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RBSE कक्षा 5 पर्यावरण पाठ 1 के प्रश्न उत्तर बासोड़ा की थाली
RBSE Class 5th EVS Chapter 1 Question Answer in Hindi
पृष्ठ संख्या-2

प्रश्न :
आपके क्षेत्र में इस थाली को किस नाम से जाना जाता है?
बाँसवाड़ा में बासोड़ा ऐसे ही-
धौलपुर में _______.
जयपुर में _______.
श्रीगंगानगर में _______.
बीकानेर में _______.
अजमेर में _______.
उत्तर:
धौलपुर में बासोड़ा या शीतला थाली
जयपुर में बासोड़ा या शींतला भोजन
श्रीगंगानगर में बासोड़ा या शीतला थाली
बीकानेर में बासोड़ा या शीतला प्रसाद
अजमेर में बासोड़ा या शीतला भोजन
पृष्ठ संख्या-3
गतिविधि-1
नीचे दिए गए मौसम में बोई जाने वाली फसलों के नाम लिखिए-

उत्तर:
| मौसम | संभावित फसलें |
| मानसून (खरीफ) | बाजरा, मूंगफली, मूंग |
| सर्दी (रबी) | गेहूं, चना, जौ |
| गर्मी (जायद) | ककड़ी, तरबूज, खरबूजा |
पृष्ठ संख्या-4
प्रश्न :
लिखिए कि कौनसी खाद्य सामग्री नीचे दिए गए मौसम में मिलती हैं?

उत्तर:

उत्तर दीजिए-
प्रश्न 1.
बाजरा कौनसी ऋतु में बोया जाता है?
उत्तर:
बाजरा मानसून ऋतु (जून-जुलाई) में बोया जाता है।
प्रश्न 2.
जायद फसलों को गर्मी में क्यों बोया जाता है?
उत्तर:
जायद फसलों को गर्मी में इसलिए बोया जाता है, क्योंकि ये कम समय में तैयार होती हैं और गर्म जलवायु में तेजी से बढ़ती हैं।
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प्रश्न 3.
दो ऋतुओं में बोयी जाने वाली फसल का नाम बताइए।
उत्तर:
मूंग और गत्ना।
अपने आस-पास पूछकर यह भी पता लगाइए-
प्रश्न 1.
अधिक पानी में उगने वाली फसल कौनसी हैं?
उत्तर:
धान (चावल) और गत्ना।
प्रश्न 2.
कम पानी में उगने वाली फसल कौनसी हैं?
उत्तर:
बाजरा और मूंग।
प्रश्न 3.
आपके क्षेत्र में कौनसी फसल सबसे ज्यादा उगती है और क्यों?
उत्तर:
राजस्थान में बाजरा सबसे ज्यादा उगाया जाता है, क्योंकि यह शुष्क जलवायु और कम उपजाऊ मिट्टी में आसानी से उगता है।
पृष्ठ संख्या-5
गतिविधि 2 : राजस्थान की खाद्य फसलों का चार्ट तैयार कर कक्षा में प्रदर्शित कीजिए-

उत्तर:
विद्यार्थी स्वयं करें।
पृष्ठ संख्या-6
गतिविधि 3 :
अपने घर जाकर परिजनों के साथ चर्चा करें कि ‘संतुलित आहार क्यों जरूरी है?’ संतुलित आहार की थाली का चित्र बनाइए।
उत्तर:
परिजनों के साथ चर्चा-संतुलित आहार की जरूरत-
मैंने अपनी माँ, पिताजी और दादी के साथ संतुलित आहार के महत्त्व पर चर्चा की। हमने निम्नलिखित बिन्दुओं पर विचार-विमर्श किया-
1. पोषण की पूर्ति-संतुलित आहार में कार्बोहाइड्रेट (जैसे-बाजरे की रोटी), प्रोटीन (जैसे-दाल, दही), वसा (जैसे-घी), विटामिन और खनिज (जैसे-हरी सब्जियाँ) और फाइबर (जैसे-फल) शामिल होते हैं। ये शरीर को ऊर्जा, ताकत और रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करते हैं।
2. स्वास्थ्य लाभ-माँ ने बताया कि संतुलित आहार पाचन को बेहतर बनाता है, हड्डुयों को मजबूत करता है (दही से कैल्शियम) और रक्ताल्पता को कम करता है (गुड़ से आयरन)। यह गर्मियों में ठंडक देता है, जैसा कि बासोड़ा थाली में दही और छाछ करते हैं।
3. मौसमी अनुकूलता-दादी ने कहा कि राजस्थान में बासोड़ा थाली जैसे भोजन मौसम के अनुसार बनाए जाते हैं, जो गमियों में बीमारियों से बचाते हैं। उदाहरण के लिए, तरबूज (जायद फसल) गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखता है।
4. शारीरिक और मानसिक विकास-पिताजी ने बताया कि बच्चों के लिए संतुलित आहार बहुत जरूरी है, क्योंकि यह शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास होता है और वह हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करता है।

5. सांस्कृतिक महत्त्व-हमने चर्चा की कि संतुलित आहार हमारी परंपराओं (जैसे-शीतला ससमी, गणगौर) से जुड़ा है। बाजरा, दही और पंचकुटा जैसे व्यंजन स्वास्थ्य और संस्कृति दोनों को बढ़ावा देते हैं।
निष्कर्ष-संतुलित आहार शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक तंदुरुस्ती और सांस्कृतिक परंपराओं को बनाए रखने के लिए जरूरी है। यह हमें मौसमी बीमारियों से बचाता है और परिवार के साथ मेलजोल बढ़ाता है।
पौष्टिक भोजन पर चर्चा
प्रश्न 1.
