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RBSE कक्षा 5 पर्यावरण पाठ 14 के प्रश्न उत्तर प्राणायाम : शरीर और मन के लिए एक उपहार
RBSE Class 5th EVS Chapter 14 Question Answer in Hindi
पृष्ठ संख्या-128
आइए चर्चा करें-

प्रश्न 1.
इस चित्र में शिवम और शिवानी क्या कर रहे हैं?
उत्तर:
चित्र में शिवम प्राणायाम और शिवानी योग करते हुए नजर आ रहे हैं।
प्रश्न 2.
प्राणायाम करते समय हमें क्या-क्या ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर:
प्राणायाम करते समय हमें अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए तथा उसे नियंत्रित रखना चाहिए।
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प्रश्न 3.
क्या आप प्राणायाम करते हैं? यदि हाँ, तो आपको कैसा महसूस होता है?
उत्तर:
हाँ, मैं प्राणायाम करता/करती हूँ, इससे मुझे शारीरिक और मानसिक रूप से ताकत मिलती है।
पृष्ठ संख्या-129-130
आइए चर्चा करें-
प्रश्न 1.
क्या आप इनमें से किसी एक प्रकार का प्राणायाम जानते हैं?
उत्तर:
जी हाँ, मैं एक नहीं बल्कि उल्लिखित सभी प्राणायामों को जानता/जानती हूँ तथा प्रतिदिन उनका अभ्यास भी करता/करती हूँ।
प्रश्न 2.
प्राणायाम से कौन-कौनसे लाभ होते हैं?
उत्तर:
प्राणायाम करने से हमें कई तरह के लाभ होते हैं; जैसे-शरीर में ताजगी रहती है, मन शांत रहता है, तनाव दूर रहता है तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।
प्रश्न 3.
हमें प्राणायाम करते समय कौन-कौनसी बातों का ध्यान रखना चाहिए?
उत्तर:
हमें प्राणायाम करते समय अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन पर नियंत्रण बनाए रखना चाहिए। प्राणायाम करने से पहले खाली पेट रहना और आरामदायक स्थिति में व हवादार जगह पर बैठना चाहिए।
पृष्ठ संख्या-130
प्रश्न 1.
शिवानी को पढ़ाई में कौनसी समस्या आ रही थी?
उत्तर:
शिवानी को पढ़ाई में ध्यान लगाने से संबंधित समस्या आ रही थी।
प्रश्न 2.
प्राणायाम से शिवानी को कैसे मदद मिली?
उत्तर:
प्राणायाम से शिवानी का मन शांत रहा, जिससे वह पढ़ाई में बेहतर ध्यान लगा पायी।
प्रश्न 3.
प्राणायाम करने से पढ़ाई में ध्यान लगाने में मदद पा सकते हैं। कैसे? बताइए।
उत्तर:
प्राणायाम करने से पढ़ाई में ध्यान लगाने में मदद इसलिए मिलती है, क्योंकि प्राणायाम से दिमाग और मन दोनों शांत रहते हैं, जिससे पढ़ाई में बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित होता है।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
सही उत्तर चुनिए-
प्रश्न 1.
प्राणायाम से क्या लाभ होते हैं?
(अ) शारीरिक शक्ति
(ब) मानसिक शांति
(स) अ एवं ब दोनों
(द) उपर्युक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(स) अ एवं ब दोनों
रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए-
1. प्राणायाम और ध्यार्न से ______ को शांत और केन्द्रित किया जा सकता है।
उत्तर:
मन
2. प्राणायाम और ध्यान करने से हमारी सोचने और समझने की शक्ति ______ है।
उत्तर:
बढ़ती
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3. पेट को अंदर लेते हुए तेजी से श्वास छोड़ने का अभ्यास ______ कहलाता है।
उत्तर:
कपालभाति।
सत्य/असत्य लिखिए-
1. प्राणायाम से केवल शारीरिक ताकत मिलती है।
उत्तर:
असत्य
2. भस्त्रिका प्राणायाम से फेफड़ों के रक्त कोष खुलकर श्वसन क्रिया करने लगते हैं।
उत्तर:
सत्य।
3. भ्रामरी प्राणायाम में आँख और नाक बंद करके ‘ॐ’ ध्वनि का उच्चारण करते हुए श्वास अंदर लिया जाता है जिससे मानसिक शांति मिलती है।
उत्तर:
सत्य।
तीन से चार वाक्यों में उत्तर दीजिए-
प्रश्न 1.
प्राणायाम के प्रकारों का नाम लिखिए।
उत्तर:
प्राणायाम कई प्रकार के होते हैं। प्राणायाम के कुछ प्रमुख प्रकार हैं-
- भस्त्रिका
- अनुलोमविलोम
- कपालभाति एवं
- भ्रामरी।
प्रश्न 2.
प्राणायाम से होने वाले शारीरिक और मानसिक लाभ लिखिए।
उत्तर:
प्राणायाम से हमें शारीरिक और मानसिक ताकत मिलती है, शरीर में ताजगी आती है, मन शांत होता है, तनाव दूर होता है तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।
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प्रश्न 3.
