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RBSE कक्षा 5 पर्यावरण पाठ 5 के प्रश्न उत्तर प्रकृति के वास्तुकार
RBSE Class 5th EVS Chapter 5 Question Answer in Hindi
पृष्ठ संख्या-39
खोज गतिविधि-
बच्चों आप भी अपने आसपास मकड़ी के जाले ढूँढ़े और पता करें कि अलग-अलग तरह की मकड़ियाँ किस तरह के जाले बनाती हैं? एक मकड़ी के जाल को ध्यान से देखिए और उसकी बनावट को यहाँ बनाने का प्रयास कीजिए।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।
पृष्ठ संख्या-39
सोचो और बताओ-
प्रश्न 1.
यदि मकड़ी का जाल इतना मजबूत है तो यह टूटता क्यों है?
उत्तर:
मकड़ी का जाल रेशमी धागों से बना होता है, जो मजबूत लेकिन नाजुक होता है। यह हवा, बारिश, धूल या किसी वस्तु (जैसे-इंसान या जानवर) के टकराने से टूट सकता है। कीटों को फँसाने के लिए जाल चिपचिपा होता है, लेकिन बार-बार उपयोग या पर्यावरणीय प्रभाव से इसकी संरचना कमजोर हो जाती है। इसलिए मकड़ियाँ समय-समय पर नया जाल बनाती हैं।
प्रश्न 2.
क्या और भी जानवर इस तरह के जाले जैसे घर बनाते हैं? पता कीजिए।
उत्तर:
हाँ, कुछ अन्य जीव भी जाले जैसे घर (संरचनाएँ) बनाते हैं-
- तितलियों के केटरपिलर-कोकून बनाते हैं, जो रेशमी धागों से बना अस्थायी खोल होता है, जिसमें वे तितली में बदलते हैं।
- रेशम कीट (सिल्कवर्म)-रेशम का कोकून बनाते हैं, जो रेशमी धागों की परतों से निर्मित होता है।
- कैडीसफ्लाई लार्वा-पानी में रेशमी धागों और छोटे पत्थरों/लकड़ी से सुरक्षात्मक ट्यूब बनाते हैं।
- टेंट केटरपिलर-पेड़ों पर रेशमी धागों से तंबू जैसे जाले बनाते हैं, जो समूह में रहने और सुरक्षा के लिए होते हैं।
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खोजबीन के लिए गतिविधि-
क्या आपने भी घर के आसपास और खेतों में पक्षियों के घोंसले देखे हैं? क्या सभी पक्षी एक जैसा घोंसला बनाते हैं? अपने विद्यालय के आसपास घर या खेत में पक्षियों के घोंसलों का अवलोकन कीजिए और कुछ जानकारियाँ एकत्र कीजिए।
अपने अवलोकन को नीचे दी गई सारणी में लिखिए-

उत्तर:
पक्षियों के घोंसलों का अवलोकन-

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सोचकर लिखें-
प्रश्न 1.
अगर पक्षियों को घोंसला बनाने की जगह नहीं मिले तो वे कहाँ रहेंगे?
उत्तर:
अगर पक्षियों को घोंसला बनाने की जगह नहीं मिलेगी, तो वे वैकल्पिक स्थानों की तलाश करेंगे, जैसे इमारतों की छत, दीवारों के छेद या बिजली के खंभों पर। कुछ पक्षी पेड़ों की छोटी टहनियों तथा झाड़ियों में अस्थायी घोंसले बनाएँगे, जबकि अन्य (जैसे-टिटहरी) जमीन पर ही अंडे दे सकते हैं।
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प्रश्न 2.
