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Class 6 Hamara Rajasthan Chapter 13 Question Answer in Hindi योग और ध्यान केन्द्र
हमारा राजस्थान कक्षा 6 पाठ 13 के प्रश्न उत्तर
I. निम्नलिखित प्रश्नों के सही उत्तर के विकल्प को कोष्ठक में लिखिए-
प्रश्न 1.
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कब मनाया जाता है?
(अ) 20 मार्च
(ब) 21 जून
(स) 1 दिसंबर
(द) 10 मई
उत्तर:
(ब) 21 जून
प्रश्न 2.
‘योग’ का अर्थ है-
(अ) जुड़ना
(ब) घटना
(स) हटना
(द) मिटना
उत्तर:
(अ) जुड़ना।
II. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
1. योग ……………………., …………………………… एवं ………………… को जोड़ता है।
उत्तर:
शरीर, मन, आत्मा
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2. अष्टांग योग के प्रवर्तक ……………………. थे।
उत्तर:
पतंजलि।
III. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
यम का क्या अर्थ है ?
उत्तर:
यम का अर्थ नैतिक संयम है।
प्रश्न 2.
विवेकानंद ने किस योग की चर्चा की है?
उत्तर:
विवेकानंद ने राज योग की चर्चा की है।
IV. लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
अष्टांग योग से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
पतंजलि ने योगसूत्र में योग के आठ अंगों – यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान एवं समाधि की चर्चा की है, जिन्हें अष्टांग योग का नाम दिया गया है।
प्रश्न 2.
विपश्यना से मिलने वाले लाभ बताइए।
उत्तर:
विपश्यना से मिलने वाले लाभ निम्नलिखित हैं-
- यह मन की शांति और संयम को बढ़ाती है।
- विपश्यना से क्रोध और तनाव कम होता है।
- इससे आत्म नियंत्रण और करुणा का विकास होता है।
V. रचनात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
यदि सभी विद्यार्थी प्रतिदिन प्राणायाम करें तो शिक्षा का वातावरण कैसे बदलेगा? अपने विचार लिखिए।
उत्तर:
प्राणायाम श्वास को नियमित करने की तकनीक है। यदि सभी विद्यार्थी प्रतिदिन प्राणायाम करें तो वे स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस करेंगे; उनका मन एकाग्र होगा और पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी; तनाव और क्रोध कम होगा; व्यवहार अनुशासित होगा; विद्यालय में शांत, सकारात्मक और अनुशासित वातावरण बनेगा। अतः स्पष्ट है कि नियमित प्राणायाम से शिक्षा का वातावरण बेहतर, स्वस्थ और आनंदमय हो जाएगा।
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कक्षा 6 हमारा राजस्थान पाठ 13 के प्रश्न उत्तर
बहुचयनात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
योग किस देश की पुरानी परंपरा है ?
(अ) भारत
(ब) ईरान
(स) अमेरिका
(द) ब्रिटेन
उत्तर:
(अ) भारत
प्रश्न 2.
किस ग्रंथ में कहा गया है कि ‘योगः कर्मसु कौशलम्’ ?
(अ) रामचरित मानस में
(ब) विष्णु पुराण में
(स) भगवत गीता में
(द) ॠग्वेद में
उत्तर:
(स) भगवत गीता में
प्रश्न 3.
निम्न में से किस सभ्यता में योग के संकेत प्राप्त होते हैं?
(अ) बालाथल सभ्यता
(ब) सिंधु-सरस्वती सभ्यता
(स) मेसोपोटामिया सभ्यता
(द) मिस्त्र की सभ्यता
उत्तर:
(ब) सिंधु-सरस्वती सभ्यता
प्रश्न 4.
सबसे पहले योग का उपदेश किस देवता ने दिया?
(अ) शिव
(ब) ब्रह्मा
(स) विष्णु
(द) नारद
उत्तर:
(अ) शिव
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प्रश्न 5.
उपनिषद् काल में किस पर विशेष चर्चा की गई है?
(अ) भगवत गीता
(ब) योग
(स) भगवान शिव
(द) ऋषि-मुनियों पर
उत्तर:
(ब) योग
प्रश्न 6.
निम्न में से कौनसा योग का प्रकार भगवान श्रीकृष्ण ने बताया है?
(अ) कर्म योग
(ब) भक्ति योग
(स) ज्ञान योग
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी
प्रश्न 7.
आधुनिक काल में किसने योग की तरफ पूरे विश्व का ध्यान आकर्षित किया?
(अ) स्वामी विवेकानंद
(ब) पतंजलि
(स) भगवान शिव
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(अ) स्वामी विवेकानंद
प्रश्न 8.
