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Class 7 Science Chapter 10 Extra Questions and Answers in Hindi पादपों में जैव प्रक्रम
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न:
प्रश्न 1.
प्रकाश संश्लेषण की परिभाषा लिखिए।
उत्तर:
वह प्रक्रिया जिसमें पौधे सूर्य के प्रकाश, क्लोरोफिल, जल तथा कार्बन डाइऑक्साइड की उपस्थिति में अपना भोजन स्वयं बनाते हैं, प्रकाश संश्लेषण कहलाती है।
प्रश्न 2.
पौधों में भोजन का परिवहन किस ऊतक द्वारा होता है?
उत्तर:
पौधों में भोजन का परिवहन पोषवाह (फ्लोएम) ऊतक द्वारा होता है।
प्रश्न 3.
पत्ती की सतह पर गैसों के आदान-प्रदान के लिए उत्तरदायी सूक्ष्म छिद्रों का नाम बताइए।
उत्तर:
रंध्र (स्टोमेटा )।
प्रश्न 4.
आयोडीन परीक्षण में पत्ती का रंग नीला – काला क्यों हो जाता है?
उत्तर:
आयोडीन परीक्षण में पत्ती का रंग मंड (स्टार्च) की उपस्थिति के कारण नीला काला हो जाता है।
प्रश्न 5.
पौधे प्रकाश संश्लेषण के दौरान कौन-सी गैस मुक्त करते हैं?
उत्तर:
ऑक्सीजन गैस।
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प्रश्न 6.
पौधे श्वसन क्रिया में कौन-सी गैस अवशोषित करते हैं?
उत्तर:
ऑक्सीजन गैस।
प्रश्न 7.
पौधों में जल का अवशोषण मुख्य रूप से किस भाग द्वारा होता है?
उत्तर:
जड़ों तथा जड़ रोमों द्वारा।
प्रश्न 8.
पौधों में जल एवं खनिजों का परिवहन किस ऊतक द्वारा होता है?
उत्तर:
दारु (जाइलम ) ऊतक द्वारा।
प्रश्न 9.
प्रकाश संश्लेषण का मुख्य उत्पाद क्या है?
उत्तर:
ग्लूकोज (जो बाद में मंड के रूप में संचित होताहै)।
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प्रश्न 10.
श्वसन और प्रकाश संश्लेषण में एक मुख्य अंतर बताइए।
उत्तर:
प्रकाश संश्लेषण में कार्बन डाइऑक्साइड ग्रहण की जाती है जबकि श्वसन में ऑक्सीजन ग्रहण की जाती है।
प्रश्न 11.
पौधे के किस भाग को ‘भोजन की फैक्टरी’ कहा जाता है
उत्तर:
पत्ती को।”
प्रश्न 12.
किसी एक बाह्य कारक का नाम बताइए जो पौधे की वृद्धि को प्रभावित करता है।
उत्तर:
जल की उपलब्धता।
लघूत्तरात्मक प्रश्न:
प्रश्न 1.
प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक चार कारकों के नाम लिखिए।
उत्तर:
प्रकाश संश्लेषण के लिए निम्नलिखित चार कारक आवश्यक हैं
- सूर्य का प्रकाश,
- क्लोरोफिल ( पर्णहरित),
- कार्बन डाइऑक्साइड,
- जल।
प्रश्न 2.
पौधों में रंध्र (स्टोमेटा ) का क्या महत्त्व है?
उत्तर:
रंध्र पत्ती की सतह पर स्थित सूक्ष्म छिद्र होते हैं। ये पौधों और वातावरण के बीच गैसों के आदान-प्रदान (जैसे- प्रकाश संश्लेषण के लिए CO2, लेना और O2, छोड़ना तथा श्वसन के लिए O2, लेना और CO2, छोड़ना) का मुख्य मार्ग है। इनसे जल वाष्प का उत्सर्जन (वाष्पोत्सर्जन) भी होता है।
प्रश्न 3.
आयोडीन परीक्षण से पत्ती में मंड की उपस्थिति का पता कैसे चलता है?
