Practicing these RBSE Solutions Class 4 Hindi Chapter 10 बच्चों का पूछताछ केंद्र Question Answer improves confidence in the language.
RBSE Class 4 Hindi Chapter 10 बच्चों का पूछताछ केंद्र Question Answer
बच्चों का पूछताछ केंद्र Question Answer
अभ्यास कार्य
आओ बात करें –
प्रश्न 1.
यदि आपके विद्यालय में भी ‘पूछताछ केन्द्र’ हो तो आप वहाँ कौन – कौनसे प्रश्न पूछना चाहेंगे?
उत्तर:
यदि मेरे विद्यालय में भी पूछताछ केन्द्र हो, तो मैं वहाँ यह प्रश्न पूछना चाहूँगा-
- हमें होमवर्क इतना ज्यादा क्यों दिया जाता है ?
- खेलकूद का समय कम क्यों होता है?
- अध्यापक हमें डाँटते क्यों हैं ?
- परीक्षा में नम्बर ही सबसे जरूरी क्यों माने जाते हैं ?
प्रश्न 2.
क्या आप भी मजेदार जवाब देना पसन्द करेंगे? कोई ऐसा सवाल बताइए जिसका उत्तर आप अनोखे अन्दाज में देना चाहें ।
उत्तर:
हाँ, मैं भी मजेदार जवाब देना पसन्द करूँगा । अगर कोई बच्चा मुझसे पूछे-
“आप हमें हर बात पर, यह मत करो, वह मत करो, क्यों कहते हैं?”
तो मैं मुस्कुराते हुए जवाब दूँगा—
“ताकि तुम्हें रोक-टोक की इतनी आदत हो जाए कि बड़े होकर जब बॉस डांटे, तो तुम्हें झटका न लगे ।”
प्रश्न 3.
कहानी में बच्चों ने अलग-अलग चीजों के बारे में जिज्ञासा दिखाई । आपके आस-पास की किन-किन चीजों को देखकर आपके मन मे जिज्ञासा होती है? आप उन्हें देखकर कौन- कौनसे मजेदार सवाल पूछेंगे ?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें ।
सोचो और लिखो-
(क) विकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
कहानी में बच्चों के पूछताछ केन्द्र में कौन बैठा था ?
(क) एक लड़की
(ख) एक लड़का
(ग) एक रोबोट
(घ) एक बूढ़ा व्यक्ति
उत्तर:
(क) एक लड़की
प्रश्न 2.
पूछताछ केन्द्र दोबारा किस वार को खुलेगा?
(क) सोमवार
(ख) मंगलवार
(ग) गुरुवार
(घ) रविवार
उत्तर:
(घ) रविवार

(ख) मिलान करें-

उत्तर:
1. (ख)
2. (ग)
3. (क)
![]()
(ग) रिक्त स्थानों की पूर्ति करें-
प्रश्न 1.
बच्चों का ……… केन्द्र आज ही खोला गया था।
उत्तर:
पूछताछ
प्रश्न 2.
सूरज को छूने जाएँगे तो हम ………. बन जाएँगे ।
उत्तर:
भाप
प्रश्न 3.
स्कूल में ……….. इसलिए नहीं दी जाती ताकि बच्चे पढ़ें, फिसलें नहीं ।
उत्तर:
आइसक्रीम
भाषा की बात-
(क) शब्दों को क्रम से लगाकर सही वाक्य बनाइए-
प्रश्न 1.
दिन में/चले/कहाँ / तारे / जाते हैं ?
उत्तर:
तारे दिन में कहाँ चले जाते हैं ?
प्रश्न 2.
हिलती/क्या/थोड़ी / धरती / है ?
उत्तर:
क्या धरती थोड़ी हिलती है ?
(ख) विशेषता बताने वाले शब्द छाँटिए-
- रंगीन चश्मा – …………..
- मीठा आम – …………..
- खारा पानी – …………..
- सुंदर मोर – …………..
- हरा पेड़ – …………..
- बड़ी परछाईं – …………..