निम्न में से कौनसा एक योग के आठ अंगों का भाग नहीं है?
(अ) यम
(ब) नियम
(स) धारणा
(द) अध्यात्म
उत्तर:
(द) अध्यात्म
प्रश्न 9.
आसनों की अधिकतम संख्या कितनी है?
(अ) 21
(ब) 84
(स) 8
(द) 88
उत्तर:
(ब) 84
प्रश्न 10.
विपश्यना विधि का पुनः अनुसंधान किसने किया?
(अ) पतंजलि ने
(ब) शिवजी ने
(स) स्वामी विवेकानंद ने
(द) गौतम बुद्ध ने
उत्तर:
(द) गौतम बुद्ध ने।
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
1. योग से शरीर मजबूत बनता है, और …………………… से मन शांत रहता है।
उत्तर:
ध्यान
2. योग का इतिहास ……………………….. वर्ष पुराना है।
उत्तर:
हजारों
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3. योग केन्द्र व्यक्ति के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को …………………….. रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उत्तर:
निरोगी
4. योग मन की दुर्बलता मिटाकर …………………. एवं …………………….. का विकास करता है।
उत्तर:
आत्म-प्रेम, आत्म-स्वीकृति
5. …………………. जैसी क्रिया में अनेक आसनों का स्वतःप्रयोग होता है।
उत्तर:
सूर्य नमस्कार
6. योग और ध्यान हमारी ………………… का अमूल्य हिस्सा है।
उत्तर:
संस्कृति।
निम्नलिखित का सुमेल कीजिए-
| स्तम्भ ‘अ’ | स्तम्भ ‘ब’ |
| (i) अष्टांग योग | (अ) स्वामी विवेकानंद |
| (ii) विपश्यना विधि | (ब) प्राणायाम |
| (iii) पहला योग उपदेश | (स) पतंजलि |
| (iv) राज योग | (द) भगवान शिव |
| (v) कुम्भक | (य) गौतम बुद्ध |
उत्तर:
| स्तम्भ ‘अ’ | स्तम्भ ‘ब’ |
| (i) अष्टांग योग | (स) पतंजलि |
| (ii) विपश्यना विधि | (य) गौतम बुद्ध |
| (iii) पहला योग उपदेश | (द) भगवान शिव |
| (iv) राज योग | (अ) स्वामी विवेकानंद |
| (v) कुम्भक | (ब) प्राणायाम |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
वैदिक काल में किसके द्वारा योग का विस्तार किया गया ?
उत्तर:
ऋषि-मुनियों के द्वारा।
प्रश्न 2.
महर्षि पतंजलि द्वारा योग को कौन-कौनसे रूपों में प्रचारित किया गया?
उत्तर:
हठ योग, राजयोग, नाथ, सिद्ध आदि ।
प्रश्न 3.
पूर्व वैदिक काल में योग की शुरुआत कब से मानी जाती है?
उत्तर:
हड़प्पा-मोहनजोदड़ो सभ्यता व संस्कृति के काल से योग की शुरुआत मानी जाती है।
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प्रश्न 4.
वैदिक काल में योगाभ्यास किसलिये किया जाता था?
उत्तर:
वैदिक काल में ऋषि-मुनियों द्वारा अपने भीतर ईश्वर- चिंतन और चित्त की एकाग्रता के लिए योगाभ्यास किया जाता था।
प्रश्न 5.
योग के आठ अंगों के नाम लिखिए।
उत्तर:
यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान एवं समाधि।
प्रश्न 6.
योग केन्द्रों की स्थापना किसलिए की जाती है?
उत्तर:
स्वस्थ और अनुशासित जीवन की शिक्षा देने के लिए वं योग केन्द्रों की स्थापना की जाती है।
प्रश्न 7.
कुछ सामान्य योगासनों के नाम लिखिए।
उत्तर:
ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, त्रिकोणासन, सूर्य नमस्कार आदि।
प्रश्न 8.
ध्यान का क्या अर्थ है ?
उत्तर:
ध्यान का अर्थ है- मन को किसी एक चीज पर टिकाना।
प्रश्न 9.
योग दिवस कब मनाया जाता है?
उत्तर:
प्रतिवर्ष 21 जून को योग दिवस मनाया जाता है।
प्रश्न 10.
राजस्थान के प्रमुख विपश्यना केंन्द्रों के नाम लिखिए।
उत्तर:
धम्म थली (जयपुर), धम्म मरुधरा (जोधपुर) एवं धम्म पुष्कर (अजमेर)।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
योग क्या है?