क्या आप पक्षियों की घोंसला बनाने में कुछ मदद कर सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम पक्षियों की घोंसला बनाने में मदद कर सकते हैं। हम अपने घर या विद्यालय के आस-पास पक्षी घोंसला बक्से (नेस्टिंग बॉक्स) लगा सकते हैं, जो लकड़ी से बने छोटे बक्से होते हैं और गैरैया, बुलबुल जैसे पक्षियों के लिए सुरक्षित स्थान प्रदान करते हैं। पेड़ों की देखभाल और नए पौधे लगाकर प्राकृतिक घोंसला स्थानों को बढ़ाया जा सकता है।
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क्या आप जानना चाहते हैं कि चींटियों की ही तरह और कौनसे जीव हैं जो रहने के लिए बिल या माँद बनाते हैं? यदि हाँ तो उसके लिए हमें विद्यालय और घर के आसपास के जगहों का ध्यान से अवलोकन करना होगा।
आपने कौन-कौनसे जीव-जंतुओं के घर देखे हैं जो मिट्टी में बिल या माँद जैसे होते हैं? उन जानवरों के नाम यहाँ लिखिए।
उत्तर:
- चूहा
- साँप
- खरगोश
- केंचुआ
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समूह में चर्चा करें और लिखें-
प्रश्न 1.
जीव-जंतुओं की हमारे जीवन में क्या भूमिका है?
उत्तर:
जीव-जंतु पर्यावरण संतुलन में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मकड़ियाँ कीटों को नियंत्रित करती हैं, जिससे फसलों की सुरक्षा होती है। पक्षी परागण और बीज प्रसार में मदद करते हैं। चींटियाँ और केंचुए मिट्टी को उपजाऊ बनाते हैं। तितलियाँ परागण करती हैं, जिससे पौधों का प्रजनन होता है। साँप और छिपकली चूहों और कीटों को खाकर पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखते हैं। ये सभी जीव खाद्य शृंखला का हिस्सा हैं और हमारे जीवन को स्वस्थ और समृद्ध बनाते हैं।
प्रश्न 2.
जीव-जंतुओं के नहीं होने से पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
उत्तर:
जीव-जंतुओं के नहीं होने से पर्यावरण में असंतुलन पैदा होगा। मकड़ियों के बिना कीटों की संख्या बढ़ेगी, जिससे फसलें नष्ट हो सकती हैं। पक्षियों के बिना परागण और बीज प्रसार रुक जाएगा, जिससे पौधों की संख्या कम होगी। चींटियों और केंचुओं के बिना मिट्टी की उर्वरता घटेगी। साँपों के बिना चूहों की आबादी बढ़ेगी, जिससे अनाज भंडार को नुकसान होगा। इससे गंदगी, बीमारियों और खाद्य शृंखला का विघटन होगा, जिससे पर्यावरण और मानव जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
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आओ चर्चा करें-
प्रश्न 1.
मगरमच्छ को कछुए, साँप और छिपकलियाँ क्यों पसंद नहीं थे?
उत्तर:
मगरमच्छ को कछुए, साँप और छिपकलियाँ इसलिए पसंद नहीं थे, क्योंकि वह उनकी बाहरी विशेषताओं और व्यवहार को तुच्छ समझता था। उसने कछुओं को धीमा और मूर्ख माना, क्योंकि वे तेजी से नहीं चलते। साँपों को वह गीले और बदसूरत मानता था, उनकी चिकनी, त्वचा और रेंगने के तरीके के कारण। छिपकलियों को उसने कीड़े खाने वाला और कम महत्त्वपूर्ण समझा। मगरमच्छ का यह दृष्टिकोण उसकी अज्ञानता और सभी जीवों की पर्यावरणीय भूमिका को न समझने का परिणाम था।
प्रश्न 2.
कछुए, साँप और छिपकलियाँ जंगल छोड़कर चले गए तो क्या हुआ?
उत्तर:
कछुए, साँप और छिपकलियों के जंगल छोड़ने से पर्यावरण में गंभीर असंतुलन पैदा हुआ। कछुओं के जाने से सड़ते फल और मरी मछलियाँ साफ नहीं हुई, जिससे दुर्गध और गंदगी फैली। साँपों के बिना चूहों की संख्या बढ़ गई, जो फसलों और अनाज को नुकसान पहुँचाने लगे। छिपकलियों के न होने से कीटों और मेंढकों की आबादी अनियंत्रित हो गई। परिणामस्वरूप, जंगल में गंदगी, बीमारियाँ और खाद्य भृंखला का विघटन हुआ, जिसने पूरे पारिस्थितिकी तंत्र को प्रभावित किया।
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प्रश्न 3.
