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RBSE Class 4 Hindi Chapter 6 मेरी जैसलमेर यात्रा Question Answer
मेरी जैसलमेर यात्रा Question Answer
अभ्यास कार्य
आओ बात करें-
प्रश्न 1.
जैसलमेर के किले को ‘सोनारगढ़’ कहा जाता है। इसका क्या कारण है?
उत्तर:
यह किला पीले रंग के बलुआ पत्थरों से बना है। सूरज की रोशनी जब इस किले पर पड़ती है तो यह सोने जैसा चमकता है । इसी कारण इसे सोनारगढ़ (सोने का किला) कहा जाता है।
प्रश्न 2.
गड़ीसर झील जैसलमेर के लिए क्यों खास है?
उत्तर:
गड़ीसर झील जैसलमेर के लोगों के लिए पानी का मुख्य स्रोत है और झील के चारों ओर खूबसूरत मन्दिर और छतरियाँ बनी हैं। इस कारण ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध है।
प्रश्न 3.
जैसलमेर की हवेलियाँ किस लिए प्रसिद्ध हैं?
उत्तर:
जैसलमेर की हवेलियाँ अपनी सुन्दर नक्काशी, जालीदार खिड़कियों और भव्य निर्माण के लिए प्रसिद्ध हैं। ये हवेलियाँ जैसलमेर की कला, संस्कृति और स्थापत्य का अद्भुत उदाहरण हैं ।
प्रश्न 4.
अगर आप जैसलमेर जाते तो वहाँ सबसे पहले क्या करना पसन्द करते और क्यों?
उत्तर:
अगर मैं जैसलमेर जाती, तो सबसे पहले सोनार किला देखने जाना पसन्द करती क्योंकि वह ऐतिहासिक व भव्य है और सुनहरे पत्थरों से बना हुआ है।
प्रश्न 5.
क्या आपने कभी पारम्परिक लोकनृत्य या लोकसंगीत देखा या सुना है? यदि हाँ, तो कैसा लगा?
उत्तर:
हाँ, मैंने पारम्परिक लोकनृत्य और लोकसंगीत देखा और सुना है । यह बहुत ही मनभावन, रंग-बिरंगा और सांस्कृतिक आनन्द से भरपूर अनुभव था । जिसमें संगीत की मधुरता और नृत्य का उत्साह दोनों शामिल था।
प्रश्न 6.
रेत के धोरों पर ऊँट आराम से कैसे चल पाता होगा?
उत्तर:
रेत के धोरों पर ऊँट आराम से चल पाता है। क्योंकि उसके पैरों के नीचे चौड़े और गद्दीदार पंजे होते हैं। ये पंजे रेत में धँसते नहीं, जिससे ऊँट को सन्तुलन बनाए रखने और आसानी से चलने में मदद मिलती है ।
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प्रश्न 7.
यदि आपके पास जादुई कालीन आ जाए तो अपनी कक्षा के साथियों को उस पर बिठाकर कहाँ की सैर करवाना चाहेंगे?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें ।

सोचो और लिखों-
(क) प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए-
प्रश्न 1.
पाठ में किस नृत्य की चर्चा की गई है ?
(अ) घूमर
(ब) गैर
(स) तेरहताली
(द) कालबेलिया
उत्तर:
(द) कालबेलिया
प्रश्न 2.
जैसलमेर की किस हवेली को मोर की गर्दन की
तरह बनाया गया है ?
(अ) सालिमसिंह की हवेली
(ब) नथमल की हवेली
(स) रामपुरिया हवेली
(द) गोयनका हवेली
उत्तर:
(अ) सालिमसिंह की हवेली
(ख) रिक्त स्थान की पूर्ति कीजिए-
प्रश्न 1.
रेत पर अँगुलियों से नाम और आकृतियाँ बनाना ……… था।
उत्तर:
रोमांचक
प्रश्न 2.
किले के ऊँचे ………. पर खड़े होकर पूरा शहर दिखाई देता था।
उत्तर:
बुर्ज
प्रश्न 3.
सोनार किला देखने के बाद हम ………. झील गए।
उत्तर:
गड़ीसर ।
(ग) वाक्य पढ़कर सत्य / असत्य बताइए-
प्रश्न 1.
