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Class 6th Science Chapter 9 Question Answer in Hindi Medium
Science Class 6 Chapter 9 Question Answer in Hindi
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प्रश्न 1.
चने की दाल में मुरमुरों की थोड़ी मात्रा मिल गई है। क्या आप हस्त चयन के अलावा किसी अन्य विधि से इस मिश्रण को पृथक करने के विषय में सोच सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, हम हस्त चयन के अलावा ओसाई (विनोइंग) विधि का उपयोग कर इस मिश्रण को पृथक कर सकते हैं।
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प्रश्न 1.
क्या आपने कभी गर्मियों के समय गहरे रंग के कपड़ों पर सफेद धब्बे देखे हैं? ये धब्बे कैसे बनते हैं?
उत्तर:
हाँ, गर्मियों के समय हमारे पसीने में उपस्थित जल वाष्पीकृत हो जाता है तथा पसीने में उपस्थित लवण धब्बों के रूप में कपड़ों पर रह जाते हैं।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1.
पृथक्करण विधि के रूप में हस्त चयन का क्या प्रयोजन है?
(क) निस्यंदन
(ख) छँटाई
(ग) वाष्पन
(घ) निस्तारण
उत्तर:
(ख) छँटाई
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प्रश्न 2.
निम्नलिखित में से किन पदार्थों का पृथक्करण मथना विधि से किया जाता है?
(क) तेल का पानी से
(ख) रेत का पानी से
(ग) मक्खन का दूध से
(घ) ऑक्सीजन का वायु से
उत्तर:
(ग) मक्खन का दूध से
प्रश्न 3.
निस्यंदन के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कारक प्रायः अनिवार्य होता है?
(क) उपकरण का आकार
(ख) वायु की उपस्थिति
(ग) छिद्रों का आकार
(घ) मिश्रण का तापमान
उत्तर:
(ग) छिद्रों का आकार
प्रश्न 4.
कारण देते हुए बताएँ कि निम्नलिखित कथनों में सही (✓) और गलत (✗) कौन-कौन से हैं? असत्य कथनों को सही करके लिखें।
(क) नमक के विलयन को सूर्य के प्रकाश में या धूप में रखकर नमक को इससे पृथक किया जा सकता है। ( )
उत्तर:
सही – कारण – पानी वाष्पित हो जाएगा और शेष नमक रह जाएगा।
(ख) जब एक अवयव कम मात्रा में हो तभी हस्त चयन का उपयोग होता है। ( )
उत्तर:
सही – कारण – कम मात्रा को हाथ से चुनना सरल होता है।
(ग) मुरमुरे और चावल के दानों के मिश्रण को थ्रेशिंग द्वारा पृथक कर सकते हैं। ( )
उत्तर:
गलत, क्योंकि किसी मिश्रण के भारी और हल्के अवयवों को पृथक करने के लिए ओसाई (विनोइंग) विधि का उपयोग करते हैं।
सही कथन – मुरमुरे और चावल के दानों के मिश्रण को ओसाई (विनोइंग) द्वारा पृथक कर सकते हैं।
(घ) सरसों के तेल और नींबू पानी के मिश्रण निस्तारण को द्वारा पृथक कर सकते हैं। ( )
उत्तर:
सही-कारण- ग-तेल और पानी अलग-अलग परत बनाएँगे जिन्हें निस्तारण द्वारा अलग कर सकते हैं।
(ङ) छानने की विधि का उपयोग चावल के आटे और पानी को पृथक करने में होता है। ( )
उत्तर:
गलत — कारण—चालन (छानना) विधि का उपयोग अलग-अलग आकार वाले कणों के ठोस मिश्रण को पृथक करने में किया जाता है।
सही – कथन – निस्यंदन विधि का उपयोग चावल के आटे और पानी को पृथक करने में होता है।
प्रश्न 5.
