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Class 7 Social Science Chapter 3 Question Answer in Hindi
भारत की जलवायु कक्षा 7 प्रश्न उत्तर
Class 7 Samajik Vigyan Chapter 3 Question Answer भारत की जलवायु
महत्त्वपूर्ण प्रश्न (पृष्ठ संख्या 45)
प्रश्न 1.
भारतीय जलवायु को कौन-कौनसे तत्व विविध बनाते हैं?
उत्तर:
भारतीय जलवायु को निम्नलिखित तत्व विविध बनाते हैं—
- उत्तर से दक्षिण तक अलग-अलग अक्षांश।
- हिमालय जैसे ऊँचे पहाड़।
- तापमान पर असर डालने वाले तटीय इलाके।
- मैदान, पठार, पहाड़ियाँ, रेगिस्तान आदि जैसी अलग अलग भू-आकृतियाँ।
- मानसूनी हवाएँ इत्यादि।
प्रश्न 2.
मानसून क्या है? यह कैसे बनता है?
उत्तर:
मानसून मौसमी पवनों से जुड़ा प्रतिरूप है, जो मुख्यतः मौसमी वर्षा को दर्शाता है। ग्रीष्म ऋतु में स्थल भाग समुद्र की तुलना में अधिक गर्म होकर निम्न दबाव क्षेत्र बनाता है। इससे समुद्र से नमी युक्त पवनें स्थल की ओर आती हैं, संघनन होता है और वर्षा होती है। शीत ऋतु में पवनों की दिशा बदल जाती है ये जमीन से समुद्र की ओर बहती हैं। ये बंगाल की खाड़ी से नमी एकत्रित कर दक्षिण भारत में वर्षा करती हैं।
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प्रश्न 3.
जलवायु का समाज, संस्कृति और आर्थिक स्थिति पर क्या प्रभाव पड़ता है?
उत्तर:
जलवायु का गहरा प्रभाव कृषि, भोजन, वस्त्र, त्योहारों और आजीविका पर पड़ता है। मानसून की सफलता या असफलता कृषि उत्पादन, जल उपलब्धता और अर्थव्यवस्था को प्रभावित करती है। जलवायु से जुड़े त्योहार और परंपराएँ भारतीय संस्कृति का महत्त्वपूर्ण हिस्सा हैं।
प्रश्न 4.
जलवायु की समझ हमें प्राकृतिक आपदा के लिए तैयार रहने में किस प्रकार सहायता करती है?
उत्तर:
जलवायु की समझ से चक्रवात, बाढ़, भूस्खलन और दावानल जैसी आपदाओं की संभावना को पहचाना जा सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग लोगों की सुरक्षा के लिए आपदाओं पर नजर रखता है। इससे समय पर चेतावनी, तैयारी और राहत कार्य संभव होते हैं, जिससे जान-माल की हानि कम की जा सकती है।
प्रश्न 5.
जलवायु परिवर्तन क्या है? इसके परिणाम क्या- क्या होते हैं?
उत्तर:
जलवायु परिवर्तन का अर्थ तापमान, वर्षा और मौसम की घटनाओं में दीर्घकालिक परिवर्तन है। इसके परिणामस्वरूप तापमान में वृद्धि, ऋतुओं में असंतुलन, चरम मौसम की घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं की तीव्रता बढ़ जाती है, जिससे मानव और प्राकृतिक जीवन प्रभावित होता है।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ संख्या 51)
प्रश्न 1.
उधगमंडलम (ऊटी) एवं कोयंबटूर लगभग समान अक्षांशों पर स्थित हैं। ऊटी में गर्मी का तापमान 10-25 डिग्री सेल्सियस, जबकि कोयंबटूर में 25-38 डिग्री सेल्सियस होता है। इन दो स्थानों पर तापमान में यह अंतर क्यों है? इस बारे में आप क्या सोचते हैं?
उत्तर:
उधगमंडलम (ऊटी) अधिक ऊँचाई पर स्थित है, जबकि कोयंबटूर अपेक्षाकृत निम्न एवं मैदानी क्षेत्र में स्थित है। जैसे-जैसे ऊँचाई बढ़ती है, तापमान घटता जाता है। इसी कारण समान अक्षांश होने के बावजूद ऊटी का तापमान (10-25 डिग्री) कम तथा कोयंबटूर का तापमान (25-38 डिग्री) अधिक रहता है। इस बारे में मैं यह सोचता हूँ कि किसी स्थान का तापमान केवल अक्षांश पर ही निर्भर नहीं करता, बल्कि ऊँचाई जैसे भौगोलिक कारक भी तापमान को प्रभावित करते हैं।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ संख्या 60)
प्रश्न 1.
