Start practicing the Class 7 SST Extra Questions and Class 7 SST Part 1 Chapter 2 मौसम को समझना Extra Questions to consolidate your knowledge effectively.
मौसम को समझना Class 7 Extra Question Answer
Class 7 SST Chapter 2 Extra Question Answer in Hindi मौसम को समझना
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न –
प्रश्न 1.
किसी समय और स्थान विशेष पर पृथ्वी की वायुमंडलीय दशाओं को क्या कहते हैं?
उत्तर:
मौसम।
प्रश्न 2.
सभी प्रकार की मौसम संबंधी घटनाएँ कहाँ घटित होती हैं?
उत्तर:
पृथ्वी के सबसे निकट अवस्थित वायुमंडलीय परत ‘क्षोभमंडल’ में।
प्रश्न 3.
सहिमवृष्टि किसे कहते हैं?
उत्तर:
जमी हुई अथवा आंशिक रूप से जमी हुई वर्षा को सहिमवृष्टि कहते हैं।
प्रश्न 4.
‘जलवाष्प’ से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
जब जल का तरल रूपं से गैसीय रूप में परिवर्तन होता है, तब उसे ‘जलवाष्प’ कहते हैं।
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प्रश्न 5.
वायुमंडलीय दाब की सामान्य इकाई क्या है?
उत्तर:
मिलीबार (mb)।
प्रश्न 6.
निम्न वायुमंडलीय दाब से कौनसी घटनाएँ उत्पन्न हो सकती हैं?
उत्तर:
तूफान अथवा चक्रवात।
प्रश्न 7.
भारत मौसम विज्ञान विभाग का आदर्श वाक्य क्या है?
उत्तर:
‘आदित्यात् जायते वृष्टि’, जिसका अर्थ है – ‘सूर्य से वर्षा होती है’।
प्रश्न 8.
क्षोभमण्डल परत कहाँ सबसे पतली होती है?
उत्तर:
क्षोभमण्डल परत ध्रुवों (जहाँ ठंडी वायु सिकुड़ती है) पर सबसे पतली होती है।
प्रश्न 9.
क्षोभमण्डल परत कहाँ सबसे मोटी होती है?
उत्तर:
क्षोभमण्डल परत उष्णकटिबंधीय (ट्रॉपिकल) क्षेत्र पर सबसे मोटी होती है।
प्रश्न 10.
तापमान मापने हेतु प्रयोग में लिये जाने वाले दो तापमापी यंत्रों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(1) ज्वरमापी (क्लीनिकल थर्मामीटर)
(2) प्रयोगशाला तापमापी (लेबोरेटरी थर्मामीटर)।
प्रश्न 11.
तापमान मापने के दो पैमानों के नाम लिखिए।
उत्तर:
(1) सेल्सियस पैमाना, (2) फॉरेनहाइट पैमाना।
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प्रश्न 12.
चीड़ के शंकु आर्द्र परिस्थितियों में अपने बीजों की सुरक्षा हेतु क्या करते हैं?
उत्तर:
चीड़ के शंकु अपने बीजों की सुरक्षा हेतु आर्द्र परिस्थितियों में बंद हो जाते हैं।
प्रश्न 13.
शुष्क परिस्थितियों में चीड़ के शंकु क्यों खुल जाते हैं?
उत्तर:
शुष्क परिस्थितियों में चीड़ के शंकु बीजों को बाहर फैलाने के लिए खुल जाते हैं।
प्रश्न 14.
चींटियों द्वारा अपने अंडों को ऊँचे स्थानों पर ले जाना किस बात का संकेत है?
उत्तर:
चींटियों द्वारा अपने अंडों को ऊँचे स्थानों पर ले जाना मौसम में अपेक्षित परिवर्तन विशेषकर भारी वर्षा का संकेत है।
प्रश्न 15.
आर्द्रता किन कारकों पर निर्भर करती है?