स्तंभ I में दिए गए प्रत्येक मिश्रण को स्तंभ II में उपयुक्त पृथक्करण विधि से मिलान करें।
| स्तंभ I | स्तंभ II |
| (क) बेसन और काले चने का मिश्रण | (i) हस्त चयन |
| (ख) चॉक पाउडर और पानी का मिश्रण | (ii) चुंबकीय पृथक्करण |
| (ग) भुट्टे और आलू का मिश्रण | (iii) निस्तारण |
| (घ) लोहे के चूरे और बुरादे का मिश्रण | (iv) छानना |
| (ङ) तेल और पानी का मिश्रण | (v) निस्यंदन |
उत्तर:
| स्तंभ I | स्तंभ II |
| (क) बेसन और काले चने का मिश्रण | (iv) छानना |
| (ख) चॉक पाउडर और पानी का मिश्रण | (v) निस्यंदन |
| (ग) भुट्टे और आलू का मिश्रण | (i) हस्त चयन |
| (घ) लोहे के चूरे और बुरादे का मिश्रण | (ii) चुंबकीय पृथक्करण |
| (ङ) तेल और पानी का मिश्रण | (iii) निस्तारण |
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प्रश्न 6.
किस परिस्थिति में आप ठोस और द्रव के मिश्रण को पृथक करने में निस्यंदन के स्थान पर निस्तारण विधि का उपयोग करेंगे?
उत्तर:
जब ठोस और द्रव के मिश्रण में ठोस अवयव भारी तथा उसके कणों का आमाप अधिक हो तो, मिश्रण को पृथक करने के लिए निस्यंदन के स्थान पर निस्तारण विधि का उपयोग उपयुक्त रहेगा।
प्रश्न 7.
नासिका में बालों की उपस्थिति को आप किस पृथक्करण प्रक्रिया से जोड़कर देखते हैं?
उत्तर:
नासिका में उपस्थित बाल, नासिका में प्रवेश करने वाली वायु में उपस्थित सूक्ष्म कणों को वायु से पृथक करने का कार्य करते हैं। इस प्रकार नासिका में उपस्थित बाल निस्यंदक की तरह कार्य करते हैं। अतः नासिका में पृथक्करण की निस्यंदन प्रक्रिया होती है।
प्रश्न 8.
कोविड- 19 (कोरोना वायरस महामारी) के समय, हम सभी ने मास्क पहने थे। सामान्यतया वे किस सामग्री से बने होते हैं? आपके मुँह और नथुनों (नाक) को ढँकने में मास्क की क्या भूमिका है?
उत्तर:
कोविड- 19 (कोरोना वायरस महामारी) के समय पहने गए मास्क सामान्यतया कपड़े व कागज से बने हुए थे। मास्क मुँह और नाक को ढकते हैं जो श्वास हेतु ली जाने वाली वायु को निस्यंदित कर देते हैं जिससे रोगकारक श्वास के साथ प्रवेश नहीं कर पाते हैं और व्यक्ति संक्रमण से सुरक्षित रहता है।
प्रश्न 9.
आपको आलू, नमक और लकड़ी के बुरादे का मिश्रण दिया गया है। इस मिश्रण के प्रत्येक अवयव को पृथक करने के लिए चरणबद्ध प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार कीजिए।
उत्तर:
आलू, नमक और लकड़ी के बुरादे के मिश्रण के प्रत्येक अवयव को निम्न प्रकार से पृथक कर सकते हैं-
- सबसे पहले आलू को हस्तचयन विधि द्वारा मिश्रण से पृथक कर लेंगे।
- शेष बचे नमक और लकड़ी के बुरादे के मिश्रण को पानी में घोलकर निस्यंदित कर लेंगे जिससे लकड़ी का बुरादा पृथक हो जाएगा।
- अंत में बचे हुए पानी को वाष्पित कर देंगे जिससे नमक शेष रह जाएगा।
प्रश्न 10.