उत्तर:
ब आयोडीन का घोल पत्ती पर डाला जाता है और पत्ती का रंग नीला काला हो जाता है, तो यह मंड (स्टार्च) की उपस्थिति को दर्शाता है। आयोडीन स्टार्च के साथ अभिक्रिया करके नीला काला रंग बनाता है, इस प्रकार यह परीक्षण पत्ती में भोजन के संश्लेषण को सिद्ध करता है।
प्रश्न 4.
पौधों में दारु (जाइलम ) और पोषवाह (फ्लोएम) के कार्यों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
दारु (जाइलम ) जड़ों द्वारा अवशोषित जल और खनिजों को पौधे के तने, शाखाओं और पत्तियों तक पहुँचाता है। पोषवाह (फ्लोएम) पत्तियों में तैयार भोजन (ग्लूकोज) को पौधे के अन्य भागों जैसे जड़ों, तने, फलों और फूलों तक पहुँचाता है।
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प्रश्न 5.
सिद्ध कीजिए कि प्रकाश संश्लेषण के लिए कार्बन डाइऑक्साइड आवश्यक है।
उत्तर:
यदि एक पौधे को कास्टिक पोटाश (जो CO2 सोख लेती है) वाले बर्तन में रखकर प्रकाश में रखा जाए, तो उस पौधे की पत्ती में मंड नहीं बन पाता। जबकि CO2 युक्त वातावरण में रखे गए पौधे की पत्ती में मंड बन जाता है। इससे सिद्ध होता है कि प्रकाश संश्लेषण के लिए CO2 आवश्यक है।
प्रश्न 6.
पौधे श्वसन क्यों करते हैं? इस प्रक्रिया का समीकरण लिखिए।
उत्तर:
पौधे कोशिकीय श्वसन इसलिए करते हैं ताकि भोजन (ग्लूकोज) से ऊर्जा प्राप्त कर सकें, जिसका उपयोग वे अपने विभिन्न जैविक कार्यों जैसे – वृद्धि, पोषक तत्त्वों का अवशोषण आदि के लिए करते हैं।
समीकरण – ग्लूकोज + ऑक्सीजन कार्बन डाइऑक्साइड + जल + ऊर्जा
प्रश्न 7.
प्रकाश संश्लेषण और श्वसन में कोई दो अंतर लिखिए।
उत्तर:
| प्रकाश संश्लेषण | श्वसन |
| यह केवल दिन के समय होता है। | यह दिन रात चौबीसों घंटे होता है। |
| इसमें CO2 ग्रहण की जाती है और O2 मुक्त होती है। | इसमें O2 ग्रहण की जाती है और CO2 मुक्त होती है। |
प्रश्न 8.
पौधों में जल के परिवहन को दर्शाने वाला एक सरल प्रयोग बताइए।
उत्तर:
सफेद रंग के फूल (जैसे-गुलदाउदी) वाले पौधे की डंठल को रंगीन पानी (लाल स्याही मिला हुआ) में खड़ा कर दिया जाता है। कुछ घंटों बाद फूल की पंखुड़ियों में लाल रंग दिखाई देने लगता है। यह सिद्ध करता है कि जल तने के माध्यम से ऊपर की ओर परिवहन करता है।
प्रश्न 9.
पत्ती की चौड़ी और सपाट संरचना प्रकाश संश्लेषण में कैसे सहायक होती है?
उत्तर:
पत्ती की चौड़ी और सपाट संरचना से उसका सतह क्षेत्र अधिक हो जाता है। इससे
(i) अधिक से अधिक सूर्य का प्रकाश ग्रहण करने में मदद मिलती है, और
(ii) वातावरण से अधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड गैस अवशोषित करने में सहूलियत होती है, जिससे प्रकाश संश्लेषण की दर बढ़ जाती है।
प्रश्न 10.
‘वृक्षायुर्वेद’ ग्रंथ का क्या महत्त्व है?
उत्तर:
‘वृक्षायुर्वेद’ एक प्राचीन भारतीय ग्रंथ है। इसमें पौधों की वृद्धि, मिट्टी और कृषि पद्धतियों के बारे में मूल्यवान अवलोकन दर्ज हैं। यह फसल उत्पादन बढ़ाने में मददगार उन्नत जानकारी प्रदान करता है। उदाहरणत: जल,
जौ, मूंग, उड़द व कुल्थी जैसे बीजों के मिश्रण से जैविक खाद तैयार करना।
दीर्घउत्तरीय प्रश्न:
प्रश्न 1.
