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RBSE Class 4 Hindi Chapter 13 धरती राजस्थान की Question Answer
धरती राजस्थान की Question Answer
अभ्यास कार्य
आओ बात करें –
प्रश्न 1.
राजस्थान को ‘बलिदानों की भूमि’ क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
राजस्थान को बलिदानों की भूमि इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहाँ के लोगों ने अपने कर्तव्य, धर्म, प्रकृति और देश की रक्षा के लिए हँसते-हँसते अपने प्राणों की आहुति दी है। जैसे अमृता देवी ने पेड़ों की रक्षा के लिए अपना बलिदान दिया ।
प्रश्न 2.
राजस्थान के किन-किन त्योहारों का उल्लेख कविता में किया गया है? इन त्योहारों को किस तरह मनाया जाता है?
उत्तर:
- तीज – यह मुख्य रूप से महिलाओं का पर्व है। महिलाएँ सुन्दर वस्त्र पहनती हैं, झूले झूलती हैं, लोकगीत गाती हैं और सज-धज कर शोभायात्रा निकालती हैं। जयपुर में ‘तीज की सवारी’ बहुत प्रसिद्ध है।
- गवरी – यह राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र का प्रसिद्ध लोक नाट्य है, जो आदिवासी जनजाति द्वारा किया जाता है । सावन-भादो के महीने में चालीस दिनों तक चलता है। जो पार्वती देवी के लिए समर्पित है।
प्रश्न 3.
पन्नाधाय, अमृतादेवी और मीराबाई के जीवन संघर्ष, योगदान के बारे में चर्चा कीजिए ।
उत्तर:
- पन्नाधाय – पन्नाधाय मेवाड़ की वीर माता थी जिन्होंने राजकुमार उदयसिंह की रक्षा के लिए अपने पुत्र चन्दन का बलिदान दे दिया। उनका त्याग आज भी इतिहास में अमर है ।
- अमृतादेवी – अमृतादेवी विश्नोई समाज की वीर महिला थी जिन्होंने खेजड़ी के पेड़ों की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
- मीराबाई – मीराबाई राजस्थान की संत कवयित्री थीं जो कृष्ण भक्ति में लीन रहीं । उन्होंने अपने भजनों से भक्तिकाल साहित्य को अमर बना दिया ।
प्रश्न 4.
‘धरती राजस्थान है’ पंक्ति को ध्यान में रखते हुए दो और पंक्तियाँ तुकबन्दी के साथ लिखिए ।
उत्तर:
सूरज-सा तेज जहाँ का,
शौर्य का प्रमाण है,
देशभक्ति की गूँज लिए,
धरती राजस्थान है।
सोचो और लिखो-
(क) प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए-
प्रश्न 1.
राजस्थान में पाई जाने वाली प्राचीन एवं प्रमुख पर्वतमाला कौनसी है ?
(क) अरावली
(ख) विंध्याचल
(ग) सतपुड़ा
(घ) नीलगिरि
उत्तर:
(क) अरावली
प्रश्न 2.
तीज की सवारी कहाँ की प्रसिद्ध है ?
(क) उदयपुर
(ख) जयपुर
(ग) सीकर
(घ) बीकानेर
उत्तर:
(ख) जयपुर
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(ख) मिलान करें-

उत्तर:
1. (ख)
2. (ग)
3. (घ)
4. (क)
(ग) रिक्त स्थान की पूर्ति करें-
प्रश्न 1.
राजस्थान में ……….. पर्वतमाला स्थित है ।
उत्तर:
अरावली
प्रश्न 2.
……………… ने शीश कटाकर वृक्षों की रक्षा की।
उत्तर:
देवी अमृता
प्रश्न 3.
रसिया गाती ……….. सुनाती धरती राजस्थान है।
उत्तर:
मांड
प्रश्न 4.
मरुधरा को हरा बनाते, अहा ! ……….. पेड़ जहाँ।
उत्तर:
खेजड़ी
(घ) नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
प्रश्न 1.
पाठ में राजस्थान के किन लोकनृत्यों की चर्चा की गई है?
उत्तर:
पाठ में राजस्थान के घूमर और पणिहारी आदि लोकनृत्यों की चर्चा की गई है।
प्रश्न 2.
मीराबाई किसकी भक्ति करती थी?
