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Class 6th Science Chapter 5 Question Answer in Hindi Medium
Science Class 6 Chapter 5 Question Answer in Hindi
पृष्ठ 80
प्रश्न 1.
क्या बड़ी लंबाइयों जैसे कि दो शहरों के बीच रेल की पटरियों की लंबाई अथवा छोटी लंबाइयों जैसे कि किसी पुस्तक के पृष्ठ की मोटाई मापने के लिए मीटर का मात्रक के रूप में उपयोग सुविधाजनक रहेगा?
उत्तर:
नहीं, बड़ी लंबाई मापने के लिए बड़े मात्रक किलोमीटर (km) का तथा छोटी लंबाई मापने के लिए छोटे मात्रक जैसे, सेंटीमीटर या मिलीमीटर का उपयोग सुविधानजक रहता है।
पृष्ठ 86
प्रश्न 1.
किलोमीटर सूचक पत्थर क्या दर्शाते हैं?
उत्तर:
किलोमीटर सूचक पत्थर उस स्थान की किसी संदर्भ बिन्दु से दूरी दर्शाता है।
चित्र – आँख की सही स्थिति ‘ख’ है।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न
प्रश्न 1.
तालिका के स्तंभ | में दी गई लंबाइयों का उनके मापन के लिए स्तंभ II में दिए गए मात्रकों में से उपयुक्त मात्रक से मिलान कीजिए।
तालिका
| स्तंभ I | स्तंभ II |
| दिल्ली एवं लखनऊ के बीच की दूरी | सेंटीमीटर |
| सिक्के की मोटाई | किलोमीटर |
| रबड़ (इरेजर) की लंबाई | मीटर |
| विद्यालय के मैदान की लंबाई | मिलीमीटर |
उत्तर:
दिल्ली एवं लखनऊ के बीच की दूरी – किलोमीटर
सिक्के की मोटाई – मिलीमीटर
रबड़ ( इरेजर) की लंबाई – सेंटीमीटर
विद्यालय के मैदान की लंबाई – मीटर
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प्रश्न 2.
निम्नलिखित कथनों को पढ़िए एवं सत्य कथन के सामने ‘सत्य’ एवं असत्य कथन के सामने ‘असत्य’ लिखिए।
(क) एक सीधी सड़क पर चलती कार की गति सरल रेखीय गति का उदाहरण है। []
उत्तर:
सत्य
(ख) कोई वस्तु यदि समय के साथ किसी संदर्भ बिन्दु के सापेक्ष अपनी स्थिति में परिवर्तन करती है तो वह गति में है। []
उत्तर:
सत्य
(ग) 1 km = 100 cm []
उत्तर:
असत्य
प्रश्न 3.
निम्न में से कौन-सा लंबाई मापने का मानक मात्रक नहीं है?
(क) मिलीमीटर
(ख) सेंटीमीटर
(ग) किलोमीटर
(घ) बालिश्त
उत्तर:
(घ) बालिश्त
प्रश्न 4.
अपने ‘घर’ एवं विद्यालय में उपलब्ध विभिन्न पैमाने अथवा मापन फीते लीजिए। इन सभी पैमानों में से प्रत्येक द्वारा मापे जा सकने वाले लघुतम मान को ज्ञात कीजिए। अपने प्रेक्षणों को तालिका में लिखिए।
उत्तर:
प्रेक्षण तालिका
| पैमाना | मापे जा सकने वाला लघुतम मान |
| ज्यामितिय स्केल | 1 मिलीमीटर |
| मीटर स्केल | 1 सेंटीमीटर |
| इंच टेप | 1 इंच |
| मापन-टेप | 1 फीट |
| वर्नियर कैलिपर | 0.1 मिलीमीटर |
| स्क्रू गेज | 0.01 मिलीमीटर |
प्रश्न 5.
मान लीजिए आपके विद्यालय एवं घर के बीच की दूरी 1.5km है। इसे मीटर में व्यक्त कीजिए।
उत्तर:
∵ 1 किलोमीटर = 1000 मीटर
∴ 1.5km = 1.5 × 1000
= 1500 मीटर
प्रश्न 6.
