Start practicing the Class 7 SST Extra Questions and Class 7 SST Part 1 Chapter 9 शासक से शासित तक सरकार के प्रकार Extra Questions to consolidate your knowledge effectively.
शासक से शासित तक सरकार के प्रकार Class 7 Extra Question Answer
Class 7 SST Chapter 9 Extra Question Answer in Hindi शासक से शासित तक सरकार के प्रकार
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
‘लोकतंत्र जनता का, जनता के द्वारा और जनता के लिए शासन है।’ लोकतंत्र की यह परिभाषा किसने दी है?
उत्तर:
अब्राहम लिंकन ने।
प्रश्न 2.
‘राजतरंगिणी’ किसके द्वारा रचित की गई?
उत्तर:
कश्मीरी विद्वान कल्हण द्वारा।
प्रश्न 3.
वर्तमान समय में धर्मतंत्रीय शासन वाला कोई एक देश बताइए।
उत्तर:
वेटिकन सिटी।
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प्रश्न 4.
भाषाई और सांस्कृतिक लक्षणों के आधार पर विद्वानों ने रोमा या रोमानी लोगों का मूल स्थान किस देश को माना है?
उत्तर:
भारत को।
प्रश्न 5.
‘जर्मनी को, नस्लीय श्रेष्ठता के कारण, दुनिया पर शासन करना चाहिए।’ यह किसने माना था?
उत्तर:
जर्मनी के शासक एडोल्फ हिटलर ने।
प्रश्न 6.
युगांडा का सैन्य तानाशाह कौन था?
उत्तर:
ईदी अमीन।
प्रश्न 7.
उस देश का नाम बताइए जहाँ वर्तमान समय में धर्मतंत्र और लोकतांत्रिक शासन दोनों ही प्रणालियों का समन्वय है?
उत्तर:
इस्लामिक ईरान गणराज्य।
प्रश्न 8.
अल्पतंत्र शासन का उदाहरण कौनसा देश है?
उत्तर:
प्राचीन ग्रीस में कुछ स्थानों पर अल्पतंत्रीय शासन था।
प्रश्न 9.
ऐसे व्यक्ति, जो राजनीतिक घटनाओं का विश्लेषण कर उन पर अपनी राय व्यक्त करते हैं, क्या कहलाते हैं?
उत्तर:
राजनीतिक टिप्पणीकार।
प्रश्न 10.
लोकतंत्र की किसी एक चुनौती को लिखिए।
उत्तर:
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कुछ लोगों का अत्यधिक नियंत्रण।
प्रश्न 11.
हिटलर किस युद्ध का प्रमुख कारण बना?
उत्तर:
द्वितीय विश्व युद्ध।
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प्रश्न 12.
सरकार के तीन प्रमुख कार्य कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
सरकार के तीन प्रमुख कार्य हैं- (i) विधायी कार्य, (ii) कार्यकारी कार्य और (iii) न्यायिक कार्य।
प्रश्न 13.
सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार क्या है?
उत्तर:
सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार प्रत्येक नागरिक को एक निर्धारित आयु के ऊपर, अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान का अधिकार प्रदान करता है।
प्रश्न 14.
लोकतंत्र में सरकार के उत्तरदायित्व का क्या अर्थ है?
उत्तर:
लोकतंत्र में सरकार के उत्तरदायित्व का अर्थ है कि सरकार जनता के प्रति जवाबदेह है।
प्रश्न 15.
भारत में आम चुनाव कितने वर्षों के अन्तराल में आयोजित किए जाते हैं?
उत्तर:
भारत में प्रत्येक पांच वर्ष में आम चुनाव आयोजित किए जाते हैं।
प्रश्न 16.
संयुक्त राज्य अमेरिका में आम चुनाव कितने वर्ष में होते हैं?
उत्तर:
प्रत्येक चार वर्ष में।
प्रश्न 17.
भारत में विधायिका के निम्न सदन और उच्च सदन को क्या कहा जाता है?