प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया को समझाइए तथा इसका रासायनिक समीकरण लिखिए।
उत्तर:
प्रकाश संश्लेषण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा हरे पौधे सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके जल और कार्बन डाइऑक्साइड जैसे सरल पदार्थों से अपना भोजन (ग्लूकोज) स्वयं संश्लेषित करते हैं। यह प्रक्रिया पत्तियों में उपस्थित हरे वर्णक क्लोरोफिल की उपस्थिति में संपन्न होती है। इस प्रक्रिया में ऑक्सीजन गैस एक उप-उत्पाद के रूप में निकलती है, जो वायुमंडल को शुद्ध करती है। रासायनिक समीकण- कार्बन डाइऑक्साइड + जल ग्लूकोस ऑक्सीजन (सूर्य का प्रकाश एवं क्लोरोफिल की उपस्थिति में)
प्रश्न 2.
पौधों में होने वाली श्वसन क्रिया का विस्तार से वर्णन कीजिए। यह प्रकाश संश्लेषण से किस प्रकार भिन्न है?
उत्तर:
श्वसन एक जीवनदायिनी प्रक्रिया है जिसमें पौधे वायुमंडल से ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं और कोशिका में उपस्थित भोजन (ग्लूकोज) का विघटन करके ऊर्जा, जल व कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न करते हैं। यह प्रक्रिया दिन रात लगातार चलती रहती है और इससे प्राप्त ऊर्जा का उपयोग पौधे विभिन्न जैविक कार्यों के लिए करते हैं। प्रकाश संश्लेषण से भिन्नता प्रकाश संश्लेषण एक निर्माणात्मक प्रक्रिया है जिसमें भोजन बनता है और ऑक्सीजन निकलती है, जबकि श्वसन एक विघटनात्मक प्रक्रिया है। जिसमें भोजन का विघटन होकर ऊर्जा मुक्त होती है और कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है।
प्रश्न 3.
पौधे के विभिन्न भागों में पदार्थों के परिवहन की व्यवस्था को समझाइए।
उत्तर:
पौधों में परिवहन का कार्य विशेष ऊतकों द्वारा होता है। दारु ( जाइलम ) : यह ऊतक जड़ों द्वारा अवशोषित जल और घुले हुए खनिज लवणों को पौधे के ऊपरी भागों यानी तने, शाखाओं, पत्तियों और फूलों तक पहुँचाता है। यह परिवहन जड़ से पत्तियों की ओर ऊपर की दिशा में होता है।
पोषवाह (फ्लोएम) : यह ऊतक पत्तियों में प्रकाश संश्लेषण द्वारा तैयार भोजन (ग्लूकोज) को पौधे के सभी भागों जैसे-बढ़ते हुए छोरों, जड़ों, फलों, बीजों आदि तक पहुँचाता है। यह परिवहन दोनों दिशाओं में हो सकता है।
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प्रश्न 4.
सिद्ध करने वाला एक प्रयोग बताइए कि प्रकाश संश्लेषण के लिए सूर्य का प्रकाश आवश्यक है।
उत्तर :
एक गमले में लगे पौधे की किसी एक पत्ती के दोनों ओर से एक ब्लैक पेपर की सहायता से कुछ भाग को इस प्रकार ढक दें कि प्रकाश उस भाग तक न पहुँच सके। इस पौधे को 2-3 दिनों तक धूप में रखें। फिर उस पत्ती को तोड़कर आयोडीन परीक्षण करें। हम देखेंगे कि जिस भाग में प्रकाश नहीं पहुँचा, वहाँ मंड नहीं बना (आयोडीन का रंग नहीं बदला ), जबकि खुले भाग में मंड बना ( आयोडीन का रंग नीला काला हुआ)। इससे सिद्ध होता है कि प्रकाश संश्लेषण के लिए प्रकाश आवश्यक है।
प्रश्न 5.