अग्रलिखित ‘बुद्धिमान लीला’ शीर्षक कहानी पढ़ें। इसमें यत्र-तत्र आए दो वैकिल्पक शब्दों में से सबसे उचित विकल्प पर सही (✓) का निशान लगाएँ। अपनी पसंद से अनुच्छेद का कोई अन्य उपयुक्त शीर्षक दें।
लीला अपने पिता के साथ खेत में काम कर रही थी। जब उसे ध्यान आया कि वे पीने का पानी घर पर ही छोड़ आए हैं। इसमें पहले कि उसके पिता को प्यास / भूख लगे, वह पास के तालाब से पानी / अनाज लेने गई। डिब्बे में पानी लेने के बाद उसने ध्यान दिया कि पानी मटमैला है और पीने के लिए योग्य / अयोग्य है। पानी शुद्ध करने के लिए, उसने पानी को कुछ समय के लिए रख दिया और उसके बाद मटमैले पानी को कागज / मलमल के कपड़े से निस्वंदित किया / मथा। तब लीला ने पानी को दस मिनट तक ढके बर्तन में ठंडा किया / उबाला। ठंडे / उबले पानी को उसने दोबारा से निस्वंदित किया / मथा और उसने पानी पीने योग्य / अयोग्य बनाया। यह पानी उसने अपने पिताजी को दिया। उन्होंने लीला को आशीर्वाद दिया और उसके इस प्रयास की सराहना की।
उत्तर:
(i) प्यास (ii) पानी (iii) अयोग्य, (iv) कागज (v) निस्पंदित किया (vi) उबाला (vii) उबले (viii) निस्यंदित (ix) योग्य उपयुक्त शीर्षक : ‘शुद्ध पानी’
RBSE Class 6 Science Chapter 9 Important Questions in Hindi
बहुचयनात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
गेहूँ तथा चावल से पत्थर एवं भूसे को पृथक् करने की सर्वोत्तम विधि है—
(अ) हस्त चयन
(ब) थ्रेसिंग
(स) चालन
(द) संघनन
उत्तर:
(अ) हस्त चयन
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प्रश्न 2.
पृथक्करण की ओसाई (विनोइंग) विधि में सबसे महत्त्वपूर्ण कारक है-
(अ) कृषक
(ब) जल
(स) वायु
(द) अशुद्धियाँ
उत्तर:
(स) वायु
प्रश्न 3.
किसी मिश्रण में जल मिलाने पर भारी अवयवों के नीचे तली में बैठ जाने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
(अ) निस्तारण
(ब) अवसादन
(स) निस्यंदन
(द) ओसाई
उत्तर:
(ब) अवसादन
प्रश्न 4.
घर में पनीर बनाने के लिए पृथक्करण की कौनसी विधि का उपयोग किया जाता है?
(अ) वाष्पीकरण
(ब) संघनन
(स) निस्तारण
(द) निस्यंदन
उत्तर:
(द) निस्यंदन
प्रश्न 5.
किसान अन्नकणों को सूखे पौधों के गट्ठरों से किस विधि से पृथक् करते हैं?
(अ) हस्त चयन
(ब) थ्रेसिंग
(द) वाष्पन
(स) चालन
उत्तर:
(ब) थ्रेसिंग
प्रश्न 6.
पदार्थों के पृथक्करण की विधि है-.
(अ) अवसादन
(ब) हस्त चयन
(स) वाष्पन
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(द) उपर्युक्त सभी
प्रश्न 7.
नमक निर्माण में पृथक्करण की कौनसी विधि प्रयुक्त होती है?
(अ) वाष्पन
(ब) निस्तारण
(स) हस्त चयन
(द) थ्रेसिंग
उत्तर:
(अ) वाष्पन
प्रश्न 8.
आटे से चोकर को पृथक् करने के लिए किस विधि का उपयोग किया जाता है?
(अ) अवसादन
(ब) ओसाई
(स) चालन
(द) वाष्पन
उत्तर:
(स) चालन
प्रश्न 9.
निस्यंदन विधि किस प्रक्रिया के लिए उपयुक्त है—
(अ) तैयार चाय से पत्तियाँ हटाने में
(ब) आटे से चोकर हटाने में
(स) समुद्र के जल से नमक प्राप्त करने में
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(अ) तैयार चाय से पत्तियाँ हटाने में
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प्रश्न 10.