एक गिलास या बोतल लीजिए। गिलास या बोतल के तल के वक्र भाग की लंबाई मापिए और लिखिए।
उत्तर:
गिलास या बोतल के तल के वक्र भाग की लंबाई लचीले मापन फीते या धागे का उपयोग कर माप सकते हैं। गिलास के तल के वक्र भाग की लंबाई 17.2 सेंटीमीटर
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प्रश्न 7.
अपने दोस्त की लंबाई मापिए और उसे मीटर, सेंटीमीटर एवं मिलीमीटर में व्यक्त कीजिए।
उत्तर:
दोस्त की लंबाई = 1.25 मीटर है।
(i) ∵ 1 मीटर = 100 सेंटीमीटर
∴ 1.25 मीटर = 1.25 × 100
= 125 सेंटीमीटर
(ii) ∵ 1 मीटर = 1000 मिलीमीटर
∴ 1.25 मीटर = 1.25 × 100
= 1250 मिलीमीटर
प्रश्न 8.
आपको एक सिक्का दिया गया है। अनुमान लगाइए कि किसी पुस्तिका के एक ओर के पूरे किनारे पर कोई रिक्त स्थान छोड़े बिना एक के बाद एक रखने पर कितने सिक्कों की आवश्यकता होगी? पुस्तिका के उसी किनारे और सिक्के को 15cm के पैमाने पर मापकर अपने अनुमान का सत्यापन भी कीजिए।
उत्तर:
हमें दिये गए सिक्के के आधार पर हमारे अनुमान से पुस्तिका के एक ओर के पूरे किनारे पर कोई रिक्त स्थान छोड़े बिना एक के बाद एक सिक्के रखने पर हमें 9 सिक्कों की आवश्यकता होगी। हम अपने अनुमान के सत्यापन के लिए 15cm के पैमाने को सिक्के के मध्य भाग पर रखकर उसकी लंबाई (व्यास) ज्ञात करते हैं। यह लंबाई 1.8 सेंटीमीटर है। अब हम 15cm के पैमाने से पुस्तिका के उस एक ओर के पूरे किनारे की लंबाई ज्ञात करते हैं। यह लंबाई 18 सेंटीमीटर आती है। अतः पैमाने के अनुसार पुस्तिका के एक ओर के पूरे किनारे पर बिना रिक्त स्थान छोड़े हमें 10 सिक्कों की आवश्यकता होगी जो हमारे अनुमान से एक अधिक है।
प्रश्न 9.
सरल रेखीय वृत्तीय एवं दोलन-गति के दो- दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
सरल रेखीय गति के उदाहरण
(i) वृक्ष से नीचे गिरता हुआ फल
(ii) विद्यार्थियों द्वारा सीधी रेखा में मार्च पास्ट करना।
वृत्तीय गति के उदाहरण
(i) साइकिल के पहिए का घूमना
(ii) घूमने वाला झूला ( मेरी-गो-राउंड)
दोलन – गति के उदाहरण
(i) घड़ी के लोलक की गति
(ii) झूला झूलते बच्चे की गति
प्रश्न 10.
अपने चारों ओर की विभिन्न वस्तुओं पर ध्यान दीजिए। कुछ वस्तुओं की लंबाई को mm में, कुछ की cm में और कुछ की m में व्यक्त करना आसान होता है। प्रत्येक श्रेणी में 3 वस्तुओं की सूची बनाइए एवं तालिका में लिखिए।
तालिका- हमारे चारों ओर की कुछ वस्तुओं का आकार

उत्तर:
| लंबाई का उपयुक्त मात्रक | मापनीय वस्तु |
| 1. mm | (i) घड़ी का डायल (ii) मोबाइल की मोटाई(iii) काँच की मोटाई |
| 2. cm | (i) टेबल की लंबाई व चौड़ाई (ii) मित्र के कद की ऊँचाई (iii) पेड़ के तने की मोटाई |
| 3. m | (i) घर की लंबाई व चौड़ाई (ii) टंकी की ऊँचाई (iii) सड़क की चौड़ाई |
प्रश्न 11.