हमारे खाने में कौन-कौनसे पोषक तत्त्व होते हैं?
उत्तर:
हमारे खाने में सामान्यतः कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज, फाइबर इत्यादि पोषक तत्त्व मौजूद होते हैं।
प्रश्न 2.
सेहतमंद रहने के लिए हमें कौन-कौनसी अच्छी आदतें अपनानी चाहिए?
उत्तर:
सेहतमंद रहने के लिए हमें कई अच्छी आदतें अपनानी चाहिए; जैसे-संतुलित आहार का सेवन करना, प्रतिदिन व्यायाम करना, जंक फूड खाने से बचना, शुद्ध पानी पीना, पर्याप्त नींद लेना, तनाव न लेना, मोबाइल का अनावश्यक उपयोग न करना, अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखना इत्यादि।
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प्रश्न 3.
हमारा भोजन शरीर और मन पर कैसे असर डालता है?
उत्तर:
पौष्टिक भोजन हमारे शरीर को ऊर्जा, ताकत और रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है तथा हमारे पाचन और त्वचा को स्वस्थ रखता है, जबकि अपौष्टिक भोजन से मोटापा, कमजोरी और बीमारियाँ बढ़ती हैं।
इसी प्रकार संतुलित भोजन मस्तिष्क को पोषण देता है, जिससे एकाग्रता और मूड बेहतर होता है तथा मानसिक शांति मिलती है।
प्रश्न 4.
राजस्थान के खाने में कौन-कौनसे अनाज, दालें, सब्जियाँ और मसाले होते हैं? वे स्वास्थ्य के लिए कैसे फायदेमंद हैं?
उत्तर:
राजस्थान के खाने में निम्नलिखित सामग्रियाँ शामिल होती हैं-
- अनाज-बाजरा, मक्का, जौ, गेहूँ इत्यादि।
- दालें-मूँग दाल, चना दाल, मोठ दाल, अरहर दाल इत्यादि।
- सब्जियाँ-केर-सांगरी, बधुआ, पालक, लौकी, प्याज, आलू, गोभी इत्यादि।
- मसालें-जीरा, धनियाँ, मिर्च, हल्दी, काली मिर्च, इलायची इत्यादि।
उपर्युक्त सभी अनाजों, दालों, सब्जियों और मसालों से हमें ऊर्जा व ताकत मिलती है, रोग-प्रतिरोधक क्षमता व पाचन शक्ति बढ़ती है तथा मांसपेशियाँ मजबूत होती हैं।
प्रश्न 5.
क्या आपको जंक फूड के बारे में पता है? यह क्या होता है और इसके क्या-क्या नुकसान हैं? इस पर अपने शिक्षक से बात कीजिए।
उत्तर:
जंक फूड-जंक फूड उच्च चीनी, नमक और अस्वास्थ्यकर वसा (ट्रांस फैट) युक्त भोजन होता है, जिसमें पोषक तत्त्व कम होते हैं। उदाहरण-बर्गर, पिज्जा, चिप्स, कोल्ड ड्रिंक और तले हुए स्नैक्स।
जंक फूड खाने से कई तरह के स्वास्थ्य संबंधी नुकसान होते हैं; जैसे-मोटापा, हृदय रोग, मधुमेह, कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली, पाचन समस्या, मानसिक तनाव इत्यादि।
प्रश्न 6.
