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RBSE कक्षा 5 पर्यावरण पाठ 15 के प्रश्न उत्तर हमारे प्रेरक
RBSE Class 5th EVS Chapter 15 Question Answer in Hindi
पृष्ठ संख्या-136
आओ चर्चा करें-
प्रश्न 1.
अंग्रेजों द्वारा हमला करने पर लोगों ने क्या किया?
उत्तर:
मानगढ़ पहाड़ी पर एकत्रित हुए लोगों पर अंग्रेजों द्वारा बंदूक से हमला करने पर भी वे वहाँ से पीछे नहीं हटे, बल्कि भजन गाते रहे और एक-दूसरे का हाथ पकड़कर वहीं डटे रहे।
प्रश्न 2.
उन्होंने अपना बचाव कैसे किया?
उत्तर:
मानगढ़ पहाड़ी पर एकत्रित हुए लोगों ने अपना बचाव नहीं किया बल्कि अपनी मातृभूमि की रक्षा हेतु गोलियों से छलनी होते गए, परन्तु उनमें से किसी ने भी पहाड़ी नहीं छोड़ी। माताएँ अपने बच्चों को सीने से लगाए शहीद हो गई तथा बुजुर्ग अपनी लाठियों के सहारे खड़े-खड़े गिर गए।
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प्रश्न 3.
गोविन्द गुरु धूणी के माध्यम से क्या कर रहे थे?
उत्तर:
गोविन्द गुरु धूणी के माध्यम से अपने अनुयायियों और समाज को शिक्षा ग्रहण करने, शराब और बुरी आदतों से दूर रहने, अपनी संस्कृति को मजबूत करने, अहिंसा का पालन करने तथा आत्मनिर्भर बनने का संदेश दे रहे थे।
पृष्ठ संख्या-137
आओ चर्चा करें-
प्रश्न 1.
महर्षि दयानंद सरस्वती ने किन-किन महान विभूतियों को प्रेरित किया?
उत्तर:
गोविन्द गुरु, श्यामजी कृष्ण वर्मा, रामप्रसाद बिस्मिल, भगत सिंह इत्यादि समाज सुधारक एवं क्रांतिकारियों को महर्षि दयानंद सरस्वती ने प्रेरित किया।
प्रश्न 2.
महर्षि दयानंद सरस्वती के स्वदेशी विचारों से प्रेरित होकर क्रांतिकारियों ने क्या किया?
उत्तर:
महर्षि दयानंद सरस्वती के स्वदेशी विचारों से प्रेरित होकर कई क्रांतिकारियों ने स्वदेशी राज्य की नींव रखी।
प्रश्न 3.
राजस्थान में समाज सुधार के लिए उन्होंने कौन-कौनसे कार्य किए?
उत्तर:
राजस्थान में महर्षि दयानंद सरस्वती ने परोपकारिणी सभा की स्थापना की, जिसके माध्यम से गौ-रक्षा, समाज सुधार और शिक्षा का प्रचार-प्रसार किया। उनके विचारों ने लोगों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
पृष्ठ संख्या-139
चर्चा करिए-
प्रश्न 1.
गुरु जांभोजी के अनुयायी वृक्षों की रक्षा क्यों कर रहे हैं?
उत्तर:
जांभोजी के अनुयायी वृक्षों की रक्षा इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि जांभोजी ने अपने अनुयायियों को जीव दया, वृक्षों की रक्षा करना, अहिंसा, पर्यावरण संरक्षण आदि से संबंधित 29 नियम दिए थे, जिनका पालन वे अपने प्राणों का बलिदान देकर भी करते हैं।
प्रश्न 2.
हमें भी अपने आस-पास के पेड़-पौधों की देखभाल करनी चाहिए। क्यों और कैसे?
