By tackling these RBSE Solutions Class 6 Science and RBSE Class 6 Science Chapter 8 Question Answer in Hindi जल की विविध अवस्थाओं की यात्रा, students will build a solid foundation in the topic.
Class 6th Science Chapter 8 Question Answer in Hindi Medium
Science Class 6 Chapter 8 Question Answer in Hindi
प्रश्न 1.
निम्नलिखित में से कौन-सा संघनन का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
(क) जल का वाष्प के रूप में परिवर्तन।
(ख) जल का द्रव से गैसीय अवस्था में बदलने का प्रक्रम।
(ग) छोटी जल की बूँदों से बादलों का बनना।
(घ) जल वाष्प का उसकी द्रव अवस्था में परिवर्तन।
उत्तर:
(घ) जल वाष्प का उसकी द्रव अवस्था में परिवर्तन।
प्रश्न 2.
नीचे दी गयी प्रक्रियाओं में से किस प्रक्रिया में वाष्पीकरण बहुत महत्त्वपूर्ण है?
(क) रंग भरना
(i) क्रेयॉन से (ii) पानी के रंगों से (iii) ऐक्रेलिक रंगों से (iv) पेंसिल रंगों से
(ख) कागज पर लिखना
(i) पेंसिल से (ii) स्याही वाले पेन से (iii) बॉल पॉइंट पेन से
उत्तर:
(क) (ii) पानी के रंगों से
(ख) (ii) स्याही वाले पेन से
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प्रश्न 3.
आजकल हमें कई जगह हरे रंग की प्लास्टिक की घास दिखाई देती है। प्राकृतिक घास के आस-पास का स्थान प्लास्टिक की घास के आस-पास के स्थान की में अधिक ठंडा लगता है। क्या आप पता तुलना लगा सकते हैं कि ऐसा क्यों है?
उत्तर:
प्राकृतिक घास से जल वाष्प के रूप में वाष्पीकृत होता रहता है इसलिए प्राकृतिक घास के आस-पास का स्थान प्लास्टिक की घास के आस-पास के स्थान की तुलना में अधिक ठंडा लगता है।
प्रश्न 4.
जल के अतिरिक्त अन्य द्रव पदार्थों के उदाहरण दीजिए जो वाष्पित हो सकते हैं।
उत्तर:
मोम, तेल, घी।
प्रश्न 5.
पंखे हवा को इधर-उधर घुमाते हैं जिससे ठंडक महसूस होती है। गीले कपड़ों को सुखाने के लिए पंखों का उपयोग विचित्र लग सकता है क्योंकि पंखे की हवा वस्तुओं को ठंडा करती है, गरम नहीं सामान्यतः जब जल वाष्पित होता है तो उसे ऊष्मा की आवश्यकता होती है, ठंडी वायु की नहीं । आपका इस विषय में क्या सोचना है?
उत्तर:
पंखे के कारण हवा की गति बढ़ जाती है जिससे जल तीव्रता से वाष्पित होता है क्योंकि तेज हवा के कारण जल वाष्प उस स्थान से हट जाती है जहाँ वाष्पीकरण की प्रक्रिया हो रही होती है। इससे उस स्थान की आर्द्रता में कमी आती है और जल तीव्रता से वाष्पित होने लगता है।
प्रश्न 6.
प्रायः जब नालियों से कीचड़ निकाला जाता है तो नाली के बगल में उसका ढेर बनाकर तीन से चार दिनों के लिए छोड़ दिया जाता है। इसके बाद इसे उद्यान या खेत में ले जाया जाता है जहाँ इसका उपयोग खाद के रूप में कर सकते हैं। यह विधि कीचड़ को दूसरे स्थान पर ले जाने की लागत कम करती है और इसके साथ ही काम करने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा बढ़ाती है। इस पर विचार करें और बताएँ कि ऐसा क्यों है?
उत्तर:
नालियों से कीचड़ निकाल कर नाली के बगल में उसका ढेर बनाकर तीन से चार दिनों के लिए छोड़ दिया जाता है ताकि वाष्पीकरण के कारण उस कीचड़ से जल वाष्पीकृत हो जाता है और कचरा सूख जाता है। इससे कचरे का भार व आयतन कम हो जाता है तथा उसका परिवहन भी सुगम हो जाता है। इससे कचरे का खाद के रूप में आसानी से उपयोग किया जा सकता है। साथ ही कीचड़ के सूखने से उसमें उपस्थित विभिन्न रोगाणु भी नष्ट हो जाते हैं जिससे काम करने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा बढ़ जाती है।
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प्रश्न 7.