एक रोलर कोस्टर का ट्रैक चित्र में दिखाए गए आकार में बनाया गया है। एक गेंद बिन्दु ‘क’ से प्रारंभ होती है और बिंदु ‘च’ से निकल जाती है। रोलर कोस्टर पर गेंद की गति के प्रकार और ट्रैक के संगत भागों की पहचान कीजिए।

उत्तर:
(1) सरल रेखीय गति-
(i) बिन्दु ‘क’ से ‘ख’ के मध्य
(ii) बिन्दु ‘ङ’ से ‘च’ के मध्य
(2) वृत्तीय गति – बिन्दु ‘ख’, ‘ग’, ‘घ’ व ‘ङ’ के मध्य
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प्रश्न 12.
तस्नीम स्वयं एक मीटर पैमाना बनाना चाहती है। वह उसके लिए निम्नलिखित सामग्री पर विचार करती है— प्लाईवुड, कागज, कपड़ा, लचीली रबड़, स्टील आदि । इनमें से उसे किसका उपयोग नहीं करना चाहिए और क्यों?
उत्तर:
मीटर पैमाने का उपयोग सरल रेखा में लंबाई मापन हेतु किया जाता है। इसलिए तस्नीम को ऐसी सामग्री का उपयोग नहीं करना चाहिए जो लचीली और खींचने वाली हो । अतः उसे कागज, कपड़ा और लचीली रबड़ का उपयोग मीटर पैमाना बनाने में नहीं करना चाहिए।
प्रश्न 13.
अपने दोस्तों के साथ खेलने के लिए लंबाई के मात्रकों के रूपांतरण पर एक कार्ड का खेल (कार्ड गेम) बनाने के संबंध में विचार कीजिए, इसकी योजना बनाइए और इसे विकसित कीजिए।
उत्तर:
अलग-अलग लंबाई तथा संगत इकाइयों जैसे मिलीमीटर, सेंटीमीटर, किलोमीटर वाले विभिन्न कार्ड बनाए जा सकते हैं। प्रत्येक कार्ड में एक इकाई (mm, cm, km) में लंबाई हो सकती है जिसका मिलान खिलाड़ी किसी दूसरी इकाई में उसके समकक्ष मान से कर सकते हैं। जैसे- 1 किलोमीटर के कार्ड का मिलान 1000 मीटर वाले कार्ड से करना।
RBSE Class 6 Science Chapter 5 Important Questions in Hindi
बहुचयनात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
लंबी दूरी के मापन के लिए उपयुक्त मात्रक है-
अ) मीटर
(ब) सेंटीमीटर
(स) किलोमीटर
(द) मिलीमीटर
उत्तर:
(स) किलोमीटर
प्रश्न 2.
लुढ़कती हुई गेंद किस प्रकार की गति दर्शाती है?
(अ) सरल रेखीय गति
(ब) घूर्णन गति
(स) वर्तुल एवं सरल रेखीय गति
(द) सरल रेखीय एवं घूर्णन गति
उत्तर:
(द) सरल रेखीय एवं घूर्णन गति
प्रश्न 3.
सरल रेखा के अनुदिश गति को कहते हैं?
(अ) घूर्णन गति
(ब) वर्तुल गति
(स) सरल रेखीय गति
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(स) सरल रेखीय गति
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प्रश्न 4.
1 सेंटीमीटर में कितने मिलीमीटर होते हैं?
(अ) 10mm
(ब) 100mm
(स) 1000mm
(द) 10000mm
उत्तर:
(अ) 10mm
प्रश्न 5.
प्राचीन भारत में छोटी लंबाइयों को मापने के लिए किसका उपयोग किया जाता था?
(अ) कदमों का
(ब) हाथ का
(स) फुट का
(द) अँगुल का
उत्तर:
(द) अँगुल का
प्रश्न 6.
1 इंच का मान है—
(अ) 1.54 cm
(ब) 2.54 cm
(स) 2.45 cm
(द) 2.46 cm
उत्तर:
(ब) 2.54 cm
प्रश्न 7.
मिलीमीटर का संकेत है—
(अ) mM
(ब) cm
(स) mm
(द) m
उत्तर:
(स) mm
प्रश्न 8.
झूले की गति होती है-
(अ) सरल रेखीय गति
(ब) दोलन गति
(स) वर्तुल गति
(द) घूर्णन गति
उत्तर:
(ब) दोलन गति
प्रश्न 9.
