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RBSE Class 3 Hindi Chapter 1 अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी? Question Answer
अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी? Question Answer
अभ्यास कार्य
आओ बात करें-
प्रश्न 1.
आँधी से चिड़िया को क्या नुकसान हुआ?
उत्तर:
आँधी से चिड़िया का घोंसला उड़ गया, अंडे टूट गए और उसका रहने का स्थान नष्ट हो गया ।
प्रश्न 2.
बच्चे चिड़िया की मदद कैसे करना चाहते हैं और क्यों ?
उत्तर:
बच्चे चिड़िया को अपने घर में बुलाकर उसे सुरक्षित जगह देकर उसकी मदद करना चाहते हैं, क्योंकि वे उसका दुःख समझते हैं ।
प्रश्न 3.
आँधी के कारण चिड़िया को क्या-क्या परेशानी हुई? इसे अपने शब्दों में बताओ ।
उत्तर:
आँधी के कारण चिड़िया को कई तरह की परेशानियाँ हुईं; जैसे–उसका घोंसला टूट गया, अंडे फूट गए और उसके पास रहने की कोई जगह नहीं बची। इसलिए उसके सामने यह समस्या खड़ी हो गई कि अब वह कहाँ रहेगी?
प्रश्न 4.
यदि चिड़िया उड़ती हुई आपके घर की छत पर आ गई तो आप उसके लिए क्या-क्या करेंगे?
उत्तर:
मैं उसके लिए एक छोटा-सा घोंसला बनाऊँगा, कुछ दाना-पानी रखूँगा और उसे सुरक्षित महसूस करवाने का प्रयास करूँगा ।
सोचो और लिखो-
प्रश्न 1.
मिलान करो (कौन कहाँ रहता है ?)

उत्तर:
मछली = पानी
चूहा = बिल
चिड़िया = घोंसला
शेर = गुफा
प्रश्न 2.
रिक्त स्थानों की पूर्ति करें-
प्रश्न 1.
अब यह ………… कहाँ रहेगी?
उत्तर:
चिड़िया
प्रश्न 2.
घर में पेड़ ……….. से लाएँ?
उत्तर:
कहाँ
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प्रश्न 3.
……….. रहे हैं बेचारी को ।
उत्तर:
बुला
प्रश्न 4.
किससे ………. की बात कहेगी?
उत्तर:
दुःख ।
रचनात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
चिड़िया को अपना नया घोंसला बनाने के लिए क्या-क्या चाहिए?
उत्तर:
चिड़िया को अपना नया घोंसला बनाने के लिए पेड़ की डाली, सूखे पत्ते, तिनके और एक सुरक्षित स्थान चाहिए ।
प्रश्न 2.
अपने मनपसंद जानवर या पक्षी का चित्र बनाइए और रंग भरिए ।
उत्तर:
यह कार्य विद्यार्थी अपनी ड्राइंग कॉपी में स्वयं करें और रंग भरें ।
प्रश्न 3.
अगर चिड़िया बोल सकती तो वह आपसे क्या बात करती ?
उत्तर:
“अगर चिड़िया बोलं सकती तो कहती- ‘कृपया मेरे लिए पेड़ बचाओ और पेड़ लगाओ, ताकि मैं अपना घोंसला बना सकूँ और मेरे लिए कभी आवास की समस्या न हो ।”
प्रश्न 4.
‘अगर मैं चिड़िया होता / होती…’ इस विषय पर पाँच वाक्य लिखो ।
उत्तर:
- अगर मैं चिड़िया होता / होती तो आसमान में उड़ता/उड़ती।
- मैं पेड़ों पर सुंदर घोंसला बनाता / बनाती।
- मैं आकाश की खूबसूरती को निहारता / निहारती ।
- मैं पेड़-पौधों पर बैठकर मीठा-मीठा गाना गाता / गाती ।
- मैं इंसानों के बगीचों में जाकर फूलों और फलों का आनंद लेता / लेती।
भाषा की बात –
प्रश्न 1.
दिए गए शब्दों को आपके घर की भाषा में क्या बोलते हैं? लिखिए-
अंदर …………. बाहर ………….
