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Class 5 Hindi Chapter 6 कलम, आज उनकी जय बोल Question Answer
कलम, आज उनकी जय बोल Question Answer
आओ बात करें-
प्रश्न 1.
गर्दन का मोल लिए बिना देशभक्त किस पर चढ़ गए?
उत्तर:
गर्दन का मोल लिए बिना देशभक्त कर्त्तव्य की पुण्यवेदी पर चढ़ गए।
प्रश्न 2.
वीरों के सिंहनाद से कौन सहम गया?
उत्तर:
वीरों के सिंहनाद से पृथ्वी भयभीत होकर सहम गयी।
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प्रश्न 3.
पाठ में चकाचौंध का मारा तथा बेचारा किसे कहा गया है?
उत्तर:
पाठ में चकाचौंध का मारा तथा बेचारा इतिहास को कहा गया है।
सोचो और लिखो-
प्रश्न 1.
नीचे दिए गए शब्दों का प्रयोग कर एक-
एक वाक्य बनाइए-
दिशा = सूर्य पूर्व दिशा में उगता है।
चिंगारी = _____.
सिंहनाद = _____.
चकाचौंध = _____.
उत्तर:
चिंगारी = माचिस की तीली से चिंगारी निकली।
सिंहनाद = सिंहनाद सुनकर सब डर गए।
चकाचौंध = मॉल में चकाचौंध रोशनी देखकर बच्चे बहुत खुश हो गए।
प्रश्न 2.
देशभक्तों की महिमा के साक्षी कौन-कौन हैं?
उत्तर:
देशभक्तों की महिमा के साक्षी सूर्य, चन्द्रमा, भूगोल, खगोल आदि हैं।
प्रश्न 3.
कविता में देशभक्तों के क्या-क्या कार्य गिनाए गए हैं?
उत्तर:
कविता में देश के कर्त्तव्य का पालन देशभक्तों के साहस, त्याग और बलिदान से पूरा करने के कार्य का उल्लेख हुआ है।
प्रश्न 4.
नीचे दिए गए शब्दों को सही क्रम में लगाकर प्रश्न बनाओ-
(i) हमारे / जो / लघुदीप / अगणित
उत्तर:
‘जो अगणित लघुदीप हमारे’ यहाँ पर ‘लघुदीप’ शब्द किसके लिए प्रयुक्त हुआ है?
(ii) मोल/गर्दन / बिना / लिए / पुण्यवेदी पर / चढ़ गए/जो/का
उत्तर:
“जो चढ़ गए पुण्यवेदी पर लिए बिना गर्दन का मोल।” इस पंक्ति के अनुसार ‘पुण्यवेदी’ पर कैसे चढ़ गये?
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(iii) इस कविता के मूलभाव को अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
इस कविता का मूलभाव लोगों को देशभक्ति और बलिदान की भावना से प्रेरित करना है। कवि कहता है कि ऐसे लोगों को हमेशा याद रखना चाहिए जिन्होंने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
मेरी तेरी सबकी बात-
1. देश, समाज और प्रकृति की सेवा करने वालों का गुणगान करने वाला कोई गीत या कविता अपनी भाषा में लिखें।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।
पढ़कर जानें-
1. नीचे कविता की कुछ पंक्तियाँ दी गई हैं जिनमें कुछ शब्द छूट गए हैं। रिक्त स्थान पर कविता से खोजकर सही शब्द लिखिए।
जला अस्थियाँ बारी-बारी _____ जिनमें चिंगारी। जिनके _____ से सहमी धरती रही अभी तक डोल। _____ हैं उनकी महिमा के सूर्य, चन्द्र, भूगोल, खगोल।
उत्तर:
चिटकाई, सिंहनाद, साखी।
आओ रचना करें-न
1. इस पंक्ति को पढ़कर तुकांत कविता बनाएँ-
भारत सबसे प्यारा है
ऐसा देश _____ है
________ पुकारा है
मिलकर इसे संवारा है
इसी तरह कविता को आगे बढ़ाएँ-
_______________
_______________
_______________
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।
भाषा की बात-
प्रश्न 1.
नीचे दिए गए शब्दों के समानार्थी शब्द पाठ में से पहचानकर लिखिए-
अनगिनत = _____.
दिवस = _____.
पृथ्वी = _____.