जंगल का स्वस्थ पर्यावरण सभी जीवजंतुओं पर निर्भर करता है। क्यों और कैसे? बताइए।
उत्तर:
जंगल का स्वस्थ पर्यावरण सभी जोव-जंतुओं पर निर्भर करता है, क्योंकि प्रत्येक जीव पारिस्थितिकी तंत्र में विशिष्ट भूमिका निभाता है-
- कछुए-सड़े फल, मरी मछलियाँ और कचरे को खाकर पर्यावरण तो साफ रखते हैं, जिससे बीमारियाँ नहीं फैलती।
- साँप-चूहों और छोटे कृन्तकों को खाकर उनकी संख्या नियंत्रित करते हैं, जिससे फसलें और अनाज सुरक्षित रहते हैं।
- छिपकलियाँ-कीटों और मेंढकों को खाकर उनकी आबादी को संतुलित रखती हैं, जो फसलों और पौधों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
- अन्य जीव-मकड़ियाँ कीटों को पकड़ती हैं, पक्षी परागण और बीज प्रसार करते हैं और चींटियाँ मिट्टी को उपजाऊ बनाती हैं।
कैसे-ये सभी जीव खाद्य श्रृंखला और पर्यावरणीय चक्र (जैसे-परागण, मिट्टी उर्वरता, कचरा अपघटन) को बनाए रखते हैं। यदि कोई एक जीव गायब होता है, तो यह शृंखला टूटती है, जिससे गंदगी, बीमारियाँ और प्राकृतिक संसाधनों का नुकसान होता है। उदाहरण के लिए, साँपों के बिना चूहों की अधिकता से अनाज नष्ट हो सकता है और कछुओं के बिना कचरा जमा होने से जंगल अस्वास्थ्यकर हो जाता है। इसलिए, सभी जीव मिलकर जंगल को स्वच्छ, संतुलित और जीवंत बनाए रखते हैं।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
सही उत्तर चुनिए-
प्रश्न 1.
टिटहरी अपना घोंसला बनाती है-
(अ) पेड़ पर
(ब) जमीन पर
(स) पानी पर
(द) दीवार पर
उत्तर:
(ब) जमीन पर
प्रश्न 2.
कौनसा पक्षी अपने घोंसले को मिट्टी और कंकड़ से जमीन पर ही बनाता है?
(अ) गौरैया
(ब) टिटहरी
(स) बुलबुल
(द) बया
उत्तर:
(ब) टिटहरी
प्रश्न 3.
कोकून किसमें बदलते हैं?
(अ) तितली
(ब) चिड़िया
(स) टिटहरी
(द) मधुमक्खी
उत्तर:
(अ) तितली
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प्रश्न 4.
मकड़ी अपने जाले का उपयोग किसके लिए करती है?
(अ) शिकार पकड़ने के लिए
(ब) आराम करने के लिए
(स) उड़ने के लिए
(द) भोजन संग्रहण के लिए
उत्तर:
(अ) शिकार पकड़ने के लिए
प्रश्न 5.
कौनसा पक्षी अपने घोंसले को तिनकों और घास से बनाता है?
(अ) कठफोड़वा
(ब) टिटहरी
(स) बया
(द) बुलबुल
उत्तर:
(स) बया
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर तीन से चार वाक्यों में दीजिए-
प्रश्न 1.
मकड़ी जाले को कैसे बनाती है?
