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Class 6 Social Science Chapter 3 Question Answer in Hindi
स्थलरूप एवं जीवन Question Answer
कक्षा 6 सामाजिक विज्ञान पाठ 3 के प्रश्न उत्तर (InText)
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प्रश्न 1.
स्थलरूपों के प्रमुख प्रकार कौनसे हैं और जीवन तथा संस्कृति के लिए इनका क्या महत्त्व है?
उत्तर:
व्यापक रूप से स्थलरूपों के तीन प्रमुख प्रकार बताये जा सकते हैं— (1) पर्वत (2) पठार और (3) मैदान।
इन स्थलरूपों में विविध प्रकार की जलवायु और अलग अलग प्रकार के पेड़-पौधे तथा जीवजन्तु पाए जाते हैं। मानव ने सभी स्थलरूपों के अनुसार स्वयं को ढाला है।
पर्वतों का महत्त्व – पर्वतों में घने वन, बहती नदियां, झीलों, घास के मैदान और कंदराएं अनेक प्रकार के जीवों को आश्रय प्रदान करते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों का पशुपालन तथा पर्यटन की दृष्टि से अत्यधिक महत्त्व है। पर्वतों की स्वच्छ हवा और मनोरस प्राकृतिक दृश्य सभी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। कुछ पर्यटक पर्वतों पर साहसिक खेलों के लिए भी जाते हैं, जैसे- स्कीइंग, हाइकिंग, पर्वतारोहण और पैरा ग्लाइडिंग अनेक शताब्दियों से लोग पवित्र स्थलों की तीर्थयात्रा पर जाने के लिए पर्वतों की यात्राएं करते हैं।
पठारों का महत्त्व – पठारों में खनिजों का प्रचुर मात्रा में जमाव देखने को मिलता है। इस कारण इन्हें खनिजों का भंडार गृह भी कहा जाता है। अतः पठारों में खनन मुख्य गतिविधि है। इसके अतिरिक्त पठारों पर अनेक आकर्षक जल प्रपात भी होते हैं।
मैदानों का महत्त्व – मैदानों में लोगों का मुख्य आर्थिक व्यवसाय कृषि है। यहाँ विविध प्रकार की वनस्पतियों तथा जीव जन्तुओं का भी पोषण होता है।
पर्वतों व मैदानों में बहने वाली नदियां बहुत से सांस्कृतिक मूल्यों का वहन करती है। इनके संगम स्थलों को पवित्र माना जाता है। भारत में नदियों के संगम स्थलों पर बहुत से त्योहार, समारोह और धार्मिक कृत्य किए जाते हैं।
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प्रश्न 2.
प्रत्येक स्थलरूप के साथ संबंधित जीवन की क्या चुनौतियाँ एवं अवसर हैं?
उत्तर:
पहाड़ों के साथ जीवन की चुनौतियां व अवसर-
पर्वतीय भू-भाग सामान्य रूप से खड़े ढलानों के साथ ऊबड़-खाबड़ होता है। यहाँ निवास करने वाले लोगों को निम्नलिखित प्रमुख चुनौतियों का सामना करना पड़ता है:
(1) आकस्मिक बाढ़ – पहाड़ों पर प्रायः बादल फटने से अत्यधिक तीव्र बारिश से स्थान विशेष में अकस्मात बाढ़ आ जाती है, इससे यहाँ जन-धन की बहुत हानि होती है।
(2) भूस्खलन – पर्वतीय भूखण्ड के एक बड़े भाग या एक चट्टान के अकस्मात गिरने से यहाँ के निवासियों को निवास के गिरने व आवागमन के अवरुद्ध होने से बड़ी समस्या का सामना करना पड़ता है।
(3) हिमधाव – पर्वतीय जीवन की एक अन्य चुनौती हिमधाव हैं। जब यहाँ हिम का पिघलना प्रारंभ होता है, तो यहां पर पर्वत से अचानक हिम गिरने लगती है या हिमपात होने लगता है अथवा चट्टाने टूटकर गिर जाती हैं। इस हिमधाव का यहाँ के लोगों को प्राय: सामना करना पड़ता है।
(4) पर्यटकों का अनियंत्रित रूप से आ जाना – बहुत सारे पर्यटकों के एक साथ आ जाने से पर्वतों के पर्यावरण पर दबाव पड़ता है। प्रायः इनमें सही संतुलन बनाए रखना कठिन हो जाता है।
(5) पर्वतीय जीवन के सकारात्मक पक्ष – पर्वतीय जीवन के कई सकारात्मक पक्ष भी हैं, जैसे पर्वतों की स्वच्छ हवा और प्राकृतिक मनोरम दृश्य आदि। ये यहाँ पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इसके अतिरिक्त यहाँ स्थित पवित्र तीर्थस्थल भी यहाँ लोगों को तीर्थ यात्रा के लिए आकर्षित करते हैं।
पठारों में जीवन की चुनौतियां व अवसर पठारों में प्रायः चट्टानी मिट्टी पाई जाती हैं जो मैदानी मिट्टी की तुलना में कम उपजाऊ होती है। अतः पठार कृषि के लिए कम अनुकूल होते हैं। लेकिन-पुठारों में खनिजों का जमाव प्रचुर मात्रा में होने से खनन यहाँ की मुख्य गतिविधि है। पठारों में सोने, हीरे, लौह, कोयला, मैंगनीज आदि खनिजों के प्रचुर भंडार हैं। इसके अतिरिक्त पठारों में अनेक आकर्षक जल प्रपात भी होते हैं।
मैदानों में जीवन – मैदानों की मिट्टी उपजाऊ होती है। फलस्वरूप ये मैदान सभी प्रकार के फसलों को उपजाने के लिए उपयुक्त होते हैं। अतः यहाँ की मुख्य आर्थिक गतिविधि कृषि है। अधिकांश आरंभिक सभ्यताएँ नदियों के उपजाऊ मैदानों के आस-पास विकसित हुई हैं। विश्व की अधिकांश जनसंख्या मैदानों में निवास करती है। समतल होने के कारण मैदानों में यातायात व निवास में आसानी रहती है।
लेकिन वर्तमान में अधिक सिंचाई से भूमिगत जलस्तर में गिरावट आने से इस क्षेत्र में कृषि के भविष्य को लेकर चुनौतीपूर्ण स्थिति भी उत्पन्न हो गई है। मैदानों की अन्य प्रमुख चुनौतियाँ है – बढ़ती हुई जनसंख्या और बढ़ता प्रदूषण।
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कक्षा की गतिविधि के रूप में बहुत ऊँचाई से लिए गए उत्तर- भारत के क्षेत्र के उपग्रह चित्र (पाठ्यपुस्तक का चित्र 3.9) का अवलोकन कीजिए और उस पर चर्चा कीजिए-
प्रश्न 1.