उत्तर:
भारत में निम्न सदन को लोकसभा और उच्च सदन को राज्य सभा कहा जाता है।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
कार्यपालिका से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
कार्यपालिका सरकार का वह अंग है, जो कानून को लागू करने के लिए उत्तरदायी होता है। लोकतांत्रिक सरकारों में इसके चुनाव की प्रक्रिया विभिन्न देशों में अलग- अलग होती है।
प्रश्न 2.
विधायिका से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
विधायिका सरकार का वह अंग है, जो कानून बनाने के लिए उत्तरदायी होता है। भारत में इसे संसद कहा जाता है, जबकि अमेरिका में इसे कांग्रेस कहा जाता है। अधिकांश लोकतंत्रों में विधायिका के दो सदन होते हैं— (i) उच्च सदन और (ii) निम्न सदन।
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प्रश्न 3.
उच्च सदन और निम्न सदन का गठन कैसे होता है?
उत्तर:
अधिकांश देशों में निम्न सदन के सदस्यों को प्रत्यक्ष मतदान के आधार पर चुना जाता है और उच्च सदन को चुनाव या नामांकन द्वारा गठित किया जाता है।
प्रश्न 4.
शक्तियों के पृथक्करण से क्या आशय है?
उत्तर:
शक्तियों का पृथक्करण – शक्तियों के पृथक्करण का अर्थ है कि सरकार तीनों अंग – विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं और एक- दूसरे के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करते।
प्रश्न 5.
गणराज्य किस प्रकार की शासन प्रणाली थी?
उत्तर:
भारत के कुछ प्राचीन जनपदों में गणराज्य शासन प्रणाली थी। यह एक ऐसी शासन व्यवस्था थी, जिसमें राज्य का प्रमुख निर्वाचित होता था और वह वंशानुगत राजा या रानी नहीं होता था ।
प्रश्न 6.
प्रत्यक्ष लोकतंत्र से क्या आशय है?
उत्तर:
प्रत्यक्ष लोकतंत्र वह शासन व्यवस्था है, जिसमें देश के सभी नागरिक शासन सम्बन्धी नियमों, नीतियों और कार्यों के लिए प्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी होते हैं और वे सभी निर्णयों में स्वयं भाग लेते हैं।
प्रश्न 7.
दास किसे कहा जाता था?
उत्तर:
दास — दास वह व्यक्ति होता था जिसे किसी अन्य के लिए काम करने और उसकी आज्ञा मानने को बाध्य किया जाता था और उसे उस व्यक्ति की संपत्ति माना जाता था।
प्रश्न 8.
संप्रभु से क्या आशय है?
उत्तर:
संप्रभु संप्रभु शब्द एक देश के लिए व्यक्त किया जाता है। इसका अर्थ है कि वह देश अपने आंतरिक मामलों में सर्वोच्च तथा बाहरी मामलों में स्वतंत्र है।
दीर्घउत्तरीय प्रश्न-
प्रश्न 1.
लोकतंत्र क्या है?
उत्तर:
लोकतंत्र — लोकतंत्र को जनता के शासन के रूप में जाना जाता है। अब्राहम लिंकन ने इसे परिभाषित करते हुए लिखा है कि ‘लोकतंत्र जनता का, जनता के द्वारा, जनता के लिए शासन है।’ इसका अभिप्राय यह है कि लोकतंत्र में जनता स्वयं पर शासन करने के लिए अपने प्रतिनिधियों को चुनती है और ये प्रतिनिधि अपने कार्यों के लिए जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं।
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प्रश्न 2.
प्रत्यक्ष और प्रतिनिधि लोकतंत्र में क्या अन्तर है?
