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Class 6th Science Chapter 12 Question Answer in Hindi Medium
Science Class 6 Chapter 12 Question Answer in Hindi
पृष्ठ 232
प्रश्न 1.
कौन-सा तारा हमारे सबसे निकट है?
उत्तर:
सूर्य हमारे सबसे निकट का तारा है
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1.
अग्रलिखित का मिलान कीजिए-
| स्तंभ-I | स्तंभ-II |
| (i) पृथ्वी का उपग्रह | (क) ओरायन |
| (ii) लाल ग्रह | (ख) शुक्र |
| (iii) तारा मंडल | (ग) मंगल |
| (iv) एक ग्रह जिसे सामान्यतः सांध्य तारा कहा जाता है। | (घ) चंद्रमा |
उत्तर:
| स्तंभ-I | स्तंभ-II |
| (i) पृथ्वी का उपग्रह | (घ) चंद्रमा |
| (ii) लाल ग्रह | (ग) मंगल |
| (iii) तारा मंडल | (क) ओरायन |
| (iv) एक ग्रह जिसे सामान्यतः सांध्य तारा कहा जाता है। | (ख) शुक्र |
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प्रश्न 2.
(क) निम्नलिखित पहेलियों को हल कीजिए-
मेरे नाम का पहला अक्षर मंत्रणा में है यंत्रणा में नहीं, मेरे नाम का दूसरा अक्षर गगन और सागर दोनों में है, मेरे नाम का तीसरा अक्षर जल में है, जग में नहीं, मैं सूर्य की परिक्रमा करने वाला एक ग्रह हूँ।
(ख) इस प्रकार की दो पहेलियाँ आप स्वयं बनाइए।
उत्तर:
(क) पहला अक्षर : मं, दूसरा अक्षर = ग, तीसरा अक्षर = ल, अतः उत्तर होगा- मंगल
(ख) (i) मेरे नाम का पहला अक्षर शुरुआत में है अंत में नहीं, मेरे नाम का दूसरा अक्षर क्रम में है कम में नहीं, मैं सूर्य की परिक्रमा करने वाला एक ग्रह हूँ।
उत्तर:
शुक्र।
(ii) मेरे नाम का पहला अक्षर ओले में है हिम में नहीं, मेरे नाम का दूसरा अक्षर रात में है, दिन में नहीं, मेरे नाम का तीसरा अक्षर यज्ञ और यक्ष दोनों में है।
मेरे नाम का चौथा अक्षर नभ में है आकाश में नहीं, मैं एक तारामंडल हूँ।
उत्तर:
ओरायन।
प्रश्न 3.
निम्नलिखित में से कौन सौर परिवार का सदस्य नहीं है?
(क) लुब्धक
(ख) क्षुद्रग्रह
(ग) धूमकेतु
(घ) प्लूटो
उत्तर:
(क) लुब्धक
प्रश्न 4.
निम्नलिखित में से कौन सूर्य का ग्रह नहीं है?
(क) बृहस्पति
(ख) वरुण
(ग) प्लूटो
(घ) शनि
उत्तर:
(ग) प्लूटो
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प्रश्न 5.
ध्रुव तारा और लुब्धक में से कौन अधिक चमकदार तारा है?
उत्तर:
ध्रुव तारा की तुलना में लुब्धक अधिक चमकदार तारा है।
प्रश्न 6.
सौर परिवार का किसी चित्रकार द्वारा बनाया गया चित्र दर्शाया गया है। क्या इसमें ग्रहों का क्रम ठीक है? यदि ठीक नहीं है, तो चित्र के नीचे दिए गए बॉक्स में उनका सही क्रम लिखिए।

उत्तर:
ग्रहों का सही क्रम है- 1. बुध 2. शुक्र 3. पृथ्वी 4. मंगल 5. बृहस्पति 6. शनि 7. यूरेनस 8. वरुण।
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प्रश्न 7.
रात्रि – आकाश का एक भाग चित्र में दर्शाया गया है। बिग डिपर एवं लिटिल डिपर के तारों को सरल रेखाओं द्वारा जोड़िए । ध्रुव तारे को पहचानिए और चित्र में इसका नाम लिखिए।

उत्तर:

प्रश्न 8.
रात्रि – आकाश का एक भाग चित्र में दर्शाया गया है। इसमें ओरायन तारा मंडल के तारों को सरल रेखाओं द्वारा जोड़िए। तारे लुब्धक का नाम अंकित कीजिए। इसके लिए आप पाठ्यपुस्तक के चित्र 12.3 की सहायता ले सकते हैं।

उत्तर:

प्रश्न 9.