अपशिष्ट सामग्री से लोहे की कतरनें पृथक करने की सर्वोत्तम विधि है-
(अ) हस्त चयन
(ब) थ्रेसिंग
(स) विनोइंग
(द) चुंबकीय पृथक्करण
उत्तर:
(द) चुंबकीय पृथक्करण
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. फिल्टर पत्र एक ऐसा ___________होता है, जिसमें अत्यन्त सूक्ष्म छिद्र होते हैं।
उत्तर:
निस्यंदक
2. वाष्पन की विधि का उपयोग ___________में घुले ठोस को पृथक् करने में किया जा सकता है।
उत्तर:
द्रव
3. मथनी का उपयोग ___________से मक्खन निकालने के लिए किया जाता है।
उत्तर:
दही
4. वाष्पन वह प्रक्रिया है, जिसमें एक द्रव अपने ___________में परिवर्तित हो जाता है।
उत्तर:
वाष्प
5. ___________प्रक्रिया का उपयोग चावल और दालों को धोने और साफ करने में भी किया जाता है।
उत्तर:
निस्तारण
6. निस्यंदक का चुनाव पृथक की जाने वाली सामग्रियों के कणों के ___________पर निर्भर करता है।
उत्तर:
आकार
निम्न में से सत्य / असत्य कथन छाँटिए
1. हस्त चयन द्वारा पृथक्करण कणों के आकार, रंग और आकृति के अंतर के आधार पर किया जाता है। (सत्य/असत्य)
उत्तर:
सत्य
2. जब दो या दो से अधिक ठोसों के मिश्रण के अवयवों के कणों के आकार भिन्न होते हैं, तब चालन की विधि का उपयोग किया जाता है। (सत्य/असत्य)
उत्तर:
सत्य
3. ठोस और द्रव के मिश्रण में भारी अवयव नीचे बैठ जाता है । इस प्रक्रिया को निस्तारण कहते हैं। (सत्य/असत्य)
उत्तर:
असत्य
4. दूध और जल के मिश्रण को निस्यंदन द्वारा पृथक् किया जा सकता है। (सत्य/असत्य)
उत्तर:
असत्य
कॉलम – 1 में दिए गए शब्दों का मिलान कॉलम- 2 से कीजिए
प्रश्न 1.
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| (1) रेत से जल पृथक् करना | (A) ओसाई |
| (2) अनाज से डंडियाँ पृथक् करना | (B) निस्यंदन |
| (3) चाय छानना | (C) थ्रेसिंग |
| (4) वायु के उपयोग से पृथक्करण | (D) निस्तारण |
उत्तर:
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| (1) रेत से जल पृथक् करना | (D) निस्तारण |
| (2) अनाज से डंडियाँ पृथक् करना | (C) थ्रेसिंग |
| (3) चाय छानना | (B) निस्यंदन |
| (4) वायु के उपयोग से पृथक्करण | (A) ओसाई |
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प्रश्न 2.
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| (1) चालन | (A) चालनी से छानना |
| (2) अवसादन | (B) भारी अवयवों का तली में बैठना |
| (3) वाष्पन | (C) जल का वाष्प में बदलना |
| (4) हस्तचयन | (D) हाथों से अशुद्धियों को हटाना |
उत्तर:
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| (1) चालन | (A) चालनी से छानना |
| (2) अवसादन | (B) भारी अवयवों का तली में बैठना |
| (3) वाष्पन | (C) जल का वाष्प में बदलना |
| (4) हस्तचयन | (D) हाथों से अशुद्धियों को हटाना |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
पृथक्करण की प्रमुख विधियों के नाम बताइए।
उत्तर:
हस्तचयन, थ्रेसिंग, ओसाई, चालन, अवसादन, निस्तारण, निस्यंदन, वाष्पन, चुंबकीय पृथक्करण आदि पृथक्करण की प्रमुख विधियाँ हैं।
प्रश्न 2.
थ्रेसिंग किसे कहते हैं?
उत्तर:
वह प्रक्रिया जिसमें अनाज के पूलों को पीटकर उनमें से अनाज पृथक किया जाता है, थ्रेसिंग कहलाती है
प्रश्न 3.
पारंपरिक रूप से किसी मिश्रण के भारी और हल्के अवयवों को पृथक करने के लिए किस पात्र का उपयोग किया जाता है?
उत्तर:
बाँस से निर्मित पात्र ‘सूप’ का उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 4.