उत्तर:
मीराबाई श्रीकृष्ण की भक्ति करती थी ।
प्रश्न 3.
पाठ में किन-किन व्यक्तियों की चर्चा की गई है?
उत्तर:
पाठ में अमृता देवी, मीराबाई, भामाशाह और पन्नाधाय की चर्चा की गई है।
प्रश्न 4.
रसिया और मांड गायन का सम्बन्ध राजस्थान के किन क्षेत्रों से है?
उत्तर:
रसिया – भरतपुर, करौली और धौलपुर जिलों से । माण्ड-जोधपुर, बीकानेर और जयपुर क्षेत्रों से ।
प्रश्न 5.
चिंकारा, गोडावण और रोहिड़ा क्या है?
उत्तर:
चिंकारा – राजस्थान का राज्य पशु है ।
गोडावण – राजस्थान का राज्य पक्षी है ।
रोहिड़ा – राजस्थान का राज्य पुष्प है ।

प्रश्न 6.
कुरजाँ क्या है?
उत्तर:
कुरजाँ राजस्थान में आने वाला प्रवासी पक्षी (सारस) है जो साइबेरिया और मंगोलिया से अगस्त- सितम्बर में आता है और मार्च-अप्रैल में चला जाता है ।
भाषा की बात-
प्रश्न 1.
नीचे दिए गए उदाहरणों में से विशेषण शब्द छाँटिए ।
गुलाबी नगरी – ………………
गर्वीली धरती – ………………
रंगीलो राजस्थान – ………………
नखराली घूमर – ………………
उत्तर:
शब्द – विशेषण
गुलाबी नगरी – गुलाबी
गर्वीली धरती – गर्वीली
रंगीलो राजस्थान – रंगीलो
नखराली घूमर – नखराली
गीत में आए तुकांत शब्दों को छाँटिए और मिलते- जुलते नवीन शब्द जोड़कर तुक मिलाइए ।
जैसे- रेगिस्तान – राजस्थान …………
रंगीली – गर्वीली ……………
नगरी – गवरी ……………
उत्तर:
जैसे-

प्रश्न 2.
इस लोकगीत में आए वर्णन पर अपने मन से कोई चित्र बनाइए ।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें ।
अनुभव से जुड़े अभ्यास-
प्रश्न 1.
आपने कौन-कौनसे त्योहार मनाए हैं? उनमें से कौनसा त्योहार आपको सबसे प्रिय है और क्यों ?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें ।
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प्रश्न 2.
पाठ में आपने राजस्थान की विशेषताओं के बारे में जो जाना है उसे अपने अनुभवों या सुनी हुई बातों के आधार पर लिखिए ।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।
भाव ग्रहण अभ्यास-
प्रश्न 1.
कविता राजस्थान की किन-किन विशेषताओं का वर्णन कर रही है?
उत्तर:
राजस्थान की भूमि वीर-वीरांगनाओं की भूमि है । जिन्होंने मातृभूमि के लिए बलिदान दिया है । यहाँ के लोग ‘अतिथि देवो भव’ परम्परा का पालन करते हैं। राजस्थान के लोकगीत, लोकनृत्य एवं संस्कृति पूरे देश में प्रसिद्ध हैं।
प्रश्न 2.
राजस्थान के कौन-कौनसे वीरों और संतों का इस कविता में उल्लेख किया गया है?
उत्तर:
महाराणा सांगा, महाराणा कुंभा, महाराणा प्रताप आदि वीर, अमृता देवी, मीरा बाई, पन्नाधाय आदि संतों का वर्णन किया गया है।
रचनात्मक अभ्यास-
प्रश्न 1.
इस कविता की पहली तीन पंक्तियों को गद्य रूप में लिखिए ।
उत्तर:
राजस्थान की धरती पर अर्थात् राजस्थान में अनेक त्योहार मनाये जाते हैं । यह मनुहारों की धरती है। राजस्थान की धरती बलिदानों और जयगानों की धरती है । राजस्थान की धरती पर खेजड़ी के वृक्ष पाये जाते हैं जो मरुधरा को हरा-भरा बनाये रखते हैं ।
प्रश्न 2.
“मीरा की पावन भक्ति है, भामाशाह का दान है ” पंक्ति का भाव स्पष्ट करते हुए एक अनुच्छेद लिखिए।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें ।
प्रश्न 3.