उत्तर:
प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लोकतंत्र में निम्नलिखित प्रमुख अन्तर है—
- प्रत्यक्ष लोकतंत्र वह व्यवस्था है, जिसमें एक देश के नागरिक शासन सम्बन्धी नियमों, नीतियों और कार्यों के लिए प्रत्यक्ष रूप से स्वयं भाग लेते हैं, जबकि प्रतिनिधि लोकतंत्र में नागरिक सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के माध्यम से प्रतिनिधियों का चुनाव करते हैं, ये प्रतिनिधि शासन सम्बन्धी नियमों, नीतियों और कार्यों में भाग लेते हैं।
- प्रत्यक्ष लोकतंत्र में शासन सम्बन्धी कार्यों के प्रति स्वयं प्रत्यक्ष रूप से उत्तरदायी होते हैं, जबकि प्रतिनिधि लोकतंत्र में शासन सम्बन्धी कार्यों के लिए प्रतिनिधि जनता के प्रति जवाबदेह होते हैं।
प्रश्न 3.
‘चुनाव प्रतिनिधि लोकतंत्र का एक अभिन्न अंग होते हैं।’ इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
प्रथमतः, प्रतिनिधि लोकतंत्र में चुनाव के माध्यम से जनता अपने प्रतिनिधियों को एक निर्धारित समय के लिए शासन कार्य करने के लिए चुनती है। दूसरे, चुनावों के माध्यम से जनता अपनी इच्छा के अनुसार सरकार में बदलाव कर सकती है। तीसरे, चुनाव नियमित और निश्चित अन्तराल में आयोजित किए जाते हैं, जैसे—भारत में प्रत्येक पांच साल में आम चुनाव होते हैं। स्पष्ट है कि चुनाव प्रतिनिधि लोकतंत्र का अभिन्न अंग होते हैं।
प्रश्न 4.
उत्तरमेरूर शिलालेख से हमें चोल काल के चुनावी प्रक्रिया के बारे में क्या जानकारी मिलती है?
उत्तर:
उत्तरमेरूर शिलालेख से हमें निम्न जानकारी मिलती
- यह बताता है कि भारत में आम जनता की आवाज को सदियों से महत्व दिया गया है।
- यह शिलालेख ग्राम सभा के सदस्यों के चुनावी प्रक्रिया के संबंध में जानकारी देता है।
- मतदान में सीलबंद मतपेटियों का प्रयोग होता था।
- इसमें सदस्यों की योग्यताएँ, उनके कर्तव्य तथा हटाए जाने की स्थितियों का वर्णन है।
प्रश्न 5.
महाभारत के शांतिपर्व में भीष्म पितामह ने युधिष्ठर को सुशासन, न्याय और राजा के नैतिक दायित्वों के विषय में क्या उपदेश दिया?
उत्तर:
भीष्म ने निम्नांकित उपदेश दिया—
- उन्होंने कहा कि शासक (राजा) की सबसे बड़ी प्राथमिकता अपनी प्रजा का कल्याण होता है।
- उसे निष्पक्ष रूप से कानूनों को लागू करना चाहिए जिससे न्याय और समानता सुनिश्चित हो सके।
- उसे सत्ता से आसक्त नहीं होना चाहिए।
- उसे उचित और विवेकरूप निर्णय लेने हेतु विद्वान सलाहकारों की सलाह लेनी चाहिए।
- उसे सत्ता को अस्थायी तथा धर्म से बँधा हुआ समझना चाहिए।
निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
प्राचीन भारत में महाजनपदों में राजतंत्रीय शासन व्यवस्था की विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
प्राचीन भारत में महाजनपदों में राजतंत्रीय शासन की विशेषताएँ-
- महाजनपदों में शासक राजा हुआ करते थे।
- राजाओं को सभा या समिति द्वारा मार्गदर्शन दिया जाता था। उनसे यह अपेक्षा की जाती थी कि वे इन संस्थाओं द्वारा दी गई सलाह और उसके निर्णयों को गंभीरता से लें।
- साम्राज्यों के काल में यद्यपि राजाओं को अपार शक्ति प्राप्त होती गई तथापि शासन चलाने के लिए वे मंत्रिपरिषद् और अधिकारियों के व्यापक तंत्र पर निर्भर रहते थे।
- अनेक बार राजा धर्म सम्बन्धी विषयों पर विद्वानों से परामर्श लेते थे।
- राजाओं से यह अपेक्षा की जाती थी कि वे राजधर्म के अनुसार शासन करें और सभी के कल्याण को सर्वोपरि रखें। यद्यपि सभी राजा इस आदर्श स्थिति को व्यवहार में लागू नहीं कर सके।
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प्रश्न 2.