गंगा के मैदान का रंग कौन-सा है?
उत्तर:
भूरा
प्रश्न 2.
सफेद रंग किस वस्तु को दर्शा रहा है?
उत्तर:
सफेद रंग बर्फ को दर्शा रहा है।
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प्रश्न 3.
उपग्रह चित्र के नीचे बांई ओर भूरे रंग का फैलाव क्या दर्शा रहा है?
उत्तर:
यह गंगा के मैदान के फैलाव को दर्शा रहा है।
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प्रश्न 1.
क्या आप अपने प्रदेश की नदी के स्त्रोतों अथवा संगम के कुछ उदाहरण दे सकते हैं जिन्हें किसी समुदाय द्वारा पवित्र स्थल माना जाता है?
उत्तर:
भारत में गंगा नदी का उद्गम स्थल हिमालय क्षेत्र में गंगोत्री मानी जाती है। प्रयाग में त्रिवेणी गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम स्थल है। यह हिन्दू समुदाय का पवित्र स्थल माना जाता है।
प्रश्न 2.
अपने पास की नदी पर जाइए और वहाँ होने वाली सभी आर्थिक या सांस्कृतिक गतिविधियों का अवलोकन कीजिए। उन्हें लिखकर अपने सहपाठियों के साथ उन पर चर्चा करें।
उत्तर:
विद्यार्थी अपने पास की किसी नदी पर जाकर वहाँ की आर्थिक या सांस्कृतिक गतिविधियों का स्वयं अवलोकन कर, उसे लिखकर अपने सहपाठियों के साथ उस पर चर्चा करें।
प्रश्न 3.
भारत के कुछ लोकप्रिय पर्यटन स्थलों के नाम बताइए। साथ ही पहचानिए कि वे पर्यटन स्थल किस प्रकार के स्थल रूप से संबंधित हैं?
उत्तर:
भारत के लोकप्रिय पर्यटन स्थल हैं— कश्मीर, बद्रीनाथ, केदारनाथ, शिमला, जैसलमेर, नहकालीकाई जल प्रपात आदि। ये पर्यटन स्थल जिस स्थल रूप से संबंधित हैं, वे इस प्रकार हैं- कश्मीर, बद्रीनाथ, केदारनाथ, शिमला पर्वत स्थल रूप से, जैसलमेर मरुस्थल स्थल रूप से तथा नहकालीकाई जल प्रपात पठार स्थल रूप से।
पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति कक्षा 6 प्रश्न उत्तर (Exercise)
प्रश्न 1.
आपका कस्बा या गाँव या नगर किस प्रकार के स्थल रूप पर स्थित है? इस अध्याय में बताई गई विशेषताओं में से कौनसी विशेषताएँ आप अपने आस-पास देखते हैं?
उत्तर:
हमारा नगर जयपुर मैदान स्थल रूप पर स्थित है। यह एक विस्तृत सपाट धरातल है। इसमें कोई ऊँची पहाड़ियाँ अथवा गहरी घाटियां नहीं है। यह मैदान सभी प्रकार की फसलों को उपजाने के लिए उपयुक्त है। हम अपने आस- पास बाजरा, गेहूँ, चना, जौ, सरसों तथा विविध प्रकार की सब्जियों को पैदा होते हुए देखते हैं।
इस मैदानी भाग में अनेक प्रकार के जीव-जन्तुओं का पोषण होते हुए भी हम देखते हैं।
प्रश्न 2.
आइए, छोटा नागपुर से प्रयागराज और अल्मोड़ा की हमारी आरंभिक यात्रा पर चलें। इस मार्ग में आने वाले तीन स्थल रूपों के बारे में बताइये।
उत्तर:
छोटा नागपुर से प्रयागराज और अल्मोड़ा की हमारी यात्रा में आने वाले तीन स्थल रूप हैं-पठार, मैदान और पर्वत। यथा-
(1) छोटा नागपुर – छोटा नागपुर दक्षिण के पठार का क्षेत्र है। यह पठार विश्व के सबसे पुराने पठारों में से एक है जो कई लाख वर्ष पहले ज्वालामुखी की सक्रियता के कारण बना था। यह पठार एक ऐसी स्थलाकृति है जो आस-पास की भूमि से ऊपर उठी हुई है और इसकी सतह चपटी है तथा इसके कुछ पार्श्व सीधी ढलान वाले हैं। भारत में छोटा नागपुर पठार में लौह, कोयला और मैग्नीज के प्रचुर भंडार हैं।
(2) अल्मोड़ा – अल्मोड़ा पर्वत स्थल रूप है। यह स्थल आस-पास की भूमि से काफी ऊँचा उठा हुआ है। यहाँ काफी ठंडक रहती है। यह हिमालय पर्वत श्रृंखला का एक क्षेत्र है। इसके ढलानों पर शंकुधारी वृक्ष हैं।
(3) प्रयागराज – यह मैदानी स्थल रूप है और गंगा के मैदान का भाग है। यह क्षेत्र उपजाऊ है क्योंकि नदियों के तलछट से यह निर्मित हुआ है। यहाँ पर गंगा, यमुना और सरस्वती नामक नदियों का त्रिवेणी नामक संगम स्थल है। यह मैदान सभी प्रकार की फसलों को उपजाने के लिए उपयुक्त है। यहाँ के लोगों की मुख्य आर्थिक क्रिया कृषि है।
प्रश्न 3.
भारत के कुछ प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों की सूची बनाइए । यह भी लिखिए कि वे कौन से स्थल रूप के अन्तर्गत आते हैं?
उत्तर:
| भारत के कुछ प्रसिद्ध तीर्थ स्थल | स्थलरूप |
| 1. अमरनाथ | पर्वत |
| 2. बद्रीनाथ, केदारनाथ | पर्वत |
| 3. हरिद्वार | मैदान |
| 4. रामेश्वरम् | मैदान |
| 5. जगन्नाथपुरी | मैदान |
| 6. कैलाश पर्वत | पर्वत |
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प्रश्न 4.
