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RBSE Class 3 Hindi Chapter 2 चींटी की तबीयत Question Answer
चींटी की तबीयत Question Answer
अभ्यास कार्य
आओ बात करें –
प्रश्न 1.
अगर आपकी तबीयत खराब हो जाती है तो आप क्या-क्या करते हो?
उत्तर:
अगर मेरी तबीयत खराब हो जाती है तो मैं सबसे पहले अपने माता-पिता को बताता / बताती हूँ । फिर मैं चिकित्सक से दवा लेता / लेती हूँ। मैं कभी- कभी माँ के निर्देशानुसार घरेलू उपचार करके भी जल्दी ठीक होने की कोशिश करता/करती हूँ ।
प्रश्न 2.
तबीयत खराब होने के दौरान आपके दोस्त मिलने आते हैं तो क्या-क्या बातें होती हैं?
उत्तर:
अगर मेरी तबीयत खराब होती है और मेरे दोस्त मिलने आते हैं तो वे मेरी सेहत के बारे में पूछते हैं, मेरा हालचाल जानने की कोशिश करते हैं, मुझे हँसाकर मुझसे सकारात्मक बातें करते हैं, मेरा ध्यान रखते हैं तथा मुझे अच्छा महसूस कराने की कोशिश करते हैं ।
प्रश्न 3.
अगर आपको दोस्त की तबीयत खराब होने की खबर मिलती है तो आपके दिमाग में क्या-क्या विचार आते हैं?
उत्तर:
अगर मुझे मेरे दोस्त की तबीयत खराब होने की खबर मिलती है तो मैं उसकी चिंता करता/करती हूँ। मैं उसे देखने जाना चाहता/चाहती हूँ, उसके लिए कुछ ले जाना चाहता/चाहती हूँ। मैं उसके जल्दी ठीक होने के लिए ईश्वर से प्रार्थना भी करता / करती हूँ ।
प्रश्न 4.
सोचकर बताओ कि चींटी के दोस्त बछड़ा, बछेरा और मेमना ने आपस में क्या-क्या बातें की होंगी?
उत्तर:
चींटी के दोस्त बछड़ा, बछेरा और मेमना ने आपस में सोचा होगा कि चींटी की तबीयत बहुत खराब है इसलिए हमें उससे मिलने जाना चाहिए। वे ये भी बातें कर रहे होंगे कि चढ़ाई मुश्किल है, पर दोस्ती के लिए कुछ भी करेंगे ।
प्रश्न 5.
तीनों दोस्तों ने चींटी से मिलने की कोशिश की लेकिन मिल न पाए। अगर वे मिल पाते तो आपस में क्या-क्या बातें करते?
उत्तर:
अगर वे चींटी से मिल पाते, तो सबसे पहले उसकी तबीयत के बारे में पूछते । वे उसे खुश करने के लिए बातें करते, हँसी-मजाक करते और कहते ‘तू जल्दी ठीक हो जा, हम सब यही चाहते हैं । ‘वे उसे प्यार और दुलार देते और साथ समय बिताकर उसकी तबीयत बेहतर करने की कोशिश करते ।
प्रश्न 6.
अगर आप किसी बीमार दोस्त से मिलने जाते हैं और उससे मिल नहीं पाते हैं तो आपके मन में क्या-क्या विचार आते हैं?
उत्तर:
मुझे बहुत दुःख होता है । मैं सोचता हूँ कि काश उससे मिल पाता। मैं उसके जल्दी ठीक होने की कामना करता हूँ और जल्दी ही उससे संपर्क कर फिर से मिलने की कोशिश करता हूँ ।
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प्रश्न 7.
“मगर तुम्हें चोट कैसे लग गई प्यारे दोस्तों ! वह भी तीनों को एक साथ ।” चींटी के इस प्रश्न का जबाव बछड़ा, बछेरा और मेमना ने नहीं दिया। अगर आप उनकी जगह होते तो आपका जबाव क्या होता?