पौधों में जल के अवशोषण और परिवहन की क्रिया का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पौधे मिट्टी से जल का अवशोषण मुख्यतः जड़ों और विशेष रूप से जड़ रोमों द्वारा करते हैं। जड़ रोम मिट्टी के कणों के बीच फैले होते हैं और परासरण द्वारा जल व खनिजों को सोखते हैं। अवशोषित जल व खनिज दारु ( जाइलम) ऊतक के माध्यम से पौधे के ऊपरी भागों तक पहुँचते हैं। यह जल वाष्पोत्सर्जन खिंचाव एवं जड़ दाब जैसी शक्तियों के कारण ऊपर चढ़ता है और पत्तियों तक पहुँचकर प्रकाश संश्लेषण में उपयोग होता है।
प्रश्न 6.
पादपों में होने वाले विभिन्न जैव प्रक्रम पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन में किस प्रकार योगदान देते हैं?
उत्तर:
पादपों में होने वाले जैव प्रक्रम पारिस्थितिकी तंत्र के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं। प्रकाश संश्लेषण के द्वारा पौधे वायुमंडल से कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं, जिससे वायु शुद्ध होती है और जीवों को सांस लेने के लिए ऑक्सीजन मिलती है। श्वसन द्वारा वे ऑक्सीजन का उपयोग करते हैं और कार्बन डाइऑक्साइड वापस छोड़ते हैं, जिससे गैसों का चक्र संतुलित रहता है। ये प्रक्रम पौधों की वृद्धि का आधार हैं और पौधे खाद्य श्रृंखला के उत्पादक के रूप में समस्त जीवों को भोजन प्रदान करते हैं। इस प्रकार, ये प्रक्रम पर्यावरण के संतुलन को बनाए रखने में मूलभूत भूमिका निभाते हैं।
प्रश्न 7.
” पौधे हमारे पर्यावरण के संरक्षक हैं। ” प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के आधार पर इस कथन की पुष्टि कीजिए।
उत्तर:
पौधों द्वारा की जाने वाली प्रकाश संश्लेषण की क्रिया उन्हें हमारे पर्यावरण का सच्चा संरक्षक बनाती है। सर्वप्रथम, यह प्रक्रिया वायुमंडल में ऑक्सीजन और कार्बन डाइऑक्साइड के संतुलन को बनाए रखती है। पौधे प्रकाश संश्लेषण के दौरान मनुष्यों एवं अन्य जीवों द्वारा छोड़ी गई हानिकारक गैस कार्बन डाइऑक्साइड को ग्रहण करते हैं। और जीवनदायिनी ऑक्सीजन गैस मुक्त करते हैं। इस प्रकार वे वायु को शुद्ध करने का कार्य करते हैं। दूसरे, यह प्रक्रिया खाद्य श्रृंखला का आधार है। पौधों द्वारा निर्मित भोजन सीधे या परोक्ष रूप से संपूर्ण जीव जगत के लिए ऊर्जा का स्रोत है। तीसरे, यह प्रक्रिया वायुमंडल के तापमान को नियंत्रित रखने में सहायक है। अतः निस्संदेह, प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से पौधे हमारे पर्यावरण के संरक्षक की भूमिका निभाते हैं।
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प्रश्न 8.
पादपों में पदार्थों के परिवहन तंत्र का सविस्तार वर्णन कीजिए। दारु एवं पोषवाह ऊतकों के कार्यों में तुलना कीजिए।
उत्तर:
पादपों में पदार्थों का परिवहन एक जटिल एवं सुव्यवस्थित तंत्र द्वारा होता है, जिसमें दो विशेष संवहनी दारु (जाइलम) एवं पोषवाह (फ्लोएम) मुख्य भूमिका निभाते हैं।
दारु (जाइलम) : यह ऊतक जड़ों द्वारा अवशोषित जल एवं घुले हुए खनिज लवणों का संवहन पौधे के ऊपरी भागों यानी तने, पत्तियों, फूलों आदि तक करता है। इसकी कोशिकाएँ मृत, खोखली एवं लंबी होती हैं, जो एक नलिका का निर्माण करती हैं, जिससे जल आसानी से ऊपर चढ़ता। यह परिवहन सदैव जड़ से पत्ती की ओर (एक दिशीय) होता है।
पोषवाह (फ्लोएम) : यह ऊतक पत्तियों में प्रकाश संश्लेषण द्वारा निर्मित भोजन (ग्लूकोज) का संवहन पौधे के सभी भागों बढ़ते हुए ऊतकों, भंडारण अंगों (जड़, फल) आदि तक करता है। इसकी कोशिकाएँ जीवित होती हैं। यह परिवहन दोनों दिशाओं में हो सकता है, अर्थात् ऊपर से नीचे और नीचे से ऊपर। इस प्रकार, ये दोनों ऊतक मिलकर पौधे के शरीर में पदार्थों के संतुलित वितरण का कार्य संपन्न करते हैं।
प्रश्न 9.
