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Class 7 Social Science Chapter 9 Question Answer in Hindi
शासक से शासित तक सरकार के प्रकार कक्षा 7 प्रश्न उत्तर
Class 7 Samajik Vigyan Chapter 9 Question Answer शासक से शासित तक सरकार के प्रकार
महत्त्वपूर्ण प्रश्न (पृष्ठ संख्या 185)
प्रश्न 1.
सरकार के विभिन्न प्रकार कौन-कौन से हैं?
उत्तर:
सरकार के विभिन्न प्रकार हैं। मोटे रूप से हम इन्हें दो भागों में वर्गीकृत कर सकते हैं- (अ) लोकतांत्रिक सरकारें, (ब) अन्य प्रकार की सरकारें। यथा-
(अ) लोकतांत्रिक सरकारें— लोकतांत्रिक सरकारें दो प्रकार की होती हैं – (1) प्रत्यक्ष लोकतंत्र और (2) प्रतिनिधि लोकतंत्र। प्रतिनिधि लोकतंत्र सरकारों के भी दो प्रकार हैं— (i) संसदीय लोकतांत्रिक शासन प्रणाली और (ii) अध्यक्षीय शासन प्रणाली ।
(ब) अन्य प्रकार की सरकारें (शासन के अन्य प्रकार) यद्यपि लोकतांत्रिक शासन प्रणाली आज विश्व में सबसे लोकप्रिय शासन व्यवस्था है, तथापि कुछ अन्य प्रकार की शासन प्रणालियाँ भी प्रचलित हैं। ये हैं- (1) राजतंत्र शासन प्रणाली, इसके दो रूप हैं— (i) निरंकुश राजतंत्र और (ii) संवैधानिक राजतंत्र (2) धर्मतंत्र शासन प्रणाली (3) अधिनायकतंत्र शासन प्रणाली और (4) अल्पतंत्र शासन प्रणाली।
प्रश्न 2.
सरकार अपनी शक्ति कहाँ से प्राप्त करती है?
उत्तर:
विभिन्न प्रकार की सरकारें अपनी शक्ति अलग-अलग प्रकार से प्राप्त करती हैं। यथा-
(1) लोकतांत्रिक सरकारें अपनी शक्ति जनता से प्राप्त करती हैं। जनता निर्वाचन के द्वारा सरकार चलाने के लिए अपना प्रतिनिधि चुनती हैं और ये प्रतिनिधि सरकार चलाते हैं।
(2) राजतंत्र में सामान्यतः वंशानुगत शासन प्रणाली होती है। इसमें राजा अपने ज्येष्ठ पुत्र को ही राजा बनाता है और वही संप्रभु शक्ति का प्रयोग करता है। निरंकुश राजतंत्र में राजा की शक्ति का आधार उसकी शक्ति या धार्मिक कानून होता है, लेकिन संवैधानिक राजतंत्र में राजा के पास केवल औपचारिक शक्ति होती है और वास्तविक शक्ति प्रधानमंत्री, व संसद सदस्यों के पास होती है, जो जनता द्वारा निर्वाचन से प्राप्त करते हैं।
(3) धर्मतंत्र – धर्मतंत्र सरकारें अपनी शक्ति धार्मिक नियमों से प्राप्त करती हैं, जैसे इस्लामिक ईरान गणराज्य का संविधान इस्लाम के मूलभूत नियमों पर आधारित है, जो देश का आधिकारिक धर्म है। वहाँ सर्वोच्च नेता की नियुक्ति इस्लामी धर्मगुरुओं के समूह द्वारा की जाती है।
(4) अधिनायक तंत्र- अधिनायक तंत्र शासन पद्धति में शासक प्रायः कानून या सेना के आधार पर तानाशाह बनता है।
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प्रश्न 3.
एक देश की सरकार जनता से किस प्रकार संवाद स्थापित करती है?