स्थानीय अनाज से पर्यावरण को कैसे फायदा होता है?
उत्तर:
स्थानीय अनाज (जैसे कि बाजरा, मूंग, मोठ) पर्यावरण को निम्नलिखित तरीके से लाभ पहुंचाते हैं-
- कम पानी की आवश्यकता-बाजरा और मूँग कम पानी में उगते हैं, जो राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्रों में जल संरक्षण करता है।
- मिट्टी की उर्वरता-मूँग और मोठ जैसी दलहन फसलें नाइट्रोजन को मिट्टी में स्थिर करती हैं, जिससे मिट्टी उपजाऊ रहती है।
- कम रासायनिक उपयोग-स्थानीय अनाज प्राकृतिक रूप से कठोर होते हैं, अतः कीटनाशकों व उर्वरकों की कम जरूरत होती है।
- कार्बन उत्सर्जन में कमी-स्थानीय अनाज को कम दूरी तक परिवहन करना पड़ता है, जिससे कम ईंधन खर्च होता है और परिणामतः प्रदूषण भी कम होता है।
- जैव विविधता-स्थानीय फसलें क्षेत्रीय जैव विविधता को बनाए रखती हैं।
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प्रश्न 7.
शुद्ध पानी और संतुलित आहार सेहत के लिए क्यों जरूरी हैं?
उत्तर:
शुद्ध पानी शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है और अंगों को सुचारू रखता है, भोजन को पचाने और पोषक तत्त्वों को अवशोषित करने में मदद करता है, किडनी के माध्यम से अपशिष्ट निकालता है तथा त्वचा को स्वस्थ रखता है और थकान कम करता है। इसी प्रकार संतुलित आहार हमारे शरीर के लिए आवश्यक सभी पोषक तत्त्व (कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन आदि) प्रदान करता है, रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, ऊर्जा व ताकत देता है तथा शारीरिक और मानसिक विकास में मदद करता है।
निष्कर्ष-शुद्ध पानी और संतुलित आहार शरीर को स्वस्थ और मन को सकारात्मक रखते हैं, जैसा कि दादाजी के कथन में कहा गया है।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर
निम्न में से सही विकल्प चुनिए-
प्रश्न 1.
इनमें से खरीफ की फसल कौनसी है?
(अ) चना
(ब) सरसों
(स) मूँगफली
(द) गेहूँ
उत्तर:
(स) मूँगफली
प्रश्न 2.
गेर नृत्य में कौनसा वाद्य यंत्र उपयोग किया जाता है?
(अ) तबला
(ब) हार्मोनियम
(स) बाँसुरी
(द) चंग
उत्तर:
(द) चंग
रिक्त स्थान भरिए-
1. शीतला सम्तमी पर _______ भोजन खाया जाता है।
उत्तर:
ठंडा और बासी
2. _______ राजस्थान की प्रमुख जायद फसल है।
उत्तर:
तरबूज
3. दही और छाछ _______ के लिए अच्छे होते हैं।
उत्तर:
पाचन
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4. _______ त्योहार पर राजस्थान में गेर नृत्य किया जाता है।
उत्तर:
शीतला ससमी
5. बाजरे की रोटी के साथ _______ खाना पसंद किया जाता है।
उत्तर:
गुड़।
सत्य/असत्य लिखिए-
1. शीतला सप्तमी का संबंध गर्मियों से होता है।
उत्तर:
सत्य
2. शीतला सप्तमी केवल राजस्थान में मनाई जाती है।
उत्तर:
असत्य
3. गेर नृत्य केवल महिलाएँ करती हैं।
उत्तर:
असत्य
4. संतुलित भोजन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।
उत्तर:
सत्य
मिलान कीजिए-
| स्तंभ ‘अ | स्तंभ ‘ब’ |
| बाजरा | ठंडा भोजन |
| दही | खरीफ फसल |
| गेर नृत्य | पाचन के लिए अच्छा |
| बासोड़ा | चंग की थाप पर नृत्य |
उत्तर:
| स्तंभ ‘अ | स्तंभ ‘ब’ |
| बाजरा | खरीफ फसल |
| दही | पाचन के लिए अच्छा |
| गेर नृत्य | चंग की थाप पर नृत्य |
| बासोड़ा | ठंडा भोजन। |
तीन से चार वाक्यों में उत्तर दीजिए-
प्रश्न 1.