समूह में मिलकर राजस्थान के किसी एक त्योहार पर चार पंक्तियों की एक छोटी कविता बनाइए ।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें
धरती राजस्थान की प्रश्न उत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
अमृतादेवी ने किसके लिए बलिदान दिया था ?
(क) राजा की रक्षा के लिए
(ख) मन्दिर बचाने के लिए
(ग) पेड़ बचाने के लिए
(घ) देश की स्वतन्त्रता के लिए
उत्तर:
(ग) पेड़ बचाने के लिए
प्रश्न 2.
‘गुलाबी नगरी’ किस शहर को कहा गया है ?
(क) बीकानेर
(ख) जोधपुर
(ग) जयपुर
(घ) अजमेर
उत्तर:
(ग) जयपुर
प्रश्न 3.
‘घूमर’ क्या है ?
(क) भोजन
(ख) लोकनृत्य
(ग) त्योहार
(घ) वाद्ययन्त्र
उत्तर:
(ख) लोकनृत्य
प्रश्न 4.
‘थार’ क्या है?
(क) नदी
(ख) पर्वत
(ग) जंगल
(घ) रेगिस्तान
उत्तर:
(घ) रेगिस्तान
प्रश्न 5.
‘रसिया’ किस प्रकार का गीत है ?
(क) वीर रस का
(ख) भक्ति रस का
(ग) प्रेम और विरह का
(घ) नीति रस का
उत्तर:
(ग) प्रेम और विरह का
प्रश्न 6.
भामाशाह किस गुण के लिए प्रसिद्ध है ?
(क) युद्ध
(ख) संगीत
(ग) दान
(घ) चित्रकला
उत्तर:
(ग) दान
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(सवारी, हरा, भक्ति, प्रण)
प्रश्न 1.
मरुधरा को ………….. बनाते, अहा! खेजड़ी पेड़ जहाँ।
उत्तर:
हरा
प्रश्न 2.
तीज ……….. निकल रही है, यहाँ गुलाबी नगरी में ।
उत्तर:
सवारी
प्रश्न 3.
……….. की खातिर, प्राण न्योछावर करने वाले वीर यहाँ।
उत्तर:
प्रण
प्रश्न 4.
मीरा की पावन …….. है, भामाशाह का दान है।
उत्तर:
भक्ति ।
सत्य / असत्य-
- मीराबाई श्रीरामजी की भक्त थी ।
- राजस्थान में घूमर एक प्रमुख लोकनृत्य है।
- अमृतादेवी ने पेड़ों की रक्षा के लिए बलिदान दिया।
- पन्नाधाय दान के लिए प्रसिद्ध है ।
उत्तर:
- असत्य
- सत्य
- सत्य
- असत्य ।
उचित मिलान कीजिए-

उत्तर:
1. (घ)
2. (क)
3. (ख)
4. (ग)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
धरती राजस्थान है’ पंक्ति किस बात का प्रतीक है?
उत्तर:
वीरता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है।
प्रश्न 2.
पन्नाधाय कौन थी ?
उत्तर:
पन्नाधाय एक स्वामिभक्त महिला थी जिन्होंने राजकुमार उदयसिंह की जान बचाई थी।
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प्रश्न 3.
राजस्थान की राजधानी कौन सी है ?
उत्तर:
राजस्थान की राजधानी गुलाबी नगरी जयपुर है।
प्रश्न 4.
राजस्थान का प्रमुख लोकगीत कौन-सा है जिसमें जल का वर्णन है ?
उत्तर:
पणिहारी लोकगीत में जल से जुड़ा वर्णन होता है।
प्रश्न 5.
राजस्थान में कौनसा प्रसिद्ध रेगिस्तान है ?
उत्तर:
थार का रेगिस्तान ।
प्रश्न 6.
‘धरती राजस्थान की’ कविता में कौन-कौनसे गुणों का वर्णन है?
उत्तर:
वीरता, त्याग और सांस्कृतिक समृद्धि आदि गुणों का वर्णन है
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता किन- किन चीजों से झलकती है?
