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Class 6 Sanskrit Chapter 9 Question Answer यो जानाति सः पण्डितः
कक्षा 6 संस्कृत पाठ 9 के प्रश्न उत्तर
Class 6 Sanskrit Deepakam Chapter 9 Question Answer
पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
पाठस्य आधारेण निम्नलिखितानां प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तरं लिखन्तु।
(पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक पद में लिखिए।)

उत्तर:
(क) तक्रम्।
(ख) मृत्युञ्जयः (शिवः)।
(ग) शक्रस्य (इन्द्रस्य)।
(घ) कुम्भकर्णस्य।
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प्रश्न 2.
पाठस्य आधारेण निम्नलिखितानां प्रश्नानाम् पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखन्तु।
(पाठ के आधार पर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर पूर्ण वाक्य में लिखिए।)

उत्तर:
(क) विष्णुपदं दुर्लभं प्रोक्तम्।
(ख) नयनस्य आदिः अन्तः च ‘न’ अस्ति।
(ग) नरः काश्यां मृत्युम् इच्छति।
(घ) कुलालस्य गृहे अर्धं कुम्भम् अस्ति।
प्रश्न 3.
अधोलिखितानि शब्दरूपाणि पठन्तु अवगच्छन्तु स्मरन्तु च।
(अधोलिखित शब्द रूपों को पढ़ों, समझो और याद कीजिए।)


उत्तर:
(नोट- विद्यार्थी स्वयं पढ़कर स्मरण करें।)
प्रश्न 4.
उदाहरणानुसारं वाक्यानि लिखन्तु।
(उदाहरण के अनुसार वाक्य लिखिए।)
यथा – विद्यालय: छात्र – विद्यालयस्य छात्रः गच्छति।

उत्तर:
(क) द्विचक्रिका – चक्रम् – द्विचक्रिकायाः चक्रं भ्रमति।
(ख) वृक्षः – फलम् – वृक्षस्य फलं खादति।
(ग) छात्रा – नाम – छात्रायाः नाम पृच्छति।
(घ) रामः – पुस्तकम् – रामस्य पुस्तकम् आनयति।
(ङ) मन्दिरम् – शिखरं – मन्दिरस्य शिखरं पश्यति।
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प्रश्न 5.
तालिकायां प्रदत्तानां शब्दानां षष्ठीविभक्तेः रूपाणि रिक्तस्थाने लिखन्तु।
(तालिका में प्रदत्त शब्दों के षष्ठी विभक्ति में रूप रिक्त स्थान में लिखिए।)

उत्तर:

प्रश्न 6.
रिक्तस्थानेषु कुटुम्बस्य परिचयं लिखन्तु।
(रिक्त स्थानों में परिवार का परिचय लिखिए।)

उत्तर:
यथा मम नाम दिनेशः। मम पितुः नाम सुरेशः।
मम मातुः नाम कमला मम अग्रजस्य नाम महेन्द्रः।
मम अनुजायाः नाम सुधा मम पितामहस्य नाम गोपालः।
मम पितामह्याः नाम विमला। मम पितृव्यस्य नाम जितेन्द्रः।
मम पितृव्यायाः नाम राधा । एतत् मम कुटुम्बकम्।
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प्रश्न 7.
अधः श्रीरामस्य कुटुम्बस्य रेखाचित्रम् अस्ति। चित्रं दृष्ट्वा उदाहरणानुसारं वाक्यानि रचयन्तु।
(नीचे श्रीराम के परिवार का रेखाचित्र है। चित्र देखकर उदाहरण के अनुसार वाक्य – रचना कीजिए।)
यथा- रामस्य पिता दशरथः

उत्तर:
रामस्य पिता दशरथः। दशरथस्य पुत्रः रामः।
रामस्य माता कौशल्या। कौशल्यायाः पुत्रः रामः।
रामस्य श्वशुरः जनकः। जनकस्य जामाता रामः।
रामस्य पत्नी सीता। सीतायाः पतिः रामः।
रामस्य श्वश्रूः सुनयना सुनयनायाः जामाता रामः।
रामस्य अनुज लक्ष्मणः। लक्ष्मणस्य अग्रजः रामः।
रामस्य पुत्रः लवः। लवस्य पिता रामः।
सीतायाः श्वशुरः दशरथ:। दशरथस्य स्नुषा सीता।
सीतायाः श्वश्रूः कौशल्या कौशल्याया: स्नुषा सीता।
सीतायाः पिता जनकः। जनकस्य पुत्री सीता।
सीतायाः पतिः रामः। रामस्य पत्नी सीता।
सीतायाः माता सुनयना। सुनयनायाः पुत्री सीता।
सीतायाः देवरः लक्ष्मणः। लक्ष्मणस्य भ्रातृजाया सीता।
सीतायाः पुत्रः लवः। लवस्य माता सीता।
प्रश्न 8.
निम्नङ्कित – पुस्तकसूचि मध्ये कस्य उपरि किम् अस्ति इति लिखन्तु।
(निम्नांकित पुस्तक – सूचि के मध्य में किसके ऊपर क्या है ? यह लिखिए।)