आप उषाकाल में तारों को लुप्त होते तथा संध्याकाल में प्रकट होते देख सकते हैं। दिन के समय आप तारों को नहीं देख पाते हैं। ऐसा क्यों होता है? व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
दिन के समय, सूर्य की चमक के कारण अन्य तारों को देख पाना संभव नहीं हो पाता है। वायुमंडल के कारण सूर्य का प्रकाश बिखर जाता है जिससे आकाश नीला दिखाई देता है जिससे तारों की हल्की चमक छिप जाती है।
RBSE Class 6 Science Chapter 12 Important Questions in Hindi
बहुचयनात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
रात्रि के आकाश का सबसे चमकीला तारा है—
(अ) पोल स्टार
(ब) ओरायन
(स) सिरियस
(द) बीटलजूज
उत्तर:
(स) सिरियस
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प्रश्न 2.
संपूर्ण आकाश को कितने तारामंडल क्षेत्रों में विभाजित किया गया है?
(अ) 78
(ब) 18
(स) 36
(द) 88
उत्तर:
(द) 88
प्रश्न 3.
भारत में सप्तर्षि के नाम से किसे जाना जाता है?
(अ) बिग डिपर
(ब) लिटिल डिपर
(स) अल्डेबरान
(द) प्लायोडिज
उत्तर:
(अ) बिग डिपर
प्रश्न 4.
ध्रुव तारा किस तारामंडल का अंग है?
(अ) बिग डिपर
(ब) लिटिल डिपर
(स) ओरायन
(द) प्लायोडिज
उत्तर:
(ब) लिटिल डिपर
प्रश्न 5.
आंतरिक ग्रह नहीं है—
(अ) शुक्र
(ब) पृथ्वी
(स) शनि
(द) मंगल
उत्तर:
(स) शनि
प्रश्न 6.
‘वामन ग्रह’ कहलाता है—
(अ) शुक्र
(ब) बुध
(स) यूरेनस
(द) प्लूटो
उत्तर:
(द) प्लूटो
प्रश्न 7.
मंगल के कितने चंद्रमा हैं-
(अ) एक
(ब) दो
(स) तीन
(द) अनेक
उत्तर:
(ब) दो
प्रश्न 8.
चंद्रमा पृथ्वी की एक परिक्रमा पूरी करने में लगभग कितने दिन का समय लेता है-
(अ) 27
(ब) 24
(स) 30
(द) 26
उत्तर:
(अ) 27
प्रश्न 9.
भारत ने चंद्रमा के अध्ययन के लिए कितने अभियान पूरे कर लिये हैं-
(अ) 1
(ब) 2
(स) 3
(द) 4
उत्तर:
(स) 3
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प्रश्न 10.
‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’ कब मनाया जाता है?
(अ) 28 सितम्बर
(ब) 23 अगस्त
(स) 14 नवम्बर
(द) 16 जुलाई
उत्तर:
(ब) 23 अगस्त
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. रात्रि – आकाश का सर्वोत्तम अवलोकन __________ और __________ स्थान से किया जाता है।
उत्तर:
खुले, अँधेरे
2. सूर्य व्यास में पृथ्वी से लगभग __________ गुना बड़ा है।
उत्तर:
100
3. किसी पिंड का सूर्य के चारों ओर घूमना __________ कहलाता है।
उत्तर:
परिक्रमण
4. ग्रहों के प्राकृतिक उपग्रहों को __________ कहा जाता है।
उत्तर:
चंद्रमा
5. सूर्य एक __________ है जो ऊष्मा और प्रकाश उत्पन्न करता है।
उत्तर:
तारा
6. हमारा सौर परिवार __________ आकाश गंगा का अंग है।
उत्तर:
मंदाकिनी
निम्न में से सत्य / असत्य कथन छाँटिए
1. तारामंडल ओरायन को प्रायः शिकारी के रूप में निरूपित किया जाता है। (सत्य / असत्य)
उत्तर:
सत्य
2. विश्वस्तर पर प्रकाश प्रदूषण में कमी हो रही है। (सत्य / असत्य)
उत्तर:
असत्य
3. सूर्य की परिक्रमा करने के साथ-साथ पृथ्वी अपने अक्ष पर घूर्णन भी करती है। (सत्य / असत्य)
उत्तर:
सत्य
4. क्षुद्रग्रहों का आकार 10 मीटर से लेकर लगभग 500 किलोमीटर तक होता है। (सत्य / असत्य)
उत्तर:
सत्य
कॉलम – 1 में दिए गए शब्दों का मिलान कॉलम- 2 से कीजिए
प्रश्न 1.