उत्तर:
- रंगीन चश्मा – रंगीन
- मीठा आम – मीठा
- खारा पानी – खारा
- सुंदर मोर – सुंदर
- हरा पेड़ – हरा
- बड़ी परछाईं – बड़ी
(ग) निम्नलिखित शब्दों का वाक्यों में प्रयोग कीजिए-
- रविवार – ………………..
- मोबाइल – ……………..
- सहायता – ……………..
- पूछताछ – ……………..
उत्तर:
- रविवार – मोहन रविवार को जयपुर जाएगा ।
- मोबाइल – मोबाइल से हम फोटो खींच सकते हैं ।
- सहायता – हमें दूसरों की सहायता करनी चाहिए ।
- पूछताछ – मैंने अस्पताल ढूँढ़ने के लिए पूछताछ की।
(घ) ‘बच्चे ठहाके लगाकर हँसने लगे’ – इस वाक्य में क्रिया विशेषण शब्द कौनसा है ?
उत्तर:
ठहाके लगाकर ।
(ङ) ‘मछलियाँ नमक डालकर समुद्र में तैरती हैं’ – इस वाक्य में संज्ञा और क्रिया शब्द पहचानें ।
उत्तर:
संज्ञा – मछलियाँ, नमक, समुद्र
क्रिया – डालकर, तैरती हैं ।
(च) नीचे दिए गए शब्दों को अपनी भाषा में लिखिए-
- मम्मी – …………..
- बादल – ……………
- समुद्र – …………..
- वाष्प – …………..
उत्तर:
- मम्मी – माँ
- बादल – मेघ या घन
- समुद्र – सागर या जलधाम
- वाष्प – भाप।
नीचे दिए गए संवाद को पूरा करें-
कल्पना कीजिए, एक रात आप जब छत पर गए तो चाँद आपको देखकर मुस्कुराकर आपसे बातें करने लगा। चाँद और आपके बीच क्या बातचीत हुई संवाद के रूप में लिखिए। जैसे—
मैं – (आसमान की ओर देखकर) ए चाँद ! तुम रोज आ जाते हो लेकिन कभी पूरे तो कभी आधे क्यों दिखते हो ?
चाँद – (हँसते हुए) अरे नहीं! मैं तो हमेशा पूरा ही रहता हूँ। बस धरती जब मुझे अपनी परछाई से ढकती है तो तुम मुझे आधा या कम देख पाते हो। इसे ‘चंद्र कलाएँ’ कहते हैं ।
मैं – …………………………………………………………………
चाँद – …………………………………………………………………
मैं – …………………………………………………………………
चाँद – …………………………………………………………………
मैं – …………………………………………………………………
चाँद – …………………………………………………………………
मैं – …………………………………………………………………
चाँद – …………………………………………………………………
मैं – …………………………………………………………………
चाँद – …………………………………………………………………
मैं – (आँखें बंद करते हुए) ठीक है चंदा मामा, शुभ रात्रि!
चाँद – शुभ रात्रि, मेरे नन्हें दोस्त !
उत्तर:
मैं – (आसमान की ओर देखकर) ए चाँद ! तुम रोज आ जाते हो लेकिन कभी पूरे तो कभी आधे क्यों दिखते हो ?
चाँद – (हँसते हुए) अरे नहीं! मैं तो हमेशा पूरा ही रहता हूँ। बस धरती जब मुझे अपनी परछाई से ढकती है तो तुम मुझे आधा या कम देख पाते हो। इसे ‘चंद्र कलाएँ’ कहते हैं ।
मैं – तुम्हारी चन्द्रकलाओं की संख्या कितनी होती है ?
चाँद – मेरी चन्द्रकलाओं की संख्या 16 होती है ।
मैं – तुम किस दिन पूर्ण दिखाई देते हो?
चाँद – मैं पूर्णमासी को पूर्ण रूप से दिखाई देता हूँ ।
मैं – दोस्त! किसी दिन ‘तो तुम बिल्कुल भी दिखाई नहीं देते।
चाँद – हाँ मित्र! अमावस्या के दिन मैं बिल्कुल भी दिखाई नहीं देता हूँ ।
मैं – तुम छोटे से बड़े कब होते दिखाई देते हो?