मापन के मानक मात्रकों की प्रणाली कहलाती है—
(अ) IS प्रणाली
(ब) ISI प्रणाली
(स) CM प्रणाली
(द) SI प्रणाली
उत्तर:
(द) SI प्रणाली
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प्रश्न 10.
आवर्ती गति का उदाहरण है-
(अ) सैनिकों की परेड
(ब) गेंद का लुढ़कना
(स) लोलक
(द) उपर्युक्त सभी
उत्तर:
(स) लोलक
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. समय के साथ स्थिति में परिवर्तन को ___________ कहते हैं।
उत्तर:
गति
2. किसी घड़ी के सेकंड की सुई की नोक की गति ___________ गति का उदाहरण है।
उत्तर:
वृत्तीय
3. लंबाई का मान लिखते समय ___________ और ___________ के बीच में स्थान छोड़ना होता है।
उत्तर:
संख्या, मात्रक
4. वृत्तीय गति एवं दोलन गति दोनों ही प्रकृति में ___________ गति है।
उत्तर:
आवर्ती
5. जब कोई वस्तु किसी नियत स्थिति के इधर-उधर गति करती है, तब उसकी गति को ___________ कहते हैं।
उत्तर:
दोलन – गति
6. लंबाई का ___________ मात्रक मीटर है।
उत्तर:
SI
निम्न में से सत्य / असत्य कथन छाँटिए
1. सरल रेखा के अनुदिश गति को वर्तुल गति कहते हैं। (सत्य/असत्य)
उत्तर:
असत्य
2. एक सेंटीमीटर में 100 मिलीमीटर होते हैं। (सत्य/असत्य)
उत्तर:
असत्य
3. लंबाई के मात्रक मीटर का प्रतीक m है। (सत्य/असत्य)
उत्तर:
सत्य
4. किसी वक्र रेखा की लम्बाई सीधे ही मीटर पैमाने का उपयोग कर माप सकते हैं। (सत्य/असत्य)
उत्तर:
असत्य
कॉलम -1 में दिए गए शब्दों का मिलान कॉलम- 2 से कीजिए
प्रश्न 1.
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| (1) घड़ी की सुई | (A) सरल रेखीय गति |
| (2) मार्च पास्ट | (B) वृत्तीय गति |
| (3) झूला | (C) आवर्ती गति |
| (4) लोलक | (D) दोलन गति |
उत्तर:
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| (1) घड़ी की सुई | (B) वृत्तीय गति |
| (2) मार्च पास्ट | (A) सरल रेखीय गति |
| (3) झूला | (D) दोलन गति |
| (4) लोलक | (C) आवर्ती गति |
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प्रश्न 2.
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| (1) 1500mm | (A) 2 इंच |
| (2) 50.8mm | (B) 1.5 मीटर |
| (3) 1000 mm | (C) 0.002 किलोमीटर |
| (4) 2000 mm | (D) 1 मीटर |
उत्तर:
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| (1) 1500mm | (B) 1.5 मीटर |
| (2) 50.8mm | (A) 2 इंच |
| (3) 1000 mm | (D) 1 मीटर |
| (4) 2000 mm | (C) 0.002 किलोमीटर |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
बालिश्त ( हँडस्पैन) से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर:
हाथ के पंजे की चौड़ाई को बालिश्त (हैंडस्पैन) कहते हैं।
प्रश्न 2.
किसी वृक्ष के तने की मोटाई मापने के लिए किस प्रकार का पैमाना उपयुक्त होता है?
उत्तर:
किसी वृक्ष के तने की मोटाई के मापन के लिए सीधे तौर पर मीटर पैमाने का उपयोग नहीं कर सकते। ऐसे मापों के लिए दर्जी के फीते जैसा लचीला मापन- फीता अधिक उपयुक्त होता है।
प्रश्न 3.
किसी पैमाने को रखने की सही विधि क्या है?
उत्तर:
पैमाने को वस्तु के संपर्क में इसकी लंबाई के अनुदिश (साथ- साथ) रखना चाहिए।
प्रश्न 4.
दृष्टिबाधित विद्यार्थी लंबाई का मान कैसे करते हैं?