उत्तर:
राजस्थान की सांस्कृतिक विविधता इसके लोकनृत्य (घूमर, पणिहारी), लोकगीत (मांड, रसिया), वेशभूषा, मेले- त्योहार और आभूषणों से झलकती है। यहाँ की बोलियाँ, लोक परम्पराएँ और उत्सव भी इसकी सांस्कृतिक समृद्धि एवं विविधता को दर्शाते हैं ।
प्रश्न 2.
राजस्थान में कौन-कौन से प्रमुख लोकनृत्य और लोकगीत हैं?
उत्तर:
राजस्थान के प्रमुख लोकनृत्य हैं — घूमर, कालबेलिया, पणिहारी । लोकगीतों में रसिया, मांड और गोरबन्ध प्रसिद्ध हैं। इनके माध्यम से लोकसंस्कृति और परम्पराएँ जीवित रहती हैं।
प्रश्न 3.
राजस्थान की वीर नारियाँ किन गुणों के लिए जानी जाती हैं?
उत्तर:
राजस्थान की वीर नारियाँ त्याग, साहस और धर्मनिष्ठा के लिए जानी जाती हैं । पन्नाधाय, अमृतादेवी जैसी महिलाओं ने असाधारण बलिदान दिए। इनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।
प्रश्न 4.
राजस्थान के रेगिस्तान क्षेत्र की विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर:
राजस्थान का थार रेगिस्तान भारत के सबसे बड़े रेगिस्तानों में से एक है। यहाँ रेत के टीलें, गर्म जलवायु और ऊँट की सवारी देखने को मिलती है रेगिस्तानी जीवन कठिन होते हुए भी सांस्कृतिक दृष्टि से बहुत समृद्ध है।
दीर्घउत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
‘धरती राजस्थान की’ कविता से हमें क्या शिक्षा मिलती है ?
उत्तर:
यह कविता हमें त्याग, बलिदान और वीरता की प्रेरणा देती है। राजस्थान की महान स्त्रियों और पुरुषों ने धर्म, संस्कृति और प्रकृति की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए। हमें अपनी धरती, परम्परा और पर्यावरण से प्रेम करना चाहिए। यह कविता नारी शक्ति, देशभक्ति और लोकसंस्कृति की महत्ता को भी दर्शाती है। हमें इन आदर्शों को अपनाकर एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनना चाहिए ।
प्रश्न 2.
अमृता देवी का बलिदान हमें क्या सिखाता है?
उत्तर:
अमृता देवी का बलिदान पर्यावरण और पेड़ों के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना सिखाता है उन्होंने पेड़ों को कटने से बचाने के लिए अपनी तीन बेटियों सहित प्राण दे दिए । विश्नोई समाज आज भी उनकी परम्परा को निभा रहा है। यह बलिदान दर्शाता है कि प्रकृति प्राणों का आधार है, जिसकी रक्षा हर हाल में करनी चाहिए । यह हमें संवेदनशील, जागरूक और कर्त्तव्यनिष्ठ नागरिक बनने की प्रेरणा देता है।
धरती राजस्थान की Summary in Hindi
यह पाठ राजस्थान राज्य की वीरता, संस्कृति, परम्परा, त्योहारों और प्राकृतिक विविधताओं का सुन्दर वर्णन करता है । इसमें बताया गया है कि राजस्थान केवल रेगिस्तान नहीं, बल्कि यह लोकगीतों, त्योहारों, मेलों और बहादुरों की धरती है। यहाँ तीज सवारी, लोक नृत्य, लोक-गीत, त्योहार और वीर बलिदान सब कुछ देखने को मिलता है यह राज्य बलिदानी वीरों, प्रकृति प्रेमियों और दानवीरों की जन्मभूमि है ।
कठिन शब्दार्थ एवं सरलार्थ-
त्योहारों की, मनुहारों की, धरती राजस्थान है
बलिदानों की, जयगानों की, धरती राजस्थान है।
कठिन शब्दार्थ —
- त्योहार = उत्सव।
- मनुहारों = आमंत्रण, बुलावा, मान-मनुहार ।
- धरती = पृथ्वी, वसुधा।
- बलिदान = देश और त्याग के लिए या आत्मोत्सर्ग।