उत्तर:
तापमान, पवन, वायुदाब और स्थान जैसे कारकों पर आर्द्रता निर्भर करती है।
प्रश्न 16.
हवाई अड्डों पर वात दिक्सूचक यंत्र को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
हवाई अड्डों पर वात दिक्सूचक यंत्र को ‘वात शंकु’ (विंड सॉक) कहा जाता है।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
वात शंकु किसे कहते हैं? इसका उपयोग कहाँ किया जाता है?
उत्तर:
हवाई अड्डों पर वात दिक्सूचक यंत्र को वात शंकु (विंड सॉक) कहते हैं। वायुयान चालकों को यह उड़ान भरते और उतरते समय पवन की दिशा का संकेत देता है। वात शंकु का उपयोग राख अथवा गैस निस्तारित करने वाले उद्योगों में भी किया जाता है।
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प्रश्न 2.
पौधे और जानवर मौसम के पुर्वानुमान में कैसे मदद करते हैं?
उत्तर:
पौधों और जानवरों से मौसम के पुर्वानुमान हेतु हमें बहुत से संकेत प्राप्त होते हैं; जैसे- से-कम ऊँचाई पर उड़ते हुए पक्षी, अंडे ले जाती हुई चींटियाँ, काष्ठफल या मेवें एकत्रित करती हुई गिलहरियाँ, मेंढकों की तेज टरटराहट, चीड़ के शंकुओं का खुलना और बंद होना आदि हमें आने वाली वर्षा या तूफान का संकेत देते हैं।
प्रश्न 3.
लोग उच्च स्थानों पर साँस फूलना, थकावट अथवा चक्कर आदि का अनुभव क्यों करते हैं?
उत्तर:
ऊँचाई पर वायुमंडलीय दबाव कम हो जाता है जिससे वायु हल्की हो जाती है; फेफड़ों के लिए ऑक्सीजन पर्याप्त नहीं मिल पाता। परिणामस्वरूप रक्त में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण लोग उच्च स्थानों पर साँस फूलना, थकावट अथवा चक्कर आदि का अनुभव करते हैं।
प्रश्न 4.
वायु की आर्द्रता को किसके रूप में मापा जाता है? शुष्क मौसम और आर्द्र मौसम में आर्द्रता कितनी होती है?
उत्तर:
वायु की आर्द्रता को सापेक्षित आर्द्रता के रूप में मापा जाता है। शुष्क मौसम में सापेक्षिक आर्द्रता 20 प्रतिशत से 40 प्रतिशत के बीच होती है, जबकि आर्द्र मौसम में सापेक्षिक आर्द्रता 60 प्रतिशत से 80 प्रतिशत के बीच होती है।
प्रश्न 5.
चीड़ के शंकु क्यों बंद होते हैं और खुलते हैं? समझाइए।
उत्तर:
चीड़ के शंकु का खुलना और बंद होना प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो वातावरणीय आर्द्रता से प्रभावित होती है। चीड़ के शंकु अपने बीजों की सुरक्षा हेतु आर्द्र परिस्थितियों में बंद हो जाते हैं और शुष्क परिस्थितियों में बीजों को बाहर फैलाने के लिए खुल जाते हैं। इससे यह सुनिश्चित होता है कि बीज अनुकूल मौसम में फलते-फूलते हैं।
प्रश्न 6.
पवन की गति और दिशा के पूर्वानुमान के महत्त्व को दर्शाने वाले कोई दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
- पवन उड़ानों और नौकायन को बहुत प्रभावित करती है इसलिए वायुयान चालकों और नाविकों को पवन संबंधी आँकड़ों की जानकारी की आवश्यकता होती है।
- कृषक पवन की दिशा का प्रयोग आने वाली वर्षा की दिशा का अनुमान लगाने के लिए करते हैं। साथ ही तीव्र गति वाली पवन मिट्टी के जल्दी सूखने का कारण बनती है।
प्रश्न 7.
