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RBSE Class 3 Hindi Chapter 5 ताकधिना Question Answer
ताकधिना Question Answer
अभ्यास कार्य
आओ बातचीत करें-
प्रश्न 1.
आप अपने दोस्तों के साथ कौन – कौनसे खेल खेलते हो ?
उत्तर:
मैं अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट, छुपन- छुपाई, पकड़म-पकड़ाई, फुटबॉल, खो-खो आदि खेलता हूँ । इसके अतिरिक्त कभी-कभी हम सब मिलकर सामूहिक खेल जैसे— रस्सी कूद, ताली बजाकर गाने और नाचने वाला खेल भी खेलते हैं। खेलते समय हम बहुत खुश होते हैं और एक-दूसरे की मदद करते हैं।
प्रश्न 2.
खेल खेलने में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? अपने किसी एक मनपसंद खेल के बारे में बताइए ।
उत्तर:
खेल हमें एक-दूसरे के साथ मिल-जुलकर खेलना चाहिए, किसी से झगड़ा नहीं करना चाहिए और सबका सम्मान करना चाहिए ।
मुझे ताली बजाकर गीत गाने और नाचने वाला खेल पसंद है क्योंकि इसमें सभी मिलकर खुशी मनाते हैं और ताल पर कदम मिलाते हैं ।
- [विद्यार्थी यदि चाहे तो स्वयं अपने मनपसंद खेल के बारे में बताएँ ।]
प्रश्न 3.
कक्षा को सजाना, प्रार्थना सभा, बाल- सभा आदि समूह में की जाने वाली गतिविधियाँ हैं जिनमें सबको एक साथ मिलकर काम करना होता है। आपको कौनसी समूह गतिविधि अच्छी लगती है, उनमें कौन-कौनसी समस्याएँ आती हैं? अपने अनुभव बताओ ।
उत्तर:
मुझे बाल – सभा बहुत अच्छी लगती है, क्योंकि उसमें हम सब मिलकर गाते, नाचते और कार्यक्रम करते हैं। कभी-कभी सबको एक साथ बुलाना और तैयारी करना मुश्किल होता है, लेकिन जब सब मिलकर करते हैं तो खुशी मिलती है और अच्छा अनुभव होता है।
- [विद्यार्थी स्वयं भी अपने अनुभव लिखें ।]
सोचो और लिखो-
प्रश्न 1.
कविता में कौनसा शब्द बार-बार आ रहा है?
(क) धीनकाधिना
(ख) चलधिना
(ग) ताकधिना
(घ) खेलधीना
उत्तर:
(ग) ताकधिना
प्रश्न 2.
कविता में क्या करने के लिए कहा जा रहा है?
(क) नींद के लिए
(ख) नाचकर खेलने के लिए
(ग) पढ़ने के लिए
(घ) खीर खाने के लिए
उत्तर:
(ख) नाचकर खेलने के लिए
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प्रश्न-
खेलों की सूची बनाओ-

उत्तर:

प्रश्न-
कविता में बच्चे क्या-क्या कर रहे हैं? पहचानकर लिखिए ।
जैसे – नाचें ……….., …………., ………..
उत्तर:
झूमें, गाएँ, हाथ फैलाएँ ।
भाषा की बात-
मावली में मेला लगा। किरण, आशा, राजू और अरुण मेले में गए। मेले में मिठाई की दुकान पर जलेबी, मावा और रबड़ी मिल रही थी और उसके पास कचोरी, पकौड़ी और नमकीन भी थी । मिठाई खाकर सब झूला झूले । फिर किरण ने खिलौनों की दुकान से ट्रैक्टर खरीदा, आशा ने पुस्तक, राजू ने बाँसुरी और अरुण ने गेंद ली। इसके बाद वे अपनी-अपनी साइकिल से घर आ गए।
प्रश्न 1.
इनमें नाम वाले शब्द छाँटकर लिखिए-

उत्तर:

प्रश्न 2.
नीचे कुछ वाक्य दिए गए हैं। इनमें कुछ शब्दों को गहरा काला किया गया है, ऐसे शब्दों को नीचे दी गई सारणी में लिखें। पहली सारणी में एकवचन के लिए आए शब्द लिखिए; दूसरी सारणी में बहुवचन के लिए आए शब्दों को लिखिए-

उत्तर:

रचनात्मक कार्य-
पाठ्यपुस्तक में पृष्ठ संख्या 33 पर दिये गये चित्र को देखकर एक कहानी बनाकर लिखिए-
एक दिन मैं अपने मामा के घर गया।

…………………………..
…………………………..
…………………………..
…………………………..
उत्तर:
कहानी – खुशियों का खेल
एक दिन मैं अपने मामा के घर गया । वहाँ पर एक मैदान में बच्चे खेल रहे थे । सब उछल-कूद कर रहे थे। सबके चेहरे पर हँसी थी । लड़के और लड़कियाँ सभी मिलकर खेल रहे थे । उनमें से कोई भी झगड़ा नहीं कर रहा था। खेलते-खेलते वे एक-दूसरे की मदद कर रहे थे । खेल के साथ वे दोस्ती, सहयोग और आनंद भी सीख रहे थे । खेलते समय वे सभी बहुत खुश थे ।
शिक्षा — खेल से हमें आनंद के साथ-साथ एकता और सहयोग की भावना भी मिलती है ।
ताकधिना प्रश्न उत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
बच्चे किसके साथ खेल रहे थे?
(अ) अकेले
(ब) दोस्तों के साथ
(स) माँ के साथ
(द) अध्यापक के साथ
उत्तर:
(ब) दोस्तों के साथ
प्रश्न 2.
बच्चे खेलते समय क्या कर रहे थे?
(अ) लड़ाई
(ब) शांति से बैठे थे
(स) गा और नाच रहे थे
(द) सो रहे थे
उत्तर:
(स) गा और नाच रहे थे
प्रश्न 3.
कविता में बच्चे किसके लिए गोल घेरा बना रहे हैं?
(अ) खेलने के लिए
(ब) खाने के लिए
(स) पढ़ने के लिए
(द) इनमें से कोई नहीं
उत्तर:
(अ) खेलने के लिए
प्रश्न 4.
कविता में बच्चे तालियाँ किस समय बजाते हैं ?
(अ) सोते समय
(ब) खेलते समय
(स) पढ़ते समय
(द) दौड़ते समय
उत्तर:
(ब) खेलते समय
रिक्त स्थान भरिये-
- ……….. दे-देकर के नाचें। (लड्डू / ताली)
- दोनों ………. को फैलाकर । (हाथों / पाँवों)
- ……… चलाते-ताकधिना। (पाँव / मुँह)
- कितना …….., कितना गाया। (नाचे/ झूमे)
उत्तर:
- ताली
- हाथों
- पाँव
- नाचे।
सत्य/असत्य बतलाइये-
- कविता में बच्चे तालियाँ बजाते हैं ।
- कविता में बच्चे अकेले खेल रहे हैं
- कविता में बच्चे खेलते समय गीत गा रहे हैं ।
- कविता में बच्चे उदास होकर बैठे हैं
उत्तर:
- सत्य
- असत्य
- सत्य
- असत्य।
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उचित मिलान कीजिए-

