदूषक उत्पन्न होते हैं। ये फेफड़ों सम्बन्धी बीमारियाँ फैलाते हैं।
  5. क्लोरोफ्लोरो कार्बन जैसे वायु प्रदूषक (रेफ्रीजरेटर, एअरकंडीशनर में उपयोग) के कारण ओजोन परत क्षतिग्रस्त हो रही है। ओजोन पर सूर्य से आने वाली पराबैंगनी किरणों से हमारी रक्षा करती है।
  6. कारखानों की चिमनियों से निकलने वाली जहरीली गैसें-सल्फर डाइऑक्साइड, क्लोरीन, अमोनिया, नाइट्स ऑक्साइडे आदि से आँखों में जलन एवं गले के रोग होते
  7. एलुमीनियम तथा सुपर फास्फेट का निर्माण करने वाले कारखानों से निकलने वाली गैसों से भी शरीर में कई रोग होते हैं
  8. वायु प्रदूषण से पौधों की भी बड़ी हानि होती है। सल्फर डाइऑक्साइड गैस तो पौधों को मृत कर देती है।

प्रश्न 3.
जल प्रदूषण के प्रमुख कारणों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
जल प्रदूषण के निम्नलिखित प्रमुख कारण हैं|

  1. उद्योगों से निकलने वाले विषैले रासायनिक अपशिष्ट पदार्थ, कचरा, पॉलीथीन और अन्य गंदगी जल में मिलने से जल प्रदूषित हो जाता है। गाँव अथवा शहर की गंदी नालियों का गन्दा पानी जलाशयों व नदियों में गिरने से भी जल प्रदूषित हो रहा है।
  2. जलाशयों एवं नदियों में कपड़े धोने, नहाने, बर्तन साफ करने, गंदगी इनमें डालने से, मवेशियों को नहलाने, मलमूत्र त्यागने या साफ करने, वाहनों को धोने आदि से जल दूषित हो रहा है।
  3. फसलों के अधिक उत्पादन के लिए प्रयुक्त की गई रासायनिक खाद एवं कीटनाशक दवाएँ वर्षा के जल के साथ नदियों या तालाबों में पहुँचकर जल को प्रदूषित करते हैं।
  4. नदियों के दूषित जल के समुद्र में मिलने से समुद्री जल प्रदूषित हो जाता है। समुद्र में परमाणु विस्फोटों के परीक्षण से समुद्री जल विकिरणयुक्त होकर दूषित हो जाती है, जो कि हानिकारक स्थिति है।

प्रश्न 4.
निम्न पर टिप्पणी लिखिए
1. गंगा नदी के प्रदूषण को रोकने के उपाय।
2. शैवाल ब्लूम क्या है?
उत्तर:
1. गंगा नदी के प्रदूषण को रोकने के उपाय
विभिन्न अध्ययनों में यह पाया गया है कि गंगा नदी संसार की दस नदियों में से एक नदी है जिसका अस्तित्व खतरे में है। गंगा नदी के प्रदूषण को रोकने के कुछ उपाय निम्नलिखित हो सकते हैं

  • जनसंख्या नियंत्रण
  • उद्योगों, कल-कारखानों के अपशिष्टों को गंगा में डालने से पूर्व उपचारित किया जाये।
  • गंगा नदी के किनारे के निवासियों द्वारा नदी में कूड़ा, कचरा, अनपचारित वाहित मल, मृत जीव, फूल, पूजा सामग्री, पॉलिथीन अन्य हानिकारक अपशिष्ट पदार्थ नदी में नहीं डाले जायें।
  • नदी के किनारे कपड़े धोना, वाहन धोना आदि कार्य नहीं किये जायें।
  • गंगा नदी कार्य योजना एवं घाटों आदि की सफाई आदि का सख्ती से पालन किया जाये।

2. शैवाल ब्लूम-
अपशिष्ट पदार्थों में उपस्थित नाइट्रेट एवं फास्फेट जैसे रसायन अत्यधिक मात्रा में जलाशयों व तालाबों आदि में मिल जाते हैं । ये रसायन शैवालों के लिए पोषक पदार्थों का कार्य करते हैं। फलस्वरूप जलाशयों में शैवालों की मात्रा में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है। शैवालों में इस अत्यधिक वृद्धि होने को ‘शैवाल ब्लूम कहते हैं। ये शैवाल ऑक्सीजन की अत्यधिक मात्रा का उपयोग करते हैं, जिससे जल में ऑक्सीजन के स्तर की कमी हो जाती है। इस कारण जलीय जीवों को नुकसान, होता है या काफी नष्ट भी हो जाते हैं।

प्रश्न 5.
वायु प्रदुषण किसे कहते हैं ? वायु प्रदूषण के कारण एवं इसके रोकथाम के उपाय लिखिए।
उत्तर:
वायु प्रदूषण-वायु के सामान्य संगठन में गुणात्मक या मात्रात्मक परिवर्तन वायु प्रदूषण कहलाता
वायु प्रदूषण के कारण