क्या आपने कभी बाढ़ देखी है अथवा इसके विषय में पढ़ा है? भारत के भौतिक मानचित्र को देखिए। समूह में चर्चा कीजिए कि बताए गए राज्यों (असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, केरल और आंध्र प्रदेश) राज्यों में बाढ़ क्यों आती है?
उत्तर:
जी हाँ, मैंने बाढ़ को देखा भी है और उसके बारे में पढ़ा भी है। बाढ़ मुख्यतः अत्यधिक वर्षा के कारण आती है। असम, बिहार और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भारी वर्षा होने पर नदियाँ अपने तटों से बाहर बहने लगती हैं, जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है। केरल और आंध्र प्रदेश में भी मानसून के दौरान अधिक वर्षा होने से नदियों और जल निकासी तंत्र पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे बाढ़ आती है। इस प्रकार इन राज्यों में बाढ़ का मुख्य कारण अधिक वर्षा और नदियों में जल की मात्रा का बढ़ जाना है।
कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान पाठ 3 के प्रश्न उत्तर
प्रश्न और क्रियाकलाप
प्रश्न 1.
जलवायु के कारकों का उनके प्रभावों के साथ निम्नलिखित सूची में मिलान कीजिए-
| अ | ब |
| (1) अक्षांश | (क) भारत में गर्मी के दौरान नमीयुक्त पवन को लाता है। |
| (2) ऊँचाई | (ख) उत्तर एवं दक्षिण में अलग-अलग जलवायु बनाता है। |
| (3) समुद्र से निकटता | (ग) ऊँचे स्थानों को अधिक ठंडा रखता है। |
| (4) मानसूनी पवन | (घ) तापमान को प्रभावित करता है। |
उत्तर:
| अ | ब |
| (1) अक्षांश | (ख) उत्तर एवं दक्षिण में अलग-अलग जलवायु बनाता है। |
| (2) ऊँचाई | (ग) ऊँचे स्थानों को अधिक ठंडा रखता है। |
| (3) समुद्र से निकटता | (घ) तापमान को प्रभावित करता है। |
| (4) मानसूनी पवन | (क) भारत में गर्मी के दौरान नमीयुक्त पवन को लाता है। |
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प्रश्न 2.
नीचे दिए गए प्रश्नों का उत्तर दीजिए-
(क) मौसम और जलवायु में क्या अंतर है?
उत्तर:
मौसम वह अवस्था है, जिसे हम दिन-प्रतिदिन अनुभव करते हैं; जैसे—तेज हवाएँ, वर्षा, गर्मी या ठण्ड, जबकि किसी विशेष क्षेत्र में लंबे समय तक कम से कम कई दशकों तक पाए जाने वाले मौसमी प्रतिरूप को जलवायु कहते हैं।
(ख) समुद्र के निकट स्थित स्थानों का तापमान समुद्र से दूर स्थित स्थानों की तुलना में कम क्यों होता है?
उत्तर:
समुद्र तापमान को नियंत्रित करता है, इसलिए तटीय क्षेत्रों में तापमान में बहुत अधिक परिवर्तन नहीं होता है। समुद्र से दूरी बढ़ने पर तापमान अधिक हो जाता है— ग्रीष्मकाल में तापमान अधिक और शीतकाल में तापमान कम हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि भूमि ऊष्मां का अवशोषण शीघ्रता से करती है और शीघ्रता से छोड़ती है, जबकि समुद्र धीरे-धीरे ऊष्मा को अवशोषित करता है और धीरे-धीरे छोड़ता है।
(ग) भारतीय जलवायु को प्रभावित करने में मानसूनी पवन की क्या भूमिका है?
