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RBSE Class 4 Hindi Chapter 7 बोलने वाली माँद Question Answer
बोलने वाली माँद Question Answer
अभ्यास कार्य
आओ बात करें-
प्रश्न 1.
इस कहानी से आपको क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर:
इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि संकट के समय डरने के बजाय समझदारी और बुद्धिमानी से हमें काम करना चाहिए। जिस प्रकार सियार ने शेर के पैरों के निशान देखकर घबराने की बजाय चालाकी से उसकी उपस्थिति का पता लगाया और अपनी जान बचाई।
प्रश्न 2.
यदि आप सियार की जगह होते तो क्या करते?
उत्तर:
यदि मैं सियार की जगह होता तो डरकर भागने की बजाय, मैं भी सियार की तरह बुद्धिमानी और चालाकी से काम लेकर अपनी जान बचाने की कोशिश करता ।
प्रश्न 3.
शेर ने सियार की बातों पर विश्वास नहीं किया होता तो क्या होता?
उत्तर:
अगर शेर ने सियार की बातों पर विश्वास नहीं किया होता तो सियार को शेर के गुफा में होने का पता नहीं चलता और वह अन्दर चला जाता। ऐसे में शेर उसे मारकर खा सकता था ।
प्रश्न 4.
कहानी का सबसे रोचक हिस्सा आपको कौनसा लगा और क्यों ?
उत्तर:
इस कहानी का सबसे रोचक हिस्सा वह है जब सियार गुफा के बाहर खड़ा होकर गुफा से बात करने का नाटक करता है । क्योंकि सियार की चालाकी और समझदारी यहाँ साफ दिखाई देती है । उसने बड़ी होशियारी से शेर की उपस्थिति का पता लगाया और अपनी जान बचा ली।

सोचो और लिखो-
(क) प्रश्नों के नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए-
प्रश्न 1.
गुफा में रहने वाले सियार का क्या नाम था ?
(अ) धूमकेतु
(ब) दधिपुच्छ
(स) खरनखर
(द) भीमसेन
उत्तर:
(ब) दधिपुच्छ
प्रश्न 2.
‘अरे, तुझे हो क्या गया है ! आज बोलती क्यों नहीं ।” सियार ने यह कथन किससे कहा ?
(अ) शेर से
(ब) लोमड़ी से
(स) गुफा से
(द) अपनी पत्नी से
उत्तर:
(स) गुफा से
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(ख) नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
प्रश्न 1.
इस कहानी से आपको क्या शिक्षा मिलती है?
उत्तर:
इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि संकट के समय डरने के बजाय समझदारी और बुद्धिमानी से काम करना चाहिए। जिस प्रकार सियार ने शेर के पैरों के निशान देखकर घबराने के बजाय चालाकी से उसकी उपस्थिति का पता लगाया और अपनी जान बचाई।
प्रश्न 2.
सियार माँद के अन्दर क्यों नहीं गया?
उत्तर:
माँद के द्वार पर आकर सियार ने देखा तो उसे शेर के पाँवों के निशान दिखाई दिए । निशान माँद की ओर जाने के तो थे पर लौटने के नहीं थे । अतः वह समझ गया कि माँद में शेर हो सकता है इसलिए सियार माँद के अन्दर नहीं गया ।
भाषा की बात-
(क) रिक्त स्थानों पर उचित संज्ञा शब्द भरकर वाक्य पूरा करें-
- ……….. गुफा में रहता था।
- सियार को खाने के लिए गुफा में ……… छुपकर बैठा था ।
उत्तर:
- दधिपुच्छ सियार
- शेर
(ख) नीचे दिए गए वाक्य में संज्ञा शब्द के स्थान पर सर्वनाम का प्रयोग करिए –

उत्तर:

(ग) कहानी में प्रयुक्त कोई पाँच विशेषण शब्द छाँटकर लिखें ।
उत्तर:
- बहुत तेज की भूख
- दुबककर बैठ गया
- झट बोलना
- यह माँद सचमुच जवाब दिया करती है ।
- जिससे पक्का पता चल जाए ।
अनुमान और कल्पना-
प्रश्न 1.
अगर शेर नहीं बोला होता तो आगे क्या हो सकता था ?
उत्तर:
अगर शेर नहीं बोलता, तो सियार गुफा में चला जाता और शेर उसे मार कर खा जाता ।
प्रश्न 2.