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| (1) आर्द्रा | (A) अल्डेबरान |
| (2) कृत्तिका | (B) सिरियस |
| (3) रोहिणी | (C) बीटलज्ज |
| (D) प्लायोडिज |
उत्तर:
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| (1) आर्द्रा | (C) बीटलज्ज |
| (2) कृत्तिका | (D) प्लायोडिज |
| (3) रोहिणी | (A) अल्डेबरान |
| (4) लुब्धक | (B) सिरियस |
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प्रश्न 2.
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| (1) धूमकेतु | (A) प्राकृतिक उपग्रह |
| (2) ध्रुव तारा | (B) आकाश गंगा |
| (3) चंद्रमा | (C) पोल स्टार |
| (4) मंदाकिनी | (D) हेली |
उत्तर:
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| (1) धूमकेतु | (D) हेली |
| (2) ध्रुव तारा | (C) पोल स्टार |
| (3) चंद्रमा | (A) प्राकृतिक उपग्रह |
| (4) मंदाकिनी | (B) आकाश गंगा |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
ध्रुव तारे का क्या महत्त्व है?
उत्तर:
ध्रुव तारा उत्तर दिशा में अचल दिखाई पड़ता है, जिसकी सहायता से उत्तरी गोलार्द्ध में उत्तर दिशा की पहचान की जा सकती है।
प्रश्न 2.
सूर्य का व्यास पृथ्वी से लगभग 100 गुना बड़ा है फिर भी यह हमें इतना छोटा क्यों दिखाई देता है?
उत्तर:
क्योंकि यह पृथ्वी से बहुत अधिक दूरी पर है।
प्रश्न 3.
सूर्य के बाद हमारे सबसे अधिक निकट का तारा कौनसा है?
उत्तर:
सूर्य के बाद हमारे सबसे अधिक निकट का तारा ‘प्रोक्सिमा सेंटाओरी’ है, जो लगभग 269000 au की दूरी पर स्थित है।
प्रश्न 4.
‘ग्रह’ किसे कहते हैं?
उत्तर:
विशाल एवं लगभग गोलाकार पिंड जो सूर्य की परिक्रमा करता है, ग्रह कहलाता है।
प्रश्न 5.
ग्रह अपनी ऊर्जा किससे प्राप्त करते हैं?
उत्तर:
ग्रह अपनी अधिकांश ऊर्जा सूर्य से प्राप्त करते हैं।
प्रश्न 6.
किस ग्रह को पहचानना सबसे आसान है; व क्यों?
उत्तर:
ग्रहों में सबसे आसान शुक्र ग्रह को पहचानना होता है क्योंकि यह बहुत चमकदार होता है।
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प्रश्न 7.
कौनसे ग्रहों को बिना किसी प्रकाशिक उपकरण की सहायता के देखा जा सकता है?
उत्तर:
शुक्र, बुध, मंगल, बृहस्पति एवं शनि को देखा जा सकता है।
प्रश्न 8.
ग्रह भी तारों की तरह ही चमकते हुए बिंदुओं जैसे दिखाई देते हैं फिर हम ग्रहों और तारों में भेद कैसे कर सकते हैं?
उत्तर:
ग्रहों के विपरीत तारे अधिक टिमटिमाते हुए प्रतीत होते हैं।
प्रश्न 9.
चंद्रमा पृथ्वी से कितनी दूरी पर है?
उत्तर:
चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 3,84,000 किलोमीटर दूरी पर है।
प्रश्न 10.
हेली धूमकेतु के बारे में आप क्या जानते हैं?
उत्तर:
हेली धूमकेतु एक प्रसिद्ध धूमकेतु है जो प्रत्येक 76 वर्ष के बाद दिखाई देता है। पिछली बार यह 1986 में दिखाई दिया था।
प्रश्न 11.
मंदाकिनी आकाश गंगा के परे क्या हैं?
उत्तर:
हमारी मंदाकिनी से परे बाह्य अंतरिक्ष में बहुत सारी मंदाकिनियाँ हैं।
प्रश्न 12.
सप्तर्षि को देखने का सबसे उचित समय क्या है?
उत्तर:
सप्तर्षि को देखने के लिए ग्रीष्म ऋतु के दौरान, रात्रि के लगभग 9 बजे आकाश का अवलोकन करना चाहिए।
प्रश्न 13.
तारे किसके प्रकाश से चमकते हैं?
उत्तर:
तारे स्वयं के प्रकाश से चमकते हैं।
प्रश्न 14.
भारत में ओरायन को कब अच्छे से देखा जा सकता है?
उत्तर:
भारत में ओरायन को ज्यादा अच्छी तरह दिसंबर से अप्रेल महीनों में सूर्यास्त के बाद देखा जा सकता है।
प्रश्न 15.
पृथ्वी की तुलना में चंद्रमा कितना बड़ा है?
उत्तर:
चंद्रमा का व्यास पृथ्वी के व्यास का लगभग एक चौथाई है।
प्रश्न 16.