पौधों में श्वसन की प्रक्रिया को विस्तार से समझाइए क्या पौधे के सभी भाग श्वसन करते हैं? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
श्वसन एक सार्वभौमिक एवं आवश्यक जैव प्रक्रम है जिसके द्वारा सजीव अपने शरीर की कोशिकाओं में भोजन (ग्लूकोज) का विघटन करके ऊर्जा प्राप्त करते हैं। पौधों में भी यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है। इस प्रक्रिया में पौधे वायुमंडल से ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं, जो कोशिकाओं में पहुँचकर ग्लूकोज के साथ अभिक्रिया करती है। इस अभिक्रिया के फलस्वरूप कार्बन डाइऑक्साइड, जल और भरपूर ऊर्जा मुक्त होती है।
इस ऊर्जा का उपयोग पौधे अपने विभिन्न जीवन कार्यों जैसे वृद्धि, जल व खनिजों का अवशोषण, परिवहन आदि के लिए करते हैं। हाँ, पौधे के सभी भाग जड़, तना, पत्ती, फूल, फल- श्वसन करते हैं, क्योंकि इन सभी भागों की कोशिकाओं को जीवित रहने और कार्य करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है। प्रत्येक भाग में उपस्थित रंध्र या अन्य छिद्रों के माध्यम से गैसों का आदान-प्रदान होता है।
प्रश्न 10.
प्रकाश संश्लेषण को प्रभावित करने वाले किन्हीं चार कारकों का उल्लेख करते हुए समझाइए कि ये कारक इस प्रक्रिया को किस प्रकार प्रभावित करते हैं?
उत्तर:
प्रकाश संश्लेषण की दर विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है:
- प्रकाश की तीव्रता : एक सीमा तक प्रकाश की तीव्रता बढ़ने पर प्रकाश संश्लेषण की दर बढ़ती है, क्योंकि अधिक ऊर्जा उपलब्ध होती है। परंतु अत्यधिक तीव्र प्रकाश से यह दर स्थिर हो सकती है या कम भी हो सकती है।
- कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता: वायुमंडल में CO2 की मात्रा बढ़ने पर प्रकाश संश्लेषण की दर बढ़ जाती हैं, क्योंकि यह क कच्चा माल है। ग्रीनहाउस में पौधों की वृद्धि के लिए CO2 की मात्रा बढ़ाई जाती है।
- तापमान : प्रकाश संश्लेषण एक एंजाइम नियंत्रित प्रक्रिया है। एक इष्टतम तापमान ( लगभग 20-35°C) पर इसकी दर अधिकतम होती है। बहुत अधिक या बहुत कम तापमान पर एंजाइमों की क्रिया धीमी पड़ जाती है, जिससे दर घट जाती है।
- जल की उपलब्धता : जल प्रकाश संश्लेषण का एक अन्य आवश्यक कच्चा माल है। जल की कमी (सूखा) होने पर पौधे के रंध्र बंद हो जाते हैं, जिससे CO2 का प्रवेश रुक जाता है और प्रकाश संश्लेषण की दर तेजी से घट जाती है।
प्रश्न 11.