ओसाई (विनोइंग) से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
मिश्रण में से भारी और हल्के अवयवों को हवा या फूँक मारकर पृथक करने की विधि ओसाई (विनोइंग) कहलाती है।
प्रश्न 5.
चालन विधि का उपयोग कब किया जाता है?
उत्तर:
जब दो या दो से अधिक ठोसों के मिश्रण के अवयवों के कणों के आकार भिन्न होते हैं, तब चालन की विधि का उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 6.
राजस्थान में साधारण नमक के एक स्रोत का नाम बताइए।
उत्तर:
राजस्थान में इसका एक स्रोत सांभर झील है।
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प्रश्न 7.
अवसादन (सेडीमेंटेशन) किसे कहते हैं?
उत्तर:
किसी द्रव के तल पर भारी अघुलनशील अवयव के जमा हो जाने की प्रक्रिया अवसादन (सेडीमेंटेशन) कहलाती है।
प्रश्न 8.
चालन (छानना) से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
एक चालनी का उपयोग करके कणों के आमाप में भिन्नताओं के आधार पर मिश्रण से ठोस पदार्थों को पृथक करने की प्रक्रिया चालन (छानना) कहलाती है।
प्रश्न 9.
‘फिल्टर पत्र’ क्या होता है?
उत्तर:
फिल्टर -पत्र एक ऐसा निस्यंदक होता है, जिसमें अत्यंत सूक्ष्म छिद्र होते हैं।
प्रश्न 10.
चुंबकीय पृथक्करण किसे कहते हैं?
उत्तर:
चुंबक का उपयोग करके चुंबकीय और अचुंबकीय पदार्थों को पृथक् करने को चुंबकीय पृथक्करण कहते हैं।
प्रश्न 11.
निस्यंदन (फिल्टरेशन) का उपयोग कब किया जाता है?
उत्तर:
निस्यंदन (फिल्टरेशन) का उपयोग अघुलनशील ठोस अवयवों को द्रव से पृथक करने के लिए किया जाता है।
प्रश्न 12.
ऐसे द्रवों के मिश्रण को पृथक् करने के लिए कौनसी विधि का उपयोग किया जा सकता है जो आपस में मिश्रित नहीं होते हैं?
उत्तर:
निस्तारण विधि का।
प्रश्न 13.
समुद्रों में पृथक्करण की कौनसी प्रक्रिया निरन्तर होती रहती है?
उत्तर:
वाष्पन (वाष्पीकरण)।
प्रश्न 14.
पृथक्करण की कौनसी विधियों द्वारा जल से मिट्टी जैसी अविलेय अशुद्धियाँ दूर कर सकते हैं?
उत्तर:
अवसादन, निस्तारण तथा निस्यंदन विधि द्वारा।
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प्रश्न 15.
दही से मक्खन निकालने के लिए किसका उपयोग किया जाता है?
उत्तर:
मथनी का उपयोग दही से मक्खन निकालने के लिए किया जाता है।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
पृथक्करण की हस्त चयन विधि से आप क्या समझते हैं? इस विधि का उपयोग कब सुविधाजनक होता है?
उत्तर:
किसी ठोस मिश्रण में से हाथ द्वारा छोटे कंकड़ और भूसी अलग करने की प्रक्रिया हस्त चयन कहलाती है। यह कणों के आकार, रंग और आकृति के अंतर के आधार पर किया जाता है। यदि पृथक किए जाने वाले कण कम मात्रा में हो और सहजता से उठाए जा सकते हो तो हाथ से छाँटना एक सुविधाजनक विधि हो सकती है।
प्रश्न 2.
क्या थ्रेसिंग और ओसाई दोनों कार्य एक साथ किए जा सकते हैं? समझाइए।
उत्तर:
हाँ, थ्रेसिंग और ओसाई दोनों कार्य एक साथ किए जाने संभव है। तकनीकी विकास के परिणामस्वरूप थ्रेसर नामक थ्रेसिंग मशीनें निर्मित की गई है। इन मशीनों का उपयोग पूलों से भूसी और अनाज के दानों को अलग करने के लिए किया जाता है। ये मशीनें थ्रेसिंग और ओसाई दोनों कार्य एक साथ करती है।
प्रश्न 3.