किस संगठन ने 2023 में सिक्किम में स्वचालित मौसम केन्द्र स्थापित किया? इसका उद्देश्य क्या है?
उत्तर:
वर्ष 2023 में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने समुद्रतल से 4800 मीटर से अधिक ऊँचाई पर सिक्किम की एक हिम- झील पर स्वचालित मौसम केन्द्र स्थापित किया। यह केन्द्र आने वाली मौसम की परिस्थितियों के बारे में पूर्व जानकारी प्रदान करता है।
दीर्घउत्तरीय प्रश्न-
प्रश्न 1.
पवन वेगमापी (एनीमोमीटर) की कार्यप्रणाली समझाइए।
उत्तर:
पवन की गति और दिशा को मापने के लिए सबसे सरल उपकरण पवन वेगमापी है। इसमें तीन अथवा चार धातु के प्याले होते हैं, जो एक उर्ध्वाधर स्तंभ पर घूमते हैं। पवन जितनी तेज बहती है, घूर्णन उतना ही अधिक होता है। तल पर लगा हुआ मीटर यह गिनता है कि पवन वेगमापी एक निश्चित समय में कितनी बार घूमता है तथा पवन की गति किलोमीटर प्रति घंटा में मापता है।
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प्रश्न 2.
भारत मौसम विज्ञान विभाग का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
उत्तर:
भारत मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना 1875 में की गई थी। इसका आदर्श वाक्य ‘आदित्यात् जायते वृष्टि’ है, जिसका अर्थ है- ‘सूर्य से वर्षा होती है’ यह वाक्यांश प्राचीन ग्रंथ मनुस्मृति से लिया गया है और इस पूर्ण वाक्य का अर्थ है–‘ सूर्य से वर्षा होती है, वर्षा से भोजन या अन्न प्राप्त होता है और भोजन या अन्न से जीव उत्पन्न होते हैं’।
प्रश्न 3.
वर्षा की मात्रा को मापने के लिए किस यंत्र का प्रयोग किया जाता है? इसकी प्रयोग विधि को संक्षेप में समझाइए।
उत्तर:
वर्षा की मात्रा को मापने के लिए वर्षामापी (रेन गेज) नामक यंत्र का प्रयोग किया जाता है। जब वर्षा होती है, तब जल संग्राहक कीप में गिरता है और उसे बेलनाकार नली (सिलेंडर) में एकत्रित कर लिया जाता है। एकत्रित किए गए वर्षा जल की गहराई को मापने के लिए नली पर एक मापक अंकित रहता है। जब एकत्रित किए गए जल की ऊँचाई 5 मिमी. होती है, तो यह कहा जाता है कि अमुख क्षेत्र में 5 मिमी वर्षा हुई है।
प्रश्न 4.
स्वचालित मौसम केन्द्र का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
स्वचालित मौसम केन्द्र – स्वचालित मौसम केन्द्र एक ऐसा स्वचालित तंत्र है, जो मौसम के आँकड़ों; जैसे- तापमान, आर्द्रता, वायु की गति और दिशा, वर्षा, वायुमंडलीय दाब आदि को मापने और दर्ज करने के लिए विभिन्न संवेदकों (सेंसरों) का उपयोग करता है। इन केन्द्रों का उपयोग कृषि, विमानन, नौकायन, पर्यावरणीय निगरानी आदि में व्यापक रूप से किया जाता है, जिससे मानवीय हस्तक्षेप के बिना सटीक और समयबद्ध मौसम की जानकारी प्राप्त होती है।
प्रश्न 5.
