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RBSE Class 3 Hindi Chapter 9 बूँद-बूँद की रखवाली Question Answer
बूँद-बूँद की रखवाली Question Answer
आओ बात करें-
प्रश्न 1.
क्या आपके गाँव या शहर में पानी की कमी होती है? अगर हाँ तो इसे दूर करने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?
उत्तर:
हाँ, गर्मियों के मौसम में हमारे शहर में पानी की कमी होती है। इसे दूर करने के लिए वर्षा जल संचयन, यानी पानी की बर्बादी रोकना, और पुराने जल स्रोतों की सफाई जैसे उपाय किए जा सकते हैं।
प्रश्न 2.
गाँव की महिलाओं ने पानी बचाने के लिए क्या-क्या प्रयास किए?
उत्तर:
गाँव की महिलाओं ने मिलकर बुजुर्गों से सलाह लेकर के पुराने जोहड़ों की खुदाई कर मिट्टी हटाई और वर्षा जल संरक्षण के पुराने तरीकों को अपनाया। उन्होंने कठिन मेहनत और एकता से जल संकट का समाधान निकाला ।
प्रश्न 3.
क्या आपके आसपास भी पानी बचाने के लिए कभी कोई प्रयास किया गया है? बताइए ।
उत्तर:
हाँ, हमारे आस-पास पानी बचाने के लिए लोग नलों को खुला नहीं छोड़ते । वर्षा जल संग्रहण करते हैं और पेड़-पौधों को पानी देने में भी सावधानी बरतते हैं। कुछ जगहों पर पानी का पुनः उपयोग करने की पहल भी की जाती है। जगह-जगह “पानी बचाओ, जीवन बचाओ”, “जल है तो जीवन है” आदि के पोस्टर लगे हुए हैं ।
सोचो और लिखो –
(क) विकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
गाँव की महिलाओं ने पानी बचाने के लिए क्या किया?
(क) कुआँ खोदा
(ख) जोहड़ की खुदाई
(ग) तालाब सूखने दिया
(घ) दूसरे गाँव से पानी लाई
उत्तर:
(ख) जोहड़ की खुदाई
प्रश्न 2.
गाँव के पुरुषों ने शुरू में महिलाओं की पानी बचाने की पहल का समर्थन क्यों नहीं किया?
(क) वे इसे बेकार की मेहनत मानते थे ।
(ख) वे जल संरक्षण के बारे में पहले से जानते थे
(ग) वे खुद ही पानी लाने जाते थे।
(घ) सरकार ने उन्हें रोक दिया था ।
उत्तर:
(क) वे इसे बेकार की मेहनत मानते थे ।

(ख) मिलान करें-

उत्तर:

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(ग) रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए-
- गाँव की महिलाएँ पानी के लिए ………. किलोमीटर तक पैदल जाती थीं ।
- महिलाओं की यह ………. रंग लाई ।
- गाँव की महिलाओं ने ………. खोदकर जल संरक्षण किया।
- जब पहली बार अच्छी ………… हुई तो जोहड़ में पानी भर गया।
उत्तर:
- कई
- मेहनत
- जोहड़
- बारिश ।
भाषा की बात-
प्रश्न 1.
निम्नलिखित वाक्यों में ‘क्या’ और ‘कौन’ लगाकर प्रश्न बनाइए-
(क) महिलाएँ दूर से पानी लाती थीं ।
उत्तर:
- कौन दूर से पानी लाती थीं?
- महिलाएँ दूर से क्या लाती थीं?
(ख) विकास कबड्डी खेलता है।
उत्तर:
- कौन कबड्डी खेलता है ?
- विकास क्या खेलता है ?
प्रश्न 2.
दिए गए शब्दों से वाक्य बनाओ-
पानी ……………………
गाँव ……………………
मेहनत ……………………
सुबह ……………………
उत्तर:
पानी – पानी जीवन के लिए बहुत जरूरी है
गाँव – गाँव के लोगों ने मिलकर जोहड़ की सफाई की।
मेहनत – जीवन में सफलता के लिए मेहनत जरूरी है।
सुबह – सुबह जल्दी उठना हमारी सेहत के लिए अच्छा होता है।
प्रश्न 3.