उत्तर:
यथा- 1. लीलावत्याः उपरि पञ्चतन्त्रम् अस्ति।
2. भगवद्गीतायाः उपरि लीलावती अस्ति।
3. रामायणस्य उपरि भगवद्गीता अस्ति।
4. हितोपदेशस्य उपरि रामायणम् अस्ति।
5. योगशास्त्रस्य उपरि हितोपदेशः अस्ति।
6. रघुवंशस्य उपरि योगशास्त्रम् अस्ति।
7. मनुस्मृत्याः उपरि रघुवंशम् अस्ति।
8. अमरकोषस्य उपरि मनुस्मृतिः अस्ति।
9. अष्टाध्याय्याः उपरि अमरकोषः अस्ति।
10. महाभारतस्य उपरि अष्टाध्यायी अस्ति।
11. अर्थशास्त्रस्य उपरि महाभारतम् अस्ति।
Class 6th Sanskrit Chapter 9 Question Answer
प्रश्न 1.
निम्नलिखित प्रश्नानाम् उत्तराणि विकल्पेभ्यः चित्वा लिखत-
(i) “यो जानाति सः पण्डित” इति पाठस्य क्रमः कः?
(अ) पञ्चमः
(ब) सप्तमः
(स) दशमः
(द) नवमः
उत्तर:
(द) नवमः
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(ii) भोजनान्ते किं पेयम्?
(अ) दुग्धम्
(ब) तक्रम्
(स) जलम्
(द) आम्ररसम्
उत्तर:
(ब) तक्रम्
(iii) जयन्तः कस्य पुत्रः?
(अ) विष्णोः
(ब) शिवस्य
(स) शक्रस्य
(द) शुक्रस्य
उत्तर:
(स) शक्रस्य
(iv) दुर्लभं किम् प्रोक्तम्?
(अ) विष्णुपदम्
(ब) धनम्
(स) उच्चपदम्
(द) स्वर्गम्
उत्तर:
(अ) विष्णुपदम्
(v) ‘मध्ये यस्तस्य तिष्ठति’- अत्र क्रियापदं किम्?
(अ) यः
(ब) मध्ये
(स) तस्य
(द) तिष्ठति
उत्तर:
(द) तिष्ठति
(vi) कस्य आदि अन्तः च ‘न’ अस्ति?
(अ) पवनस्य
(ब) नयनस्य
(स) भुवनस्य
(द) मननस्य
उत्तर:
(ब) नयनस्य
(vii) मानवः काश्यां किम् इच्छति?
(अ) ऐश्वर्यम्
(ब) वित्तम्
(स) मृत्युम्
(द) भूमिम्
उत्तर:
(स) मृत्युम्
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(viii) ‘युद्धे’ इति पदस्य पर्यायपदं किम्?
(अ) रणे
(ब) रसे
(स) जये
(द) पराक्रमे
उत्तर:
(अ) रणे
(ix) ‘किमिच्छति नरः काश्याम्’ अत्र कर्तृपदं किम्?
(अ) इच्छति
(ब) काश्याम्
(स) किम्
(द) नरः
उत्तर:
(द) नरः
(x) ‘पूर्णम्’ इति पदस्य विलोमपदं किम्?
(अ) सर्वम्
(ब) अर्धम्
(स) न्यूनतमम्
(द) अधिकम्
उत्तर:
(ब) अर्धम्
प्रश्न 2.
कोष्ठकात् उचितपदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत-
(i) जयन्त: ………. सुत:? (किम्/कस्य)
(ii) भोजनान्ते च ………. पेयम्। (तक्रं/शक्रं)
(iii) ………. अग्रे फलं दृष्टम् (वृक्ष:/ वृक्षस्य)
(iv) यो ………. सः पण्डितः। (जानाति / जानासि)
(v) रणे भूपानां ………. हितः। (पराजय : जय:)
उत्तर:
(i) कस्य
(ii) तक्रं
(iii) वृक्षस्य
(iv) जानाति
(v) जय:
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प्रश्न 3.
एकपदेन उत्तराणि लिखन्तु-
(i) विष्णुपदं कीदृशम् कथितम्?
(ii) शक्रस्य पुत्रः कः?
(iii) कस्य आदि अन्तः च ‘न’ अस्ति?
(iv) हस्तिनापुरे कुम्भकारस्य अपरम् अर्धम् किम्?
(v) मृत्युञ्जयः केषां वन्दनीयः?
उत्तर:
(i) दुर्लभम्।
(ii) जयन्त:।
(iii) नयनस्य।
(iv) कर्ण:।
(v) सर्वदेवानाम्।
प्रश्न 4.
पूर्णवाक्येन उत्तराणि लिखन्तु-
(i) वृक्षस्याग्रे किं दृष्टम्? फलाग्रे च किम् दृष्टम्?