पंचकोष कौन-कौनसे हैं? नाम लिखिए। उत्तर:पंचकोष-अन्नमय कोष, प्राणमय कोष, मनोमय कोष, विज्ञानमय कोष एवं आनंदमय कोष। हमारा जीवन इन्हीं पाँच स्तरों पर विकसित होता है।
सही मिलान कीजिए-
| स्तम्भ ‘अ’ | स्तंभ ‘ब’ |
| अन्नमय कोष | आध्यात्मिक स्तर |
| प्राणमय कोष | बौद्धिक स्तर |
| मनोमय कोष | मानसिक स्तर |
| विज्ञानमय कोष | ऊर्जा स्तर |
| आनंदमय कोष | शारीरिक स्तर |
उत्तर:
अन्नमय कोष – शारीरिक स्तर
प्राणमय कोष – ऊर्जा स्तर
मनोमय कोष – मानसिक स्तर
विज्ञानमय कोष – बौद्धिक स्तर
आनंदमय कोष – आध्यात्मिक स्तर।
RBSE Class 5 Paryavaran Chapter 14 Question Answer in Hindi
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
निम्न में से कौन-सा एक प्राणायाम का प्रकार नहीं है?
(अ) भस्त्रिका
(ब) भ्रामरी
(स) कपालभाति
(द) जूड़ो कराटे
उत्तर:
(द) जूड़ो कराटे
प्रश्न 2.
किस प्रकार के प्राणायाम में आँख और नाक बंद करके ‘ ॐ’ ध्वनि का उच्चारण करते हुए श्वास अंदर लिया जाता है?
(अ) अनुलोम-विलोम
(ब) कपालभाति
(स) भ्रामरी
(द) भस्त्रिका
उत्तर:
(स) भ्रामरी
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प्रश्न 3.
निम्न में से किस प्राणायाम से हमारे फेफड़ों के अधिकतम रक्तकोष खुलकर श्वसन क्रिया करने लगते हैं-
(अ) भस्त्रिका
(ब) अनुलोम-विलोम
(स) कपालभाति
(द) भ्रामरी
उत्तर:
(अ) भस्त्रिका
प्रश्न 4.
निम्न में से किसने कहा कि “नियमित प्राणायाम से शरीर स्वस्थ, मन शांत और आत्मा प्रसन्न होती है”?
(अ) स्वामी दयानन्द सरस्वती
(ब) पतंजली
(स) बाबा रामदेव
(द) स्वामी विवेकानंद
उत्तर:
(द) स्वामी विवेकानंद
प्रश्न 5.
पंचकोष को समझने का सबसे सरल तरीका क्या है?
(अ) खेल
(ब) योग
(स) अ और ब दोनों
(द) नृत्य क्रिया
उत्तर:
(ब) योग
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
1. प्राणायाम का अर्थ है ______ का ______ करना।
उत्तर:
प्राण, आयाम
2. प्राणायाम से हमें ______ और ______ ताकत मिलती है।
उत्तर:
शारीरिक, मानसिक
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3. प्राणायाम करते समय हमें अपनी ______ पर ध्यान केंद्रित करना होता है।
उत्तर:
सांसों
4. ______ प्राणायाम में सांस को अधिक गहरी और तेजी से लिया जाता है।
उत्तर:
भस्त्रिका।
निम्नलिखित कथनों में से सत्य-असत्य बतलाइये-
1. प्राणायाम शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ाता है।
उत्तर:
सत्य
2. पेट को अंदर लेते हुए तेजी से सांस छोड़ने का अभ्यास भ्रामरी प्राणायाम कहलाता है।
उत्तर:
असत्य।
3. प्राणायाम से पढ़ाई में मदद मिलती है।
उत्तर:
सत्य
4. अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय, आनंदमय आदि पंचकोष कहलाते हैं।
उत्तर:
असत्य।
निम्नलिखित को सही सुमेलित कीजिए-
| प्राणायाम | क्रियाविधि |
| 1. भस्त्रिका | (अ) आँख और नाक बंद करके ‘ॐ’ ध्वनि का उच्चारण। |
| 2. अनुलोम-विलोम | (ब) दाएँ/बाएँ नथुने से सांस लेना और बाएँ/दाएँ से छोड़ना। |
| 3. कपालभाति | (स) पेट को अंदर लेते हुए तेजी से सांस छोड़ना। |
| 4. भ्रामरी | (द) सांस को अधिक गहरी और तेजी से लेना। |
उत्तर:
| प्राणायाम | क्रियाविधि |
| 1. भस्त्रिका | (द) सांस को अधिक गहरी और तेजी से लेना। |
| 2. अनुलोम-विलोम | (ब) दाएँ/बाएँ नथुने से सांस लेना और बाएँ/दाएँ से छोड़ना। |
| 3. कपालभाति | (स) पेट को अंदर लेते हुए तेजी से सांस छोड़ना। |
| 4. भ्रामरी | (अ) आँख और नाक बंद करके ‘ॐ’ ध्वनि का उच्चारण। |
अतिलघूतरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
हमारा जीवन कितने स्तरों पर विकसित होता है?