सूरज = _____.
चंद्रमा = _____.
उत्तर:
अनगिनत = अगणित
दिवस = दिन
पृथ्वी = धरती
सूरज = सूर्य
चंद्रमा = चन्द्र
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प्रश्न 2.
पाठ में से इन शब्दों के विपरीत अर्थ वाले शब्द लिखो-
रात = _____.
बुझाना = _____.
आकाश = _____.
उतरना = _____.
उत्तर:
रात = दिन
बुझाना = जलाना
आकाश = धरती
उतरना = चढ़ना
प्रश्न 3.
नीचे दिए अनुसार शब्दों के लिंग बदलकर लिखिए-

उत्तर:
(क) मोरनी
(ख) हथिनी
(ग) बालिका।
प्रश्न 4.
नीचे दिए गए एकवचन शब्दों को बहुवचन में बदलकर लिखिए-
(क) दिशा _____.
(ख) अस्थि _____.
(ग) शिखा _____.
उत्तर:
(क) दिशाएँ,
(ख) अस्थियाँ
(ग) शिखाएँ।
कलम, आज उनकी जय बोल प्रश्न उत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
“आज कलम उनकी जय बोल” कविता में किसका गुणगान किया है?
(अ) महापुरुषों का
(ब) असंख्य शहीदों का
(स) वीर बालकों का
(द) विदूषी महिलाओं का
उत्तर:
(ब) असंख्य शहीदों का
प्रश्न 2.
शहीदों ने अपने त्याग व बलिदान से क्या जगाने की चेष्टा की है?
(अ) नया उत्साह
(ब) नयी चिंगारी
(स) नयी चेतना
(द) नयी प्रसन्नता
उत्तर:
(स) नयी चेतना
प्रश्न 3.
जला अस्थियाँ बारी-बारी का अर्थ है?
(अ) स्वयं को जलाना
(ब) अपना सब कुछ बलिदान करना
(स) मृत्यु के समय जलना
(द) अत्यधिक मेहनत करना
उत्तर:
(ब) अपना सब कुछ बलिदान करना
प्रश्न 4.
अगणित लघुदीप का क्या अर्थ है-
(अ) छोटे दीपक
(ब) जलते दीपक
(स) अनगिनत छोटे दीपक
(द) छोटे किन्तु बुझे दीपक
उत्तर:
(स) अनगिनत छोटे दीपक
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प्रश्न 5.
‘पुण्य’ का विलोम शब्द है?
(अ) पाप
(ब) कल्याण
(स) त्याग
(द) परोपकार
उत्तर:
(अ) पाप
प्रश्न 6.
‘सिंहनाद’ शब्द का अर्थ है-
(अ) ललकार
(ब) हुंकार
(स) दहाड़
(द) ललकार व हुंकार दोनों
उत्तर:
(द) ललकार व हुंकार दोनों
प्रश्न 7.
‘स्नेह’ शब्द का अर्थ है-
(अ) प्रेम
(ब) प्यार
(स) प्रीति
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी
प्रश्न 8.
दिशाएँ क्या उगल रही थीं?
(अ) मौसम
(ब) कम्पन
(स) लू-लपट
(द) खुशी
उत्तर:
(स) लू-लपट
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिये-
1. जला _____ बारी-बारी।
उत्तर: अस्थियाँ
2. मांगा नहीं _____ मुँह खोल।
उत्तर: स्नेह
3. अंधा _____ का मारा।
उत्तर: चकार्चौंध
4. सूर्य _____ भूगोल खगोल।
उत्तर: चन्द्र।
निम्नलिखित कथनों में से सत्य/असत्य बतलाइये-
1. आज कलम कायरों की जय बोल।
उत्तर: असत्य।
2. वीर शहीदों ने कर्त्तव्य की पुण्यवेदी पर गर्दन का मोल भी नहीं समझा।
उत्तर: सत्य
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3. शहीदों के सिंहनाद से धरती भी सहम गयी।
उत्तर: सत्य
4. पुण्यवेदी का मतलब कायरता का स्थान।
उत्तर: असत्य।
निम्नलिखित को सही सुमेलित कीजिए-
| खण्ड (अ) | खण्ड (ब) |
| 1. जला अस्थियाँ बारी- | (क) लिए बिना गर्दन का बारी मोल |
| 2. जो चढ़ गए पुण्यवेदी | (ख) उगल रही सौ लपट पर दिशाएँ |
| 3. पीकर जिनकी लाल शिखाएँ | (ग) सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल |
| 4. साखी है उनकी महिमा के | (घ) चिटकाई जिनमें चिंगारी |
उत्तर:
| खण्ड (अ) | खण्ड (ब) |
| 1. जला अस्थियाँ बारी- | (घ) चिटकाई जिनमें चिंगारी |
| 2. जो चढ़ गए पुण्यवेदी | (क) लिए बिना गर्दन का बारी मोल |
| 3. पीकर जिनकी लाल शिखाएँ | (ख) उगल रही सौ लपट पर दिशाएँ |
| 4. साखी है उनकी महिमा के | (ग) सूर्य चन्द्र भूगोल खगोल |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
सूर्य, चन्द्र आदि किनकी महिमा के साक्षी है?