उत्तर:
हमें अपने आस-पास के पेड़-पौधों की देखभाल इसलिए करनी चाहिए, क्योंकि वे हमें कई तरह के लाभ देते हैं; जैसे ऑक्सीजन, स्वच्छ हवा और भोजन प्रदान करना। पेड़-पौधों की देखभाल करने के लिए उन्हें नियमित रूप से पानी देना, उनकी मिट्टी की देखभाल करना, उन्हें हानिकारक कीटों और बीमारियों से बचाना आदि कार्य करने चाहिए।
प्रश्न 3.
हमें जानवरों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए?
उत्तर:
हमें जानवरों के साथ सम्मानजनक एवं प्रेमपूर्वक व्यवहार करना चाहिए तथा उनके साथ मारपीट नहीं करनी चाहिए बल्कि उनके खाने-पीने की पूरी व्यवस्था करनी चाहिए व उनकी अच्छे से देखभाल करनी चाहिए।
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प्रश्न 4.
क्या आपने अपने आस-पास ऐसे किसी जानवर को देखा है जिसकी रक्षा की जानी चाहिए?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।
प्रश्न 5.
क्या आप जानते हैं कि खेजड़ली गाँव क्यों महत्त्वपूर्ण है?
उत्तर:
खेजड़ली गाँव इसलिए महत्त्वपूर्ण है, क्योंकि सन् 1730 में यहाँ अमृता देवी बिश्नोई के नेतृत्व में 363 लोगों ने वृक्षों की रक्षा करने के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया था।
प्रश्न 6.
पर्यावरण संरक्षण के लिए ऐसे कौन-कौनसे स्थान बनाए जा सकते हैं?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।
प्रश्न 7.
क्या आपके गाँव/शहर में ऐसा कोई स्थान है?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।
प्रश्न 8.
राजस्थान में खेजड़ी वृक्ष का क्या महत्त्व है?
उत्तर:
जांभोजी के नेतृत्व में नागौर के रोटू गाँव में एक दिन में हजारों खेजड़ी के पेड़ लगाए गए थे तथा 1730 में खेजड़ली गाँव में खेजड़ी के पेड़ों की रक्षा हेतु अमृता देवी के नेतृत्व में 363 लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया था। इन्हीं कारणों से खेजड़ी वृक्ष के महत्त्व को बनाए रखने हेतु इसे राजस्थान का राज्य वृक्ष घोषित किया गया है।
प्रश्न 9.
खेजड़ी वृक्ष से हमें क्या-क्या लाभ हैं?
उत्तर:
खेजड़ी वृक्ष की लकड़ी मजबूत होती है, जो ईंधन तथा निर्माण सामग्री के रूप में काम आती है। खेजड़ी के फल, पत्ते और छाल औषधीय गुणों से भरपूर हैं और आयुर्वेद में विभिन्न बीमारियों के इलाज में उपयोग किए जाते हैं।
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प्रश्न 10.
वृक्षों को बचाने के लिए हम क्या-क्या कर सकते हैं?
उत्तर:
वृक्षों को बचाने के लिए हमें पेड़ों की कटाई नहीं करनी चाहिए, जंगलों को आग से बचाना चाहिए, अधिक से अधिक संख्या में पेड़ लगाने चाहिए, वन संरक्षण एवं वृक्षारोपण के लिए जन-जागरूकता बढ़ानी चाहिए तथा इस क्षेत्र में कार्य करने वाले व्यक्तियों व संगठनों को सम्मानित करना चाहिए।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
सही विकल्प चुनिए-
प्रश्न 1.
गुरु जांभोजी का जन्म स्थान कौनसा है?
(अ) बीकानेर
(ब) पीपासर
(स) जयपुर
(द) जोधपुर
उत्तर:
(ब) पीपासर
प्रश्न 2.
बिश्नोई समाज के लोग किसके संरक्षण के लिए बलिदान देने के लिए तैयार रहते हैं?