सही या गलत बताइए-
(i) हिमालय गोल शिखरों वाली नवीन पर्वत श्रृंखला है।
(ii) पठार प्राय: एक ओर से उठे हुए होते हैं।
(iii) पर्वत और पहाड़ियाँ एक ही प्रकार के स्थल रूप हैं।
(iv) भारत में पर्वत, पठार और नदियों में एक ही प्रकार के वनस्पति और प्राणी जगत पाए जाते हैं।
(v) गंगा यमुना की सहायक नदी है।
(vi) मरुस्थल का वनस्पति जगत और प्राणी जगत विलक्षण होता है।
(vii) हिम के पिघलने से नदियों में जल आता है।
(viii) मैदानों में नदियों द्वारा एकत्र किए गए तलछट भूमि को उपजाऊ बनाते हैं।
(ix) सभी मरुस्थल गर्म होते हैं।
उत्तर:
(i) असत्य (ii) असत्य (iii) सत्य (iv) असत्य (v) असत्य (vi) सत्य (vii) सत्य (viii) सत्य (ix) असत्य
प्रश्न 5.
शब्दों के जोड़े बनाइए-
| माउण्ट एवरेस्ट | अफ्रीका |
| राफ्टिंग | विश्व की छत |
| ऊँट | धान का खेत |
| पठार | मरुस्थल |
| गंगा का मैदान | नदी |
| जलमार्ग | गंगा |
| माउंट किलिमंजारो | सहायक नदी |
| यमुना | पर्वतारोहण |
उत्तर:
| माउण्ट एवरेस्ट | पर्वतारोहण |
| राफ्टिंग | नदी |
| ऊँट | मरुस्थल |
| पठार | विश्व की छत |
| गंगा का मैदान | धान का खेत |
| जलमार्ग | गंगा |
| माउंट किलिमंजारो | अफ्रीका |
| यमुना | सहायक नदी |
स्थलरूप एवं जीवन Class 6 Question Answer
बहुविकल्पात्मक प्रश्न
1. अधिक ऊँचाई वाले, चौड़े आधार, खड़ी चढाई और संकरे शिखर के रूप में पहचाना जा सकता हैं-
(अ) पर्वत को
(ब) पहाड़ी को
(स) पठार को
(द) मैदान को
उत्तर:
(अ) पर्वत को
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2. कम ऊँचाई वाले ऊँचे स्थान जहाँ कम खड़ी चढ़ाइयाँ और गोल आकार के होते हैं, उन्हें कहते हैं—
(अ) पर्वत
(ब) पहाड़ी
(स) पठार
(द) मैदान
उत्तर:
(ब) पहाड़ी
3. दक्षिणी अमेरिका की सबसे ऊँची पर्वत चोटी है—
(अ) माउण्ट एवरेस्ट
(ब) कंचनजुंगा
(स) माउंट अकोंकागुआ
(द) माउंट किलिमंजारो
उत्तर:
(स) माउंट अकोंकागुआ
4. भारत के सिक्किम राज्य और नेपाल के बीच हिमालय पर्वत श्रृंखला का सबसे ऊँचा शिखर है-
(अ) माउण्ट एवरेस्ट
(ब) अनाईमुडी
(स) माउंट किलिमंजारो
(द) कंचनजुंगा
उत्तर:
(द) कंचनजुंगा
5. हिमालय से निकलने वाली नदियों में सबसे विशालतम नदी है—
(अ) गंगा
(ब) यमुना
(स) घाघरा
(द) व्यास
उत्तर:
(अ) गंगा
6. पहाड़ों के बीच का एक निचला क्षेत्र, जिसमें प्राय: नदी अथवा जलधारा बहती है, कहलाता है-
(अ) वेदिका
(ब) घाटी
(स) लाइकेन
(द) मॉस
उत्तर:
(ब) घाटी
7. पर्वतीय भूखंड के एक बड़े भाग या चट्टन का अकस्मात टूटकर गिरना कहलाता है-
(अ) हिमधाव
(ब) बादल फटना
(स) आकस्मिक बाढ़
(द) भूस्खलन
उत्तर:
(द) भूस्खलन
8. विश्व का सबसे ऊँचा पर्वत शिखर है-
(अ) माउण्ट एवरेस्ट
(ब) कंचनजुंगा
(स) अकोंकागुआ
(द) माउंट किलिमंजारो
उत्तर:
(अ) माउण्ट एवरेस्ट
9. छोटा नागपुर पठार में सुवर्ण रेखा नदी पर कौनसा जल प्रपात है?
(अ) विक्टोरिया
(ब) हुंडरू
(स) जोग
(द) नहकालीकाई
उत्तर:
(ब) हुंडरू
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10. जिस स्थलाकृति की ऊँचाई समुद्रतल से 300 मीटर से अधिक नहीं होती, उसे कहा जाता है-
(अ) पर्वत
(ब) पहाड़ी
(स) पठार
(द) मैदान
उत्तर:
(द) मैदान
रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
1. कुछ पर्वत अपनी अधिक ऊँचाई के कारण ………………………… से ढँके होते हैं।
उत्तर:
हिम
2. कम ऊँचाई वाले ऊँचे स्थान, जहाँ कम खड़ी चढ़ाइयाँ और ………………………… आकार के शीर्ष होते हैं, उन्हें पहाड़ी कहते हैं।
उत्तर:
गोल
3. वायुमंडल से भूमि पर किसी भी रूप में जल का गिरना – वर्षा, हिमपात और ओले गिरना ………………………… के सामान्य रूप हैं।
उत्तर:
वर्षण
4. हिमालय जैसे ऊँचे और नुकीली चोटियों वाले पर्वत अपेक्षाकृत ………………………… हैं।
उत्तर:
नवीन
5. …………………………, पर्वतीय लोगों के लिए आय का महत्त्वपूर्ण साधन है।
उत्तर:
पर्यटन
6. ………………………… 1984 में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली प्रथम भारतीय महिला थीं।
उत्तर:
बछेंद्री पाल
सत्य / असत्य कथन छाँटिए
1. अरुणिमा सिन्हा ने 1948 में माउण्ट एवरेस्ट पर चढ़ाई की।
उत्तर:
असत्य
2. तिब्बत का पठार विश्व का सबसे बड़ा और ऊँचा पठार है।
उत्तर:
सत्य
3. भारत में छोटा नागपुर के पठार में सोने और हीरे का प्रचुर भंडार हैं।
उत्तर:
असत्य
4. मैदान की ऊँचाई समुद्रतल से 300 मीटर से अधिक नहीं होती।
उत्तर:
सत्य
निम्नलिखित स्तंभों का सही मिलान कीजिए
प्रश्न 1.