उत्तर:
दृष्टिबाधित विद्यार्थी लंबाई के मापन के लिए उभरे अंकन बिन्दु वाले पैमाने का उपयोग करते हैं जिन्हें स्पर्श से महसूस किया जा सकता है।
प्रश्न 5.
लंबाई के मापन से प्राप्त परिणाम के कितने व कौन से भाग होते हैं?
उत्तर:
लंबाई के मापन से प्राप्त परिणाम के दो भाग होते हैं- एक भाग अंक एवं दूसरा भाग मापन का मात्रक।
प्रश्न 6.
वक्र रेखा की स्थिति में लंबाई का मापन किस प्रकार किया जा सकता है?
उत्तर:
वक्र रेखा की स्थिति में लचीले मापन फीते या धागे का उपयोग कर मापन किया जा सकता है।
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प्रश्न 7.
‘संदर्भ बिन्दु’ से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
किसी वस्तु की दूरी का निर्धारण किसी नियत वस्तु या बिन्दु के सापेक्ष किया जाता है और इस बिन्दु को संदर्भ बिन्दु कहते हैं।
प्रश्न 8.
‘गति’ किसे कहते हैं?
उत्तर:
समय के साथ किसी वस्तु की स्थिति में परिवर्तन को गति कहते हैं।
प्रश्न 9.
‘सरल रेखीय गति’ किसे कहते हैं?
उत्तर:
जब कोई वस्तु सरल रेखा के अनुदिश गति करती है तो उसकी गति को सरल रेखीय गति कहते हैं।
प्रश्न 10.
‘वृत्तीय गति’ किसे कहते हैं?
उत्तर:
जब कोई वस्तु वृत्तीय पथ के अनुदिश गति करती है तब उसकी गति वृत्तीय गति कहलाती है।
प्रश्न 11.
‘आवर्ती गति’ किसे कहते हैं?
उत्तर:
यदि कोई वस्तु एक निश्चित समय अंतराल के बाद अपनी गति दोहराती है तो उसकी गति आवर्ती गति कहलाती है।
प्रश्न 12.
मापन किसे कहते हैं?
उत्तर:
किसी अज्ञात मात्रा की उसी प्रकार की ज्ञात मात्रा से तुलना को मापन कहा जाता है।
प्रश्न 13.
मात्रक से क्या तात्पर्य है?
उत्तर:
मापन के लिए प्रयुक्त ज्ञात निश्चित मात्रा को मात्रक कहते हैं।
प्रश्न 14.
SI प्रणाली’ क्या है?
उत्तर:
विभिन्न देशों द्वारा मापन के मानक मात्रकों के रूप में स्वीकार की गई अंतराष्ट्रीय प्रणाली को SI प्रणाली कहते हैं।
प्रश्न 15.
‘जोनेस काउंटर’ क्या होता है?
उत्तर:
जोनेस काउंटर साइकिल के पहिए से जुड़ा होता है और दूरी के मापन के लिए उपयोग किया जाता है।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
एक समान मापन प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता क्यों हुई?
उत्तर:
प्राचीन काल में लोग पैर की लंबाई, उंगली की चौड़ाई, एक कदम की दूरी आदि का उपयोग मापन के मात्रक के रूप में करते थे परन्तु इनमें अन्तर के कारण उलझनें होती थी इसीलिए किसी एक समान मापन प्रणाली को विकसित करने की आवश्यकता उत्पन्न हुई।
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प्रश्न 2.
कोई वस्तु गतिशील व स्थिर कब कही जा सकती है? समझाइए।
उत्तर:
कोई वस्तु गतिशील तब कही जा सकती है जब किसी संदर्भ बिन्दु के सापेक्ष उसकी स्थिति समय के साथ परिवर्तित होती है। यदि किसी संदर्भ बिन्दु के सापेक्ष किसी वस्तु की स्थिति में समय के साथ परिवर्तन नहीं होता है तो वह वस्तु स्थिर कही जाती है।
प्रश्न 3.
