Practicing these RBSE Solutions Class 4 Hindi Chapter 15 पूँछ किसकी है? Question Answer improves confidence in the language.
RBSE Class 4 Hindi Chapter 15 पूँछ किसकी है? Question Answer
पूँछ किसकी है? Question Answer
आओ बात करें –
प्रश्न 1.
बन्दर को पूँछ कहाँ और कैसे मिली?
उत्तर:
बन्दर को पूँछ नदी किनारे एक बरगद के पेड़ के नीचे हिलते हुए मिली ।
प्रश्न 2.
खरगोश ने बन्दर को क्या जवाब दिया?
उत्तर:
जब बन्दर ने खरगोश से पूछा कि क्या यह पूँछ उसकी है, तो खरगोश ने उसे मना करते हुए कहा ना ! यह मेरी पूँछ नहीं है। वह अपनी सफेद रंग की पूँछ दिखाते हुए कहता है कि यह रही मेरी पूँछ।
प्रश्न 3.
अगर बंदर को पूँछ के बदले चोंच मिली तो वो किस-किस के पास जाता और उनसे क्या स बातचीत करता? बताइए ।
उत्तर:
वह पक्षियों के पास जाता और उनसे पूछता कि क्या यह तुम्हारी चोंच है । चोंच के बिना किसी पक्षी की पहचान ही नहीं होती है।
प्रश्न 4.
इस कहानी को अपने शब्दों में सुनाइए ।
उत्तर:
कक्षा में विद्यार्थी स्वयं सुनाएँ ।
सोचो और लिखो-
(क) प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए-
प्रश्न 1.
बंदर किन्हें पकड़ने के लिए कूद पड़ा ?
(अ) मधुमक्खियों को
(ब) उल्लुओं को
(स) तितलियों को
(द) छिपकलियों को
उत्तर:
(स) तितलियों को
प्रश्न 2.
बंदर ने किससे कटी पूँछ के बारे में नहीं पूछा?
(अ) हुदहुद से
(ब) गिलहरी से
(स) लोमड़ी से
(द) खरगोश से
उत्तर:
(स) लोमड़ी से
(ख) रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
प्रश्न 1.
इसी के सहारे मैं ……….. की तरह ऊँचाई से नीचे कूदती हूँ ।
उत्तर:
पैराशूट
प्रश्न 2.
पूँछ के बिना ……….. तैर नहीं सकती ।
उत्तर:
मैं पानी में
प्रश्न 3.
पत्तों की ……………. सुनकर हम डर गए थे ।
उत्तर:
सरसराहट

(ग) सत्य कथन पर सही (✓) का एवं असत्य कथन पर गलत (✗) का निशान लगाएँ-
- तालाब में बंदर को एक मगरमच्छ दिखाई दिया।
- पूँछ के बिना हुदहुद पेड़ पर खड़ी नहीं हो सकती ।
- खरगोश की पूँछ पर काले धब्बे थे ।
- छिपकली को अजगर ने पकड़ लिया था ।
उत्तर:
- (✗)
- (✓)
- (✗)
- (✗)
मेरी बात सबकी बात-
प्रश्न 1.
कहानी में आए पात्रों को आपकी भाषा में क्या कहते हैं? कक्षा में अपने साथियों से बातचीत कीजिए और लिखिए ।
बंदर – …………………..
तितली – …………………..
मछली – …………………..
साँप – …………………..
खरगोश – …………………..
गिलहरी – …………………..
छिपकली – …………………..
हुदहुद – …………………..
उत्तर:
बंदर – बन्दर
तितली – तितली
मछली – मछली
साँप – साँप
खरगोश – खरगोश
गिलहरी – गिलहरी
छिपकली – छिपकली
हुदहुद – चिड़िया
प्रश्न 2.
