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RBSE Class 4 Hindi Chapter 11 सुनेली का कुआँ Question Answer
सुनेली का कुआँ Question Answer
अभ्यास कार्य
सोचो और लिखो-
(क) प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए-
प्रश्न 1.
पानी लाने की परेशानी से बचने के लिए गाँव का एक परिवार किस कुएँ पर जाकर रहने लगा ?
(अ) सुनेली के कुएँ पर
(ब) बंजारे के कुएँ पर
(स) बींदणी के कुएँ पर
(द) सरपंच के कुएँ पर
उत्तर:
(ब) बंजारे के कुएँ पर
प्रश्न 2.
सुनेली ने कुआँ खोदने के लिए किस पेड़ के पास खुदाई की ?
(अ) नीम
(ब) पीपल
(स) खेजड़ी
(द) सागवान
उत्तर:
(स) खेजड़ी
(ख) रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
प्रश्न 1.
ढाणी वालों ने सुनेली और उसके परिवार का खूब ……….. उड़ाया।
उत्तर:
मजाक
प्रश्न 2.
परिवार के लोग अपने ……… की ढाणी छोड़कर कहीं जाना नहीं चाहते थे।
उत्तर:
पुरखों
प्रश्न 3.
ऊँदरों का ……….. बनाना कौनसी नई बात है ।
उत्तर:
बिल ।
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(ग) निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
प्रश्न 1.
सुनेली ने कुआँ खोदने के बारे में क्यों सोचा?
उत्तर:
सुनेली ने सोचा कि अगर यहाँ ही कुआँ खोदा जाए तो गाँव की औरतों को दूर से पानी लाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
प्रश्न 2.
कुआँ खोदने के लिए सुनेली ने किन- किन साधनों का उपयोग किया?
उत्तर:
सुनेली ने कुआँ खोदने के लिए फावड़ा, तसला और रस्सी गिरारी (घिरनी) साधनों का उपयोग किया।
प्रश्न 3.
सुनेली के परिवार के लोग शुरुआत में उसका मजाक क्यों उड़ा रहे थे?
उत्तर:
सुनेली के परिवार के लोग शुरुआत में उसका मजाक इसलिए उड़ा रहे थे क्योंकि उन्हें यकीन नहीं था कि वह अकेले कुआँ खोद पाएगी। उन्हें यह काम कठिन और असम्भव लगा।

प्रश्न 4.
गाँव वालों का व्यवहार कहानी की शुरुआत और अन्त में कैसा था ?
उत्तर:
शुरुआत में गाँव वाले सुनेली को कुआँ खोदते देखकर उसका मजाक उड़ाते थे। लेकिन जब उन्होंने उसकी मेहनत और लगन देखी, तो मदद करने लगे । अन्त में कुआँ पूरा होने पर सभी ने उसकी हिम्मत की सराहना की और गर्व महसूस किया ।
प्रश्न 5.
खेजड़े का पेड़, हरा-भरा क्यों था?
उत्तर:
खेजड़े का पेड़ हरा-भरा था क्योंकि उसकी जड़ें जमीन में नीचे गहराई तक जाती हैं और वहाँ से पानी खींच लेती हैं। इसलिए वह सूखे में भी हरा बना रहता है।
पाठ से आगे-
प्रश्न 1.
अगर सुनेली खुदाई करने की जिद न करती तो क्या होता?
उत्तर:
अगर सुनेली खुदाई करने की जिद न करती, तो उसका परिवार पानी की समस्या से परेशान ही रहता। कुआँ न होने पर उन्हें दूर-दराज से पानी लाना पड़ता और जीवन कठिन होता, उन्हें गाँव भी छोड़ना पड़ सकता है।
प्रश्न 2.
गाँव वालों ने खुदाई में मदद करना क्यों शुरू किया?
उत्तर:
गाँव वालों ने खुदाई में मदद करना शुरू किया क्योंकि उन्होंने सुनेली की मेहनत, लगन और आत्मविश्वास खुदाई की गीली मिट्टी को देखा। उनकी सोच बदल गई और वे भी इस नेक काम में शामिल हो गए।
प्रश्न 3.
आँधी आने पर उससे बचाव के लिए क्या-क्या कर सकते हैं?
उत्तर:
आँधी आने पर घर के दरवाजे-खिड़कियाँ बन्द कर लेनी चाहिए और सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। पेड़ों और बिजली के खम्भों से दूर रहना चाहिए।
प्रश्न 4.
अगर आपको अपने गाँव में पानी की समस्या हल करनी हो तो आप क्या करेंगे?