उत्तर:
योग का सामान्य अर्थ है ” जुड़ना” या ” ‘एक होना “। योगं शरीर, मन और आत्मा को जोड़ने का एक तरीका है। इसमें आसन, प्राणायाम और ध्यान शामिल होते हैं। आत्मिक अनुशासन भी योग है और कर्मों में कुशलता को भी योग कहा गया है जैसाकि भगवत गीता में कहा है “योग: कर्मसु कौशलम् “।
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प्रश्न 2.
योग के आठ अंगों के अर्थ बताइये ।
उत्तर:
- यम- नैतिक संयम,
- नियम- व्यक्तिगत अनुशासन,
- आसन – विभिन्न शारीरिक मुद्राएँ,
- प्राणायाम – श्वास को नियमित करने की तकनीक,
- प्रत्याहार – इंद्रियों को नियंत्रण में रखना,
- धारणा- एक बिन्दु पर ध्यान केन्द्रित करना,
- ध्यान-किसी वस्तु पर गहन ध्यान केन्द्रित करना,
- समाधि- स्वयं में ध्यान और विलय होना।
प्रश्न 3.
योग करने के लाभ लिखिए।
उत्तर:
योग करने के निम्नलिखित लाभ हैं—
- शरीर लचीला और मजबूत बनता है।
- ध्यान और एकाग्रता बढ़ती है।
- सांस लेने की प्रक्रिया सुधरती है।
- बीमारियाँ कम होती हैं और आत्मविश्वास बढ़ता है।
- मन शांत और खुश रहता है।
प्रश्न 4.
प्राणायाम से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
हमारे जीवन में योग के रूप में प्राणायाम का बड़ा महत्त्व है। प्राणायाम श्वास को नियमित करने की तकनीक है। महर्षि पतंजलि की मान्यता के अनुसार प्राणायाम के तीन प्रकार रेचक (साँस खींचना ), पूरक (साँस छोड़ना) और कुम्भक (साँस को रोकना) में अष्टांग योग के अंग हैं ।
प्रश्न 5.
विपश्यना से मिलने वाले लाभों तथा राजस्थान में इसके प्रमुख केन्द्रों का संक्षिप्त विवरण दीजिए।
उत्तर
विपश्यना से मिलने वाले प्रमुख लाभ-
- मन की शांति और संयम बढ़ता है।
- क्रोध और तनाव कम होता है।
- आत्मनियंत्रण तथा करुणा का विकास होता है। राजस्थान में प्रमुख विपश्यना केन्द्र धम्म थली (जयपुर), धम्म मरुधरा (जोधपुर) एवं धम्म पुष्कर (अजमेर)।
दीर्घउत्तरीय प्रश्न-
प्रश्न 1.
ध्यान का क्या अर्थ है? ध्यान से होने वाले प्रमुख लाभ लिखिए।
उत्तर:
ध्यान का अर्थ है-‘मन को किसी एक चीज पर टिकाना’।
जब हम ध्यान करते हैं तो इसमें हमें निम्नलिखित लाभ होते हैं-
- हमारा मन शांत होता है और हमें अंदर से सुकून मिलता है।
- तनाव और चिंता कम होती है।
- मन में एकाग्रता आती है।
- हम अधिक धैर्यवान और दयालु बनते हैं।
- नींद और मनोदशा में सुधार होता है।
प्रश्न 2.
योग के महत्त्व पर चर्चा कीजिए।
उत्तर:
वर्तमान में स्वास्थ्य और तंदरुस्ती की प्राप्ति के लिए योग को अपनाया गया है और वैश्विक स्तर पर जागरण के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 21 जून को योग दिवस मनाया जाता है। योग दैनिक जीवन का अंग हो तो स्वास्थ्य बना रहता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर नहीं होती इसीलिए विद्यालयों में प्रार्थना सभा से लेकर शारीरिक शिक्षा के कालांश में भी योग का अभ्यास आवश्यक बताया गया है।
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प्रश्न 3.