भारत की विभिन्न जनजातियाँ धूमकेतु (कॉमेट) M को क्या कहती हैं?
उत्तर:
भारत में विभिन्न जनजातियाँ इसे ‘पुच्छया तारो’ (पूँछ वाला तारा) अथवा ‘झेंइया तारो’ (झंडे जैसा तारा ) कहती हैं।
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प्रश्न 17.
‘सौर- परिवार’ किसे कहते हैं?
उत्तर:
सूर्य, आठ ग्रह, उनके उपग्रह और अनेक अपेक्षाकृत छोटे पिंड, जिनमें क्षुद्रग्रह, धूमकेतु शामिल हैं, ये सब मिलकर सौर परिवार कहलाते हैं।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
‘नक्षत्र’ क्या होते हैं? समझाइए।
उत्तर:
भारतीय खगोलशास्त्र में ‘नक्षत्र’ शब्द का उपयोग किसी तारे या तारा मंडल के लिए किया जाता है, जैसे- आर्द्रा नक्षत्र (ओरायन तारामंडल में बीटलजूज नाम का तारा), कृत्तिका नक्षत्र (वृष तारामंडल में प्लायोडिज नाम का तारा – समूह)। अल्डेबरान, वृष तारामंडल में एक तारा है जिसे रोहिणी नक्षत्र के नाम से जाना जाता है।
प्रश्न 2.
‘बिग डिपर लिटिल डिपर’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
बिग डिपर, तारा मंडल अर्सा मेजर का अंग है। जबकि लिटिल डिपर, तारामंडल अर्सा माईनर का अंग है। भारत में बिग डिपर को सप्तर्षि के नाम से जाना जाता है। लिटिल डिपर के तारे पोल स्टार को ध्रुव तारा कहते हैं।
प्रश्न 3.
तारामंडलों में तारों के साथ भारतीय वनवासी समुदायों एवं जनजातियों की क्या कहानियाँ हैं?
उत्तर:
भारत के अनेक वनवासी समुदायों एवं जनजातियों की तारामंडलों में तारों के संबंध में अपनी स्वयं की कहानियाँ हैं, जैसे— सप्तर्षि के वे चार तारे जो लगभग एक आयत जैसी आकृति बनाते हैं, मध्य भारत की जनजातियाँ उन्हें दादी माँ की चारपाई के रूप में देखती है और ऐसा मानती है कि तीन चोर ( अन्य तीन तारे) उसे चुरा रहे हैं। इन्हीं चार तारों की कल्पना कोंकण तट के मछुआरे एक नाव के रूप में करते हैं, जिनके अंतिम तीन तारे उस नाव की ग्रीवा दर्शाते हैं।
प्रश्न 4.
हम जिस स्थान पर हों क्या वहाँ से अपनी पसंद के किसी तारामंडल अथवा तारे को ढूँढ़ने का प्रयास कर सकते हैं?
उत्तर:
सभी तारे और तारामंडल पृथ्वी के सभी स्थानों से और वर्ष की प्रत्येक रात में दिखाई नहीं देते हैं, उदाहरण के लिए ध्रुव तारा पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्द्ध से नहीं देखा जा सकता है। किसी तारे या तारामंडल को पहचानने के लिए हमें यह जानने की आवश्यकता होती है कि यह तारामंडल कैसा दिखाई देता है और रात्रि – आकाश में इसको कहाँ देखना चाहिए।
प्रश्न 5.
यह जानने के लिए कि आपकी स्थिति के अनुसार कोई तारामंडल आकाश के किस भाग में और कब दिखाई पड़ेगा, आप क्या करेंगे?
उत्तर:
इसके लिए हम आकाश मानचित्रण ऐप की सहायता ले सकते हैं जिन्हें मोबाइल फोन पर डाउनलोड किया जा सकता है या फिर किसी अन्य ऑनलाइन संसाधन का उपयोग भी कर सकते हैं। स्काईमैप तथा स्टेलैरियम इसी प्रकार के ऐप हैं जिन्हें निःशुल्क डाउनलोड किया जा सकता है।
प्रश्न 6.
‘खगोलीय मात्रक ‘ ( एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट या au) किसे कहते हैं?
उत्तर:
पृथ्वी से सूर्य की दूरी लगभग 15 करोड़ किलोमीटर है। इस दूरी को एक ‘खगोलीय मात्रक’ (एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट या au) कहते हैं। इसका उपयोग सौर- परिवार में बड़ी-बड़ी दूरियों को सुविधापूर्वक व्यक्त करने में होता है।
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प्रश्न 7.