एक दिन के लिए घर में होने वाली गतिविधियों का अवलोकन करें। उन गतिविधियों की पहचान करें जिनमें वाष्पीकरण सम्मिलित है। वाष्पीकरण के प्रक्रम को समझने से हमें अपनी दैनिक गतिविधियों में कैसे सहायता मिलती है?
उत्तर:
घर में होने वाली वे गतिविधियाँ जिनमें वाष्पीकरण शामिल है— (i) कपड़ों का सूखना (ii) मिट्टी के मटके में जल का ठंडा होना (iii) पोंछा लगे फर्श का सूखना (iv) गमलों में डाले गए जल का सूखना आदि। वाष्पीकरण के प्रक्रम को समझने से हमें अपनी दैनिक गतिविधियों में वाष्पीकरण की प्रक्रिया को धीमा या तीव्र करने की समझ विकसित होती है।
प्रश्न 8.
प्रकृति में जल ठोस अवस्था में किस प्रकार विद्यमान है?
उत्तर:
प्रकृति में जल ओले व हिम के रूप में ठोस अवस्था में पाया जाता है।
प्रश्न 9.
“जल हमारे अधिकार से पहले हमारी जिम्मेदारी है।” इस कथन पर विचार करें। अपने विचार साझा करें।
उत्तर:
जल हमारे अधिकार से पहले हमारी जिम्मेदारी है। क्योंकि पृथ्वी पर उपलब्ध जल का केवल एक छोटा-सा भाग ही पौधों, जंतुओं व मानव के उपयोग के लायक है। अधिकांश जल महासागरों में है जिसका उपयोग सीधे तौर पर नहीं किया जा सकता है। हम जल का उपयोग पीने के अलावा अन्य विभिन्न गतिविधियों में भी करते हैं। जनसंख्या बढ़ने के कारण जल का उपयोग करने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। जल की इस बढ़ती माँग के कारण विश्व के कई स्थानों पर जल की कमी हो रही है। साथ ही, जल प्रदूषण के कारण भी इसकी उपयोगी मात्रा में कमी आ रही है। इसलिए यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम सभी जल का बुद्धिमानी से उपयोग करें और इसे व्यर्थ होने से बचाएं।
प्रश्न 10.
धूप में खड़े दुपहिया वाहन की सीट गरम हो जाती है। आप उसे ठंडा कैसे करेंगे?
उत्तर:
धूप में खड़े दुपहिया वाहन की गरम सीट पर थोड़ा जल छिड़क कर उसे ठंडा कर सकते हैं। क्योंकि इससे जल का वाष्पीकरण होगा और शीतलन प्रभाव के कारण सीट ठंडी हो जाएगी।
RBSE Class 6 Science Chapter 8 Important Questions in Hindi
बहुचयनात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
जल सामान्यतः कितनी अवस्थाओं में पाया जाता है?
(अ) 1
(ब) 2
(स) 3
(द) 4
उत्तर:
(स) 3
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प्रश्न 2.
जल की गैसीय अवस्था है-
(अ) बर्फ
(ब) जल वाष्प
(स) ओले
(द) बारिश की बूंदें
उत्तर:
(ब) जल वाष्प
प्रश्न 3.
हाथों पर हैंड सैनिटाइजर मलते ही, वह विलुप्त हो जाता है। इसका कारण है—
(अ) वाष्पन
(ब) संघनन
(स) हिमीकरण
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(अ) वाष्पन
प्रश्न 4.
जल वाष्प के द्रव अवस्था में परिवर्तन की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
(अ) हिमीकरण
(ब) वाष्पीकरण
(स) पिघलना
(द) संघनन
उत्तर:
(द) संघनन
प्रश्न 5.
वायु में आर्द्रता जल की कौनसी अवस्था के कारण होती है?
(अ) ठोस
(ब) द्रव
(स) गैस
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(स) गैस
प्रश्न 6.