बिटिया ………… माँ …………
उत्तर:
(1) भीतर / मेंह (मारवाड़ी),
(2) बार या बारै (राजस्थानी / मारवाड़ी),
(3) बेटी / छोरी (मारवाड़ी),
(4) मम्मी / मायड़ (राजस्थानी) ।
इस कविता में कुछ शब्द आए हैं जैसे – कहाँ ।
प्रश्न 1.
कहाँ शब्द में
चिह्न लगा है, इसे अनुनासिक कहते हैं तथा इस चिह्न को चंद्रबिंदु कहते हैं । कविता में से ऐसे चिह्न वाले अन्य शब्द ढूँढ़कर लिखिए।
उत्तर:
आँधी, लाएँ, बनाएँ इत्यादि ।
प्रश्न 2.
चंडीगढ़ शब्द में
चिह्न लगा है, इसे अनुस्वार कहते हैं । कविता में से ऐसे चिह्न वाले अन्य शब्द ढूँढ़कर लिखिए ।
उत्तर:
अंडे, में, चीं-चीं, हैं, डालें, घोंसला, जोड़ें इत्यादि ।
क्रिया पहचानो-
प्रश्न 1.
कविता को ध्यान से पढ़कर इसमें आई क्रियाओं को पहचानो (जैसे- उड़ना, चीं-चीं करना, बुलाना) ।
उत्तर:
- अंडे फूटे = फूटना
- कहेगी = कहना
- रहेगी = रहना
- खोला = खोलना
- लाएँ = लाना
- बनाएँ = बनाना
- जोड़ें = जोड़ना
प्रश्न 2.
नीचे दी गई पंक्तियों में आई क्रियाओं को पहचानो (जैसे― चलना) । ऐसे अन्य शब्द छाँटकर लिखो-
विवेक को पक्षियों से बहुत प्यार है । सुबह जब दादी चिड़ियों को दाना डालने जाती है तो वह साथ-साथ जाता है और चिड़िया पकड़ने की कोशिश करता है । एक दिन पानी के परिंडे पर चिड़िया का बच्चा आया । उसने अभी- अभी उड़ना सीखा है। वह आसमान को छूना चाहता है पर उड़ते-उड़ते गिर पड़ता है । फिर उड़ता है फिर गिरता है। तभी अचानक तेज हवा चली और वह पूरी ताकत लगाकर उड़ा। अबकी बार वह आसमान की ओर उड़ चला। यह देख विवेक मुस्करा उठा ।
जैसे— उड़ना ………… ………….
……….. ………… ……….
उत्तर:
डालना, जाना, पकड़ना, करना, आना, सीखना, छूना, गिरना, चलना, उड़ना, देखना, ताकत लगाना, मुस्कुराना इत्यादि ।
अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी? प्रश्न उत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
चिड़िया का घोंसला कहाँ था?
(अ) घर में
(ब) पेड़ पर
(स) खंभे पर
(द) आलमारी पर
उत्तर:
(ब) पेड़ पर
प्रश्न 2.
आँधी आने से चिड़िया को क्या-क्या नुकसान हुआ?
(अ) चिड़िया का घोंसला उड़ गया।
(ब) चिड़िया के अंडे फूट गए।
(स) (अ) व (ब) दोनों
(द) चिड़िया का रंग बदल गया
उत्तर:
(स) (अ) व (ब) दोनों
प्रश्न 3.
कविता में चिड़िया की आवाज का वर्णन कौन-से शब्द से किया गया है ?
(अ) कूकडू-कू
(ब) चीं-चीं
(स) कू-कू
(द) गुटर-गूं
उत्तर:
(ब) चीं-चीं
प्रश्न 4.
कवयित्री अंडों के टूटने को लेकर क्या प्रश्न पूछती हैं ?
(अ) अंडे कहाँ रखें ?
(ब) अंडे कैसे गिनें ?
(स) अंडे कैसे जोड़ें?
(द) अंडे क्यों टूटे ?
उत्तर:
(स) अंडे कैसे जोड़ें?
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प्रश्न 5.