उत्तर:
अगर मेरे गाँव में पानी की समस्या हो, तो मैं सबसे पहले वर्षा जल संचयन और तालाब खुदवाने की पहल करूँगा। मैं गाँव वालों को जागरूक करूँगा और मिलकर पानी बचाने के उपाय अपनाऊँगा ।
प्रश्न 5.
अगर आप सुनेली की जगह होते तो कुआँ खोदने के लिए और क्या उपाय कर सकते थे ?
उत्तर:
अगर मैं सुनेली की जगह होता तो पहले गाँव के बुजुर्गों और लोगों को समझाने की कोशिश करता कि वहाँ पानी मिलने की सम्भावना है। यदि वे न मानते, तो मैं अकेले ही काम शुरू कर देता और अपने प्रयासों से उन्हें प्रेरित करता ।
भाषा की बात-
(क) कहानी में आए इन मुहावरों से नए वाक्य बनाइए और अपने दोस्तों को इनका अर्थ बताइए |
(1) अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता –
(2) फूला न समाना – बहुत खुश होना । –
(3) हाथ बँटाना –
(4) पैरों को पंख लगना –
उत्तर:
(1) अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता – अकेला व्यक्ति कोई बड़ा काम नहीं कर सकता ।
वाक्य प्रयोग – समाज में बदलाव लाने के लिए सबको मिलकर प्रयास करना होगा, क्योंकि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता ।
(2) फूला न समाना – बहुत खुश होना ।
वाक्य प्रयोग – परीक्षा में प्रथम आने पर रामू फूला न समाया ।
(3) हाथ बँटाना – किसी काम में मदद करना ।
वाक्य प्रयोग – त्योहार पर सबने मिलकर काम में हाथ बँटाया जिससे जल्दी सफाई हो गई ।
(4) पैरों को पंख लगना – अतिशीघ्रता करना ।
वाक्य प्रयोग – परीक्षा में अच्छे अंक आने की खबर सुनते ही राधा के पैरों को जैसे पंख लग गए।
(ख) नीचे दिए गए शब्दों के समान अर्थ वाले शब्द खोजकर लिखिए ।
- हिम्मत – ……………..
- विश्वास – ……………..
उत्तर:
- हिम्मत – साहस, बहादुरी
- विश्वास – यकीन, भरोसा
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सुनेली का कुआँ प्रश्न उत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न –
प्रश्न 1.
गाँव में सबसे बड़ी समस्या क्या थी?
(क) स्कूल नहीं था
(ख) पानी की कमी
(ग) सड़क नहीं थी
(घ) अस्पताल नहीं था
उत्तर:
(ख) पानी की कमी
प्रश्न 2.
सुनेली ने किस जगह कुआँ खोदने का निर्णय लिया ?
(क) खेत में
(ख) घर के पास
(ग) खेल के मैदान में
(घ) खेजड़े के पेड़ के नीचे
उत्तर:
(घ) खेजड़े के पेड़ के नीचे
प्रश्न 3.
गाँव वाले शुरू में सुनेली की क्या करते हैं?
(क) मदद करते हैं
(ख) तारीफ करते हैं
(ग) मजाक उड़ाते हैं
(घ) उसे रोकते हैं
उत्तर:
(ग) मजाक उड़ाते हैं
प्रश्न 4.
खेजड़े का पेड़ कैसा था ?
(क) सूखा
(ख) पीला
(ग) हरा-भरा
(घ) गिरा हुआ
उत्तर:
(ग) हरा-भरा
प्रश्न 5.
कुआँ खुदाई में गाँव वालों ने कब मदद की?
(क) शुरुआत में
(ख) अन्त में
(ग) बीच में
(घ) कभी नहीं की
उत्तर:
(ख) अन्त में
प्रश्न 6.
इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है ?
(क) मेहनत बेकार होती है
(ख) अकेला कुछ नहीं कर सकता
(ग) आत्मविश्वास और संकल्प से सब कुछ सम्भव है
(घ) सबको मजाक उड़ाना चाहिए
उत्तर:
(ग) आत्मविश्वास और संकल्प से सब कुछ सम्भव है
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(हरा-भरा, कुआँ, हँसने कुएँ की)
प्रश्न 1.
सुनेली ने पानी की समस्या का हल निकालने के लिए ……….. खोदने का निश्चय किया ।
उत्तर:
कुआँ
प्रश्न 2.
खेजड़े का पेड़ हमेशा ………… रहता था।
उत्तर:
हरा-भरा
प्रश्न 3.
अन्त में गाँव वालों ने मिलकर …………… खुदाई में मदद की ।
उत्तर:
कुएँ की
प्रश्न 4.