‘बासोड़ा थाली’ में शामिल कुछ प्रमुख व्यंजनों के नाम लिखिए।
उत्तर:
‘बासोड़ा थाली’ में बाजरे की रोटी, दही, छाछ, गुड़, पंचकुटा की सब्जी, मीठा चूरमा और कढ़ी शामिल हैं। ये व्यंजन ठंडे और बासी परोसे जाते हैं। इनका सेवन गर्मियों में स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।
प्रश्न 2.
मक्का और बाजरा किस फसल की श्रेणी में आते हैं? इसे उगाने के लिए किस प्रकार की जलवायु उपयुक्त होती है?
उत्तर:
मक्का और बाजरा खरीफ फसलें हैं। इन्हें जूनजुलाई में बोया जाता है। इनके लिए गर्म और आर्द्र जलवायु उपयुक्त होती है। ये शरद ऋतु में काटी जाती हैं।
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प्रश्न 3.
‘गेर नृत्य’ क्या होता है? इसे कब और क्यों किया जाता है?
उत्तर:
‘गेर नृत्य’ राजस्थान का पुरुष प्रधान नृत्य है, जो ‘चंग’ की थाप पर शीतला ससमी के दौरान मेलों में किया जाता है। यह सामुदायिक एकता और उत्सव का प्रतीक है।
प्रश्न 4.
राजस्थान में उगाई जाने वाली रबी, खरीफ और जायद फसलों के नाम लिखिए।
उत्तर:
- रबी फसलें – गेहूँ, चना, जौ, सरसों।
- खरीफ फसलें – बाजरा, मूँगफली, मूँग, मक्का।
- जायद फसलें – तरबूज, खरबूजा, ककड़ी।
ये फसलें अलगअलग मौसमों में बोई और काटी जाती हैं।
प्रश्न 5.
रबी, खरीफ और जायद फसलों की सूची बनाएँ।
उत्तर:
| रबी फसल | खरीफ फसल | जायद फसल |
| गेहूँ | बाजरा | ककड़ी |
| चना | मूँगफली | तरबूज |
| जौ | मूँग | खरबूजा |
| राई | मक्का | खीरा |
| सरसों | चावल | कद्दू |
प्रश्न 6.
आपके घर में कौन-कौनसे पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं?
उत्तर:
मेरे घर में दाल-बाफले, गट्टे की सब्जी, बाजरे की रोटी और गुड़ के साथ छाछ जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। ये पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं। विशेष अवसरों पर खीर और लड्डू भी बनते हैं।
[नोट-विद्यार्थी अपने क्षेत्र/घर के व्यंजनों का उल्लेख करें।]
प्रश्न 7.
शीतला सप्तमी पर ठंडा भोजन क्यों खाया जाता है?
उत्तर:
शीतला सप्तमी पर ठंडा भोजन इसलिए खाया जाता है, क्योंकि यह धार्मिक और स्वास्थ्य दोनों दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण है। ठंडा भोजन शीतला माता को प्रिय है, इसलिए यह देवी को प्रसन्न करने का एक तरीका है और साथ ही यह शरीर को ठंडक प्रदान करता है तथा मौसमी बीमारियों से बचाव में भी मदद करता है।
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प्रश्न 8.
राजस्थान के अलावा और कौन-कौनसे राज्यों में शीतला सममी त्योहार मनाया जाता है?
उत्तर:
शीतला सममी का त्योहार राजस्थान के अलावा गुजरात, हरियाणा और उत्तर भारत के कई राज्यों में मनाया जाता है। इसे अलग-अलग नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है। गुजरात में इसे विशेष रूप से ‘ शीतला सतमी’ कहते हैं।
प्रश्न 9.
त्योहारों का हमारे जीवन में क्या महत्त्व है?
उत्तर:
त्योहार सामाजिक एकता, सांस्कृतिक मूल्यों और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देते हैं तथा रिश्तों को मजबूत करते हैं और खुशी का अवसर प्रदान करते हैं। शीतला ससमी जैसे त्योहार मौसमी बीमारियों से बचाव सिखाते हैं।
RBSE Class 5 Paryavaran Chapter 1 Question Answer in Hindi
बहुविकल्पात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
बासोड़ा थाली में मुख्य रूप से कौन-सा भोजन परोसा जाता है?
