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RBSE कक्षा 4 पर्यावरण पाठ 15 के प्रश्न उत्तर महाराणा प्रताप : स्वाधीनता और स्वाभिमान का प्रतीक
RBSE Class 4th EVS Chapter 15 Question Answer in Hindi
आओ चर्चा करें
पृष्ठ 118
प्रश्न 1.
भामाशाह के द्वारा दिए गए धन का राणा प्रताप ने क्या किया होगा?
उत्तर:
भामाशाह के धन से राणा प्रताप ने सेना का पुनर्गठन कर मुगलों से संघर्ष को जारी रखा।
प्रश्न 2.
हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा प्रताप की सेना के सामने क्या चुनौतियाँ थीं?
उत्तर:
मुगलों की सेना महाराणा प्रताप की सेना से बहुत अधिक थी तथा वह प्रताप की सेना की तुलना में अधिक साधन सम्पन्न थी।
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प्रश्न 3.
झाला बीदा ने युद्ध के दौरान क्या महत्त्वपूर्ण भूमिका निभायी?
उत्तर:
झाला बीदा शत्रु सेना से घिरे महाराणा प्रताप को देखकर उनकी सहायता के लिए उनके पास आए और महाराणा से उनका छत्र मांग लिया और राणा प्रताप की तरह युद्ध करते रहे। मुगल सेना ने झाला बीदा को ही महाराणा प्रताप समझकर युद्ध किया और वे वीरगति को प्राप्त हुए। इस बीच महाराणा प्रताप अवसर पाकर युद्ध क्षेत्र से निकलकर सुरक्षित जगह पर पहुँच सके।
प्रश्न 4.
चेतक के प्रति महाराणा प्रताप का प्रेम किस घटना से स्पष्ट होता है?
उत्तर:
महाराणा प्रताप का चेतक के प्रति प्रेम हल्दीघाटी युद्ध के दौरान स्पष्ट हुआ था। जब चेतक घायल हो गया, तब भी उसने महाराणा प्रताप को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया था, जिससे उनके प्रेम की गहराई का पता चलता है। चेतक की मृत्यु के पश्चात महाराणा प्रताप ने उसे एक योग्य सम्मान दिया था।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दो से तीन वाक्यों में दीजिए-
प्रश्न 1.
युद्ध की पृष्ठभूमि में अकबर और मानसिंह की क्या भूमिका रही?
उत्तर:
1572 में मेवाड़ की गद्दी पर बैठने के बाद महाराणा प्रताप को अकबर की ओर से अधीनता स्वीकार करने के लिए कई संधि प्रस्ताव मिले जिन्हें महाराणा प्रताप ने ठुकरा दिया। इसी पृष्ठभूमि में अकबर ने मानसिंह के नेतृत्व में विशाल मुगल सेना को महाराणा प्रताप से युद्ध कर उसे मुगल साम्रान्य के अधीन करने हेतु भेजा। मानसिंह ने इस सेना को लेकर हल्दीघाटी के मैदान में युद्ध किया। लेकिन महाराणा प्रताप वहाँ से बच निकले।
प्रश्न 2.
राजस्थान के मानचित्र में हल्दीघाटी और खमनोर पहचानकर चिह्नित कीजिए।
उत्तर:
हल्दीघाटी तथा खमनोर राजस्थान के राजसमन्द जिले में है।
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नीचे दिए गए कथनों के सही (✓) अथवा गलत (×) होने का निशान कीजिए-
(i) महाराणा प्रताप की सेना शाही सेना से संख्या में अधिक थी।
उत्तर: गलत
(ii) चेतक ने घायल अवस्था में नदी पार की।
उत्तर: सही।
(iii) झाला बीदा ने महाराणा को बचाने के लिए स्वयं को बलिदान कर दिया।
उत्तर: सही।
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(iv) दानवीर भामाशाह ने प्रताप को बहुत मात्रा में धन देकर सहायता की।
उत्तर: सही।
(v) राणा पूंजा ने महाराणा प्रताप की सहायता की।
उत्तर: सही।
रिक्त स्थान भरिए-
1. हल्दीघाटी का युद्ध ______ ई. में हुआ था।
उत्तर: 1576
2. महाराणा प्रताप का प्रिय घोड़ा ______ था।
उत्तर: चेतक
3. महाराणा प्रताप की सेना की तुलना में मुगलों की सेना ______ थी।
उत्तर: संख्या में अधिक
4. महाराणा प्रताप एवं मुगल सेना के बीच युद्ध ______ के मैदान में हुआ।
उत्तर: हल्दीघाटी
5. राणा पूंजा और उनके साथियों ने ______ समुदाय के सहयोग से प्रताप की सहायता की।
उत्तर: भील।
दो से तीन वाक्यों में उत्तर दीजिए-
प्रश्न 1.