निम्न में से कौन-सा पदार्थ ठोस, द्रव व गैस तीनों अवस्थाएँ प्रदर्शित करता है?
(अ) मोम
(ब) तेल
(स) घी
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी
प्रश्न 7.
द्रव के ठोस अवस्था में परिवर्तित होने के प्रक्रम को कहते हैं-
(अ) संघनन
(ब) हिमीकरण
(स) वाष्पन
(द) पिघलना
उत्तर:
(ब) हिमीकरण
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प्रश्न 8.
जल को फ्रीजर में रखने पर वह कौनसी अवस्था में परिवर्तित हो जाता है?
(अ) ठोस
(ब) द्रव
(स) गैस
(द) जल वाष्प
उत्तर:
(अ) ठोस
प्रश्न 9.
निम्न में से कौनसी परिस्थिति वाष्पीकरण की प्रक्रिया को प्रभावित करती है?
(अ) संपर्क का क्षेत्र
(ब) नमी
(स) हवा की गति
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी
प्रश्न 10.
पौधे पर ओस की बूँदें किस प्रक्रिया के कारण बनती हैं?
(अ) पिघलना
(ब) हिमीकरण
(स) संघनन
(द) वाष्पन
उत्तर:
(स) संघनन
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. वायु में जल वाष्प की मात्रा को ___________कहते हैं।
उत्तर:
आर्द्रता
2. गर्म करने पर बर्फ पिघलकर ___________अवस्था में परिवर्तित हो जाती है।
उत्तर:
द्रव
3. ठोस के द्रव अवस्था में परिवर्तित होने के प्रक्रम को ___________कहते हैं।
उत्तर:
पिघलना
4. वाष्पीकरण से ___________प्रभाव उत्पन्न होता है।
उत्तर:
शीतलन
5. ___________व ___________करने पर जल अपनी अवस्था बदल लेता है।
उत्तर:
तापन, शीतलन
6. पृथ्वी की सतह तथा वायुमंडल के बीच जल के चक्रण को ___________कहते हैं।
उत्तर:
जल चक्र
निम्न में से सत्य / असत्य कथन छाँटिए
1. जल के वाष्प अवस्था में परिवर्तित होने का प्रक्रम संघनन कहलाता है। (सत्य / असत्य)
उत्तर:
असत्य
2. बर्फ व जल एक ही पदार्थ के दो रूप हैं। (सत्य / असत्य)
उत्तर:
सत्य
3. हवा की गति बढ़ने से जल तीव्रता से वाष्पित होता है। (सत्य / असत्य)
उत्तर:
सत्य
4. ग्रीष्मकाल में सुराही का उपयोग जल ठंडा रखने के लिए किया जाता है। (सत्य / असत्य)
उत्तर:
सत्य
कॉलम – 1 में दिए गए शब्दों का मिलान कॉलम – 2 से कीजिए
प्रश्न 1.
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| (1) हिमीकरण | (A) ठोस का द्रव में परिवर्तन |
| (2) वाष्पीकरण | (B) द्रव का ठोस में परिवर्तन |
| (3) पिघलना | (C) जल वाष्प का बूँदों में परिवर्तन |
| (4) संघनन | (D) जल का वाष्प में परिवर्तन |
उत्तर:
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| (1) हिमीकरण | (B) द्रव का ठोस में परिवर्तन |
| (2) वाष्पीकरण | (D) जल का वाष्प में परिवर्तन |
| (3) पिघलना | (A) ठोस का द्रव में परिवर्तन |
| (4) संघनन | (C) जल वाष्प का बूँदों में परिवर्तन |
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प्रश्न 2.
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| (1) बर्फ | (A) गैस |
| (2) तेल | (B) शीतलन |
| (3) जल वाष्प | (C) द्रव |
| (4) वाष्पन | (D) ठोस |
उत्तर:
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| (1) बर्फ | (D) ठोस |
| (2) तेल | (C) द्रव |
| (3) जल वाष्प | (A) गैस |
| (4) वाष्पन | (B) शीतलन |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
‘जल वाष्प’ किसे कहते हैं?
उत्तर:
जल की गैसीय अवस्था को जल वाष्प कहते हैं।
प्रश्न 2.
