Students read RBSE Class 7 Social Science Notes in Hindi and Class 7 SST Chapter 12 Notes in Hindi बाजारों की समझ before attending weekly tests.
Understanding Markets Class 7 Notes in Hindi
बाजारों की समझ Class 7 Notes
कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान अध्याय 12 नोट्स बाजारों की समझ
→ बाजार क्या है?
- वह स्थान जहाँ लोगों द्वारा विभिन्न वस्तुओं का क्रय और विक्रय किया जाता है, उसे बाजार कहते हैं।
- लंबे समय से व्यक्ति वस्तुओं और सेवाओं की मूलभूत आवश्यकताओं एवं अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए बाजारों पर निर्भर रहे हैं।
- बाजार आदान-प्रदान के स्थान हैं क्योंकि वे व्यक्तियों को एक साथ लाते हैं और वे लोगों, परंपराओं और विचारों को भी जोड़ते हैं अर्थात् उनके आदान-प्रदान को संभव बनाते हैं।
→ बाजार और उनकी कार्यप्रणाली-
- बाजार उस मूल्य पर क्रेता और विक्रेता के मध्य विनिमय सुगम बनाता है, जिस पर दोनों की सहमति हो और जो क्रेता की मांग और विक्रेता की आपूर्ति द्वारा निर्धारित होती है।
- दोनों को एक कीमत पर सहमत होने की आवश्यकता होती है जिस पर लेन-देन हो सके। किसी भी लेन- देन को पूर्ण करने के लिए कीमत एक महत्त्वपूर्ण विशेषता है।
→ हमारे आस-पास के बाजार
बाजार हर स्थान पर और विभिन्न रूपों में विद्यमान हैं-
(1) प्रत्यक्ष और ऑनलाइन बाजार-
(अ) प्रत्यक्ष बाजार – प्रत्यक्ष बाजार वह होता है, जहाँ क्रेता-विक्रेता प्रत्यक्ष रूप से मिल सकते हैं और मुद्रा के बदले वस्तुएँ या सेवाएँ क्रय कर सकते हैं। जैसे-साप्ताहिक बाजार, हाट, स्थानीय बाजार की दुकानें, नगरों, कस्बों में बड़े क्षेत्रों में बड़े मॉल आदि।
(ब) ऑनलाइन बाजार – ऑनलाइन बाजार वे होते हैं, जहाँ क्रेता और विक्रेता को लेन-देन के लिए व्यक्तिगत रूप से मिलने की आवश्यकता नहीं होती। वे एक-दूसरे से हजारों किलोमीटर दूर होते हुए भी सुविधाजनक स्थानों से फोन या कम्प्यूटर ऐप या वेबसाइट के माध्यम से लेन-देन कर सकते हैं।
(स) अन्य प्रकार के बाजार – ऐसे अन्य प्रकार के बाजार भी होते हैं, जो वस्तुओं और सेवाओं का लेन-देन नहीं करते। उनमें से एक है- शेयर बाजार या स्टॉक मार्केट।
(2) घरेलू और अन्तर्राष्ट्रीय बाजार-
(अ) घरेलू बाजार – वह बाजार जहाँ वस्तुओं और सेवाओं का क्रय-विक्रय देश की भौगोलिक सीमा के भीतर होता है, घरेलू बाजार कहलाता है।
(ब) अन्तर्राष्ट्रीय बाजार – वह बाजार जहाँ वस्तुओं और सेवाओं का क्रय-विक्रय देश की भौगोलिक सीमा के बाहर होता है, उसे अन्तर्राष्ट्रीय बाजार कहते हैं। इसमें वस्तुओं व सेवाओं का आयात-निर्यात किया जाता है।
(3) थोक और खुदरा बाजार-
(अ) थोक बाजार – प्रत्यक्ष बाजारों के संदर्भ में थोक व्यापारी उत्पादक या विनिर्माता से अधिक मात्रा में वस्तुएँ क्रय करते हैं। अनाज, सब्जियों और फलों के थोक व्यापारी उत्पाद को जहाँ संग्रहीत करते हैं, उसे गोदाम कहा जाता है। इन गोदामों में वस्तुओं को सड़ने से बचाने के लिए शीतागार की सुविधा भी होती है। यहाँ से इन वस्तुओं को जिस बाजार में लाया जाता है, उसे मंडी कहते हैं।
इसी प्रकार अन्य वस्तुओं के थोक बाजार होते हैं।
(ब) खुदरा विक्रेता – थोक विक्रेता घरों के पास स्थित दुकानों और स्टोरों को वस्तुओं की आपूर्ति करते हैं। इन दुकानदारों को खुदरा विक्रेता कहा जाता है। वे हमारे जैसे अंतिम उपभोक्ताओं को वस्तुएँ बेचते हैं। खुदरा स्टोर सेवाओं के लिए भी होते हैं, जैसे सैलून, फिल्म थिएटर और रेस्तरी।
(स) वितरक ऐसे व्यक्ति या व्यवसाय जो निर्माताओं और थोक विक्रेताओं से खुदरा विक्रेताओं को वस्तुओं की आपूर्ति करते हैं।
(द) संग्राहक ऑनलाइन बाजार के मामले में विनिर्माता अपने उत्पाद को थोक व्यवसाय के गोदामों में भेजते हैं, जो ऑनलाइन एप्लिकेशन के माध्यम से विक्रय करते हैं, ये संग्राहक कहलाते हैं।
इस प्रकार बाजार में उत्पादक, थोक विक्रेता, वितरक, संग्राहक और खुदरा विक्रेता जैसे भागीदारों की श्रृंखला अंतिम उपभोक्ता तक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करती है।
लोगों के जीवन में बाजार की भूमिका बाजार उत्पादकों और उपभोक्ताओं के बीच लेन-देन सुगम बनाते हैं।
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→ बाजार समाज को कैसे लाभान्वित करते हैं-
- बाजार आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देता है।
- बाजार में क्रेता और विक्रेता के बीच एक संबंध विकसित होता है, जो कई पीढ़ियों तक चलता है।
- बाजार रोजगार प्रदान करता है।
- यह विभिन्न संस्कृतियों का संगम स्थल है, जहाँ विभिन्न समुदायों के लोग अपने विचारों का आदान-प्रदान करते हैं तथा साझा परम्पराओं का आनंद लेते हैं।
→ बाजार में सरकार की भूमिका-
- सरकार वस्तुओं और सेवाओं के गुणवत्ता मानकों को बढ़ावा देने तथा बाजार में उचित मोल तोल के लिए नियामक भूमिका निभाती है। यथा-
(अ) यह क्रेताओं और विक्रेताओं की सुरक्षा के लिए मूल्यों पर नियंत्रण करती है।
(ब) यह गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करती है।
(स) यह बाजारों के बाह्य प्रभावों को कम करती है।
(द) यह सार्वजनिक सुविधा और सेवाएं उपलब्ध कराती है। - हालांकि, उपभोक्ता सरकारी संस्थाओं द्वारा उत्पाद पर दिए गए प्रमाणन चिह्नों तथा ऑनलाइन समीक्षाओं के माध्यम से वस्तुओं और सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन भी कर सकते हैं।
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