नमक कहाँ से व कैसे प्राप्त होता है? समझाइए।
उत्तर:
नमक समुद्री जल से प्राप्त होता है। समुद्री जल, पानी में घुले विभिन्न लवणों एवं अन्य पदार्थों का मिश्रण है। नमक प्राप्त करने के लिए समुद्र का जल उथले गड्ढों में रखा जाता है जहाँ यह धूप और हवा के संपर्क में आता है। कुछ दिनों में, जल पूरी तरह से वाष्पित हो जाता है और ठोस नमक शेष रह जाता है। फिर लवण के इस मिश्रण को शोधित कर साधारण नमक प्राप्त किया जाता है।
प्रश्न 4.
अवसादन एवं निस्तारण में क्या अंतर है? समझाइए।
उत्तर:
किसी मिश्रण में जल मिलाने पर मिश्रण के भारी अवयवों के नीचे तली में बैठ जाने की प्रक्रिया ‘अवसादन’ कहलाती है, जबकि अवसादित मिश्रण को हिलाए बिना अवसाद के ऊपर के जल को अलग करने की प्रक्रिया ‘निस्तारण’ कहलाती है।
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प्रश्न 5.
तैयार चाय से चाय की पत्तियाँ पृथक् करने में निस्तारण और निस्यंदन में से कौनसी विधि अच्छी है। व क्यों?
उत्तर:
तैयार चाय से चाय की पत्तियाँ पृथक करने में निस्यंदन विधि निस्तारण विधि से अच्छी है क्योंकि निस्तारण विधि से चाय में कुछ पत्तियाँ रह जाती हैं जो निस्यंदन विधि में पूरी तरह पृथक् होकर छलनी में रह जाती है।
प्रश्न 6.
निस्यंदक के रूप में किन सामग्रियों का उपयोग किया जा सकता है? इनका चुनाव किस पर निर्भर करता है?
उत्तर:
फिल्टर – पत्र के अतिरिक्त कपास, चारकोल, रेत इत्यादि अनेक सामग्रियों का उपयोग निस्यंदक के रूप में किया जा सकता है। निस्यंदक का चुनाव पृथक की जाने वाली सामग्रियों के कणों के आकार पर निर्भर करता है।
प्रश्न 7.
क्या कपड़े के टुकड़े का उपयोग निस्यंदक की तरह किया जा सकता है? समझाइए।
उत्तर:
कपड़े के टुकड़े का उपयोग निस्यंदक की तरह किया जा सकता है क्योंकि कपड़े के टुकड़े की बुनाई में धागों के बीच छोटे-छोटे रंध्र या छिद्र होते हैं। कपड़ों के इन छिद्रों का उपयोग छानने के लिए किया जा सकता है।
दीर्घउत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
तेल तथा जल को उनके मिश्रण से किस प्रकार पृथक् किया जा सकता है?
उत्तर:
तेल तथा जल को उनके मिश्रण से निम्न प्रक्रिया द्वारा पृथक् कर सकते हैं-
- सबसे पहले इनके मिश्रण को किसी बर्तन में लेकर कुछ समय के लिए रख देते हैं।
- कुछ समय बाद तेल तथा जल दो पृथक् पृथक् परतों में बँट जाते हैं।
- इसके बाद जो अवयव ऊपरी परत बनाता है, उसे निस्तारण के द्वारा पृथक् कर लेते हैं।
प्रश्न 2.
जल तथा नमक के मिश्रण से नमक को किस प्रकार पृथक् किया जा सकता है? समझाइए।
उत्तर:
जल तथा नमक के मिश्रण से नमक को निम्न प्रक्रिया द्वारा पृथक् किया जा सकता है—
- सबसे पहले नमक मिले जल को एक बीकर में लेकर गर्म करते हैं।
- जल को निरन्तर गर्म करते रहने से सम्पूर्ण जल वाष्प में बदल जाता है।
- इससे जल तो वाष्प बनकर उड़ जाता है परन्तु बीकर में नमक शेष रह जाता है।
इस प्रकार वाष्पन की प्रक्रिया द्वारा जल और नमक के मिश्रण से नमक को पृथक् कर सकते हैं।
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प्रश्न 3.