(ii) अकारादिः सकारान्तं च किम्?
(iii) ‘तवाप्यस्ति ममाप्यस्तिः’ इति प्रहेलिकायाः उत्तरं किम्?
(iv) का बुद्धे तार्किकशक्तिं वर्धयन्ति?
(v) प्रहेलिका : किम् विकासयन्ति?
उत्तर:
(i) वृक्षस्याग्रे फलं दृष्टम्। फलाग्रे च वृक्षः दृष्टः।
(ii) अकारादिः सकारान्तम् च ‘अनानासः’।
(iii) इति प्रहेलिकायाः उत्तरम् -‘ नयनम्’ इति।
(iv) प्रहेलिका बुद्धे : तार्किकशक्तिं वर्धयन्ति।
(v) प्रहेलिका : चिन्तनक्षमतां विकासयन्ति।
प्रश्न 5.
रेखाङ्कितपदम् अधिकृत्य प्रश्ननिर्माणं कुर्वन्तु-
(i) प्रहेलिका कवीनां बुद्धिमत्तां दर्शयन्ति।
(ii) भोजनस्य अन्ते तक्रं पानीयम्।
(iii) वृक्षस्य अग्रे फलं दृष्टम्।
(iv) मनुष्यः काश्यां मृत्युम् इच्छति।
(v) युद्धे महाराजानां जय: हितः।
उत्तर:
(i) प्रहेलिकाः केषां बुद्धिमत्तां दर्शयन्ति?
(ii) कस्य अन्ते तक्रं पानीयम्?
(iii) कस्य अग्रे फलं दृष्टम्?
(iv) मनुष्यः कुत्र मृत्युम् इच्छति?
(v) युद्धे केषां जय: हित:?
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प्रश्न 6.
उचितक्रमानुसारं शब्दार्थ – मेलनं कुर्वन्तु –
(क) – (ख)
(i) सुतः – नृपाणाम्
(ii) कुलालस्य – इन्द्रस्य
(iii) तक्रम् – कुम्भकारस्य
(iv) शक्रस्य – युद्धे
(v) रणे – मथितम्
(vi) भूपानाम् – पुत्र:
उत्तर:
(i) सुत: पुत्र:।
(ii) कुलालस्य – कुम्भकारस्य।
(iii) तक्रम् – मथितम्।
(iv) शक्रस्य – इन्द्रस्य।
(v) रणे – युद्धे।
(vi) भूपानाम् – नृपाणाम्।
Deepakam Class 6 Chapter 9 यो जानाति सः पण्डितः Summary
पाठ-परिचय-संस्कृत साहित्य में पहेलियों का विशेष स्थान है। पहेलियाँ बालक से लेकर वृद्धों तक सभी के मन में प्रसन्नता उत्पन्न करती हैं। बुद्धि की तर्क शक्ति को बढ़ाती हैं। चिन्तन करने की क्षमता का विकास करती हैं। प्राचीन कवियों की बुद्धिमत्ता और कल्पना शक्ति को दिखलाती हैं। प्रस्तुत पाठ में कुछ पहेलियों को दर्शाया गया है।
कठिन शब्दार्थ एवं हिन्दी अनुवाद / भावार्थ
भोजनान्ते च किं पेयं जयन्तः कस्य वै सुतः।
कथं विष्णुपदं प्रोक्तं क्रं शक्रस्य दुर्लभम् ॥१॥
विवरणम् – भोजनस्य ……………………………….. उक्तम् ! (……..)।
कठिन शब्दार्थ – भोजनान्ते = भोजन के अन्त में। पेयम् = पीने के योग्य। कस्य = किसका। सुतः = पुत्र। विष्णुपदम् = भगवान् विष्णु का स्थान। प्रोक्तम् = कहा गया है। तक्रम् = छाछ। शक्रस्य = इन्द्र का।
हिन्दी अनुवाद / भावार्थ भोजन के अन्त में क्या पीना चाहिए? उत्तर- छाछ। जयन्त किसका पुत्र है? उत्तर- इन्द्र का। विष्णु भगवान् का सान्निध्य किस प्रकार का कहा गया है? उत्तर-दुर्लभ।
न तस्यादिर्न तस्यान्तो मध्ये यस्तस्य तिष्ठति।
तवाप्यस्ति ममाप्यस्ति यदि जानासि तद्वद ॥२॥
विवरणम् – तस्य आदिः ……………………………….. तत् वद -(………..)।
कठिन शब्दार्थ – तस्य = उसका। आदिः = आरम्भ। न = नहीं। यः = जो। मध्ये = बीच में। तव = तुम्हारा। अपि = भी। मम = मेरा। जानासि = जानते हो। वद = बोलो।