ऐसा कैसे है कि सूर्य हमें बड़ा दिखाई देता है जबकि अन्य तारे रात्रि आकाश में चमकदार बिंदुओं की तरह दिखाई पड़ते हैं और दिन के समय तो ये दिखाई भी नहीं देते हैं?
उत्तर:
अन्य तारों की तुलना में सूर्य हमारे बहुत समीप है इसलिए यह अन्य तारों की तुलना में बहुत बड़ा दिखता है। सूर्य के अतिरिक्त अन्य सभी तारे हमसे बहुत अधिक दूरी पर हैं इसलिए वे बिंदुओं जैसे दिखाई देते हैं। यद्यपि इनमें से अनेक तारे सूर्य की तुलना में बहुत बड़े हैं। दिन के समय सूर्य की चमक के कारण अन्य तारों को देख पाना संभव नहीं हो पाता है।
प्रश्न 8.
पृथ्वी के एक ‘दिन’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
सूर्य की परिक्रमा करने के साथ-साथ पृथ्वी अपने अक्ष पर घूर्णन भी करती है। अपने अक्ष पर एक बार पूरा घूम जाने में पृथ्वी को लगभग 24 घंटे का समय लगता है, जो एक दिन कहलाता है।
प्रश्न 9.
जो ग्रह केवल आंखों से दिखाई नहीं देते हैं, उन्हें देखने के लिए हम क्या कर सकते हैं?
उत्तर:
जो ग्रह केवल आँखों से दिखाई नहीं देते हैं, उन्हें देखने के लिए हम द्विनेत्री दूरबीन (बाइनॉक्युलर) अथवा दूरदर्शक ( टेलीस्कोप) नामक यंत्र का उपयोग कर सकते हैं। इनसे ग्रह व अन्य खगोलीय पिंड अधिक चमकदार और बड़े दिखाई देने लगते हैं।
प्रश्न 10.
‘प्राकृतिक उपग्रह’ किन्हें कहते हैं? समझाइए।
उत्तर:
ग्रहों की परिक्रमा करने वाले प्राकृतिक पिंडों को प्राकृतिक उपग्रह कहते हैं। ये आकार में ग्रहों की तुलना में छोटे होते हैं। ग्रहों के प्राकृतिक उपग्रहों को चंद्रमा भी कहा जाता है। पृथ्वी का एक चंद्रमा है जबकि मंगल के दो चंद्रमा है। बृहस्पति, शनि, यूरेनस एवं वरुण ग्रह के कई चंद्रमा है।
प्रश्न 11.
क्षुद्रग्रह तथा क्षुद्रग्रह पटरी से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
क्षुद्रग्रह सौर परिवार के ऐसे छोटे पिंड जो चट्टानी हैं और अनियमित आकार के हैं, क्षुद्रग्रह कहलाते हैं। क्षुद्रग्रह पटरी – अनेक क्षुद्रग्रह मंगल और बृहस्पति की कक्षाओं के बीच अपने-अपने पथों पर सूर्य की परिक्रमा करते हैं। यह क्षेत्र क्षुद्रग्रह पटरी कहलाता है।
प्रश्न 12.
क्या ब्रह्मांड में अन्यत्र कहीं जीवन है? उत्तर- हम अभी तक नहीं जानते कि ब्रह्मांड में कहीं और जीवन है या नहीं? हमारी मंदाकिनी में अनेक ग्रहों की खोज की गई है जो अपने तारों की परिक्रमा कर रहे हैं। अभी तक वैज्ञानिक इन बाह्य ग्रहों में कहीं भी जीवन के अस्तित्व का कोई प्रमाण प्राप्त नहीं कर पाए हैं किन्तु जीवन की खोज अभी भी जारी है।
दीर्घउत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
क्या हमारे पूर्वजों ने केवल मनोरंजन के लिए तारों के पैटनों की पहचान की या फिर इनका कोई उपयोग भी था?
उत्तर:
बहुत पहले, जब रात्रि आकाश का अवलोकन हमारे पूर्वजों का एक प्रमुख मनोरंजन साधन था, उन्होंने तारों के इन पैटर्न की पहचान जंतुओं, वस्तुओं अथवा कहानियों के पात्रों के रूप में की। इन काल्पनिक आकृतियों ने आकाश में तारों को पहचानने में उनकी सहायता की। तारों और उनके पैटर्न की पहचान प्राचीन काल में यात्रियों के लिए एक उपयोगी कौशल था। चुंबकीय दिक्सूचक के आविष्कार से भी पहले, इन पैटनों ने नाविकों और यात्रियों की सागर में और पृथ्वी पर दिशा ज्ञात करने में सहायता की। अभी भी आपातकालीन स्थितियों में इसका उपयोग वैकल्पिक विधि के रूप में होता है।
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प्रश्न 2.