उत्तर:
अगर मैं उनकी जगह होता तो मैं भी चोट लगने की घटना चींटी को बताकर निराश नहीं करता, क्योंकि उसे यह जानकर बहुत दुःख होता कि उससे मिलने आने की वजह से उन्हें चोट लगी ।
प्रश्न 8.
जब आप अपने किसी दोस्त से मिल नहीं पाते हैं तो आपको कैसा लगता है?
उत्तर:
मुझे बहुत निराशा होती है और मन उदास हो जाता है। मैं बार-बार उसी के बारे में सोचता हूँ और अगली बार जल्दी ही उससे मिलने की कोशिश करता हूँ।
प्रश्न 9.
कहानी में आगे क्या हुआ होगा? अनुमान से बताइए ।
उत्तर:
मुझे लगता है कि चींटी ने अपने दोस्तों की मदद की होगी, उन्हें दवा दी होगी और स्वस्थ होने पर सभी ने मिलकर फिर से पहाड़ चढ़ने की योजना बनाई होगी। इस बार सकुशल पहाड़ चढ़कर सभी बहुत खुश हुए होंगे ।
सोचो और लिखो-
प्रश्न 1.
चींटी को खाने के लिए क्या-क्या दिया गया?
उत्तर:
चींटी को खाने के लिए शक्कर और सूजी का एक दाना दिया गया ।
प्रश्न 2.
चींटी के दोस्तों को चोट कैसे लगी?
उत्तर:
चींटी के दोस्त उससे मिलने के लिए पहाड़ पर चढ़ रहे थे और पहाड़ चढ़ने के बाद दीवार पर चढ़ रहे थे, परन्तु काफी कोशिश के बाद भी दीवार पर नहीं चढ़ सके। इसलिए लौटते वक्त पहाड़ी से फिसलकर नीचे गिर गए और उन्हें चोट लग गई।
प्रश्न 3.
आपके घर, विद्यालय और खेलने के स्थान के आस-पास कौन-कौनसे जीव-जंतु देखने को मिलते हैं? लिखिए ।
उत्तर:
मेरे घर, विद्यालय और खेलने के स्थान के आस- पास चींटी, पक्षी, बिल्ली, कुत्ता, गिलहरी, तितली, गाय, भैंस, बकरी और कभी-कभी मोर व बंदर भी देखने को मिलते हैं।
प्रश्न 4.
इस पाठ में चींटी के कई मित्र हैं जो बीमार होने पर उससे मिलने आए। आपके भी अनेक मित्र होंगे। यदि उनमें से कोई रूठ जाए तो आप उसे कैसे मनाएँगे?
उत्तर:
यदि कोई मित्र मुझसे रूठ जाए, तो मैं सबसे पहले उससे बात करूँगा और उसकी नाराजगी का कारण जानने की कोशिश करूँगा। फिर मैं उससे माफी माँगूगा और उसकी पसंद की कोई चीज उसे दूँगा या उसके साथ समय बिताऊँगा ताकि वह खुश हो जाए और हमारी दोस्ती पहले जैसी हो जाए।
पढ़ें और लिखें-
प्रश्न 1.
नीचे कुछ जीवों के नाम लिखे गए हैं। ये क्या-क्या खाते होंगे, अपने दोस्तों से बातचीत करके लिखिए।

उत्तर:
- चींटा = चीनी, आटा
- मेमना = चारा, ताजा घास
- बछड़ी = दूध, छोटे पत्ते
- हाथी = फल, गन्ना
- चिड़िया = अंकुरित दाने, फल
- मछली = कीड़े, मछली दाना
प्रश्न 2.
अगर आपके किसी मित्र की तबीयत खराब हो गई है और आप उससे मिलने गए हैं तो उसका हालचाल जानने के लिए क्या-क्या बातें पूछेंगे? कोई पाँच वाक्य लिखिए।
- …………………………
- …………………………
- …………………………
- …………………………
- …………………………
उत्तर:
- अब तुम्हारी तबीयत कैसी है?
- डॉक्टर ने क्या कहा है?
- खाने में क्या-क्या लेने को कहा है ?
- क्या तुम दवा समय पर ले रहे हो?