जब हम गर्म तवे पर जल छिड़कते हैं, तो वह विलुप्त क्यों हो जाता है?
उत्तर:
गर्म तवे पर जो जल छिड़का जाता है, वह भाप में बदल जाता है। भाप वास्तव में जल वाष्प है, जिसका कुछ भाग जल की बूँदों में परिवर्तित हो जाता है।
प्रश्न 3.
जल वाष्प तथा भाप में क्या अंतर है?
उत्तर:
जल वाष्प अदृश्य होती है लेकिन भाप में छोटी- छोटी बूंदों की उपस्थिति इसे दृश्यमान बनाती है।
प्रश्न 4.
हमें सुबह के समय पौधों पर ओस की बूँदें अधिक क्यों दिखाई देती है?
उत्तर:
जब वायु में विद्यमान जल वाष्प ठंडी सतह के संपर्क में आती है तो जल की बूँदें बनती हैं। सुबह के समय ठंड रहती है इसलिए सुबह के समय पौधों पर ओस की बूँदें अधिक दिखाई देती है।
प्रश्न 5.
‘संघनन’ किसे कहते हैं?
उत्तर:
जल वाष्प के द्रव अवस्था में परिवर्तन की प्रक्रिया संघनन कहलाती है।
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प्रश्न 6.
‘आर्द्रता’ किसे कहते हैं?
उत्तर:
वायु में जल वाष्प की मात्रा को आर्द्रता कहते हैं।
प्रश्न 7.
काँच के गिलास में ठंडा जल डालने पर गिलास की बाहरी सतह पर जल बूँदें क्यों दिखाई देती है?
उत्तर:
जल वायु में जल वाष्प के रूप में उपस्थित रहता है। जब वायु से जल वाष्प काँच के गिलास की ठंडी सतह के संपर्क में आती है तो संघनन के कारण काँच के गिलास पर जल की बूँदों में परिवर्तित हो जाती है।
प्रश्न 8.
आप रसोईघर में प्रवेश किए बिना भी खाना पकने की गंध को अनुभव कर सकते हैं। यह गंध हम तक कैसे पहुँचती है?
उत्तर:
ऐसा इसलिए है कि स्वादिष्ट खाना पकने की सुगंध वायु के माध्यम से फैलती है और हमारी नाक तक पहुँचती है, भले ही हम रसोईघर में न हो।
प्रश्न 9.
‘पिघलना’ किसे कहते हैं?
उत्तर:
ठोस के द्रव अवस्था में परिवर्तित होने के प्रक्रम को पिघलना कहते हैं।
प्रश्न 10.
हिमीकरण से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
द्रव के ठोस अवस्था में परिवर्तित होने के प्रक्रम को हिमीकरण कहते हैं।
प्रश्न 11.
तेज हवा वाले दिन कपड़े जल्दी क्यों सूख जाते हैं?
उत्तर:
तेज हवा वाले दिन कपड़े जल्दी सूख जाते हैं क्योंकि हवा की गति बढ़ने से जल तीव्रता से वाष्पित होता है।
प्रश्न 12.
बरसात के दिन अधिक आर्द्र क्यों होते हैं?
उत्तर:
बरसात के दिनों में वायु में जल वाष्प की मात्रा अधिक होती है इसलिए बरसात के दिन अधिक आर्द्र होते हैं।
प्रश्न 13.
मिट्टी के मटके में जल ठंडा क्यों रहता है? उत्तर- मिट्टी के मटके की सतह से जल बाहर रिसता है। और वाष्पित हो जाता है जिससे जल पर शीतलन प्रभाव पड़ता है और जल ठंडा हो जाता है।
प्रश्न 14.
गर्मियों में पंखे के नीचे बैठने से हमें ठंडक क्यों अनुभव होती है?
उत्तर:
पंखे की हवा पसीने को वाष्पित करती है और हमें ठंडा अनुभव करने में मदद करती है।
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प्रश्न 15.
जल वाष्प युक्त वायु वायुमंडल में ऊपर क्यों जाती है?
उत्तर:
जल वाष्प वायु से हल्की होती है जिसके कारण यह ऊपर उठती है।
प्रश्न 16.
‘जल चक्र’ किसे कहते हैं?