तापमान को मापने वाले तापमापी यंत्रों के बारे में संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
तापमान को मापने वाले तापमापी यंत्र कई प्रकार के होते हैं। कुछ सामान्य रूप से हमारे आस-पास के परिवेश के तापमान को मापते हैं, जबकि अन्य तापमापी दिन के अधिकतम और न्यूनतम तापमान को मापते हैं। तापमापी प्राय: रंगीन द्रव का उपयोग करते हैं, जो तापमान बढ़ने पर फैलता है। हालाँकि, अंकीय (डिजिटल) तापमापी को अधिक पसंद किया जाता है, क्योंकि वे ज्यादा सटीक होते हैं और अधिक आँकड़े दर्ज कर सकते हैं।
निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
आजकल मौसम का पूर्वानुमान अत्यंत महत्त्वपूर्ण क्यों हो गया है? उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
आजकल मौसम का पूर्वानुमान अत्यंत महत्त्वपूर्ण इसलिए हो गया है, क्योंकि आजकल जलवायु परिवर्तन के कारण सूखा, बाढ़, चक्रवात आदि जैसी गंभीर मौसमी घटनाएँ अधिक होती जा रही हैं। मौसम का सटीक पूर्वानुमान हमें ऐसी घटनाओं के लिए तैयार रहने में मदद करता है तथा स्थानीय सरकारों को संसाधन जुटाने और किसी भी आपदा के लिए तैयार रहने में सक्षम बनाता है। उदाहरण के लिए, यदि समुद्र में तूफानी मौसम की आशंका है तो मछुआरों को अपनी नावों को बाहर निकालने के बारे में चेतावनी दी जाती है या चक्रवात की आशंका है तो पूरे तटीय क्षेत्र को खाली कराना पड़ सकता है।
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प्रश्न 2.
वात दिक्सूचक यंत्र तथा पवन वेगमापी (एनीमोमीटर) की कार्यप्रणाली में अंतर बताइए।
उत्तर:
| वात दिक्सूचक यंत्र | पवन वेगमापी (एनीमोमीटर) |
| (1) यह यंत्र पवन की दिशा का संकेत करता है। | (1) पवन की गति और दिशा को मापने का सबसे सरल उपकरण पवन वेगमापी है। |
| (2) इस यंत्र में एक घूमने वाला फलक होता है, जिसके एक छोर पर सूचक तथा दूसरे छोर पर पूँछ होती है। बहती पवन द्वारा पूँछ पर धक्का मारने पर सूचक पवन की दिशा में मुड़ जाता है। | (2) इस यंत्र में 3-4 धातु के प्याले एक उर्ध्वाधर स्तंभ पर घूमते हैं। घूर्णन की गति पवन के वेग पर निर्भर करता है। |
| (3) यह यंत्र मंद पवन में भी पवन की दिशा बना देता है। | (3) इस यंत्र के तल में लगा मीटर यह गणना करता है कि एक निश्चित समय में पवन वेगमापी कितनी बार घूमता है तथा पवन की गति किलोमीटर प्रति घंटा में मापता है। |
प्रश्न 3.
मौसम किसे कहते हैं? मौसम के प्रमुख तत्त्वों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
मौसम— किसी समय और स्थान विशेष पर पृथ्वी की वायुमंडलीय दशाओं को मौसम कहते हैं।
मौसम के प्रमुख तत्त्व— मौसम के पाँच प्रमुख तत्त्व हैं, जिनका वर्णन निम्नलिखित है—
(1) तापमान (टेंपरेचर)– तापमान यह दर्शाता है कि वायुमंडल कितना गर्म अथवा ठंडा है।
(2) वर्षण (प्रेसिपिटेशन)– जल के वे सभी रूप, जैसे- वर्षा, हिम, सहिमवृष्टि या ओले जो आकाश से पृथ्वी पर गिरते हैं, वर्षण कहलाते हैं।
(3) वायुमंडलीय दबाव (एटमॉस्फेरिक प्रेशर)– वायु का वह दबाव जिसे हम पृथ्वी की सतह पर अनुभव करते हैं, वायुमंडलीय दबाव कहलाता है।
(4) पवन (विंड)– यह वायु का संचलन है, जिसमें इसकी गति और दिशा सम्मिलित है।
(5) आर्द्रता (ह्यूमीडिटी)– वायु में उपस्थित जलवाष्प की मात्रा आर्द्रता कहलाती है।
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प्रश्न 4.