- क्या मैं तुम्हारी कोई मदद कर सकता हूँ ?
प्रश्न 3.
आपका प्यारा दोस्त कुछ दिनों से विद्यालय नहीं आ रहा है । उसका हालचाल जानने के लिए पत्र लिखकर अपने दोस्तों को सुनाइए ।
दिनांक …………….
मेरे प्यारे ………..
…………………………………….
…………………………………….
…………………………………….
…………………………………….
……….
आपका नाम
उत्तर:
मेरे प्यारे दोस्त राजकुमार दिनांक 23 नवम्बर, 20xx नमस्ते ।
तुम कुछ दिनों से विद्यालय नहीं आ रहे हो, इसलिए हम सब को तुम्हारी बहुत याद आ रही है । क्या तुम्हारी तबीयत ठीक नहीं है? अगर तबीयत खराब है तो अपनी दवा समय पर लो और अपना ध्यान रखो । जल्दी स्वस्थ होकर विद्यालय आओ, तुम्हारे बिना अच्छा नहीं लगता है । तुम्हारे माता-पिता को प्रणाम कहना ।
तुम्हारी प्रतीक्षा में ।
तुम्हारा मित्र
शौर्य सिंह

प्रश्न 4.
मैंने पत्र लिखते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखा । जो सही हैं उन पर सही (✓) का निशान लगाइए-
(क) मैंने दोस्त का नाम और दिनांक लिखी । ( )
(ख) मैंने दोस्त के स्कूल नहीं आने पर चिंता जताई। ( )
(ग) मैंने दोस्त के हालचाल पूछे । ( )
(घ) मैंने दोस्त के जल्दी विद्यालय आ जाने की कामना की । ( )
(ङ) मैंने अंत में सभी बड़ों को प्रणाम लिखा । ( )
(च) मैंने पत्र के अंत में अपना नाम लिखा । ( )
उत्तर:
(क) (✓)
(ख) (✓)
(ग) (✓)
(घ) (✓)
(ङ) (✓)
(च) (✓)
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प्रश्न 5.
किसने किससे कहा?
“गिरे तो गिरे
पर लग क्यूँ गई”
हमारी तो जान ही निकल गई”
किसने कहा- …………..
किससे कहा- …………..
उत्तर:
किसने कहा – चींटी के दोस्तों ने ।
किससे कहा – आपस में एक-दूसरे से ।
भाषा की बात-
प्रश्न 1.
अपनी बात पर जोर डालने के लिए वाक्य में ‘ही’ का उपयोग करते हैं ।
जैसे- हमारी तो जान ‘ही’ निकल गई। नीचे दिए गए वाक्यों में ‘ही’ शब्द लगाएँ ।
प्रश्न 1.
सूरज सुबह समय पर निकलता है ।
उत्तर:
सूरज सुबह समय पर ही निकलता है।
प्रश्न 2.
प्यास लगने पर पंछी पानी पीने आते हैं।
उत्तर:
प्यास लगने पर ही पंछी पानी पीने आते हैं ।
प्रश्न 3.
जब मैंने मदद माँगी तो मेरे दोस्त ने तुरंत मदद की
उत्तर:
जब मैंने मदद माँगी, तो मेरे दोस्त ने तुरंत ही मदद की।
प्रश्न 2.
कहानी में कुछ शब्द दोहराए गए हैं, जैसे— जगह-जगह पड़े-पड़े आदि । ऐसे शब्दों की सूची बनाइए जो आप बातचीत के दौरान दोहराते हैं। उनका वाक्य में प्रयोग भी करें। उदाहरण के लिए नीचे कुछ शब्द दिए गए हैं।
[जगह-जगह, धीरे-धीरे, जैसे-जैसे, तरह-तरह]
- मगरमच्छ नदी के किनारे धीरे – धीरे चल रहा है।
- …………………………………………..
- …………………………………………..
- …………………………………………..