उत्तर:
किसी देश की सरकार कानून बनाकर, शिक्षा और स्वास्थ्य देखभाल जैसी सेवाएँ प्रदान करके संवाद स्थापित करती है। इसके अतिरिक्त लोकतंत्र में लोग मतदान करके, सरकार का विरोध करके, मीडिया द्वारा तथा दबाव समूहों के माध्यम से सरकार के साथ संवाद स्थापित करते हैं।
प्रश्न 4.
लोकतंत्र का क्या महत्त्व है?
उत्तर:
लोकतंत्र का महत्त्व-
- लोकतंत्र में लोग अपना दैनिक जीवन अपने ढंग से जी सकते हैं। उन्हें बोलने, पहनने, धार्मिक विश्वास और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होती है। यह सब निर्धारित करने की स्वतंत्रता उन्हें तब तक होती है, जब तक कि उनकी यह स्वतंत्रता दूसरे के किसी अधिकार को क्षति न पहुँचाए।
- लोकतंत्र में लोग अपनी सरकार का चुनाव करते हैं। यदि उनके द्वारा चुनी गई सरकार लोगों की रक्षा करने, उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करने तथा शांति व्यवस्था बनाए रखने के अपने उत्तरदायित्व को पूरा नहीं कर पाती है तो आगामी चुनावों में उन प्रतिनिधियों को जनता बदल सकती है।
- लोकतांत्रिक सरकार के मूल्य और आदर्श सभी नागरिकों की भलाई पर केन्द्रित होते हैं।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ संख्या 188)
प्रश्न 1.
विद्यालय में लोकतंत्र सम्बन्धी तीनों तरीकों में से आप सबसे अधिक प्रभावी किसे मानते हैं और क्यों?
उत्तर:
उक्त तीनों तरीकों में से हम तीसरे तरीके को अधिक प्रभावी मानते हैं जिसमें कहा गया है कि “विद्यार्थी मतदान के आधार पर अपने प्रतिनिधि का चयन कर सकते हैं, जिससे निर्वाचित प्रतिनिधि ही समिति के सदस्य होंगे।” इस तरीके को हम इसलिए अधिक प्रभावी मानते हैं, क्योंकि यह एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। चुने हुए प्रतिनिधि विद्यालय की सभी गतिविधियों एवं कार्यों के प्रति जिम्मेदार होंगे ताकि विद्यालय के समस्त कार्य सुचारू रूप से संचालित होते रहे हैं। यदि ऐसा नहीं होगा तो विद्यार्थी उन्हें अगले चुनावों में बदल देंगे।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ संख्या 196)
प्रश्न 1.
लोकतांत्रिक सरकार के मुख्य सिद्धान्तों को सूचीबद्ध कीजिए।
उत्तर:
लोकतांत्रिक सरकार के मुख्य सिद्धान्त ये हैं— (1) समानता, (2) स्वतंत्रता (3) प्रतिनिधि सहभागिता, (4) सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार, (5) नागरिकों के मौलिक अधिकार, जैसे—मतदान का अधिकार, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार तथा शोषण के विरुद्ध अधिकार, (6) स्वतंत्र न्यायपालिका।
लोकतंत्र के ये मौलिक सिद्धान्त समय के साथ विकसित हुए हैं।
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प्रश्न 2.