पटवों की हवेली पाँच अलग-अलग हवेलियों का समूह है।
उत्तर:
सत्य
प्रश्न 2.
नंगे पैरों से रेत गरम और भारी लग रही थी ।
उत्तर:
असत्य
प्रश्न 3.
ऊँट रेगिस्तान में परिवहन का मुख्य साधन रहा है ।
उत्तर:
सत्य
मेरी बात सबकी बात –
प्रश्न 1.
पाठ में ऊँट की सवारी के अनुभव को मजेदार तरीके से बताया गया है । इसे अपने शब्दों में बताओ।
उत्तर:
लेखिका ने वहाँ ऊँट की सवारी की, ऊँट की पीठ पर बैठना थोड़ा मुश्किल होता है, बैठने के बाद उसकी चाल झूले जैसी होती है। जिस पर से गिरने की संभावना बनी रहती है। थोड़े से अभ्यास के बाद आनन्द आने लगता है ।
प्रश्न 2.
पाठ में जैसलमेर में रेत पर चलने का अनुभव बताया है। जब आप नंगे पैर पानी में चलते हैं तो आपको क्या क्या महसूस होता है ? बताओ ।
उत्तर:
नंगे पैर यदि हम पानी पर चलते हैं तो पानी की लहरों का स्पर्श करते ही शीतलता का रोमांच होने लगता है और मन करता है कि हम इसी की लहरों के साथ-साथ तैरते रहें । मन में खुशी की उमंग बढ़ती रहे ।
प्रश्न 3.
सूर्यास्त के समय जैसलमेर के आकाश का जो वर्णन किया गया है, उसे अपने शब्दों में बताओ।
उत्तर:
जैसलमेर में सूर्यास्त के समय आकाश सुनहरे रंगो से युक्त हो जाता है । वहाँ किला एवं हवेलियाँ सोने के समान चमकती हैं। वहाँ का सम्पूर्ण वातावरण सुनहरा एवं मनमोहक दिखाई देता है
प्रश्न 4.
राजस्थान में प्रचलित कथन ‘पधारो म्हारे देश’ का क्या अर्थ है ?
उत्तर:
राजस्थान में प्रचलित कथन ‘पधारो म्हारे देश’ का अर्थ है- ‘आपका हमारे देश (राजस्थान) में सादर स्वागत है।’ यह वाक्य राजस्थान के अतिथि सत्कार और संस्कृति को दर्शाता है, जहाँ मेहमान को भगवान का रूप माना जाता है ।

पढ़ो और जानो-
प्रश्न 1.
नीचे दी गई तालिका में लिखिए कि जैसलमेर के बारे में आपको इस पाठ से पहले क्या पता था और पाठ पढ़ने के बाद क्या नया पता चला।

उत्तर:
| पहले से क्या पता था | पाठ पढ़ने के बाद क्या नया पता चला |
| लेखिका को पता था कि जैसलमेर थार के रेगिस्तान में स्थित है जहाँ दूर-दूर तक रेत-ही-रेत, सूरज की तेज धूप, खेजड़ी के पेड़ एवं रेगिस्तान का जहाज ऊँट होता है । | बाद में लेखिका को ज्ञात हुआ कि जैसलमेर स्वर्णनगरी है। जहाँ लोक कलाएँ व्याप्त हैं । वहाँ का किला एवं हवेलियाँ इतिहास, संस्कृति और कला का अद्भुत संगम है। |
प्रश्न 2.
यात्रा में आपको सबसे अच्छा क्या लगा और क्यों ?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें ।
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प्रश्न 3.
जैसलमेर की लोककला में ‘कालबेलिया नृत्य’ और ‘मांड गायन’ बहुत प्रसिद्ध हैं। आप अपने शिक्षक या परिजनों की मदद से जानकारी प्राप्त करके तालिका में इनके बारे में लिखिए ।

उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें ।
प्रश्न – नीचे दी गई पंक्तियाँ पढ़कर चलो मजेदार प्रश्न बनाते हैं-
जैसलमेर में पटवों की हवेली पाँच अलग-अलग हवेलियों का समूह है। इसकी जालीदार खिड़कियाँ और सोने जैसी चमकती दीवारों की सुंदरता देखते ही बनती है।
उदाहरण— पटवों की हवेली कहाँ पर है?