निस्तारण (डीकेंटेशन) किसे कहते हैं? दैनिक जीवन में इसका एक उपयोग बताइए।
उत्तर:
किसी द्रव के तल पर भारी अघुलनशील अवयव के जमा हो जाने के बाद, बर्तन को तिरछा कर द्रव को निकाल दिया जाता है तो इस प्रक्रिया को निस्तारण (डीकेंटेशन) कहते हैं।
उपयोग – दैनिक जीवन में निस्तारण प्रक्रिया का उपयोग चावल और दालों को धोने और साफ करने में किया जाता है।
प्रश्न 4.
‘टी बैग’ का उपयोग पृथक्करण की किस विधि पर आधारित है? इसके लिए किन सामग्रियों का उपयोग टी बैग बनाने में किया जाता है?
उत्तर:
टी बैग का उपयोग पृथक्करण की निस्यंदन (फिल्टरेशन) विधि पर आधारित है। टी बैग पहले रेशम जैसे मुलायम कपड़ों से बनाई जाती थीं क्योंकि ये चाय की पत्ती को रोक लेती थीं और जल इनके आर-पार निकल सकता था। रेशम मजबूत होने के कारण गरम जल के संपर्क में आने पर फटता नहीं था। बाद में लोग जाली या मलमल के कपड़े का उपयोग करने लगे। आजकल फिल्टर पत्र का उपयोग टी-बैग बनाने में किया जाने लगा है।
प्रश्न 5.
आपके घर में कटोरे में रखा हुआ दूध फट गया है। आप इसे किस प्रकार उपयोग कर सकते हैं? इस प्रक्रिया में आप पृथक्करण की किस विधि का प्रयोग करेंगे?
उत्तर:
दूध फटने पर वह ठोस कणों व द्रव के मिश्रण में बदल जाता है। द्रव में उपस्थित ठोस कणों का उपयोग पनीर बनाने में किया जा सकता है। इन ठोस कणों को द्रव से पृथक् करने के लिए हम पृथक्करण की निस्यंदन विधि का उपयोग करेंगे। इसके लिए हम कपड़े या छन्नी का उपयोग कर मिश्रण से ठोस कणों को निस्यंदित कर पृथक् कर लेते हैं।
निबन्धात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
दैनिक जीवन में प्रयुक्त पृथक्करण की विभिन्न विधियों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
दैनिक जीवन में पृथक्करण की निम्न विधियों का उपयोग किया जाता है-
(1) हस्त चयन – हाथ से चुनने की प्रक्रिया का उपयोग मिश्रण में से ठोस पदार्थों को उनके आमाप, रंग और आकृति के आधार पर पृथक् करने के लिए किया जाता है।
(2) थ्रेसिंग – इस प्रक्रिया में अनाज के पूलों को पीटकर उनमें से अनाज पृथक् किया जाता है।
(3) ओसाई (विनोइंग) – बहती हवा या पवन का उपयोग करके हल्के भूसे को भारी अनाज से पृथक् करने की विधि ओसाई (विनोइंग) कहलाती है।
(4) चालन (छानना) – एक चालनी का उपयोग करके कणों के आमाप में अन्तर के आधार पर मिश्रण से ठोस पदार्थों को पृथक करने की प्रक्रिया चालन (छानना) कहलाती है।
(5) वाष्पन (वाष्पीकरण) – इस प्रक्रिया में एक द्रव अपने वाष्प में परिवर्तित हो जाता है। इसका प्रयोग एक द्रव में घुले ठोस को पृथक करने के लिए किया जा सकता है।
(6) निस्तारण (डीकेंटेशन) – किसी द्रव के तल पर भारी अघुलनशील अवयव के जमा हो जाने को अवसादन कहते हैं। जब इस द्रव को बर्तन तिरछा कर निकाल दिया जाता है तो इसे निस्तारण (डीकेंटेशन) कहते हैं।
(7) निस्यंदन (फिल्टरेशन) – इस विधि का उपयोग अघुलनशील ठोस अवयवों को द्रव से पृथक करने के लिए किया जाता है।
(8) चुंबकीय पृथक्करण – इसमें चुंबक का उपयोग करके चुंबकीय और अचुंबकीय पदार्थों को पृथक् किया जाता है।
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प्रश्न 2.