उत्तर:
- मगरमच्छ नदी के किनारे धीरे – धीरे चल रहा है।
- बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह पानी भर गया।
- जैसे-जैसे सूरज चढ़ता गया, वैसे-वैसे गरमी बढ़ती गई।
- बगीचे में तरह-तरह के फूल खिले हैं ।
प्रश्न 3.
नीचे दिए गए वाक्य पढ़ो –
(क) वह घर जाता है ।
(ख) वह घर – घर जाता है ।
(ग) वह नदी के किनारे टहल रहा था ।
(घ) वह नदी के किनारे-किनारे टहल रहा था ।
दिए गए वाक्यों में आपको क्या अंतर दिखाई दे रहा है? शिक्षक की सहायता से इन वाक्यों के अर्थ को पहचानकर लिखिए ।
उत्तर:
(क) वह घर जाता है । – आदत या संभावना
(ख) वह घर – घर जाता है । वह कई घरों में जाता है (घर-घर हर घर)
(ग) वह नदी के किनारे टहल रहा था । वह एक किनारे पर टहल रहा था ।
(घ) वह नदी के किनारे-किनारे टहल रहा था । वह किनारे के साथ टहल रहा था ।
प्रश्न 4.
“लुढ़कते – पुढ़कते गए तो दो मिनट में ही नीचे पहुँच गए।” बातचीत में कई बार हम एक शब्द को बार-बार दोहराते हैं । दोहरान के समय दूसरे शब्द का कोई अर्थ नहीं होता । जैसे- चाय- वाय, खाना-वाना। सहपाठियों के साथ मिलकर इस तरह के शब्दों की सूची बनाओ और वाक्य में प्रयोग करो।
उत्तर:
- घर – बात
- रोटी – वोटी
- पानी – वानी
- दाल – वाल
- बात – चीत
- काम – धाम
- गाना – वाना
- खेल – वेल
प्रश्न 5.
इसे पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
एक दिन चींटियों का झुंड जंगल में घूम रहा था । घूमते-घूमते वे गंगा नदी के किनारे पहुँचे। वहाँ उन्हें एक संदूक मिला। उन्होंने सोचा, इसमें जरूर कुछ खास होगा। उन्होंने अपने खास दोस्त हंस को बुलाया ।
सभी ने मिलकर संदूक खोला। अंदर शक्कर और सूजी के थैले थे । हंस इसे देखकर हँसने लगा । चींटियाँ भी बहुत खुश हुईं। वे थैले को अपने मुँह से पकड़ घर लौटने लगी। रास्ते में पहाड़ की चढ़ाई थी। चढ़ते समय चींटियाँ बार-बार गिरती । उन्हें चोट लगती। तब उनकी आँखों से आँसू निकल आते लेकिन वे गाना गाकर हिम्मत बढ़ाती –
“गिरे तो गिरे,
पर हार नहीं माने।
निकली हैं हम चींटियाँ,
मिलकर सब कुछ पाने ।”
आखिरकार, वे अपने घर पहुँच गईं और स्वादिष्ट भोजन बनाया। चींटियाँ खुश थीं कि उन्होंने मेहनत से मिल-जुलकर कर काम किया ।
प्रश्न 1.
इस कहानी में कुछ शब्द दिए गए हैं, जैसे— ‘चींटियाँ’, इसमें चंद्रबिंदु
लगा है। कहानी में आए चंद्र बिंदु वाले
शब्दों को नीचे लिखिए।
……………, …………., ……………
……………, ………….,
उत्तर:
(1) पहुँचे,
(2) वहाँ,
(3) हँसने,
(4) मुँह,
(5) आँसू,
(6) चीटियाँ,
(7) आँखों ।
प्रश्न 2.
कहानी में झुंड, जंगल जैसे शब्द दिए गए हैं। इन पर अनुस्वार
लगा है। कहानी में आए अनुस्वार वाले
शब्दों को लिखिए ।
……………, …………., ……………
……………, ………….,
उत्तर:
(1) झुंड,
(2) संदूक,
(3) जंगल,
(4) गंगा,
(5) अंदर,
(6) हंस,
(7) उन्हें,
(8) इसमें,
(9) उन्होंने,
(10) चींटियों,
(11) में,
(12) इसमें ।
प्रश्न 3.