राणा पूंजा का योगदान महाराणा प्रताप के संघर्ष में क्यों महत्वपूर्ण था?
उत्तर:
हल्दीघाटी के युद्ध में जब महाराणा प्रताप को युद्ध में अपने सैन्य संसाधनों और रसद की भारी कमी का सामना करना पड़ा रहा था, तब राणा पूंजा ने भील समुदाय के सहयोग से महाराणा प्रताप की हर संभव सहायता की। उनके द्वारा जंगलों में भोजन, आश्रय और सैनिकों के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई, जिससे प्रताप संघर्ष जारी रख सकें।
प्रश्न 2.
हल्दीघाटी युद्ध के बाद महाराणा प्रताप को किस प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ा?
उत्तर:
- हल्दीघाटी के युद्ध के बाद महाराणा प्रताप को जंगलों में भोजन, आश्रय और सैनिकों के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी की समस्या का सामना करना पड़ा।
- अब उन्हें छापामार युद्ध प्रणाली को अपनाकर मुगलों से युद्ध जारी रखना पड़ रहा था।
- युद्ध के बाद महाराणा प्रताप को आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ा था जिसके कारण वे अपनी सेना का पुनर्गठन नहीं कर पा रहे थे।
प्रश्न 3.
मेवाड़ की स्वतंत्रता के संघर्ष में भामाशाह के योगदान को आप कैसे देखते हैं?
उत्तर:
हल्दीघाटी के युद्ध के बाद महाराणा प्रताप को आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ा। इस कठिन परिस्थिति में भामाशाह ने अपना सम्पूर्ण धन महाराणा प्रताप को समर्पित कर दिया जिससे महाराणा प्रताप ने अपनी सेना का पुनर्गठन कर मुगलों के खिलाफ संघर्ष जारी रखा। भामाशाह का यह योगदान मेवाड़ की स्वतंत्रता के संघर्ष में मील का पत्थर साबित हुआ।
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प्रश्न 4.
राजस्थान में आर्थिक रूप से सहयोग करने वाले लोगों को भामाशाह के नाम से सम्मान क्यों दिया जाता है?
उत्तर:
भामाशाह ने अपना सम्पूर्ण धन अपने मेवाड़ राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए समर्पित कर दिया था जो मेवाड़ की स्वतंत्रता के संघर्ष में मील का पत्थर साबित हुआ। इसी कारण राजस्थान में जो लोग राष्ट्र को आर्थिक रूप से सहयोग देते हैं, उन्हें भामाशाह के नाम से सम्मान दिया जाता है।
मिलान कीजिए-
| स्तंभ (अ) | स्तंभ (ब) |
| (i) महाराणा प्रताप | (अ) अकबर की सेना का नेतृत्व किया |
| (ii) हल्दीघाटी का युद्ध | (ब) महाराणा की रक्षा के लिए बलिदान दिया |
| (iii) मानसिंह | (स) चेतक पर सवार होकर युद्ध किया |
| (iv) राम शाह तंवर | (द) 18 जून 1576 |
उत्तर:
| स्तंभ (अ) | स्तंभ (ब) |
| (i) महाराणा प्रताप | (स) चेतक पर सवार होकर युद्ध किया |
| (ii) हल्दीघाटी का युद्ध | (द) 18 जून 1576 |
| (iii) मानसिंह | (अ) अकबर की सेना का नेतृत्व किया |
| (iv) राम शाह तंवर | (ब) महाराणा की रक्षा के लिए बलिदान दिया |
अन्य महत्त्वपूर्ण प्रश्न
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
हल्दीघाटी का युद्ध कब हुआ था?
(अ) 1526 ई.
(ब) 1576 ई.
(स) 1600 ई.
(द) 1707 ई.
उत्तर:
(ब) 1576 ई.
प्रश्न 2.
महाराणा प्रताप का जन्म कब हुआ?
(अ) 9 मई, 1540 को
(ब) 9 मई, 1576 को
(स) 9 मई, 1572 को
(द) 9 मई, 1597 को
उत्तर:
(अ) 9 मई, 1540 को
प्रश्न 3.
महाराणा प्रताप मेवाड़ की गद्दी पर बैठे-
(अ) 1540 में
(ब) 1572 में
(स) 1576 में
(द) 1597 में
उत्तर:
(ब) 1572 में
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प्रश्न 4.