चाँद – मैं छोटे से बड़ा शुक्ल पक्ष में होता हूँ ।
मैं – तुम्हारी रूपाकृति कब कम होती हुई दिखाई देती है ?
चाँद – कृष्ण पक्ष में मेरी रूपाकृति घटती चली जाती है।
मैं – (आँखें बंद करते हुए) ठीक है चंदा मामा, शुभ रात्रि!
चाँद – शुभ रात्रि, मेरे नन्हें दोस्त !
बच्चों का पूछताछ केंद्र प्रश्न उत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
‘बच्चों का पूछताछ केन्द्र’ पाठ के लेखक कौन हैं ?
(क) सूरज प्रसाद शर्मा
(ख) सुरेन्द्र प्रसाद सिंह
(ग) सुरेश चन्द्र वर्मा
(घ) श्री राम शर्मा
उत्तर:
(ख) सुरेन्द्र प्रसाद सिंह
प्रश्न 2.
पूछताछ केन्द्र में बच्चे क्या करते हैं?
(क) किताबें बेचते हैं
(ख) गाना गाते हैं
(ग) सवाल पूछते हैं
(घ) चित्र बनाते हैं
उत्तर:
(ग) सवाल पूछते हैं
प्रश्न 3.
बच्चों के सवालों में कौनसी भावना छुपी होती है ?
(क) डर
(ख) क्रोध
(ग) उदासी
(घ) मासूमियत और तर्क
उत्तर:
(घ) मासूमियत और तर्क
![]()
प्रश्न 4.
इस पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है ?
(क) बच्चों को चुप रहना चाहिए ।
(ख) सवाल पूछना गलत है।
(ग) बच्चों को सोचने और बोलने का अधिकार है।
(घ) बड़ों की हर बात माननी चाहिए ।
उत्तर:
(ग) बच्चों को सोचने और बोलने का अधिकार है।
प्रश्न 5.
बच्चों की बातों का स्वर कैसा था ?
(क) गुस्से से भरा
(ख) डरावना
(ग) चुटीला और सच्चा
(घ) शांत और डरपोक
उत्तर:
(ग) चुटीला और सच्चा
प्रश्न 6.
‘बच्चों का पूछताछ केन्द्र’ किस प्रकार की रचना है?
(क) कविता
(ख) कहानी
(ग) नाटक
(घ) संवादात्मक
उत्तर:
(घ) संवादात्मक
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(मशीन, समझदार, छह, साड़ी)
प्रश्न 1.
हम बड़े होकर ………. बंद रहेगा।
उत्तर:
समझदार
प्रश्न 2.
उसके सामने एक अजीब सी चमचमाती ………. थी।
उत्तर:
मशीन
प्रश्न 3.
मम्मी मुझे ………. क्यों नहीं पहनने देती ।
उत्तर:
साड़ी
प्रश्न 4.
अब अगले ……… दिन यह पूछताछ केन्द्र बन सकें।
उत्तर:
छह ।
सत्य / असत्य-
- बच्चों का पूछताछ केन्द्र बड़ों के लिए बनाया गया था।
- बच्चों ने पूछताछ केन्द्र में जाकर कई सवाल पूछे ।
- सूरज लाल होकर चाँद में बदल जाता है ।
- मशीन से बच्चों को उनके सवालों के उत्तर मिलते थे ।
उत्तर:
- असत्य
- सत्य
- असत्य
- सत्य।
उचित मिलान कीजिए-

उत्तर:
1. (घ)
2. (ग)
3. (ख)
4. (क)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
बच्चों का पूछताछ केन्द्र क्यों लगाया गया था?
उत्तर:
बच्चों के सवालों के उत्तर देने के लिए पूछताछ केन्द्र लगाया गया था ।
प्रश्न 2.
बच्चों के प्रश्नों का उत्तर कहाँ से निकलता था ?
उत्तर:
प्रश्नों का उत्तर एक चमकदार मशीन से निकलता था ।
प्रश्न 3.