उत्तर:
मकड़ी अपने मुँह से रेशमी धागे निकालकर जाल बुनती है। यह धागा मजबूत होता है, जो कीटों को फँसाने में मदद करता है। मकड़ी विभिन्न आकृतियों जैसे गोल या सुरंग जैसे जाले बनाती है। यह जाल समय-समय पर मकड़ी द्वारा नवीनीकृत किया जाता है।
प्रश्न 2.
पक्षी घोंसले को कैसे बनाते हैं और यह उनके जीवन में कैसे सहायक होता है?
उत्तर:
पक्षी घास, तिनके, पत्ते, मिट्टी और कंकड़पत्थर जैसी प्राकृतिक सामग्री से घोंसले बनाते हैं। बया लटकते घोंसले बुनता है, जबकि टिटहरी जमीन पर मिट्टी व कंकड़ से अपना घोंसला बनाती है। घोंसला अंडे देने, बच्चों को पालने और सुरक्षा प्रदान करने में सहायक होता है।
प्रश्न 3.
कठफोड़वा पक्षी अपना घोंसला कैसे बनाता है?
उत्तर:
कठफोड़वा पक्षी अपनी चोंच का प्रयोग कर पेड़ के तने में छेद करके घोंसला बनाता है। इसके लिए वह अक्सर सड़ी हुई या मृत लकड़ियों को चुनता है। इसमें कठफोड़वा थोड़-सा अंदर की तरफ लकड़ी के टुकड़े, घास या अन्य सामग्री रखते हैं, ताकि अंडे देने के लिए आरामदायक जगह बन सके।
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प्रश्न 4.
घर या विद्यालय के आस-पास पाए जाने वाले प्राकृतिक आवासों के बारे में लिखें।
उत्तर:
घर या विद्यालय के आस-पास र्चींटियों के बिल, मकड़ी के जाले और गैरैया या बुलबुल के घोंसले पाए जाते हैं। चींटियाँ मिट्टी में बिल बनाती हैं, जबकि मकड़ी पेड़ों या दीवारों पर जाल बुनती हैं। पक्षी पेड़ों की शाखाओं पर तिनकों से घोंसले बनाते हैं।
RBSE Class 5 Paryavaran Chapter 5 Question Answer in Hindi
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
जीव-जंतु अपने घर बनाने के लिए क्या उपयोग करते हैं?
(अ) प्राकृतिक सामग्री
(ब) ईंट और सीमेंट
(स) प्लास्टिक
(द) धातु
उत्तर:
(अ) प्राकृतिक सामग्री
प्रश्न 2.
कोकून किसके द्वारा बनाया जाता है?
(अ) मकड़ी के द्वारा
(ब) तितली के केटरपिलर द्वारा
(स) चींटी के द्वारा
(द) मधुमक्खी के द्वारा
उत्तर:
(ब) तितली के केटरपिलर द्वारा
प्रश्न 3.
कौनसा पक्षी पेड़ के तने में छेद करके घोंसला बनाता है?
(अ) बया
(ब) टिटहरी
(स) कठफोड़वा
(द) गाँरैया
उत्तर:
(स) कठफोड़वा
प्रश्न 4.
चींटियों के बिल की आंतरिक संरचना कैसी होती है?
(अ) साधारण छेद
(ब) एकल सुरंग
(स) खुला ढांचा
(द) शाखाओं में विभाजित
उत्तर:
(द) शाखाओं में विभाजित
प्रश्न 5.
निम्न में से कौन-सा पक्षी अपने लिए घास, पत्ते और तिनके इकट्ठा करके एक सुंदर लटकता हुआ घोंसला बनाता है-
(अ) बया
(ब) कठफोड़वा
(स) टिटहरी
(द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(अ) बया
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प्रश्न 6.
मगरमच्छ ने कछुओं को जंगल से क्यों निकाला?
(अ) वे तेज चलते थे।
(ब) वे धीमे और मूर्ख थे।
(स) वे शोर करते थे।
(द) वे कीट खाते थे।
उत्तर:
(ब) वे धीमे और मूर्ख थे।
प्रश्न 7.
साँपों के जंगल छोड़ने से क्या हुआ?