प्रतिनिधि लोकतंत्रीय शासन के प्रमुख स्वरूपों को बताइए तथा उनकी विशेषताओं की विवेचना कीजिए।
उत्तर:
प्रतिनिधि लोकतंत्रीय शासन के प्रमुख स्वरूप हैं— (क) संसदीय लोकतंत्र और (ख) अध्यक्षीय लोकतंत्रीय शासन प्रणाली।
(क) संसदीय लोकतंत्रीय शासन प्रणाली की विशेषताएँ-
- संसदीय लोकतंत्रीय सरकार में जनता केवल विधायिका के सदस्यों का ही निर्वाचन करती है, कार्यपालिका के सदस्यों का नहीं।
- ऐसी सरकार में विधायिका के कुछ चयनित सदस्य ही मंत्री बनते हैं। इस प्रकार कार्यपालिका के सदस्य विधायिका का ही हिस्सा होते हैं।
- इसमें मंत्रिपरिषद विधायिका के प्रति उत्तरदायी होती है और विधायिका का विश्वास प्राप्त रहने तक कार्य करती है।
- इसमें न्यायपालिका, विधायिका और कार्यपालिका, दोनों से स्वतंत्र कार्य करती है।
(ख) अध्यक्षीय शासन प्रणाली की विशेषताएँ-
- इस शासन प्रणाली में कार्यपालिका, विधायिका से स्वतंत्र होती है और स्वतंत्र रूप से कार्य करती है।
- इसमें राष्ट्राध्यक्ष का चुनाव जनता करती है।
- कार्यपालिका (राष्ट्राध्यक्ष) को अपना पद बनाए रखने के लिए विधायिका के समर्थन की आवश्यकता नहीं होती।
प्रश्न 3.
सरकार के कितने अंग होते हैं? उनका वर्णन कीजिए।
उत्तर:
सरकार के तीन प्रमुख अंग होते हैं— (1) कार्यपालिका, (2) विधायिका और (3) न्यायपालिका।
इनका वर्णन निम्न प्रकार है-
(1) कार्यपालिका— कार्यपालिका सरकार का वह अंग है। जो कानून को लागू करने के लिए उत्तरदायी होता है। सामान्य रूप से जहाँ संसदीय शासन है, वहाँ कार्यपालिका का गठन विधायिका के सदस्यों में से ही होता है। मोटे रूप से निम्न सदन में जिस दल का बहुमत होता है, उसके नेता को प्रधानमंत्री नियुक्त किया जाता है।
(2) विधायिका— विधायिका सरकार का वह अंग है, जो कानून बनाने के लिए उत्तरदायी है। इसे अलग-अलग देशों में अलग- अलग नामों से जाना जाता है, जैसे भारत में इसे संसद कहा जाता है, जबकि अमेरिका में इसे कांग्रेस कहा जाता है। अधिकांश लोकतंत्रों में विधायिका में दो सदन होते हैं— उच्च सदन और निम्न सदन।
(3) न्यायपालिका— न्यायपालिका प्रायः सभी सरकारों में विधायिका और कार्यपालिका से स्वतंत्र रहकर कार्य करती है। वह दूसरे अंगों के कार्यों में हस्तक्षेप भी नहीं करती।
प्रश्न 4.