अपने परिजनों से इसी प्रकार की अन्य कहानी सुनकर आइए और अपनी कक्षा में सुनाइए ।
उत्तर:
विद्यार्थी अभिभावक से सुनकर कक्षा में सुनाएँ ।
पढ़कर जानें-
प्रश्न 1.
नीचे कुछ शब्द दिए गए हैं उनको कहानी में खोजिए और जिस वाक्य में ये शब्द आए हैं उस वाक्य को यहाँ लिखिए-
झूलना – …………….
मँडराना – ………….
विवश – ……………
इधर-उधर – …………..
उत्तर:
झूलना – बन्दर उस पेड़ की शाखाओं को पकड़कर झूल रहा था ।
मँडराना – उसने तितलियों को मँडराते हुए देखा ।
विवश – बेचारा बन्दर ! पत्थरों के बीच जा गिरा ।
इधर-उधर – तितलियाँ उसकी हरकत देखकर इधर- उधर उड़ गईं।
इन शब्दों से नए वाक्य बनाइए-
बंदर – ………………………
मछली – …………………..
गिलहरी – …………………
तितली – …………………..
उत्तर:
बंदर – बन्दर पेड़ पर बैठकर केले खा रहा था ।
मछली – तालाब में रंग-बिरंगी मछलियाँ तैर रही थीं।
गिलहरी – गिलहरी ने झटपट पेड़ पर चढ़कर खाना छिपा दिया।
तितली – तितली फूलों पर बैठकर रस पी रही थी ।
पढ़ें और बताएँ-
प्रश्न 1.
बंदर पूँछ लेकर किन-किन जानवरों के पास गया?
उत्तर:
बंदर पूँछ लेकर मछली, हुदहुद, गिलहरी, खरगोश और छिपकली आदि जानवरों के पास गया।
प्रश्न 2.
पूँछ दिखाने पर इन जीवों ने बंदर को क्या कहा?
गिलहरी – ……………..
मछली – ……………….
छिपकली – ……………..
उत्तर:
गिलहरी – “यह रही मेरी सुंदर पूँछ इसी के सहारे मैं पैराशूट की तरह ऊँचाई से नीचे कूदती हूँ’ ।
मछली – यह मेरी पूँछ कैसे हो सकती है? पूँछ के बिना क्या मैं पानी तैर सकती हूँ? और पानी में छलांग लगा दी।
छिपकली – यह पूँछ अब मुझे नहीं चाहिए। तुम फिक्र मत करो। मेरी नई पूँछ अपने आप उग आएगी।
प्रश्न 3.
अगर कहानी में ये जीव भी होते तो बंदर को क्या जवाब देते ?
कुत्ता – …………………..
घोड़ी – ………………..
भैंस – ………………….
उत्तर:
कुत्ता – विद्यार्थी शिक्षक की सहायता से स्वयं जवाब दें।
घोड़ी – विद्यार्थी शिक्षक की सहायता से स्वयं जवाब दें।
भैंस – विद्यार्थी शिक्षक की सहायता से स्वयं जवाब दें शेरनी विद्यार्थी शिक्षक की सहायता से स्वयं जवाब दें।
प्रश्न 4.
इस कहानी से कोई तीन प्रश्न बनाइए जो आप अपने साथियों से पूछना चाहते हैं ।
I. ……………………..
II. …………………….
III. …………………..
उत्तर:
I. क्या बिना पूँछ के पशु जीवित रह सकते हैं?
II. क्या बन्दर की हरकत उचित थी?
III. बन्दर सभी से पूँछ के बारे में पूछता है क्या यह उचित है?
प्रश्न 5.