सियार की जगह कोई और जानवर होता तो वह कैसे बचने की कोशिश करता ?
उत्तर:
अगर सियार की जगह कोई और जानवर होता, तो शायद वह गुफा में सीधे चला जाता। लेकिन अगर वह भी सतर्क और बुद्धिमान होता, तो कोई और तरकीब से खतरे को पहचानने की कोशिश करता।
प्रश्न 3.
यदि गुफा को बोलने की जादुई शक्ति मिली होती तो कहानी का अन्त कैसा होता?
उत्तर:
यदि गुफा को बोलने की जादुई शक्ति मिल जाती, तो वह शेर की मौजूदगी के बारे में सियार को सच बता देती। ऐसे में सियार आसानी से जान बचाकर भाग सकता और कहानी का अन्त जल्दी हो जाता ।
प्रश्न 4.
यदि अंत में शेर गुफा की आवाज में नहीं बोलता तो कहानी का अंत कैसा होता ? कल्पना करके एक नया अंत लिखें ।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं उत्तर दें ।
प्रश्न 5.
अगर यह कहानी पानी में रहने वाले किसी और जीव जैसे- कछुए या मछली के बारे में होती तो उसमें क्या बदलाव होते ?
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं उत्तर दें ।
खोज आधारित प्रश्न-
प्रश्न 1.
क्या किसी प्राणी की सूझबूझ पर आधारित इस कहानी जैसी अन्य कहानियाँ आपने पहले सुनी हैं? यदि हाँ तो अपने दोस्तों को सुनाएँ ।
उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें ।
प्रश्न 2.
सियार ने अपने आपको कैसे बचाया?
उत्तर:
सियार ने अपनी सूझबूझ एवं चतुराई से नाटक करते हुए गुफा में शेर की मौजूदगी को जाना और वहाँ से भागकर अपनी जान बचाई।
प्रश्न 3.
इस कहानी में कौन-कौनसे पक्षी और जानवरों का उल्लेख किया गया है?
उत्तर:
इस कहानी में शेर, सियार, हिरण एवं चिड़िया का उल्लेख किया गया है।
प्रश्न 4.
शिक्षक की मदद से जंगली जानवरों की जीवनशैली और उनके पर्यावरणीय महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त करें और संक्षेप में लिखें।
उत्तर:
विद्यार्थी शिक्षक सहायता से जानकारी प्राप्त करें ।
बोलने वाली माँद प्रश्न उत्तर
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
शेर को किसकी तलाश थी ?
(क) पानी की
(ख) गुफा की
(ग) शिकार की
(घ) सियार की
उत्तर:
(ग) शिकार की
प्रश्न 2.
सियार ने गुफा के पास क्या देखा?
(क) शेर
(ख) दूसरा सियार
(ग) जानवर
(घ) पैरों के निशान
उत्तर:
(घ) पैरों के निशान
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प्रश्न 3.
सियार गुफा में क्यों नहीं गया ?
(क) वह थक गया था
(ख) उसे भूख नहीं थी
(ग) उसे शेर के पैरों के निशान दिखे
(घ) वह घूमने गया था
उत्तर:
(ग) उसे शेर के पैरों के निशान दिखे
प्रश्न 4.
सियार ने गुफा से कैसे बात की?
(क) डरकर
(ख) हँसते हुए
(ग) नाटक करते हुए
(घ) चिल्लाकर
उत्तर:
(ग) नाटक करते हुए

प्रश्न 5.
सियार कैसा था ?
(क) मूर्ख
(ख) समझदार
(ग) आलसी
(घ) डरपोक
उत्तर:
(ख) समझदार
प्रश्न 6.
गुफा किसकी थी?
(क) शेर की
(ख) सियार की
(ग) हाथी की
(घ) लोमड़ी की
उत्तर:
(ख) सियार की
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
(शेर के पैरों, शिकार, पंचतन्त्र, बात)
प्रश्न 1.
शेर जंगल में ………….. की तलाश में घूम रहा था।
उत्तर:
शिकार
प्रश्न 2.
सियार ने गुफा के बाहर ………. के निशान देखे ।
उत्तर:
शेर के पैरों
प्रश्न 3.
सियार ने गुफा से ……….. करने का नाटक किया ।
उत्तर:
बात
प्रश्न 4.