(अ) वन्य जीव
(ब) पेड़-पौधे
(स) अ एवं ब दोनों
(द) कोई नहीं
उत्तर:
(स) अ एवं ब दोनों
मिलान कीजिए-
| स्तंभ ‘अ’ | स्तंभ ‘ब’ |
| गोविंद गुरु | मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित |
| मानगढ़ पहाड़ी | सामाजिक जागरूकता |
| 17 नवंबर, 1913 | बाँसवाड़ा, राजस्थान |
| वर्ष 2022 | अंग्रेजी सेना का हमला |
| गुरु जांभोजी | 363 लोगों का बलिदान |
| बिश्नोई पंथ | पर्यावरण संरक्षण के प्रवर्तक |
| खेजड़ली गाँव | 29 नियमों की संहिता |
उत्तर:
| गोविंदु गुरु | सामाजिक जागरूकता |
| मानगढ़ पहाड़ी | बाँसवाड़ा, राजस्थान |
| 17 नवंबर, 1913 | अंग्रेजी सेना का हमला |
| वर्ष 2022 | मानगढ़ को राष्ट्रीय स्मारक घोषित |
| गुरु जांभोजी | पर्यावरण संरक्षण के प्रवर्तक |
| बिश्नोई पंथ | 29 नियमों की संहिता |
| खेजड़ली गाँव | 363 लोगों का बलिदान। |
सत्य/असत्य लिखिए-
1. गोविंद गुरु ने सम्प सभा की स्थापना की थी।
उत्तर:
सत्य।
2. मानगढ़ बलिदान 15 अगस्त, 1947 को हुआ था।
उत्तर:
असत्य
3. अंग्रेजों ने भारतीयों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया।
उत्तर:
असत्य
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4. मानगढ़ पहाड़ी राजस्थान में स्थित है।
उत्तर:
सत्य।
5. गोविंद गुरु नें लोगों को शराब और बुरी आदतों से दूर रहने की सलाह दी थी।
उत्तर:
सत्य।
6. गुरु जांभोजी ने मरुस्थलीय परिस्थितियों में जीवन बिताया।
उत्तर:
सत्य।
7. बिश्नोई पंथ के अनुयायी वन्य जीवों का शिकार करते थे।
उत्तर:
असत्य
8. खेजड़ी का पेड़ राजस्थान में नहीं पाया जाता।
उत्तर:
असत्य
9. गुरु जांभोजी ने जल संरक्षण के लिए तालाब बनवाए।
उत्तर:
सत्य।
10. गुरु जांभोजी के उपदेश आज भी प्रासंगिक हैं।
उत्तर:
सत्य।
रिक्त स्थान भरिए-
1. गोविंद गुरु ने ______ सभा की स्थापना की।
उत्तर:
सम्प
2. मानगढ़ बलिदान में लगभग ______ लोग वीरगति को प्राप्त हुए।
उत्तर:
1500
3. अंग्रेजों ने 17 नवंबर, 1913 को ______ पहाड़ी पर हमला किया।
उत्तर:
मानगढ़
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4. भारत सरकार ने 2022 में मानगढ़ धाम को ______ का दर्जा दिया।
उत्तर:
राष्ट्रीय स्मारक
5. गुरु जांभोजी का जन्म ______ गाँव में हुआ था।
उत्तर:
पीपासर
6. गुरु जांभोजी ने ______ नामक पंथ की स्थापना की।
उत्तर:
बिश्नोई
7. बिश्नोई पंथ में कुल ______ नियम होते हैं।
उत्तर:
29
8. गुरु जांभोजी की शिक्षाओं को ______ ग्रंथ में संकलित किया गया है।
उत्तर:
सबदवाणी।
संक्षिप्त उत्तर लिखिए-
प्रश्न 1.
गुरु जांभोजी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए कौन-कौनसे कार्य किए?
उत्तर:
जांभोजी ने पर्यावरण संरक्षण के लिए अनेक कार्य किए; जैसे-लोगों को वृक्षारोपण के लिए प्रोत्साहित करना, राजस्थान में जल संग्रहण के लिए कई तालाब खुदवाना तथा 15 र्वीं सदी में ही पर्यावरण प्रदूषण की आशंका से लोगों को आगाह करना। इसके साथ ही नागौर के रोटू गाँव में जांभोजी के नेतृत्व में एक ही दिन में हजारों खेजड़ी के पेड़ भी लगाए गए।
प्रश्न 2.