हल्दीघाटी के युद्ध में अकबर की सेना का सेनापति था-
(अ) रामशाह तंवर
(ब) झाला बीदा
(स) मानसिंह
(द) डोडिया भीमसिंह
उत्तर:
(स) मानसिंह
प्रश्न 5.
हल्दीघाटी युद्ध के बाद अपना सम्पूर्ण धन मेवाड़ राष्ट्र के लिए किसने समर्पित कर दिया था?
(अ) झाला बीदा ने
(ब) रामशाह तंवर ने
(स) भामाशाह ने
(द) भवानी सिंह ने
उत्तर:
(स) भामाशाह ने
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
1. महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, ______ और ______ की अमर गाथा है।
उत्तर: पराक्रम, स्वाभिमान
2. महाराणा प्रताप महाराणा ______ और रानी ______ के पुत्र थे।
उत्तर: उदयसिंह द्वितीय, जयवंता बाई
3. ______ ने मुगलों की अधीनता स्वीकार करने के स्थान पर जंगलों में रहकर संघर्ष करना पसंद किया।
उत्तर: महाराणा प्रताप
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4. महाराणा प्रताप का स्वामिभक्त घोड़ा ______ बहुत ही चपल और तेज था।
उत्तर:चेतक
5. ______ ने स्थानीय भील योद्धाओं के माध्यम से प्रताप को हर संभव सहायता दी।
उत्तर: राणा पूंजा।
निम्नलिखित कथनों में से सत्य/असत्य कथन छाँटिए-
1. चेतक ने घायल अवस्था में नदी पार की थी।
उत्तर: सत्य
2. हल्दीघाटी का युद्ध 1576 ई. में हुआ था।
उत्तर: सत्य
3. महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक की तेज चाल से मुगल सेना में हलचल मच गई।
उत्तर: सत्य
4. महाराणा प्रताप ने मेवाड़ को अपनी राजधानी बनाया।
उत्तर: असत्य।
निम्नलिखित को सुमेलित कीजिए-
| स्तंभ-‘अ’ | स्तंभ-‘ब’ |
| 1. महाराणा प्रताप | (अ) अकबर का विश्वस्त सेनानायक |
| 2. मानसिंह | (ब) प्रताप का स्वामिभक्त घोड़ा |
| 3. चेतक | (स) महाराणा प्रताप की राजधानी |
| 4. चावंड | (द) हल्दीघाटी युद्ध |
उत्तर:
| स्तंभ-‘अ’ | स्तंभ-‘ब’ |
| 1. महाराणा प्रताप | (द) हल्दीघाटी युद्ध( |
| 2. मानसिंह | अ) अकबर का विश्वस्त सेनानायक |
| 3. चेतक | (ब) प्रताप का स्वामिभक्त घोड़ा |
| 4. चावंड | (स) महाराणा प्रताप की राजधानी |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
महाराणा प्रताप का जीवन किसकी अमर गाथा है?
उत्तर:
महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, पराक्रम और स्वाभिमान की अमर गाथा है।
प्रश्न 2.
महाराणा प्रताप का जन्म कब और कहाँ हुआ?
उत्तर:
महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को मेवाड़ के कुंभलगढ़ दुर्ग में हुआ।
प्रश्न 3.
महाराणा प्रताप के माता-पिता कौन थे?
उत्तर:
महाराणा प्रताप के पिता महाराणा उदयसिंह द्वितीय और रानी जयवंताबाई थीं।
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प्रश्न 4.
महाराणा प्रताप का बाल्यकाल किस प्रकार बीता?
उत्तर:
महाराणा प्रताप का बाल्यकाल मातृभूमि के प्रति प्रेम और शस्त्र विद्या के अभ्यास में बीता।
प्रश्न 5.
महाराणा प्रताप मेवाड़ के शासक किस सन् में बने?
उत्तर:
सन् 1572 ई. में।
प्रश्न 6.
हल्दीघाटी का युद्ध किस-किसके बीच हुआ?
उत्तर:
हल्दीघाटी का युद्ध महाराणा प्रताप और मानसिंह के नेतृत्व में अकबर की सेना के बीच हुआ।
प्रश्न 7.
मेवाड़ के वीरों ने हल्दीघाटी के युद्ध के बाद कौनसी रणनीति अपनाई थी?
उत्तर:
छापामार रणनीति।
प्रश्न 8.
महाराणा प्रताप ने मुगल सेनानायक मानसिंह पर किससे वार किया?
उत्तर:
भाले से।
प्रश्न 9.
महाराणा प्रताप के संघर्ष में एक अनदेखे नायक के रूप में किसने योगदान दिया?
उत्तर:
राणा पूंजा ने।
प्रश्न 10.