(अ) फल सड़ने लगे
(ब) कीटों की संख्या बढ़ी
(स) चूहों की संख्या बढ़ी
(द) मछलियाँ मरने लर्गी
उत्तर:
(स) चूहों की संख्या बढ़ी
प्रश्न 8.
छिपकलियों के न होने से जंगल में क्या हुआ?
(अ) चूहों की संख्या बढ़ी
(ब) गंदगी कम हुई
(स) फसलें सुरक्षित रहीं
(द) कीटों की संख्या बढ़ी
उत्तर:
(द) कीटों की संख्या बढ़ी
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
1. ______ से खूब सारे पक्षियों की चहचहाहट सुनाई दे रही थी।
उत्तर:
झाड़ियों
2. जानवर और ______ जीव अपने घर खुद बनाते हैं।
उत्तर:
छोटे
3. वहाँ एक शाखा से लटकता हुआ एक ______ था।
उत्तर:
कोकून
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4. ______ गाँव के पास एक छोटा-सा जंगल और तालाब था।
उत्तर:
निभी।
निम्नलिखित कथनों में से सत्य/असत्य बतलाइये-
1. मकड़ी का जाला केवल घर के रूप में उपयोग होता है।
उत्तर:
असत्य
2. कोकून में तितली का केटरपिलर परिवर्तित होता है।
उत्तर:
सत्य
3. कठफोड़वा पेड़ के तने में छेद करके घोंसला बनाता है।
उत्तर:
सत्य
4. मकड़ी कभी नया जाला नहीं बनाती।
उत्तर:
असत्य
निम्नलिखित को सही सुमेलित कीजिए
| स्तंभ ‘अ’ | स्तंभ ‘ब’ |
| 1. बया | (क) मिट्टी में शाखाओं वाला बिल |
| 2. चींटी | (ख) चूहों को नियंत्रित करना |
| 3. कछुआ | (ग) लटकता, बोतल जैसा घोंसला |
| 4. साँप | (घ) सड़ते फल साफ करना |
उत्तर:
| स्तंभ ‘अ’ | स्तंभ ‘ब’ |
| 1. बया | (ग) लटकता, बोतल जैसा घोंसला |
| 2. चींटी | (क) मिट्टी में शाखाओं वाला बिल |
| 3. कछुआ | (घ) सड़ते फल साफ करना |
| 4. साँप | (ख) चूहों को नियंत्रित करना |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
मकड़ी अपना जाला किससे बनाती है?
उत्तर:
अपने मुँह से रेशमी धागा निकालकर।
प्रश्न 2.
चींटी अपने बिल में क्या संगृहीत करती है?
उत्तर:
भोजन और अपने अंडे।
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प्रश्न 3.
जंगल का स्वस्थ पर्यावरण किस पर निर्भर करता है?
उत्तर:
जंगल के सभी जीवों पर।
प्रश्न 4.
प्रणय अपने पिताजी के साथ कहाँ घूम रहा था?
उत्तर:
खेत में।
प्रश्न 5.
मगरमच्छ का नाम क्या था?
उत्तर:
मगरमच्छ का नाम ‘मकर’ था।
प्रश्न 6.
मगरमच्छ ने किन्हें जंगल छोड़ने का आदेश दिया?
उत्तर:
कछुओं, साँपों और छिपकलियों को।
प्रश्न 7.
मगरमच्छ ने साँपों को जंगल से क्यों भगाया?
उत्तर:
साँप उसे गीले और बदसूरत दिखते थे।
प्रश्न 8.
कछुओं के जंगल छोड़ने का क्या परिणाम निकला?
उत्तर:
जंगल में सड़ते फलों और मरी हुई मछलियों की दुर्गंध फैलने लगी।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
चींटियों के बिल की संरचना कैसी होती है?
उत्तर:
चींटियों का बिल बाहर से साधारण छेद जैसा दिखता है, लेकिन अंदर शाखाओं में विभाजित जटिल सुरंगें होती हैं। यह बिल भोजन व अंडे संगृहीत करने और चींटियों के निवास के लिए होता है।
प्रश्न 2.