उत्तर:
मानसूनी पवनें भारत में मौसमी वर्षा लाती हैं, जिससे नदियाँ जल से भर जाती हैं, मिट्टी में नमी आ जाती है और फसलें उगती हैं। ग्रीष्म ऋतु में मानसूनी पवनें ठंडे, उच्च दाब वाले महासागर से गर्म भू-भाग की ओर चलती हैं और नमी लेकर आती हैं, जिससे मानसूनी वर्षा होती है। सर्दियों में पवनें भूमि से समुद्र की ओर चलती हैं, जिससे अधिकांश भाग में शुष्क परिस्थितियाँ बन जाती हैं।
(घ) चेन्नई पूरे वर्ष गर्म क्यों रहता है, जबकि लेह | ठंडा रहता है?
उत्तर:
चेन्नई भूमध्य रेखा के निकट होने के कारण लगभग | उत्तर- पूरे वर्ष गर्म रहता है, क्योंकि वहाँ सूर्य की किरणें लगभग लंबवत पड़ती हैं। दूसरी ओर, लेह एक ऊँचे स्थान पर स्थित है, जहाँ ऊँचाई बढ़ने के साथ वायुमंडलीय दबाव और वायु का घनत्व कम हो जाता है, जिससे वह ठंडा रहता है।
प्रश्न 3.
इस पुस्तक के अंत में दिए गए भारत के मानचित्र को देखिए । लेह, चेन्नई, दिल्ली, पणजी, इन शहरों की जलवायु को पहचानिए।
• क्या यह स्थान समुद्र के समीप है, पर्वत पर है या रेगिस्तान में है?
• ये कारक वहाँ की जलवायु को किस प्रकार प्रभावित करते हैं?
उत्तर:
लेह – यह शहर हिमालय पर्वत में उच्च ऊँचाई पर स्थित है और यहाँ अल्पाइन जलवायु पाई जाती है। इसकी अवस्थिति के कारण यहाँ का तापमान जल के हिमांक से नीचे रहता है और वर्षा बहुत कम होती है, क्योंकि मानसूनी हवाएँ यहाँ तक नहीं पहुँच पाती हैं।
चेन्नई – यह शहर समुद्र के समीप (पूर्वी तट पर स्थित है और यहाँ उष्णकटिबंधीय जलवायु पाई जाती है। समुद्र से निकटता तापमान को नियंत्रित करती है, जिससे पूरे वर्ष मौसम मध्यम गर्म और आर्द्र रहता है और सर्दियों में हल्की ठंड होती है।
दिल्ली – यह शहर उत्तरी मैदानों में समुद्र से दूर स्थित है और यहाँ उपोष्णकटिबंधीय जलवायु पाई जाती है। दिल्ली की अवस्थिति समुद्र से दूर होने के कारण यहाँ ग्रीष्मकाल में अत्यधिक गर्मी और शीतकाल में ठंड होती है, अर्थात् तापमान में बड़ा अंतर होता है।
पणजी – यह शहर पश्चिमी तटीय पट्टी में अर्थात् समुद्र के समीप स्थित है और यहाँ उष्णकटिबंधीय आर्द्र जलवायु पाई जाती है। समुद्र से निकटता तापमान को नियंत्रित करती है और मानसून के महीनों में भारी वर्षा होती है।
प्रश्न 4.
भारत के मानचित्र पर गर्मी और सर्दी के मानसून चक्र को प्रदर्शित कीजिए।
• गर्मियों और सर्दियों में पवनें कहाँ चलती हैं, इसके प्रतीक लगाइए।
• मानसून के दौरान पवनों की दिशा दिखाइए।
उत्तर:

प्रश्न 5.
भारत में कृषि और मौसम से जुड़े त्योहारों (जैसे- बैसाखी, ओणम) को दिखाते हुए एक रंगीन पोस्टर बनाइए। इन त्योहारों की तस्वीरें या रेखाचित्र लगाइए।
उत्तर:
कृषि और मौसम से जुड़े प्रमुख त्योहार निम्नलिखित हैं—
पोंगल – यह दक्षिण भारत का एक महत्त्वपूर्ण चार दिवसीय फसल उत्सव है, जो मुख्य रूप से तमिलनाडु राज्य में मनाया जाता है। इस दौरान भरपूर फसल के लिए सूर्य देव, वर्षा और पशुओं को धन्यवाद दिया जाता है।

मकर संक्रांति – मकर संक्रांति मुख्य रूप से 14-15 जनवरी को मनाया जाने वाला सूर्य और फसल से जुड़ा प्रमुख मौसमी त्योहार है, जो सर्दियों के अंत, दिनों के बड़े होने (उत्तरायण) और नई फसलों के आगमन का प्रतीक है।

बैसाखी – बैसाखी उत्तर भारत, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा का एक प्रमुख सांस्कृतिक, धार्मिक और कृषि त्योहार है, जो प्रतिवर्ष 13 या 14 अप्रैल को मनाया जाता है। किसानों के लिए यह रबी (गेहूँ) की फसल के पकने और उसकी कटाई शुरू होने की खुशी का दिन है। किसान इस दिन अच्छी फसल के लिए ईश्वर का धन्यवाद करते हैं।

ओणम ओणम केरल का एक प्रमुख और भव्य वार्षिक फसल उत्सव है, जो मलयालम कैलेंडर के चिंगम महीने में मनाया जाता है। यह नये फसल मौसम और कृषि चक्र की शुरुआत का प्रतीक है।

प्रश्न 6.