यह कहानी ……….. से ली गई।
उत्तर:
पंचतन्त्र।
सत्य / असत्य-
- सियार ने बिना देखे ही गुफा में प्रवेश कर लिया ।
- शेर ने सियार की चालाकी को समझ लिया ।
- सियार ने गुफा से बात करने का नाटक किया था ।
- शेर बहुत भूखा था।
उत्तर:
- असत्य
- असत्य
- सत्य
- सत्य।
उचित मिलान कीजिए-

उत्तर:
1. (ख)
2. (क)
3. (घ)
4. (ग)
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
शेर शिकार की तलाश में कहाँ घूमता रहा ?
उत्तर:
शेर शिकार की तलाश में जंगल में था ।
प्रश्न 2.
क्या गुफा बातें करती थी ?
उत्तर:
गुफा कभी बातें नहीं करती थी ।
प्रश्न 3.
सियार ने शेर की उपस्थिति का कैसे पता लगाया?
उत्तर:
गुफा से बात करने का नाटक करके ।
प्रश्न 4.
डर जाने पर क्या हो जाता है ?
उत्तर:
डर जाने पर हाथ-पाँव को काठ मार जाता है।
प्रश्न 5.
शेर गुफा के अन्दर क्यों छिपा था?
उत्तर:
वह किसी जानवर के लौटने की प्रतीक्षा कर रहा था ताकि उसे खा सके ।
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प्रश्न 6.
सियार गुफा से क्या कहकर बात करता है?
उत्तर:
वह कहता है गुफा क्या मैं अन्दर आ जाऊँ ।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
सियार ने शेर की उपस्थिति का पता कैसे लगाया?
उत्तर:
सियार ने गुफा के बाहर शेर के पैरों के निशान देखे । उसने देखा कि निशान अन्दर तो जाते हैं, लेकिन बाहर नहीं आते। इससे उसने समझ लिया कि कोई खतरा है, और उसने गुफा से बात करने का नाटक किया।
प्रश्न 2.
शेर ने सियार की बातों का उत्तर क्यों दिया?
उत्तर:
शेर ने सोचा कि गुफा सच में बोलती है और मेरे डर से आज वह चुप है, इसलिए सियार को बुलाना चाहिए। उसने मूर्खतापूर्ण गुफा की ओर से उत्तर दे दिया, जिससे उसकी उपस्थिति का पता चल गया।
प्रश्न 3.
सियार ने अपनी जान कैसे बचाई ?
उत्तर:
सियार ने चतुराई से काम लिया और शेर की चाल को समझ लिया । उसने गुफा से बात करने का नाटक किया, जिससे शेर ने उत्तर दे दिया । इस तरह सियार शेर की मौजूदगी जानकर भाग गया।
प्रश्न 4.
कहानी में सियार का स्वभाव कैसा दिखाया गया है?
उत्तर:
कहानी में सियार को चतुर और सूझबूझ वाला दिखाया गया है। उसने खतरे को समय पर पहचान कर अपनी जान बचा ली। इस प्रकार वह संकट के समय डरा नहीं बल्कि अपनी बुद्धिमानी का प्रयोग किया ।
दीर्घउत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
इस कहानी से बच्चों को क्या संदेश दिया गया है?
उत्तर:
इस कहानी से बच्चों को संदेश दिया गया है। कि मुश्किल समय में डरने की बजाय सूझबूझ और चतुराई से काम लेना चाहिए । बुद्धिमानी से किसी भी संकट से बचा जा सकता है। जैसे सियार ने सूझबूझ से अपनी जान बचाई और शेर की चाल को समझ लिया। वैसे ही हमें कभी भी आँख मूँदकर किसी बात पर विश्वास नहीं करना चाहिए। समस्याओं का हल चतुराई और धैर्य से किया जा सकता है । इस कहानी का संदेश है कि अक्ल ताकत से बड़ी होती हैं।
प्रश्न 2.
शेर को गुफा के अन्दर बैठने का विचार कैसे आया और वह क्या सोच रहा था ?