नीचे दिए गए शब्दों को सही क्रम में जमाकर वाक्य बनाइए-
(क) मेहनत / महिलाओं की / लाई / रंग ।
(ख) पहली / जब / बार / हुई / अच्छी बारिश ।
उत्तर:
(क) महिलाओं की मेहनत रंग लाई ।
(ख) जब पहली बार अच्छी बारिश हुई।
रचनात्मक प्रश्न—
प्रश्न 1.
अगर आपके गाँव / शहर में जल की समस्या हो तो आप उसे हल करने के लिए क्या करेंगे?
उत्तर:
अगर मेरे गाँव / शहर में जल की समस्या हो, तो मैं लोगों को पानी बचाने के लिए जागरूक करूँगा । वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) को बढ़ावा दूंगा, नलों की मरम्मत करवाऊंगा ताकि पानी व्यर्थ न बहे। साथ ही पेड़ों को लगाने और पानी का दुबारा उपयोग करने जैसे उपायों को अपनाऊंगा।
प्रश्न 2.
यदि आप सुनीता देवी की जगह होते तो पानी बचाने के लिए क्या करते?
उत्तर:
यदि मैं सुनीता देवी की जगह होता तो मैं भी गुरुजनों से सलाह लेकर उनके साथ गाँव की महिलाओं-पुरुषों को एकजुट करता और मिलकर पुराने जोहड़ों की सफाई करवाता । मैं सभी को पानी बचाने का महत्व समझाता और जल संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास करता ताकि भविष्य में किसी को पानी की परेशानी न हो।
प्रश्न 3.
अगर गाँव के लोग पानी नहीं बचाते तो क्या होता?
उत्तर:
अगर गाँव के लोग पानी नहीं बचाते, गर्मियों में कुएँ और तालाब सूख जाते। उन्हें दूर-दूर से पानी लाना पड़ता और जीवन कठिन हो जाता । खेती नहीं हो पाती। पशु-पक्षियों को भी पानी नहीं मिलता और गाँव में चारों तरफ हाहाकार मच जाता । लोग गाँव छोड़कर जाने को मजबूर हो सकते थे। इसलिए पानी बचाना सबकी ज़िम्मेदारी है।
प्रश्न 4.
आपने अपने आस-पास पानी को कहाँ- कहाँ बेकार बहते हुए देखा है? पानी बचाने के लिए क्या-क्या करना चाहिए? आपस में बातचीत कीजिए ।
उत्तर:
हमने अपने आस-पास पानी को विद्यालय में पानी पीने के स्थान पर, मौहल्ले एवं चौराहा पर सार्वजनिक नलों पर, घरों में नलों से टपकते हुए, गाड़ियों को धोते हुए आदि व्यर्थ बहते हुए देखा । विद्यालय में जल बचाने की चर्चा की और समाज के लोगों को पानी का महत्त्व समझाया और जागरूक किया ।
प्रश्न 5.
‘पानी बचाओ – जीवन बचाओ’ इस विषय पर अपने दोस्तों के साथ मिलकर चित्र बनाइए और कक्षा में इसके बारे में चर्चा कीजिए ।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं चित्र बनाएँ ।
अब यह चिड़िया कहाँ रहेगी? प्रश्न उत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न –
प्रश्न 1.
राजस्थान में सबसे बड़ी समस्या क्या रही है ?
(अ) बिजली की कमी
(ब) शिक्षा की कमी
(स) पानी की कमी
(द) स्वास्थ्य की कमी
उत्तर:
(स) पानी की कमी
प्रश्न 2.
किस मौसम में गाँव के कुएँ और तालाब सूख जाते थे?
(अ) सर्दियों में
(ब) गर्मियों में
(स) बरसात में
(द) बसंत में
उत्तर:
(ब) गर्मियों में
प्रश्न 3.
जोहड़ किसका संरक्षण करते थे?
(अ) मिट्टी का
(ब) हवा का
(स) वर्षा जल का
(द) पेड़ों का
उत्तर:
(स) वर्षा जल का
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प्रश्न 4.
गाँव के अन्य लोग जल संरक्षण कार्य से कब जुड़ने लगे?
(अ) खुदाई पूरी होने के बाद
(ब) जब बरसात आई
(स) जब महिलाओं ने खुदाई शुरू की
(द) जब पानी की टंकी बनी
उत्तर:
(स) जब महिलाओं ने खुदाई शुरू की
प्रश्न 5.