बिश्नोई पंथ के कौन-कौनसे नियम पर्यावरण संरक्षण से जुड़े हैं?
उत्तर:
संत जांभोजी ने वर्ष 1485 में बिश्नोई पंथ की स्थापना की तथा इसके अनुयायियों को 29 नियम प्रदान किए, जिनमें से कई नियम पर्यावरण संरक्षण से जुड़े हैं; जैसे-वृक्षों को नही काटना, जल को संरक्षित करना, वन्य जीवों की रक्षा करना इत्यादि।
प्रश्न 3.
खेजड़ली बलिदान क्या था?
उत्तर:
सन् 1730 में खेजड़ली गाँव में अमृता देवी बिश्नोई के नेतृत्व में 363 लोगों ने वृक्षों की रक्षा करने हेतु अपने प्राणों को हँसते-हँसते त्याग दिया, जो कि खेजड़ली बलिदान के नाम से जाना जाता है।
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प्रश्न 4.
गुरु जांभोजी की शिक्षाएँ हमें क्या सिखाती हैं?
उत्तर:
गुरु जांभोजी की शिक्षाएँ हमें वृक्षारेपण करना, वृक्षों की रक्षा करना, जल को संरक्षित करना, वन्य जीवों की सुरक्षा करना, जीवों के प्रति दयाभाव रखना, अहिंसा का पालन करना, पर्यावरण संरक्षण करना आदि कार्य सिखाती हैं।
प्रश्न 5.
हम गुरु जांभोजी के नियमों को अपने जीवन में कैसे लागू कर सकते हैं?
उत्तर:
गुरु जांभोजी द्वारा बताए गए नियमों का पूर्ण रूप से पालन करके हम उन्हें अपने जीवन में लागू कर सकते हैं। इसके लिए हमें जीवों के प्रति दया का भाव रखना होगा, अहिंसा का पालन करना होगा वृक्षों की रक्षा व वृक्षारोपण का कार्य करना होगा, अंधविश्वासों व सामाजिक कुरीतियों से दूर रहना होगा तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रयास करने होंगे।
प्रश्न 6.
गोविन्द गिरी ने अपने गुरु से क्या पूछा और महर्षि दयानंद् ने क्या उत्तर दिया?
उत्तर:
गोविन्द गिरी ने एक दिन अपने गुरु महर्षि दयानंद सरस्वती से पूछा कि “गुरुदेव, हमें अपने समाज को जागरूक और शक्तिशाली बनाने के लिए क्या करना चाहिए?” तो महर्षि दयानंद सरस्वती ने उत्तर दिया कि “समाज में समानता, शिक्षा और स्वदेशी विचारधारा को फैलाना ही सच्चा राष्ट्रधर्म है। अपने अधिकारों के लिए जागरूक होना, अंधविश्वासों को छोड़ना और अपनी मातृभूमि को शक्तिशाली बनाना हमारा कर्त्तव्य है।”
प्रश्न 7.
परोपकारिणी सभा की स्थापना क्यों की गई?
उत्तर:
महर्षि दयानंद सरस्वती ने गौ-रक्षा, समाज सुधार और शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने के लिए राजस्थान में परोपकारिणी सभा की स्थापना की थी।
प्रश्न 8.
महर्षि दयानंद सरस्वती के किन विचारों से रामप्रसाद बिस्मिल और भगतसिंह प्रभावित हुए?
उत्तर:
क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल और भगत सिंह को सशस्त्र क्रांति की प्रेरणा महर्षि दयानंद सरस्वती से ही मिली थी। भगत सिंह ने एक बार कहा था कि “महर्षि दयानंद ने हमें सिखाया कि परतंत्रता सबसे बड़ा अभिशाप है और हमें इससे मुक्ति पानी होगी।”
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प्रश्न 9.