अपनी समझ के आधार पर नीचे दी गई गतिविधि कीजिए-
“आपको अपने विद्यालय में एक विद्यार्थी समिति का गठन करना है। इसके लिए एक योजना बनाइए और उसे लोकतांत्रिक तरीके से लागू कीजिए, यह सुनिश्चित करते हुए कि—
• समिति के कार्य स्पष्ट रूप से परिभाषित हों।
• समिति के सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया लोकतांत्रिक हो।”
उत्तर:
अपने विद्यालय में हमने एक विद्यार्थी समिति का गठन करने का निर्णय लिया ताकि विद्यालय के कार्यों के संचालन के लिए विद्यार्थी उपयोगी नियमों के विकास का हिस्सा बन सकें और नियमों के क्रियान्वयन में सहायता कर उनका अनुपालन सुनिश्चित कर सकें।
इसके लिए सबसे पहले हमने समिति के कार्यों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया। हमने समिति के ये कार्य निर्धारित किए—
- अध्यापन के विषयों की समय-सारिणी बनाना तथा उसका अनुपालन सुनिश्चित करना।
- खेलकूद का आयोजन करना।
- मध्याह्न के समय भोजन परोसना तथा बर्तन धोना।
- प्रार्थना सभा हेतु वक्ताओं का चयन करना।
- बस्ता रहित दिवसों के लिए गतिविधि निर्धारित करना।
समिति के सदस्यों की चुनाव प्रक्रिया— हमने यह निर्धारित किया कि प्रत्येक कक्षा से विद्यार्थी अपने बीच में से किसी ऐसे विद्यार्थी को अपना प्रतिनिधि चुन सकते हैं, जिस पर उन्हें विश्वास हो कि वह प्रभावशाली रूप से अपनी कक्षा की आवश्यकताओं का पक्ष रख सकेगा। यह प्रतिनिधि समिति में कार्य करेगा।
आइए विचार करें (पृष्ठ संख्या 199)
प्रश्न 1.
यदि कोई राजा स्वयं को ईश्वरीय शक्तियों से युक्त मानने लगे, तो क्या हो सकता है? वह अपनी प्रजा पर किस प्रकार शासन करेगा?
उत्तर:
यदि कोई राजा स्वयं को ईश्वरीय शक्तियों से युक्त मानने लगे तो राजतंत्र निरंकुश हो सकता है। समस्त राज सत्ता उसके हाथ में आ सकती है। ऐसी स्थिति में वह राजा स्वयं कानून बनाता है, उन्हें लागू करता है और दंड भी निर्धारित करता है। वह अपनी शक्ति का प्रयोग जनता को अपने अधीन करने के लिए भी कर सकता है।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ संख्या 204)
पाठ्यपुस्तक में पृष्ठ 203 पर दी गईं शेन की कहानी को पढ़ें और निम्न प्रश्नों का उत्तर दें—
प्रश्न 1.
क्या शेन का देश एक लोकतांत्रिक देश कहा जा सकता है?
उत्तर:
नहीं, शेन का देश एक लोकतांत्रिक देश नहीं कहा जा सकता है।
प्रश्न 2.
आपके विचार से शेन का दैनिक जीवन कैसा होगा?
उत्तर:
हमारे विचार से शेन का दैनिक जीवन दासों के जैसा होगा क्योंकि उसके दैनिक जीवन से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलुओं के लिए सरकार द्वारा नियम निर्धारित हैं। वह अपने दैनिक कार्यों के लिए भी स्वतंत्र नहीं है।
प्रश्न 3.
क्या आप ऐसे देश में रहना चाहेंगे? बताइए क्यों?
उत्तर:
हम ऐसे देश में नहीं रहना चाहेंगे क्योंकि वहाँ नागरिकों को विश्वास, अभिव्यक्ति, वेश-भूषा आदि की स्वतंत्रता नहीं है।
आइए पता लगाएँ (पृष्ठ संख्या 206)
प्रश्न 1.
अपनी कक्षा में निम्नलिखित विषयों पर एक लघु भूमिका निर्वहन ( रोल प्ले) नाटिका प्रस्तुत करें—
• लोकतंत्र
• राजतंत्र
• अधिनायक तंत्र
उत्तर:
विद्यार्थी अपनी कक्षा में स्वयं नाटिका प्रस्तुत करें।
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प्रश्न 2.
विचार करें कि कौनसी शासन व्यवस्था आपको सबसे उपयुक्त लगी?
उत्तर:
लोकतंत्र, राजतंत्र और अधिनायकतंत्र की एक लघु भूमिका निर्वहन नाटिका कक्षा में प्रस्तुत करने के बाद हमें लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था सबसे उपयुक्त लगी।
कक्षा 7 सामाजिक विज्ञान पाठ 9 के प्रश्न उत्तर
प्रश्न और क्रियाकलाप
प्रश्न 1.