- ……………
- ……………
उत्तर:
- पाँच हवेलियों के समूह को क्या कहा गया है ?
- ‘पटवों की हवेली’ की विशेषता बताओ ।
भाषा की बात –
जैसलमेर एक सुंदर शहर है। यह राजस्थान में स्थित है । मैंने अपने दोस्तों के साथ जैसलमेर का किला देखा । वह बहुत भव्य था । हमारे मार्गदर्शक ने हमें बताया कि यह किला बहुत पुराना है । ऊँटों की सवारी करना हमें बहुत अच्छा लगा । हम जब रेगिस्तान में घूम रहे थे तब रेत बहुत गर्म थी। शाम को सूर्यास्त का नजारा देखने लायक था । वहाँ के संगीत और नृत्य ने हमें मंत्रमुग्ध कर दिया ।
गद्यांश के आधार पर संज्ञा और सर्वनाम शब्दों को पहचान कर तालिका में लिखिए-

उत्तर:
| संज्ञा शब्द | सर्वनाम शब्द |
| जैसलमेर, शहर, राजस्थान, किला, ऊँटों, रेगिस्तान, रेत, दोस्तों, मार्गदर्शक, संगीत, नृत्य, मन्त्रमुग्ध, सूर्यास्त, सवारी, नजारा |
यह, मैंने, अपने, वह, हमारे, हमें, वहाँ, हम |
यह भी करें-
आप अपनी दादी के साथ स्थानीय बाजार का भ्रमण करके लौटे हैं । वहाँ आपने खिलौने, पुस्तक, कपड़े, मिठाई, फल और यातायात के साधन देखे हैं आप अपने मित्र गोलू को संवाद के माध्यम से अपने अनुभव बताएँ—
गोलू – अरे अमित ! आज तुम अपनी दादी के साथ बाजार गए थे। बताओ वहाँ तुमने क्या-क्या देखा और कैसा लगा?
मैं – ओह बहुत अच्छा लगा। वहाँ मैंने बोलने वाला रोबोट देखा ।
गोलू – ……………………………………..
मैं – ………………………………………..
गोलू – ……………………………………..
मैं – ………………………………………..
गोलू – ……………………………………..
मैं – ………………………………………..
गोलू – ……………………………………..
मैं – ………………………………………..
दोनों मुस्कुराते हुए दादी के साथ मेले जाने की योजना बनाते हैं।
उत्तर:
गोलू – अरे अमित ! आज तुम अपनी दादी के साथ बाजार गए थे। बताओ वहाँ तुमने क्या-क्या देखा और कैसा लगा?
मैं – ओह बहुत अच्छा लगा। वहाँ मैंने बोलने वाला रोबोट देखा ।
गोलू – बाजार में अपने खेलने के कौनसे सामान थे?
मैं – वहाँ गेंद, बल्ला, रिगं बाल, टेनिस, लूडो, शतरंज आदि सामान थे ।
गोलू – पुस्तक – बाजार से क्या लाए ?
मैं – पुस्तक-बाजार से पाठ्यपुस्तकें, उत्तर- पुस्तिकाएँ एवं स्टेशनरी लाया हूँ ।
गोलू – विद्यालय की ड्रेस भी लाए हो क्या ?
मैं – नहीं, कल पिताजी के साथ जाकर और भी कपड़ों के साथ लाऊँगा ।
गोलू – तुमने वहाँ यातायात के कौनसे साधन देखे ?
मैं – बाजार में दुपहिया, चौपहिया, ऑटोरिक्शा, ई रिक्शा, बस आदि वाहन कतार बद्ध तरीके से चल रहे थे।
मेरी जैसलमेर यात्रा प्रश्न उत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
जैसलमेर किस राज्य में स्थित है ?
(क) गुजरात
(ख) पंजाब
(ग) राजस्थान
(घ) मध्यप्रदेश
उत्तर:
(ग) राजस्थान
प्रश्न 2.
जैसलमेर की हवेलियाँ किस लिए प्रसिद्ध हैं?