“वृत्तीय गति एवं दोलन-गति दोनों ही प्रकृति में आवर्ती गति है।” इस कथन को समझाइए।
उत्तर:
यदि कोई वस्तु एक निश्चित समय अंतराल के बाद अपनी गति दोहराती है तो उसकी गति आवर्ती गति कहलाती है। जब कोई वस्तु वृत्तीय गति में होती है तब वह बार-बार वृत्तीय पथ के अनुदिश गति करती है। दोलन गति करती हुई वस्तु भी इधर-उधर गति करते हुए अपनी गति को दोहराती है। इसलिए कहा जा सकता है कि वृत्तीय गति एवं दोलन गति, दोनों ही प्रकृति में आवर्ती गति हैं।
प्रश्न 4.
लंबाई मापने वाले कुछ उपकरण लचीले पदार्थ से क्यों बने होते हैं?
उत्तर:
सभी मापन योग्य वस्तुएँ सरल रेखीय स्थिति में नहीं होती है। जैसे हमें किसी वृक्ष के तने की मोटाई अथवा अपनी छाती का आकार या किसी वक्र रेखा की लंबाई मापनी हो तो हम सीधे ही मीटर पैमाने का उपयोग नहीं कर सकते हैं। इसके लिए हमें लचीले मापन फीते की आवश्यकता होगी। इसीलिए लंबाई मापने वाले कुछ उपकरण लचीले पदार्थ से बने होते हैं।
प्रश्न 5.
लंबाई के SI मात्रक को समझाइए।
उत्तर:
लंबाई का SI मात्रक मीटर है जिसे m प्रतीक द्वारा दर्शाया जाता है। SI प्रणाली में प्रत्येक मीटर (m) को 100 बराबर भागों में विभाजित किया जाता है, जिन्हें सेन्टीमीटर। (cm) कहते हैं। एक सेंटीमीटर के 10 बराबर भाग होते हैं जिन्हें मिलीमीटर (mm) कहते हैं।
लंबी दूरी मापन के लिए किलोमीटर (km) मात्रक प्रयुक्त करते हैं जो 1000 मीटर के बराबर होता है।
1km = 1000m, 1m = 100cm, 1cm = 10mm
प्रश्न 6.
दोलन गति किसे कहते हैं? कुछ उदाहरण दीजिए।
उत्तर:
जब कोई वस्तु किसी नियत स्थिति के इधर-उधर गति करती है तब उसकी गति दोलन-गति कहलाती है। वृक्ष की शाखाओं का इधर-उधर लहराना, झूला झूलते बच्चे की गति, सितार की डोरियों की गति, ये सभी दोलन गति के उदाहरण हैं।
दीर्घउत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
प्राचीन भारत की मापन प्रणालियों के बारे में संक्षिप्त में समझाइए।
उत्तर:
प्राचीन काल से ही भारत में मापन प्रणालियों का एक समृद्ध इतिहास रहा है। प्राचीन भारतीय साहित्य में कुछ मात्रकों का वर्णन है, जैसे- अंगुल (अंगुली की चौड़ाई), बहु- अँगुल, धनुष, योजन आदि। इनका उपयोग कलाकृतियों, वास्तुकला और नगर नियोजन में होता था । बढ़ई और दर्जी जैसे पारंपरिक शिल्पकार आज भी अँगुल का उपयोग करते हैं। सिंधु सरस्वती (हड़प्पा सभ्यता के उत्खनन स्थलों से प्राप्त अनेक वस्तुओं में रेखांकित चिह्न पाए गए हैं जो पैमाने हो सकते हैं।
प्रश्न 2.
पैमाने को पढ़ते समय आँख की सही स्थिति क्या होनी चाहिए? चित्र बनाकर समझाइए।
उत्तर:
पैमाने को पढ़ते समय आँख की स्थिति सही होने पर ही शुद्ध माप प्राप्त किया जा सकता है। पैमाने को पढ़ते समय आँख की सही स्थिति को एक उदाहरण द्वारा समझ सकते है। यदि हम एक पेंसिल को पैमाने के साथ संरेखित कर उसका माप लेने का प्रयास करते हैं, तो हमारी आँख की स्थिति पेंसिल की नोंक के ठीक ऊपर होनी चाहिए।

प्रश्न 3.