(अ) ताजा भोजन
(ब) ठंडा और बासी भोजन
(स) गर्म भोजन
(द) मसालेदार भोजन
उत्तर:
(ब) ठंडा और बासी भोजन
प्रश्न 2.
शीतला ससमी का त्योहार किस मौसम की शुरुआत में मनाया जाता है?
(अ) सर्दी
(ब) गर्मी
(स) बरसात
(द) शरद
उत्तर:
(ब) गर्मी
प्रश्न 3.
राजस्थान में शीतला सम्तमी के दौरान पुरुष समूह में कौन-सा नृत्य करते हैं?
(अ) भांगड़ा
(ब) गरबा
(स) लावणी
(द) गेर
उत्तर:
(द) गेर
प्रश्न 4.
बाजरा में कौन-सा पोषक तत्त्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता है?
(अ) फाइबर
(ब) विटामिन सी
(स) सोडियम
(द) शुगर
उत्तर:
(अ) फाइबर
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प्रश्न 5.
खरीफ की फसलें कब बोई जाती हैं?
(अ) मार्च-जून
(ब) जनवरी-फरवरी
(स) अक्टूबर-दिसंबर
(द) जून-जुलाई
उत्तर:
(द) जून-जुलाई
प्रश्न 6.
दही और छाछ में कौन-सा पोषक तत्त्व मुख्य रूप से मौजूद होता है?
(अ) आयरन
(ब) पोटैशियम
(स) कैल्शियम
(द) विटामिन ए
उत्तर:
(स) कैल्शियम
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए-
1. गर्मियों की एक शाम, परी _______ से घर आई।
उत्तर:
विद्यालय
2. कल शीतला _______ है और इसलिए हम एक दिन पहले बना हुआ ठंडा भोजन खाते हैं।
उत्तर:
ससमी
3. गर्मियों में दही, राब एवं दूध से बने _______ का सेवन करना चाहिए।
उत्तर:
व्यंजनों
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4. कई क्षेत्रों में शीतला _______ पर भी बासोड़ा मनाते हैं।’
उत्तर:
अष्टमी।
निम्नलिखित कथनों में से सत्य/असत्य बतलाइये
1. शीतला ससमी सर्दियों की शुरुआत में मनाई जाती है।
उत्तर:
असत्य
2. गुड़ में आयरन होता है जो शरीर को ऊर्जा देता है
उत्तर:
सत्य।
3. शीतला सप्तमी के दिन चूल्हा जलाना चाहिए।
उत्तर:
असत्य
4. शीतला ससमी के बाद ताजा भोजन खाने की सलाह दी जाती है।
उत्तर:
सत्य।
निम्नलिखित को सही सुमेलित कीजिए-
| स्तंभ ‘अ’ | स्तंभ ‘ब’ |
| 1. जायद फसल | (क) आयरन और खनिज लवण का स्रोत |
| 2. रबी फसल | (ख) छाछ और दही |
| 3. हरी सब्जियाँ | (ग) अक्टूबर-दिसंबर में बोई जाती है। |
| 4. कैल्शियम और प्रोटीन का स्रोत | (घ) मार्च-जून में बोई जाती है। |
उत्तर:
| स्तंभ ‘अ’ | स्तंभ ‘ब’ |
| 1. जायद फसल | (घ) मार्च-जून में बोई जाती है। |
| 2. रबी फसल | (ग) अक्टूबर-दिसंबर में बोई जाती है। |
| 3. हरी सब्जियाँ | (क) आयरन और खनिज लवण का स्रोत |
| 4. कैल्शियम और प्रोटीन का स्रोत | (ख) छाछ और दही |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
बासोड़ा का दूसरा नाम क्या है?
उत्तर:
शीतला ससमी।
प्रश्न 2.
जायद फसल का एक उदाहरण क्या है?
उत्तर:
खरबूजा।
प्रश्न 3.
बासोड़ा थाली में शामिल एक रोटी का नाम क्या है?
उत्तर:
बाजरे की रोटी।
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प्रश्न 4.
रबी फसल का एक उदाहरण क्या है?
उत्तर:
गेहूँ।
प्रश्न 5.
शीतला सप्तमी के दौरान राजस्थान में क्या आयोजित होता है?
उत्तर:
मेला।
प्रश्न 6.
खरीफ फसलें कब काटी जाती हैं?