उत्तर:
सूर्य, चन्द्र आदि वीरों, शहीदों की महिमा के साक्षी हैं।
प्रश्न 2.
कौन इतिहास के बारे में नहीं जानता?
उत्तर:
जो लोग अज्ञानी हैं तथा जिन्हें इतिहास के बारे में कुछ भी नहीं पता।
प्रश्न 3.
‘गर्दन का मोल’ न लेने का क्या अर्थ है?
उत्तर:
प्राणों की आहुति के बदले कुछ न चाहना।
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प्रश्न 4.
‘पुण्यवेदी’ किसे कहा गया है?
उत्तर:
‘बलिदान की वेदी’ को पुण्यवेदी कहा गया है।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
‘अगणित लघुदीप’ का प्रयोग कवि ने किसके लिए किया है? उनका अन्त कैसे हुआ?
उत्तर:
‘अगणित लघुदीप’ का प्रयोग कवि ने देश के कम आयु के बलिदानियों के लिए किया है। देश के लिए शहीद होकर इन किशोर वीरों का अन्त हुआ।
प्रश्न 2.
‘चिटकाई जिसने चिंगारी’ से कवि का संकेत किसकी ओर है?
उत्तर:
‘चिटकाई जिसने चिंगारी’ से कवि का संकेत देश के युवाओं द्वारा चहुंओर क्रान्ति की अलख जगाने से है।
प्रश्न 3.
‘पीकर जिनकी लाल शिखाएँ, उगल रही लू-लपट दिशाएँ॥’ इस पंक्ति में क्या भाव व्यक्त हुआ है?
उत्तर:
इस पंक्ति में कवि ने यह भाव व्यक्त किया है-‘उन वीर अमर शहीदों ने दीपक की भाँति जलकर जो तेज लाल अग्नि प्रज्वलित की, उसकी गर्म लपटें चारों दिशाओं में उठ रही है। सब तरफ क्रान्ति की प्रबल इच्छा बढ़ रही है।’
प्रश्न 4.
कवि ने लाल शिखाएँ किसे कहा है और क्यों?
उत्तर:
कवि ने शहीदों के रक्त को लाल शिखाएँ कहा है, क्योंकि वीर शहीदों के साहस और बलिदान को अधिक प्रभावशाली ढ़ंग से व्यक्त कर सके। लाल रंग साहस, वीरता और त्याग का प्रतीक है।
दीर्घउत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
‘आज कलम उनकी जय बोल’ कविता से क्या प्रेरणा मिलती है?
उत्तर:
‘आज कलम उनकी जय बोल’ कविता एक प्रेरणादायक कविता है जो देशप्रेम, बलिदान और कलम की शक्ति का सन्देश देती है। यह कविता हमें ऐसे लोगों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के लिए प्रेरित करती है जिन्होंने देश के लिए अपनी जान दे दी। यह कविता हमें हमेशा ऐसे लोगों की याद दिलाती है जो देश के लिए कुछ भी करने के लिए तैयार थे।
प्रश्न 2.
कवि ने कलम के माध्यम से जय बोलने की बात क्यों कहीं है?