उत्तर:
पृथ्वी की सतह तथा वायुमंडल के बीच जल के चक्रण को जल चक्र कहते हैं।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
क्या बर्फ व जल एक ही पदार्थ है? समझाइए।
उत्तर:
हाँ, बर्फ व जल एक ही पदार्थ के दो रूप हैं। इन रूपों को अवस्थाएँ भी कहा जाता है। जल की ये विभिन्न अवस्थाएँ अपने व्यवहार में कई अंतर रखती हैं। जल बहता है पर बर्फ नहीं जल छलकता है पर बर्फ नहीं।
प्रश्न 2.
वाष्पीकरण किसे कहते हैं? उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
जल के वाष्प अवस्था में परिवर्तित होने की प्रक्रिया को वाष्पीकरण कहते हैं।
उदाहरण – गीले कपड़े, पोंछा लगे फर्श और शरीर के पसीने का सूखना इसके उदाहरण हैं।
प्रश्न 3.
जल की विभिन्न अवस्थाएँ कौनसी हैं?
उत्तर:
जल एक ऐसा पदार्थ है जिसकी तीन अवस्थाएँ हमारे दैनिक जीवन में देखी जा सकती है— (i) ठोस (ii) द्रव और (iii) गैस।
ठोस अवस्था में यह बर्फ के रूप में विद्यमान रहता है गर्म करने पर बर्फ पिघलकर द्रव अवस्था में परिवर्तित हो जाती है और अधिक गर्म करने पर जल अपनी गैसीय अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।
प्रश्न 4.
आप जल की अवस्था कैसे परिवर्तित कर सकते हैं?
उत्तर:
यदि हमें बर्फ को जल और जल को जल वाष्प में परिवर्तित करना है तो हमें ऊष्मा की आवश्यकता होगी। यदि हमें जल को बर्फ में परिवर्तित करना है तो जल को ठंडे वातावरण जैसे कि हिमीकरण यंत्र (फ्रीजर में रखकर ऐसा किया जा सकता है। जल जम जाता है और बर्फ में परिवर्तित हो जाता है। बर्फ बाहर निकालने पर पिघल जाती है और जल में परिवर्तित हो जाती है।
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प्रश्न 5.
‘वायुमंडलीय जल जनित्र (AWG) क्या होते हैं?
उत्तर:
वायुमंडलीय जल जनित्र (AWG) मशीनें पीने योग्य जल बनाने के लिए आर्द्र वायु से जल एकत्रित करती है। यह कार्य वायु को ठंडा कर जल वाष्प के संघनन के माध्यम से किया जाता है। यह प्रक्रिया बर्फ के ठंडे जल से भरे काँच के गिलास के बाहर पानी की बूँदों के बनने के समान है।
प्रश्न 6.
जल के अलावा कोई दो उदाहरण दीजिए जो ठोस से द्रव में तथा द्रव से ठोस में परिवर्तित हो जाते हैं।
उत्तर:
(1) मोमबत्ती मोमबत्ती जो मोम से बनती है, इसका एक उदाहरण है जब हम मोम बत्ती को जलाते हैं। तो ठोस मोम द्रव अवस्था में बदल जाती है। द्रव मोम को ठंडा करने पर वह ठोस अवस्था में बदल जाती है।
(2) नारियल का तेल नारियल का तेल ग्रीष्मकाल में द्रव अवस्था में रहता है परन्तु शीतकाल में यह ठोस अवस्था में परिवर्तित हो जाता है।
प्रश्न 7.
जल की विभिन्न अवस्थाओं के रूपांतरण को आरेख द्वारा दर्शाइए।
उत्तर:

दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
वे कौनसी परिस्थितियाँ होती हैं जो जल के वाष्पीकरण को प्रभावित करती हैं?
उत्तर:
निम्न परिस्थितियाँ जल के वाष्पीकरण की प्रक्रिया को प्रभावित करती हैं-
(1) संपर्क का क्षेत्र – जब जल वायु के अधिक संपर्क में आता है अर्थात् जल जब फैला हुआ होता है तो उसका वाष्पीकरण तीव्र होता है।
(2) सूर्य का प्रकाश – छाया वाले स्थान की तुलना में सूर्य के प्रकाश में जल तीव्रता से वाष्पित हो जाता है।
(3) हवा की गति – हवा की गति बढ़ने से जल तीव्रता से वाष्पित होता है।
(4) आर्द्रता – बरसात के दिन जल धीरे-धीरे वाष्पित होता है। यदि वायु में जल की मात्रा पहले से ही अधिक है (अधिक आर्द्रता) तो जल मंद गति से वाष्पित होता है।
प्रश्न 2.