उत्तर:
(अ) – (घ),
(ब) – (ग),
(स) – (ख),
(द) – (क) ।
अतिलघुत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
कविता में बच्चे क्या कर रहे हैं?
उत्तर:
नाच और गा रहे हैं ।
प्रश्न 2.
बच्चे क्या बजा रहे हैं ?
उत्तर:
तालियाँ |
प्रश्न 3.
बच्चे किसके साथ खेल रहे हैं ?
उत्तर:
दोस्तों के साथ।
प्रश्न 4.
कविता में सर्वाधिक किस शब्द का प्रयोग किया गया है ?
उत्तर:
ताकधिना ।
प्रश्न 5.
अगले दिन बच्चे क्या करेंगे?
उत्तर:
फिर से नाचेंगे और गाएँगे ।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
कविता में बच्चों की खुशी किस प्रकार प्रकट हुई है ?
उत्तर:
कविता में बच्चों की खुशी उनके गाने, नाचने, तालियाँ बजाने, गोल घेरा बनाकर घूमने और मिलकर खेलने से प्रकट हुई हैं । वे सब मिलकर आनन्द ले रहे हैं।
प्रश्न 2.
कविता में ‘ताकधिना’ शब्द का क्या महत्त्व है?
उत्तर:
‘ताकधिना’ शब्द कविता में संगीत और ताल को प्रकट करता है । बच्चे इसे गाते हुए ताल के साथ नाचते, गाते और खेलते हैं जिससे खुशी और उत्साह झलकता है।
प्रश्न 3.
बच्चों का आपस में मिलकर खेलना हमें क्या सिखाता है?
उत्तर:
बच्चों का आपस में मिलकर खेलना हमें एकता, सहयोग, प्रेम और दोस्ती की भावना सिखाता है। इससे हम सीखते हैं कि मिलकर किया गया काम खुशी व आनंद देता है।
प्रश्न 4.
कविता में ‘कल फिर सब नाचें’ पंक्ति का क्या आशय है?
उत्तर:
इस पंक्ति का आशय है कि बच्चों के लिए प्रत्येक दिन खुशी का दिन होता है, वे हर दिन मिलकर खुशी से खेलते हैं और अगले दिन भी इसी उत्साह से फिर खेलेंगे और नाचेंगे ।
दीर्घउत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
कविता के आधार पर बच्चों के जीवन में खेल – कूद के महत्व को स्पष्ट कीजिए ।
उत्तर:
कविता में बच्चों के खेल-कूद को खुशी, एकता और आनंद का प्रतीक माना गया है। बच्चे मिलकर खेलते हैं, तालियाँ बजाते हैं, नाचते हैं और गीत गाते हैं। सब के साथ मिलकर खेलने से उनके मन में मित्रता, सहयोग और आपसी प्रेम की भावना आती है । कविता हमें मिल-जुलकर खेलने का संदेश देती है ।
प्रश्न 2.
‘ताकधिना’ कविता से हमें क्या शिक्षा मिलती है ?
उत्तर:
‘ताकधिना’ कविता से हमें शिक्षा मिलती है। कि मिलकर खेलना खुशी और आनंद का स्रोत है। खेल से शरीर स्वस्थ रहता है और मन प्रसन्न होता है । मिल-जुलकर खेलना दोस्ती और एकता को मजबूत करता है । कविता हमें आपस में मिलकर खुश रहना और तालमेल से खेलना सिखाती है ।
ताकधिना Summary in Hindi