तीनों बेटे और उनका पिता सुनेली की बात सुनकर ………. लगे ।
उत्तर:
हँसने ।
सत्य / असत्य-
- गाँव में पानी की कोई कमी नहीं थी ।
- गाँव के लोग शुरू में सुनेली का समर्थन कर रहे थे ।
- खेजड़े का पेड़ सूखा और मुरझाया हुआ था।
- कुएँ की खुदाई में बाद में सभी गाँव वालों ने मदद की।
उत्तर:
- असत्य
- असत्य
- असत्य
- सत्य।
उचित मिलान कीजिए-

उत्तर:
1. (ग)
2. (क)
3. (घ)
4. (ख)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
सुनेली ने पानी की तलाश कहाँ शुरू की?
उत्तर:
खेजड़े के पेड़ के नीचे ।
प्रश्न 2.
कुएँ की खुदाई में गाँव वालों ने कब मदद करना शुरू किया ?
उत्तर:
जब पानी निकलने के आसार दिखने लगे ।
प्रश्न 3.
अन्त में गाँव वालों का व्यवहार कैसा हो गया?
उत्तर:
वे सहयोगी और सहायक बन गए ।
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प्रश्न 4.
सुनेली ने खुदाई के लिए सबसे पहले क्या किया?
उत्तर:
उसने खुद अकेले खुदाई शुरू की ।
प्रश्न 5.
सुनेली ने खुदाई के लिए किस चीज का उपयोग किया?
उत्तर:
फावड़े, परात, रस्सी और गिरारी का ।
प्रश्न 6.
खुदाई करते समय सुनेली को क्या महसूस हुआ ?
उत्तर:
मिट्टी गीली देखकर उसे पानी मिलने की आशा हुई ।

लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
सुनेली ने कुआँ खुदाई का काम क्यों शुरू किया?
उत्तर:
सुनेली के गाँव में पानी की बहुत कमी थी । लोग दूर-दूर से पानी लाते थे और गर्मी में परेशान होते थे। इसलिए सुनेली ने खुद ही कुआँ खोदने का निश्चय किया ।
प्रश्न 2.
सुनेली का कौन-सा गुण सबसे अधिक प्रेरक लगा ?
उत्तर:
सुनेली का आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय बहुत प्रेरक हैं। उसने अकेले काम शुरू किया और सभी को जोड़ा। उसकी मेहनत ने गाँव का जीवन बदल दिया ।
प्रश्न 3.
कहानी में खेजड़े के पेड़ का क्या महत्त्व | है?
उत्तर:
खेजड़े का पेड़ इस कहानी में आशा का प्रतीक है । उसकी हरियाली ने सुनेली को खुदाई की प्रेरणा दी। यही पेड़ आगे चलकर गाँव की प्यास बुझाने का कारण बना।
प्रश्न 4.
अगर गाँव वाले सुनेली का साथ ना देते तो क्या होता?
उत्तर:
अगर गाँव वाले मदद नहीं करते, तो खुदाई बहुत देर से पूरी होती । शायद सुनेली थककर हार भी मान जाती । सहयोग से काम जल्दी और सफल हुआ।
दीर्घउत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
इस पाठ से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर:
हमें यह शिक्षा मिलती है कि आत्मविश्वास और मेहनत से सब सम्भव है । सच्ची लगन हो तो अकेला भी बदलाव ला सकता है। हमें किसी भी मुश्किल कार्य से डरना नहीं चाहिए। पर्यावरण के छोटे संकेत भी बड़े समाधान की ओर ले जा सकते हैं । समाज एकता और सहयोग से किसी भी समस्या का हल निकाल सकता है ।
प्रश्न 2.
खेजड़े का पेड़ हमेशा हरा-भरा क्यों रहता था और इसका क्या संकेत था ?
उत्तर:
खेजड़े का पेड़ गाँव में एकमात्र पेड़ था जो पूरे साल हरा-भरा रहता था । सुनेली ने यह समझा कि जरूर उस जगह के नीचे पानी होगा, तभी पेड़ सूखे में भी हरा रहता है। यह बात उसकी सोच और समझदारी को दर्शाती है । उसी पेड़ के पास खुदाई करके उसने गाँव के लिए पानी पाया ।
पठित गद्यांश
(1)
बेटा जोश में खुदाई करता रहा । सुनेली जब रोटी लेकर आई तो उसने देखा कि जवान बेटे ने अच्छी-खासी खुदाई कर दी है। बेटा छाया में बैठकर रोटी खाने लगा तो सुनेली खुद फावड़ा लेकर खुदाई में जुट गई । साँझ को जब माँ-बेटे घर लौट रहे थे तो ढाणी के लोगों ने उनका मजाक उड़ाया। दोनों चुपचाप घर को लौट आए । मन ही मन वे दोनों बहुत खुश थे ।
प्रश्न –
- बेटा खुदाई कैसे कर रहा था ?