(क) सुन्दरता एवं विशालता के लिए
(ख) सुन्दर नक्काशी के लिए
(ग) रंगीन चमकती दीवारों के लिए
(घ) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(घ) उपर्युक्त सभी
प्रश्न 3.
लेखिका ने जैसलमेर में किस सवारी का आनन्द लिया ?
(क) घोड़े की
(ख) ऊँट की
(ग) बैलगाड़ी की
(घ) हाथी की
उत्तर:
(ख) ऊँट की
प्रश्न 4.
‘पधारो म्हारे देश’ कहावत किसकी मेहमान नवाजी दर्शाती है ?
(क) गुजरात की
(ख) पंजाब की
(ग) राजस्थान की
(घ) महाराष्ट्र की
उत्तर:
(ग) राजस्थान की
प्रश्न 5.
जैसलमेर में सूर्य की रोशनी में इमारतें कैसी दिखती हैं?
(क) चाँदी जैसी
(ख) ताँबे जैसी
(ग) सोने जैसी
(घ) पत्थर जैसी
उत्तर:
(ग) सोने जैसी
प्रश्न 6.
जैसलमेर में पर्यटक क्या करना पसन्द करते हैं?
(क) समुद्र तट पर घूमना
(ख) रेगिस्तान में ऊँट की सवारी
(ग) बर्फबारी देखना
(घ) नदी में नाव चलाना
उत्तर:
(ख) रेगिस्तान में ऊँट की सवारी
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(जैसलमेर, बच्चे, संस्कृति, विशाल, ऊँट)
प्रश्न 1.
रेत के धोरों में ………….. खेल रहे थे ।
उत्तर:
बच्चे
प्रश्न 2.
मुझे मामाजी के साथ ………… भ्रमण का मौका मिला ।
उत्तर:
उत्तर:
जैसलमेर
प्रश्न 3.
जैसलमेर की हवेलियाँ बहुत सुन्दर और ……… हैं ।
उत्तर:
विशाल
प्रश्न 4.
जैसलमेर इतिहास, ……….. और कला का अद्भुत संगम है।
उत्तर:
संस्कृति ।
सत्य/असत्य-
- लेखिका ने जैसलमेर में ऊँट की सवारी का आनन्द लिया ।
- जैसलमेर की हवेलियाँ साधारण और बिना नक्काशी की होती हैं।
- जैसलमेर में कठपुतली का खेल भी देखा गया।
- ‘पधारो म्हारे देश’ राजस्थान की कहावत नहीं है ।
उत्तर:
- सत्य
- असत्य
- सत्य
- असत्य।
उचित मिलान कीजिए-

उत्तर:
1. (ग)
2. (घ)
3. (क)
4. (ख)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
लेखिका जैसलमेर किसके साथ गयी थी?
उत्तर:
लेखिका जैसलमेर अपने मामाजी के साथ गयी थी ।
प्रश्न 2.
जैसलमेर को स्वर्णनगरी क्यों कहा जाता है ?
उत्तर:
क्योंकि वहाँ की इमारतें पीले पत्थर से बनी हैं और सूरज की रोशनी में सोने जैसी चमकती हैं ।
प्रश्न 3.
जैसलमेर में पर्यटक कौन-सी परम्परागत कला देखते हैं?
उत्तर:
जैसलमेर में पर्यटक कालबेलिया नृत्य, मांड गायन, कठपुतली खेल और लोकसंगीत देखते हैं ।
प्रश्न 4.
हवेली के दरवाजे एवं खम्भे कैसे हैं?
उत्तर:
हवेली के दरवाजे एवं खम्भों की नक्काशी बहुत आकर्षक है।
प्रश्न 5.
कौनसी हवेली को बहुत बारीकी से तराशा गया है?
उत्तर:
नथमल की हवेली को ।
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प्रश्न 6.
लेखिका ने जैसलमेर की यात्रा को कैसा अनुभव बताया?
उत्तर:
लेखिका ने इसे अविस्मरणीय और खास अनुभव बताया । लेखिका जब भी जैसलमेर के बारे में सोचती है तो यादें ताजा हो जाती हैं ।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
लेखिका जैसलमेर की यात्रा पर क्यों गयी थी ?