विपश्यना पर संक्षिप्त लेख लिखें।
उत्तर:
विपश्यना एक पुरातन साधना विधि है जो जैसा है, उसे ठीक वैसा ही देखना- समझना विपश्यना है। लगभग 2500 वर्ष पूर्व भगवान गौतम बुद्ध ने विलुप्त हुई इस पद्धति का पुनः अनुसंधान कर इसे रोगों के इलाज एवं जीवन जीने की कला के रूप में प्रतिपादित किया। इसके शिविर में गंभीरता, दृढ़ता से काम करना होता है। प्रशिक्षण के निश्चित सोपान हैं। यह साधना मन का व्यायाम है। जैसे शारीरिक व्यायाम से शरीर को स्वस्थ बनाया जाता है वैसे ही विपश्यना से मन को स्वस्थ बनाया जाता|
निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
योग का इतिहास क्या है? चर्चा कीजिए।
उत्तर:
योग का इतिहास हजारों वर्ष पुराना है। योग के संकेत सिंधु-सरस्वती सभ्यता में भी मिलते हैं। योग का सबसे पहला उपदेश आदि योगी माने जाने वाले भगवान शिव ने दिया। योग की शुरुआत हड़प्पा-मोहनजोदड़ो की सभ्यता व संस्कृति के काल से मानी जाती है। वहाँ की मूर्तियों में ध्यान मुद्रा में बैठे योगी देखे गये हैं।
वैदिक काल में ऋषि-मुनियों द्वारा योग का विस्तार किया गया। महर्षि पतंजलि ने इसे सुव्यवस्थित किया जो आगे चलकर कई पंथों जैसे— हठ योग, राजयोग, नाथ, सिद्ध आदि रूपों में प्रचारित किया गया। वैदिक काल में ऋषि- मुनियों द्वारा ईश्वर-चिंतन तथा चित्त की एकाग्रता के लिए योगाभ्यास किया जाता था। उपनिषद काल में भी योग पर विशेष चर्चा की गई है। गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने अनेक प्रकार के योग बताये हैं, जिनमें कर्मयोग, भक्ति योग तथा ज्ञान योग मुख्य हैं। पतंजलि ने योगसूत्र में अष्टांग योग (आठ योग) की चर्चा की तथा आधुनिक काल में स्वामी विवेकानंद ने राजयोग के बारे में बताया।
प्रश्न 2.
योग केन्द्रों की क्या भूमिका है? इनकी स्थापना के कारणों की व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
योग केन्द्र समाज में विभिन्न विद्यालयों एवं सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से योग के ज्ञान का प्रचार-प्रसार करते हैं। योग केन्द्रों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है, जिनमें योग से संबंधित जानकारियाँ दी जाती हैं। ये योग केन्द्र आध्यात्मिक कार्यक्रमों के आयोजनों के माध्यम से विभिन्न जीवन शैली सुधार करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्वस्थ और अनुशासित जीवन की शिक्षा देने के लिए योग केन्द्र स्थापित किये जाते हैं। क्योंकि योग और ध्यान तनाव एवं घबराहट दूर करने का एक माध्यम है, पुरानी बीमारियों को भी योगाभ्यास से ठीक किया जा सकता है। योग व्यक्ति की एकाग्रता, चित्त की शांति एवं आत्मविश्वास को बढ़ा सकता है। इसके नियमित अभ्यास से मन में शांति, संतुलन और स्थिरता की भावना उत्पन्न की जा सकती है। नियमित योगाभ्यास से शारीरिक दुर्बलता कम होती है। भावनाओं में संतुलन बढ़ता है तथा रक्त संचार, पाचन क्रिया एवं शरीर के संतुलन में भी सुधार होता है। योग मन की दुर्बलता को मिटाकर आत्म-प्रेम एवं आत्म- स्वीकृति का विकास करता है।
प्रश्न 3.
विपश्यना के प्रशिक्षण के विभिन्न सोपानों का विस्तृत वर्णन कीजिए।
उत्तर:
विपश्यना एक पुरातन साधना विधि है। जो जैसा है, उसे ठीक वैसा ही समझना देखना विपश्यना है। इसके. प्रशिक्षण के निश्चित सोपान हैं। पहला सोपान- साधक पाँच शील पालन करने का व्रत लेते हैं अर्थात् जीव- हिंसा, चोरी, झूठ बोलना, अब्रह्मचर्य तथा मादक पदार्थों के सेवन – से विरत रहना। अन्य सोपान में नासिका से आते-जाते हुए अपने बदलते नैसर्गिक सांस पर ध्यान केन्द्रित कर मन पर स्वामित्व पाने की साधना का अभ्यास करना, जिसे आनापान साधना कहते हैं। चौथे दिन मन शांत, एकाग्र एवं विपश्यना क को समझने लायक हो जाता है। जिसमें अपनी काया के भीतर संवेदनाओं के प्रति सजग रहना, उनके सही स्वभाव को समझना एवं उनके प्रति प्रतिक्रिया किये बिना समता। रखना सम्मिलित है। दसवें दिन सहभागी साधक मंगल- मैत्री का अभ्यास सीखते हैं एवं शिविर काल के अर्जित पुण्य का सभी प्राणियों को भागीदार बनाया जाता है।
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