‘क्षोभमंडल’ की प्रमुख विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
‘क्षोभमंडल’ की प्रमुख विशेषताएँ निम्न प्रकार है—
- पृथ्वी की सबसे निकट वाली परत क्षोभमंडल कहलाती है, जहाँ सभी स्थलीय वनस्पतियाँ, प्राणी तथा मानव जीवन निवास करते हैं तथा श्वास लेते हैं।
- मौसम संबंधी सभी घटनाएँ इसी परत में घटित होती हैं।
- क्षोभमंडल पृथ्वी की सतह से 6 से 18 किलोमीटर तक विस्तृत है।
- क्षोभमंडल की परत ध्रुवों के पास पतली होती है तथा उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के पास यह परत मोटी होती है।
- क्षोभमंडल में पृथ्वी के वायुमंडल का ज्यादातर हिस्सा होता है, जिसमें जल वाष्प और अन्य गैसें शामिल है।
मौसम को समझना Class 7 MCQ
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
पवन की गति तथा दिशा का मापन करने वाला सबसे सरल यन्त्र है-
(अ) एनीमोमीटर
(ब) बैरोमीटर
(स) रेनगेज
(द) लेबोरेटरी थर्मामीटर
उत्तर:
(अ) एनीमोमीटर
प्रश्न 2.
मौसम क्या है?
(अ) वायुमण्डलीय दशाओं का स्वरूप
(ब) तापमान
(स) पवनों का समूह
(द) आर्द्रता की मात्रा
उत्तर:
(अ) वायुमण्डलीय दशाओं का स्वरूप
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प्रश्न 3.
आकाश से वर्षा के साथ गिरने वाले बर्फ के छोटे-छोटे ठोस टुकड़ों को कहा जाता है-
(अ) जलवाष्प
(ब) उल्का पिण्ड
(स) ओला
(द) आकाशीय बिजली
उत्तर:
(स) ओला
प्रश्न 4.
“राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण” ने समुद्रतल से कितने मीटर की ऊँचाई पर स्वचालित मौसम केन्द्र स्थापित किया?
(अ) लगभग 4500 मीटर
(ब) लगभग 4600 मीटर
(स) लगभग 4700 मीटर
(द) लगभग 4800 मीटर
उत्तर:
(द) लगभग 4800 मीटर
प्रश्न 5.
स्वचालित मौसम केन्द्र कहाँ स्थापित किया गया?
(अ) गोवा
(ब) सिक्किम
(स) कर्नाटक
(द) आन्ध्र प्रदेश
उत्तर:
(ब) सिक्किम
प्रश्न 6.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की स्थापना कब की गई?
(अ) 1880
(ब) 1875
(स) 1865
(द) 1840
उत्तर:
(ब) 1875
प्रश्न 7.
“आदित्यात् जायते वृष्टि” वाक्य का अर्थ है-
(अ) सूर्य गर्म है
(ब) सूर्य छिपता नहीं
(स) सूर्य से वर्षा होती है
(द) सूर्य एक देवता है
उत्तर:
(स) सूर्य से वर्षा होती है
प्रश्न 8.
“आदित्यात् जायते वृष्टि” आदर्श वाक्य कहाँ से लिया गया है?
(अ) महाभारत से
(ब) उपनिषद् से
(स) वेदों से
(द) मनुस्मृति से
उत्तर:
(द) मनुस्मृति से
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प्रश्न 9.
लद्दाख में खादुंग ला नामक स्थान समुद्रतल से कितना ऊँचा है?
(अ) 5600 मीटर
(ब) 8840 मीटर
(स) 1450 मीटर
(द) 1540 मीटर
उत्तर:
(अ) 5600 मीटर
प्रश्न 10.