मनुष्य के जीवन में पादपों द्वारा संपादित जैव प्रक्रमों के महत्त्व पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
मनुष्य के जीवन में पादपों द्वारा संपादित जैव प्रक्रमों का अत्यधिक महत्त्व है। सर्वप्रथम, प्रकाश संश्लेषण के द्वारा पौधे न केवल समस्त जीव-जगत के लिए भोजन का आधार तैयार करते हैं, बल्कि हमारी सांसों के लिए आवश्यक ऑक्सीजन गैस भी मुक्त करते हैं और हानिकारक कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर पर्यावरण को शुद्ध करते हैं। दूसरे, श्वसन की प्रक्रिया द्वारा पौधे स्वयं वृद्धि करते हैं और हमें लकड़ी, रेशे, औषधियाँ आदि अनेक उत्पाद प्रदान करते हैं। तीसरे, परिवहन की प्रक्रिया के कारण ही पौधे के सभी भागों तक पोषक तत्त्व पहुँच पाते हैं, जिससे फल, सब्जियाँ, अनाज आदि उत्पन्न होते हैं, जो मानव आहार के मुख्य अंग हैं। इन प्रक्रमों के बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती।
पादपों में जैव प्रक्रम Class 7 MCQ
बहुचयनात्मक प्रश्न:
प्रश्न 1.
पौधों की वृद्धि के लिए निम्नलिखित में से कौन- सा कारक आवश्यक नहीं है?
(अ) जल
(स) उपयुक्त तापमान
(ब) सूर्य का प्रकाश
(द) ध्वनि
उत्तर:
(द) ध्वनि
प्रश्न 2.
प्रकाश संश्लेषण की क्रिया के लिए आवश्यक गैस कौन-सी है?
(अ) ऑक्सीजन
(ब) नाइट्रोजन
(स) कार्बन डाइऑक्साइड
(द) हाइड्रोजन
उत्तर:
(स) कार्बन डाइऑक्साइड
प्रश्न 3.
पत्तियों में भोजन का संश्लेषण किस रूप में भंडारित होता है?
(अ) ग्लूकोज
(स) वसा
(ब) मंड (स्टार्च)
(द) प्रोटीन
उत्तर:
(ब) मंड (स्टार्च)
प्रश्न 4.
पत्ती में मंड की उपस्थिति का पता लगाने के लिए किस परीक्षण का उपयोग किया जाता है?
(अ) चूने के पानी का परीक्षण
(ब) आयोडीन परीक्षण
(स) सल्फर डाइऑक्साइड परीक्षण
(द) उपरोक्त में से कोई नहीं
उत्तर:
(ब) आयोडीन परीक्षण
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प्रश्न 5.
पौधे के किस भाग द्वारा जल और खनिजों का परिवहन होता है?
(अ) पोषवाह (फ्लोएम)
(ब) दारु (जाइलम
(स) रंध्र (स्टोमेटा)
(द) जड़ के रोम
उत्तर:
(ब) दारु (जाइलम
प्रश्न 6.
पत्ती की सतह पर पाए जाने वाले सूक्ष्म छिद्र जिनसे गैसों का आदान-प्रदान होता है, क्या कहलाते हैं?
(अ) कोशिका
(स) रोम
(ब) रंध्र
(द) शिरा
उत्तर:
(ब) रंध्र
प्रश्न 7.
प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया में उत्पन्न होने वाली गैस कौन सी है?
(अ) कार्बन डाइऑक्साइड
(ब) ऑक्सीजन
(स) नाइट्रोजन
(द) जल वाष्प
उत्तर:
(ब) ऑक्सीजन
प्रश्न 8.
पौधों में भोजन का परिवहन किसके द्वारा होता है?
(अ) दारु ( जाइलम )
(ब) पोषवाह (फ्लोएम)
(स) रंध्र (स्टोमेटा)
(द) जड़
उत्तर:
(ब) पोषवाह (फ्लोएम)
प्रश्न 9.
पौधे श्वसन क्रिया में क्या ग्रहण करते हैं?
(अ) कार्बन डाइऑक्साइड
(ब) ऑक्सीजन
(स) नाइट्रोजन
(द) हाइड्रोजन
उत्तर:
(ब) ऑक्सीजन
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प्रश्न 10.
निम्नलिखित में से कौन सा पौधे की वृद्धि को प्रभावित करने वाला बाह्य कारक है?
(अ) प्रकाश संश्लेषण
(ब) श्वसन
(स) जल की उपलब्धता
(द) परिवहन
उत्तर:
(स) जल की उपलब्धता
प्रश्न 11.