नीचे कुछ वाक्य दिए जा रहे हैं, उन्हें पढ़िए और बताइए क्या काम हो रहा है-
- चींटी के दोस्त पहाड़ पर चढ़ रहे थे – चढ़ना
- संजू अपने दोस्तों के साथ दौड़ रही थी । – ……………….
- नैना और नमन दोनों खाना खा रहे हैं । – ……………..
- रजनीश खेल रहा है। – ………………….
उत्तर:
- चींटी के दोस्त पहाड़ पर चढ़ रहे थे – चढ़ना
- संजू अपने दोस्तों के साथ दौड़ रही थी । – दौड़ना
- नैना और नमन दोनों खाना खा रहे हैं । – खाना
- रजनीश खेल रहा है। – खेलना
मेरी बात – सबकी बात-
1. नीचे कुछ शब्द दिए जा रहे हैं उनको अपनी भाषा में लिखिए-
- चींटी – ………….
- मेमना – ………….
- बछड़ा – ………….
- पहाड़ – ………….
- तबीयत – ………….
- गिरना – ………….
उत्तर:
- चींटी – पिपरी / कीड़ी पिपरी/कीड़ी
- मेमना – बकरा
- बछड़ा – गाय का बच्चा
- पहाड़ – डूंगर
- तबीयत – सेहत / हालत
- गिरना – पड़ना/लुढ़कना
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कुछ करने को—
अपने आसपास चींटियों को देखिए और नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए ।
• किस-किस रंग की होती हैं? …………..
उत्तर:
चींटी लाल, भूरी, काली, पीली (कुछ विशेष प्रजातियाँ) व सफेद ( बहुत छोटी होती है जो ‘देवघर’ जैसी जगहों में पाई जाती हैं) रंग की होती हैं ।
• क्या – क्या करती दिखाई देती हैं? …………..
उत्तर:
चींटियाँ भोजन एकत्रित करती हैं ।
चींटियाँ क्रम में चलती हैं।
रानी चींटी की सेवा करती हैं ।
घर बनाती हैं ।
दूसरी कॉलोनियों से अपनी रक्षा भी करती हैं।
चींटी की तबीयत प्रश्न उत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
चींटी ने शक्कर और सूजी का दाना क्यों नहीं खाया?
(अ) उसे डर लग रहा था ।
(ब) उसे ये सब पसंद नहीं थे ।
(स) उसे पेट दर्द था
(द) वह बीमार थी
उत्तर:
(द) वह बीमार थी
प्रश्न 2.
चींटी के कौन-कौनसे दोस्त उससे मिलने आए ?
(अ) कुत्ता, बिल्ली और गाय
(ब) बछड़ा, बछेरा और मेमना
(स) शेर, भालू और हाथी
(द) गधा, ऊँट और घोड़ा
उत्तर:
(ब) बछड़ा, बछेरा और मेमना
प्रश्न 3.
चींटी कहाँ रहती थी?
(अ) खेत में
(ब) एक बाग में
(स) पहाड़ पर एक खंडहर की टूटी दीवार में
(द) तालाब के किनारे
उत्तर:
(स) पहाड़ पर एक खंडहर की टूटी दीवार में
प्रश्न 4.
पहाड़ चढ़ते समय जानवर क्या गा रहे थे ?
(अ) “हम होंगे कामयाब”
(ब) “गिरे तो गिरे पर लग क्यूँ गई”
(स) “चलो पहाड़ चढ़ें”
(द) “हम चींटी को बचाएंगे।”
उत्तर:
(ब) “गिरे तो गिरे पर लग क्यूँ गई”
प्रश्न 5.
अंत में जब चींटी की तबीयत ठीक हो गई तो वह क्या करने लगी?
(अ) दौड़ने लगी
(ब) अपने दोस्तों से मिलने गई
(स) खाना खाने लगी
(द) नाचने लगी।
उत्तर:
(ब) अपने दोस्तों से मिलने गई
रिक्त स्थान भरिये—
प्रश्न 1.