यह कहानी हमें क्या सिखाती है ?
(अ) पानी जीवन का आधार है
(ब) पानी को बहाना चाहिए
(स) पानी खरीदना चाहिए
(द) पानी से बचना चाहिए
उत्तर:
(अ) पानी जीवन का आधार है
रिक्त स्थान भरिये—
- जब संकल्प मजबूत हो, तब किसी भी समस्या का समाधान ……… नहीं होता । (संभव / असंभव)
- पुराने समय में पानी को रोकने के लिए ………. बनाए जाते थे। (जोहड़ / नाले)
- गाँव की महिलाओं ने जल संकट का ………. करने का निश्चय किया । (समाधान / संरक्षण)
- समाधान खोजने के लिए महिलाओं ने गाँव के ………. से बात की। (युवाओं / बुजुर्गों)
उत्तर:
- असंभव
- जोहड़
- समाधान
- बुजुर्गों ।
सत्य/असत्य बतलाइये-
- राजस्थान के गाँवों में पानी की कमी एक बड़ी समस्या है।
- गाँव की महिलाएँ मिलकर जल संरक्षण के लिए काम नहीं करती।
- गाँव में हर साल बरसात के बाद तालाब भर जाते थे।
- जल संकट को समय रहते रोका जा सकता है।
उत्तर:
- सत्य
- असत्य
- असत्य
- सत्य
उचित मिलान कीजिए-

उत्तर:
(अ) – (ग)
(ब) – (क)
(स) – (घ)
(द) – (ख)।

अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
राजस्थान में किसकी कमी एक बड़ी समस्या रही है ?
उत्तर:
पानी की कमी।
प्रश्न 2.
किन महिलाओं ने समाधान खोजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ?
उत्तर:
सुनिता देवी और गीता देवी ।
प्रश्न 3.
महिलाओं ने समाधान खोजने के लिए किससे बात की?
उत्तर:
गाँव के बुजुर्गों से ।
प्रश्न 4.
जोहड़ किसको रोकते हैं?
उत्तर:
वर्षा के पानी को ।
प्रश्न 5.
गाँव की महिलाओं को पहले पानी के लिए कहाँ जाना पड़ता था ?
उत्तर:
दूर-दराज के क्षेत्रों में
प्रश्न 6.
इस कहानी ने हमें क्या संदेश दिया है ?
उत्तर:
एकता और दृढ़ संकल्प से कोई भी समस्या हल हो सकती है
लघुत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
लोगों ने महिलाओं के प्रयासों की शुरुआत में आलोचना क्यों की और बाद में उनका दृष्टिकोण कैसे बदला ?
उत्तर:
जब महिलाओं ने पुरुषों से जोहड़ बनाने के लिए मदद मांगी तो पुरुषों ने कहा कि ये बेकार की मेहनत है । लेकिन जब महिलाओं ने जोश और उत्साह से काम किया और पानी इकट्ठा होना शुरू हुआ, तो सबका नजरिया बदल गया।
प्रश्न 2.
इस पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर:
इस पाठ से हमें शिक्षा मिलती है कि कठिन परिस्थितियों में भी अगर एकजुट होकर मेहनत करें तो कोई भी समस्या हल हो सकती है । यह अध्याय हमें जल संरक्षण का महत्व बताता है कि हमें भी प्रकृति की रक्षा के लिए पानी को बचाकर रखना चाहिए।
प्रश्न 3.
जल संरक्षण के लिए पुराने उपाय आज के समय में कितने उपयोगी हैं?
उत्तर:
पुराने समय के जल संरक्षण उपाय जैसे जोहड़, तालाब, कुएँ आदि आज भी बहुत उपयोगी हैं। ये पर्यावरण के अनुकूल होते हैं और भूजल को बढ़ाने में मदद करते हैं। आधुनिक समय में जलस्तर बहुत नीचा होने से जल संकट बढ़ता जा रहा है, ऐसे में पुराने उपाय लाभदायक और प्रभावी समाधान बन सकते हैं।
प्रश्न 4.
सुनिता देवी और गीता देवी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं । कैसे?