राजतंत्र शासन प्रणाली की विस्तारपूर्वक व्याख्या कीजिए।
उत्तर:
राजतंत्र— राजतंत्र वह शासन प्रणाली है जिसमें राजा द्वारा शासन किया जाता है। वह संप्रभु शक्ति का प्रयोग करता है।
राजतंत्र प्रणाली प्रायः वंशानुगत होती है, जिसमें राजा का ज्येष्ठ पुत्र ही भावी राजा होता है।
राजतंत्र के दो प्रकार हैं— (क) निरंकुश राजतंत्र और (ख) संवैधानिक राजतंत्र।
(क) निरंकुश राजतंत्र— निरंकुश राजतंत्र वह शासन व्यवस्था है जिसमें राजा को कानून बनाने, उन्हें लागू करने और उनके उल्लंघन की स्थिति में न्यायिक निर्णय देने का पूर्ण अधिकार होता है। उदाहरण – सऊदी अरब।
(ख) संवैधानिक राजतंत्र — इस शासन प्रणाली में राष्ट्राध्यक्ष राजा या रानी होते हैं, जिसके पास केवल औपचारिक शक्ति होती है। कार्यपालिका की वास्तविक शक्ति प्रधानमंत्री और उसकी मंत्रिपरिषद के पास होती है। कानून निर्माण का कार्य संसद करती है। संसद के सदस्य जनता के निर्वाचित प्रतिनिधि होते हैं। उदाहरण— ब्रिटेन।
प्रश्न 5.
शासन व्यवस्था के विभिन्न स्वरूपों के अंतर्गत धर्मतंत्र, अधिनायकतंत्र तथा अल्पतंत्र शासन व्यवस्था को समझाइए।
उत्तर:
(1) धर्मतंत्र— इस शासन प्रणाली में देश का शासन धार्मिक नियमों और धार्मिक नेताओं के निर्देशों के अनुसार होता है। उदाहरण इस्लामिक ईरान गणराज्य। यहाँ धर्मतंत्र और लोकतांत्रिक शासन दोनों प्रणालियों का समन्वय है; संविधान इस्लाम के मूलभूत नियमों पर आधारित होता है; इस्लामी धर्मगुरुओं के एक समूह द्वारा नियुक्त सर्वोच्च नेता सरकार के तीनों अंगों पर सर्वोच्च अधिकार रखता है; तथा निर्वाचित राष्ट्रपति और संसद दैनिक प्रशासनिक कार्यों को पूरा करते हैं।
(2) अधिनायकतंत्र— इस शासन पद्धति में एक व्यक्ति या छोटे समूह का सम्पूर्ण सत्ता पर नियंत्रण होता है और संविधान या कानून का शासक के ऊपर नियंत्रण नहीं होता। उदाहरण—- जर्मनी (एडोल्फ हिटलर) तथा युगांडा (ईदी अमीन)।
(3) अल्पतंत्र— इस शासन प्रणाली में कुछ शक्तिशाली लोग या परिवार शासन करते हैं और सारे महत्त्वपूर्ण निर्णय वहीं लेते हैं। उदाहरण- प्राचीन ग्रीस।
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प्रश्न 6.
सरकार हमारे जीवन में कौनसी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है? समझाइए।
उत्तर:
सरकार हमारे जीवन में निम्नलिखित महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है—
- यह समाज में कानून व्यवस्था बनाए रखती है।
- यह लोगों के लिए शांति, स्थायित्व एवं सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
- यह अन्य देशों के साथ संबंधों का संचालन करती है।
- यह राष्ट्रीय सुरक्षा को सुनिश्चित करती है।
- यह आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं, जैसे— शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आधारभूत संरचना की आपूर्ति करती है।
- सरकार अर्थव्यस्था और आर्थिक गतिविधियों का प्रबंधन करती है।
- यह लोगों के कल्याण एवं उनके जीवन को उन्नत बनाने के लिए कार्य करती है।
प्रश्न 7.