उत्तर:
शरद ऋतु में।
प्रश्न 7.
बासोड़ा थाली में शामिल एक मिठाई का नाम क्या है?
उत्तर:
मीठा चूरमा।
लघूत्तरात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
बाजरा के पोषक तत्त्व और लाभ बताइए।
उत्तर:
बाजरा फाइबर, प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम और विटामिन से भरपूर होता है। यह शरीर को ऊर्जा देता है, पाचन में सहायक है और हृदय को स्वस्थ रखता है।
प्रश्न 2.
शीतला सम्पमी के बाद ताजा भोजन की सलाह क्यों दी जाती है?
उत्तर:
शीतला सप्तमी के बाद गर्मियों में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे भोजन जल्दी खराब हो सकता है। इसलिए ताजा भोजन खाने की सलाह दी जाती है।
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प्रश्न 3.
गुड़ के स्वास्थ्य लाभ क्या हैं?
उत्तर:
गुड़ आयरन और प्राकृतिक शर्करा का स्रोत है। यह तुरंत ऊर्जा देता है, रक्ताल्पता को कम करता है और पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है।
प्रश्न 4.
जायद फसलों की विशेषता और उदाहरण बताइए।
उत्तर:
जायद फसलें गर्मियों में मार्च-जून के बीच बोई जाती हैं। ये कम समय में तैयार होती हैं।
उदाहरणतरबूज, खरबूजा, ककड़ी इत्यादि।
दीर्घ उत्तरीय एवं निबन्धात्मक प्रश्न-
प्रश्न 1.
शीतला सप्तमी और बासोड़ा के बीच संबंध और इनके उद्देश्य स्पष्ट करें।
उत्तर:
शीतला ससमी और बासोड़ा एक ही त्योहार के दो नाम हैं। इस दिन ठंडा और बासी भोजन का माता शीतला को भोग लगाया जाता है। बासोड़ा का अर्थ है बासी भोजन, इसका उद्देश्य गर्मियों में मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वास्थ्य संवर्धन और माता शीतला से रोगमुक्ति की प्रार्थना करना है।
प्रश्न 2.
शीतला सप्तमी के दौरान वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ठंडे भोजन के लाभ और सावधानियाँ बताइए।
उत्तर:
शीतला ससमी पर ठंडा भोजन जैसे कि दही, राब गर्मियों में पाचन को ठंडक देता है और बैक्टीरिया से बचाता है। वैज्ञानिक रूप से, गर्मी में भोजन जल्दी खराब होता है, इसलिए ताजा भोजन की संलाह दी जाती है। सावधानी-बासी भोजन को स्वच्छता के साथ संग्रहित करना चाहिए।
प्रश्न 3.
बासोड़ा थाली के माध्यम से भारतीय संस्कृति और स्वास्थ्य का संबंध समझाइए।
उत्तर:
बासोड़ा थाली भारतीय संस्कृति का हिस्सा है, जो शीतला ससमी पर ठंडे पकवानों जैसे कि बाजरा, दही, गुड़, पंचकुटा के साथ बनाई जाती है। ये व्यंजन फाइबर, कैल्शियम, आयरन प्रदान करते हैं, जो गर्मियों में स्वास्थ्य रक्षा करते हैं। यह परंपरा, संस्कृति और स्वास्थ्य जागरूकता को जोड़ती है।
प्रश्न 4.
शीतला सममी और अन्य भारतीय त्योहारों की समानताएँ और अंतर बताइए।
उत्तर:
शीतला ससमी और अन्य भारतीय त्योहार जैसे कि होली, दीवाली सांस्कृतिक एकता और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देते हैं। अंतर यह है कि शीतला ससमी में ठंडा भोजन खाया जाता है, जो मौसमी बीमारियों से बचाता है, जबकि अन्य त्योहारों में मिठाई, ताजा भोजन प्रमुख होते हैं। यह स्वास्थ्य और परंपरा का अनूठा संगम है।
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प्रश्न 5.
त्योहारों के पीछे की कहानियों और परंपराओं का महत्त्व समझाइए।
उत्तर:
त्योहारों की कहानियाँ और परंपराएँ सांस्कृतिक मूल्यों, सामाजिक एकता और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देती हैं। शीतला ससमी जैसे त्योहार ठंडा भोजन खाने की परंपरा के माध्यम से मौसमी बीमारियों से बचाव सिखाते हैं। ये रिश्तों को मजबूत करते हैं और पीढ़ियों तक संस्कृति को जीवित रखते हैं।
प्रश्न 6.