| I | II |
| 1. विक्टोरिया जल प्रपात | (अ) छोटा नागपुर |
| 2. नहकालीकाई जल प्रपात | (ब) दक्षिण अफ्रीका |
| 3. हुंडरू जल प्रपात | (स) मेघालय |
| 4. विश्व की छत | (द) दक्कन का पठार |
| 5. विश्व का सबसे पुराना पठार | (य) तिब्बत का पठार |
उत्तर:
| I | II |
| 1. विक्टोरिया जल प्रपात | (ब) दक्षिण अफ्रीका |
| 2. नहकालीकाई जल प्रपात | (स) मेघालय |
| 3. हुंडरू जल प्रपात | (अ) छोटा नागपुर |
| 4. विश्व की छत | (य) तिब्बत का पठार |
| 5. विश्व का सबसे पुराना पठार | (द) दक्कन का पठार |
प्रश्न 2.
| I | II |
| 1. सहारा मरुस्थल | (अ) भारतीय उपमहाद्वीप |
| 2. गोबी मरुस्थल | (ब) अफ्रीका |
| 3. थार मरुस्थल | (स) ठंडा मरुस्थल |
| 4. वेदिका कृषि | (द) मैदान |
| 5. तलछट | (य) पहाड़ |
उत्तर:
| I | II |
| 1. सहारा मरुस्थल | (ब) अफ्रीका |
| 2. गोबी मरुस्थल | (स) ठंडा मरुस्थल |
| 3. थार मरुस्थल | (अ) भारतीय उपमहाद्वीप |
| 4. वेदिका कृषि | (य) पहाड़ |
| 5. तलछट | (द) मैदान |
अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
वर्षण क्या है?
उत्तर:
वायुमण्डल से भूमि पर किसी भी रूप में जल का गिरना – (वर्षा, हिमपात और ओले गिरना), वर्षण कहलाता है।
प्रश्न 2.
हिम क्या है?
उत्तर:
जल का ठोस रूप हिम कहलाता है।
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प्रश्न 3.
दक्षिण भारत का सबसे ऊँचा पर्वत कौनसा है?
उत्तर:
अनाईमुडी।
प्रश्न 4.
हिमालय पर्वत श्रृंखला की दो सबसे ऊँची चोटियों के नाम लिखिए।
उत्तर:
- माउंट एवरेस्ट
- कंचनजुंगा।
प्रश्न 5.
भारत की काफी पुरानी अधिक गोलाकार पहाड़ी श्रृंखला कौनसी है?
उत्तर:
अरावली श्रृंखला।
प्रश्न 6.
फूलों और वास्तविक जड़ों से रहित मखमली आवरण की तरह फैलने वाला छोटा हरा पौधा क्या कहलाता है?
उत्तर:
मॉस या काई।
प्रश्न 7.
पहाड़ों के बीच का एक निचला क्षेत्र जिसमें प्रायः नदी अथवा जलधारा बहती है, उसे क्या कहा जाता है?
उत्तर:
घाटी।
प्रश्न 8.
पर्वतीय लोगों की आय का एक महत्त्वपूर्ण साधन बताइए।
उत्तर:
पर्यटन।
प्रश्न 9.
पर्वतों की कौनसी बातें सभी पर्यटकों को आकर्षित करती हैं? (कोई दो) अथवा पर्वतीय जीवन के कोई दो सकारात्मक पक्ष लिखिए।
उत्तर:
- स्वच्छ हवा और
- मनोरम प्राकृतिक दृश्य।
प्रश्न 10.
माउण्ट एवरेस्ट को तिब्बती लोग किस नाम से पुकारते हैं?
उत्तर:
चोमोलुंगमा।
प्रश्न 11.
विश्व का सबसे बड़ा और ऊँचा पठार कौनसा है?
उत्तर:
तिब्बत का पठार।
प्रश्न 12.
विश्व के सबसे पुराने किसी एक पठार का नाम लिखिए।
उत्तर:
भारत का दक्कन का पठार।
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प्रश्न 13.
सोने और हीरे के खनन के लिए प्रसिद्ध पठार कौनसा है?
उत्तर:
पूर्वी अफ्रीका का पठार।
प्रश्न 14.
चेरापूंजी (मेघालय) के पठार में नहकालीकाई जल प्रपात कितने मीटर की ऊँचाई से गिरता है?
उत्तर:
340 मीटर की ऊँचाई से।
प्रश्न 15.
मैदान किस प्रकार की स्थलाकृति है?
उत्तर:
मैदान ऐसी स्थलाकृति है जिसका विस्तृत सपाट अथवा हल्का तरंगित धरातल होता है।
प्रश्न 16.
तलछट किसे कहा जाता है?
उत्तर:
मैदान में नदियां रेत, चट्टानों के कण और गाद को एकत्र करती हैं जिन्हें तलछट कहा जाता है।
प्रश्न 17.
मैदान के लोगों का मुख्य आर्थिक व्यवसाय क्या होता है?
उत्तर:
कृषि
प्रश्न 18.
हजारों वर्ष पहले आरंभिक सभ्यताएं कहां विकसित हुई थीं?
उत्तर:
नदियों के उपजाऊ मैदानों के आस-पास।
प्रश्न 19.
वर्तमान में विश्व की अधिकांश जनसंख्या किस प्रकार की स्थलाकृतियों में रहती है?
उत्तर:
मैदानों में।
प्रश्न 20.
नदियों के संगम स्थल से क्या आशय है?
उत्तर:
संगम स्थल दो या दो से अधिक नदियों के मिलने के स्थान को कहते हैं।
प्रश्न 21.
एक गर्म मरुस्थल का नाम लिखिए।
उत्तर:
सहारा मरुस्थल।
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प्रश्न 22.
किसी एक ठंडे मरुस्थल का नाम लिखिए।
उत्तर:
एशिया का गोबी मरुस्थल।
लघूत्तरात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
स्थलरूप से आप क्या समझते हैं? पर्यावरण तथा जीवन के साथ इनका क्या सम्बन्ध है?
उत्तर:
स्थलरूप, पृथ्वी की सतह का एक भौतिक स्वरूप है। व्यापक रूप से इन्हें तीन श्रेणियों पर्वत, पठार और मैदान में बांटा जा सकता है। इन स्थलरूपों में विभिन्न प्रकार की जलवायु तथा अलग-अलग प्रकार के पेड़-पौधे तथा जीव जन्तु पाए जाते हैं। अतः इनका पर्यावरण और जीवन के साथ महत्त्वपूर्ण संबंध है।
प्रश्न 2.