‘तारामंडल’ किसे कहते हैं? इनकी परिसीमाओं का निर्धारण किस प्रकार होता है?
उत्तर:
पूर्वकाल में तारा समूहों के पैटर्न को तारामंडल कहा जाता था। वर्तमान में आकाश के उन भागों को तारामंडल कहा जाता है जिनमें ये पैटर्न हैं। क्योंकि आकाश के इन भागों में प्रायः तारों के पैटर्न की ही प्रधानता होती है इसलिए सामान्यतः तारामंडल शब्द का उपयोग तारों के समूह के रूप में भी किया जाता है।
बीसवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ ( इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन – IAU) ने अंतर्राष्ट्रीय सहमति से तारामंडल की परिसीमाओं को परिभाषित किया। आधिकारिक रूप से 88 तारामंडल सूचीबद्ध किए गए हैं और इस प्रकार संपूर्ण आकाश को 88 क्षेत्रों में विभाजित किया गया है।
प्रश्न 3.
तारामंडल ‘ओरायन’ का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
तारामंडल ओरायन को प्रायः शिकारी के रूप में निरूपित किया जाता है। इस तारामंडल के बीचों-बीच के तीन तारे शिकारी की पेटी (बेल्ट) कहलाते हैं। यह कल्पना भी की जाती है कि शिकारी ओरायन एक बैल ( तारामंडल वृष या टॉरस) से युद्ध कर रहा है तथा ओरायन का कुत्ता (तारामंडल कैनिस मेजर) उसके पीछे चल रहा है।
प्रश्न 4.
‘प्रकाश प्रदूषण’ किसे कहते हैं? यह रात्रि- आकाश अवलोकन को किस प्रकार प्रभावित कर रहा है?
उत्तर:
रात्रि के समय अत्यधिक कृत्रिम प्रकाश की उपस्थिति को प्रकाश प्रदूषण कहते हैं।
प्रभाव – विश्वस्तर पर प्रकाश प्रदूषण में वृद्धि हो रही है। इसलिए रात्रि – आकाश के पिंडों के अध्ययन और अवलोकन के आनंद में कमी आती जा रही है। विश्वभर में कुछ अँधेरे आकाश वाले संरक्षित क्षेत्र एवं उद्यान स्थापित किए गए हैं। इन संरक्षित क्षेत्रों में अनुसंधान हेतु आकाश में अँधेरा बनाए रखने के लिए प्रकाश-प्रदूषण नियंत्रित किया जाता है।
प्रश्न 5.
अधिकांश प्राचीन सभ्यताओं में सूर्य को देवता के पद पर क्यों प्रतिष्ठित किया गया है?
उत्तर:
सूर्य आकाश का सबसे अधिक चमकदार पिंड और पृथ्वी पर प्रकाश एवं ऊष्मा का स्रोत है। सूर्य द्वारा प्रदान की गई ऊष्मा पृथ्वी को ऐसे ताप पर बनाए रखती है जिस पर जीवन संभव हो जाता है। सूर्य का प्रकाश पौधों की वृद्धि के लिए अनिवार्य है, जो मानव एवं जंतुओं को भोजन एवं ऑक्सीजन प्रदान करते हैं सूर्य जलवायु, ऋतुओं, मौसम, जलचक्र एवं पवन का कारण, जो पृथ्वी पर जीवन के संपोषक के लिए महत्त्वपूर्ण है। इसीलिए अधिकांश प्राचीन सभ्यताओं में सूर्य को देवता के पद पर प्रतिष्ठित किया गया है।
प्रश्न 6.
आंतरिक एवं बाह्य ग्रह से क्या तात्पर्य है? समझाइए।
उत्तर:
सूर्य से बढ़ती दूरी के क्रम में सौर परिवार के आठ ग्रह हैं— बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस एवं वरुण।
आंतरिक ग्रह – इनमें से सूर्य के सबसे निकट के चार ग्रह आंतरिक ग्रह कहलाते हैं। ये हैं— बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल। ये चारों ग्रह आकार में छोटे हैं। इनकी सतह, ठोस और चट्टानी हैं।
बाह्य ग्रह – सबसे बाहर के चार ग्रह बाह्य ग्रह कहलाते हैं। ये हैं – बृहस्पति, शनि, यूरेनस एवं वरुण पृथ्वी की तुलना में ये बहुत बड़े हैं और अधिकांशतः गैसों से बने हैं। इन विशाल गैसीय ग्रहों के चारों ओर विशाल, चपटी वलयाकार संरचनाएँ हैं, जो धूल एवं शैल पदार्थों से बनी है ।
प्रश्न 7.
शुक्र ग्रह, बुध ग्रह की तुलना में सूर्य से अधिक दूरी पर होने के बाद भी, उससे अधिक गरम क्यों हैं?