शीतला सममी पर खाई जाने वाली बासोड़ा थाली से होने वाले स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
शीतला सममी पर ठंडा भोजन जैसे दही, राब व छाछ खाने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और शरीर को ठंडक मिलती है। यह मौसमी बीमारियों से बचाता है। बाजरा, गुड़ और हरी सब्जियाँ फाइबर, आयरन और विटामिन प्रदान करते हैं, जो ऊर्जा और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। इसके साथ ही शीतला सप्तमी के बाद ताजा भोजन करने की सलाह रोगों से बचाव करती है।
RBSE Class 5 EVS Chapter 1 Notes in Hindi बासोड़ा की थाली

शीतला सम्ममी और बासोड़ा-
- शीतला सममी से एक दिन पहले ठंडा, बासी भोजन खाया जाता है, जिसे बासोड़ा कहते हैं।
- यह गर्मियों की शुरुआत में मनाया जाता है, मुख्यतः राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और उत्तर भारत में।
- अलग-अलग क्षेत्रों में इसे शीतला ससमी या अष्टमी के रूप में मनाया जाता है।
बासोड़ा थाली के व्यंजन-
- बाजरे की रोटी, बेसन की रोटी, गुड़, दही, छाछ, मीठा चूरमा, कढ़ी, केर सांगरी, पंचकुटा की सब्जी, पूरी, सोगरा, घाट, राब, दही बड़े, कैरी पाक, कांजी बड़े, खाजा, मठरी, पापड़, खिचिया, सतेवड़े आदि।
- ये व्यंजन एक दिन पहले तैयार किए जाते हैं और इन्हें ठंडा खाया जाता है।
गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य का ध्यान रखना-
- गर्मियों में उच्च तापमान और बैक्टीरिया के कारण खाना जल्दी खराब होता है।
- दही और दूध से बने व्यंजन जैसे कि दही, राब, ओलिया, ठंडाई आदि शरीर को ठंडक पहुँचाते हैं, अतः इनका सेवन करना चाहिए।
- गर्म पानी से नहीं नहाना चाहिए।
बासोड़े का सांस्कृतिक महत्त्व-
- राजस्थान में मेले लगते हैं, जहाँ पुरुष ‘ चंग’ की थाप पर ‘गेर’ नृत्य करते हैं।
- यह त्योहार संस्कृति और रिश्तों को मजबूत करता है।
- अलग-अलग राज्यों में इसे विभिन्न नामों और परंपराओं के साथ मनाया जाता है।
बासोड़ा के व्यंजनों का स्वास्थ्य से सम्बन्ध-
- बाजरा-फाइबर, प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम व विटामिन से भरपूर होता है तथा ऊर्जा प्रदान करता है।
- दही और छाछ-कैल्सियम, प्रोटीन व फॉस्फोरस प्रदान करते हैं तथा पाचन में सहायक होतें हैं।
- गुड़-आयरन और प्राकृतिक शर्करा का स्रोत है तथा तुरंत ऊर्जा देता है।
- हरी सब्जियाँ-विटामिन और खनिज लवण (आयरन, मैग्नीशियम) से भरपूर होती हैं।
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फसलें और ॠतु-
- खरीफ फसलें-जून-जुलाई में बोई जाती हैं तथा शरद ऋतु में काटी जाती हैं। उदाहरण-बाजरा, मूंगफली, मूंग।
- रबी फसलें-अक्टूबर-दिसम्बर में बोई जाती हैं तथा मार्च-अप्रेल में काटी जाती हैं। उदाहरणगेहूँ, चना, जौ।
- जायद फसलें-मार्च-जून में बोई जाती हैं। उदाहरण-ककड़ी, तरबूज, खरबूजा।
परंपराएँ और कहानियाँ-
- सभी त्योहारों के पीछे परंपराएँ और कहानियाँ होती हैं।
- पुराने समय में अनाज हाथ की चक्की से पीसा जाता था, जैसा कि परी की नानी ने दिखाया।
संतुलित आहार-
- स्वास्थ्यवर्द्धक खाद्य पदार्थों का चयन करना तथा सही अनुपात में पोषक तत्त्व हमारे आहार को गुणकारी एवं संतुलित बनाते हैं।
- संतुलित आहार में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज लवण और रेशे उचित मात्रा में होते हैं।
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