नीचे एक कहानी लिखी है जिसमें कुछ शब्द गायब हैं । आप खाली स्थान में सही शब्द भरिए-
(बंदर, उपवास, खाने, भोजन, स्वादिष्ट, उनकी)
एक बार बंदरों ने 1. ………….. करने का निश्चय किया । उन्होंने पहले 2. ……….. की व्यवस्था करने की सोची ताकि उपवास के बाद 3. ……….. किया जा सके। सभी बंदर जंगल से केले लेकर आए और तय किया कि उपवास खत्म होने के बाद इन्हें खाएँगे लेकिन एक 4. ………. ने सुझाव दिया कि पहले यह देख लें कि के कितने 5. ……… हैं। उसने कहा कि सिर्फ चखने से 6. ……. नहीं टूटेगा। सभी ने थोड़ा-थोड़ा केला चखना शुरू कर दिया । चखते – चखते सभी केले खा गए और 7. …….. की योजना विफल हो गई।
उत्तर:
1. उपवास
2. खाने
3. भोजन
4. बन्दर
5. स्वादिष्ट
6. उपवास
7. उनकी ।
आओ रचना करें-
प्रश्न 1.
अपनी पसंद के किसी जानवर का चित्र बनाकर अपने साथियों के साथ चित्र पर चर्चा कीजिए ।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं चित्र बनाएँ ।
प्रश्न 2. ‘पूँछ किसकी है’ कहानी अपने घर पर और दोस्तों को सुनाइए और उनसे इस कहानी का नया शीर्षक बताने को कहें। उनके बताए नाम को यहाँ लिखिए ।
उत्तर – विद्यार्थी स्वयं करें ।
प्रश्न 3. विद्यालय से घर जाते समय रास्ते में आपको लंच बॉक्स / मोबाइल मिला है। अब आप इसे किस तरह से उसके मालिक तक पहुँचाएँगे? इसकी एक कहानी बनाकर लिखिए । उत्तर- विद्यार्थी स्वयं करें ।

भाषा की बात-
(क) नीचे दिए वाक्य दो तरह के हैं जैसे कुछ वाक्यों में कार्य करने के लिए कहा जा रहा है वहीं कुछ वाक्यों में कार्य करने से रोका जा रहा है। वाक्यों को पहचानते हुए अलग-अलग तालिका में लिखिए।

उत्तर:

| सकारात्मक वाक्य उत्तर- |
निषेधात्मक वाक्य |
| माधव पौधे को पानी दो । | काजल कागज़ मत फाड़ो । |
| – पायल खिड़की खोल दीजिए । | – नैना तेज आवाज मत करो । |
| – शीला इधर आओ । | – बबलू खिड़की पर मत बैठो। |
| – अमरजीत विकास के साथ खेलने जाओ। | – अमर किताब मत खोलो। |
| – अमित सबको खाने के लिए अनार दो । | – कृष्णा इमली मत खाओ । |
(ख) विवेक नीचे दिए गए गद्यांश में विराम चिह्न लगाना भूल गया । आप उचित स्थान पर उपयुक्त ‘विराम चिह्न’ लगाकर उसकी सहायता कीजिए ।
सोहन को एक बीज मिला सोहन ने उसे जमीन में बो दिया वह रोज पानी देता कुछ ही दिनों में वहाँ एक पौधा निकल आया पौधे को देखकर उसका दोस्त खुश हुआ बोला वाह क्या सुंदर पौधा उगा है इसमें तुमने क्या-क्या डाला है सोहन बोला अरे ज्यादा कुछ नहीं बस पानी खाद और मच्छरों से बचाने के लिए नीम का घोल छिड़का है
उत्तर:
सोहन को एक बीज मिला। सोहन ने उसे जमीन में बो दिया। वह रोज़ पानी देता, कुछ ही दिनों में वहाँ एक पौधा निकल आया। पौधे को देखकर उसका दोस्त खुश हुआ । बोला वाह ! क्या सुंदर पौधा उगा है ? इसमें तुमने क्या – क्या डाला है? सोहन बोला अरे ज्यादा कुछ नहीं बस पानी, खाद और मच्छरों से बचाने के लिए नीम का घोल छिड़का है ।
पूँछ किसकी है? प्रश्न उत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
बन्दर किसे पकड़ने के लिए छलाँग लगाता है ?