लोकतंत्र के मूलभूत सिद्धान्तों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
लोकतंत्र के मूलभूत सिद्धान्त निम्न प्रकार हैं-
(1) समानता समानता का अर्थ है कि प्रत्येक व्यक्ति समान व्यवहार पाने का अधिकारी है अर्थात् सभी व्यक्तियों को शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएँ समान रूप से मिलनी चाहिए और सभी व्यक्ति कानून के समक्ष समान हैं।
(2) स्वतंत्रता स्वतंत्रता का तात्पर्य है— नागरिकों को स्वयं चयन करने और अपना मत अभिव्यक्त करने का अधिकार है।
(3) प्रतिनिधि सहभागिता — इसका अभिप्राय प्रत्येक नागरिक को चुनाव के माध्यम से अपने प्रतिनिधि को चुनने का अधिकार है।
(4) सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार— यह प्रत्येक नागरिक को (निर्धारित आयु से ऊपर) अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान अधिकार प्रदान करता है।
(5) मौलिक अधिकार— लोकतंत्र में नागरिकों को कुछ मौलिक अधिकार प्रदान किए जाते हैं, जैसे— मतदान का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार, शोषण के विरुद्ध अधिकार आदि।
(6) स्वतंत्र न्यायपालिका – यह सुनिश्चित करती है कि प्रत्येक नागरिक के मौलिक अधिकारों की रक्षा हो और नागरिकों के साथ-साथ सरकार के सभी अंगों द्वारा कानूनों का पालन हो।
शासक से शासित तक सरकार के प्रकार Class 7 MCQ
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
निम्न में से किस देश की विधायिका का एकल सदन है?
(अ) भारत
(ब) दक्षिण कोरिया
(स) संयुक्त राज्य अमेरिका
(द) आस्ट्रेलिया
उत्तर:
(ब) दक्षिण कोरिया
प्रश्न 2.
विधायिका का कार्य है-
(अ) कानूनों का निर्माण करना
(ब) प्रशासन चलाना
(स) कानूनों की व्याख्या करना
(द) न्यायिक कार्य करना
उत्तर:
(अ) कानूनों का निर्माण करना
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प्रश्न 3.
सरकार का कौनसा अंग कानूनों की व्याख्या करने का कार्य करता है—
(अ) विधायिका
(ब) कार्यपालिका
(स) न्यायपालिका
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(स) न्यायपालिका
प्रश्न 4.
किस प्रकार की सरकार में सत्ता का स्रोत धार्मिक संस्था का मुखिया होता है—
(अ) लोकतांत्रिक
(ब) राजतंत्रीय
(स) अधिनायक तंत्रीय
(द) धर्मतंत्रीय
उत्तर:
(द) धर्मतंत्रीय
प्रश्न 5.
जनता सत्ता का स्रोत होती है—
(अ) लोकतंत्र में
(ब) अधिनायक तंत्र में
(स) राजतंत्र में
(द) धर्मतंत्र में
उत्तर:
(अ) लोकतंत्र में
प्रश्न 6.
किस प्रकार की शासन व्यवस्था में देश में शासन चलाने की व्यवस्था संविधान में दी गई होती है—
(अ) राजतंत्र
(ब) अधिनायक तंत्र
(स) लोकतंत्र
(द) धर्मतंत्र
उत्तर:
(स) लोकतंत्र
प्रश्न 7.
लोकतंत्र का मूलभूत सिद्धान्त है—
(अ) सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार
(ब) प्रतिनिधि सहभागिता
(स) स्वतंत्र न्यायपालिका
(द) उपरोक्त सभी
उत्तर:
(द) उपरोक्त सभी
प्रश्न 8.
स्विटजरलैंड में महिलाओं को किस सन् में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार मिला—
(अ) सन् 1950
(ब) सन् 1947
(स) सन् 1971
(द) सन् 1928
उत्तर:
(स) सन् 1971
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प्रश्न 9.
संयुक्त राज्य अमेरिका में वयस्क मताधिकार लागू हुआ—
(अ) 1928 में
(ब) 1950 में
(स) 1965 में
(द) 1971 में
उत्तर:
(स) 1965 में
प्रश्न 10.
भारत में लोकतंत्र की स्थापना हुई-
(अ) 1787 में
(ब) 1848 में
(स) 1949 में
(द) 1947 में
उत्तर:
(द) 1947 में
प्रश्न 11.
जर्मनी में ‘होलोकॉस्ट’ के लिए उत्तरदायी था—
(अ) नेपोलियन
(ब) एडोल्फ हिटलर
(स) ईदी अमीन
(द) स्टालिन
उत्तर:
(ब) एडोल्फ हिटलर
प्रश्न 12.
कौनसा देश निरंकुश राजतंत्र का उदाहरण है?