पर्वत किसे कहते हैं?
उत्तर:
पर्वत – पर्वत वे स्थलरूप हैं जो आस-पास की भूमि से कुछ अधिक ऊँचे होते हैं। इन्हें चौड़े आधार, खड़ी चढ़ाई, और सँकरे शिखर के रूप में पहचाना जा सकता है। कुछ पर्वत अपनी अधिक ऊँचाई के कारण हिम से ढँके होते हैं।
प्रश्न 3.
ग्रीष्मऋतु में किन पर्वतों की हिम पिघल जाती है और किन पर्वतों की नहीं पिघलती है?
उत्तर:
ग्रीष्मऋतु में कम तुंगता (ऊँचाई) वाले पर्वतों की हिम पिघल जाती है और जल में बदलने के बाद नदियों में पहुँच जाती है। लेकिन अधिक, तुंगता (ऊँचाइयों) वाले पर्वतों पर हिम कमी नहीं पिघलती है और ये पर्वत स्थायी रूप से हिम से ढके रहते हैं।
प्रश्न 4.
पहाड़ी किसे कहते हैं?
उत्तर:
कम ऊँचाई वाले वे ऊँचे स्थान, जहाँ कम खड़ी चढ़ाइयाँ और गोल आकार के शीर्ष होते हैं, उन्हें पहाड़ी (छोड़े पहाड़) कहते हैं।
प्रश्न 5.
भारत में किन स्थानों पर वर्षण प्रायः हिम के रूप में होती है और किन स्थानों पर वर्षण वर्षा और ओले के रूप में होती है?
उत्तर:
भारत में हिमालयी क्षेत्रों जैसे- कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड, सिक्किम आदि में वर्षण हिम के रूप में होती है और शेष भारत में वर्षण, वर्षा और ओले के रूप में होती है।
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प्रश्न 6.
पर्वतीय वन किसे कहते हैं? इनमें किस प्रकार के वृक्ष पाए जाते हैं?
उत्तर:
पर्वतों की ढलानों पर पाए जाने वाले वन, पर्वतीय वन कहलाते हैं। यहाँ शंकुधारी वृक्ष जैसे- चीड़, फर, स्प्रूस, देवदार आदि सामान्य रूप से पाए जाते हैं। इन पेड़ों की ऊँचाई अधिक होती है। ये शंकु के आकार के होते हैं तथा इनकी पत्तियाँ पतली तथा नोंकदार होती हैं।
प्रश्न 7.
मॉस और लाइकेन से आप क्या समझते हैं?
उत्तर:
पर्वतों की अधिक ऊँचाई पर पेड़ों की जगह घास, मॉस (काई) और लाइकेन उग जाते हैं। मॉस फूलों और वास्तविक जड़ों से रहित छोटी हरी वनस्पति होती है जो प्रायः मखमली आवरण की तरह फैलती है और लाइकेन पौधे के समान ऐसे जीव होते हैं जो चट्टानों, दीवारों या पेड़ों से चिपके होते हैं।
प्रश्न 8.
भारत में पहाड़ों से निकलने वाली किन्हीं चार नदियों के नाम तथा उनके उद्गम स्थल बताइए।
उत्तर:
| नदियों के नाम | उद्गम स्थल |
| (1) गंगा | हिमालय पर्वत |
| (2) यमुना | हिमालय पर्वत |
| (3) घाघरा | हिमालय पर्वत |
| (4) सोन | विंध्याचल पर्वत |
प्रश्न 9.
बछेन्द्रीपाल कौन थीं?
उत्तर:
बछेन्द्रीपाल भारत की एक पर्वतारोही महिला थीं। इन्होंने अनेक महिलाओं द्वारा किए जाने वाले पर्वतारोहण अभियानों का नेतृत्व किया तथा 1984 में माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली प्रथम भारतीय महिला बनीं। इन्हें 1984 में पद्मश्री तथा 2019 में पद्मभूषण से सम्मानित किया गया।
प्रश्न 10.
तिब्बत के पठार की विशेषताएं लिखिए।
उत्तर:
तिब्बत का पठार- तिब्बत का पठार विश्व का सबसे बड़ा और ऊँचा पठार है। इसकी औसत ऊँचाई 4500 मीटर है जिसके कारण इसे विश्व की छत का नाम दिया गया है। पूर्व से पश्चिम दिशा तक यह लगभग 2500 किलोमीटर लंबा है।
प्रश्न 11.
मैदान किसे कहते हैं?
उत्तर:
मैदान – मैदान एक ऐसी स्थलाकृति होती है जिसका विस्तृत सपाट अथवा हल्का तरंगित धरातल होता है। इसमें कोई ऊँची पहाड़ियां अथवा गहरी घाटियां नहीं पाई जाती हैं। सामान्यतः मैदान की ऊँचाई समुद्र तल से 300 मीटर से अधिक होती है। नदियों के तलछट के इसमें जमा होने से इसकी मिट्टी उपजाऊ होती है तथा इसमें लोगों का मुख्य आर्थिक व्यवसाय कृषि होता है।
दीर्घ उत्तरीय प्रश्न
प्रश्न 1.
विश्व के किन्हीं पाँच प्रमुख पर्वत शिखरों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
- माउण्ट एवरेस्ट (नेपाल और तिब्बत के बीच) और
- कंचनजुंगा (भारत के सिक्किम राज्य और नेपाल के बीच) हिमालय पर्वत शृंखला की दो सबसे ऊँची चोटियां हैं।
- एंडीज पर्वत श्रृंखला (दक्षिणी अमेरिका) की सबसे ऊँची चोटी माउंट अकोंकागुआ है।
- पूर्वी अफ्रीका में माउण्ट किलिमंजारो एक पृथक पर्वत है।
- पश्चिमी यूरोप में मोंट ब्लांक आल्प्स की सबसे ऊँची पर्वत चोटी है।
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प्रश्न 2.
‘हिमालय एक युवा पर्वत है?’ इस कथन को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
हिमालय जैसे ऊँचे और नुकीली चोटियों वाले पर्वत अपेक्षाकृत नवीन हैं। इसका अभिप्राय यह है कि पृथ्वी के इतिहास में ये हाल ही में निर्मित युवा पर्वत हैं, यद्यपि इन्हें बने हुए लाखों वर्ष हो चुके हैं।
हिमालय के साथ उन्नयन और अपरदन आज भी चल रहा है तथा इसकी ऊँचाई आज भी बढ़ रही है।
प्रश्न 3.