निम्न में से किस प्राचीन पुस्तक में पौधों की वृद्धि, मृदा व कृषि पद्धतियाँ अभिलेखित हैं?
(अ) अर्थशास्त्र
(ब) अष्टाध्यायी
(स) वृक्षायुर्वेद
(द) महाभारत
उत्तर:
(स) वृक्षायुर्वेद
प्रश्न 12.
कमला सोहोनी किस क्षेत्र में अपने शोध के लिए प्रसिद्ध हैं?
(अ) प्रकाश संश्लेषण
(ब) पादप श्वसन
(स) जल परिवहन
(द) आनुवंशिकी
उत्तर:
(ब) पादप श्वसन
रिक्त स्थानों की पूर्ति करें:
प्रश्न 1.
पौधे अपना भोजन _______ प्रक्रिया द्वारा स्वयं बनाते हैं।
उत्तर:
प्रकाश संश्लेषण
प्रश्न 2.
प्रकाश संश्लेषण के लिए _______ ‘वर्णक की उपस्थिति आवश्यक है।
उत्तर:
पर्णहरित
प्रश्न 3.
पौधे श्वसन क्रिया में ऑक्सीजन ग्रहण कर _______ गैस मुक्त करते हैं।
उत्तर:
कार्बन डाइऑक्साइड
प्रश्न 4.
पत्तियों द्वारा बनाए गए भोजन का पौधे के विभिन्न भागों में _____ द्वारा परिवहन होता है।
उत्तर:
पोषवाह
प्रश्न 5.
पत्ती की निचली सतह पर पाए जाने वाले सूक्ष्म छिद्र _______ कहलाते हैं।
उत्तर:
रंध्र
निम्न में से सत्य / असत्य कथन छाँटिए:
प्रश्न 1.
पौधे केवल दिन में श्वसन करते हैं। (सत्य/असत्य)
उत्तर:
असत्य
प्रश्न 2.
प्रकाश संश्लेषण के लिए सूर्य के प्रकाश की आवश्यकता होती है। (सत्य/असत्य)
उत्तर:
सत्य
प्रश्न 3.
जल और खनिजों का परिवहन पोषवाह (फ्लोएम) के द्वारा होता है। (सत्य/असत्य)
उत्तर:
असत्य
प्रश्न 4.
आलू में मंड (स्टार्च) पाया जाता है। (सत्य/असत्य)
उत्तर:
सत्य
प्रश्न 5.
सभी हरे पौधे प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं। (सत्य/असत्य)
उत्तर:
सत्य
कॉलम – A में दिए शब्दों का मिलान कॉलम-B से कीजिए:
प्रश्न 1.
| कॉलम – A (प्रक्रिया) | कॉलम B (मुख्य उत्पाद) |
| (1) प्रकाश संश्लेषण | (अ) कोर्बन डाइऑक्साइड |
| (2) श्वसन | (ब) मंड (स्टार्च) |
| (3) परिवहन | (स) ऊर्जा |
| (4) वृद्धि | (द) पदार्थों का विसरण |
उत्तर:
| कॉलम – A (प्रक्रिया) | कॉलम B (मुख्य उत्पाद) |
| (1) प्रकाश संश्लेषण | (ब) मंड (स्टार्च) |
| (2) श्वसन | (अ) कोर्बन डाइऑक्साइड |
| (3) परिवहन | (द) पदार्थों का विसरण |
| (4) वृद्धि | (स) ऊर्जा |
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प्रश्न 2.
| कॉलम – A (पादप भाग) | कॉलम B (मुख्य कार्य) |
| (1) जड़ | (अ) भोजन का संश्लेषण |
| (2) तना | (ब) जल एवं खनिजों का अवशोषण |
| (3) पत्ती | (स) गैस-विनिमय |
| (4) रंध्र | (द) पौधे को सहारा देना |
उत्तर:
| कॉलम – A (पादप भाग) | कॉलम B (मुख्य कार्य) |
| (1) जड़ | (ब) जल एवं खनिजों का अवशोषण |
| (2) तना | (द) पौधे को सहारा देना |
| (3) पत्ती | (अ) भोजन का संश्लेषण |
| (4) रंध्र | (स) गैस-विनिमय |
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