महाराणा प्रताप के जीवन से हमें क्या संदेश मिलता है?
उत्तर:
‘स्वाधीनता से बड़ा कोई मूल्य नहीं।’
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
महाराणा प्रताप के संघर्ष और स्वाभिमान से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर:
महाराणा प्रताप के संघर्ष और स्वाभिमान से हमें यह सीख मिलती है कि हमें अपनी मातृभूमि की स्वतंत्रता को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।
प्रश्न 2.
महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक पर टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
महाराणा प्रताप का घोड़ा चेतक स्वामिभक्त होने के साथ-साथ बहुत ही चपल और तेज था। वह पलक झपकते ही तेज गति से आगे बढ़कर शत्रु सेना को चौंका देता था।
प्रश्न 3.
हल्दीयाटी युद्ध के दौरान महाराणा प्रताप की सेना के किन वीर योद्धाओं ने अप्रतिम शौर्य का परिचय दिया?
उत्तर:
हल्दीघाटी बुद्ध के दौरान रामशाह तंवर और उनके पुत्र शालीमार, भवानी सिंह तथा पोता प्रतापसिंह, झाला बीदा, झाला मानसिंह, रावत नेतसी, रामदास राठौड़ तथा भीमसिंह डोडिया आदि कई वीर योद्धाओं ने अप्रतिम शौर्य का परिचय दिया और वीरगति को प्राप्त हुए।
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प्रश्न 4.
जब महाराणा प्रताप शत्रु सेना से घिर गए तो किन योद्धाओं ने उनकी किस प्रकार सहायता की?
उत्तर:
जब महाराणा प्रताप शत्रु सेना से घिर गए तो झाला बीदा एवं हकीम खां सूरी उनके पास गए और उनसे आग्रह किया कि वे यहाँ से प्रस्थान करें और झाला बीदा ने महाराणा का छत्र उनसे मांग लिया तथा राणा प्रताप की तरह युद्ध करते रहे।
प्रश्न 5.
हल्दीघाटी युद्ध की समाप्ति के बाद क्या हुआ?
उत्तर:
हल्दीघाटी के युद्ध समाप्ति के बाद तेज आंधी आई और बहुत तेज वर्षा हुई जिससे बनास नदी का किनारा जलमग्न हो गया। वर्षा के कारण युद्ध का मैदान पूरी तरह भीग गया और वातावरण शान्त हो गया।
दीर्घ उत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
हल्दीघाटी के युद्ध ने महाराणा प्रताप के बारे में क्या सिद्ध कर दिया था?
उत्तर:
हल्दीघाटी का युद्ध यद्यपि निर्णायक नहीं रहा तथापि इसने यह सिद्ध कर दिया कि महाराणा प्रताप को झुकाया नहीं जा सकता। क्योंकि इस युद्ध के बाद भी वे छापामार युद्ध नीति अपनाकर मुगलों को निरंतर छकाते रहे। वन-वन भटक क़र भी उन्होंने अपने स्वाभिमान पर कभी आँच नहीं आने दी। उनकी इस नीति से मुगल सेनाएँ लगातार असफल होती रहीं। अंततः अपने अंतिम समय में उन्होंने मेवाड़ के कई दुर्गों को वापस प्राप्त कर लिया और स्वतंत्रता की लौ को प्रज्ज्वलित रखा।
प्रश्न 2.
हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप के युद्ध कौशल पर एक टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
हल्दीघाटी युद्ध में महाराणा प्रताप का युद्ध-कौशल-
- युद्ध प्रारंभ होते ही महाराणा प्रताप अपने प्रिय घोड़े चेतक पर सवार होकर तेज गति से शत्रु दल की ओर बढ़े। उनके भाले के वार से कई मुगल सैनिक पीछे हटते गए। उन्होंने अपनी कुशल युद्ध नीति से विरोधियों को धराशायी किया।
- प्रताप की वीरता देखकर कई मुगल सैनिकों का आत्मविश्वास डगमगाने लगा।
प्रश्न 3.
भामाशाह का योगदान मेवाड़ के स्वतंत्रता संघर्ष में महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है। स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
हल्दीघाटी युद्ध के पश्चात महाराणा प्रताप को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा। भामाशाह ने इस परिस्थिति में अपना संपूर्ण धन महाराणा को समर्पित कर दिया। महाराणा ने सेना का पुनर्गठन किया तथा मुगलों के खिलाफ संघर्ष जारी रखा। इस प्रकार भामाशाह का योगदान मेवाड़ के स्वतंत्रता संघर्ष में महत्त्वपूर्ण स्थान रखता है।
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