चींटी की तबीयत ……….. हो गई। (अच्छी / खराब)
उत्तर:
खराब
प्रश्न 2.
चींटी पहाड़ पर खंडहर की टूटी ………. में में रहती थी । (दीवार / छत)
उत्तर:
दीवार
प्रश्न 3.
बछड़ा, बछेरा और ………. उसके दोस्त थे । (मेमना / गाय)
उत्तर:
मेमना
प्रश्न 4.
………. के पाँव में मोच आ गई। (बछेरा/बछड़े)
उत्तर:
बछड़े ।
सत्य/असत्य बतलाइये-
- चींटी की तबीयत खराब हो गई थी।
- चींटी ने शक्कर का दाना खा लिया था ।
- चींटी के दोस्त पहाड़ से उतरते समय गिर गए ।
- चींटी की तबीयत ठीक होने पर वह अपने दोस्तों से मिलने आई ।
उत्तर:
- सत्य,
- असत्य,
- सत्य,
- सत्य ।
उचित मिलान कीजिए-

उत्तर:
(अ) – (ग़),
(ब) – (क),
(स) – (घ),
(द) – (ख)।
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
चींटी को क्या हुआ था ?
उत्तर:
उसकी तबीयत खराब हो गई थी ।
प्रश्न 2.
चींटी को उसके दोस्तों ने क्या खिलाने की कोशिश की?
उत्तर:
शक्कर और सूजी का दाना ।
प्रश्न 3.
चींटी कहाँ रहती थी?
उत्तर:
पहाड़ पर एक खंडहर की टूटी दीवार में ।
प्रश्न 4.
चींटी के दोस्त कौन-कौन थे ?
उत्तर:
बकरी, बछेरा और मेमना ।

लघुत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
चींटी के दोस्त उससे मिलने क्यों आए थे?
उत्तर:
जब दोस्तों को पता चला कि चींटी की तबीयत खराब है, तो उन्हें चिंता हुई । वे उसका हाल जानने आए थे।
प्रश्न 2.
कहानी का शीर्षक “चींटी की तबीयत ” कितना उपयुक्त है?
उत्तर:
यह शीर्षक प्रतीकात्मक एवं व्यंग्यपूर्ण है । असली घटना दोस्तों के गिरने की है, लेकिन फोकस चींटी की तबीयत पर रखा गया है, जिससे हास्य और विडंबना पैदा होती है ।
प्रश्न 3.
चींटी के दोस्तों ने रास्ते में क्या कठिनाइयाँ झेलीं ?
उत्तर:
चींटी के दोस्तों को पहाड़ चढ़ना पड़ा, रास्ता फिसलन भरा था । चढ़ते समय वे फिसले, गिरे, टकराए और लौटते वक्त पहाड़ी ढलान से गिरकर घायल हो गए।
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प्रश्न 4.
इस कहानी से क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर:
इस कहानी से शिक्षा मिलती है कि किसी की मदद करने से पहले समझदारी जरूरी है। भावनाओं में बहकर काम करने से हो सकता है ।
खुद नुकसान
दीर्घ उत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
“चींटी की तबीयत” कहानी से लेखक क्या संदेश देना चाहता है?
उत्तर:
इस कहानी से लेखक हमें संदेश देना चाहता है कि कोई भी काम करने से पहले सोच लेना चाहिए। सिर्फ भावनाओं में आकर काम करने से नुकसान हो सकता है। जैसे चींटी के दोस्त बिना सोचे उससे मिलने चले गए और खुद ही बुरी तरह घायल हो गए। इसलिए समझदारी जरूरी है ।
पठित गद्यांश
निम्नलिखित पठित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(1)
चींटी पहाड़ पर एक खंडहर की टूटी दीवार में रहती थी । चींटी के दोस्तों ने पहाड़ चढ़ा। वे चढ़ाई में जगह-जगह गिर पड़ रहे थे । गिरते तो गाते-
गिरे तो गिरे
पर लग क्यों गई
हमारी तो जान ही निकल गई।
प्रश्न
- चींटी कहाँ रहती थी?