यदि आपको मापन के लिए दिए गए पैमाने के सिरे किसी कारणवश टूट जाएँ, तो क्या आप उसका उपयोग मापन हेतु कर सकते हैं? उदाहरण द्वारा समझाइए।
उत्तर:
यदि हमें मापन के लिए दिए गए पैमाने के सिरे टूटे हैं या शून्यांक स्पष्ट नहीं है तब भी इसका उपयोग मापन के लिए किया जा सकता है। ऐसे पैमाने के लिए किसी अन्य पूर्णांक, जैसे— 1.0cm का उपयोग कर सकते हैं। इसके बाद हम दूसरे सिरे के पाठ्यांक से इस पूर्णांक के पाठ्यांक को घटाकर सही माप ज्ञात कर सकते हैं। उदाहरण के लिए यदि एक सिरे का पाठ्यांक 1.0cm है तथा दूसरे सिरे का पाठ्यांक 8.7cm है, तो वस्तु की लंबाई 8.7cm – 1.0 cm = 7.7 cm होगी।
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प्रश्न 4.
मात्रकों के प्रतीक किस प्रकार लिखे जाते हैं? समझाइए।
उत्तर:
सभी मापनों के परिणामों को दो भागों में व्यक्त किया जाता है। एक भाग अंक व दूसरा भाग मापन के मात्रक के रूप में होता है। मापन के मात्रकों को प्रतीकों को प्रतीकों के रूप में दर्शाया जाता है। मात्रकों के प्रतीक अंग्रेजी में लिखे जाते हैं, जो हिन्दी में भी वही रहते हैं। जैसे किलोमीटर का संकेत km, मीटर का m, सेंटीमीटर का cm एवं मिलीमीटर का संकेत mm लिखा जाता है। इन संकेतों का पहला अक्षर अंग्रेजी वर्णमाला का छोटा अक्षर ही होता है, जब तक कि वह वाक्य के आरंभ में न आये। मात्रकों और उनके संकेतों के बहुवचन नहीं होते हैं इसलिए इनके अंत में ‘S’ नहीं लगता है। मात्रक के संकेत के अंत में बिन्दु का चिह्न भी नहीं लगाया जाता। मापन का परिणाम लिखते समय संख्या और मात्रक के बीच में स्थान छोड़ा जाता है।
प्रश्न 5.
क्या कोई वस्तु किसी एक ही स्थिति में स्थिर व गतिशील हो सकती है? उदाहरण देकर समझाइए।
उत्तर:
कोई वस्तु स्थिर है या गतिशील, इसको निश्चित करने के लिए संदर्भ बिन्दु महत्त्वपूर्ण होता है। उदाहरण के लिए माना कि हम एक बस में है जिसके सभी यात्री बैठे हुए हैं। यदि हम बस में एक मिनट बाद फिर से देखें तो यात्री अभी भी बस में बैठे हुए हैं। अर्थात् यात्रियों की स्थिति समय के साथ परिवर्तित नहीं हो रही है। अतः निश्चित ही वे स्थिर हैं। तथापि जब हमें बस से बाहर देखते हैं तो हम पाते हैं कि वे गतिशील हैं क्योंकि बाहर की वस्तुओं के सापेक्ष उनकी स्थिति बदल रही है। इस तरह एक वस्तु एक ही स्थिति में स्थिर व गतिशील हो सकती है। ऐसी स्थिति में संदर्भ बिन्दु महत्त्वपूर्ण हो जाता है। यदि हम बस को संदर्भ बिन्दु मानते हैं तो यात्री स्थिर है। तथापि, बस से बाहर की किसी वस्तु को संदर्भ बिन्दु मानते हैं तो बस व यात्री गति में है।
प्रश्न 6.
लम्बाई मापते समय हमें कौनसी सावधानियाँ रखनी चाहिए?