उत्तर:
ग्रह अपनी अधिकांश ऊर्जा सूर्य से प्राप्त करते हैं, इसलिए जो ग्रह सूर्य से जितनी अधिक दूरी पर होता है, सामान्यतः वह ग्रह उतना ही अधिक ठंडा होता है। लेकिन किसी ग्रह पर यदि वायुमंडल होता है तो वह ऊष्मा को बाहर जाने से रोक सकता है, जिसके कारण उस ग्रह के ताप में बड़ा परिवर्तन आ सकता है। इसी कारण से शुक्र ग्रह बुध ग्रह की तुलना में सूर्य से अधिक दूरी पर होने के बाद भी उससे अधिक गरम होता है।
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प्रश्न 8.
‘वामन ग्रह’ क्या होते हैं? समझाइए।
उत्तर:
प्लूटो नाम का पिंड, जो वरुण ग्रह की तुलना में दूर अवस्थित है और सूर्य की परिक्रमा कर रहा है, जब इसकी खोज हुई थी तो इसे सौर परिवार का एक ग्रह कहा गया था। इसका आकार पृथ्वी के चंद्रमा के आकार से भी छोटा है। किंतु बाद में जब इसके जैसे अन्य छोटे- छोटे पिंडों की खोज हुई तो अंतर्राष्ट्रीय खगोलीय संघ ने 2006 में किसी पिंड को ग्रह कहलाने के लिए आवश्यक शर्तों को पुनर्परिभाषित किया। इस परिभाषा के अनुसार प्लूटो सहित इन छोटे पिंडों को अब ‘वामन ग्रह’ कहा जाता है।
प्रश्न 9.
भारतीय खगोलीय वेधशाला, हान्ले, लद्याख पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
भारतीय खगोलीय वेधशाला, हान्ले के सर्वोच्च पर्वत शिखर दिगपा रत्सा री पर बनाई गई है। इस शिखर का नाम अब सरस्वती पर्वत रख दिया गया है।
इसमें कई टेलीस्कोप लगे हैं। इनमें से एक का नाम हिमालयी चंद्र टेलीस्कोप है। यह संसार के सबसे ऊँचे स्थानों पर स्थित वेधशालाओं में से एक है।
इस वेधशाला के चारों ओर के क्षेत्र को दिसंबर, 2022 में हाले डार्क स्काई रिजर्व (H.D.S. R.) घोषित किया गया है। यह रिजर्व वर्षभर आम लोगों के लिए खुला रहता है। भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान द्वारा स्थानीय नागरिकों को छोटे-छोटे टेलीस्कोप प्रदान किए गए हैं और आगंतुकों के मार्गदर्शन के लिए खगोलिकीय राजदूत के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।
निबन्धात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
निम्न पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए-
(i) सूर्यं (ii) भोर का तारा (iii) लाल ग्रह (iv) नीला ग्रह।
उत्तर:
(i) सूर्य – सूर्य हमारे सबसे करीब का तारा है। यह गैसों का एक अत्यंत गर्म गोला है। सूर्य अत्यधिक मात्रा में ऊर्जा उत्सर्जित करता है जिसके कारण यह इतना चमकदार होता है। सूर्य की ऊष्मा एवं प्रकाश पृथ्वी पर ऊर्जा का मुख्य स्रोत है।
(ii) भोर का तारा – शुक्र ग्रह प्रायः भोर और संध्या के समय चमकता हुआ दिखाई देता है। इसलिए इसे भोर का तारा या संध्या का तारा कहा जाता है, हालाँकि यह तारा नहीं है।
(iii) लाल ग्रह – मंगल ग्रह को लाल- ग्रह कहा जाता है। क्योंकि यह लाल रंग का दिखाई देता है। इसका कारण यह है कि मंगल ग्रह की मृदा का रंग लाल है।
(iv) नीला ग्रह – पृथ्वी की सतह का एक बड़ा भाग पानी से ढका है इसीलिए अंतरिक्ष से यह नीले रंग की दिखाई देती है। इसी कारण पृथ्वी को नीला ग्रह भी कहा जाता है।
प्रश्न 2.