(1)
गोला बनाकर आओ नाचें
झूमें गाएँ – ताकधिना,
दोनों हाथों को फैलाकर
हाथ मिलाएँ – ताकधिना !
कठिन शब्दार्थ —
- गोला = घेरा ।
- ताकधिना = नृत्य या गाने में प्रयोग होने वाली ताल या लय की ध्वनि ।
- झूमें = खुशी से झूमना।
- हाथ मिलाएँ = एक-दूसरे से हाथ मिलाना ।
सरलार्थ –
कवि कहते हैं कि सभी बच्चे एक गोल घेरा बनाएँ, मिलकर नाचें और गाएँ । सब खुशी से झूमते हुए अपने दोनों हाथों को फैलाएँ और एक- दूसरे से हाथ मिलाएँ । इस तरह का मिलन बच्चों में ताकधिना नामक ताल के साथ और भी आनंदमय बनता है। यह कविता बच्चों में सहयोग, एकता और खुशी को बढ़ावा देती है ।
(2)
ओहोहो, हम सब कितने हैं
सब आ जाएँ – ताकधिना,
ताली दे-देकर के नाचें
मिलकर गाएँ – ताकधिना !
कठिन शब्दार्थ –
- ओहोहो = आश्चर्य या खुशी प्रकट करने का शब्द ।
- ताली दे-देकर = ताली बजाते हुए।
- नाचें = नृत्य करें।
- मिलकर गाएँ = सभी मिलकर गीत गाएँ ।
सरलार्थ—
कवि आश्चर्य से कहते हैं कि देखो, हम कितने सारे दोस्त हैं। सभी दोस्त यहाँ आ जाएँ, ताली बजाकर ताल पर नाचें और मिलकर गाएँ । इस तरह सब खुशी मनाते हुए ताल के साथ झूमें अर्थात् सभी एक साथ मिलकर आनंद से भरपूर नृत्य-गान करें ।
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(3)
एक साथ ही पाँव उठेंगे
नीचे, ऊपर – ताकधिना,
एक साथ गोला घूमेगा
चक्कर खाकर- ताकधिना !
कठिन शब्दार्थ –
- एक साथ ही = सभी एक साथ।
- पाँव उठेंगे = पैर उठेंगे।
- नीचे, ऊपर = ऊपर-नीचे की मुद्रा में ।
- गोल घूमेगा = गोलाकार में घूमेगा।
- चक्कर = परिक्रमा ।
सरलार्थ–
कवि बच्चों की खुशी, एकता, तालमेल का वर्णन करते हुए कह रहे हैं कि सभी बच्चे नृत्य करते हुए एक साथ पैर उठाएँगे अर्थात् ताल
के अनुसार पैरों को ऊपर, नीचे की मुद्रा में ले जाएंगे। फिर सभी गोल घेरा बनाएँगे और चक्कर लगाते हुए घूमेंगे। यह सब ताल के साथ होगा अर्थात् सभी मिलकर नाचते-गाते हुए ताल के साथ आगे बढ़ेंगे।
(4)
ताली देते, हाथ मिलाते
पाँव चलाते – ताकधिना,
एक बड़े घेरे में हम सब
आते जाते – ताकधिना
कठिन शब्दार्थ–
- ताली देते = ताली बजाते हुए,
- हाथ मिलाते = एक-दूसरे से हाथ मिलाते हुए ।
- पाँव चलाते = पैर चलाते हुए ।
- घेरा = गोल घेरा ।
- आते, जाते आगे-पीछे चलते हुए ।
सरलार्थ –
कवि बच्चों के आनंदपूर्वक खेलने का वर्णन करते हुए कह रहा है कि सभी बच्चे ताली बजाते हुए और एक-दूसरे से हाथ मिलाते हुए कदमों को ताल के साथ आगे बढ़ाते हैं वे सब मिलकर एक गोल बड़े घेरे में आते-जाते हैं, अर्थात् गोल-गोल घूमते हैं और खेलते हैं । यह सब खेल ताकधिना अर्थात् ताल या लय के साथ खेला जाता हैं ।
(5)
कितना नाचे, कितना गाया
धूम मचाई – ताकधिना,
कल फिर सब नाचें, गाएँगे
आना भाई – ताकधिना !
कठिन शब्दार्थ-
- नाचे = नृत्य किया।
- गाया = गीत गाया ।
- धूम मचाई = आनंद और उत्साह फैलाया।
- कल = आने वाला दिन।
- आना भाई = मित्रों को बुलाना ।
सरलार्थ —
कवि मिलकर खुशी मनाने और उत्सव मनाने का वर्णन करते हुए कहते हैं कि हमने आज कितना नाचा और गाया अर्थात् खुशी मनाई । आनंद और उत्साह से ताल पर नाचे, लेकिन यह आनंद यही खत्म नहीं होता कल फिर से सभी मिलकर नाचेंगे और गाएँगे । कवि अपने सभी मित्रों को बुलाता है कि वे जरूर आएँ और इस खुशी में शामिल हों ।
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