बया पक्षी का घोंसला कैसा होता है?
उत्तर:
बया पक्षी घास, पत्ते और तिनकों से लटकता हुआ बोतल जैसा घोंसला बनाते हैं। यह पेड़ की शाखाओं पर लटकता है और अंडों व बच्चों की सुरक्षा के लिए होता है।
प्रश्न 3.
कछुए जंगल में क्या भूमिका निभाते हैं?
उत्तर:
कछुए सड़ते फल और मरी हुई मछलियों को खाकर जंगल को साफ रखते हैं। इससे गंदगी और बीमारियाँ नहीं फैलतीं, जिससे पर्यावरण स्वच्छ और स्वस्थ रहता है।
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प्रश्न 4.
साँपों के बिना जंगल में क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
साँपों के बिना चूहों की संख्या बढ़ जाती है, जो फसलों और अनाज भंडार को नुकसान पहुँचाते हैं। यह खाद्य शृंखला को असंतुलित करता है और पर्यावरण पर दुष्प्रभाव डालता है।
प्रश्न 5.
छिपकलियाँ किस प्रकार पर्यावरण संतुलन में मदद करती हैं?
उत्तर:
छिपकलियाँ कीटों और मेंढकों को खाकर उनकी आबादी नियंत्रित करती हैं। इससे फसलों को नुकसान नहीं होता और पर्यावरण संतुलित रहता है।
दीर्घ उत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
जीव-जंतुओं को प्राकृतिक इंजीनियर क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
जीव-जंतु प्राकृतिक सामग्री (घास, मिट्टी, मोम, रेशम) से जटिल संरचनाएँ जैसे कि जाले, घोंसले, बिल और कोकून बनाते हैं। मंकड़ी जाले, बया घोंसले और चींटी बिल बनाती है। ये सभी संरचनाएँ रहने, शिकार पकड़ने और प्रजनन के लिए होती हैं। जीवजंतुओं की रचनात्मकता और कार्यकुशलता उन्हें प्राकृतिक इंजीनियर बनाती है।
प्रश्न 2.
मकर की कहानी से पर्यावरण संतुलन का क्या सबक मिलता है?
उत्तर:
मकर की कहानी सिखाती है कि प्रत्येक जीव पर्यावरण संतुलन के लिए महत्त्वपूर्ण है। कछुओं, साँपों और छिपकलियों के बिना जंगल में गंदगी, चूहे और कीट बढ़ गए, जिससे बीमारियाँ फैलीं। सभी जीव खाद्य शृंखला और प्राकृतिक चक्रों (जैसे-सफाई, परागण) को बनाए रखते हैं, इसलिए जैव विविधता का संरक्षण करना जरूरी है।
प्रश्न 3.
जीव-जंतुओं के न होने से पर्यावरण पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
जीव-जंतुओं के न होने से पर्यावरण असंतुलित हो जाता है। मकड़ियों के बिना कीट बढ़ते हैं, जिससे फसलें नष्ट होती हैं। पक्षियों के बिना परागण और बीज प्रसार रुकता है। कछुओं के बिना दुर्गंध फैलती है और साँपों के बिना चूहे बढ़कर अनाज भंडार नष्ट कर देते हैं। यह गंदगी, बीमारियाँ और खाद्य शृंखला के विघटन का कारण बनता है।
प्रश्न 4.