समाज सुधार के लिए महर्षि दयानंद सरस्वती के तीन प्रमुख कार्यों का वर्णन करिए।
उत्तर:
महर्षि दयानंद सरस्वती ने अपने जीवनकाल में समाज सुधार से संबंधित कई कार्य किए; जैसे-
- वेदों के ज्ञान के माध्यम से एक निराकार ईश्वर की विचारधारा का समर्थन किया।
- विभिश्र मत/सम्प्रदायों में फैले चमत्कारों व अंधविश्वासों को दूर करने के प्रयास किए, जिसके लिए उन्होंने ‘सत्यार्थ प्रकाश’ नामक पुस्तक भी लिखी।
- नारी शिक्षा का समर्थन किया तथा जातिप्रथा के विरुद्ध आवाज उठाई।
RBSE Class 5 Paryavaran Chapter 15 Question Answer in Hindi
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
निम्न में से किसके नेतृत्व में लोग मानगढ़ पहाड़ी पर एकत्रित हुए थे?
(अ) महृर्षि दयानंद सरस्वती
(ब) जांभोजी
(स) गोविंद गुरु
(द) स्वामी विवेकानंद
उत्तर:
(स) गोविंद गुरु
प्रश्न 2.
भारत सरकार द्वारा मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा कब दिया गया?
(अ) वर्ष 2019 में
(ब) वर्ष 2020 में
(स) वर्ष 2021 में
(द) वर्ष 2022 में
उत्तर:
(द) वर्ष 2022 में
प्रश्न 3.
विभिन्न मत/सम्प्रदायों में व्याप्त चमत्कारों व अंधविश्वासों को दूर करने के लिए महर्षि दयानंद सरस्वती ने कौन-सी पुस्तक लिखी?
(अ) सत्य के साथ मेरे प्रयोग
(ब) सत्यार्थ प्रकाश
(स) सबदवाणी
(द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(ब) सत्यार्थ प्रकाश
प्रश्न 4.
निम्नलिखित में से किसने लंदन में इंडिया हाउस की स्थापना की थी?
(अ) श्यामजी कृष्ण वर्मा
(ब) भगत सिंह
(स) रामप्रसाद बिस्मिल
(द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(अ) श्यामजी कृष्ण वर्मा
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प्रश्न 5.
राजस्थान में गौ-रक्षा, समाज सुधार और शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने हेतु महर्षि दयानंद सरस्वती ने किसकी स्थापना की थी?
(अ) सम्प सभा
(ब) परोपकारिणी सभा
(स) बिश्नोई पंथ
(द) इंडिया हाउस
उत्तर:
(ब) परोपकारिणी सभा
प्रश्न 6.
संत जांभोजी ने बिश्नोई पंथ की स्थापना कब की?
(अ) वर्ष 1485 में
(ब) वर्ष 1585 में
(स) वर्ष 1630 में
(द) वर्ष 1730 में
उत्तर:
(अ) वर्ष 1485 में
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
1. गोविंद गुरु ने ______ आंदोलन चलाया।
उत्तर:
भगत
2. मानगढ़ पहाड़ी पर हुए नरसंहार को राजस्थान का ______ कहा जाता है।
उत्तर:
जलियांवाला बाग
3. संत जांभोजी का जन्म राजस्थान के ______ जिले के ______ गाँव में हुआ था।
उत्तर:
नागौर, पीपासर
4. जांभोजी ने अपने अनुयायियों को ______ नियमों की एक संहिता दी।
उत्तर:
29
निम्नलिखित कथनों में से सत्य/असत्य बतलाइये
1. जांभोजी के नेतृत्व में नागौर जिले के पीपासर गाँव में एक ही दिन में हजारों खेजड़ी के पेड़ लगाए गए।
उत्तर:
असत्य
2. सनु 1730 में खेजड़ली गाँव में लगभग 1500 लोगों ने वृक्षों की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया।
उत्तर:
असत्य
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3. गोविंद गुरु के गुरु संत जांभोजी थे।
उत्तर:
असत्य
4. महर्षि दयानंद ने राजस्थान में सम्प सभा की स्थापना की थी।
उत्तर:
असत्य
निम्नलिखित को सही सुमेलित कीजिए-
| सूची-I | सूची-II |
| 1. सत्यार्थ प्रकाश | (अ) जांभोजी |
| 2. सबदवाणी | (ब) महर्षि दयानंद |
| 3. भगत आन्दोलन | (स) श्यामजी कृष्ण वर्मा |
| 4. इंडिया हाउस | (द) गोविंद गुरु |
उत्तर:
| सूची-I | सूची-II |
| 1. सत्यार्थ प्रकाश | (ब) महर्षि दयानंद |
| 2. सबदवाणी | (अ) जांभोजी |
| 3. भगत आन्दोलन | (द) गोविंद गुरु |
| 4. इंडिया हाउस | (स) श्यामजी कृष्ण वर्मा |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
गोविंद गुरु ने अपने अनुयायियों को कौन-सा नियम बताया था?