(अ) भारत
(ब) संयुक्त राज्य अमेरिका
(स) सऊदी अरब
(द) ईरान
उत्तर:
(स) सऊदी अरब
प्रश्न 13.
कौनसा देश संवैधानिक राजतंत्र का उदाहरण है—
(अ) सऊदी अरब
(ब) ईरान
(स) ब्रिटेन
(द) संयुक्त राज्य अमेरिका
उत्तर:
(स) ब्रिटेन
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प्रश्न 14.
जिस शासन प्रणाली में कुछ शक्तिशाली लोग या परिवार शासन करते हैं और सारे महत्त्वपूर्ण निर्णय लेते हैं, से कहते हैं—
(अ) लोकतंत्र
(ब) संवैधानिक राजतंत्र
(स) राजतंत्र
(द) अल्पतंत्र
उत्तर:
(द) अल्पतंत्र
रिक्त स्थानों की पूर्ति करें-
1. किसी देश के संचालन हेतु …………… एक सशक्त आधार प्रदान करते हैं।
उत्तर:
कानून
2. लोकतंत्र को …………… के शासन के रूप में जाना जाता है।
उत्तर:
जनता
3. एक विशाल पेंटिंग या कलाकृति जिसे सीधे दीवार या छत पर बनाया जाता है, चित्र कहलाता है।
उत्तर:
भित्ति
4. सरकारों का गठन कुछ मूल्यों और की प्राप्ति के लिए किया जाता है।
उत्तर:
आदर्शो
5. आधुनिक विश्व में शासन का सबसे लोकप्रिय स्वरूप बन गया है।
उत्तर:
लोकतंत्र
6. लोकतंत्र में उत्तरदायित्व का अर्थ है कि सरकार जनता के प्रति होती है।
उत्तर:
जबावदेह
निम्नलिखित में से सत्य / असत्य कथन छाँटिये-
1. ब्रिटेन में सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार 1950 में लागू हुआ।
उत्तर:
असत्य
2. वर्तमान समय में स्विटजरलैंड में प्रत्यक्ष लोकतंत्र व्यवस्था अपनायी जाती है।
उत्तर:
सत्य
3. अध्यक्षीय शासन प्रणाली में कार्यपालिका, विधायिका से स्वतंत्र कार्य करती है।
उत्तर:
सत्य
4. कार्यपालिका सरकार का वह अंग है, जो कानून बनाने के लिए उत्तरदायी होता है।
उत्तर:
असत्य
सुमेलित कीजिए-
प्रश्न 1.
| देश | लोकतंत्र की स्थापना का वर्ष |
| (i) संयुक्त राज्य अमेरिका | (अ) 1947 |
| (ii) भारत | (ब) 2008 |
| (iii) नेपाल | (स) 1848 |
| (iv) स्विटजरलैंड | (द) 1949 |
| (v) जर्मनी | (य) 1787 |
उत्तर:
| देश | लोकतंत्र की स्थापना का वर्ष |
| (i) संयुक्त राज्य अमेरिका | (य) 1787 |
| (ii) भारत | (अ) 1947 |
| (iii) नेपाल | (ब) 2008 |
| (iv) स्विटजरलैंड | (स) 1848 |
| (v) जर्मनी | (द) 1949 |
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प्रश्न 2.
| सूची-1 | सूची-2 |
| (i) विधायिका | (अ) कानूनों के कार्यान्वयन का कार्य |
| (ii) कार्यपालिका | (ब) अफगानिस्तान |
| (iii) धर्मतंत्र | (स) ग्रीक मूल का शब्द |
| (iv) ओलिगार्की | (द) शासन की संरचना के नियम |
| (v) संविधान | (य) संसद |
उत्तर:
| सूची-1 | सूची-2 |
| (i) विधायिका | (य) संसद |
| (ii) कार्यपालिका | (अ) कानूनों के कार्यान्वयन का कार्य |
| (iii) धर्मतंत्र | (ब) अफगानिस्तान |
| (iv) ओलिगार्की | (स) ग्रीक मूल का शब्द |
| (v) संविधान | (द) शासन की संरचना के नियम |
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