उत्तर:
लेखिका अपने मामाजी के साथ जैसलमेर घूमने गयी थी। वे वहाँ की संस्कृति, किला, हवेलियाँ देखने और ऊँट की सवारी का आनन्द लेना चाहती थी। यह उनके लिए एक रोमांचकारी अनुभव था ।
प्रश्न 2.
लेखिका ने ऊँट की सवारी का अनुभव कैसा बताया है?
उत्तर:
लेखिका ने ऊँट की सवारी को नया अनुभव बताया । रेगिस्तान की रेत पर ऊँट की चाल धीमी और लहराती होती है, उसकी पीठ पर बैठना थोड़ा मुश्किल था। लेकिन बाद में लेखिका ऊँट पर बैठकर उसकी लय में रम गयी थी ।
प्रश्न 3.
राजस्थान पर्यटन में कौनसी कहावत प्रसिद्ध है?
उत्तर:
राजस्थान पर्यटन में ‘पधारो म्हारे देश’ कहावत प्रसिद्ध है । यह कहावत राजस्थान की अतिथि सत्कार परम्परा को दर्शाती है। इसका अर्थ है- ” आप हमारे देश में सादर आमन्त्रित हैं ।” यह राजस्थान की मेहमान- नवाजी को दर्शाती है ।
प्रश्न 4.
जैसलमेर की यात्रा लेखिका के लिए क्यों यादगार रही?
उत्तर:
लेखिका ने वहाँ ऐतिहासिक किला, सुन्दर हवेलियाँ, ऊँट की सवारी और लोकनृत्य देखे। इन सब अनुभवों ने इस यात्रा को उनके लिए अविस्मरणीय और ‘खास’ बना दिया ।
दीर्घउत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
लेखिका ने रेगिस्तान की रेत का कैसा वर्णन किया?
उत्तर:
लेखिका को रेगिस्तान की रेत हमारे खेत की मिट्टी से बहुत अलग लगी। जब लेखिका ने रेत को मुट्ठी में लिया तो वह पानी की तरह फिसलने लगी नंगे पैरों में रेत नरम और हल्की लग रही थी । हर कदम पर पैर अन्दर धँस जाते थे । रेत पर चलना अपने आप में एक खेल जैसा था । रेत पर अँगुलियों से नाम और आकृतियाँ बनाना रोमांचक था ।
प्रश्न 2.
जैसलमेर के किले की विशेषताएँ क्या हैं?
उत्तर:
जैसलमेर का किला पीले पत्थर से बना है, जो सूर्य की रोशनी में सुनहरा दिखाई देता है । यह किला ऊँचे टीले पर स्थित है और दूर से देखने पर एक विशाल महल लगता है। इसके अन्दर हवेलियाँ, मन्दिर और बाजार हैं । यह किला राजपूताना शौर्य का सुन्दर उदाहरण है। इसकी दीवारें मजबूत और कलात्मक हैं। इसके ऊँचे बुर्ज से पूरा शहर दिखाई देता है ।
प्रश्न 3.
जैसलमेर की हवेलियाँ पर्यटकों को क्यों आकर्षित करती हैं?
उत्तर:
जैसलमेर की हवेलियाँ सुन्दर नक्काशी और जालीदार खिड़कियों के लिए जानी जाती हैं । इनमें पत्थरों पर बारीक और कलात्मक काम किया गया है, जो स्थापत्य कला का अद्भुत उदाहरण है । हवेलियाँ जैसे – नथमल की हवेली और सालिमसिंह की हवेली प्रसिद्ध हैं । इनका स्थापत्य देखकर पर्यटक चकित रह जाते हैं। ये हवेलियाँ जैसलमेर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाती हैं ।
पठित गद्यांश
(1)
हमने जैसलमेर का किला देखा। इसे सोनारगढ़ भी कहा जाता है क्योंकि सूरज की रोशनी में यह सोने की तरह चमकता है । यह किला बहुत बड़ा और अनोखा है। यहाँ अब भी लोग रहते हैं। छोटे-छोटे घर, दुकानें और मंदिर किले के अंदर ही हैं। कुछ कारीगर हस्तशिल्प सामग्री, खिलौने और रंग-बिरंगे कपड़े बेच रहे थे । पारंपरिक जूतियाँ बहुत आकर्षक लग रही थीं। किले के ऊँचे बुर्ज पर खड़े होकर पूरा शहर दिखाई देता था । वहाँ से दूर तक सुनहरी रेत फैली हुई थी। यहाँ का वातावरण बहुत मनमोहक था।
प्रश्न –
- सोनारगढ़ किसे कहा जाता है ?