(क) मछली को
(ख) गिलहरी को
(ग) तितलियों को
(घ) खरगोश को
उत्तर:
(ग) तितलियों को
प्रश्न 2.
बन्दर कहाँ गिरता है ?
(क) तालाब में
(ख) नदी में
(ग) पत्थरों के बीच
(घ) पेड़ से नीचे मिट्टी पर
उत्तर:
(ग) पत्थरों के बीच
प्रश्न 3.
खरगोश अपनी पूँछ का क्या उपयोग बताता है ?
(क) बैठने के लिए
(ख) दुश्मन से बचने के लिए
(ग) पेड़ पर चढ़ने के लिए
(घ) सजावट के लिए
उत्तर:
(ख) दुश्मन से बचने के लिए
प्रश्न 4.
अन्त में बन्दर ने क्या महसूस किया?
(क) पूँछ किसी काम की नहीं है ।
(ख) पूँछ का कोई महत्त्व नहीं है।
(ग) पूँछ जरूरी अंग होती है ।
(घ) सब जानवर गलत थे ।
उत्तर:
(ग) पूँछ जरूरी अंग होती है ।
प्रश्न 5.
छिपकली ने पूँछ के बारे में क्या बताया ?
(क) पूँछ की कोई जरूरत नहीं होती ।
(ख) पूँछ बहुत जरूरी होती है ।
(ग) पूँछ नई आ जाती है ।
(घ) पूँछ सिर्फ सुन्दरता बढ़ाती है ।
उत्तर:
(ग) पूँछ नई आ जाती है ।
प्रश्न 6.
मछली ने बन्दर से क्या कहा ?
(क) यह मेरी पूँछ है
(ख) यह तेरी पूँछ है
(ग) मैं पूँछ के बिना नहीं तैर सकती
(घ) पूँछ किसी की नहीं होती
उत्तर:
(ग) मैं पूँछ के बिना नहीं तैर सकती
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(उग, हैरान, छलाँग, तितली)
प्रश्न 1.
मछली ने पानी में ………. लगाकर दिखाई ।
उत्तर:
छलाँग
प्रश्न 2.
एक भी ………. उसके हाथ नहीं आई ।
उत्तर:
तितली
प्रश्न 3.
छोटा बन्दर ……… रह गया।
उत्तर:
हैरान
प्रश्न 4.
मेरी नई पूँछ अपने आप ………जाएगी।
उत्तर:
उग ।

सत्य / असत्य
- बन्दर ने तितली को पकड़ने के लिए छलाँग लगाई थी ।
- मछली ने कहा कि वह पूँछ के बिना तैर सकती है ।
- छिपकली ने कहा कि उसे पूँछ की कभी आवश्यकता नहीं होती ।
- बन्दर अन्त में समझ गया कि पूँछ सभी के लिए जरूरी है
उत्तर:
- सत्य
- असत्य
- असत्य
- सत्य
उचित मिलान कीजिए-

उत्तर:
1. (घ)
2. (क)
3. (ख)
4. (ग)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
बन्दर को पूँछ कहाँ मिली ।
उत्तर:
बन्दर को पूँछ जमीन पर पड़ी मिली।
प्रश्न 2.
बन्दर ने सबसे पहले पूँछ किसकी समझी ?
उत्तर:
बन्दर ने सबसे पहले पूँछ मछली की समझी।
प्रश्न 3.
गिलहरी ने पूँछ को किस लिए जरूरी बताया ?
उत्तर:
गिलहरी ने पूँछ को सन्तुलन बनाए रखने के. लिए जरूरी बताया।
प्रश्न 4.
छिपकली ने अपनी पूँछ क्यों छोड़ दी थी ?
उत्तर:
छिपकली ने साँप से बचने के लिए अपनी पूँछ छोड़ दी थी ।
प्रश्न 5.