हिन्दी अनुवाद / भावार्थ – जिसका प्रारम्भ नहीं (न) है, जिसका अन्त नहीं (न) है, उसके मध्य में जो (य) रहता है। वह तुम्हारे पास भी है और मेरे पास भी है। यदि जानते हो तो बतलाओ वह क्या है ? उत्तर- नयन (नेत्र)।
अर्थात् ‘नयन’ शब्द के प्रारम्भ व अन्त में ‘न’ तथा मध्य में ‘य’ है। नयन सभी के पास है।
वृक्षस्याग्रे फलं दृष्टं फलाग्रे वृक्ष एव च।
अकारादिं सकारान्तं यो जानाति स पण्डितः ॥३॥
विवरणम् – वृक्षस्य अग्रे ……………………………….. सः पण्डितः – (………..)।
कठिन शब्दार्थ वृक्षस्य वृक्ष पेड़ के अग्रे आगे दृष्टम् = देखा गया। अकारादिम् = ‘अ’ वर्ण जिसके आरम्भ में है। सकारान्तम् = ‘स’ वर्ण जिसके अन्त में है। जानाति जानता है।
हिन्दी अनुवाद / भावाथ – वृक्ष के आगे फल देखा गया है तथा फल के आगे भी वृक्ष ही है। जिसके आरम्भ में ‘अ’ वर्ण है और उसी प्रकार जिसके अन्त में ‘स’ वर्ण है, उस पद को जो जानता है, वही पण्डित (विद्वान्) है। उत्तर- ‘अनानास ‘। अनानास के फल के आगे एवं पीछे वृक्ष ही होता है।
किमिच्छति नरः काश्यां भूपानां को रणे हितः
को वन्द्यः सर्वदेवानां दीयतामेकमुत्तरम् ॥४॥
विवरणम् – मनुष्यः काश्यां ……………………………….. ददातु – (………..)।
कठिन – शब्दार्थ – नरः = मनुष्य काश्याम् = काशी नगरी में। किम् = क्या। इच्छति = चाहता है। रणे = युद्ध में। भूपानाम् = राजाओं का। हितः = भला, हित। सर्वदेवानाम् = सभी देवताओं में। वन्द्यः = वन्दनीय। दीयताम् = दीजिए।
हिन्दी अनुवाद / भावार्थ – मनुष्य काशी नगरी में क्या चाहता है? उत्तर- मृत्यु। युद्ध में राजाओं का हित (भला) क्या है? उत्तर – जय। सभी देवताओं के वन्दनीय कौन हैं? एक पद में उत्तर – दीजिए- मृत्युञ्जय। अर्थात् इस पहेली के प्रथम एवं द्वितीय प्रश्नों के उत्तरों को मिलाकर तृतीय प्रश्न की पहेली का एक पद में उत्तर बन जाता है। सभी देवों के वन्दनीय भगवान् ‘मृत्युञ्जय’ (शिव) हैं।
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कुलालस्य गृहे ह्यर्थं तदर्थं हस्तिनापुरे।
द्वयं मिलित्वा लङ्कायां यो जानाति स पण्डितः ॥५॥
विवरणम् – कुम्भकारस्य सः ……………………………….. पण्डितः – (………..)।
कठिन – शब्दार्थ – कुलालस्य = कुम्हार (कुम्भकार) के गृहे = घर में अर्धम् = आधा तदर्थम् = उसका आधा। हस्तिनापुरे हस्तिनापुर में मिलित्वा = मिलकर। यः = जो। जानाति = जानता है।
हिन्दी अनुवाद / भावार्थ- कुम्हार (कुम्भकार) के घर में एक आधा भाग क्या है? उत्तर-घड़ा (कुम्भ, कुम्भकार का आधा भाग)। हस्तिनापुर में उसका (कुम्भकार शब्द का) दूसरा आधा भाग क्या है? उत्तर- कर्ण (कार शब्द का रूप)। दोनों मिलकर (कुम्भ+कर्ण) पूर्णरूप लंका में क्या है? जो इसका उत्तर जानता है वही पण्डित है। उत्तर-कुम्भकर्ण। इस पहेली के प्रथम प्रश्न एवं द्वितीय प्रश्न के उत्तर को मिलाकर तीसरे प्रश्न का उत्तर हल हो जाता है।
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