स्कूल में इतने विषय क्यों पढ़ाए जाते हैं ?
उत्तर:
जिससे हम हर सवाल का सही उत्तर दे सकें ।
प्रश्न 4.
बच्चों का रोज नहाना जरूरी क्यों है ?
उत्तर:
जिससे हम स्वस्थ और साफ-सुथरे रहें ।
प्रश्न 5.
सूरज शाम होते ही लाल होकर कहाँ चला जाता है ?
उत्तर:
वह शाम को छिप जाता है क्योंकि दिनभर बिना रुके चलता रहता है।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
बच्चे पूछताछ केन्द्र में क्यों गए थे?
उत्तर:
बच्चे पूछताछ केन्द्र में अपने मन के सवालों के उत्तर जानने के लिए गए थे। वे जानना चाहते थे कि उनके दैनिक जीवन से जुड़े प्रश्नों के उत्तर क्या हैं ।
प्रश्न 2.
हवा चलती है पर दिखाई क्यों नहीं देती?
उत्तर:
क्योंकि हवा छोटे-छोटे पारदर्शी कणों से बनी होती है इसलिए दिखाई नहीं देती, उसे महसूस किया जा सकता है।
प्रश्न 3.
बिजली के तारों पर चिड़िया को करंट क्यों नहीं लगता?
उत्तर:
क्योंकि चिड़िया दोनों पैरों से एक ही तार पर बैठती है और जमीन से सम्पर्क नहीं होता, इसलिए करंट नहीं लगता ।
प्रश्न 4.
समुद्र का पानी रंगहीन होते हुए भी नीला क्यों दिखता है?
उत्तर:
क्योंकि आकाश के नीले रंग का प्रतिबिम्ब समुद्र पर पड़ता है, जिससे समुद्र नीला दिखाई देता है । क्योंकि पानी समुद्र की रोशनी में से नीली रोशनी को अधिक परावर्तित करता है ।
प्रश्न 5.
सूरज के बारे में बच्चों ने क्या पूछा और क्या उत्तर मिला?
उत्तर:
बच्चों ने पूछा कि क्या सूरज आग का गोला है? इस पर मशीन ने उत्तर दिया – “हाँ”। इसका मतलब है कि सूरज वास्तव में आग का बहुत बड़ा गोला है। यह उत्तर सुनकर बच्चे सन्तुष्ट हो गए।
दीर्घउत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
इस पाठ में ‘बच्चों का पूछताछ केन्द्र’ से क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर:
इस पाठ से हमें कई महत्त्वपूर्ण शिक्षाएँ मिलती हैं—
- बच्चों में स्वाभाविक जिज्ञासा होती है और उन्हें सवाल पूछने की आजादी मिलनी चाहिए ।
- ज्ञान बढ़ाने के लिए प्रश्न पूछना बहुत जरूरी है।
- हमें बच्चों की बातों को ध्यान से सुनकर उनकी जिज्ञासा शांत करनी चाहिए ।
- सीखने की प्रक्रिया में धैर्य और सही मार्गदर्शन जरूरी होता है ।
- यह पाठ वैज्ञानिक सोच और तर्क करने की क्षमता को प्रोत्साहित करता है ।
प्रश्न 2.
बच्चों को मशीन से क्या-क्या आशा थी ?
उत्तर:
बच्चों को मशीन से अनेक आशाएँ थीं—
- बच्चों को उम्मीद थी कि मशीन उनके हर सवाल का उत्तर देगी ।
- वे सोचते थे कि मशीन से उन्हें सभी बातें पता चलेंगी।
- बच्चों को तकनीक पर पूरा भरोसा था।
- वे ज्ञान पाने के लिए उत्साहित थे ।
- मशीन उन्हें रोचक और जल्दी उत्तर देती थी ।
![]()
पठित गद्यांश
(1)
गाँव में आज बहुत धूम थी। बच्चे टोलियों में हँसते-खेलते एक ही दिशा में बढ़ रहे थे। वजह थी – बच्चों का पूछताछ केन्द्र । इस पूछताछ केन्द्र में बच्चों से संबंधित मनोरंजक, बालसुलभ, अटपटे एवं रोचक जवाब दिए जा रहे थे । आज ही इसका उद्घाटन हुआ था और बच्चे अपने-अपने सवालों की पर्चियाँ लिए वहाँ पहुँच रहे थे। पूछताछ केन्द्र में एक लड़की बैठी थी । उसके सामने एक अजीब सी चमचमाती मशीन थी जिसमें झाँककर वह हर सवाल का जवाब निकाल रही थी ।
प्रश्न –
- हँसते-खेलते एक ही दिशा में कौन बढ़ रहे थे ?