आपने अध्याय में किस-किस प्रकार की सरकारों के बारे में पढ़ा? उनके नाम लिखिए।
उत्तर:
हमने अध्याय में निम्नलिखित सरकारों के बारे में पढ़ा—
(1) लोकतांत्रिक सरकारें— (अ) प्रत्यक्ष लोकतंत्र, (ब) प्रतिनिधि लोकतंत्र।
प्रतिनिधि लोकतंत्र की दो प्रकार की सरकार — (i) संसदीय सरकार और (ii) अध्यक्षीय सरकार।
(2) राजतंत्र— (i) निरंकुश राजतंत्रीय सरकार, (ii) संवैधानिक राजतंत्रीय सरकार।
(3) अन्य प्रकार की सरकारें— (i) धर्मतंत्र शासन प्रणाली, (ii) अधिनायक तंत्र शासन प्रणाली, (iii) अल्पतंत्र शासन प्रणाली।
प्रश्न 2.
भारत में किस प्रकार की सरकार है और उसे ऐसा क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
भारत में प्रतिनिधि लोकतंत्रात्मक सरकार है और उसे ऐसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें देश की जनता द्वारा निर्वाचित प्रतिनिधि एक दी गई अवधि के लिए शासन का संचालन करते हैं और वे अपने किए गए शासकीय कार्यों के लिए जनता के प्रति उत्तरदायी होते हैं। यदि जनता उनके किए गए कार्यों से अप्रसन्न होती है, तो आगामी चुनावों में वह उन्हें अपदस्थ कर सकती है।
प्रश्न 3.
आपने पढ़ा कि सभी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में स्वतंत्र न्यायपालिका होती है। न्यायपालिका का स्वतंत्र होना क्यों आवश्यक है ? कोई तीन कारण बताइए।
उत्तर:
न्यायपालिका का स्वतंत्र होना निम्नलिखित कारणों से आवश्यक है—
- जब सरकार में विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका तीनों स्वतंत्र रूप से कार्य करते हैं, तो वे एक-दूसरे के कार्यों में हस्तक्षेप नहीं करते। अतः यदि न्यायपालिका स्वतंत्र होगी तो कानूनों की व्याख्या तथा विवादों के निर्णय में निष्पक्षता बनी रहेगी।
- यदि न्यायपालिका विधायिका के अधीन रहेगी तो विधायिका निरंकुश होकर कानूनों का निर्माण करेगी। इससे जन कल्याणकारी कानूनों की उपेक्षा होगी।
- यदि न्यायपालिका कार्यपालिका के अधीन रहेगी तो कार्यपालिका कानूनों का कार्यान्वयन निरंकुश होकर करेगी। इससे लोक कल्याण के कार्यों को सरकार नहीं करेगी।
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प्रश्न 4.
क्या आपको लगता है कि लोकतांत्रिक सरकार अन्य शासन प्रणालियों से बेहतर है? क्यों?
उत्तर:
हाँ, हमें लगता है कि लोकतांत्रिक सरकार अन्य शासन प्रणालियों से बेहतर है क्योंकि लोकतांत्रिक सरकार में लोगों को सरकार में भाग लेने के लिए सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार प्राप्त होता है, जिससे वे अपना प्रतिनिधि निर्वाचित करते हैं, जो उनकी तरफ से शासन कार्य में भाग लेता है।
दूसरे, लोकतांत्रिक सरकार का यह दायित्व होता है कि वह अपने नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करे और उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करे। यदि सरकार अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं करती है, तो लोग चुनावों के माध्यम से अपने प्रतिनिधियों को बदल सकते हैं। इससे सरकार की कार्यप्रणाली पर निरंतर निगरानी बनी रहती है।
तीसरे, लोकतांत्रिक शासन में व्यक्ति को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त होता है, जबकि अन्य शासन प्रणालियों में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार अनेक सीमाओं के तहत मिलता हैं।
प्रश्न 5.