उत्तर:
न तो अन्याय सहना और न ही हिंसा करना।
प्रश्न 2.
महर्षि दयानंद के अनुसार सच्चा राष्ट्रधर्म क्या है?
उत्तर:
समाज में समानता, शिक्षा और स्वदेशी विचारधारा को फैलाना।
प्रश्न 3.
गोविंद गुरु ने महर्षि दयानंद से प्रेरित होकर अपने अनुयायियों को क्या संदेश दिया?
उत्तर:
अहिंसा और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया।
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प्रश्न 4.
जांभोजी नं किसे अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया?
उत्तर:
पर्यावरण संरक्षण को।
प्रश्न 5.
जांभोजी ने बिश्नोई पंथ की स्थापना कर अपने अनुयायियों को 29 नियम दिए। किन्हीं दो नियमों के नाम लिखिए।
उत्तर:
- वृक्षों को नहीं काटना।
- वन्य जीवों की रक्षा करना।
प्रश्न 6.
जांभोजी के नेतृत्व में कहाँ वृक्षारोपण का सबसे बड़ा कार्यक्रम चलाया गया।
उत्तर:
राजस्थान के नागौर जिले के रोटू गाँव में।
प्रश्न 7.
वेदों के ज्ञान के माध्यम से एक निराकार ईश्वर की विचारधारा का समर्थन किसने किया?
उत्तर:
महर्षि दयानंद सरस्वती ने।
प्रश्न 8.
संत जांभोजी के उपदेशों को किस ग्रंथ में संकलित किया गया है?
उत्तर:
सबदवाणी।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
गुरु जांभोजी ने पर्यावरण संरक्षण में किस प्रकार योगदान दिया?
उत्तर:
गुरु जांभोजी ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति निम्न योगदान दिया-
- वृक्षारोपण एवं वृक्षों की रक्षा का संदेश दिया।
- जल संरक्षण के महत्त्व को समझाया।
- वन्यजीवों की सुरक्षा पर बल दिया।
- 29 नियमों के माध्यम से समाज को पर्यावरण संरक्षण हेतु प्रेरित किया।
प्रश्न 2.
महर्षि दयानंद सरस्वती के अनुसार हमें अपने समाज को जागरूक और शक्तिशाली बनाने के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर:
हमें समाज में समानता, शिक्षा और स्वदेशी विचारधारा को फैलाना चाहिए तथा अपने अधिकारों के लिए जागरूक होना, अंधविश्वासों को छोड़ना और अपनी मातृभूमि को शक्तिशाली बनाने के लिए कार्य करना चाहिए।
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प्रश्न 3.
महर्षि दयानंद सरस्वती ने राजस्थान में क्या योगदान दिया?