- जैसलमेर का किला किसकी तरह चमकता है ?
- जैसलमेर के किले में कारीगर क्या करते हैं ?
- सोनारगढ़ के बुर्ज से क्या दिखाई देता है ?
उत्तर:
- जैसलमेर के किले को सोनारगढ़ भी कहा जाता है।
- सोने की तरह चमकता है ।
- जैसलमेर के किले में कारीगर हस्तशिल्प सामग्री, खिलौने और रंग-बिरंगे कपड़े बेच रहे थे
- सोनारगढ़ के बुर्ज से पूरा शहर दिखाई देता है ।
(2)
हमने जैसलमेर की प्रसिद्ध हवेलियाँ देखीं। ये हवेलियाँ बहुत सुंदर और विशाल हैं। पटवों की हवेली पाँच अलग-अलग हवेलियों का समूह है। इसकी जालीदार खिड़कियाँ और सोने जैसी चमकती दीवारों की सुंदरता देखते ही बनती है । नथमल की हवेली को बहुत बारीकी से तराशा गया है। यहाँ के दरवाजे और खंभों की नक्काशी बहुत आकर्षक है । सालिमसिंह की हवेली को मोर की गर्दन की तरह बनाया गया है । इन हवेलियों की कला और बनावट ने मुझे बहुत प्रभावित किया ।
प्रश्न –
- जैसलमेर की हवेलियाँ कैसी हैं ?
- पटवों की हवेली की क्या विशेषता है ?
- नथमल की हवेली क्यों प्रसिद्ध है?
- सालिमसिंह की हवेली किस की तरह बनी हुई है ?
उत्तर:
- जैसलमेर की हवेलियाँ बहुत सुन्दर और विशाल हैं ।
- पटवों की हवेली पाँच अलग-अलग हवेलियों का समूह है। इसकी जालीदार खिड़कियाँ और सोने जैसी चमकती दीवारें सुन्दर दिखती हैं।
- नथमल की हवेली दरवाजे और खम्भों पर आकर्षक नक्काशी के कारण प्रसिद्ध है।
- सालिमसिंह की हवेली मोर की गर्दन की तरह बनी हुई है।
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मेरी जैसलमेर यात्रा Summary in Hindi
इस पाठ में लेखिका ने अपनी जैसलमेर यात्रा के अनुभवों को साझा किया है । लेखिका अपने मामाजी के साथ जैसलमेर गयी और वहाँ की सुन्दरता से बहुत प्रभावित हुई । जैसलमेर की रेत, सुनहरा वातावरण, ऊँट की सवारी और वहाँ की लोक संस्कृति लेखिका को बहुत अनोखी लगी ।
रेत के टीलों पर खेलना, ढोल और लोकगीतों का आनन्द लेना और जैसलमेर के किले, हवेलियाँ व गड़ीसर झील की भव्यता इस यात्रा को विशेष बनाते हैं । हवेलियों की नक्काशी, झील की सुन्दरता और पारम्परिक कलाओं ने लेखिका के मन को छू लिया । लेखिका को जैसलमेर की यह यात्रा हमेशा याद रहेगी क्योंकि इसमें इतिहास, संस्कृति और कला का अद्भुत संगम है।

कठिन शब्दार्थ –
- भ्रमण = घूमना ।
- असहज = विचलित, बैचेन ।
- उत्साहित = बहुत खुश और उमंग से भरा ।
- जगह = स्थान |
- खास = विशेष ।
- रोमांचक = जो साहसिक और आनन्द देने वाला हो ।
- स्रोत = माध्यम, साधन ।
- कठपुतली = डोरी से चलने वाला लकड़ी का पुतला ।
- बारीकी = सूक्ष्मता ।
- संगम = मिलन ।
- हवेली = बड़ी और सुन्दर पारम्परिक इमारत ।
- नक्काशी = चित्रकारी ।
- आकर्षक = मन को लुभाने वाला ।
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