  1. वाहनों द्वारा सभी प्रकार के वाहनों में ईंधन दहन से अनेक प्रकार की जहरीली गैसें-कार्बन मोनोक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड आदि निकलती हैं जो वायु को प्रदूषित करती हैं।
  2. उद्योगों द्वारा-उद्योगों की चिमनियों का धुआं एवं अन्य अपशिष्टों से वायु प्रदूषण होता है।
  3. कृषि क्रियाएँ-कीटनाशकों के छिड़काव से भी वायु संदूषित होती है।
  4. घरेलू क्रियाएँ-घरों में लकड़ी, कंडे आदि के उपयोग से होने वाले धुएं एवं घर के अपशिष्ट खुले में छोड़ने से भी वायु प्रदूषण होता है।
  5. व्यक्तिगत आदतें-धूम्रपान आदि का धुआँ भी वायु प्रदूषण का कारण है।
  6. प्राकृतिक घटनाओं द्वारा-ज्वालामुखी, भूगर्भीय विस्फोट, आँधी, तूफान, प्राकृतिक आपदाओं से भी वायु प्रदूषण होता है।
  7. पेड़-पौधों की अंधाधुंध कटाई के कारण गैसों के असंतुलन से भी वायु प्रदूषण हो रहा है।
  8. दुर्घटनाएँ-मानवीय असावधानी से होने वाली दुर्घटनाएँ जैसे-आणविक स्टेशन पर विस्फोट, युद्ध सामग्री में आग, कारखानों में गैस रिसाव आदि भी वायुमण्डल को घातक रूप से प्रदूषित कर देते हैं।
  9. जनसंख्या की तीव्र वृद्धि के कारण भी वायु प्रदूषण हो रहा है।

वायु प्रदूषण रोकथाम के उपाय

  1. सभी कारखानों की चिमनियों पर गैस अवशोषक लगवाने चाहिए।
  2. प्रदूषक कणों को छन्नों द्वारा दूर करना चाहिए।
  3. समय-समय पर दहन-इंजिन का परीक्षण किया जाना चाहिए।
  4. वाहन चलाने हेतु सीसा रहित पेट्रोल तथा CNG का उपयोग करना चाहिए।
  5. अपशिष्ट गैसों और धुएँ का पूर्ण ऑक्सीकरण करा दिया जाए ताकि प्रदूषण कम हो।
  6. कल-कारखानों व उद्योगों को शहर से दूर लगाया जाए।
  7. वनों की कटाई पर रोक लगानी चाहिए तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण किया जाए।
  8. पर्यावरण स्वच्छता हेतु जन चेतना कार्यक्रम तथा वन महोत्सव जैसे कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए।
  9. दिवाली पर पटाखों का बहिष्कार कर प्रदूषण कम करना चाहिए।
  10. सरकार द्वारा वायु की गुणवत्ता की नियमित मॉनिटरिंग की जानी चाहिए।
  11. सौर ऊर्जा, जल ऊर्जा तथा पवन ऊर्जा को वैकल्पिक ऊर्जा के रूप में काम में लेना चाहिए।
  12. स्वचालित वाहनों का उपयोग कम करना चाहिए तथा साइकिल का उपयोग बढ़ाना चाहिए।

प्रश्न 6.
चित्र को देखकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 16 वायु एवं जल प्रदूषण व नियन्त्रण 3
1. चिमनी से निकलकर धुआँ कहाँ जा रहा है?
2. आपके विचार से धुएँ में कौन-कौनसी गैसें हो सकती हैं?
3. धुएँ से निकलने वाली गैसों पर नियंत्रण कैसे करें कि वायु प्रदूषण नहीं फैल सके। इस हेतु अपने सुझाव लिखिए।
उत्तर:
1. चिमनी से निकलकर धुआँ वायुमण्डल में जा रहा है।

2. कार्बन डाइआइँक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, कार्बन मोनो ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड, नाइट्स ऑक्साइड, अमोनिया, क्लोरीन आदि।

3. वायु प्रदूषण

  1. कारखानों की चिमनियों पर गैस अवशोषक लगवाने चाहिए।
  2. प्रदूषक कणों को छननों (filters) द्वारा दूर करना चाहिए।
  3. समय-समय पर दहन इंजनों का परीक्षण करना चाहिए।
  4. आदर्श ईंधनों का उपयोग किया जाना चाहिए ताकि कम से कम धुआँ और दूषित गैसे बाहर निकलें।
  5. गैसों तथा धुएँ का पूर्ण ऑक्सीकरण करा दिया जाए ताकि प्रदूषण कम हो।

प्रश्न 7.
चित्र को देखकर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर लिखिए
RBSE Solutions for Class 8 Science Chapter 16 वायु एवं जल प्रदूषण व नियन्त्रण 4

1. चित्र में कल कारखानों से दूषित जल निकलकर नदी/नालों/तालाबों में मिल रहा है। इसके क्या परिणाम होंगे?
2. कल-कारखानों से निकलते दूषित जल को शुद्ध करने के क्या-क्या तरीके हो सकते हैं? अपने सुझाव लिखिए।
3. कल-कारखानों के मालिक ऐसी क्या योजना बनाएँ कि प्रदूषित जल को नदी, नालों, तालाबों में मिलने से रोक सकें। आप योजना को क्रमबद्ध रूप से लिखिए।
उत्तर:
1. इससे नदी/नालों/तालाबों का जल प्रदूषित हो जायेगा।

2. कल-कारखानों से निकलते दूषित जल को शुद्ध करने के लिए विभिन्न भौतिक तथा रासायनिक प्रक्रियाओं एवं वाहित मल उपचार संयंत्रों का प्रयोग किया जाना चाहिए। दूषित जल को शुद्ध करने के अन्य तरीके इस प्रकार हैं-

  1. घरेलू फिल्टर का उपयोग,
  2. उबालकर,
  3. क्लोरीनीकरण द्वारा,
  4. फिटकरी का उपयोग कर।

3. प्रदूषित जल को नदी, नालों, तालाबों में मिलने से रोकने हेतु कल-कारखानों के मालिकों को इसे उपचारित करने की योजना बनानी चाहिए। प्रदूषित जल से प्रदूषणकारी तत्वों को अलग करके ही आगे जाने दिया जाना चाहिए। इसके लिए जल शोधक संयंत्र तथा फिल्टर आदि भी लगाये जा सकते हैं।

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