उत्तर:
लंबाई मापते समय हमें निम्न सावधानियाँ रखनी चाहिए—
- मापन पैमाने को वस्तु के सम्पर्क में उसकी लंबाई के अनुदिश रखना चाहिए।
- कुछ पैमानों के सिरे टूटे हो सकते हैं या उनमें शून्यांक स्पष्ट नहीं दिखते हों तो ऐसी स्थिति में शून्यांक से माप नहीं लेना चाहिए बल्कि अन्य किसी पूर्णांक को काम में लिया जाना चाहिए।
- माप लेने के लिए आँख की सही स्थिति भी महत्त्वपूर्ण होती है। जिस बिन्दु की माप लेनी हो, आँख उसके ठीक सामने होनी चाहिए।
निबन्धात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
गति को समझाते हुए इसके प्रकारों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
किसी संदर्भ बिन्दु के सापेक्ष किसी वस्तु की स्थिति के समय के साथ होने वाले परिवर्तन को गति कहते हैं। स्थिति में हुए इस परिवर्तन को हम दूरी मापन से ज्ञात कर सकते हैं। इससे हम यह पता लगा सकते हैं। कि कोई वस्तु कितनी गति से चल रही है। गति कई प्रकार की होती है। जैसे—
(i) सरल रेखीय गति – जब कोई वस्तु सरल रेखा के अनुदिश गति करती है तो उसकी गति को सरल रेखीय गति कहते हैं। परेड के समय विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मार्च पास्ट, पेड़ से गिरता फल, सीधी सड़क पर चलते वाहन इस प्रकार की गति दर्शाते हैं।
(ii) वृत्तीय गति – जब कोई वस्तु वृत्तीय पथ के अनुदिश गति करती है तब उसकी गति वृत्तीय गति कहलाती है। घूमने वाले झूले की गति इसका उदाहरण है।
(iii) दोलन गति – जब कोई वस्तु किसी नियत स्थिति के इधर-उधर गति करती है तब उसकी गति दोलन गति कहलाती है। झूला झूलते बच्चे की गति इस प्रकार की गति का उदाहरण है।
(iv) आवर्ती गति – यदि कोई वस्तु एक निश्चित समय अंतराल के बाद अपनी गति दोहराती है तो उसकी गति आवर्ती गति कहलाती है। जब कोई वस्तु वृत्तीय गति में होती है तब वह बार-बार वृत्तीय पथ के अनुदिश गति करती है। दोलन गति करती हुई वस्तु भी इधर-उधर गति करते हुए अपनी गति को दोहराती है। इसलिए वृत्तीय गति एवं दोलन-गति दोनों ही प्रकृति में आवर्ती गति हैं।
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RBSE Class 6 Science Chapter 5 Notes in Hindi
- लोग किसी वस्तु की लंबाई मापने के लिए पैमाने या मापन- फीते का उपयोग करते हैं।
- मात्रकों की अंतरराष्ट्रीय प्रणाली (SI इंटरनेशनल सिस्टम ऑफ यूनिट्स) को संसार के विभिन्न देशों द्वारा मापन के मानक मात्रकों के रूप में स्वीकार किया गया है।
- लंबाई का SI मात्रक मीटर है जिसका प्रतीक m है।
- बड़ी लंबाई मापने के लिए हम बड़े मात्रक किलोमीटर (km) का उपयोग करते हैं, जो 1000 मीटर के बराबर होता है जबकि छोटी लंबाई मापने के लिए छोटे मात्रक का उपयोग करते हैं, जैसे- मिलीमीटर या सेन्टीमीटर।
- वक्र रेखा की स्थिति में, लचीले मापन फीते या धागे का उपयोग कर मापन किया जा सकता है।
- किसी वस्तु की दूरी का निर्धारण किसी नियत वस्तु या बिन्दु के सापेक्ष किया जाता है, जिसे संदर्भ बिन्दु कहते हैं।
- कोई वस्तु गति में तब कही जा सकती है, जब किसी संदर्भ बिन्दु के सापेक्ष उसकी स्थिति समय के साथ परिवर्तित होती है।
- जब कोई वस्तु सरल रेखा के अनुदिश गति करती है, तब उसकी गति को सरल रेखीय गति कहते हैं।
- जब कोई वस्तु वृत्तीय पथ के अनुदिश गति करती है; तब उसकी गति को वृत्तीय गति कहते हैं।
- जब कोई वस्तु किसी नियत स्थिति के इधर-उधर गति करती है, तब उसकी गति को दोलन – गति कहते हैं।
- यदि कोई वस्तु एक निश्चित समय अंतराल के बाद अपनी गति दोहराती है तो उसकी गति आवर्ती गति कहलाती है।
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