उत्तर:
शेर बहुत भूखा था और जंगल में शिकार नहीं मिल रहा था। घूमते-घूमते वह एक गुफा के पास पहुँचा। उसने सोचा कि यह गुफा किसी जानवर की होगी। जो शाम को लौटेगा। वह गुफा के अन्दर छिपकर बैठ गया ताकि जैसे ही वह जानवर लौटे, वह उसे पकड़ कर खा सके। लेकिन वह अपनी मूर्खता के कारण शिकार करने में असफल रहा।
पठित गद्यांश
(1)
एक जंगल में खरनखर नाम का एक शेर रहता था। एक दिन उसे बहुत तेज की भूख लगी । वह शिकार की तलाश में पूरे जंगल में घूमता रहा पर एक चूहा तक हाथ नहीं लगा। इस तलाश में ही शाम हो गई । अँधेरा हो रहा था। इसी समय उसे एक माँद दिखाई दी। रात काटने के लिए वह उसी में घुस गया।
उस माँद में घुसकर उसने सोचा, इसमें कोई न कोई जानवर तो रहता ही होगा। जब वह आराम करने के लिए इसमें घुसेगा, मैं उसे दबोच लूँगा । यह सोचकर वह उस माँद में एक ओर दुबककर बैठ गया ।
प्रश्न –
- शेर का क्या नाम था ?
- शेर जंगल में क्यों घूम रहा था ?
- शेर को जंगल में क्या दिखाई दी ?
- शेर माँद में घुसकर क्या सोचने लगा ?
उत्तर:
- शेर का नाम खरनखर था ।
- शेर जंगल में शिकार की तलाश में घूम रहा था ।
- शेर को जंगल में माँद दिखाई दी।
- शेर ने माँद में घुसकर यह सोचा, इसमें कोई न कोई जानवर तो रहता ही होगा। जब वह आराम करने के लिए इसमें घुसेगा, मैं उसे दबोच लूँगा ।
(2)
उस माँद में दधिपुच्छ नाम का एक सियार रहा करता था। वह माँद की ओर आ रहा था । माँद के द्वार पर आकर उसने देखा तो उसे शेर के पाँवों के निशान दिखाई दिए । निशान माँद की ओर जाने के तो थे पर लौटने के नहीं थे। उसने सोचा, हे भगवान! आज तो मेरी जान पर ही आ बनी। इसके भीतर जरूर कोई शेर घुसा बैठा है। उसे समझ में नहीं आ रहा था वह क्या करे जिससे पक्का पता चल जाए कि शेर इस समय भी उसके भीतर ही है या बाहर निकल गया है।
प्रश्न –
- माँद में कौन रहता था ?
- सियार को माँद के द्वार पर क्या दिखाई दिया ?
- माँद के भीतर कौन बैठा था ?
- “हे भगवान! आज तो मेरी जान पर ही आ बनी।” यहाँ किसकी बात की गई है ?
उत्तर:
- माँद में दधिपुच्छ नाम का एक सियार रहता था ।
- सियार को माँद के द्वार पर शेर के पाँवों के निशान दिखाई दिए ।
- माँद के भीतर शेर बैठा था ।
- यहाँ पर सियार की बात की गई है।
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बोलने वाली माँद Summary in Hindi
यह कहानी एक शेर की है जो शिकार की तलाश में जंगल में घूमता है । एक दिन उसे एक सुनसान गुफा दिखाई देती है। शेर गुफा में जाकर छिप जाता है और सोचता है कि जो भी जानवर इसमें लौटेगा वह उसे मारकर खा जाएगा। शाम को गुफा में रहने वाला सियार लौटता है, लेकिन गुफा के पास शेर के पैरों के निशान देखकर वह चौकन्ना हो जाता है ।

अपनी चालाकी एवं बुद्धिमता से वह गुफा के बाहर खड़े होकर आवाज लगाता है जैसे वह गुफा से बात कर रहा हो । शेर को लगता है कि गुफा सच में बोलती है इसलिए वह जवाब देता है और अपनी उपस्थिति प्रकट कर देता है । सियार उसकी आवाज सुनकर वहाँ से भाग जाता है ।
कठिन शब्दार्थ–
- माँद = गुफा, जंगली जानवरों का रहने का स्थान ।
- टोह = जानकारी, संकेत ।
- पगचिह्न = पैरों के निशान ।
- चतुर = समझदार, चालाक ।
- संकट = मुसीबत, परेशानी |
- लौटता = वापस आता ।
- प्रकट = सामने आना, दिखाई देना ।
- चालाकी से = होशियारी से, बुद्धिमानी से ।
- दुबक कर = छिपकर |
- झट = तुरन्त शीघ्र, जल्दी ।
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