उत्तर:
सुनिता देवी और गीता देवी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत हैं क्योंकि उन्होंने जल संकट को गंभीरता से लिया और इससे निपटने के लिए नेतृत्व किया। उन्होंने महिलाओं को संगठित किया और बुजुर्गों से पुरानी जल संरक्षण विधियों की जानकारी प्राप्त की। जोहड़ बनाने की योजना शुरू की और खुद भी मेहनत से भाग लिया। उनकी लगन और साहस ने गाँव में जागरूकता फैलाई । उनके प्रयासों से गाँव की स्थिति बदली और सभी को प्रेरणा मिली ।
दीर्घउत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न—
प्रश्न 1.
राजस्थान में पानी की समस्या क्या है और इसका गाँव के जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर:
राजस्थान एक शुष्क प्रदेश है, यहाँ वर्षा बहुत कम होती है। गर्मियों में अधिकतर गांवों में तालाब सूख जाते हैं। पीने के पानी की भारी समस्या हो जाती है । लोगों को मीलों पैदल चलकर पानी लाना पड़ता है। इससे उनका समय और मेहनत दोनों बर्बाद होते हैं। खेती, पशुपालन और घरेलू जीवन पर बुरा असर पड़ता है। विशेषकर महिलाओं को बहुत परेशानी होती है । यह स्थिति गाँव के सामाजिक और आर्थिक जीवन को भी प्रभावित करती है।
प्रश्न 2.
गाँव की महिलाओं ने जल संकट से निपटने के लिए कौन-कौन से कदम उठाए ?
उत्तर:
सुनिता देवी और गीता देवी ने गाँव की सभी महिलाओं के साथ मिलकर जल संकट को हल करने के लिए, एकजुट होकर समाधान की दिशा में काम शुरू किया। उन्होंने गाँव के बुजुर्गों से सलाह ली और पुराने जल संरक्षण के तरीकों के बारे में जाना । इसके बाद उन्होंने जोहड़ बनाने का निर्णय लिया। खुद अपने हाथों से मिट्टी खोदकर और गड्ढे बनाकर वर्षा के जल को रोकने का कार्य शुरू किया। महिलाओं की मेहनत और एकता ने गाँव को जल संकट से बाहर निकाला। उनके हौंसले और दृढ़ निश्चय ने यह दिखा दिया कि जब संकल्प मजबूत हो, तब किसी भी समस्या का समाधान असंभव नहीं होता ।
पठित गद्यांश
निम्नलिखित पठित गद्यांश को पढ़कर पूछे गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
(1)
राजस्थान में पानी की कमी हमेशा से एक बड़ी समस्या रही है। खासकर गर्मियों में यहाँ के कई गाँव सूखे की चपेट में आ जाते हैं, जिससे लोगों को पीने के पानी तक के लिए संघर्ष करना पड़ता है लेकिन साहसी महिलाओं ने अपने गाँव की इस परेशानी को खत्म करने के लिए आगे बढ़कर अनोखी मिसाल कायम की। यह कहानी है राजस्थान के एक गाँव की, जहाँ महिलाओं ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प से जल संकट का हल निकाला ।
गाँव में हर साल गर्मियों के आते ही कुएँ सूख जाते थे और तालाबों में पानी नाम मात्र का रह जाता था । गाँव की महिलाएँ कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर थीं। सुबह होते ही वे अपने सिर पर घड़े रखकर निकलती और कई घंटे तक चलने के बाद मुश्किल से कुछ बाल्टी पानी ला पाती । इस कठिनाई ने गाँव की सुनिता देवी, गीता देवी और अन्य महिलाओं को सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या कोई ऐसा तरीका है जिससे वे अपने गाँव में ही पानी का इंतजाम कर सके ?
प्रश्न 1.
राजस्थान में गर्मियों में क्या समस्या होती हैं ?
उत्तर:
राजस्थान में गर्मियों में पानी की बहुत बड़ी समस्या होती है।
प्रश्न 2.
गाँव की महिलाओं को पानी लाने के लिए क्या करना पड़ता था?
उत्तर:
गाँव की महिलाओं को पानी लाने के लिए कई किलोमीटर दूर तक पैदल चलकर जाना पड़ता था ।
प्रश्न 3.
महिलाओं ने पानी की समस्या का हल कैसे निकाला ?
उत्तर:
महिलाओं ने मिलकर मेहनत और दृढ़ संकल्प से जल संकट का हल निकाला ।
प्रश्न 4.