नीचे कुछ देशों की शासन पद्धतियों से जुड़ी गतिविधियाँ दी गई हैं। क्या आप इनका मिलान संबंधित शासन प्रणाली से कर सकते हैं?

उत्तर:
1. लोकतंत्र, 2. धर्मतंत्र, 3. राजतंत्र, 4. अधिनायक तंत्र।
प्रश्न 6.
नीचे कुछ देशों के नाम दिए गए हैं। पता लगाइए कि इनमें कौन-सी शासन व्यवस्था प्रचलित है—

उत्तर:
| क्र.सं. | देश | शासन प्रणाली |
| 1. | भूटान | लोकतांत्रिक संवैधानिक राजतंत्र |
| 2. | नेपाल | लोकतंत्र |
| 3. | बांग्लादेश | लोकतंत्र |
| 4. | दक्षिण अफ्रीका | संवैधानिक लोकतंत्र |
| 5. | ब्राजील | अध्यक्षीय लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था |
प्रश्न 7.
लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में लोकतंत्र के आदर्शों और मूल्यों को प्राप्त करने में कौन-सी बाधाएँ आ सकती हैं? उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है?
उत्तर:
लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में लोकतंत्र के आदर्शों और मूल्यों को प्राप्त करने में निम्नलिखित बाधाएँ आ सकती हैं – (1) भ्रष्टाचार (2) आर्थिक विषमता, (3) लोक- तांत्रिक संस्थाओं पर कुछ लोगों का अत्यधिक नियंत्रण (4) न्यायपालिका की स्वतंत्रता का क्षरण, (5) सूचना माध्यमों का दुरुपयोग आदि।
इन बाधाओं को दूर करने के लिए नागरिकों को सजग और सतर्क रहना आवश्यक है। सजग और सतर्क नागरिक सरकार के काम-काज पर नजर रखकर, अपनी आवाज उठाकर (जैसे— विरोध प्रदर्शन कर, मीडिया का उपयोग करके), नागरिक शिक्षा प्राप्त करके तथा सामाजिक न्याय के लिए मिलकर काम करके इन बाधाओं को दूर कर सकता है। नागरिक शिक्षा से लोग अपने अधिकारों और कर्तव्यों को जानेंगे, जिससे वे लोकतंत्र को बेहतर बनाने में सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं।
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प्रश्न 8.
लोकतंत्र, राजतंत्र और अधिनायक तंत्र से किस प्रकार भिन्न है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का प्रयोग करके अपना प्रतिनिधि चुनता है। चुने हुए प्रतिनिधि विधायिका का भाग बनते हैं और सरकार के विभिन्न निर्णयों में नागरिकों का प्रतिनिधित्व करते हैं। ये प्रतिनिधि अपने शासकीय कार्यों के लिए जनता के प्रति उत्तरदायी होते हैं।
राजतंत्र प्रणाली वंशानुगत होती है, जिसमें राजा का ज्येष्ठ पुत्र ही भावी राजा होता है और शासन की समस्त शक्तियाँ- विधायी, प्रशासनिक तथा न्यायिक — राजा के पास ही होती हैं। राजा अपने कार्यों के लिए जनता के प्रति उत्तरदायी नहीं होता है।
अधिनायकतंत्र शासन प्रणाली में एक व्यक्ति या एक छोटा समूह संपूर्ण सत्ता पर नियंत्रण रखता है। इसकी सत्ता का आधार हिंसात्मक सैनिक शक्ति होती है या कानून द्वारा प्राप्त निरंकुश शक्ति होती है।
इस प्रकार के शासन में नागरिकों का कानून (संविधान) के द्वारा शासक के ऊपर कोई नियंत्रण नहीं होता और न ही वह अपने कार्यों के प्रति जनता के प्रति उत्तरदायी होता है।
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