उत्तर:
पाँच स्तरों पर।
प्रश्न 2.
पंचकोषों को किनके माध्यम से संतुलित किया जा सकता है?
उत्तर:
आहार-विहार और योग के माध्यम से।
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प्रश्न 3.
कौन-सा कोष हमारी बुद्धि, विवेक और निर्णय लेने की क्षमताओं को आकार देता है?
उत्तर:
विज्ञानमय कोष।
प्रश्न 4.
कौन-सा कोष हमारे विचारों और भावनाओं से जुड़ा है?
उत्तर:
मनोमय कोष।
प्रश्न 5.
हमारी जीवन ऊर्जा का स्रोत कौन-सा कोष है?
उत्तर:
प्राणमय कोष।
प्रश्न 6.
योग किसे समझने और विकसित करने का सबसे सरल तरीका है?
उत्तर:
पंचकोष।
प्रश्न 7.
प्राणायाम का शाब्दिक अर्थ क्या है?
उत्तर:
‘जीवन शक्ति (श्वास) पर नियंत्रण करना’।
प्रश्न 8.
शिवानी ने किस आशा के साथ प्राणायाम करना शुरू किया?
उत्तर:
इस आशा के साथ कि उसे प्राणायाम से पढ़ाई में मदद मिलेगी।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
हमें प्रतिदिन प्राणायाम क्यों करना चाहिए?
उत्तर:
हमें प्रतिदिन प्राणायाम करना चाहिए क्योंकि यह कई प्रकार के शारीरिक और मानसिक लाभ प्रदान करता है; जैसे-तनाव कम करना, मन शांत रखना, रक्त प्रवाह नियंत्रित करना, फेफड़े स्वस्थ रखना, एकाग्रता और ध्यान भी बढ़ाना इत्यादि।
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प्रश्न 2.
किस प्रकार हम अपने जीवन को सम्पूर्ण रूप से निखार सकते हैं?
उत्तर:
अत्रमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय एवं आनंदमय नामक पंचकोषों को हम अपने आहार-विहार और योग के माध्यम से संतुलित करके अपने जीवन को सम्पूर्ण रूप से निखार सकते हैं।
प्रश्न 3.
अनुलोम-विलोम से क्या आशय है?
उत्तर:
अनुलोम-विलोम प्राणायाम का एक प्रकार है, जिसमें दाएँ नथुने से सांस लेना और बाएँ से छोड़ना होता है तथा इसके पश्चात् बाएँ से लेकर दाएँ से छोड़ना होता है। यह मानसिक शांति के लिए लाभकारी है।
दीर्घ उत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
किन्हीं दो प्राणायामों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
- भस्त्रिका प्राणायाम-इस प्राणायाम में सांस को अधिक गहरी और तेजी से लेना और छोड़ना होता है। इससे हमारे फेफड़ों के अधिकतम रक्तकोष खुलकर श्वसन क्रिया करने लगते हैं।
- भ्रामरी प्राणायाम-इस प्राणायाम में आँख और नाक बंद करके, ‘ ॐ’ ध्वनि का उच्चारण करते हुए श्वास अंदर लिया जाता है, जिससे मानसिक शांति प्राप्त होती है।
प्रश्न 2.
स्वामी विवेकानंद के अनुसार, “नियमित प्राणायाम से शरीर स्वस्थ, मन शांत और आत्मा प्रसन्न होती है।’ किस प्रकार प्राणायाम शरीर और मन के लिए एक उपहार है? समझाइए।
उत्तर:
प्राणायाम शरीर और मन के लिए एक उपहार है, क्योंकि यह श्वसन क्रिया को नियंत्रित करके तनाव कम करता है और एकाग्रता बढ़ाता है तथा हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। प्राणायाम से श्वसन प्रणाली मजबूत होती है, जिससे फेफड़ों की कार्यक्षमता में सुधार होता है, रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, मन शांत रहता है, शरीर चुस्त एवं फुर्तीला बनता है।
RBSE Class 5 EVS Chapter 14 Notes in Hindi प्राणायाम : शरीर और मन के लिए एक उपहार
प्राणायाम का शाब्दिक अर्थ है प्राण का आयाम अर्थात् जीवन शक्ति पर नियंत्रण करना।

प्राणायाम हमारे शरीर और मन को शांति व ऊर्जा देने का एक माध्यम है, जिससे हमें शारीरिक और मानसिक ताकत मिलती है।
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प्राणायाम कई प्रकार के होते हैं; जैसे-भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, भ्रामरी इत्यादि। प्राणायाम से शरीर में ताजगी, मन शांत और तनाव दूर रहता है तथा बच्चों का पढ़ाई में भी बेहतर ध्यान लगता है।

जीवन पाँच स्तरों पर विकसित होता है-अन्नमय कोष, प्राणमय कोष, मनोमय कोष, विज्ञानमय कोष एवं आनंदमय कोष। इन्हें सम्मिलित रूप से पंचकोष कहा जाता है। व्यक्ति अपने आहार-विहार और योग के माध्यम से इन्हें संतुलित करके अपने जीवन को सम्पूर्ण रूप से निखार सकता है।
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