उत्तर:
महर्षि दयानंद सरस्वती ने राजस्थान में गौ-रक्षा, समाज सुधार और शिक्षा का प्रचार-प्रसार करने के लिए परोपकारिणी सभा की स्थापना की। उनके विचारों ने लोगों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी।
दीर्घ उत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
गोविंद गुरु ने अपने अनुयायियों को क्या संदेश दिया तथा समाज से क्या आकांक्षा रखी? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
गोविंद गुरु ने महर्षि दयानंद से प्रेरित होकर अपने अनुयायियों को अहिंसा और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया था। वे चाहते थे कि समाज शिक्षा ग्रहण करें, शराब और बुरी आदतों को त्यागे और अपनी संस्कृति को मजबूत करे, परन्तु यह बात अंग्रेजी सरकार और स्थानीय जागीरदारों को स्वीकार नहीं थी।
प्रश्न 2.
महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों ने भारतीय स्वतंत्रता सेनानी/क्रांतिकारियों को किस प्रकार प्रभावित किया? समझाइए।
उत्तर:
महर्षि दयानंद सरस्वती के विचारों से प्रेरित होकर कई क्रांतिकारियों ने स्वदेशी राज्य की नींव रखी। श्यामजी कृष्ण वर्मा ने लंदन में ‘इंडिया हाउस’ की स्थापना की जिससे भारत के स्वतंत्रता संग्राम को गति मिली। रामप्रसाद बिस्मिल और भगतसिंह जैसे महान क्रांतिकारियों को भी ‘सशस्त्र क्रांति’ की प्रेरणा इनसे ही मिली थी।
भगतसिंह ने महर्षि दयानंद सरस्वती से ही सीखा था कि परतंत्रता सबसे बड़ा अभिशाप है और हमें इससे मुक्ति पानी होगी।
RBSE Class 5 EVS Chapter 15 Notes in Hindi हमारे प्रेरक

बलिदान की गाथा : मानगढ़ घूणी (मानगढ़ पहाड़ी), बाँसवाड़ा (राजस्थान)-गोविंद गुरु के नेतृत्व में मानगढ़ पहाड़ी पर ब्रिटिश सरकार के विरोधस्वरूप अहिंसक आन्दोलन करने एकत्रित हुए हजारों महिलाओं और पुरुषों को 17 नवम्बर, 1913 को ब्रिटिश सेना ने चारों तरफ से घेरकर बंदूक की गोलियों से भूनकर मौत के घाट उतार दिया। इस नरसंहार में लगभग 1500 महिला-पुरुष वीरगति को प्राप्त हुए।

महर्षि दयानंद सरस्वती और स्वदेशी चेतना-दयानंद सरस्वती ने समाज में समानता, शिक्षा और स्वदेशी विचारधारा को फैलाना ही सच्चा राष्ट्रधर्म माना है। उन्होंने समाज सुधार के कई कार्य किए; जैसे-विभिन्न मत/संप्रदायों में फैले अंधविश्वासों को दूर करने के लिए सत्यार्थ प्रकाश नामक पुस्तक लिखी, नारी शिक्षा का समर्थन किया, जाति-प्रथा के खिलाफ आवाज उठाई तथा गौ-रक्षा, समाज सुधार और शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए राजस्थान में परोपकारिणी सभा की स्थापना की। उन्होंने अपने कार्यों से क्रांतिकारियों को भी प्रभावित किया।

पर्यावरण के पुरोधा : जांभोजी-सन् 1451 में राजस्थान के नागौर जिले के पीपासर गाँव में जन्मे संत जांभोजी ने समाज सुधार और पर्यावरण रक्षा के लिए अनेक प्रयास किए। उन्होंने वर्ष 1485 में बिश्नोई पंथ की स्थापना की तथा अनुयायियों को जीव दया, वन संरक्षण, अहिंसा, पर्यावरण संरक्षण आदि से संबंधित 29 नियम दिए। जांभोजी के वन संरक्षण एवं वृक्षारोपण से संबंधित कार्यों से प्रेरित होकर वर्ष 1730 में खेजड़ली गाँव में अमृता देवी बिश्नोई के नेतृत्व में 363 लोगों ने वृक्षों की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दें दिया। जांभोजी उपदेशों को ‘सबदवाणी’ ग्रंथ में संकलित किया गया है।
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