चुंबकीय पृथक्करण को समझाते हुए, इस विधि की उपयोगिता बताइए।
उत्तर:
वे पदार्थ जो चुंबक के प्रति आकर्षित होते हैं, उन्हें चुंबकीय पदार्थ कहते हैं, जैसे- लोहा। चुंबक का उपयोग करके अचुंबकीय पदार्थों से लोहे जैसे चुंबकीय पदार्थों को पृथक् पृथक् करने की विधि चुंबकीय पृथक्करण कहलाती है।
उपयोगिता – आजकल पुनर्चक्रणकर्ता (रिसाइक्लर) अपशिष्ट के ढेर से लोहे की वस्तुओं को अलग करने के लिए विद्युत चुंबक का उपयोग करते हैं। कई उद्योगों के अपशिष्ट में प्रायः अनुपयोगी लोहे की कतरनें (स्क्रेप आयरन) होती है। इसे क्रेन में लगे चुंबक का उपयोग करके अपशिष्ट सामग्री के ढेर से अलग किया जाता है। अनुपयोगी लोहे की कतरनों का पुनर्चक्रण करके उन्हें पुनः उपयोग में लाया जा सकता है।
RBSE Class 6 Science Chapter 9 Notes in Hindi
- किसी पदार्थ का उपयोग करने से पहले हमें उसमें मिश्रित हानिकारक तथा अनुपयोगी पदार्थों को पृथक् करने की आवश्यकता होती है और कभी-कभी उपयोगी पदार्थों को अलग से उपयोग करने के लिए उन्हें पृथक करने की आवश्यकता होती है।
- किसी ठोस मिश्रण में से हाथ द्वारा छोटे कंकड़ और भूसी अलग करने की प्रक्रिया हस्त चयन कहलाती है। यह कणों के आकार, रंग, और आकृति के अंतर के आधार पर किया जाता है।
- वह विधि जिसमें अनाज के पूलों को पीटकर उनमें से अनाज पृथक किया जाता है, थ्रेसिंग कहलाती है। 4. पारंपरिक रूप से किसी मिश्रण के भारी और हल्के अवयवों को अलग-अलग करने के लिए सूप (बाँस से निर्मित एक पात्र ) का उपयोग किया जाता है।
- बहती पवन या हवा का उपयोग करके हल्के भूसे को भारी अनाज से पृथक् करने की विधि ओसाई (विनोइंग) कहलाती है।
- एक चालनी का उपयोग करके कणों के आमाप में अन्तर के आधार पर मिश्रण से ठोस पदार्थों को पृथक् करने की प्रक्रिया छानना कहलाती है।
- किसी द्रव को उसकी वाष्प में बदलने की क्रिया वाष्पन या वाष्पीकरण कहलाती है। इसका उपयोग सामान्यतः किसी द्रव में घुले ठोस पदार्थ को पृथक् करने में किया जाता है।
- किसी द्रव के तल पर भारी अघुलनशील अवयव के एकत्रित हो जाने की प्रक्रिया अवसादन (सेडीमेंटेशन) कहलाती है। जब पात्र (बर्तन) को तिरछा कर द्रव को निकाल दिया जाता है तो इस प्रक्रिया को निस्तारण ( डीकेंटेशन) कहते हैं।
- किसी द्रव से अघुलनशील ठोस अवयवों को निस्यंदन (फिल्टरेशन) विधि से पृथक कर सकते हैं।
- फिल्टर पत्र एक ऐसा निस्यंदक होता है, जिसमें अत्यंत सूक्ष्म छिद्र होते हैं।
- दही से मक्खन निकालने के लिए मथनी का उपयोग किया जाता है।
- चुंबक का उपयोग करके चुंबकीय और अचुंबकीय पदार्थों को पृथक् करने को चुंबकीय पृथक्करण कहते हैं।
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