संघनन जल को पृथ्वी की सतह पर वापस लाने के प्रक्रम में कैसे महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है? समझाइए।
अथवा
बादल हमें वर्षा कैसे देते हैं? समझाइए।
उत्तर:
जल वाष्प युक्त वायु जैसे-जैसे धरती की सतह से ऊपर उठती है तो वह ठंडी होती जाती है। एक निश्चित ऊँचाई पर वायु इतनी ठंडी हो जाती है कि उसमें उपस्थित जल वाष्प छोटी-छोटी जल की बूँदों (जलकणिकाओं) में परिवर्तित हो जाती है, जो सामान्यतः धूल के कणों के आस-पास बनती है। ये छोटी जलकणिकाएँ वायु में तैरती रहती हैं और बादल के रूप में दिखाई देती हैं। बहुत-सी जलकणिकाएँ आपस में मिलकर जल की बड़ी बूँदें बनाती हैं। इनमें से कुछ बूँदें इतनी भारी हो जाती हैं कि वे नीचे गिरने लगती हैं। इन गिरती हुई बूँदों को ही हम वर्षा कहते हैं। विशेष परिस्थितियों में ये ओले या हिम के रूप में भी गिर सकती हैं।
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प्रश्न 3.
शीतलन प्रभाव क्या है? दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
जब जल किसी सतह से वाष्पित होता है तो वह सतह बाहरी वातावरण की तुलना में थोड़ी ठंडी हो जाती है । इस प्रभाव को शीतलन प्रभाव कहते हैं। दैनिक जीवन में शीतलन प्रभाव को निम्न उदाहरणों से समझा जा सकता है—
(1) मिट्टी के मटके में जल ठंडा रहता है क्योंकि जब जल मटके की सतह से बाहर रिसता है और वाष्पित हो जाता है जिससे जल पर शीतलन प्रभाव पड़ता है और जल ठंडा हो जाता है।
(2) ग्रीष्मकाल में फर्श और छत को ठंडा करने के लिए उन पर जल का छिड़काव इसका एक अन्य उदाहरण है।
निबन्धात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
ठोस, द्रव और गैसीय अवस्था में जल के गुणों में क्या-क्या अंतर है? समझाइए।
उत्तर:
जल की विभिन्न अवस्थाओं में जल के गुणों में निम्न अन्तर पाए जाते हैं-
(1 ) ठोस अवस्था (बर्फ) – बर्फ या ठोस अवस्था अपना आकार बनाकर रखती है चाहे उसे किसी भी पात्र में रखा जाए जबकि जल उसी पात्र का आकार ले लेता है जिसमें उसे डाला जाता है। बर्फ बहती और फैलती भी नहीं है।
(2) द्रव अवस्था (जल) – जल बहता है और अपना आकार बदलता है। जल का कोई निश्चित आकार नहीं होता है। यह जिस पात्र में रखा जाता है उसी का आकार ले लेता है लेकिन जल का आयतन स्थिर रहता है। जल में आयतन स्थिर रखते हुए फैलने का गुण भी होता है।
(3) गैसीय अवस्था ( जल वाष्प ) – जल वाष्प समस्त उपलब्ध स्थान में फैल जाने का गुण प्रदर्शित करती है । गैस निश्चित आकार धारण नहीं करती है। जल वाष्प सामान्य ताप पर भी विद्यमान रहती है; हालांकि यह हमारे लिए अदृश्य है। यह हमारे आस-पास की वायु में विद्यमान है।
प्रश्न 2.
जल चक्र को आरेख बनाते हुए समझाइए।
उत्तर:
जल महासागरों और पृथ्वी की सतह से जल वाष्प के रूप में वाष्पित होकर वायु में जाता है और वर्षा, ओलों तथा हिम के रूप में वापस लौटता है और अंत में बहकर महासागरों में चला जाता है। जल के इस प्रकार चक्रण को जल चक्र कहते हैं।

प्रश्न 3.