- जयगान = विजय का गीत ।
सरलार्थ –
यह पद राजस्थान की गौरवशाली पहचान को दर्शाता है । यहाँ बहुत से त्योहार मनाए जाते हैं। अतिथियों को देवताओं के समान सम्मान और आमंत्रण करते हैं । यहाँ पर अनेक वीर योद्धाओं ने अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए प्राण त्याग दिए । ऐसे विजयगान वाली राजस्थान की धरती है ।

मरुधरा को हरा बनाते, अहा ! खेजड़ी पेड़ जहाँ ।
चिंकारा, गोडावण, कुरजां और रोहिड़ा फूल यहाँ ।
अरावली पर्वतमाला है, थार का रेगिस्तान है
रंग-रंगीली, यह गर्वीली, धरती राजस्थान है
त्योहारों की, मनुहारों की, धरती राजस्थान है ।
कठिन शब्दार्थ–
- मरुधरा = रेगिस्तान।
- खेजड़ी = राजस्थान का एक प्रसिद्ध पेड़ ।
- चिंकारा = एक प्रकार का हिरण।
- गोडावण = एक पक्षी ।
- कुरजाँ = एक प्रकार का पक्षी ।
- रोहिड़ा = एक विशेष प्रकार का पेड़ ।
- गर्वीली = गर्व करने योग्य, गर्व से भरी हुई ।
- रंग-रंगीली = रंगीन, आनन्दमय, खुशमिजाज ।
सरलार्थ –
यहाँ कवि बताता है कि राजस्थान की धरती को सुन्दर और हरा-भरा बनाने वाले पेड़- पौधे जैसे खेजड़ी हैं । यहाँ चिंकारा, गोडावण, कुरजाँ और रोहिड़ा का फूल मिलते हैं । यहाँ पर अरावली पर्वतमाला है, थार का रेगिस्तान भी है। रंग-रंगीली और गर्व से भरी हुई यह राजस्थान की धरती त्योहारों और मनुहारों से युक्त है ।
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तीज सवारी निकल रही है, यहाँ गुलाबी नगरी में
चलो उदयपुर, चलो कि चोखो, रंग आवेलो गवरी में
गोरबंद, लांगुरिया, घूमर, पणिहारी के गान हैं
रसिया गाती, मांड सुनाती, धरती राजस्थान है
त्योहारों की, मनुहारों की, धरती राजस्थान है।
कठिन शब्दार्थ —
- तीज सवारी = तीज त्योहार पर निकलने वाली शोभायात्रा ।
- गुलाबी नगरी = जयपुर शहर |
- गवरी = मेवाड़ का लोक नाट्य, गौरी ।
- चोखो = बढ़िया ।
- मनुहार = आमन्त्रण।
सरलार्थ –
राजस्थान के त्योहारों में तीज की सवारी निकलती है जयपुर (गुलाबी नगर ) में। उदयपुर और अन्य शहर रंगों से भर जाते हैं जो बहुत ही बढ़िया लगते हैं। यहाँ के लोकगीत गवरी, गोरबन्द, लांगुरिया, घूमर, पणिहारी, रसिया, माण्ड आदि प्रसिद्ध हैं । यह राजस्थान की धरती त्योहारों और आमन्त्रणों से युक्त है।

प्रण की खातिर, प्राण न्योछावर करने वाले वीर यहाँ
देवी अमृता, पेड़ बचाती, शीश कटाकर सुनो जहाँ
मीरा की पावन भक्ति है, भामाशाह का दान है
पन्नाधाय के अमर त्याग की धरती राजस्थान है
त्योहारों की, मनुहारों की, धरती राजस्थान है।
कठिन शब्दार्थ-
- प्रण = प्रतिज्ञा ।
- प्राण = जीवन ।
- न्यौछावर = बलिदान देना ।
- पावन = पवित्र, शुद्ध ।
- अमर = सदा जीवित रहने वालों ।
सरलार्थ-
राजस्थान की धरती पर ऐसे वीर और वीरांगनाएँ जन्मी हैं जिन्होंने प्रकृति की रक्षा या देश की रक्षा के लिए अपने प्राण तक न्योछावर कर दिए। जैसे—अमृता देवी, जिन्होंने पेड़ों को बचाने के लिए बलिदान दिया अर्थात् अपना सिर कटवा दिया। यहाँ मीरा जैसी भक्त और भामाशाह जैसे दानी व्यक्ति हुए। यहाँ की धरती पन्नाधाय के त्याग और बलिदान की मिसाल है। राजस्थान की धरती त्योहारों और मनुहारों की है ।
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