पर्वतों में जीवों को आश्रय कहाँ मिलता है तथा यहाँ के मुख्य जीवों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
पर्वतों में घने वन, बहती नदियाँ, झीलें, घास के मैदान और कंदराएँ अनेक प्रकार के जीवों को आश्रय प्रदान करते हैं। गोल्डन ईगल (सुनहरा गरुड़), पेरेग्रिन फाल्कन (घूमंतू बाज), कैनेडियन लिंक्स, हिम तेंदुआ, आइबेक्स (जंगली भेड़), हिमालयन तहर, पर्वतीय खरगोश, याक, ग्रे फाक्स, भालू आदि प्राणियों को यहाँ आश्रय मिलता है।
प्रश्न 4.
उदाहरण सहित स्पष्ट कीजिए कि विश्वभर के पारंपरिक समुदाय पर्वतों को पवित्र स्थल मानते हैं।
उत्तर:
विश्वभर के पारंपरिक समुदाय पर्वतों को पवित्र स्थल मानते हैं और उनकी पूजा करते हैं। उदाहरण के लिए, माउण्ट एवरेस्ट को तिब्बती लोग ‘चोमोलुंगमा’ कहते हैं, जिसका अर्थ है ‘जगत जननी’ और पर्वत की उसी रूप में पूजा करते हैं। इसी प्रकार नेपाल के निवासी इसे ‘सागममाथा’ कहते हैं, जिसका अर्थ है- ‘आकाश की देवी’। तिब्बत में स्थित कैलाश पर्वत को हिन्दू दर्शन, बौद्ध मत, जैनमत और बॉन (तिब्बत का एक प्राचीन धर्म) के अनुयायी पवित्र मानते हैं।
प्रश्न 5.
किन्हीं दो प्रमुख पठारों पर प्रकाश डालिए।
उत्तर:
(1) तिब्बत का पठार – तिब्बत का पठार विश्व का सबसे बड़ा और ऊँचा पठार है। इसकी औसत ऊँचाई 4500 मीटर है जिसके कारण इसे ‘विश्व की छत’ का नाम दिया गया है। पूर्व से पश्चिम यह लगभग 2500 किलोमीटर लंबा है।
(2) दक्षिणी पठार – मध्य और दक्षिण भारत के दक्कन (दक्षिण) का पठार विश्व के सबसे पुराने पठारों में से एक है, जो कई लाख वर्ष पहले ज्वालामुखी की सक्रियता के कारण बना था।
प्रश्न 6.
पठारों में पाए जाने वाले विश्व के चार प्रमुख जल प्रपातों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
विश्व के चार प्रमुख जल प्रपात निम्नलिखित हैं-
- विक्टोरिया जल प्रपात दक्षिण अफ्रीका में स्थित जम्बे नी नदी पर विक्टोरिया जल प्रपात गिरता है।
- हुंडरू जल प्रपात हुंडरू जल प्रपात छोटा नागपुर पठार में सुवर्ण रेखा नदी पर है।
- जोग जल प्रपात-जोग जल प्रपात पश्चिमी घाट में शरावती नदी पर है।
- नहकालीकाई जल प्रपात – चेरापूँजी (मेघालय) के पठार में नहकालीकाई जल प्रपात गिरता है।
प्रश्न 7.
गंगा के मैदान में कृषि कैसे की जाती है और यहाँ कौन-कौन सी फसलें उगाई जाती हैं?
उत्तर:
गंगा के मैदान में रहने वालों का मुख्य व्यवसाय मत्स्य पालन और कृषि है। यथा –
- यहाँ चावल, गेहूँ, मक्का, जौ और ज्वार, बाजरा, रागी जैसी खाद्य फसलें उगाई जाती हैं।
- यहाँ कपास, जूट और सन जैसी रेशेदार फसलें भी उगाई जाती हैं।
- यहाँ परंपरागत कृषि मुख्यतः वर्षा पर निर्भर होती है, किन्तु हाल के दशकों में नहरों के जाल द्वारा और भूमिगत जल को पंप से निकालकर खेतों की सिंचाई करने में वृद्धि हुई है।
प्रश्न 8.
मैदानों में नदियों से किन आर्थिक गतिविधियों को सहायता मिलती है?
उत्तर:
मैदान में हल्की ढ़लान होती है। अतः वहाँ नदी में नौका संचालन सुगम होता है और इससे बहुत सी आर्थिक गतिविधियों को भी सहायता मिलती है। पहले लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए नदी मार्ग का ही व्यापक रूप से प्रयोग करते थे। आज भी गंगा के किनारे ऐसे स्थान हैं जहाँ लोग आने-जाने के लिए नौकाओं का ही प्रयोग करते हैं।
निबन्धात्मक प्रश्न
प्रश्न 1.
मरुस्थल स्थलरूप पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए।
उत्तर:
मरुस्थल-जो स्थलरूप यदा-कदा वर्षा प्राप्त कर पाते हैं और व्यापक व दूर-दूर तक शुष्कता का फैलाव लिए होते हैं, उन्हें मरुस्थल कहते हैं।
मरुस्थलों के प्रकार – कुछ मरुस्थल गर्म होते हैं, जैसेकि अफ्रीका का सहारा मरुस्थल अथवा भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर – पश्चिम में स्थित थार मरुस्थल।
कुछ अन्य मरुस्थल ठंडे हैं, जैसेकि एशिया का गोबी मरुस्थल। कुछ विशेषज्ञ अंटार्कटिक महाद्वीप को भी ठंडा मरुस्थल मानते हैं।
मरुस्थल में जीवन – मरुस्थलों के वनस्पति जगत और प्राणि जगत विलक्षण ही होते हैं। जीवन जीने की कठिन परिस्थितियों के उपरांत भी अधिकांश लोगों ने मरुस्थलों के पर्यावरण के अनुसार अपने आप को ढाल लिया है।
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प्रश्न 2.