पानी की समस्या ने किन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया?
उत्तर:
पानी की समस्या ने गाँव की सुनिता देवी, गीता देवी और अन्य महिलाओं को सोचने पर मजबूर कर दिया ।
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(2)
गाँव की महिलाओं ने अपनी मेहनत और एकजुटता से यह साबित कर दिया कि अगर ठान लिया जाए ‘तो किसी भी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है। आज यह गाँव जल संरक्षण की मिसाल बन चुका है और आस-पास के गाँव भी इससे प्रेरणा लेकर अपने जल स्रोतों को सँवारने में जुट गए हैं। यह कहानी हमें सिखाती है कि पानी सिर्फ एक संसाधन नहीं बल्कि जीवन का आधार है। अगर हम इसे बचाने के लिए समय रहते कदम उठाएँ तो भविष्य में जल संकट से बचा जा सकता है। राजस्थान की इन कर्मठ महिलाओं ने अपने हौसले और दृढ़ निश्चय से यह दिखा दिया कि जब संकल्प मजबूत हो, तब किसी भी समस्या का समाधान असंभव नहीं होता ।
प्रश्न
- गाँव की महिलाओं ने क्या साबित किया ?
- कहानी हमें क्या सिखाती है ?
- भविष्य में जल संकट से कैसे बचा जा सकता है ?
- राजस्थान की महिलाओं ने क्या दिखा दिया ?
उत्तर:
- गाँव की महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि अगर ठान लिया जाए तो किसी भी समस्या का समाधान निकाला जा सकता है।
- यह कहानी हमें सिखाती है कि पानी सिर्फ एक संसाधन नहीं बल्कि जीवन का आधार है और इसे बचाना जरूरी है।
- जल संरक्षण करके एवं जल स्रोतों को संवारकर भविष्य में जल संकट से बचा जा सकता है।
- राजस्थान की महिलाओं ने अपने हौंसले और दृढ़ निश्चय से यह दिखा दिया कि जब संकल्प मजबूत हो, तो किसी भी समस्या का समाधान असंभव नहीं होता ।
बूँद-बूँद की रखवाली Summary in Hindi
पाठ का सार-
यह पाठ राजस्थान के गाँव की महिलाओं की प्रेरणादायक कहानी बताता है। राजस्थान में गर्मियों में पानी की भारी कमी होती है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता है । गाँव की महिलाओं खासकर सुनिता देवी और गीता देवी ने अन्य महिलाओं के साथ मिलकर इस समस्या का हल निकालने के लिए पुरानी जल संरक्षण पद्धति ‘जोहड़’ को फिर से जीवित किया ।

महिलाओं ने खुद मेहनत से जोहड़ बनाए, जिनमें बारिश का पानी इकट्ठा होता है और जो भूजल स्तर को बढ़ाने में मदद करता है। शुरुआत में कुछ लोगों ने इसे व्यर्थ बताया, लेकिन जब महिलाओं ने अपने हाथों से खुदाई और निर्माण कार्य किया, तब गाँव के पुरुष भी मदद के लिए आगे आए। अंत में गाँव में पानी की समस्या काफी हद तक हल हो गई। यह पाठ हमें जल संरक्षण का महत्व और सामूहिक प्रयास की ताकत का बोध कराता है ।
कठिन – शब्दार्थ—
- कमी = अभाव, किसी चीज़ का न होना ।
- संकल्प = प्रण, पक्का इरादा या निश्चय ।
- संकट = मुसीबत।
- संरक्षण = किसी चीज़ की रक्षा करना ।
- समाधान = समस्या का हल ।
- खुदाई = खोदने का काम ।
- संघर्ष = कठिन परिश्रम ।
- प्रशंसा = तारीफ करना ।
- अनूठी = अलग, खास।
- जल संकट = पानी की कमी की समस्या ।
- जोहड़ = तालाब, वर्षा का पानी इकट्ठा करने का स्थान ।
- प्रभावित = असर डालना।
- प्रेरणादायक = प्रेरणा देने वाला।
- स्वाभिमान = आत्मसम्मान।
- सूखा = अकाल।
- मिसाल = उदाहरण।
- दृढ़ = मजबूत ।
- इंतजाम = प्रबंध ।
- भू-जल = भूमि में पाया जाने वाला जल।
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