- सुनेली क्या लेकर आई थी?
- बेटा रोटी खा रहा था तब सुनेली क्या कर रही थी ?
- जब माँ-बेटे घर लौट रहे थे तब ढाणी के लोगों ने उनके साथ क्या किया?
उत्तर:
- बेटा जोश में खुदाई कर रहा था ।
- सुनेली बेटे के लिए रोटी लेकर आई थी।
- तब सुनेली खुद फावड़ा लेकर खुदाई में जुट गई।
- ढाणी के लोगों ने उनका मजाक उड़ाया।
(2)
‘ऊँह, ये ऊँदरे भी सब जगह बिल खोद डाल देते हैं” उसने सोचा और आगे बढ़ चली । अचानक उसके मन में आया कि बिल से खुदी मिट्टी तो गीली है। जरूर यहाँ पानी होना चाहिए । अगर यहाँ कुआँ खोद लें तो दूर से पानी लेने नहीं जाना पड़ेगा, उसके पैरों को मानो पंख लग गए। जल्दी से घर पहुँचकर उसने अपने बेटों से कहा, ‘अपने फावड़े उठा लो । गाँव के खेजड़े के पेड़ के पास हम कुआँ खोदेंगे।”
प्रश्न-
- सब जगह बिल कौन खोद डाल देते हैं ?
- बिल से खुदी मिट्टी कैसी थी ?
- यहाँ कुआँ खोद लें तो क्या नहीं करना पड़ेगा ?
- घर पहुँचकर सुनेली ने अपने बेटों से क्या कहा?
उत्तर:
- सब जगह बिल ऊँदरे खोद डाल देते हैं ।
- बिल से खुदी मिट्टी गीली थी ।
- यहाँ कुआँ खोद लें तो दूर से पानी लेने नहीं जाना पड़ेगा।
- सुनेली ने कहा- “अपने फावड़े उठा लो । गाँव के खेजड़े के पेड़ के पास हम कुआँ खोदेंगे ।”
सुनेली का कुआँ Summary in Hindi
यह कहानी राजस्थान और गुजरात की सीमा पर बसे एक छोटे से गाँव ‘नरसी की ढाणी’ की है, जहाँ पानी की बहुत कमी थी। गाँव की बहू बेटियाँ बहुत दूर-दूर से पानी लाती थीं। इसी गाँव की एक साहसी महिला थी – सुनेली । वह रोज सुबह – सुबह पानी भरने जाती और घर का सारा काम करती ।
एक दिन जब वह पानी लेकर लौट रही थी, उसे खेजड़े के पेड़ के ऊँदरों के बिल के पास एक जगह गीली मिट्टी दिखाई दी । उसने अन्दाजा लगाया कि यहाँ पानी हो सकता है। उसके मन में विचार आया कि अगर यहाँ कुआँ खोदा जाए तो गाँव की औरतों को दूर से पानी नहीं लाना पड़ेगा। सुनेली ने अपने बेटों और गाँव के कुछ लोगों के साथ मिलकर खुदाई शुरू कर दी।

लोगों ने उसका मजाक भी उड़ाया, लेकिन वह डटी रही। बहुत मेहनत के बाद आखिरकार मिट्टी में से पानी का स्रोत निकल आया । गाँव में खुशी की लहर दौड़ गई। आज भी वह कुआँ पानी देता है और लोग उसे ‘सुनेली का कुआँ’ कहते हैं । यह कहानी आत्मविश्वास, मेहनत, संकल्प और नारी शक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण है ।
कठिन शब्दार्थ—
- बींदणी = बहू ।
- गड्ढा = जमीन में खुदा भाग।
- जमीन = धरती।
- फावड़ा = मिट्टी खोदने का औजार।
- हौंसला = साहस, हिम्मत।
- ऊँदरे = चूहे ।
- तर्क = कारण या विचार ।
- तरकीब = तरीका, उपाय।
- सजीव = जीवन्त, जीवन से भरा ।
- प्रेरणा = उत्साह देने वाली बात ।
- उत्साह = उमंग, जोश।
- नर्म = मुलायम ।
- सोता = झरना।
- गगरी = पानी भरने का मिट्टी का घड़ा ।
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