बन्दर ने गिलहरी से क्या पूछा?
उत्तर:
बन्दर ने पूछा कि क्या यह पूँछ तुम्हारी है।
प्रश्न 6.
छोटा बन्दर पूँछ किसे देना चाहता था?
उत्तर:
छोटा बन्दर पूँछ छिपकली को देना चाहता था।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
गिलहरी ने पूँछ के बारे में क्या बताया ?
उत्तर:
गिलहरी ने कहा कि वह अपनी पूँछ से छलाँग लगाती है। ऊँचाई से कूदने पर पूँछ उसे सन्तुलन देती है। इसलिए पूँछ उसके लिए बहुत जरूरी है।
प्रश्न 2.
बन्दर को अन्त में क्या समझ आया ?
उत्तर:
बन्दर को समझ आया कि हर जानवर की पूँछ की अपनी-अपनी उपयोगिता होती है । कोई भी पूँछ बिना वजह नहीं होती । उसे अपनी गलती का एहसास हुआ ।

प्रश्न 3.
“तुम्हारी पूँछ में सफेद धब्बे हैं ।” इसका खरगोश ने क्या उत्तर दिया?
उत्तर:
खरगोश ने कहा- जंगल में सियार, भेड़िये सब हमें ढूँढ़ते फिरते हैं । हमारा भूरा रंग शत्रु को आसानी से दिखाई नहीं देता । जब भी खतरा हो, मैं आगे-आगे पूँछ उठाकर भागता हूँ तब मेरे बच्चे मेरे पीछे सफेद रंग की पूँछ को देखते हुए भागते हैं ।
प्रश्न 4.
बन्दर को पूँछ की महत्ता कैसे समझ में आयी?
उत्तर:
बन्दर ने देखा कि पूँछ के बिना मछली तैर नहीं सकती । हुदहुद पेड़ पर खड़ी नहीं हो सकती । गिलहरी कूद नहीं सकती । खरगोश अपने बच्चों को दुश्मन से बचा नहीं सकता। पूँछ के बिना मैं भी पेड़ की शाखाओं पर झूल नहीं सकता । अतः पूँछ का होना जरूरी है। दीर्घउत्तरीय एवं
निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
इस कहानी से हमें क्या सीख मिलती है?
उत्तर:
इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि हर जीव के प्रत्येक अंग का महत्व होता है । कोई भी चीज व्यर्थ नहीं होती। हमें बिना जाने किसी की चीज को नहीं लेना चाहिए। दूसरों की बातों को ध्यान से सुनना चाहिए। हमें किसी प्राणी की बाहरी बनावट या कमी का मजाक़ नहीं उड़ाना चाहिए । बन्दर ने खरगोश की पूँछ पर सवाल उठाया, लेकिन खरगोश ने चतुराई से बन्दर को उत्तर दिया ।
प्रश्न 2.
अगर आप खरगोश की जगह होते तो क्या करते?
उत्तर:
अगर मैं खरगोश की जगह होता, तो भी मैं शान्त और समझदारी से उत्तर देता। मैं अपनी बात को सम्मानपूर्वक रखता और किसी के अपमान का जवाब अपमान से नहीं देता । मैं यह दिखाता कि बुद्धिमानी से भी जवाब दिया जा सकता है। मैं भी यह साबित करता कि सोच की समझदारी से व्यक्ति की पहचान होती है।
पठित गद्यांश
(1)
अचानक उसने जमीन पर कुछ हिलते हुए देखा । बंदर ध्यान से देखने लगा । वह एक पूँछ थी । ‘अरे! कहीं मेरी पूँछ तो नहीं कट गई?” उसने अपनी पूँछ को छूकर देखा । वह अपनी जगह सुरक्षित थी । फिर यह किसकी पूँछ हैं! सोचते हुए बंदर चल पड़ा। तालाब में उसे एक मछली दिखाई दी।
प्रश्न –
- बन्दर को जमीन पर क्या दिखाई दी ?