‘पॉट इन पॉट’ कूलर बनाने की प्रक्रिया का सचित्र वर्णन कीजिए।
उत्तर:
गमलों का उपयोग करके पॉट इन पॉट कूलर अग्र प्रकार बनाया जा सकता है-
- भिन्न-भिन्न आकार के दो मिट्टी के गमले लेते हैं।
- बड़े गमले के निचले हिस्से को रेत की एक परत से भर देते हैं।
- छोटे गमले को बड़े गमले के बीच में रख देते हैं।
- गमलों के बीच के रिक्त स्थान में और अधिक रेत भर देते हैं।
- रेत वाली जगह में पानी डालते हैं।
- छोटे गमले के शीर्ष को ढक्कन या गीली जूट की बोरी से ढक देते हैं।
- इस प्रकार गमलों का पॉट इन पॉट कूलर तैयार हो जाता है।
- रेत को नम रखने के लिए उसमें नियमित रूप से पानी का छिड़काव करना चाहिए।

प्रश्न 4.
जल की अवस्थाओं में परिवर्तन के दौरान होने वाली विभिन्न प्रक्रियाओं के बारे में समझाइए।
उत्तर:
जल की विभिन्न अवस्थाओं में परिवर्तन के दौरान निम्न प्रक्रियाएँ होती हैं-
(1) वाष्पीकरण – जल के वाष्प अवस्था में परिवर्तित होने की प्रक्रिया को वाष्पीकरण या वाष्पन कहते हैं। वाष्पीकरण की प्रक्रिया कमरे के सामान्य तापमान पर भी लगातार होती रहती है। वाष्पन की प्रक्रिया से शीतलन प्रभाव उत्पन्न होता है।
(2) संघनन – जब वायु में विद्यमान जल वाष्प ठंडी सतह के संपर्क में आती है तो जल की बूँदें बनती हैं। जल वाष्प की इस तरह द्रव अवस्था में परिवर्तन की प्रक्रिया संघनन कहलाती है। संघनन की प्रक्रिया बादलों के निर्माण तथा वर्षा होने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
(3) पिघलना – ठोस के द्रव अवस्था में परिवर्तित होने की प्रक्रिया पिघलना कहलाती है। जैसे बर्फ का जल में परिवर्तन।
(4) हिमीकरण – द्रव के ठोस अवस्था में परिवर्तित होने की प्रक्रिया को हिमीकरण कहते हैं। जैसे- जल का बर्फ में परिवर्तन।
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RBSE Class 6 Science Chapter 8 Notes in Hindi
- जल की गैसीय अवस्था को जल वाष्प कहते हैं।
- जल के वाष्प अवस्था में परिवर्तित होने का प्रक्रम वाष्पीकरण या वाष्पन कहलाता है।
- जल वाष्प के द्रव अवस्था में परिवर्तित होने का प्रक्रम संघनन कहलाता है।
- जल विभिन्न अवस्थाओं में पाया जाता है— (i) ठोस (ii) द्रव और (iii) गैस।
- वायु में जल वाष्प की मात्रा को आर्द्रता भी कहते हैं।
- वाष्पीकरण से शीतलन प्रभाव उत्पन्न होता है।
- ठोस के द्रव अवस्था में परिवर्तित होने के प्रक्रम को पिघलना तथा द्रव के ठोस अवस्था में परिवर्तित होने के प्रक्रम को हिमीकरण कहते हैं।
- तापन व शीतलन से जल अपनी अवस्था बदल लेता है।
- कुछ परिस्थितियाँ वाष्पीकरण को तीव्र व धीमा बनाती हैं, जैसे—संपर्क का क्षेत्र, नमी, हवा की गति आदि।
- वायु में विद्यमान जल वाष्प संघनित होकर छोटी-छोटी जल की बूँदें बनाती हैं, जो बादल जैसी दिखाई देती हैं। बहुत सी छोटी जल की बूदें परस्पर मिलकर वर्षा, हिम अथवा ओले के रूप में गिरती हैं।
- पृथ्वी की सतह तथा वायुमंडल के बीच जल के चक्रण को जल चक्र कहते हैं।
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