उत्तर:
कवि ने कलम के माध्यम से जय बोलने की बात इसलिए कही है क्योंकि कवि ने उन लोगों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि दी है, जिन्होंने देश के लिए अपार यातनाएँ सहीं और हँसते-एँसते अपने प्राणों की आहुति दे दी और कभी इसके बदले में कुछ नहीं चाहा। कविता में देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों का गौरव-गान स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त हुआ है।
कलम, आज उनकी जय बोल Summary in Hindi

कठिन-शब्दार्थ एवं सरलार्थ-
जला अस्थियाँ बारी-बारी
चिटकाई जिनमें चिंगारी,
जो चढ़ गए पुणयवेदी पर
लिए बिना गर्दन का मोल।
कलम, आज उनकी जय बोल।
जो अगणित लघु दीप हमारे
तूफानों में एक किनारे,
जल-जलकर बुझ गए, किसी दिन
माँगा नहीं स्नेह मुँह खोल।
कलम, आज उनकी जय बोल।
कठिन-शब्दार्थ – जय बोल = विजय का गान करना, प्रशंसा के गीत गाना। जला अस्थियाँ = हड्डियाँ जलाकर अर्थात् अपना सब कुछ बलिदान कर। चिटकाई जिनमें चिंगारी = जिसने लोगों में क्रान्ति की भावना या नयी चेतना फैलायी। मोल = मूल्य। अगणित लघुदीप = असंख्य अनगिनत छोटे दीप, यहाँ कवि ने वीरों के लिए लघुदीप का प्रयोग किया है। स्नेह = प्रेम। पुण्यवेदी = पुण्य के लिए समर्पित स्थान।
सरलार्थ – कवि कहता है कलम ! उन वीर शहीदों की विजय का गान कर, प्रशंसा के गीत गा, जिन्होंने अपना सब कुछ बलिदान करके क्रान्ति की भावना जाग्रत की और नई चेतना फैलाई तथा जिन्होंने बिना किसी मूल्य के कर्त्तव्य की पुण्यवेदी पर स्वयं को न्यौछावर कर दिया।
हे कलम ! उनका विजयगान कर जो हमारे देश के अनेक वीर संघर्ष में चुपचाप बिना किसी लोभ लालच के बलिदान हो गए जिनको हम जानते तक नहीं। जिस प्रकार छोटे-छोटे दीपक आँधियों में एक किनारे जलते-जलते बिना तेल के बुझ जाते हैं, उसी प्रकार हमारे वीर बलिदानी बिना किसी भी सांसारिक वस्तु से प्रेम की इच्छा रखे देश पर कुर्बान हो गये।
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पीकर जिनकी लाल शिखाएँ
उगल रही लू-लपट दिशाएँ,
जिनके सिंहनाद से सहमी
धरती रही अभी तक डोल।
कलम, आज उनकी जय बोल।
अंधा चकाचौंध का मारा
क्या जाने इतिहास बेचारा?
साखी हैं उनकी महिमा के
सूर्य, चन्द, भूगोल, खगोल।
कलम, आज उनकी जय बोल।
कठिन-शब्दार्थ – लालशिखाएँ = अग्नि लपटें। लपट = गर्म लपटें। सिंहनाद = हुँकार, शेर की दहाड़। सहमी = डरी, भयभीत। डोल = चलायमान। चकाचौंध = तेज रोशनी। बेचारा = दीन, निस्सहाय। महिमा = बड़ाई, गौरव। साखी = साक्षी, गवाह।
सरलार्थ-कवि कहता है कि हे कलम ! उन वीर शहीदों की महिमा का बखान कर जिन महान वीर शहीदों ने दीपक की भाँति जलकर जो तेज (लाल) अग्नि प्रज्वालित की, उनकी गर्म लपटें चारों दिशाओं में उठ रही हैं। उन वीरों की सिंह गर्जना से पृथ्वी भयभीत होकर अब भी हिल रही है।
अपनी इस लेखनी के द्वारा कवि जयकार कर समझाना चाहता है कि तेज रोशनी की चमक में अंधा अर्थात् अज्ञानी व्यक्ति इतिहास को नहीं समझ सकता अर्थात् इतिहास में उन असंख्य वीरों का वर्णन नहीं किया गया है, जिन्होंने अपना सर्वस्व बलिदान कर अपने देश के प्रति क्रान्ति की भावना फैलाई और नई चेतना जागृत की। इसके गवाह हैं सूरज, चन्द्रमा, खगोल और भूगोल, कलम आज उनकी जय जयकार करो।
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