इस कविता की रचनाकार कौन हैं ?
(अ) महादेवी वर्मा
(ब) सुमित्रानंदन पंत
(स) रामधारी सिंह ‘दिनकर’
(द) जयशंकर प्रसाद
उत्तर:
(अ) महादेवी वर्मा
रिक्त स्थान भरिये-
प्रश्न 1.
आँधी आई जोर-शोर से, …………. टूट गई हैं झकोर से ।
उत्तर:
डालें
प्रश्न 2.
उड़ा ……….., अंडे फूटे ।
उत्तर:
घोंसला
प्रश्न 3.
हमने खोला ……… को, बुला रहे हैं बेचारी को ।
उत्तर:
आलमारी
प्रश्न 4.
कैसे …….. अंडे जोड़ें, किससे यह सब बात कहेगी ।
उत्तर:
फूटे ।
सत्य/असत्य बतलाइये-
- आँधी आई जोर-शोर से ।
- चिड़िया का घोंसला सुरक्षित रहा ।
- चिड़िया आलमारी में चली गई ।
- कविता में चिड़िया के अंडे बच गए।
उत्तर:
- सत्य
- असत्य
- असत्य
- असत्य ।
उचित मिलान कीजिए-

उत्तर:
1. (घ),
2. (क),
3. (ख),
4. (ग)।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
कवयित्री ने किसकी पीड़ा को वाणी दी है ?
उत्तर:
चिड़िया की ।
प्रश्न 2.
आँधी आने से क्या हुआ ?
उत्तर:
चिड़िया का घोंसला उड़ गया और उसके अंडे फूट गए।
प्रश्न 3.
चिड़िया को कौन बुला रहा है?
उत्तर:
चिड़िया को बच्चे (मनुष्य) बुला रहे हैं ।
प्रश्न 4.
कविता में ‘बेचारी’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया गया है ?
उत्तर:
कविता में बेचारी शब्द का प्रयोग चिड़िया के लिए किया गया है।
प्रश्न 5.
चिड़िया मनुष्य से क्या चाहती है?
उत्तर:
चिड़िया मनुष्य से पेड़ों और वातावरण की सुरक्षा चाहती है।
प्रश्न 6.
इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर:
हमें प्रकृति और सभी जीवों की रक्षा करनी चाहिए ।
लघुत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
अगर पेड़ न हों, तो चिड़िया को क्या परेशानी हो सकती है?
उत्तर:
अगर पेड़ न हों, तो चिड़िया को घोंसला बनाने की जगह नहीं मिलेगी, जिससे उसे रहने, अंडे देने और बच्चों की परवरिश करने में बहुत कठिनाई होगी।
प्रश्न 2.
चिड़िया का व्यवहार हमें क्या सिखाता है ?
उत्तर:
चिड़िया का शांत और धैर्यपूर्ण व्यवहार हमें यह सिखाता है कि मुश्किल समय में घबराना नहीं चाहिए, बल्कि साहस से नई राह खोजनी चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए ।
प्रश्न 3.
मनुष्य को चिड़िया के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर:
मनुष्य को पेड़ नहीं काटने चाहिए, साफ़ वातावरण बनाए रखना चाहिए और चिड़ियों के लिए सुरक्षित स्थान बनाने चाहिए, जिससे वे भी शान्ति से रह सकें।
दीर्घ उत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
‘अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी’ कविता के माध्यम से हमें क्या संदेश मिलता है?
उत्तर:
इस कविता के माध्यम से हमें प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण का महत्त्वपूर्ण संदेश मिलता है । चिड़िया का घोंसला टूट जाना और उसका बेघर हो जाना यह दर्शाता है कि जब हम पेड़ काटते हैं या प्रकृति को नुकसान पहुँचाते हैं, तो नन्हें जीवों का जीवन भी संकट में पड़ जाता है। हमें समझना चाहिए कि पेड़-पौधे केवल हमारे लिए ही नहीं, बल्कि चिड़ियों जैसे जीवों के लिए भी आवश्यक हैं।
प्रश्न 2.