पर्वत से आप क्या समझते हैं? पर्वतीय जीवन का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पर्वत से आशय पर्वत वे स्थलरूप हैं जो आस पास की भूमि से कुछ अधिक ऊँचे होते हैं। इन्हें चौड़े आधार, खड़ी ढ़लान (चढ़ाई) और संकरे शिखर के रूप में पहचाना जा सकता है। कुछ पर्वत अपनी अधिक ऊँचाई के कारण हिम से ढंके होते हैं। विश्व के अधिकांश पर्वतों को पर्वत श्रृंखलाओं के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जैसे- एशिया में हिमालय यूरोप में आल्प्स तथा दक्षिणी अमेरिका में एंडीज।
पर्वतीय जीवन –
(1) कृषि – पर्वतीय भू-भाग सामान्य रूप से खड़े ढ़लानों के साथ ऊबड़ खाबड़ या ऊँचे होते हैं, इसलिए कुछ ही घाटियों में यहाँ नियमित रूप से कृषि की जा सकती है। ढलानों पर वेदिका कृषि करना एक प्रचलित प्रथा है।
(2) पशुपालन – विश्वभर में अनेक पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि की जगह पशुपालन को अधिक महत्त्व दिया जाता है।
(3) पर्यटन – पर्यटन पर्वतीय लोगों के लिए आय का एक महत्त्वपूर्ण साधन है। पर्वतों की स्वच्छ हवा और मनोरम प्राकृतिक दृश्य सभी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
(4) साहसिक खेल – कुछ पर्यटक पर्वतों पर साहसिक खेलों, जैसे-स्कीइंग, हाइकिंग, पैराग्लाइडिंग आदि के लिए जाने जाते हैं।
प्रश्न 3.
पर्वतीय जीवन की कठिन चुनौतयों एवं इसके सकारात्मक पक्षों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
पर्वतीय जीवन की कठिन चुनौतियाँ
पर्वतीय जीवन में प्राकृतिक और मानव निर्मित दोनों तरह की निम्नलिखित कठिन चुनौतियाँ पाई जाती हैं-
(i) आकस्मिक बाढ़ – पर्वतों पर लोगों को बहुधा बादल फटने से स्थान विशेष में अकस्मात बाढ़ का सामना करना पड़ता है।
(ii) भूस्खलन – पर्वतीय जीवन में अकस्मात आने वाले भूस्खलन का भी सामना पड़ता रहता है। भूस्खलन पर्वतीय भूखंड के एक बड़े भाग या चट्टान का अचानक टूटकर गिरने से होता है।
(iii) हिमधाव – पर्वतीय जीवन में हिमधाव (ऐवलांश) का भी सामना करना पड़ता है। जब हिम का पिघलना आरंभ होता है, उस समय प्रायः पर्वत से अकस्मात हिम के गिरने से अथवा हिमपात होने से अथवा चट्टानें टूटकर गिरने से प्रायः हिमधाव की कठिनाई पायी जाती है।”
(iv) बादल फटना पर्वतीय जीवन की एक अन्य चुनौती बादल फटने की है अर्थात् वहां प्रायः अचानक प्रचंड तूफान सहित वर्षा होने लगती है।
(v) पर्यटकों का अनियंत्रित रूप से आ जाना – बहुत सारे पर्यटकों के एक साथ आने से पर्वतों के पर्यावरण पर दबाव पड़ता है। प्रायः इससे सही संतुलन बनाए रखना कठिन हो जाता है।
पर्वतीय जीवन के सकारात्मक पक्ष
पर्वतीय जीवन के कई सकारात्मक पक्ष हैं, जैसे-पर्वतों की स्वच्छ हवा और मनोरम प्राकृतिक दृश्य आदि।
प्रश्न 4.
पठार से आप क्या समझते हैं? इसकी प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
पठार से आशय पठार एक ऐसी स्थलाकृति है जो आस-पास की भूमि से उठी होती है और प्राय: इसकी सतह चपटी होती है। इसके कुछ पार्श्व सीधी ढलान वाले होते हैं। कुछ पठार प्राचीन हैं और कुछ नवीन। तिब्बत का पठार विश्व का सबसे बड़ा और ऊँचा पठार है तो भारत का दक्कन का पठार सबसे पुराने पठारों में से एक है। प्रमुख विशेषताएँ- पठारों की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं—
(1) खनिजों का भंडार गृह – पठारों में खनिजों का प्रचुर मात्रा में जमाव देखने को मिलता है। इस कारण इन्हें खनिजों का भंडार गृह भी कहा जाता है।
(2) मुख्य गतिविधि खनन – खनिजों का भंडार होने के कारण पठारों में खनन मुख्य गतिविधि है, जहाँ विश्व की सबसे बड़ी खानें पाई जाती हैं।
(3) विविधतापूर्ण पर्यावरण – विश्व भर में पठारों का पर्यावरण बहुत विविधतापूर्ण है।
(4) मिट्टी – कई पठारों में कम उपजाऊ चट्टानी मिट्टी पाई जाती है तो कुछ पठारों में समृद्ध काली मिट्टी पाई जाती है।
(5) जल प्रपात – पठारों में अनेक आकर्षक जल प्रपात भी होते हैं।
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प्रश्न 5.