- बच्चे हँसते खेलते कहाँ जा रहे थे ?
- पूछताछ केन्द्र में कैसे जवाब दिए जा रहे थे?
- हर सवाल का जवाब कहाँ से निकल रहा था ?
उत्तर:
- बच्चे टोलियाँ बनाकर बढ़ रहे थे ।
- पूछताछ केन्द्र जा रहे थे I
- पूछताछ केन्द्र में बच्चों से सम्बन्धित मनोरंजक, बालसुलभ, अटपटे एवं रोचक जवाब दिए जा रहे थे ।
- एक अजीब सी चमचमाती मशीन से हर सवाल का जवाब बाहर निकल रहा था ।
(2)
बड़े ऐसा क्यों कहते हैं कि क्या बच्चों जैसी बातें कर रहे हो?
क्योंकि बच्चे मासूम बातें करते हैं और बड़े बस बड़ों वाली बातें करते हैं । वैसे अच्छा होगा कि यह सवाल तुम बड़े लोगों से ही पूछो ।
इतना बोलते ही पूछताछ केन्द्र की खिड़की बंद हो गई और आवाज आई – अब अगले छह दिन यह पूछताछ केन्द्र बंद रहेगा। अब यह अगले रविवार को दोबारा खुलेगा ।
प्रश्न–
- ‘क्या बच्चों जैसी बातें कर रहे हो’ ऐसा कौन कहता है ?
- बच्चे किस प्रकार की बातें करते हैं ?
- किसकी खिड़की बन्द हो गई ?
- पूछताछ केन्द्र दोबारा कब खुलेगा?
उत्तर:
- ऐसा बड़े लोग कहते हैं ।
- बच्चे मासूम बातें करते हैं ।
- पूछताछ केन्द्र की खिड़की बन्द हो गई ।
- पूछताछ केन्द्र अगले रविवार को दोबारा खुलेगा।
बच्चों का पूछताछ केंद्र Summary in Hindi
इस पाठ में एक कल्पनात्मक और रोचक दृश्य प्रस्तुत किया गया है। जहाँ बच्चे एक पूछताछ केन्द्र की तरफ जा रहे थे। इस पूछताछ केन्द्र में बच्चों से सम्बन्धित मनोरंजक, बालसुलभ, अटपटे एवं रोचक जवाब दिए जा रहे थे। बच्चे पूछताछ केन्द्र में एक लड़की से सवाल करते हैं। सवालों का जवाब एक चमत्कारी मशीन से तुरन्त बाहर आ रहा था । यह पाठ बच्चों की जिज्ञासा, कल्पना शक्ति और ज्ञान के प्रति उत्सुकता को दर्शाता है। साथ ही बच्चों के प्रश्न पूछने के महत्त्व को भी समझाता है।

कठिन शब्दार्थ —
- पूछताछ केन्द्र = जहाँ सवाल पूछे जाते हैं।
- चमत्कारी मशीन = अद्भुत काम करने वाला यन्त्र ।
- अजीब = अनोखा ।
- प्रश्न = सवाल ।
- मनोरंजक = मजेदार।
- चमकदार = जो अच्छी तरह चमकता हो ।
- झौंका = तेज हल्की हवा ।
- पारदर्शी = जिसके आर-पार देखा जा सके।
- झिझकना = हिचकिचाना।
- गायब = अदृश्य ।
- अन्तराल = फासला।
- बोरिंग = उबाऊ, नीरस।
Leave a Reply