पृथ्वी के सबसे निकट वाली वायुमंडल की परत है-
(अ) समतापमंडल
(ब) क्षोभमंडल
(स) ओजोन परत
(द) क्षोभ सीमा
उत्तर:
(ब) क्षोभमंडल
प्रश्न 11.
मौसम का पूर्वानुमान लगाने में किसकी गति और दिशा महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है?
(अ) तापमान
(ब) आर्द्रता
(स) वायुदाब
(द) पवन
उत्तर:
(द) पवन
प्रश्न 12.
जल का तरल रूप से गैसीय रूप में परिवर्तन क्या कहलाता है?
(अ) चक्रवात
(ब) हिम वर्षा
(स) जलवाष्प
(द) सहिमवृष्टि
उत्तर:
(स) जलवाष्प
रिक्त स्थानों की पूर्ति करें-
1. क्षोभमंडल पृथ्वी की सतह से …………….. किमी. तक विस्तृत है।
उत्तर:
6 से 18
2. वर्षा की मात्रा को मापने के लिए एक यंत्र का उपयोग किया जाता है, जिसे …………….. कहते हैं।
उत्तर:
वर्षामापी (रेन गेज)
3. समुद्रतट पर सामान्य वायुमंडलीय दाब …………….. लगभग होता है।
उत्तर:
1013 मिलीबार
4. वायु की आर्द्रता को …………….. आर्द्रता के रूप में मापा जाता है।
उत्तर:
सापेक्षिक
5. वायुमंडलीय दाब …………….. के पास अधिक होता है।
उत्तर:
समुद्र तट
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6. …………….. मौसम और इसके विकास का व्यवस्थित अध्ययन है।
उत्तर:
मौसम विज्ञान
निम्नलिखित में से सत्य / असत्य कथन छाँटिये-
1. क्षोभमंडल परत ध्रुवों पर मोटी होती है।
उत्तर:
असत्य
2. जमी हुई अथवा आंशिक रूप से जमी हुई वर्षा जलवाष्प कहलाती है।
उत्तर:
असत्य
3. शुष्क मौसम में आर्द्रता 20 से 40 प्रतिशत के बीच होती है।
उत्तर:
सत्य
4. वर्ष 2023 में सिक्किम की एक हिम-झील पर स्वचालित मौसम केन्द्र स्थापित किया गया।
उत्तर:
सत्य
सुमेलित कीजिए-
प्रश्न 1.
| सूची-I | सूची -II |
| (i) क्षोभमण्डल | (अ) स्ट्रेटोस्फीयर |
| (ii) समताप मण्डल | (ब) ट्रोपोस्फीयर |
| (iii) ओजोन परत | (स) ट्रोपोपॉज |
| (iv) क्षोभ सीमा | (द) ओजोन लेयर |
उत्तर:
| सूची-I | सूची -II |
| (i) क्षोभमण्डल | (ब) ट्रोपोस्फीयर |
| (ii) समताप मण्डल | (अ) स्ट्रेटोस्फीयर |
| (iii) ओजोन परत | (द) ओजोन लेयर |
| (iv) क्षोभ सीमा | (स) ट्रोपोपॉज |
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प्रश्न 2.
| सूची-I | सूची -II |
| (i) वायुदाब मापी | (अ) लेबोरेटरी थर्मामीटर |
| (ii) पवन वेगमापी | (ब) रेन गेज |
| (iii) वर्षामापी | (स) बैरोमीटर |
| (iv) प्रयोगशाला तापमापी | (द) एनीमोमीटर |
उत्तर:
| सूची-I | सूची -II |
| (i) वायुदाब मापी | (स) बैरोमीटर |
| (ii) पवन वेगमापी | (द) एनीमोमीटर |
| (iii) वर्षामापी | (ब) रेन गेज |
| (iv) प्रयोगशाला तापमापी | (अ) लेबोरेटरी थर्मामीटर |
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