मैदान से आप क्या समझते हैं? इनका निर्माण कैसे होता है? इसकी प्रमुख विशेषताएं लिखिए।
उत्तर:
मैदान से आशय – मैदान ऐसी स्थालाकृति होती है जिसका विस्तृत सपाट अथवा हल्का तरंगित धरातल होता है। सामान्यतः मैदान की ऊँचाई समुद्र तल से 300 मीटर से अधिक नहीं होती।
मैदान का निर्माण – पर्वत श्रृंखलाओं से निकलने वाली नदियों की बाढ़ से इसका निर्माण होता है। यहाँ नदियाँ रेत, चट्टानों के कणों और गाद को एकत्र करती है जिन्हें तलछट कहा जाता है। नदियाँ इन तलछटों को अपने साथ बहाकर समतल भूमि में लाकर जमा कर देती हैं और मिट्टी को उपजाऊ बनाती हैं।
मैदान की प्रमुख विशेषताएँ-
(1) समतल भूमि – मैदान नदियों की बाढ़ की तलछट से निर्मित एक समतल भूमि है।
(2) मुख्य आर्थिक व्यवसाय कृषि – मैदान की मिट्टी उपजाऊ होती है। फलस्वरूप ये मैदान सभी प्रकार की फसलों को उपजाने के लिए उपयुक्त होते हैं। अतः मैदानी भू-भागों में लोगों का मुख्य आर्थिक व्यवसाय कृषि होता है। इसके अतिरिक्त मैदानों में मत्स्य पालन का व्यवसाय भी होता है।
(3) अन्य विशेषताएँ-
- मैदान विविध प्रकार की वनस्पतियों और जीव-जन्तुओं का भरण-पोषण करते हैं।
- वर्तमान में विश्व की अधिकांश जनसंख्या मैदानों में रहती है।
- मैदानों में बहने वाली नदियाँ बहुत से सांस्कृतिक मूल्यों का वहन करती हैं। यहाँ बहने वाली नदियों में नौका संचालन भी सुगम होता है। इससे बहुत की आर्थिक गतिविधियों तथा यातायात में सहायता मिलती है।
स्थलरूप एवं जीवन Class 6 Notes
(अ) स्थलरूप – स्थलरूप पृथ्वी की सतह का एक भौतिक स्वरूप है। इन्हें व्यापक रूप से तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है- (i) पर्वत (ii) पठार और (iii) मैदान।
(ब) पर्वत – पर्वत वे स्थलरूप हैं, जो आस-पास की भूमि से कुछ अधिक ऊँचे होते हैं। कुछ पर्वत अधिक ऊँचाई के कारण हिम से ढ़के होते हैं। ग्रीष्मऋतु में हिम पिघलकर नदियों में पहुँचती है। पर्वतों के अन्य रूप, पर्वतीय परिवेश व पर्वतीय जीवन निम्न प्रकार हैं-
(1) पहाड़ी – कम ऊँचाई वाले अन्य ऊँचे स्थान, जहाँ कम खड़ी चढ़ाइयाँ और गोल आकार के शीर्ष होते हैं, उन्हें पहाड़ी कहते हैं।
(2) पर्वत श्रृंखलाएँ – विश्व के अधिकांश पर्वतों को पर्वत श्रृंखलाओं के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जैसे-एशिया में हिमालय, यूरोप में आल्प्स तथा दक्षिणी अमेरिका में एंडीज।
(3) पर्वतों के सबसे ऊँचे शिखर – माउंट एवरेस्ट और कंचनजुंगा हिमालय पर्वत श्रृंखला के दो सबसे ऊँचे शिखर हैं। एंडीज पर्वत श्रृंखला (दक्षिणी अमेरिका) की सबसे ऊँची चोटी माउंट अकोंकागुआ है। दक्षिण भारत, पश्चिमी यूरोप, पूर्वी अफ्रीका के सबसे ऊँचे पर्वत शिखर क्रमश: है- अनाईमुडी, मोंट ब्लांक तथा माउंट किलिमंजारो।
(4) नवीन और पुरानी पर्वत – हिमालय जैसे ऊँचे और नुकीली चोटियों वाले पर्वत अपक्षोकृत नवीन हैं, और कुछ छोटे और अधिक गोलाकार पर्वत और पहाड़ियाँ जैसे-अरावली श्रृंखला काफी पुरानी है।
(5) पर्वतीय परिवेश – पर्वतों की ढलानों पर प्रायः एक प्रकार का वन होता है जिसे पर्वतीय वन कहते हैं। अधिक ऊँचाई पर पेड़ों की जगह घास, मॉस (काई) और लाइकेन उग आते हैं। पर्वतों में घने वन, बहती नदियाँ, झीलें, घास के मैदान और कंदराएं अनेक जीवों को आश्रय प्रदान करते हैं।
(6) पर्वतीय जीवन – पर्वतों की कुछ ही घाटियों में नियमित रूप से कृषि की जा सकती है। विश्वभर के अनेक पर्वतीय क्षेत्रों में कृषि की जगह पशुपालन को अधिक महत्त्व दिया जाता है। पर्यटन पर्वतीय लोगों के लिए आय का महत्त्वपूर्ण साधन है।
(7) घाटी – पहाड़ों के बीच का एक निचला क्षेत्र जिसमें प्रायः नदी अथवा जलधारा बहती है, घाटी कहलाता है।
(स) पठार –
- पठार एक ऐसी स्थलाकृति है जो आस-पास की भूमि से उठी होती है और प्राय: इसकी सतह चपटी होती है। इसके कुछ पार्श्व ढीली ढलान वाले होते हैं। पठारों के दो प्रमुख उदाहरण हैं- (i) तिब्बत का पठार और (ii) दक्षिणी पठार।
- पठारों में खनिजों का प्रचुर मात्रा में जमाव देखने को मिलता है। इस कारण इन्हें खनिजों का भंडार गृह भी कहा जाता है। पठारों में विश्व की सबसे बड़ी खानें पायी जाती हैं।
- विश्व भर में पठारों का पर्यावरण बहुत विविधतापूर्ण है।
- पठारों में अनेक आकर्षक जल प्रपात भी होते हैं।
(द) मैदान –
- मैदान ऐसी स्थलाकृति है जिसका विस्तृत सपाट अथवा हल्का तरंगित धरातल होता है। सामान्यतः मैदान की ऊँचाई 300 मीटर से अधिक नहीं होती है।
- पर्वत श्रृंखलाओं से निकलने वाली नदियों की बाढ़ से निर्मित ये समतल भूमि है जो तलछट के जमाव में आकर अत्यधिक उपजाऊ होते हैं। इस प्रकार के भू-भागों में मुख्य आर्थिक व्यवसाय कृषि है। ये विविध प्रकार की वनस्पतियों और जीव जन्तुओं का भी भरण-पोषण करते हैं।
- आरंभिक सभ्यताएं नदियों के मैदानों के आस-पास विकसित हुई थी। आज की अधिकांश जनसंख्या मैदानों में रहती है।
- पर्वत व मैदानों में विश्व में बहने वाली नदियां बहुत से सांस्कृतिक मूल्यों को वहन करती है। नदियों के संगम स्थलों को पवित्र माना जाता है। इन स्थानों पर भारत में बहुत से त्यौहार, समारोह व धार्मिक कृत्य किए जाते हैं।
- मैदान में हल्की ढलान होने से वहां नदी में नौका संचालन सुगम होता है और इससे बहुत सी आर्थिक गतिविधियों को भी सहायता मिलती है।
(य) मरुस्थल उपयुक्त तीन प्रमुख स्थलरूपों के अतिरिक्त स्थल का एक अन्य रूप है मरुस्थल। कुछ मरुस्थल गर्म होते हैं, जैसे-अफ्रीका का सहारा मरुस्थल अथवा भारतीय उपमहाद्वीप का थार मरुस्थल। कुछ मरुस्थल ठंडे होते हैं, जैसे एशिया का गोबी मरुस्थल इन मरुस्थलों में जीवन जीने की कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोगों ने इनके पर्यावरण के अनुसार अपने आप को ढाल लिया है। यह हमारे अनुकूलन (परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को ढाल लेने) और लचीलेपन का साक्षी है।
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