मकड़ी के जाले की संरचना और उपयोग की व्याख्या करें।
उत्तर:
मकड़ी अपने मुँह से निकले रेशमी धागों से जाला बुनती हैं, जो गोल, सुरंग जैसे या अनियमित हो सकता है। यह जाला मकड़ी के लिए घर और शिकार पकड़ने का साधन है। कीट फँसने पर मकड़ी उसे खाती है। जाला हवा, बारिश या ज्यादा उपयोग से टूट सकता है, इसलिए समयानुसार मकड़ी नया जाल बनाती है। यह प्राकृतिक इंजीनियरिंग का उदाहरण है, जो कीट नियंत्रण में मदद करता है।
RBSE Class 5 EVS Chapter 5 Notes in Hindi प्रकृति के वास्तुकार
प्रणय और पिता की खेत यात्रा-
- प्रणय और उसके पिता कैलाश एक रविवार को खेत में घूमने जाते हैं।
- प्रणय पक्षियों की चहचहाहट सुनकर उत्साहित होता है और जानवरों के घरों के बारे में सवाल पूछता है।

जानवरों के घर-
- जानवर अपने घर प्रकृति से मिली सामग्री (जैसे-घास, पत्ते, मिट्टी) से बनाते हैं, न कि ईंट, लकड़ी या सीमेंट से।
- ये घर उनके रहने और भोजन प्राप्त करने के लिए उपयोगी होते हैं।
मकड़ी का जाल-
- मकड़ी अपने मुँह से रेशमी धागे निकालकर जाल बुनती है।
- जाल मकड़ी का घर और कीट पकड़ने का साधन दोनों है।
- मकड़िया समय-समय पर नए जाले बनाती हैं, वे गोल, सुरंग जैसे या विभिन्न आकृतियों के जाले बनाती हैं।

कोकून और तितली-
- कोकून तितालियों के केटरपिलर (लार्वा) द्वारा बनाया गया रेशमी खोल है।
- यह अस्थायी आवरण (खोल) होता है, जिसमें लार्वा परिपक्व होकर तितली बनता है।
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पक्षियों के घोंसले-
- पक्षी घास, पत्ते, तिनके, मिट्टी और कंकड़-पत्थर से घोंसले बनाते हैं।
- कुछ पक्षी (जैसे-बया) लटकते घोंसले बनाते हैं, जबकि कठफोड़वा पेड़ के तने में छेद करता है।
- टिटहरी जमीन पर कंकड़-पत्थर से घोंसला बनाती है।
चींटियों के बिल-
- चींटियाँ मिट्टी में बिल बनाती हैं, जो बाहर से साधारण लेकिन अंदर शाखाओं में विभाजित होते हैं।
- बिल में चींटियाँ भोजन और अंडे सहेजती हैं।

प्राकृतिक इंजीनियर-
- मकड़ियाँ, तितलियाँ, पक्षी और चींटियाँ अपने घर बनाने में प्रकृति की सामग्री का उपयोग करते हैं।
- उनकी रचनात्मकता और कार्यकुशलता के कारण इन्हें प्राकृतिक इंजीनियर कहा जा सकता है।
कहानी-निभी गाँव का जंगल-
- निभी गाँव के जंगल में मकर (मगरमच्छ) सरीसृपों का सरदार था।
- मकर ने कछुओं, साँपों और छिपकलियों को जंगल से निकाल दिया, जिससे पारिस्थितिकी असंतुलन पैदा हुआ।
- कछुओं के जाने से दुर्गंध फैली, साँपों के बिना चूहे बढ़े और छिपकलियों के बिना कीड़े बढ़ गए।
- जंगल में गंदगी और बीमारियाँ फैलीं, जिससे मकर को अपनी गलती का एहसास हुआ।
हर जीव का महत्त्व-
- मकर ने सभी जीवों को वापस बुलाकर माफी माँगी।
- कहानी का संदेश-हर जीव (कीट, सरीसृप, पक्षी) पर्यावरण संतुलन के लिए आवश्यक है।
- सभी प्राणी स्वस्थ और सुखद पर्यावरण बनाए रखने में योगदान देते हैं।
नैतिक शिक्षा-
- प्रकृति के सभी जीव अपनी अनूठी रचनाओं और भूमिकाओं के साथ पर्यावरण का हिस्सा है।
- जैव विविधता का सम्मान और संरक्षण आवश्यक है ताकि पारिस्थितिकी तंत्र संतुलित रहे।
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