- उसके दोस्त क्या करने गए थे?
- पहाड़ चढ़ते समय उनके साथ क्या हुआ ?
- गिरते समय वे क्या गा रहे थे ?
उत्तर:
- चींटी पहाड़ पर एक खंडहर की टूटी दीवार में रहती थी ।
- उसके दोस्त चींटी से मिलने, पहाड़ पर चढ़ने गए थे ।
- वे पहाड़ चढ़ते समय कई बार फिसले और गिर पड़े।
- वे गा रहे थे-
गिरे तो गिरे
पर लग क्यों गई
हमारी तो जान ही निकल गई।
(2)
वे खंडहर में पहुँचे। चींटी टूटी दीवार के सुराख में लेटी थी। उसके दोस्तों ने दीवार पर चढ़ने की काफी कोशिश की पर वे चढ़ नहीं सके। कल फिर से आएँगे उन्होंने तय किया । लौटते वक्त तीनों पहाड़ी ढलान में फिसल कर लुढ़क गए। लुढ़कते – पुढ़कते गए तो दो मिनट में ही नीचे पहुँच गए। मेमने के कान में चोट लगी । बछेरा का घुटना फूट गया । बछड़े के पाँव में मोच आ गई। तीनों बीमार की तरह पशु – बाड़े में पड़े थे।
उधर चींटी की तबीयत ठीक हो गई । वह अपने दोस्तों से मिलने आई। तीनों पड़े पड़े कराह रहे थे।
प्रश्न
- चींटी कहाँ लेटी थी?
- दोस्तों ने क्या कोशिश की ?
- उन्हें कहाँ-कहाँ चोटें आई?
- जब चींटी ठीक हो गई तो क्या हुआ?
उत्तर:
- चींटी खंडहर की टूटी दीवार के सुराख में लेटी थी ।
- दोस्तों ने दीवार पर चढ़ने की कोशिश की लेकिन चढ़ नहीं सके ।
- मेमने के कान में चोट लगी, बकरे का घुटना फूट गया और बछड़े के पाँव में मोच आ गई।
- जब चींटी ठीक हो गई, तो वह दोस्तों से मिलने गई, पर वे सभी घायल होकर पड़े थे ।
चींटी की तबीयत Summary in Hindi
पाठ का सार –
यह कहानी एक चींटी की है, जिसकी तबीयत खराब हो जाती है । उसके दोस्त- बछड़ा, बछेरा और मेमना उससे मिलने जाते हैं । चींटी पहाड़ पर टूटी दीवार में आराम कर रही होती है । उसके दोस्त पहाड़ पर चढ़ने के बाद दीवार पर चढ़ने की कोशिश करते हैं और न चढ़ पाने पर लौटते वक्त पहाड़ से फिसलकर नीचे गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं। अंत में जब चींटी ठीक हो जाती है, तो वह दोस्तों से मिलने आती है, पर दोस्त तो दर्द में कराह रहे होते हैं ।
वह हैरान होती है कि उसके दोस्त इतनी बुरी तरह घायल कैसे हो गए? जवाब में उसके दोस्त कहते हैं कि हमें खुशी है कि तुम्हारी तबीयत ठीक हो गई, परन्तु अब कभी बीमार मत पड़ना । सच्ची मित्रता और दूसरों की मदद के लिए जोखिम उठाना, यह कहानी का मुख्य संदेश है ।
कठिन शब्दार्थ –
- तबीयत = स्वास्थ्य/सेहत ।
- खंडहर = टूटा हुआ भवन / इमारत ।
- सूखा = बिना पानी के ।
- गिरे तो गिरे, पर लग क्यों गई = गिरना तो ठीक था, परन्तु चोट क्यों लगी ।
- सुराख = छेद ।
- खुशी = प्रसन्नता ।
- चोट = लगना /घाव |
- बीमार = अस्वस्थ ।
- ठीक = स्वस्थ होना ।
- कराहना = दर्द से चीखना ।

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