चिड़िया मनुष्यों द्वारा बनाए गए घरों में क्यों नहीं रह सकती ? कविता के आधार पर कारण सहित उत्तर दीजिए ।
उत्तर:
कविता के अनुसार चिड़िया मनुष्यों द्वारा बनाए गए घरों में नहीं रह सकती, क्योंकि उसका असली घर तो ‘पेड़’ है। बच्चे उसे आलमारी में बुलाते हैं, पर वह ‘चीं-चीं’ करती है और घर में नहीं ठहरती । उसे खुले आकाश, शाखाएँ और पत्तों का वातावरण चाहिए होता है । कविता यह स्पष्ट करती है कि प्रत्येक जीव का अपना प्राकृतिक निवास होता है, जिसे कोई कृत्रिम जगह नहीं बदल सकती ।
अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी? Summary in Hindi
कठिन – शब्दार्थ एवं सरलार्थ-
(1)
आँधी आई जोर शोर से,
डालें टूटी हैं झकोर से ।
उड़ा घोंसला, अंडे फूटे,
किससे दुःख की बात कहेगी
अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी?
कठिन – शब्दार्थ —
- आँधी = धूल के साथ तेज हवा का चलना ।
- शोर = तेज हवा |
- झकोर = तेज हवा से हिलने की स्थिति ।
- उड़ा = उड़ गया।
- घोंसला = चिड़िया का घर ।
- दुःख = परेशानी या पीड़ा ।
सरलार्थ — कवयित्री एक छोटी-सी चिड़िया के दुःख को दर्शाते हुए कहती हैं कि तेज आँधी के आने से पेड़ की डालियाँ टूट गईं, जिससे उसका घोंसला (घर) उड़ गया और उसके अंडे भी गिरकर टूट गए। अब चिड़िया परेशान है कि वह अपना दुःख किससे कहेगी और अब वह कहाँ जाकर रहेगी, क्योंकि उसके पास रहने के लिए कोई जगह नहीं है।
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(2)
हमने खोला आलमारी को,
बुला रहे हैं बेचारी को ।
पर वो चीं-चीं कर्राती है
घर में तो वो नहीं रहेगी।
अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी?
कठिन शब्दार्थ –
- बेचारी = दयनीय ।
- आलमारी = सामान रखने की बंद करने योग्य लकड़ी या लोहे की पेटी या संग्रह पेटिका ।
- कराहना = पीड़ा के कारण निकलने वाली आवाज ।
सरलार्थ—
कवयित्री कहती हैं कि हम इंसान अपने आलमारी जैसे बंद घरों में रहने के लिए उसे बुला रहे है, लेकिन वह दयनीय चिड़िया घबराई हुई है। वह समझ चुकी है कि अब यह घर उसके रहने लायक नहीं है। उसे पेड़ चाहिए, उसे खुले वातावरण की जरूरत है, न कि बंद आलमारी जैसे इंसानी घरों की ।
(3)
घर में पेड़ कहाँ से लाएँ,
कैसे यह घोंसला बनाएँ!
कैसे फूटे अंडे जोड़ें,
किससे यह सब बात कहेगी !
अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी?
कठिन शब्दार्थ-
- पेड़ = वृक्ष ।
- फूटे = बिखरे हुए।
- जोड़ें = पुन: एकत्र करना ।
- बात कहेगी = संवाद करेगी।
सरलार्थ –
कवयित्री कहती हैं कि चिड़िया को प्राकृतिक जगह चाहि जैसे पेड़ और खुला आसमान। इंसान उसे बंद घरों में रखने की कोशिश कर रहा है । वह चिंतित है कि इन घरों के अंदर तो पेड़ नहीं है, पेड़ कहाँ से लाए? कैसे अपना घोंसला बनाए ? जो अंडे टूट गए हैं, उन्हें अब कैसे जोड़ा जाएगा? चिड़िया परेशान है कि ये सब बातें किससे कहेगी? तथा अब चिड़िया कहाँ जाकर रहेगी, क्योंकि घोंसला टूटने के बाद उसका दूसरा कोई ठिकाना नहीं है ।
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