टिप्पणी लिखिए – (i) चंद्रमा (ii) धूमकेतु।
उत्तर:
(i) चंद्रमा – यह पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह है। यह अंतरिक्ष में हमारा निकटतम पड़ोसी है। पृथ्वी के विपरीत चंद्रमा पर वायुमंडल न के बराबर है। चंद्रमा की सतह पर वृत्ताकार कटोरेनुमा संरचनाएँ दिखाई पड़ती है, जिन्हें गर्त (क्रेटर) कहते हैं। इनमें से अधिकांश गर्त अंतरिक्ष से आई चट्टानों अथवा क्षुद्रग्रहों के टकराने से बने हैं। चंद्रमा पर वायुमंडल, जल और जीवन न होने के कारण ये विशिष्ट संरचनाएँ अभी तक भी बनी हुई हैं। चंद्रमा का व्यास पृथ्वी के व्यास का लगभग एक चौथाई है। चंद्रमा पृथ्वी की एक परिक्रमा लगभग 27 दिन में पूरी करता है।
(ii) धूमकेतु – कभी-कभी सौर परिवार के बाहरी क्षेत्रों से कुछ आगंतुक पिंड सौर परिवार में आते हैं। लंबी पूँछ वाले इन पिंडों को धूमकेतु (कॉमेट) कहते हैं। ये धूल, गैसों, पत्थर के टुकड़ों और बर्फ के बने होते हैं। जैसे ही कोई धूमकेतु सूर्य के निकट पहुँचता है, इसमें जमे हुए पदार्थ वाष्पीकृत होने लगते हैं। यह वाष्पित पदार्थ धूमकेतु की पूँछ बनाता है। जैसे-जैसे धूमकेतु सूर्य से दूर जाते हैं, वे धुंधले दिखाई देने लगते हैं और एक सीमा के बाद उन्हें केवल आँख से देख पाना संभव नहीं हो पाता है।
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प्रश्न 3.
भारत के ‘चंद्रयान अभियान’ का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मानव ने चंद्रमा को अधिक अच्छी तरह से समझने और खोजबीन करने के लिए इस पर अंतरिक्ष यान भेजे हैं। भारत ने भी चंद्रमा के अध्ययन के लिए 3 चंद्रयान अभियान पूरे कर लिए हैं और चौथे की तैयारी चल रही है। चंद्रमा पर भारत का पहला चंद्रयान-1 सन् 2008 में छोड़ा गया था और दूसरा चन्द्रयान-2 सन् 2019 में भेजा गया था। तीसरे अभियान के अंतर्गत चंद्रयान-3 को जुलाई, 2023 में भेजा गया था। इसका लैंडर ‘विक्रम’ रोवर ‘प्रज्ञान’ के साथ 23 अगस्त, 2023 को चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक उतरा। इस अभियान के साथ ही भारत चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के निकट उपकरण उतारने वाला विश्व का प्रथम देश बन गया।
चौथे अभियान, चंद्रयान-4 की योजना पर कार्य चल रहा है, जिसका लक्ष्य चंद्रमा से मिट्टी और पत्थर के टुकड़ों को लेकर पृथ्वी पर पुनः आना है।
RBSE Class 6 Science Chapter 12 Notes in Hindi
- आकाश के उन भागों को तारा मंडल कहा जाता है जिनमें तारा समूहों का पैटर्न पाया जाता है।
- भारतीय खगोलशास्त्र में ‘नक्षत्र’ शब्द का उपयोग किसी तारे या तारा मंडल के लिए किया जाता है।
- ध्रुव तारा उत्तर दिशा में अचल दिखाई पड़ता है, जिसकी सहायता से उत्तरी गोलार्द्ध में उत्तर दिशा की पहचान की जा सकती है।
- रात्रि – आकाश का सर्वोत्तम अवलोकन खुले और अँधेरे स्थान से किया जाता है।
- सूर्य हमारे सबसे निकट का तारा है। सूर्य ऊष्मा एवं प्रकाश उत्पन्न करता है जो पृथ्वी पर ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है।
- ग्रह एक विशाल और लगभग गोलाकार पिंड होता है, जो सूर्य की परिक्रमा करता है।
- सूर्य से बढ़ती दूरी के क्रम में सौर परिवार के आठ ग्रह हैं— बुध, शुक्र, पृथ्वी, मंगल, बृहस्पति, शनि, यूरेनस एवं वरुण।
- शुक्र को भोर या संध्या का तारा, मंगल को लाल-ग्रह, पृथ्वी को नीला ग्रह कहा जाता है।
- ग्रहों की परिक्रमा करने वाले पिंडों को सामान्यतः उपग्रह कहा जाता है।
- पृथ्वी का प्राकृतिक उपग्रह चंद्रमा, पृथ्वी की एक परिक्रमा पूरी करने में लगभग 27 दिन का समय लेता है।
- सौर परिवार में ऐसे अनेक छोटे पिंड हैं, जो चट्टानी हैं और अनियमित आकार के हैं, क्षुद्रग्रह कहलाते हैं।
- सौर परिवार में सूर्य, ग्रह, उपग्रह, क्षुद्रग्रह और धूमकेतु शामिल होते हैं।
- हमारा सौर परिवार मंदाकिनी आकाश गंगा का भाग है।
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