कल्पना कीजिए कि आप भारत में एक किसान हैं। बरसात के मौसम के लिए आप कैसे तैयारी करेंगे? इस बारे में डायरी में संक्षेप में लिखिए।
उत्तर:
डायरी – 15 जून, 2025
आज सुबह मैं खेत में गया। आसमान में बादल छा रहे हैं, लगता है बरसात जल्द ही शुरू होगी। मैंने खेत की मेड़ें ठीक कीं ताकि पानी रुके और फसल को नुकसान न पहुँचे। नहरों की सफाई भी की, जिससे पानी बराबर फैले। धान और बाजरे के बीज सुरक्षित जगह पर रख दिए हैं, जब पहली बारिश होगी तब बुआई शुरू करूँगा। बैलों को अतिरिक्त चारा दिया और उनका बाड़ा साफ किया ताकि वे बारिश में सुरक्षित रहें। घर पर अनाज के भंडार को तिरपाल से ढक दिया और लकड़ियाँ अंदर रख दीं ताकि गीली न हों। बरसात मेहनत का समय है, लेकिन अगर मौसम साथ दे तो अच्छी पैदावार मिलेगी। कल हल और औजारों को तेज़ करने का काम करूँगा। उम्मीद है इस बार खेत सोना उगलेगा।
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प्रश्न 7.
किसी प्राकृतिक आपदा (जैसे-चक्रवात, बाढ़, भूस्खलन या दावानल) की पहचान कीजिये और एक छोटा निबंध लिखिए, जिसमें इसके कारण और प्रभाव सम्मिलित हों। ऐसे सुझाव दीजिये जो व्यक्ति, समुदाय और सरकार को इस आपदा के प्रभाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं।
उत्तर:
निबंध : भूस्खलन
प्रस्तावना — भूस्खलन प्राकृतिक आपदाओं में से एक है, जिसमें चट्टानें, मिट्टी या मलबा अचानक ढलान से नीचे खिसक जाता है। यह घटना प्रायः पहाड़ी और पर्वतीय क्षेत्रों में होती है। भारी वर्षा, भूकंप और वनों की कटाई इसके प्रमुख कारण हैं।
भूस्खलन के कारण—
- तीव्र या लंबे समय तक होने वाली वर्षा
- भूकम्प
- वनों की अंधाधुंध कटाई
- ढलानों पर अस्थिर निर्माण
- खनन और सड़क काटना
भूस्खलन के प्रभाव-
- जनहानि और लोगों का विस्थापन
- सड़कों, पुलों और घरों का विनाश
- परिवहन और संचार व्यवस्था में बाधा
- मिट्टी का कटाव और भू-दृश्य में परिवर्तन
- आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ना
प्रभाव कम करने के उपाय-
• व्यक्तिगत स्तर पर अस्थिर ढलानों पर निर्माण से बचना और वृक्षारोपण करना।
• समुदाय स्तर पर प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली और आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाना।
• सरकारी स्तर पर – उचित भूमि उपयोग योजना लागू करना, वनीकरण करना, सहायक दीवारें और जल निकासी प्रणाली बनाना।
उपसंहार – भूस्खलन एक गंभीर प्राकृतिक आपदा है, जो जीवन और पर्यावरण दोनों को प्रभावित करती है। लेकिन यदि व्यक्ति, समाज और सरकार मिलकर उचित योजना और सहयोग करें, तो इसके प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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