- बन्दर ने किसे छूकर देखा ?
- तालाब में बन्दर को क्या दिखाई दी ?
- बन्दर क्या सोचते हुए चल पड़ा ?
उत्तर:
- बन्दर को जमीन पर हिलती हुई पूँछ दिखाई दी ।
- बन्दर ने अपनी पूँछ को छूकर देखा ।
- तालाब में बन्दर को एक मछली दिखाई दी।
- ‘यह किसकी पूँछ है !’ सोचते हुए बन्दर चल पड़ा।
(2)
खरगोश – जंगल में सियार, भेड़िये सब हमें ढूँढते फिरते हैं । हमारा भूरा रंग शत्रु को आसानी से दिखाई नहीं देता । जब भी खतरा हो, मैं आगे-आगे पूँछ उठाकर भागता हूँ तब मेरे बच्चे मेरे पीछे सफेद रंग की पूँछ को देखते हुए भागते हैं ।
ऐसी भी होती है पूँछ ! छोटा बंदर हैरान रह गया । तभी बंदर को एक छिपकली दिखाई दी। उसकी पूँछ नहीं थी ।
प्रश्न –
- खरगोश को जंगल में कौन ढूंढते फिरते हैं?
- खरगोश का कौनसा रंग शत्रु को नहीं दिखाई देता?
- खरगोश के बच्चे कैसे चलते हैं?
- छिपकली कैसी थी ?
उत्तर:
- खरगोश को सियार, भेड़िये आदि जानवर ढूँढते फिरते हैं।
- खरगोश का भूरा रंग शत्रु को आसानी से दिखाई नहीं देता ।
- खरगोश आगे-आगे पूँछ उठाकर भागता है तब उसके बच्चे उसकी सफेद रंग की पूँछ को देखते हुए चलते हैं।
- छिपकली के पूँछ नहीं थी ।
पूँछ किसकी है? Summary in Hindi
यह पाठ एक छोटे बन्दर की कहानी है, जो एक दिन पेड़ से गिर जाता है और उसे लगता है कि उसकी पूँछ खो गई। लेकिन नीचे गिरी पूँछ उसकी नहीं थी। वह उस पूँछ के बारे में मछली, हुदहुद, गिलहरी, खरगोश और छिपकली से पूछता है कि क्या यह पूँछ उनकी है। सभी अपनी पूँछ के काम और उपयोग बताकर यह स्पष्ट करते हैं कि पूँछ कितनी जरूरी होती है ।

छिपकली ने बताया कि पूँछ की अपनी उपयोगिता होती है और कल ही उसकी पूँछ एक साँप से बचते समय टूट गई थी । लेकिन चिन्ता करने की जरूरत नहीं है क्योंकि नई पूँछ फिर उग आएगी। अंत में बन्दर कहता है कि अच्छा हुआ ‘मेरी भाग-दौड़ खत्म हुई । जिसकी पूँछ वो ही जाने ।’ कहकर बन्दर ने चैन की साँस ली। अतः इस पाठ में बताया गया है कि हर जीव की अपनी पहचान और उपयोगिता होती है ।
कठिन शब्दार्थ —
- मँडराते हुए = ऊपर-नीचे उड़ते हुए ।
- हरकत = शरारत ।
- धम्म = गिरने की आवाज ।
- हुदहुद = कठफोड़वा पक्षी ।
- धब्बे = दाग, निशान ।
- घबरा गया = डर गया / परेशान हो गया।
- समझदारी = बुद्धिमानी ।
- हैरान = आश्चर्यचकित ।
- दुश्मन = शत्रु, विरोधी।
- फिक्र = चिन्ता ।
- झूल नहीं सकती = शाखाओं पर लटक नहीं सकती।
- चौंक = आश्चर्य से देखने की अवस्था ।
- चैन = राहत ।
Leave a Reply